जेडीए की 30 करोड़ रुपए की भूमि पर बनीं अवैध फै
Source: Bhaskar News (01/01/12)
>स्थानीय ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों ने रीको, जेडीए, कलेक्टर को कई बार शिकायत की, लेकिन आंख मूंदे बैठे हैं जिम्मेदार
>डीबी स्टार ने दस्तावेजों सहित जिम्मेदारों से सवाल किया तो जेडीसी ने दिया सीमाज्ञान, पीटी सर्वे कराकर कार्रवाई का आश्वासन
जयपुर.जयपुर विकास प्राधिकरण की सरना डूंगर स्थित करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन को रीको ने बिना किसी अनुमति के भूखंड आवंटित कर दिए और लोगों ने यहां कई फैक्ट्रियां बना लीं।
यह सिलसिला अनवरत जारी है। इस बारे में स्थानीय ग्राम पंचायत सरना डूंगर और कुछ जनप्रतिनिधि जेडीए, रीको, कलेक्ट्रेट सभी जगह महीनों से शिकायतें कर कार्रवाई की अपील करते आ रहे हैं।
आरोप है कि इस दबाव में संबंधित महकमों के अफसर-कर्मचारी मौके पर तो जाते हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय साठगांठ कर लौट आते हैं।
डीबी स्टार की पड़ताल में सामने आया कि कई भूमाफियाओं ने जेडीए की करीब 10 बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर फैक्ट्रियां बना ली हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार यह जगह ग्राम पंचायत सरना डूंगर के अंतर्गत बावड़ी व नाले की करीब 27 बीघा भूमि है, जहां मनरेगा के अंतर्गत लाखों रुपए का काम भी हुआ है।
राजस्व रिकॉर्ड में जेडीए के नाम से खसरा नंबर जमीन 256, 248, 258, 259, 302 व 261 पर कब्जे हो रहे हैं। इसकी कीमत करीब 30 करोड़ रुपए बताई जाती है।
जेडीए की इस भूमि के निकट ही रीको की जमीन है, जो सरकार ने रीको को आवंटित की थी। रीको ने जब इंडस्ट्रीज क्षेत्र में विभिन्न उत्पाद के लिए व्यापारियों को भूमि आवंटित की तो रसूखदार व प्रभावशाली लोगों ने रीको के माध्यम से जेडीए की भूमि को हड़प लिया।
अब फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि हमें तो रीको ने जमीन आवंटित की थी, लेकिन जिस जगह फैक्ट्रियों का निर्माण हो चुका है, असल में वह भूमि जेडीए की है।
इसके लिए ग्राम पंचायत सरपंच व ग्रामीणों ने पिछले एक साल जेडीए की भूमि को अतिक्रमण के चंगुल से निजात दिलाने के लिए आला अफसरों को अवगत कराया, लेकिन आज-तक किसी ने सुनवाई नहीं की है।
27 बीघा से 3 बीघा :
सरना डूंगर इंडस्ट्रीज क्षेत्र की जेडीए की तलाई व नाले की करीब 27 बीघा भूमि है। सामने आया कि इसमें से 24 बीघा भूमि पर भू-माफियाओं, रसूखदारों ने अतिक्रमण कर फैक्ट्रियां बना दी हैं।
ऐसे में महज जेडीए की केवल तीन बीघा जमीन बची है। यहां अतिक्रमण करने वालों में विद्युत वितरण निगम के कुछ आला अफसर (रिटायर्ड भी) तक शामिल हैं। एक फैक्ट्री पर पिछले दिनों जेडीए ने कार्रवाई की भी ठानी, लेकिन बड़ी सिफारिश के बाद कार्रवाई टल गई।
हमारी शिकायतों से अफसरों की कमाई
"जेडीए की भूमि पर रीको ने भूखंड आवंटित कर दिए हैं। इसके लिए प्रशासन को कई बार अवगत कराया, लेकिन आज-तक कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारी कार्रवाई करना चाहते ही नहीं हैं। हमारी शिकायतों पर वे यहां आते तो हैं लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं करते। हमारी शिकायतों को तो इन्होंने पैसा कमाने का जरिया बना लिया है।सब भ्रष्ट हैं। अगर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तो इन अफसरों का चेहरा बेनकाब हो जाएगा।"
-नारंगी देवी, सरपंच,
रतनलाल शर्मा, वार्ड पंच, सरना डूंगर
जेडीए सीमांकन नहीं करता
"जेडीए व रीको की भूमि पास-पास है। सीमांकन के लिए जेडीए को कहा है। सीमांकन के बाद ही पता चलेगा किस-किस जगह अतिक्रमण हो रहा है। जेडीए की भूमि को रीको क्यों आवंटित करेगा। अतिक्रमण को लेकर कई बार हम लोग भी कार्रवाई करते हैं।"
-एमएल शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, रीको सरना डूंगर
सर्वे कराकर हटाएंगे अतिक्रमण
"सरना डूंगर स्थित जेडीए की भूमि का पीटी सर्वे करवाया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिस जगह अवैध कब्जे हैं, उनको चिह्न्ति करके हटाया जाएगा।"
-तेजराम चौधरी, जोन-12 उपायुक्त, जेडीए
(मामले पर डीबी स्टार ने दो दिन पहले जेडीसी कुलदीप रांका से बात की तो उन्होंने कहा, सरना डूंगर स्थित जेडीए की जमीन की विस्तृत रिपोर्ट जोन उपायुक्तसे मांगी है। जोन उपायुक्तको सीमाज्ञान करने के निर्देश दिए हैं। जहां अतिक्रमण हो रहा है, उन्हें हटाया जाएगा।
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