Hello
I am starting this new tread since a number of projects in CR are approaching the final 6 months of completion. Mahagaun recently paid penalty cheques to all the owners in Mascot for any delay .

Dumping ground issue is out of Dundaheda now and this has come in several news papers now .
NH 24 widening is sanctioned and tender is floated.Does any one have any thing to add .

I am an owner in Mahagun mascot project and am an end user. Would like to see a useful flow in information in this thread for the benefit of all .

Happy threading :)
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  • A lot has been said about location of CR .... just noticed the hot location in GNW AIMS Golf Town is hardly 500 M from crossing on shahberi road...... people people.... ;-)
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  • Originally Posted by hb_78
    A lot has been said about location of CR .... just noticed the hot location in GNW AIMS golf city is hardly 500 M from crossing on shahberi road...... people people.... ;-)


    I suppose it is AIMS Golf Town.
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  • Originally Posted by hb_78
    A lot has been said about location of CR .... just noticed the hot location in GNW AIMS golf city is hardly 500 M from crossing on shahberi road...... people people.... ;-)

    The hottest gaur soundaryam is 1.5 km.gaur gol chakkar is 2 km.people r ready to invest more and wait.really surprising.....
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  • Originally Posted by hb_78
    A lot has been said about location of CR .... just noticed the hot location in GNW AIMS golf city is hardly 500 M from crossing on shahberi road...... people people.... ;-)

    good news for all is that the entire belt has become hot now. CR is having easy access to NH24, ghaziabad, and delhi. so is the case with gaur and aims. Construction of few more roads is in pipeline. It is going to be a well developed area.
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  • Originally Posted by dkppatiala
    Further 3 medical shops, 2 bakery shops,new office of broad band supplier have all opened.

    SBI is fully finctional.Another bit of news is that SBI may start funding for Crossings project in next month or so.Anyone wanting to shift their loan can contact the local SBI branch at crossings.

    Overall I think all is available at Crossings.what we need is an

    Adding more to that. mother dairy, paras dairy, safal shops, sabji mandi, at walking distance. Streets are flooded with lights and wide. Movement is also not a problem.
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  • Originally Posted by Mani Agrawal
    Adding more to that. mother dairy, paras dairy, safal shops, sabji mandi, at walking distance. Streets are flooded with lights and wide. Movement is also not a problem.

    Additinal More to add:
    Good schools: Ryan iternational. silver line. gurkul on NH24 in nearby area.
    World known Hospital: Columbia Asia Hospital on NH24, Yashoda hospital in ghaziabad.
    Labs: Dr Lal Path labs in crossing.

    Wait and watch many more things to come and all will be availble at short distance.
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  • Originally Posted by MOHIT KUMAR
    I suppose it is AIMS Golf Town.


    Yes. town ..... thanks. edited the same in my post
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  • does anyone has any update regarding saviour greenisle Tower A1 ?
    possession is already given and they are welcoming owners to have the registry done for their flats after 21st Dec...
    I will be completing the registry work in 1st week of Jan and hopefully will be shifting there in the end of Jan or Feb starting.

    is the road outside saviour site constructed? Anyone else planning to shift there?
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  • Yesterday being a Sunday there was more then usual rush of new home buyers in Crossings. With sword of new land reform bills on Noida Extension people are going for Crossings Project. Any fresh update on prevailing prices?
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  • Golf Course

    People have started playing Golf..
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  • Dear All,

    Yesterday being Sunday, So i visited CR and found that work of new pulia from GH-7 society side near school land, has started and the contractor (Chawla) is making this new pulia and will also wide the old shahberi pulia. They also said that School building contruction will start from March' 12. Hopefully in the near future the connectivity issue of CR will be resolved.
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  • बढ़ रही हैं 'खतरों' की इमारतें

    Dec 17, 2012, 08.00AM IST
    स्काई नो लिमिट की परमीशन देकर अथॉरिटी पब्लिक को ठग रही है। 5- 6 मंजिलों से ऊंची बिल्डिंगों को बचाने के संसाधन अग्निशमन डिपार्टमेंट के पास नहीं हैं। ज्यादातर रेजिडेंशल टावर 25- 40 मंजिल ऊंचे हैं। भूकंपरोधी तकनीक का इस्तेमाल हुआ है या नहीं? इसकी जांच के लिए बॉयर के पास कोई ऑप्शन नहीं हैं। बिल्डर ओपन स्पेस को पार्किंग के रूप में बेच रहे हैं। अगर आग लगने पर इस स्पेस में गाडि़यों खड़ी होंगी तो फायर टेंडर कैसे पहुंचेंगे? अथॉरिटी को हाईराइज बिल्डिंगों की परमीशन देने से पहले गाइडलाइन बनानी चाहिए।
    - एस. एम. सिंह, फेडरेशन ऑफ सेक्टर- 62 आरडब्ल्यूए
    (सबसे ज्यादा हाईराइज बिल्डिंग्स सेक्टर-62 में हैं)
    डिजास्टर मैनेजमेंट नाम की शहर में कोई चीज नहीं है। सिर्फ कागजों की खानापूर्ति कर अथॉरिटी और बिल्डर पब्लिक की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अथॉरिटी ने अब 80 मंजिलों तक की बिल्डिंग बनाने की इजाजत दे दी है। ऐसी बिल्डिंगों में बचाव की व्यवस्था बिल्डर की मनमर्जी पर निर्भर करती है। अथॉरिटी या प्रशासनिक मशीनरी का इसमें कोई दखल नहीं है।
    - एन. पी. सिंह, अध्यक्ष, फोनरवा नोएडा
    क्या कहते हैं अधिकारी

