Hello
I am starting this new tread since a number of projects in CR are approaching the final 6 months of completion. Mahagaun recently paid penalty cheques to all the owners in Mascot for any delay .

Dumping ground issue is out of Dundaheda now and this has come in several news papers now .
NH 24 widening is sanctioned and tender is floated.Does any one have any thing to add .

I am an owner in Mahagun mascot project and am an end user. Would like to see a useful flow in information in this thread for the benefit of all .

Happy threading :)
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  • Originally Posted by cookie
    Yes I will live in dreams, what to you?
    should I move to CR to live in real word?

    talk about Ghaziabad lifestyle, not noida.


    You fit better in goan, we are happy in our first Global city :)
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  • Originally Posted by SurajBisht
    You yourself mentioned in last post that there are not bus service. Don't contradict
    GDA site is correct and I can also see many city buses on NH-24.
    mostly private bus operators are running bus services. and few Noida city buses but those are nothing.

    bus service is negligible. sahred autos are available to every corner.
    just travel once in private bus that runs between Ghaziabad and greater noida, you will never travel again.
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  • Originally Posted by cookie
    mostly private bus operators are running bus services. and few Noida city buses but those are nothing.

    bus service is negligible. sahred autos are available to every corner.
    just travel once in private bus that runs between Ghaziabad and greater noida, you will never travel again.


    How much public transport you use in Gurgaon or in Delhi?
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  • Originally Posted by SurajBisht
    You fit better in goan, we are happy in our first Global city :)


    Thanks at least after reading my posts :) :):)you realized that Happiness is more important no matter it is Village or Global city.
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  • Originally Posted by SurajBisht
    For your kind information Life style of CR is very much similar to Noida........and Noida life style is influenced by Delhi. Can't say same about Gurgaon

    and will not explain life style of Gurgaon because you will be not believe it as there is no life style there


    Really???

    you guys are very fortune then.
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  • Originally Posted by cookie
    Really???

    you guys are very fortune then.


    yes we are :) no doubt about it.....
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  • Originally Posted by cookie
    Really???

    you guys are very fortune then.


    I don’t know if some one is having allergy about CR and Ghaziabad…… then why doing kathakalli in this thread!!!!!
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  • Originally Posted by sscorpio
    I don’t know if some one is having allergy about CR and Ghaziabad…… then why doing kathakalli in this thread!!!!!


    Thanks for your kind words. :)
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  • Guys, stop fighting n discussing other areas which are not related to CR.
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  • All I want to say is let’s preserve our energy to kill DG and not in discussions which will not lead us anywhere. Rest everyone is free bird and can fly as high as they wants.

    Regards
    Pratts
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  • Guys i dont want to give hopes anybody (since we have seen lot many news in TOI and NBT regarding NH-24) but today's NBT is saying that there is 6th time exercise of estimation for NH-24. Though these all are good when implemented but atleast there is a hope. The article says that the authority will close 22 out of 27 cuts on NH-24 and there will be only five cuts to make the same a joy ride. Can hope for the best
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  • Originally Posted by Jainanurag
    Guys i dont want to give hopes anybody (since we have seen lot many news in TOI and NBT regarding NH-24) but today's NBT is saying that there is 6th time exercise of estimation for NH-24. Though these all are good when implemented but atleast there is a hope. The article says that the authority will close 22 out of 27 cuts on NH-24 and there will be only five cuts to make the same a joy ride. Can hope for the best


    Yes, its a very good news, sooner or later it bound to happen. After all living near NH is always have benefits in long term.

    Hoping this time NH-24 see some real ground progress.
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  • Great Article by Awsome Ravish Kumar

    Great Article by Awsome Ravish Kumar (NDTV Prime Time & Ravish ki report) though of sharing a must read and real indian should think like this :)

    मैं गाज़ियाबाद में रहता हूं




    महानगरों में आपके रहने का पता एक नई जाति है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाति की पहचान की अपनी एक सीमा होती है। इसलिए कुछ मोहल्ले नए ब्राह्मण की तरह उदित हो गए हैं और इनके नाम ऋग्वेद के किसी मंत्र की तरह पढ़े जाते हैं। पूछने का पूरा लहज़ा ऐसा होता है कि बताते हुए कोई भी लजा जाए। दक्षिण हमारे वैदिक कर्मकांडीय पंरपरा से एक अशुभ दिशा माना जाता है। इस पर एक पुराना लेख इसी ब्लाग पर है। सूरज दक्षिणायन होता है तो हम शुभ काम नहीं करते। जैसे ही उत्तरायण होता है हम मकर संक्रांति मनाने लगते हैं। लेकिन मुंबई और दिल्ली में दक्षिण की महत्ता उत्तर से भी अधिक है। दक्षिण मतलब स्टेटस। मतलब नया ब्राह्मण।


    जब तक रिपोर्टर था तब तक तो लोगों को मेरे ग़ाज़ियाबादी होने से कोई खास दिक्कत नहीं थी। जब से एंकर हो गया हूं लोग मुझसे मेरा पता इस अंदाज़ में पूछते हैं कि जैसे मैं कहने ही वाला हूं कि जी ज़ोर बाग वाली कोठी में इनदिनों नहीं रहता । बहुत ज़्यादा बड़ी है। सैनिक फार्म में भी भीड़ भाड़ हो गई है। पंचशील अमीरों के पते में थोड़ा लापता पता है। मतलब ठीक है आप साउथ दिल्ली में है। वो बात नहीं । फ्रैंड्स कालोनी की लुक ओखला और तैमूर नगर के कारण ज़ोर बाग वाली नहीं है मगर महारानी बाग के कारण थोड़ा झांसा तो मिल ही जाता है। आप कहने को साउथ में है पर सेंट्रल की बात कुछ अलग ही होती है । मैं जी बस अब इन सब से तंग आकर अमृता शेरगिल मार्ग पर रहने लगा हूं। खुशवंत सिंह ने बहुत कहा कि बेटे रवीश तू इतना बड़ा स्टार है, टीवी में आता है, तू न सुजान सिंह पार्क में रहा कर। अब देख खान मार्केट से अमृता शेर गिल मार्ग थोड़ी दूर पर ही है न। सुजान सिंह पार्क बिल्कुल क्लोज। काश ऐसा कह पाता । मैं साउथ और सेंट्रल दिल्ली में रहने वालों पर हंस नहीं रहा। जिन्होंने अपनी कमाई और समय रहते निवेश कर घर बनाया है उन पर तंज नहीं है। पर उनके इस ब्राह्रणवादी पते से मुझे तकलीफ हो रही है। मुझे हिक़ारत से क्यों देखते हो भाई ।


