High Speed Metro (RRTS) Progress Report for Delhi - RNE - Meerut Route

ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी हाईस्पीड ट्रेन
27 May 2011, 0400 hrs IST

???????? ?? ??????? ???????? ????? - Navbharat Times

गाजियाबाद
निजामुद्दीन ( नई दिल्ली ) से मेरठ के पल्लवपुरम तक हाईस्पीड ट्रेन ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी। आरआरटीएस ( रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम ) की सीआरसी ( कंसल्टेंसी रिव्यू कमिटी ) की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में बोगी के स्टैंडर्ड , इंटरनल डिजाइन , स्टेशन के साइज और डिजाइन पर भी मंथन हुआ। प्रस्ताव आया कि कोच की लंबाई 26 मीटर रखी जाए और यह एल्युमिनियम का बना हो। बोगी में कॉमन एसी हो। आरआरटीएस टास्क फोर्स की बैठक में प्लान फाइनल होगा। दिल्ली में हुई इस बैठक में मेट्रो प्रोजेक्ट कंसल्टेंट कंपनी , हाईस्पीड ट्रेन कंसल्टेंसी कंपनी के इंजीनियरों और सीआरसी अफसरों ने हिस्सा लिया।

ये तय हुआ
लगातार कई घंटे चली बैठक में हाईस्पीड ट्रेन के इंजन साइज , कोच , स्टेशन , कोच में सीटिंग डिजाइन पर बातचीत हुई। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह हुआ कि हाईस्पीड ट्रेन ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी। ट्रेन की बोगी एल्युमिनियम से बनी होगी। इसमें कॉमन एसी होगा , 2 ट्रेनों को मेन स्टेशन से छोड़ते वक्त कम से कम 5 या 5.5 किलोमीटर का अंतर होना चाहिए। इन सभी पॉइंट पर टेक्निकल कमिटी और कंसल्टेंसी कंपनी की एक राय बनी।

ये हैं प्रस्ताव
फिलहाल यह तय नहीं हो पाया है कि हाईस्पीड ट्रेन में कितने कोच होंगे। बैठक में 6 और 9 बोगी का प्रस्ताव आया है। कोच के साइज पर भी आखिरी फैसला नहीं किया जा सका। वैसे रेलवे के कोच 24 मीटर लंबे और 3.7 मीटर चौड़े हैं। हाईस्पीड ट्रेन के कोच को 26 मीटर लंबा और 3.7 मीटर चौड़ा बनाने का प्रपोजल है। कोच का डिजाइन फाइनल होने के बाद ही स्टेशन का डिजाइन फाइनल होगा। अभी यह भी तय नहीं हो पाया कि कोच में कितनी सीट होगी। 2 और प्रस्ताव कमिटी के सामने पेश हुए। पहले प्रस्ताव में ट्रेन में 64 सीट और दूसरे प्रस्ताव में 115 सीट डिजाइन करने की बात कही गई है। कोच का इंटरनल मेट्रो कोच की तरह होगा। इसमें टॉयलेट फैसिलिटी नहीं होगी और खड़े होने के लिए हैंड हैंडल होंगे।

नहीं यूज होगी कोई नई टेक्नॉलजी
सीआरसी की टेक्निकल कमिटी के मिनट्स तैयार कर उसे टास्क फोर्स की बैठक में पेश किया जाएगा। बैठक में कंसल्टेंसी कंपनी और अन्य टेक्निकल कमिटी में शामिल इंजीनियरों से कहा गया कि हाईस्पीड ट्रेन में किसी भी नई तकनीक का प्रयोगात्मक यूज नहीं किया जाएगा। प्रायोगिक तकनीक ही हाईस्पीड ट्रेन में यूज होगी। सीआरसी के मिनट्स को जल्द ही दिल्ली में होनी वाली आरआरटीएस टास्क फोर्स की बैठक पेश किया जाएगा। हाईस्पीड ट्रेन का रूट पहले ही फाइनल हो चुका है।
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  • Good news for residence of Raj nagar extension, Muradnagar, Modinagar, and meerut it will increase land price in these area

    Originally Posted by saurabh2011
    High Speed Metro (RRTS) Progress Report for Delhi - RNE - Meerut Route

    ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी हाईस्पीड ट्रेन
    27 May 2011, 0400 hrs IST

