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दिल्ली में बढ़ी कमर्शल की डिमांड, रेंट में 

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दिल्ली में बढ़ी कमर्शल की डिमांड, रेंट में 

Last updated: March 31 2012
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  • दिल्ली में बढ़ी कमर्शल की डिमांड, रेंट में 

    नई दिल्ली।। दिल्ली में कमर्शल प्रॉपर्टी की डिमांड बढ़ने से रेंट में तेजी से संकेत हैं। हालांकि कमर्शल स्पेस की ज्यादा डिमांड बाहरी इलाकों की तुलना में अब भी सेंट्रल और सेकेंडरी बिजनस डिस्ट्रिक्ट्स में देखने को मिल रही है। रेंट बढ़ने की सीधी वजह डिमांड की तुलना में कम सप्लाई है। पिछले कुछ समय में कनॉट प्लेस, नेहरू प्लेस, आईएनए और साउथ एक्सटेंशन जैसे इलाकों पर ज्यादा असर है। वहीं दूसरा तरफ नोएडा, फरीदाबाद आदि में रेंटल वैल्यू में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखने को मिली है।

    उभरे हैं नए इलाके
    कमर्शल प्रॉपर्टीज में डील करने वाले भरत शाह के मुताबिक दिल्ली से लगते सेटेलाइट टाउनों (नोएडा, फरीदाबाद वगैरह) में डिमांड की तुलना में सप्लाई फिलहाल ज्यादा है इसलिए रेंट ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हो रहा है। साथ ही, दिल्ली में नए इलाकों के उभरने से लोग बाहर का रुख नहीं कर रहे हैं। यहां जसोला, नेताजी सुभाष प्लेस, मोती और कीर्ति नगर आदि शहर के भीतर ए ग्रेड ऑफिस और रिटेल स्पेस मुहैया करा रहे हैं। सेंट्रल इलाके की बात करें तो अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में रेंटल वैल्यू में आठ से दस फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इससे ज्यादा बढ़ोतरी हालांकि सेकेंडरी इलाकों में हुई। शाह के मुताबिक सेकेंडरी इलाकों में अक्टूबर से दिसंबर की ही अवधि में रेंट 15 से 20 फीसदी रेंट बढ़े हैं।

    ऐसा बड़े प्लेयरों के कारण हो रहा है। सेकेंडरी इलाके में डीएलएफ, ओमेक्स और टीडीआई जैसे डिवेलपर उम्दा कमर्शल स्पेस शहर के भीतर ही मुहैया करा रहे हैं। इनके द्वारा लांच नए प्रॉजेक्ट्स को रिस्पांस भी काफी अच्छा मिल रहा है। मार्केट सूत्रों का कहना है कि आने वाले प्रॉजेक्टों में 80-90 फीसदी से ज्यादा स्पेस तो कब के बुक हो चुके हैं। उधर जसोला में डीडीए द्वारा भी कमर्शल इस्तेमाल के लिए जमीन का ऑक्शन पिछले दिनों किया गया था।

    एनसीआर से बेहतर
    हालांकि एनसीआर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा में कमर्शल प्रॉपर्टी का बाजार अभी नहीं चढ़ रहा है। इन इलाकों में जितनी सप्लाई है, उसकी तुलना में मांग नहीं है। लिहाजा किराया करीब-करीब स्थिर है। इन इलाकों में स्पेस खाली होने की एक वजह यह भी है कि लोगों को ढंग का किरायेदार नहीं मिल रहा। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि शहर के भीतर अगर कोई कमर्शल प्रॉपर्टी है तो उसके रेंट एप्रेसिएशन के चांसेज बाहरी इलाकों में डिवेलप्ड प्रॉपर्टी की तुलना में हमेशा च्यादा हैं और आने वाले समय में भी ऐसा रहेगा।

    गुड़गांव में भी तेजी
    गुड़गांव में भी पालम विहार, डीएलएफ सिटी फेज-1 और गोल्फ कोर्स रोड एक्सटेंशन जैसे इलाकों के लिए अक्टूबर-दिसंबर का समय जुलाई-सितंबर की तुलना में बढि़या रहा है। इन इलाकों में रेंटल वैल्यू में औशतन 4 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यहां रेंट चढ़ने की वजह मल्टीनैशनल कंपनियों की बढ़ती संख्या बताई जा रही है। प्रॉपर्टी डीलर सचिन शर्मा के मुताबिक कनेक्टिविटी में सुधार और आधुनिक सुविधाएं लोगों को खींच रही हैं।

    हालांकि यहां साउथ सिटी-1 जैसै इलाके में बेसिक सुविधाओं के बावजूद रेंट में गिरावट देखने को मिली है। स्पेस मैनेजमेंट के नवीन गौड़ का कहना है कि ट्रैफिक कंजेशन और ऊंची कीमत के कारण यहां ऐसा हो रहा है। निर्वाणा कंट्री और सेक्टर-55 जैसे इलाकों में रेंट में किसी तरह का उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है। यहां के प्रमुख इलाकों में रेट बढ़ने के बारे में प्रॉपर्टी वन के संथन यादव का कहना है कि प्रेफेशनल्स ज्यादा रेंट देखने को भी तैयार रहते हैं इसलिए यहां किसी अन्य डिवेलपिंग इलाके की तुलना में रेंट तेजी से बढ़ता है।

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