135,185+ Members
   Get Started   Today's Posts Search Today's Posts Mark Forums Read
IREF® Real Estate in India - Property Discussion
IREF® - Indian Real Estate Forum > Real Estate in India > Real Estate Ghaziabad > महंगे होंगे प्राधिकरण के फ्लैट
Please see and share our IREF promotional video!
Reply
 
LinkBack Thread Tools Search this Thread
Old June 23 2012, 07:03 AM   #1
Ex-Moderator
 
fritolay_ps's Avatar
 
Join Date: Mar 2010
Location: Singapore
Posts: 12,630
Likes Received: 1641
Likes Given: 765
My Mood: Amused
Default महंगे होंगे प्राधिकरण के फ्लैट

महंगे होंगे प्राधिकरण के फ्लैट

उत्तर प्रदेश में सरकारी आवासीय संस्थाओं की योजनाओं में फ्लैट खरीदने वालों को अब और ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा शुल्क विभाग ने अब सरकारी आवासीय संस्थाओं की ओर से बनाए गए फ्लैटों पर सेवा कर लेने का फैसला किया है। इस फैसले की मार उन सब आवंटियों पर पड़ेगी, जिन्होंने ऐसी आवासीय योजना में भवन खरीदे हैं- जिनमें 12 फ्लैटों या इससे ज्यादा के ब्लॉक बनाए गए हैं। इस फैसले के बाद अब विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद से फ्लैट खरीदनों वालों को 30,000 रुपये लेकर 1.5 लाख रुपये तक ज्यादा अदा करना होगा। इस फैसले का असर विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद के 24,000 आवंटियों पर पड़ेगा। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा शुल्क विभाग ने पत्र भेज कर प्राधिकरणों को 3.09 फीसदी के हिसाब से फ्लैट खरीदने वालों से सेवा कर लेने को कहा है।

सेवा कर के दायरे में वे आवंटी भी आएंगे, जिन्होंने फ्लैट तो पहले खरीद लिया है पर उसका रजिस्ट्रेशन अभी तक नहीं कराया है। ऐसे आवंटियों से सेवा शुल्क संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के समय लिया जाएगा। नई योजनाओं को लाने के समय आवंटियों को सेवा कर की जानकारी पूर्व में ही दी जाएगी। नई योजनाओं में फ्लैट की कीमत में सेवा कर की राशि जोड़ ली जाएगी।

उक्त फैसले के बारे में लखनऊ विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बीते पांच साल में प्राधिकरणों ने जो भी बहुमंजिला आवासीय योजनाएं लांच की हैं, उनमें कम से कम एक ब्लाक में 16 फ्लैट तक बनाए गए हैं, लिहाजा सेवा कर के दायरे में हाल फिलहाल संपत्ति खरीदने वाले सभी आवंटी आ जाएंगे। अकेले लखनऊ विकास प्राधिकरण को ही 3 करोड़ रुपये से ज्यादा सेवा कर जमा करना होगा।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बीते कुछ समय में 10,000 ऐसे फ्लैट बेचे हैं, जो सेवा कर के दायरे में आएंगे। प्राधिकरण की हाल में आई सबसे सस्ती योजना सुलभ आवास योजना में भी फ्लैट खरीदने वालों को 30,000 रुपये ज्यादा देने होंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि सेवा कर के बारे में अंतिम फैसला विकास प्राधिकरण का बोर्ड करेगा, पर नियमों के दायरे में आने पर इसे देना बाध्यता होगी।

Business Standard

  Reply With Quote
Old June 23 2012, 02:37 PM   #2
Veteran Member
 
planner's Avatar
 
Join Date: Feb 2012
Location: Middle East
Posts: 2,222
Likes Received: 1265
Likes Given: 836
Default

