One more day has gone.. with hope I travel daily that it would be cleared and the road promised to us (Greater Fairdabad) would become a reality ... Every evening I come back from the same Jam same congested enchroached road near sector 29...kehri pull ...that 1km stretch that big pain in ASSS...

hearing LAZY HUDA will demolish it to make wider road ... but its been 2years now ....every time there is a news, in hindi papers n nothing in concerte ...

Those slum dewellers mock me everyday like others ... they stand on my way and tease me ... i feel cheated as I paid my hard earned money ... EDC , which is used to build thier EWS, I pay taxes to build infra of the nation ....but they take that money as compensation .... i feel pitty ....

I wonder they are poor or am I ? as they have cars, they afford mutton chicken everyday i guess drinks too ... they have no liability to pay hefty electrcity and DG charges , I paid amount for my car parking and they freely parked thier entire family on the road (thats free of cost).. .......the list goes on and on ... than I think its not only my story its the story of this nation..... its a failure of goverment


but I will start my journey tomorrow again with hope.... One day I will get what I was Promised
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    आशियाना फ्लैट के लिए ड्रा 30 जनवरी को


    फरीदाबाद। किसान मजदूर कॉलोनी के 111 गरीबों का इस माह के अंत में आशियाना फ्लैट में पहुंचने का सपना पूरा होगा। आशियाना फ्लैट आवंटन के लिए हुडा ने 30 जनवरी को ड्रा कराने का निर्णय लिया है।
    बाइपास रोड से हटाई जाने वाली किसान मजदूर कॉलोनी के निवासियों को सेक्टर-62 स्थित आशियाना फ्लैट में शिफ्ट करने की तैयारी फिर से हुडा ने शुरू कर दी है। 132 लोगों को आशियाना उपलब्ध कराने के बाद अब बाकी बचे 111 लोगों को फ्लैट आवंटन की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा हे।
    हुडा अधिकारियों की माने तो पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने हुडा को सख्त निर्देश दिया है कि जब तक किसान मजदूर कॉलोनी की हटाई जाने वाली झुग्गी के निवासियों को पूनर्वास योजना के तहत पक्का घर उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है। तब तक झुग्गी को बाइपास रोड से तोड़ा या हटाया नहीं जाएगा। हुडा प्रशासक एनके सोलंकी ने बताया कि ड्रा की तैयारी कर ली गई है।
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  • मलेरना आरओबी : फिर मिस होगी डेडलाइन! - Mlerna ROB:'ll miss the deadline! - Navbharat Times

    मलेरना आरओबी : फिर मिस होगी डेडलाइन!

    एनबीटी न्यूज॥ फरीदाबाद
    रेलवे के काम पूरा न करने की वजह से मलेरना रेलवे ओवरब्रिज की डेडलाइन मिस हो सकती है। रेलवे अपने हिस्से का काम जल्द से जल्द पूरा करे, इसलिए मंगलवार को हूडा अधिकारियों ने रेलवे अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में रेलवे अधिकारियों ने काम पूरा करने के लिए फिर से एक महीने का समय मांगा है। रेलवे का काम पूरा होने के बाद हूडा को भी अपने हिस्से का काम पूरा करने में 2 महीने का समय लगेगा।
    बाईपास रोड पर सेक्टर-59 और 61 के पास मलेरना रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। रेलवे ओवरब्रिज के रास्ते मंे हाईटेंशन बिजली की तारें आ रही हैं, जिसके कारण हूडा अपने काम को पूरा नहीं कर पा रहा है। रेलवे को महीनों पहले तार हटाने के लिए बोला गया था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है। हूडा अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे की तरफ से तार हटाने का काम धीमी गति से किया जा रहा है। काम कब पूरा होगा, इसके लिए कोई निश्चित समय भी तय नहीं किया गया है। कभी रेलवे के अधिकारी 15 दिन में काम पूरा करने का दावा करते हैं, तो कभी इसे बढ़ाकर एक महीना कर देते हैं। मंगलवार को हुई मीटिंग में रेलवे अधिकारियों ने एक बार फिर काम पूरा करने के लिए एक महीने का समय मांगा है। हूडा ने रेलवे ओवरब्रिज के लिए नई डेडलाइन 31 मार्च रखी थी। रेलवे अधिकारी एक महीने में काम पूरा करेंगे, जिसके बाद हूडा को भी काम पूरा करने में दो महीने का समय लेगा। इस गति से काम चलता रहा, तो 31 मार्च की डेडलाइन मिस होना तय है।
    हूडा एक्सईएन सी. जे. गुलाटी ने बताया कि मंगलवार को रेलवे अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में उन्होंने काम पूरा करने के लिए एक महीने का समय मांगा है। उनका काम पूरा होने के बाद हमें अपना काम करने में दो महीने का समय लग जाएगा।
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  • can someone please validate my understanding? draw will be done on 31st jan, then govt. will give atleast 20-30 days to vacate...means feb'13 will also pass by. still few of them will remain there....then govt. took another 15 days to decide for some action against them..if they took stand for demolistion..it will happen in mid march and if they think to give some more time, then situation will go till april or may'13. after that vendor will take sometime to work on the road....by no means raod will be available to use by june'13...and till then lot of builders will already gave the possesstion in NP. This is what we are getting in return for paying extra EDC....feel like abusing to HUDA govt. for their lousy behaviour..
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  • मलेरना आरओबी : गार्डर लॉन्चिंग के लिए फिर टेंडर जारी - Mlerna ROB: restaurant in Garden launch the tender for - Navbharat Times

