Didn't get allotment under Delhi Development Authority's recent housing scheme? Here's something to cheer about.

The land agency is constructing 22,000 lower income group (LIG) flats in Rohini and Narela and 19,000-odd flats for the economically weaker sections (EWS) in Rohini , Dwarka and Narela. In a first, the agency is using the prefabricated technique to construct these housing complexes . The technique ensures that the pre-casting of walls, columns and assembling of flats takes place at the site itself.

While the work on the EWS project in Rohini and Dwarka is underway, construction of the LIG flats is yet to take off. "By using the pre-fabricated technique, known as 3S technology (strength, safety and speed) we will be able to ensure speedier construction of flats that are cheaper and environment-friendly . A plant will be set-up for pre-casting concrete walls, columns, beams etc at various sites,'' said DDA spokesperson, Neemo Dhar. Both the LIG and EWS projects have got a nod from the Delhi Urban Art Commission .

EWS flats under construction in Dwarka, Sector 23, might be replicated in other areas like Rohini, Sector 35. "The approximate cost of the EWS flats would be Rs 4 lakh, lesser than the cost of flats built using the regular technology. We will also save time as the prefabricated flats will be constructed one year in advance as compared to regular flats,'' said an official. The cost of the LIG flats is yet to be decided but DDA claims that it will be lesser than the present price of Rs 10-19 lakh.

Regarding the allotment of these flats, officials claimed that they would include them in a housing scheme in the future . "The allotment will happen through the lottery system as has been the norm till now ,'' said an official. "A housing complex under the scheme will boast of shops and parks. It will be a pedestrian-friendly area with no vehicular movement allowed inside the ,'' said an official.



Now, DDA to offer low-priced flats - The Economic Times


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Looks like another chance to gamble & try one's luck . I can see many gleeful faces, in anticipation of getting flats here .
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  • Lok Nayak Puram va Janta flat in Dwarka Sec 16

    If I am to take home loan and keep invested for at least 3 years, then should I buy a janta flat in Dwarka Sec 16 or buy a LIG at double its cost in Lok Nayak Puram? My primary aim is investment returns and meantime earn rental income which can help me in paying the instalments to the bank
    Pls guide me
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  • Lok nayak Puram is very far and secluded. I am not sure how much it would appreciate in coming years unless some industries or good connectivity to the rest of Delhi is there.
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  • affordable housing

    Apna Ashiyana, Woh Bhi Sirf 1.85 Lakh Mein..."



    अपना आशियाना। दो कमरों, किचन और बाथरूम से सुसज्जित। कीमत सिर्फ एक लाख 85 हजार रुपये। यह कोई सपना या कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत है। केंद्र सरकार इस सपने को साकार करने जा रही है। इसके तहत मकानों के निर्माण (कंस्ट्रक्शन) की लागत में 20 फीसदी तक की कमी की जाएगी। यह कमी सीमेंट, ईंट और इस्पात के बेहद कम इस्तेमाल वाली वैकल्पिक तकनीक के सहारे होगी।
    केंद्रीय आवास और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। सभी को आसान कीमतों वाला मकान मुहैया कराए जाने के लिए सस्ती लागत वाली इस तकनीक को चलन में लाने के लिए मंत्रालय ने पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इस वैकल्पिक तकनीक से न केवल कम लागत में मकान बन सकेंगे बल्कि इससे लोगों को आवास सुविधा मुहैया कराए जाने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
    वैकल्पिक तकनीक के इस्तेमाल से बनने वाले इस मकान में दो कमरों होंगे। इसके अलावा रसोई घर और बाथरूम भी होगा। मकान का बिल्ट-अप एरिया 25 स्क्वायर मीटर होगा जिसकी अनुमानित कीमत 1.85 लाख रुपये होगी। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि वैकल्पिक तकनीक पूरी तरह प्रामाणिक है। इस परियोजना को बिल्डिंग मैटीरियल्स एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन काउंसिल (बीएमटीपीसी) अमली जामा पहना रहा है। बीएमटीपीसी ने अमेठी (यूपी) और हरियाणा के पिंजौर में नमूने के तौर पर इस तरह के 24 मकान तैयार किए हैं। बीएमटीपीसी के अधिकारी ने बताया कि हम इसी तकनीक से अंबाला में एक कम्युनिटी सेंटर भी बना रहे हैं। Source: Amar Ujala "Apna Ashiyana, Woh Bhi Sirf 1.85 Lakh Mein..."


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  • अगले कुछ सालों में डीडीए बनाएगा 67,000 फ्लैट

    फ्लैट बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सूत्रों ने बताया कि ये फ्लैट रोहिणी और नरेला जैसे इलाकों में बनाए जाएंगे और डीडीए इन्हें बनाने में नई तकनीक का इस्तेमाल करेगा।

    उन्होंने बताया कि इनमें से 20,000 फ्लैट कम आय वाले वर्ग के लिए, 19,000 आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 4,000 निम्न वर्ग के लिए बनाए जाएंगे । सूत्रों के मुताबिक, डीडीए ने बहुप्रतीक्षित फार्महाउस नीति को मंजूरी नहीं दी । इस नीति का उददेश्य शहर के 2,000 से भी ज्यादा फार्महाउस को नियमित करना है।

    -Hindustan
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  • Tata too is working on nano house. Par ye saste ki chah kabbhi sach bhi hogi ya Mungeri laal ke hasin sapne hi rahnge ? What other members thinks ?


    Originally Posted by Krazy Yuppie
    Apna Ashiyana, Woh Bhi Sirf 1.85 Lakh Mein..."



    अपना आशियाना। दो कमरों, किचन और बाथरूम से सुसज्जित। कीमत सिर्फ एक लाख 85 हजार रुपये। यह कोई सपना या कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत है। केंद्र सरकार इस सपने को साकार करने जा रही है। इसके तहत मकानों के निर्माण (कंस्ट्रक्शन) की लागत में 20 फीसदी तक की कमी की जाएगी। यह कमी सीमेंट, ईंट और इस्पात के बेहद कम इस्तेमाल वाली वैकल्पिक तकनीक के सहारे होगी।
    केंद्रीय आवास और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। सभी को आसान कीमतों वाला मकान मुहैया कराए जाने के लिए सस्ती लागत वाली इस तकनीक को चलन में लाने के लिए मंत्रालय ने पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इस वैकल्पिक तकनीक से न केवल कम लागत में मकान बन सकेंगे बल्कि इससे लोगों को आवास सुविधा मुहैया कराए जाने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
    वैकल्पिक तकनीक के इस्तेमाल से बनने वाले इस मकान में दो कमरों होंगे। इसके अलावा रसोई घर और बाथरूम भी होगा। मकान का बिल्ट-अप एरिया 25 स्क्वायर मीटर होगा जिसकी अनुमानित कीमत 1.85 लाख रुपये होगी। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि वैकल्पिक तकनीक पूरी तरह प्रामाणिक है। इस परियोजना को बिल्डिंग मैटीरियल्स एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन काउंसिल (बीएमटीपीसी) अमली जामा पहना रहा है। बीएमटीपीसी ने अमेठी (यूपी) और हरियाणा के पिंजौर में नमूने के तौर पर इस तरह के 24 मकान तैयार किए हैं। बीएमटीपीसी के अधिकारी ने बताया कि हम इसी तकनीक से अंबाला में एक कम्युनिटी सेंटर भी बना रहे हैं। Source: Amar Ujala "Apna Ashiyana, Woh Bhi Sirf 1.85 Lakh Mein..."

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  • DDA now make LIG flats
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