High Speed Metro (RRTS) Progress Report for Delhi - RNE - Meerut Route

ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी हाईस्पीड ट्रेन
27 May 2011, 0400 hrs IST

???????? ?? ??????? ???????? ????? - Navbharat Times

गाजियाबाद
निजामुद्दीन ( नई दिल्ली ) से मेरठ के पल्लवपुरम तक हाईस्पीड ट्रेन ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी। आरआरटीएस ( रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम ) की सीआरसी ( कंसल्टेंसी रिव्यू कमिटी ) की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में बोगी के स्टैंडर्ड , इंटरनल डिजाइन , स्टेशन के साइज और डिजाइन पर भी मंथन हुआ। प्रस्ताव आया कि कोच की लंबाई 26 मीटर रखी जाए और यह एल्युमिनियम का बना हो। बोगी में कॉमन एसी हो। आरआरटीएस टास्क फोर्स की बैठक में प्लान फाइनल होगा। दिल्ली में हुई इस बैठक में मेट्रो प्रोजेक्ट कंसल्टेंट कंपनी , हाईस्पीड ट्रेन कंसल्टेंसी कंपनी के इंजीनियरों और सीआरसी अफसरों ने हिस्सा लिया।

ये तय हुआ
लगातार कई घंटे चली बैठक में हाईस्पीड ट्रेन के इंजन साइज , कोच , स्टेशन , कोच में सीटिंग डिजाइन पर बातचीत हुई। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह हुआ कि हाईस्पीड ट्रेन ब्रॉडगेज पर दौड़ेगी। ट्रेन की बोगी एल्युमिनियम से बनी होगी। इसमें कॉमन एसी होगा , 2 ट्रेनों को मेन स्टेशन से छोड़ते वक्त कम से कम 5 या 5.5 किलोमीटर का अंतर होना चाहिए। इन सभी पॉइंट पर टेक्निकल कमिटी और कंसल्टेंसी कंपनी की एक राय बनी।

ये हैं प्रस्ताव
फिलहाल यह तय नहीं हो पाया है कि हाईस्पीड ट्रेन में कितने कोच होंगे। बैठक में 6 और 9 बोगी का प्रस्ताव आया है। कोच के साइज पर भी आखिरी फैसला नहीं किया जा सका। वैसे रेलवे के कोच 24 मीटर लंबे और 3.7 मीटर चौड़े हैं। हाईस्पीड ट्रेन के कोच को 26 मीटर लंबा और 3.7 मीटर चौड़ा बनाने का प्रपोजल है। कोच का डिजाइन फाइनल होने के बाद ही स्टेशन का डिजाइन फाइनल होगा। अभी यह भी तय नहीं हो पाया कि कोच में कितनी सीट होगी। 2 और प्रस्ताव कमिटी के सामने पेश हुए। पहले प्रस्ताव में ट्रेन में 64 सीट और दूसरे प्रस्ताव में 115 सीट डिजाइन करने की बात कही गई है। कोच का इंटरनल मेट्रो कोच की तरह होगा। इसमें टॉयलेट फैसिलिटी नहीं होगी और खड़े होने के लिए हैंड हैंडल होंगे।

नहीं यूज होगी कोई नई टेक्नॉलजी
सीआरसी की टेक्निकल कमिटी के मिनट्स तैयार कर उसे टास्क फोर्स की बैठक में पेश किया जाएगा। बैठक में कंसल्टेंसी कंपनी और अन्य टेक्निकल कमिटी में शामिल इंजीनियरों से कहा गया कि हाईस्पीड ट्रेन में किसी भी नई तकनीक का प्रयोगात्मक यूज नहीं किया जाएगा। प्रायोगिक तकनीक ही हाईस्पीड ट्रेन में यूज होगी। सीआरसी के मिनट्स को जल्द ही दिल्ली में होनी वाली आरआरटीएस टास्क फोर्स की बैठक पेश किया जाएगा। हाईस्पीड ट्रेन का रूट पहले ही फाइनल हो चुका है।
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  • Saurabh Bhai,

    Funding form state governments will also become an issue as it is a 50:50 partnership. Changes in government at any of these states can also bring a halt to this scheme. It is important to have the same govt in state and center to make these kind of projects successful.