    मलेरना आरओबी : गार्डर लॉन्चिंग के लिए फिर टेंडर जारी


    एक संवाददाता॥ बल्लभगढ़
    मलेरना रेलवे ओवरब्रिज पर गार्डर लॉन्चिंग के लिए रेलवे ने दोबारा टेंडर जारी कर दिया है। इस बार एस्टिमेट 1.85 करोड़ रखा गया है। पिछली बार रेलवे ने 1.05 करोड़ का टेंडर जारी किया था, लेकिन इस रेट पर कोई भी ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं हुआ था। हालांकि एक कॉन्टै्रक्टर ने आवेदन किया था, लेकिन उसने काम के लिए 2 करोड़ रुपये मांगे थे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बार जो राशि तय की गई है। वह इस काम के लिए अनुकूल है। उम्मीद है कि इस बार ठेकेदार इस काम में रुचि लेंगे।
    बता दें कि बाईपास रोड को नैशनल हाइवे से जोड़ने के लिए सेक्टर-59 व 61 के पास रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसे रेलवे और हूडा दोनों मिलकर बना रहे हैं। प्रोजेक्ट के तहत दोनों तरफ सड़क बनाने का काम हूडा कर रहा है। वहीं, रेलवे लाइन के ऊपर के हिस्से में कंस्ट्रक्शन वर्क रेलवे कर रहा है। फिलहाल रेलवे लाइन के ऊपर वाले हिस्सों में गार्डर रखने का काम रह गया है। इसके लिए रेलवे ने 1.05 करोड़ का एस्टिमेट बनाकर टेंडर जारी किया था, जिसके लिए सिर्फ एक आवदेन आया था। आवेदनकर्ता ने प्रोजेक्ट के लिए 2 करोड़ रुपये का एस्टिमेट दिया था, जिसके बाद रेलवे ने इस टेंडर को रिजेक्ट कर दिया था। नॉर्दर्न रेलवे के प्रवक्ता ए. एस. नेगी ने बताया कि इस बार 1.85 करोड़ का एस्टिमेट बनाकर टेंडर जारी किया गया है। इस बार काम के लिए 330 टन की क्रेन मंगाई गई है, जबकि पिछले टेंडर में 550 टन की क्रेन की मांग की गई थी।
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  • 30

