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IREF Real Estate in India - Property Discussion
IREF - Indian Real Estate Forum > Real Estate in India > Real Estate Noida > Impact of New SP Govt. on JP Wish Town projects
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  • 1 Post By Harmeet9000
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Old March 7 2012, 05:05 PM   #1
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Default Impact of New SP Govt. on JP Wish Town projects

dear all,
i am new to this forum but i have always read the posts and threads of this forum for reality market status. Today i need your suggestion as we had booked a flat in jp greens garden isles in flexi plan. and the 1st payment is due on 12th march'12. now we are confused to decide that whther we should make further payment ( loan disbursement) or shall we quit back. we have already paid 3.5 lakhs as booking amount.

 
Old March 7 2012, 05:42 PM   #2
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Bhoomika,
I hope you made an informed decision before entering JP...great builder with one major negative - "extended project delays". As long as you are OK with JP's project delays & if you are an end user rather than simply an investor it really should not matter.

There are various threads discussing effect of SP on Noida - look for one by Zohaib2012 who has summed up a very good perspective on this region as a whole & the referred thread summarizes some key things & some great responses. Some of the responses are just negative w/o any substaial reasoning...best ignored.

Just hearing that JP is thinking of some price rises in its primary sales just to balance payments that it may be making to SP to mend ways with them (call it the greasing fee). If that happens, then resale prices too may rise...its a different question though that how many will be willing to buy JP in the immediate future. But given JP's size, it should be able to come around with SP too. Only time will tell.

Best of luck with your investments.
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Old March 7 2012, 08:55 PM   #3
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रियल एस्टेट पर दिखेगा चुनाव परिणामों का असर

समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने के बाद लखनऊ नोएडा को पछाड़कर अब राज्य में रियल एस्टेट का प्रमुख केंद्र बन सकता है। दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा को मायावती के शासनकाल में काफी तवज्जो मिली वहीं अब लखनऊ के साथ भी ऐसा ही होने की उम्मीद जताई जा रही है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद विश्लेषकों ने कुछ ऐसी ही उम्मीद जाहिर की है।

नोएडा क्षेत्र की कई रियल एस्टेट कंपनियां चिंतित नजर आ रही है क्योंकि कुछ बड़ी परियोजनाओं जैसे फॉर्मूला 1 ट्रैक का निर्माण मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शासनकाल में जबरदस्त राजनीतिक समर्थन की बदौलत हो पाया था। लेकिन जिन किसानों की जमीन हाल के जमीन अधिग्रहण विवाद में फंसी हैं वे प्रदेश में सपा के सत्तासीन होने के बाद खुशियां मना रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि जिन परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है उनमें ग्रेटर नोएडा इंटनैशनल एयरपोर्ट, बड़ी टाउनशिप और गंगा एक्सप्रेसवे (प्रदेश के एक छोर को दूसरे छोर से जोडऩे वाली) शामिल हैं। इस बारे में वैश्विक ब्रोकरेज इकाई किम इंग सिक्योरिटीज के विश्लेषक अनुभव गुप्ता ने कहा, 'मायावती के शासनकाल में नोएडा उत्तर प्रदेश में प्रमुख केंद्र बिंदु बन चुका था। लेकिन अब मुलायम के सत्ता में आने के बाद ध्यान लखनऊ पर केंद्रित हो सकता है।' इसी तरह, एक दूसरे विश्लेषक ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय के मुलायम सिंह यादव के साथ निकट संबंधों की ओर इशाारा किया। विश्लेषक का कहना था, 'सपा के सत्ता में आने से सहारा को एक बार फिर फायदा होगा। सहारा की लखनऊ और राज्य के विभिन्न जगहों में सहारा सिटी होम है। उन्होंने प्रदेश में बड़े स्तर पर भूमि का अधिग्रहण किया है।'
गुप्ता ने कहा कि लखनऊ में छोटे डेवलपरों को भी फायदा होने जा रहा है।