    ???????? ?? ??????? ???????? ????? - Navbharat Times

    गाजियाबाद
    निजामुद्दीन ( नई दिल्ली ) से मेरठ के पल्लवपुरम तक हाईस्पीड ट्रेन ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी। आरआरटीएस ( रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम ) की सीआरसी ( कंसल्टेंसी रिव्यू कमिटी ) की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में बोगी के स्टैंडर्ड , इंटरनल डिजाइन , स्टेशन के साइज और डिजाइन पर भी मंथन हुआ। प्रस्ताव आया कि कोच की लंबाई 26 मीटर रखी जाए और यह एल्युमिनियम का बना हो। बोगी में कॉमन एसी हो। आरआरटीएस टास्क फोर्स की बैठक में प्लान फाइनल होगा। दिल्ली में हुई इस बैठक में मेट्रो प्रोजेक्ट कंसल्टेंट कंपनी , हाईस्पीड ट्रेन कंसल्टेंसी कंपनी के इंजीनियरों और सीआरसी अफसरों ने हिस्सा लिया।

    ये तय हुआ
    लगातार कई घंटे चली बैठक में हाईस्पीड ट्रेन के इंजन साइज , कोच , स्टेशन , कोच में सीटिंग डिजाइन पर बातचीत हुई। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह हुआ कि हाईस्पीड ट्रेन ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी। ट्रेन की बोगी एल्युमिनियम से बनी होगी। इसमें कॉमन एसी होगा , 2 ट्रेनों को मेन स्टेशन से छोड़ते वक्त कम से कम 5 या 5.5 किलोमीटर का अंतर होना चाहिए। इन सभी पॉइंट पर टेक्निकल कमिटी और कंसल्टेंसी कंपनी की एक राय बनी।

    ये हैं प्रस्ताव
    फिलहाल यह तय नहीं हो पाया है कि हाईस्पीड ट्रेन में कितने कोच होंगे। बैठक में 6 और 9 बोगी का प्रस्ताव आया है। कोच के साइज पर भी आखिरी फैसला नहीं किया जा सका। वैसे रेलवे के कोच 24 मीटर लंबे और 3.7 मीटर चौड़े हैं। हाईस्पीड ट्रेन के कोच को 26 मीटर लंबा और 3.7 मीटर चौड़ा बनाने का प्रपोजल है। कोच का डिजाइन फाइनल होने के बाद ही स्टेशन का डिजाइन फाइनल होगा। अभी यह भी तय नहीं हो पाया कि कोच में कितनी सीट होगी। 2 और प्रस्ताव कमिटी के सामने पेश हुए। पहले प्रस्ताव में ट्रेन में 64 सीट और दूसरे प्रस्ताव में 115 सीट डिजाइन करने की बात कही गई है। कोच का इंटरनल मेट्रो कोच की तरह होगा। इसमें टॉयलेट फैसिलिटी नहीं होगी और खड़े होने के लिए हैंड हैंडल होंगे।

    नहीं यूज होगी कोई नई टेक्नॉलजी
    सीआरसी की टेक्निकल कमिटी के मिनट्स तैयार कर उसे टास्क फोर्स की बैठक में पेश किया जाएगा। बैठक में कंसल्टेंसी कंपनी और अन्य टेक्निकल कमिटी में शामिल इंजीनियरों से कहा गया कि हाईस्पीड ट्रेन में किसी भी नई तकनीक का प्रयोगात्मक यूज नहीं किया जाएगा। प्रायोगिक तकनीक ही हाईस्पीड ट्रेन में यूज होगी। सीआरसी के मिनट्स को जल्द ही दिल्ली में होनी वाली आरआरटीएस टास्क फोर्स की बैठक पेश किया जाएगा। हाईस्पीड ट्रेन का रूट पहले ही फाइनल हो चुका है।
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  • मेरठ तक हाईस्पीड ट्रेन पर सरकार ने दी सहमत

    मेरठ तक हाईस्पीड ट्रेन पर सरकार ने दी सहमति
    7 Jun 2011, 1209 hrs IST, जागरण प्रकाशन

    http://in.jagran.yahoo.com/epaper/article/index.php?page=article&choice=print_article&location=2&category=&articleid=111713358971963624

    गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र (एनसीआर) में हाईस्पीड टे्रन चलाने के लिए सहमति दे दी है। पत्रकारों को यह जानकारी आवास सचिव आलोक कुमार ने दी। वह सोमवार को जीडीए कार्यालय में आए थे। यह ट्रेन नेशनल कैपिटल रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के तहत चलाई जानी है।