    30 जनवरी से दूर होगी बाईपास की बाधा

    फरीदाबाद।। 30 जनवरी के बाद बाईपास रोड के रास्ते से सबसे बड़ी बाधा दूर हो जाएगी। 30 को हूडा अवैध निर्माण में रहने वालों के लिए आशियाना फ्लैटों का ड्रॉ करा देगा। इसके बाद लोगों को सेक्टर -62 में बने आशियाना फ्लैट अलॉट कर दिए जाएंगे और अवैध निर्माण को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मालूम हो कि किसान व मजदूर कॉलोनी में बने हुए लगभग 313 अवैध निर्माण बाईपास रोड के निर्माण में बाधा बने हुए हैं।

    इसके चलते बाईपास रोड का 1100 मीटर हिस्सा चौड़ा नहीं हो पा रहा है। हाई कोर्ट ने हूडा को निर्देश दिए थे कि इन लोगों को फ्लैटों में शिफ्ट करने के बाद अवैध निर्माण को तोड़ा जाए। पिछले दिनों हूडा ने काफी लोगों को आशियाना फ्लैट उपलब्ध करा दिए थे , लेकिन फिर भी 157 लोग अवैध निर्माणों में बच गए थे। इन लोगों को फ्लैट के लिए आवेदन करने का हूडा ने लास्ट मौका दिया गया था , जिसमें 111 ने आवेदन किया। हूडा एसडीओ सर्वे अजित सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने फ्लैटों के लिए आवेदन किया है , उनके लिए 30 जनवरी को ड्रॉ कराना तय किया गया है। ड्रा के बाद लोगों को फ्लैटों में शिफ्ट करा दिया जाएगा और उसके बाद रोड में बाधा बन रहे सभी निर्माणों को तोड़ दिया जाएगा।
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  • बाईपास पर बनेगी साइकल लेन - Bicycle lane bypass will form - Navbharat Times

    बाईपास पर बनेगी साइकल लेन

    सचिन हुड्डा ॥ फरीदाबाद
    आगरा नहर के साथ बन रहा बाईपास रोड शहर की लाइफ लाइन बन चुका है। इसे और भी बेहतर बनाने की प्लानिंग हूडा कर रहा है। बाईपास रोड पर सफर अधिक से अधिक सुरक्षित रहे, इसके लिए हूडा ने बाईपास रोड के साथ साइकल ट्रैक और पैदल चलने वाले लोगों के लिए फुटपाथ बनाने की प्लानिंग की है। शहर में बाईपास रोड ऐसा पहला रोड होगा, जिस पर अलग से साइकल ट्रैक बनाने की प्लानिंग की गई है। हूडा अधिकारियों के मुताबिक, बाईपास रोड के साथ कुछ बाधाएं अभी बरकरार हैं। उनके दूर हो जाने के बाद साइकल ट्रैक और फुटपाथ बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
    आगरा नहर के साथ सेक्टर-37 से सेक्टर-59 तक सिक्स लेन बाईपास रोड का निर्माण किया जा रहा है। 26 किमी लंबे इस रोड पर 145 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बाईपास रोड बन जाने से दिल्ली और पलवल की तरफ आने जाने वाले लोगों को फरीदाबाद की भीड़भाड़ से छुटकारा मिल जाएगा। इस रोड के किनारे हूडा ग्रीन बेल्ट और मिनी पार्क डिवेलप कर रहा है। अब रोड पर सुरक्षित और सुविधाजनक सफर के लिए हूडा ने कोशिश शुरू कर दी है।
    आमतौर पर देखने में आता है कि सड़कों के साथ साइकल सवारों के लिए कोई अलग से लेन नहीं बनी होती। इससे साइकल सवार कई बार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं। फुटपाथ नहीं होने पर लोग सड़कों पर ही चलते हैं, इससे ट्रैफिक भी स्मूद नहीं रहता और हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है। बाईपास रोड पर ऐसी दुर्घटनाएं कम से कम हों, इसके लिए हूडा ने रोड के दौरान तरफ साइकल ट्रैक और फुटपाथ डिवेलप करने की प्लानिंग की है।
    हूडा ईएक्सईएन भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बाईपास रोड को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए इसके साथ-साथ साइकल ट्रैक और फुटपाथ डिवेलप किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमने इसका प्रस्ताव तैयार किया हुआ है। बाईपास रोड पर फिलहाल कुछ बाधाएं बनी हुई हैं, इन्हें दूर होने के बाद हम लोग फुटपाथ और साइकल ट्रैक बनाने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
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  • huda has not been able to make bypass road free of enroachments, illegals cuts, jhuggis etc in last 7 yrs and still they keep on planning for stuff which is not feasible outside files
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  • I also dont see bypass road slum clusters cleared by this year.
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  • tomorrow will be the much awaited date 30th, draw is expected tomorrow...looking forward to see government action for the remaining one.. requesting someone to update the group with the latest news around this issue.
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  • Originally Posted by homhunt
    can someone please validate my understanding? draw will be done on 31st jan, then govt. will give atleast 20-30 days to vacate...means feb'13 will also pass by. still few of them will remain there....then govt. took another 15 days to decide for some action against them..if they took stand for demolistion..it will happen in mid march and if they think to give some more time, then situation will go till april or may'13. after that vendor will take sometime to work on the road....by no means raod will be available to use by june'13...and till then lot of builders will already gave the possesstion in NP. This is what we are getting in return for paying extra EDC....feel like abusing to HUDA govt. for their lousy behaviour..