सपा के धमाकेदार आगाज के बाद से भारत में फॉर्मूला 1 रेस लाने वाले जेपी ग्रुप से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया। जेपी स्पोट्र्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी समीर गौड़ टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। कंपनी के अन्य किसी अधिकारी से भी संपर्क स्थापित नहीं हो पाया। सपा ने एफ 1 ट्रैक मामले में जेपी समूह और मायावती के संबंधों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। पार्टी का आरोप था कि कंपनी को किसानों की जमीन काफी कम कीमतों पर उपलब्ध कराई गई और मनोरंजन कर से समूह को मुक्त रखा गया।

एक ओर जहां कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अब जेपी को सपा से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है वहीं कुछ का कहना था कि मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में भी समूह ने कई परियोजनाएं शुरू की थी। हालांकि मायावती के शासनकाल में ग्रूप को काफी तवज्जो मिली, विश्लेषकों का मानना है कि समूह की परियोजनाएं जारी रह सकती हैं। इन्होंने कहा कि जेपी की कोई भी परियोजना के रद्द होने की संभावना नजर नहीं आ रही है।

-Business Standard
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Old March 7 2012, 10:09 PM   #4
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Prices are set to rise across Noida soon as all builders will pay to the new SP regime, so be glad that you booked before the price rise.
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Old March 7 2012, 10:11 PM   #5
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Originally Posted by fritolay_ps View Post
रियल एस्टेट पर दिखेगा चुनाव परिणामों का असर

समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने के बाद लखनऊ नोएडा को पछाड़कर अब राज्य में रियल एस्टेट का प्रमुख केंद्र बन सकता है। दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा को मायावती के शासनकाल में काफी तवज्जो मिली वहीं अब लखनऊ के साथ भी ऐसा ही होने की उम्मीद जताई जा रही है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद विश्लेषकों ने कुछ ऐसी ही उम्मीद जाहिर की है।

नोएडा क्षेत्र की कई रियल एस्टेट कंपनियां चिंतित नजर आ रही है क्योंकि कुछ बड़ी परियोजनाओं जैसे फॉर्मूला 1 ट्रैक का निर्माण मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शासनकाल में जबरदस्त राजनीतिक समर्थन की बदौलत हो पाया था। लेकिन जिन किसानों की जमीन हाल के जमीन अधिग्रहण विवाद में फंसी हैं वे प्रदेश में सपा के सत्तासीन होने के बाद खुशियां मना रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि जिन परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है उनमें ग्रेटर नोएडा इंटनैशनल एयरपोर्ट, बड़ी टाउनशिप और गंगा एक्सप्रेसवे (प्रदेश के एक छोर को दूसरे छोर से जोडऩे वाली) शामिल हैं। इस बारे में वैश्विक ब्रोकरेज इकाई किम इंग सिक्योरिटीज के विश्लेषक अनुभव गुप्ता ने कहा, 'मायावती के शासनकाल में नोएडा उत्तर प्रदेश में प्रमुख केंद्र बिंदु बन चुका था। लेकिन अब मुलायम के सत्ता में आने के बाद ध्यान लखनऊ पर केंद्रित हो सकता है।' इसी तरह, एक दूसरे विश्लेषक ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय के मुलायम सिंह यादव के साथ निकट संबंधों की ओर इशाारा किया। विश्लेषक का कहना था, 'सपा के सत्ता में आने से सहारा को एक बार फिर फायदा होगा। सहारा की लखनऊ और राज्य के विभिन्न जगहों में सहारा सिटी होम है। उन्होंने प्रदेश में बड़े स्तर पर भूमि का अधिग्रहण किया है।'
गुप्ता ने कहा कि लखनऊ में छोटे डेवलपरों को भी फायदा होने जा रहा है।

सपा के धमाकेदार आगाज के बाद से भारत में फॉर्मूला 1 रेस लाने वाले जेपी ग्रुप से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया। जेपी स्पोट्र्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी समीर गौड़ टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। कंपनी के अन्य किसी अधिकारी से भी संपर्क स्थापित नहीं हो पाया। सपा ने एफ 1 ट्रैक मामले में जेपी समूह और मायावती के संबंधों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। पार्टी का आरोप था कि कंपनी को किसानों की जमीन काफी कम कीमतों पर उपलब्ध कराई गई और मनोरंजन कर से समूह को मुक्त रखा गया।

