कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे जल्द शुरु
जल्द ही हजारों वाहनों के दबाव से दिल्ली को निजात मिलने वाली है। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे को शुरू करने की तय सीमा 30 अप्रैल नजदीक आने वाली है। काम को जल्द पूरा करने के लिए कंपनी की ओर से तेजी से काम किया जा रहा है।
दिल्ली और एनसीआर के लिए लाइफ लाइन बनने वाली केएमपी एक्सप्रेस-वे से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। इसे शुरू होने से हजारों वाहनों को बे वहज दिल्ली नहीं जाना होगा। इससे दिल्ली वालों को भारी वाहनों के प्रदूषण से निजात मिलने की आशा है। इसे 30अप्रैल से शुरू करने के लिए कंपनी से सीएम को लिखित रूप से दिया है कि वह इसी महीने तक इसे किसी भी हालत में आधे भाग को शुरू कर देगी।
इसके निर्माण की तैयारियों को लेकर डीसी ने पिछले महीने दौरा किया था। डी.एस. कंस्ट्रक्शन के केएमपी के 135 किलोमीटर स्टेच के आधे भाग यानि मानेसर तक (पलवल से मानेसर- 53 किलोमीटर को) को इसी महीने शुरू किए जाने की तैयारी है। कुण्डली से लेकर पंचगांव (मानेसर) तक के दूसरे भाग को इस वर्ष के अन्त तक पुरा करने का लक्ष्य रख गया है। प्रशासन की ओर से इसे जल्द शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। लेकिन, सूत्रों के अनुसार अभी भी केएमपी एक्सप्रेस वे का काम तीस प्रतिशत बाकी है। डीसी पीसी मिणा ने कार्यो के मानिटरिंग को देखने के लिए अधिकारियों को आदेश दिए थे। इसके लिए संबंधित कार्यो की वीडियो क्लीप बनाने की बात की गई थी। हालांकि तय सीमा में शुरू करने की कंपनी की बात को लेकर कई लोगों में संशय है।
फिलहाल फोर लेन का होगा-
एक्सप्रेस-वे को शुरू में चार मार्गीय बनाया जा रहा है। लेकिन, दोनों तरफ राईट-आफ-वे इतना रखा गया है कि जरूरत पड़ने पर इसकी चौड़ाई बढाई जा सके। एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ 50-50 मीटर राईट-आफ-वे रखा गया है। इससे लोगों को राहत मिलने वाली है। गौरतलब है कि 135 किलोमीटर लम्बे केएमपी एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर1830 करोड़ रूपए की लागत से किया जा रहा है।
चार नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगा-
केएमपी आने वाले दिनों में चार राष्ट्रीय राजमार्ग की दिशा बदल देगा। इससे नेशनल हाईवे- 1, नं. 10, नं. 8 और नेशनल हाईवे- 2 आपस में जुड़ जाएगे। एक्सप्रेस-वे पूरा होने से दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे 1 से दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे 2 पर जाने के लिए दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी।
चार साल से चल रहा है काम-
केएमपी एक्सप्रेस-वे का निर्माण 2006 से चल रहा है। इसे कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले पूरा किया जाना था। केएमपी एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य डीएस कंस्ट्रैक्शन कम्पनी को सौंपा गया था और उस दिन से कम्पनी को 23 वर्ष 9 महीने का समय दिया गया था। एक्सप्रेस-वे का निर्माण बीओटी आधार पर करके लागत की वसूली भी करनी है। जितना ज्यादा समय निर्माण में यह कम्पनी लगायेगी, उसे उतना ही नुकसान होगा क्योंकि टोल पर वसूली के लिए समय कम बचेगा।
दस टोल होंगे-
कुण्डली से लेकर पलवल तक पूरे एक्सप्रेस-वे पर चढने के लिए आने वाले रास्तों पर 10 टोल प्लाजा बनाए जायेंगे। इसके इसमें 35 पुल और अंडर पास का निर्माण किया गया है।
-Hindustan Live
Last edited by fritolay_ps; 17-04-11 at 08:49 AM.
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