    Originally Posted by saurabh2011
    I love to see Worst Case Senario situations for new developments. No harm to consider that this project may also be false. But there is a difference in GN Airport and in this RRTS Proejct. 10 years before GN Airport mainly advertised by authority / builders to sell GN lands which was more than 30KM far from Delhi, however all knew that due to rules it is very tough to create several public airports with in 150 KM radius, and when Delhi government already have developed world class T3 terminal which has capacity of handle the air traffic of future 50 years. Now the same story is being played for YEW (Min 40 KM far from Delhi + 2 or 3 TOLL TAX).

    This RRTS project is not owned by any authority, it is the combined project of Center Government and all NCR board authorities to handle future traffic of NCR as it has already entered into the worst situation in peak hours. Hence chances of failure of this project is much less than GN Airport.

    From last 3 years projects around Delhi-GZB RRTS route are being sold at its own advantages and not due to RRTS Metro Announcement and for RNE it is just an extra BOUNS if completed. 8 years before nobody even in dream thinks that Delhi metro will run in Noida/GZB after 8 years, but now its true and property rates has been jumped all time highest beyond the imaginations so I again say that all depends upon investor LUCK but have eyes opened and not good to give extra increased rate due to RRTS to Builders. 2000 PSF rate for RTM flats in RNE is genuine price at this time at its location of Maximum 11-14 KM far from Vaishali GZB / Anand Vihar / Dilshad Garden Delhi / Noida 62 .
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  • Originally Posted by djvjain
    Saurabh Bhai,

    Funding form state governments will also become an issue as it is a 50:50 partnership. Changes in government at any of these states can also bring a halt to this scheme. It is important to have the same govt in state and center to make these kind of projects successful.


    Not 50% for state government, its 12.5% for 1 state. I don't think any government will try to stop this project once started. The day when work on construction of elevated track started, it will be run smoothly. Issue will be only the starting of work which may be delayed in approvals. See we can only share NEWS and can discuss its effect but finally all knows that anything may happen. If you are asking for my opinion then I think chances of success of the RRTS project is much more than the failure, and if it success (8-10 years completion time is OK) then appreciation in % in connected locations will be even more than the DMRC Metro Arrivals because IT's DIFFERENT.
    रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) पर आने वाले खर्च को एनसीआरटीसी के शेयर होल्डर मिलकर उठाएंगे। उत्तर प्रदेश को परियोजना का कुल 12.50 फीसदी खर्च उठाना है। प्रदेश सरकार की ओर से इस खर्च की व्यवस्था एनसीआर परिक्षेत्र में पड़ने वाले विकास प्राधिकरण और नगर निगम मिलकर करेंगे। यूपी से कॉरपोरेशन के सभी हिस्सेदार पहले ही अपनी सहमति दे चुके हैं। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की महत्वाकांक्षी परियोजना रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए एनसीआरटीसी की परिकल्पना की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और रेलवे हिस्सेदार हैं। जीडीए नवंबर 2010 में ही इस प्रस्ताव पर मुहर लगा चुका है। अब माया सरकार ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी है।
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  • What about highway bw Delhi-Meerut ?

    Another govt annoucement (again for the heck of it) I think I have also read / heard for atleast 2 years is about some express highway being built bw Delhi - Meerut stretch which will reduce the travel time to 45 mins.

    R
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  • Ohh yeah, even if it happens in 10 years, the effect on the areas in this route is going to be huge. Lets hope for the best...



    Originally Posted by saurabh2011
    Not 50% for state government, its 12.5% for 1 state. I don't think any government will try to stop this project once started. The day when work on construction of elevated track started, it will be run smoothly. Issue will be only the starting of work which may be delayed in approvals. See we can only share NEWS and can discuss its effect but finally all knows that anything may happen. If you are asking for my opinion then I think chances of success of the RRTS project is much more than the failure, and if it success (8-10 years completion time is OK) then appreciation in % in connected locations will be even more than the DMRC Metro Arrivals because IT's DIFFERENT.
    रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) पर आने वाले खर्च को एनसीआरटीसी के शेयर होल्डर मिलकर उठाएंगे। उत्तर प्रदेश को परियोजना का कुल 12.50 फीसदी खर्च उठाना है। प्रदेश सरकार की ओर से इस खर्च की व्यवस्था एनसीआर परिक्षेत्र में पड़ने वाले विकास प्राधिकरण और नगर निगम मिलकर करेंगे। यूपी से कॉरपोरेशन के सभी हिस्सेदार पहले ही अपनी सहमति दे चुके हैं। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की महत्वाकांक्षी परियोजना रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए एनसीआरटीसी की परिकल्पना की गई है। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और रेलवे हिस्सेदार हैं। जीडीए नवंबर 2010 में ही इस प्रस्ताव पर मुहर लगा चुका है। अब माया सरकार ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी है।
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  • 12 को फाइनल होगा हाई स्पीड ट्रेन कोच का डिजाइन
    7 Jul 2011, 0400 hrs IST