एक ओर जहां कुछ विश्लेषकों का कहना है कि अब जेपी को सपा से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है वहीं कुछ का कहना था कि मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में भी समूह ने कई परियोजनाएं शुरू की थी। हालांकि मायावती के शासनकाल में ग्रूप को काफी तवज्जो मिली, विश्लेषकों का मानना है कि समूह की परियोजनाएं जारी रह सकती हैं। इन्होंने कहा कि जेपी की कोई भी परियोजना के रद्द होने की संभावना नजर नहीं आ रही है।

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Frito bhai , thanks a lot for the latest news updates you bring. You are the best when it comes to breaking news on this forum :-)
 
Old March 7 2012, 11:16 PM   #6
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Originally Posted by bhoomika View Post
dear all,
i am new to this forum but i have always read the posts and threads of this forum for reality market status. Today i need your suggestion as we had booked a flat in jp greens garden isles in flexi plan. and the 1st payment is due on 12th march'12. now we are confused to decide that whther we should make further payment ( loan disbursement) or shall we quit back. we have already paid 3.5 lakhs as booking amount.
Go ahead with payment but ensure that you have CLP plan. There would be delays in Jaypee Projects - Expect project to be delivered in 5 Years. This is the norm with most of the builders now a days.

Jaypee has done business with SP earlier. Few of their cement plants in UP were started during SP regime.

Jaypee is smart to keep all BSP (Expressways and real estate), SP(Cement, Hydro), Congress (Hydro, F1 - Priyanka Gandhi was there in F1 event with Robert Vadra) and BJP(Hotels, Cement and Constuction) in their pocket.

so don't worry.
 
Old March 8 2012, 08:30 AM   #7
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Default Mayawati government projects may run into hurdle with Samajwadi Party

Mayawati government projects may run into hurdle with Samajwadi Party
By AKASH VASHISHTHA
Last updated at 7:34 PM on 7th March 2012
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The two development zones in Uttar Pradesh west - Gautam Budh Nagar and Ghaziabad - may undergo a complete revamp, if the Samajwadi Party (SP) insiders are to be believed.
Though the new government is yet to be sworn in, key party functionaries said the two revenue earning districts, close to the national Capital, might witness a complete transformation.
The party's office-bearers have already got down to the job of reviewing the status of several projects undertaken by the Mayawati government.

SP office-bearers are reviewing the status of several projects in Ghaziabad, Gautam Budh Nagar and Noida undertaken by the Mayawati government
Sources said the party high command was kept informed of the state of affairs in Gautam Budh Nagar and Ghaziabad over the last five years.
One of the sources said two giant developers with numerous projects in Gautam Budh Nagar and 'who almost acted as personal firms of Mayawati and her family' would be the ones to be reined in first by the new government.
'Noida, Greater Noida and Yamuna Expressway areas became the hub of corruption during Mayawati's rule. They (the companies) looted the farmers. They sold off Noida land to builders, leaving very little for the farmers,' Veer Singh Yadav, president of the SP in Noida and close to chief ministerial candidate Mulayam Singh Yadav, alleged.
'The interests of farmers will be of prime consideration now,' he added.
The new government might also spell trouble for liquor baron and property developer Ponty Chadha in Noida. The group's business centre in Sector- 32 might also face a review.
'We are looking at ways to see if that land can be returned to the farmers. Two sectors were combined and sold off to Wave City and the bids manipulated to help Chadha win. We kept protesting against it and Akhilji and Mulayamji are aware of it,' Veer said.


Several projects undertaken by Mayawati's (right) government will be reviewed. Property developer Ponty Chadha may also run into trouble with the new government
'We intend to write to the party high command and demand the cancellation of the allotments. Fresh tenders should be invited and the allotments made in a fair and transparent manner so that the revenue goes directly to the government exchequer and not into some politician's account,' he added.
He also said that a letter would be sent to the new chief minister demanding a 'thorough and proper investigation' into all the scams that occurred in the district and seeking a probe against a number of Noida and Greater Noida authority officials.
'All culprits should be punished. We have the names of many such officials in the Noida authority and we will write to the CM and get them probed. There were several officials who also acted as BSP agents during the elections and distributed cash to garner votes for Mayawati. We have those names as well,' an SP loyalist said.
Projects in the scam-hit Noida Extension would also be re-examined. 'This area was riddled with corruption during Mayawati's rule. In SP's tenure, no land will be forcefully acquired. If there happens to be an urgency, land will be taken at six times the market rate, as per our manifesto,' Fakir Chand Nagar, the district party president, said.
The Yamuna Expressway area is also on the SP radar. The party has already assured farmers that land would not be snatched away from them as was done by the last government.