    My understanding is that out of 157 people only 111 will be moved after the draw. So encroachments of some 46 people will still remain.

    You can bet that court case will drag on for a few more years before these 46 people also move. In the meanwhile some new encroachments will come up in place of those that are already moved.
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  • Originally Posted by ThePunjabi

    You can bet that court case will drag on for a few more years before these 46 people also move. In the meanwhile some new encroachments will come up in place of those that are already moved.


    Seems unlikely as High Court itself has ordered the local authorities to get rid of this illegal colony. I am sure that any new applications/cases will be quashed by the court is the very first hearing.
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  • Originally Posted by ThePunjabi
    My understanding is that out of 157 people only 111 will be moved after the draw. So encroachments of some 46 people will still remain.

    You can bet that court case will drag on for a few more years before these 46 people also move. In the meanwhile some new encroachments will come up in place of those that are already moved.


    Similar minds think alike:bab (6):

    I am very sure this will happen, can we meet and try to explore if we can grab one of those abandoned places at bypass road. I am very interested, at same time feeling sorry for NP people, ThePunjabi narrated the story, like fortune teller. :bab (59)::bab (59):
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  • Originally Posted by sepulchar

    I am very sure this will happen, can we meet and try to explore if we can grab one of those abandoned places at bypass road.


    You should go for it if you are so sure mate. :bab (59)::bab (59):
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  • Originally Posted by miketest
    You should go for it if you are so sure mate. :bab (59)::bab (59):


    Mine would be still dicey but Mike, a lot of people will return soon, its universal phenomenon, be in Delhi , Mumbai the same pattern observed in slum clusters. If place is not cleared soon, there is high possibility people will come back or new dwellers will occupy.
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  • Originally Posted by sepulchar
    Similar minds think alike:bab (6):

    I am very sure this will happen, can we meet and try to explore if we can grab one of those abandoned places at bypass road. I am very interested, at same time feeling sorry for NP people, ThePunjabi narrated the story, like fortune teller. :bab (59)::bab (59):


    There was a cluster of jhuggis right opposite Paharganj police station in Delhi that came up sometime in 1980s. The land under question was owned by DDA and DDA tried to get the land vacated under various court orders for like 20-25 years before the whole cluster was completely removed in 2003 and HIG flats were built by DDA in that place. That colony is called Motia Khan and flats were sold there in 2006 and 2010 schemes of DDA.

    What took DDA 20-25 years to remove the Jhuggis? Well DDA tried many times with court orders and each time someone came up with some stay order from some court or some Congress party politician stood there with support. Even when some jhuggis were removed, new jhuggis came up in their place in no time. DDA gave EWS flats to the people living in this cluster, which the people took but still continued to live in that slum. Finally after a lot of protests, stone pelting and running street battle with Delhi police for 2-3 days in 2003, the slum dwellers finally moved out of that cluster.

    I was living in Karol Bagh very close to that place at that time, hence I know some of what happened there and therefore I'm a bit cynical about the "system" that exists in our country.
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