दिल्ली के फार्म हाउसों को नियमित करने के लिए डीडीए ने नई पॉलिसी बनाई है। यह नीति उन सभी फार्म हाउसों को नियमित करेगी, जो 7 फरवरी 2007 से पहले बने हैं। पिछली अथॉरिटी मीटिंग में यह पास नहीं हो पाई थी और इस पर सवाल उठाए गए थे। अब कुछ बदलाव के बाद यह पॉलिसी कल (गुरुवार) होने वाली अथॉरिटी मीटिंग में रखी जाएगी। इसमें पुराने फार्म हाउस को नियमित करने के साथ ही नए फॉर्म हाउस के लिए भी पॉलिसी शामिल है।

पॉलिसी में गैरकानूनी फार्महाउसों को दो कैटिगरी में बांटा गया है। एक कैटिगरी में वे फार्महाउस हैं जिन्हें मंजूरी लेकर बनाया गया लेकिन इनका निर्माण तय एरिया से ज्यादा में हुआ है। दूसरी कैटिगरी में वे फार्महाउस हैं जिन्हें बनाने की मंजूरी नहीं ली गई। यह पॉलिसी दोनों तरह के फार्महाउस को भारी पेनल्टी लगाकर नियमित करेगी। फार्म हाउसों के बीच जो जगह छूटी हुई है उसे कंट्री होम के नाम से पास किया जाएगा यानी यहां पर छोटा फार्म हाउस बनाया जा सकता है। अथॉरिटी से पॉलिसी पास होने के बाद इसे मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। मंत्रालय ही तय करेगा कि कितनी पेनल्टी लगाई जाए। मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद पॉलिसी को नोटिफाई करेंगे और नोटिफिकेशन के 18 महीने के भीतर अनऑथराइज्ड फार्म हाउस को रेगुलर कराना होगा।

पॉलिसी में नए फार्म हाउस के लिए नियम बनाए गए हैं, जिसके मुताबिक पांच एकड़ या इससे बड़े फॉर्म हाउसों के लिए 60 फुट चौड़ी सड़क होना जरूरी है। एक एकड़ के फॉर्म हाउस के लिए 30 फुट चौड़ी सड़क की जरूरत है। लेकिन इस पर अथॉरिटी मेंबर्स को आपत्ति है। अथॉरिटी मेंबर राजेश गहलोत ने कहा कि हम मीटिंग में यह मसला उठाएंगे। हम चाहते हैं कि किसानों का खास तौर पर ध्यान रखा जाए। एक एकड़ के फार्म हाउस में 30 फुट चौड़ी सड़क होने के नियम का हम विरोध करेंगे। अभी एक एकड़ के जितने भी फार्म हाउस हैं, उनमें कहीं भी 30 फुट चौड़ी सड़क नहीं है। ऐसे में, नए फार्म हाउस के लिए इस नियम का कोई मतलब नहीं। हम चाहते हैं कि 30 फुट के बजाय साढ़े छह फुट चौड़ाई रखी जाए। यह नियम बनाया जा सकता है कि किसान अपनी जमीन से 14-15 फुट जगह छोड़ दे और सरकार की जो साढ़े छह फुट की सड़क बनी है, वह उसमें जुड़ जाए। इस तरह सड़क भी चौड़ी हो जाएगी और फार्म हाउस पास कराने में रोड कोई बाधा नहीं बनेगी।

अथॉरिटी मीटिंग में कठपुतली कॉलोनी का मसला भी रखा गया है। लोकसभा चुनाव से पहले कठपुतली कॉलोनी के लोगों से वादा किया गया था कि उनकी झुग्गी झोपड़ी की जगह पर उन्हें पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे। लेकिन तब से बात आगे नहीं बढ़ी। अब 26 मई को होने वाली मीटिंग में डीडीए यहां मकान बनाने के लिए बिल्डिंग प्लान का अप्रूवल लेगा। अथॉरिटी से अप्रूवल मिल जाने के बाद इसमें काम होने की उम्मीद है ।
-NB times
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