Read more: Mayawati government projects may hit Samajwadi Party hurdle | Mail Online
 
Old March 8 2012, 09:25 AM   #8
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Default सियासी फेरबदल से मुरझाए निवेशकों के चेहरे

सियासी फेरबदल से मुरझाए निवेशकों के चेहरे
Updated on: Wed, 07 Mar 2012 09:50 PM (IST)
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सिकंदराबाद (बुलंदशहर) : सूबे में चुनाव के बाद हुए बड़े सियासी फेरबदल से ककोड़ व रबुपुरा क्षेत्र में प्रापर्टी में करोड़ों रुपये का निवेश करने वाले निवेशकों के चेहरों पर उदासी छा गई है। सत्ता बदलने के बाद क्षेत्र में प्रस्तावित योजनाओं को ग्रहण लगने की आशंका मात्र से ही निवेशक काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। ककोड़ व रबुपुरा क्षेत्र में बाहर के काफी तादाद में निवेशकों ने प्रापर्टी में मोटी धनराशि लगा रखी है।

बता दें कि कुछ समय पूर्व ककोड़ व रबुपुरा के दर्जनों गांवों को यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित किए जाने पर दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद के बड़े निवेशकों ने क्षेत्र में तत्कालीन सरकार की कई बड़ी प्रस्तावित योजनाओं के चलते प्रापर्टी में करोड़ों रुपये का निवेश किया था। यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे प्रस्तावित हाइटेक सिटी, जेवर का इंटरनेशनल एयरपोर्ट व गौतमबुद्धनगर की सीमा से सटे ककोड़ क्षेत्र के कई गांवों में भूमि का अधिग्रहण कर विभिन्न प्रस्तावित योजनाओं के चलते निवेशकों ने क्षेत्र में ऊंचे दामों पर जमीन खरीदी थी। प्राधिकरण की योजनाओं के चलते निवेशकों ने सिकंदराबाद-जेवर मार्ग पर बीस लाख रुपये से लेकर तीस लाख रुपये प्रति बीघा तक जमीनों की खरीद की थी। ककोड़ क्षेत्र के सिकंदराबाद-जेवर हाइवे के किनारे व आसपास के प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित गांवों में स्थित जमीनों पर निवेशकों ने मोटा दांव खेला था। निवेशकों को उम्मीद थी कि इस क्षेत्र में प्रापर्टी खरीदने से उनको मोटा मुनाफा होगा। गत साल सात मई को गौतमबुद्धनगर के भट्टा गांव में किसानों व पुलिस पीएसी में हुए संघर्ष के बाद से ही क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण की प्रस्तावित योजनाओं को विराम लग गया था, मगर निवेशकों को प्रापर्टी में किए गए निवेश से काफी उम्मीद बंधी हुई थी। अब विधानसभा चुनाव के बाद सूबे में हुए बड़े सियासी फेरबदल के बाद से ही निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। उनको आशंका है कि नई सरकार बनने पर क्षेत्र की प्रस्तावित योजनाओं में फेरबदल न हो जाए। अगर ऐसा हुआ तो निवेशकों को भारी नुकसान होना तय माना जा रहा है। आगे क्या होगा ये तो भविष्य के गर्त में ही छिपा हुआ है?

सियासी फेरबदल से मुरझाए निवेशकों के चेहरे
 
Old March 8 2012, 09:26 AM   #9
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Default नई सरकार से नहीं हिलेगी रियल एस्टेट की नीं

नई सरकार से नहीं हिलेगी रियल एस्टेट की नींव

Source: बिजनेस भास्कर नई दिल्ली | Last Updated 00:51(08/03/12)