    अवैध कंस्ट्रक्शन को लेकर शहर में अभी तक कोई सर्वे नहीं कराया गया है। सेक्टरों में होने वाले अवैध कंस्ट्रक्शन को रोकने की जिम्मेदारी वर्क सर्कल इंचार्जों की है।
    -वी. के. देवपुजारी, चीफ आर्किटेक्ट प्लानर, नोएडा अथॉरिटी
    सेक्टर में बने फ्लैट या मकान पर अवैध कंस्ट्रक्शन की शिकायत मिलने पर आवंटी को नोटिस दिया जाता है। नोटिस के अनुपालन में सिविल डिपार्टमेंट के अफसरों से जांच कराई जाती है। अवैध कंस्ट्रक्शन हटाने की रिपोर्ट आने के बाद ही नोटिस कैंसल किया जाता है। -जय प्रकाश, डीजीएम, हाउसिंग
    पूरा शहर अथॉरिटी के अधिसूचित क्षेत्र में आता है। गांवों में सीवर, पानी, बिजली आदि का काम भी अथॉरिटी की ओर से कराया जाता है। ऐसे में अवैध कंस्ट्रक्शन या बगैर अप्रूव्ड नक्शे के बनाए जा रही बिल्डिंगों का काम रोकने की पूरी जिम्मेदारी अथॉरिटी की है।