    तो कह रहा था कि लोग पूछने लगे हैं कि आप कहां रहते हैं। जैसे ही ग़ाज़ियाबाद बोलता हूं उनके चेहरे पर जो रेखाएं उभरती हैं उससे तो यही आवाज़ आती लगती है कि निकालो इसे यहां से। किसे बुला लिया। मैं भी भारी चंठ। बोल देता हूं जी, आनंद विहार के पास, गाज़ीपुर है न वो कचड़े का पहाड़,उसी के आसपास रहता हूं। मैं क्या करूं कि गाज़ियाबाद में रहता हूं। अगर मैं टीवी के कारण कुछ लोगों की नज़र में कुछ हो गया हूं तो ग़ाज़ियाबाद उसमें कैसे वैल्यू सब्सट्रैक्शन (वैल्यू एडिशन का विपरीत) कैसे कर देता है। एक माॅल में गया था। माॅल का मैनेजर आगे पीछे करने लगा। चलिये बाहर तक छोड़ आता हूं। मैं कहता रहा कि भाई मुझे घूमने दो। जब वो गेट पर आया तो मेरी दस साल पुरानी सेंट्रो देखकर निराश हो गया। जैसे इसे बेकार ही एतना भाव दे दिये। वैसे दफ्तर से मिली एक कार और है। रिक्शे पर चलता फिरता किसी को नज़र आता हूं तो लोग ऐसे देखते हैं जैसे लगता है एनडीटीवी ने दो साल से पैसे नहीं दिये बेचारे को।


    कहने का मतलब है कि आपकी स्वाभाविकता आपके हाथ में नहीं रहती। प्राइम टाइम का एंकर न हो गया फालतू में बवाल सर पर आ गया है । तभी कहूं कि हमारे कई हमपेशा एंकर ऐसे टेढ़े क्यों चलते हैं। शायद वो लोगों की उठती गिरती नज़रों से थोड़े झुक से जाते होंगे। मुझे याद है हमारी एक हमपेशा एंकर ने कहा था कि मैं फ्रैड्स कालोनी रहती हूं । डी ब्लाक। फ्रेड्स कालोनी के बारे में थोड़ा आइडिया मुझे था। कुछ दोस्त वहां रहते हैं। जब बारीकी से पूछने लगा तो ओखला की एक कालोनी का नाम बताने लगीं। बड़ा दुख हुआ। आप अपनी असलीयत को लेकर इतने शर्मसार हैं तो जाने कितने झूठ रचते होंगे दिन भर। इसलिए जो लोग मुझे देख रहे हैं उनसे यही गुजारिश है कि हम लोग बाकी लोगों की तरह मामूली लोग होते हैं। स्टार तो बिल्कुल ही नहीं। हम भी कर्मचारी हैं । काम ही ऐसा है कि सौ पचास लोग पहचान लेते हैं। जैसे शहर के चौराहे पर कोई होर्डिंग टंगी होती है उसी तरह से हम टीवी में टंगे होते हैं। मैंने कई एंकरों की चाल देखी है । जैसे पावर ड्रेसिंग होती है वैसे ही पावर वाॅक होती है । ऐसे झटकते हैं जैसे अमित जी जा रहे हों । उनकी निगाहें हरदम नापती रहती हैं कि सामने से आ रहा पहचानता है कि नहीं । जैसे ही कोई पहचान लेता है उनके चेहरे पर राहत देखिये । और जब पहचानने वाला उन्हें पहचान कर दूसरे एंकर और चैनल का नाम लेता है तो उस एंकर के चेहरे पर आफ़त देखिये !

    तो हज़रात मैं ग़ाज़ियाबाद में रहता हूं। मूल बात है कि औकात भी यही रहने की है। इसलिए सवाल मेरी पसंद का भी नहीं है। बाकी एंकरों का नहीं मालूम। आप उनसे पूछ लीजिएगा। लेकिन नाम सही लीजियेगा । बेचारों पर कुछ तो दया कीजिये ।
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  • if they close some illigal cuts on NH-24 , it will give some relief to start with , Anurag, can you upload the article on forum if possible? taking pic from phone or link.


    Originally Posted by Jainanurag
    Guys i dont want to give hopes anybody (since we have seen lot many news in TOI and NBT regarding NH-24) but today's NBT is saying that there is 6th time exercise of estimation for NH-24. Though these all are good when implemented but atleast there is a hope. The article says that the authority will close 22 out of 27 cuts on NH-24 and there will be only five cuts to make the same a joy ride. Can hope for the best
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  • Cookie bhai... I tell you a short cut to ignore such people in life. only Three words.

    Gaaye (Cow), Poonch (Tail) and Gaubar (shit).

    "Gaaye jab bhi poonch uthayegi, Gaubar hi karegi.. "




    Originally Posted by cookie
    Thanks for your kind words. :)
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