नहीं रुकेंगे प्रोजेक्ट:- रियल्टी विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश युवा और प्रगतिशील राजनीतिज्ञ हैं। शायद बदले की भावना से कुछ नहीं करेंगे और विकास से जुड़ी गतिविधियां नहीं रुकेंगी। नोएडा व आसपास फ्लैट के निर्माण चलते रहने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नई सरकार बनाने से पहले रियल एस्टेट जगत ग्रेटर नोएडा और नोएडा में बन रहे नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में किसी तरह की रुकावट नहीं आने की उम्मीद कर रहा है। रियल एस्टेट कंपनियों और विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश यादव शिक्षित, युवा और प्रगतिशील राजनीतिज्ञ हैं और उम्मीद है कि बदले की भावना के साथ वे कुछ भी नहीं करेंगे और यहां विकास से जुड़ी गतिविधियां नहीं रुकेंगी।

जोंस लेंग लासले इंडिया के सीईओ-ऑपरेशन्स संतोष कुमार ने बिजनेस भास्कर को बताया कि अखिलेश यादव का यूपी को लेकर विजन विकास से प्रेरित हैं और चूंकि वे युवा और शिक्षित हैं,उनका पूरा जोर विकासशील गतिविधियों को बढ़ाने पर रहेगा।

वैसे भी आजकल किसी राज्य की सरकार कॉरपोरेट सेक्टर को हिलाने की पक्षधर नहीं है, ऐसे में ग्रेटर नोएडा और नोएडा में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पर असर पडऩे की संभावना नहीं दिखाई पड़ती। नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विपिन मल्हान का आकलन है कि नई सरकार बदले की भावना से राज्य में काम नहीं करेगी, इसलिए फिलहाल चल रहे प्रोजेक्ट्स पर कोई असर नहीं पडऩे की संभावना है।

इस समय नोएडा में अंडरपास, रोड्स, सिटी सेंटर्स और फार्म हाउस से जुड़े हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि इन सारे प्रोजेक्ट्स को समय रहते पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा मल्हान ने बताया कि आम्रपाली, सुपरटेक, डिवाइन इंडिया इत्यादि कंपनियों ने यहां रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में काफी बड़ा निवेश हो चुका है जिनमें लाखों निवेशकों के हित के अलावा हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है।

आम्रपाली ग्रुप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शिव प्रिय ने बताया कि अखिलेशजी प्रगतिशील सोच वाले नेता हैं और उम्मीद है कि आगे भी विकास से जुड़ी गतिविधियों को जारी रखेंगे। वैसे भी हमारी कंपनी के सारे प्रोजेक्ट्स रजिस्टर्ड हैं और सब पर काम चल रहा है, इसलिए हमें किसी बाधा की आशंका नहीं लगती है।
कंज्यूमर प्रोटेक्शन ड्राइव लांच
नई दिल्ली बिल्डर्स के खिलाफ घरों के कब्जे मिलने में हो रही देरी, प्रतिबद्धताओं को पूरा न कर पाने, तय कीमत से ज्यादा रकम मांगने और बिके हुए क्षेत्रों में दुविधा जैसी शिकायतें आम हो गई हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के सभी सदस्यों ने ग्राहकों के साथ इस तरह के मामलों पर पारदर्शिता बरतने के मद्देनजर आचार संहिता पर दस्तखत किए हैं और कंज्यूमर प्रोटेक्शन ड्राइव लांच किया है।

इसके अलावा रियल एस्टेट डेवलपर प्रोजेक्ट की डिलीवरी में देरी पर ग्राहकों को मुआवजा भी देगा। क्रेडाई के प्रेसिडेंट पंकज बजाज के मुताबिक सेल्फ गवर्नेंस अपने आप में बहुत शक्तिशाली उपकरण हैं और ग्राहकों की सबसे बड़ी चिंता पारदर्शिता और जिम्मेदारी लेना है। क्रेडाई के साथ इस समय 8,000 से ज्यादा ग्राहक जुड़े हुए हैं। (ब्यूरो)
 
Old March 12 2012, 08:02 PM   #10
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Hi Bhoomika,

Congratulations for booking a unit in GI!!!

I am also a unit owner in JP GI and in effort to group all the GI owners under yahoo groups so that we can form a forum to discuss and share ideas related to our investment in JP.

If you are interested may join the following two groups:

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jpgardenisles-subscribe@yahoogroups.co.in
JayPee Greens Wishtown Garden Isles facebook

Thanks

Vaibhav
 
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