    दिल्ली - एनसीआर के साथ ही नोएडा में भी लोगों को घर मुहैया करने के लिए मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स का निर्माण तेजी से हो रहा है। इस दौरान निर्माण सामग्री व साइट पर सुरक्षा के इंतजामों की कोई भी परवाह नहीं कर रहा है। लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 20 साल पहले अथॉरिटी ने जिन फ्लैटों को सिंगल स्टोरी बनाकर अलॉट किया था , आज वहां आवंटियों ने 4-5 मंजिला फ्लैट बना लिए हैं। वहीं शहर के ज्यादातर गांवों और उसके आसपास के इलाकों में बने मल्टी स्टोरी फ्लैट और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।
    पिछले 7 साल में शहर में स्थित गांवों में जमीन घेरने की होड़ और किराए का एक बिजनेस बन जाने की वजह से गांवों में 5-7 मंजिला फ्लैट बनना आम बात है। शहर के सेक्टर - 74, 75, 76, 77, 78, 79, 121, 125, 126, 132, 133, 137, 168 में हाईराइज बिल्डिंग्स बनाई जा रही हैं। ज्यादातर रेजिडेंशल और इंस्टिट्यूशनल बिल्डिंग्स की ऊंचाई 20 मीटर से ज्यादा है। सेक्टर - 74 से लेकर सेक्टर -121 में करीब 36 बिल्डरों के 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट पर काम जारी है।
    सेफ्टी ऑडिट की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की
    कंस्ट्रक्शन साइट पर सेफ्टी ऑडिट अथॉरिटी की ओर से नहीं कराया जाता है। अथॉरिटी केवल हाईराइज बिल्डिंग के निर्माण से पहले प्लान और नक्शे को अप्रूवल देती है। निर्माण पूरा होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करने से पहले नक्शे के हिसाब से हुए कंस्ट्रक्शन की जांच की जाती है। हालांकि सेफ्टी ऑडिट खुद निर्माण कराने वाली कंपनी को कराना पड़ता है। सेफ्टी ऑडिट देश की किसी भी आईआईटी या नैशनल लेवल के बिल्डिंग इंस्टिट्यूट से कराई जाती है।
    कंस्ट्रक्शन पर नजर रखने की नहीं है व्यवस्था
    हाईराइज बिल्डिंगों के निर्माण पर नजर रखने के लिए अथॉरिटी ने कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है। हालांकि पूर्व में प्लानिंग डिपार्टमेंट की तरफ से एक प्रपोजल तैयार किया गया था , जिसमें कंप्लीशन देने से पहले थर्ड पार्टी ऑडिट कराने की सिफारिश की गई थी। जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
    प्लान बदलने पर है लीज कैंसल करने का प्रावधान
    मानकों के मुताबिक निर्माण या नक्शे में बदलाव करने की शिकायत आम पब्लिक या आवंटी सीधे अथॉरिटी के बिल्डिंग सेल में कर सकते हैं। ऐसे में निर्माण करने वाली एजेंसी को नोटिस जारी कर जांच कराई जाती है। स्ट्रक्चर या प्लान में चेंज मिलने पर उसमें सुधार कराया जाता है। नोटिस के बावजूद तय बदलाव नहीं करने पर लीज भी कैंसल करने का प्रावधान है।
    3 साल पहले गिरे थे अथॉरिटी के स्टाफ क्वॉर्टर
    शहर में किसी हाईराइज बिल्डिंग गिरने की कोई घटना तो नहीं हुई है , लेकिन करीब 3 साल पहले अथॉरिटी के सेक्टर -20 में बने स्टाफ क्वॉर्टर गिर गए थे। 20 साल पहले इनको बनाया गया था। गिरने के दौरान कोई हताहत नहीं हुआ था। अलबत्ता सेफ्टी को देखते हुए अथॉरिटी ने इन जर्जर क्वॉर्टरों को ढहा दिया था।
    सिंगल स्टोरी पर बनाई 3 मंजिलें
    करीब 15-20 साल पहले अथॉरिटी ने सेक्टर -20 के सी ब्लॉक , सेक्टर -22 के सी , डी , ई व जे ब्लॉक में सिंगल स्टोरी ईडब्ल्यूएस फ्लैट , सेक्टर -12 के एच व एम में ईडब्ल्यूएस और वाई ब्लॉक में ईडब्ल्यूएस व एलआईजी के सिंगल व डबल स्टोरी , सेक्टर -34 में थ्री स्टोरी फ्लैट आवंटित किए थे। आज वहां सिंगल की जगह 3 मंजिला फ्लैट बन गए हैं। जबकि थ्री स्टोरी फ्लैटों की छत के अलावा आसपास का एरिया को घेरकर अवैध रुप से एक बीएचके फ्लैट के बराबर की जमीन घेर ली गई है। इन अवैध कंस्ट्रक्शन की जानकारी अथॉरिटी के अफसरों और कर्मचारियों को होने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।
    संकरी गलियों में बहुमंजिला इमारतें
    किराए की जमीन की डिमांड बढ़ने का फायदा उठाते हुए गांवों में हजारों की संख्या में फ्लैट बनाए गए हैं। नींव का बोझ झेलने की क्षमता से बेपरवाह होकर 2 मंजिलों की जगह 5-7 मंजिलें चढ़ा दी गई हैं। अधिकतर गांवों में ऐसी जगहों पर ऊंचे फ्लैट बने हैं , जहां की सड़कें चौड़ी नहीं हैं। उसमें से एक कार तक आसानी से नहीं निकल सकती है। अट्टा गांव में बने मार्केट का भी यही हाल है। अगर यहां कभी कोई हादसा हो जाए तो फायर ब्रिगेड तक की गाड़ी वहां नहीं पहुंच सकती है।
    क्या है नियम
    अथॉरिटी के प्लानिंग डिपार्टमेंट से मकान बनाने के लिए नक्शा अप्रूव कराना पड़ता है। इसी के आधार पर कंस्ट्रक्शन किया जाता है। बिल्डिंग तैयार होने पर अथॉरिटी अफसरों से कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने से पहले मौके पर जांच की जाती है। सभी मानक और तय नक्शे के अनुसार मकान बनाने पर ही सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। इसमें ओपन स्पेस , एंट्रेंस , पार्किंग आदि सभी की व्यवस्था करनी जरूरी है। जबकि फ्लैट मकान के लिए आवंटित जमीन या गांवों में नहीं बनाए जा सकते हैं। सिर्फ ग्रुप हाउसिंग या सोसायटी की ओर से अलॉट प्लॉट पर फ्लैट बनाने की अनुमति है , जिसके लिए एफएआर , ग्रीन एरिया और नक्शे का अप्रूवल जरूरी है।
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  • supertech livingston has more than 250 families
    Panchsheel around - 250
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  • Originally Posted by Vipin V
    Dear All,

    Yesterday being Sunday, So i visited CR and found that work of new pulia from GH-7 society side near school land, has started and the contractor (Chawla) is making this new pulia and will also wide the old shahberi pulia. They also said that School building contruction will start from March' 12. Hopefully in the near future the connectivity issue of CR will be resolved.


    Will start from March'12?

    I think is a mistake.

    But what is this new connectivity? From where to where?

    The target date of completion?

    It will better if the widening of existing Puliya they will complete first.
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  • Do you have any update on Gold Coast project?
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