    आलोक कुमार ने बताया कि इसके लिए वर्ष 2015 तक रेलवे लाइन पूरी कर ली जाएगी। दिल्ली के आनंद विहार से मेरठ के बेगम पुल के 56 किलोमीटर के रास्ते में एक किलोमीटर लाइन के निर्माण पर डेढ़ सौ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) पर आने वाले खर्च को एनसीआरटीसी के शेयर होल्डर मिलकर उठाएंगे। उत्तर प्रदेश को परियोजना का कुल 12.50 फीसदी खर्च उठाना है। प्रदेश सरकार की ओर से इस खर्च की व्यवस्था एनसीआर परिक्षेत्र में पड़ने वाले विकास प्राधिकरण और नगर निगम मिलकर करेंगे। यूपी से कॉरपोरेशन के सभी हिस्सेदार पहले ही अपनी सहमति दे चुके हैं। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की महत्वाकांक्षी परियोजना रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए एनसीआरटीसी की परिकल्पना की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और रेलवे हिस्सेदार हैं।

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ही तरह एनसीआरटीसी एनसीआर के शहरों को जोड़ने के लिए हाईस्पीड ट्रेन का संचालन करेगा। आरआरटीएस परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में दिल्ली से मेरठ और दिल्ली से अलवर रूट शामिल हैं। परिक्षेत्र में पड़ने वाले हापुड़ और बुलंदशहर को भी हाईस्पीड टे्रन के जरिए जोड़ने की योजना है। दरअसल हाईस्पीड टे्रन के जरिए न केवल एनसीआर क्षेत्र को जाम की समस्या से निजात की योजना है, बल्कि दिल्ली पर बढ़ते आबादी के दबाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

    हाईस्पीड टे्रन के जरिए कम समय में लोग एनसीआर के विभिन्न शहरों से रोजाना दिल्ली आ और जा सकेंगे। कहीं अंडरग्राउंड कहीं एलिवेटेड होगी लाइन पहले चरण में यूपी को दिल्ली-मेरठ रूट पर हाईस्पीड टे्रन का तोहफा मिलेगा। हाईस्पीड टे्रन एनएच-58 पर एलिवेटेड होगी, हालांकि भीड़भाड़ को देखते हुए इसे कुछ जगहों पर अंडरग्राउंड भी किया जाएगा
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  • Delhi Metro (DMRC) Covers 15 KM in 25 Minutes with 10 stoppage, RRTS Metro will cover 15 KM in 10 Minutes having 4 stoppage. Amazing!!!!

    High-speed rail link to bring Meerut closer to Capital
    Tue Jun 07 2011, 01:19 hrs

    High-speed rail link to bring Meerut closer to Capital - Indian Express

    By 2016, commuters from Meerut will benefit from a direct link to Sarai Kale Khan, which will help them reach the Capital in less than 70 minutes. The high-speed rail link will run through 17 stations, covering approximately 90 km from Modipuram, and terminate at Sarai Kale Khan, which is being developed as a major transport hub.

    At present, a bus ride takes around two-and-a-half hours while trains take well over 90 minutes to reach Meerut from Delhi. The new rail link will not only cut travel time but also facilitate links with several modes of transport at Sarai Kale Khan for seamless travel across the National Capital Region (NCR).

    This project is part of a larger Regional Rail Transit System (RRTS) plan to link the NCR through three high-speed rail links connecting Alwar, Meerut and Panipat to the Capital. The National Capital Region Planning Board (NCRPB) has commissioned the Delhi Integrated Multi-modal Transit System (DIMTS), an autonomous government-funded body, to develop detailed project reports for the Meerut and Panipat link, while the Urban Mass Transit Company is working on the Alwar link.

    The multi-modal transit centre at Sarai Kale Khan will integrate the existing Inter-State Bus Terminus and Hazrat Nizamuddin railway station with the upcoming Metro station at Nizamuddin on the Mukundpur-Yamuna Vihar-Mukundpur corridor of Phase-III. The Meerut and Alwar RRTS corridors will terminate here, with stations integrated at the centre. The Metro station as well as the RRTS stations are expected to be completed by 2016. The Railways has already started working towards developing the Sarai Kale Khan side entry to the Hazrat Nizamuddin railway station, and is finalising plans with the Transport department to link it to the ISBT through walkators.

    The Meerut RRTS corridor will have 17 stations — Modipuram, Meerut North, Begumpul, HRS Chowk, Shatabdi Nagar, Shastri Nagar (Medical College), Nauchandi, Meerut South, Modinagar, Muradnagar, Duhai, Guldhar (This station will be at ALT cut in RNE), Ghaziabad, Mohannagar, Sahibabad, Anand Vihar and Sarai Kale Khan/Nizamuddin. A portion of the stretch will span out from Shatabdi Nagar and run via Nauchandi to Shastri Nagar (Medical College).