Quote:
Originally Posted by fritolay_ps View Post
महंगे होंगे प्राधिकरण के फ्लैट

उत्तर प्रदेश में सरकारी आवासीय संस्थाओं की योजनाओं में फ्लैट खरीदने वालों को अब और ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा शुल्क विभाग ने अब सरकारी आवासीय संस्थाओं की ओर से बनाए गए फ्लैटों पर सेवा कर लेने का फैसला किया है। इस फैसले की मार उन सब आवंटियों पर पड़ेगी, जिन्होंने ऐसी आवासीय योजना में भवन खरीदे हैं- जिनमें 12 फ्लैटों या इससे ज्यादा के ब्लॉक बनाए गए हैं। इस फैसले के बाद अब विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद से फ्लैट खरीदनों वालों को 30,000 रुपये लेकर 1.5 लाख रुपये तक ज्यादा अदा करना होगा। इस फैसले का असर विकास प्राधिकरणों व आवास विकास परिषद के 24,000 आवंटियों पर पड़ेगा। केंद्रीय उत्पाद एवं सेवा शुल्क विभाग ने पत्र भेज कर प्राधिकरणों को 3.09 फीसदी के हिसाब से फ्लैट खरीदने वालों से सेवा कर लेने को कहा है।

सेवा कर के दायरे में वे आवंटी भी आएंगे, जिन्होंने फ्लैट तो पहले खरीद लिया है पर उसका रजिस्ट्रेशन अभी तक नहीं कराया है। ऐसे आवंटियों से सेवा शुल्क संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के समय लिया जाएगा। नई योजनाओं को लाने के समय आवंटियों को सेवा कर की जानकारी पूर्व में ही दी जाएगी। नई योजनाओं में फ्लैट की कीमत में सेवा कर की राशि जोड़ ली जाएगी।

उक्त फैसले के बारे में लखनऊ विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बीते पांच साल में प्राधिकरणों ने जो भी बहुमंजिला आवासीय योजनाएं लांच की हैं, उनमें कम से कम एक ब्लाक में 16 फ्लैट तक बनाए गए हैं, लिहाजा सेवा कर के दायरे में हाल फिलहाल संपत्ति खरीदने वाले सभी आवंटी आ जाएंगे। अकेले लखनऊ विकास प्राधिकरण को ही 3 करोड़ रुपये से ज्यादा सेवा कर जमा करना होगा।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बीते कुछ समय में 10,000 ऐसे फ्लैट बेचे हैं, जो सेवा कर के दायरे में आएंगे। प्राधिकरण की हाल में आई सबसे सस्ती योजना सुलभ आवास योजना में भी फ्लैट खरीदने वालों को 30,000 रुपये ज्यादा देने होंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि सेवा कर के बारे में अंतिम फैसला विकास प्राधिकरण का बोर्ड करेगा, पर नियमों के दायरे में आने पर इसे देना बाध्यता होगी।

Business Standard
Kodh me khaj.

Not only the Pradhikaran flats but builder floors (Where the buildings has 12flats) will have to pay the taxes.

Most of the Ghaziabad / Indirapuram / Gyankhand - Vasundhara - other Khands. builder flats
  Reply With Quote
Reply
Thread Tools Search this Thread
Search this Thread:

Advanced Search
Join IREF Now!    
Related Threads
अप्रैल से 3 महीने के लिए वैध होंगे चेक और ड्र&
हरियाणा में भूमि अधिग्रहण पर रोक
ग्रेटर नोएडा के किसानों के वकील पर हमला
सेक्टर 51-52 के अलॉटियों को अगले महीने मिलेगा प
अप्रैल तक नहीं शुरू हो पाएगा मेट्रो का निर


Tags
के
     

Real Estate in India | Delhi - NCR | Gurgaon | Noida | Greater Noida | Mumbai | Pune | Bangalore | Chennai | Kolkata | Hyderabad | Ahmedabad | Goa
Ghaziabad | Faridabad | Chandigarh | Jaipur | Lucknow | Nagpur | Bhubaneswar | Coimbatore | Indore | Kerala | Surat | Vadodara

Home | About IREF® | Forum Rules | Real Estate Glossary | Terms and Conditions | Copyright Infringement Policy
Copyright © 2006-2014 www.indianrealestateforum.com All Rights Reserved.


".Ghaziabad.", ".Uttar Pradesh."India