    The alignment of the corridor was recently finalised, and geo-technical and topographical surveys are currently being carried out to determine the exact locations of the stations. Sources said the line will have elevated as well as underground stretches.

    Ridership forecasts, frequency of trains, signalling system, train speed and other specifications are still being worked out. Sources said the frequency of trains is likely to be around 10 minutes initially, and would be increased with accordance to the requirement.

    Transit-oriented development zones are also being planned on the corridor, though the exact locations are still being worked out. As the increased connectivity is expected to develop housing and industrial areas on the corridor, it is expected to bring about a substantial hike in revenue.
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  • Hi Saurabh,

    Could you please elaborate this ALT cut in RNE. I guess its the cut that goes to RNE from NH 58(That goes to Main Ghaziabad).

    BR,
    P
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  • Originally Posted by Prabal_India
    Hi Saurabh,

    Could you please elaborate this ALT cut in RNE. I guess its the cut that goes to RNE from NH 58(That goes to Main Ghaziabad).

    BR,
    P


    ALT Cut is from where RNE gate starts at NH-58 just after crossing Raj Nagar New Flyover. RRTS Metro station will be with in 1 KM from this cut at NH-58 and I think from KDP society this metro station will be around 3-4 KM far, this is not a big distance because even in larger number of Delhi societies metro stations is more than 4 KM far in Rohini , Dwarika ............ After public started to live in RNE then there are big chances to start any shared auto / bus facility with in RNE. I myself live 3 KM far from Dilshad Garden Metro station and whenever I want to use Metro, some times I use shared auto (7 rupees) to reach Metro Station or simply park my Bike / Car at Dilshad Garden Metro station and travel to my destination, it takes just 10 minute to reach at station.
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  • Originally Posted by saurabh2011
    ALT Cut is from where RNE gate starts at NH-58 just after crossing Raj Nagar New Flyover. RRTS Metro station will be with in 1 KM from this cut at NH-58 and I think from KDP society this metro station will be around 3-4 KM far, this is not a big distance because even in larger number of Delhi societies metro stations is more than 4 KM far in Rohini , Dwarika ............ After public started to live in RNE then there are big chances to start any shared auto / bus facility with in RNE. I myself live 3 KM far from Dilshad Garden Metro station and whenever I want to use Metro, some times I use shared auto (7 rupees) to reach Metro Station or simply park my Bike / Car at Dilshad Garden Metro station and travel to my destination, it takes just 10 minute to reach at station.


    Thats cool !!!!

    Thanks Saurabh !!!!
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  • This would be good if it actually happens, but I doubt that this high level of construction work can be done in 4 years. As we have seen before, Involving different states in the construction activity, funding only jeopardize the plans.
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  • Originally Posted by djvjain
    This would be good if it actually happens, but I doubt that this high level of construction work can be done in 4 years. As we have seen before, Involving different states in the construction activity, funding only jeopardize the plans.


    You are right, 2015 ie 4 years completion time for Delhi-GZB-Meerut route will not be a practically possible time frame. But till 2018 it may be a reality because for Delhi-GZB-Meerut route DPR is almost ready and this route is first priority for RRTS Authority as more than 4-5 Lac public travel from the areas of this route to DELHI in daily/weekly basic for managing jobs by (EMU Trains , Buses , Own Vehicles...), and Meerut has 3rd highest population among all NCR cities.

    If you see the price appreciations in Vaishali at this time after Metro, 6 years before 2 BHK NEW Builder floors in Vaishali was avaliable in 8 Lac and right now same type/space/location 2BHK NEW Builder Floors has been appreciated to more than 40 Lac rate.

    Now in RNE due to Mohan Nagar / RRTS Metro I am quite sure that good appreciation will be seen in RNE in 3-6 years time frame. Rest all depends upon LUCK however still at 1800 PSF for 2nd phase and 3 years possession timeframe RNE is one of the best bet in upcoming affordable societies of NCR.
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  • The way I understood the article, it seems like this new bullet train is going to have its own broad gauge tracks. If that is the case, then it doesn't matter where(Meerut, Panipat or Alwar) these trains are connecting, but this project can't be completed for next 10 years. I am not trying to be harsh, but giving a realistic scenario to what happens to these kind of projects. Acquiring the land will take years, so 4-6 years for a new infrastructure like this is literally not possible.
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  • Originally Posted by djvjain
    The way I understood the article, it seems like this new bullet train is going to have its own broad gauge tracks. If that is the case, then it doesn't matter where(Meerut, Panipat or Alwar) these trains are connecting, but this project can't be completed for next 10 years. I am not trying to be harsh, but giving a realistic scenario to what happens to these kind of projects. Acquiring the land will take years, so 4-6 years for a new infrastructure like this is literally not possible.


    Yes, this metro will have its own elevated or underground track just like DMRC. mainly difference will be it will have double speed with very few stops to cover distance very fast then DMCR Metro. Project is really very big and your assumption of time frame may also be true, that's why I say it all depends upon investor LUCK, rate appreciation due to RRTS Metro is only a long term game and will effect appreciation only in long terms but where ever place RRTS metro will have stoppage it will give huge appreciation in future in those areas because the key point is that, same distance will be travel in 1/3 time then DMRC Metro.
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  • Its all fake news

    The govt departments love to build castles in the air. I remember how flyover over Modinagar was 'almost complete' during the tenure of Santosh Yadav as DM; it was alteast 5 yrs back!!
    They have been talking of Meerut-Delhi in 45 min for atleast last 10 years. Meanwhile, the actual commuting time has increased from 1.5 hrs to 2.5 hrs since then due to regular traffic jams in Muradnagar and Modinagar.

    These news are as much credible as airport in GNoida.
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  • Originally Posted by jaijai
    The govt departments love to build castles in the air. I remember how flyover over Modinagar was 'almost complete' during the tenure of Santosh Yadav as DM; it was alteast 5 yrs back!!
    They have been talking of Meerut-Delhi in 45 min for atleast last 10 years. Meanwhile, the actual commuting time has increased from 1.5 hrs to 2.5 hrs since then due to regular traffic jams in Muradnagar and Modinagar.

    These news are as much credible as airport in GNoida.


    I love to see Worst Case Senario situations for new developments. No harm to consider that this project may also be false. But there is a difference in GN Airport and in this RRTS Proejct. 10 years before GN Airport mainly advertised by authority / builders to sell GN lands which was more than 30KM far from Delhi, however all knew that due to rules it is very tough to create several public airports with in 150 KM radius, and when Delhi government already have developed world class T3 terminal which has capacity of handle the air traffic of future 50 years. Now the same story is being played for YEW (Min 40 KM far from Delhi + 2 or 3 TOLL TAX).

    This RRTS project is not owned by any authority, it is the combined project of Center Government and all NCR board authorities to handle future traffic of NCR as it has already entered into the worst situation in peak hours. Hence chances of failure of this project is much less than GN Airport.

    From last 3 years projects around Delhi-GZB RRTS route are being sold at its own advantages and not due to RRTS Metro Announcement and for RNE it is just an extra BOUNS if completed. 8 years before nobody even in dream thinks that Delhi metro will run in Noida/GZB after 8 years, but now its true and property rates has been jumped all time highest beyond the imaginations so I again say that all depends upon investor LUCK but have eyes opened and not good to give extra increased rate due to RRTS to Builders. 2000 PSF rate for RTM flats in RNE is genuine price at this time at its location of Maximum 11-14 KM far from Vaishali GZB / Anand Vihar / Dilshad Garden Delhi / Noida 62 .
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  • Delhi-Meerut commuting time?

    I have no comments to offer about property rates. My comment is ONLY about 100s of 'sarkari' announcements regarding Delhi-Meerut commuting time. All the announcements (be it toll road, express way, bullet train, metro and what not) have proved wrong in last 10 years. I think the same about this latest news.

    Moreover, even if the actual project work on ground starts from today, it won't complete in next 10 years. How many years has it taken to construct just 2.5 km of metro line into Ghaziabad? I don't expect less than 10 years for completing 80km into UP.
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  • Originally Posted by jaijai
    I have no comments to offer about property rates. My comment is ONLY about 100s of 'sarkari' announcements regarding Delhi-Meerut commuting time. All the announcements (be it toll road, express way, bullet train, metro and what not) have proved wrong in last 10 years. I think the same about this latest news.

    Moreover, even if the actual project work on ground starts from today, it won't complete in next 10 years. How many years has it taken to construct just 2.5 km of metro line into Ghaziabad? I don't expect less than 10 years for completing 80km into UP.


    You are right for Meerut and very less development around Muradnagar / Modinagar areas till date.
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