    Navbharat Times - 12 को फाइनल होगा हाई स्पीड ट्रेन कोच का डिजाइन

    हाई स्पीड ट्रेन के कोच डिजाइन आदि के लिए आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम) की सीसीआरसी (सेंट्रल कंसलटेंसी रिव्यू कमिटी) की महत्वपूर्ण बैठक 12 जुलाई को दिल्ली के एनसीआर प्लानिंग बोर्ड मुख्यालय में होगी। इसमें आरआरटीएस के लिए गठित टास्क फोर्स की तकनीकी कमिटी के अधिकारी भी मौजूद होंगे।

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड सूत्रों बैठक में हाई स्पीड ट्रेन के कोच डिजाइन, उसमें सीटिंग सिस्टम, एसी डिजाइनिंग, तथा कोच के मॉडल के डिजाइन पर फैसला होगा। बैठक में कोच को डिजाइन करने वाली कंपनी के अलावा प्रोजेक्ट डिजाइन करने वाली कंसलटेंसी कंपनी के इंजीनियर और सीसीआरसी के अफसर और इंजीनियर शामिल होंगे।

    डेढ़ महीने पहले कंसलटेंसी कंपनी और आरआरटीएस की सीसीआरसी के बीच बैठक हुई थी। उसमंे फैसला लिया गया था कि हाई स्पीड ब्रॉड गेज बेस होगी। इसमें कॉमन ऐसी होगा। कोच की लंबाई और चौड़ाई आदि तथा कोच के मॉडल पर भी बातचीत हुई थी। मगर इस बैठक मंे कोच को डिजाइन करने वाली कंपनी की ओर से कोई इंजीनियर किसी कारण से शामिल नहीं हो सके थे।

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि हाई स्पीड ट्रेन के लिए कोच डिजाइनर कंपनी के इंजीनियरों के साथ यह पहली बैठक होगी। इस बैठक में ही तय किया जाएगा कि हाई स्पीड ट्रेन में कितने कोच होंगे। इनके अलावा कोच का डिजाइन उसकी लंबाई, चौड़ाई, उसमें कॉमन एसी होगा या नहीं, पर बात होगी।

    सीसीआरसी की बैठक में जो भी फैसला लिया जाएगा बाद में आरआरटीएस की टास्क फोर्स की कमिटी में उस पर फाइनल निर्णय होगा। संभावना है कि यह बैठक अगले महीने किसी भी तारीख को हो सकती है। कोच के डिजाइन के फाइनल होने के बाद हाई स्पीड ट्रेन के टै्रक एलानइनमेंट और ट्रैक के पिलर के डिजाइन को फाइनल करने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
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  • Guyz...Whether this really takes off or not is secondary. I'd like you guys to offer your thoughts on why there is a need for a high speed link between Delhi and Meerut. Since when has this corridor become so crucial, that a high speed rail link is seen as the need of the hour ?
    For sure, there are plenty of goods traded between Meerut and other parts via Delhi, but historically, that's never seen as a reason by decision makers to do a single stroke heavy investment to improve an ailing situation, which is what really surprises me.
    Will this link then constitute part of a wider higher speed rail network planned for the future or is it just a one off case Delhi to Meerut and back ?
    I'm also compelled to think on the lines of the build up to the alternate airport to Delhi, which for a long time and still is Jewar in G.Noida, but there was a time when Meerut or the outskirts of Meerut was in the running to grab that project too. You never know how things shape up in the future. The current concessionaire of the Delhi airport will sure make sure the alternate airport does not come up in the next 10 years, such that they can reap returns on their investments atleast for the next 10-15 years, but when it does, could it Meerut that takes away the alternate airport project ?



    Originally Posted by saurabh2011
    12 को फाइनल होगा हाई स्पीड ट्रेन कोच का डिजाइन
    7 Jul 2011, 0400 hrs IST

    Navbharat Times - 12 को फाइनल होगा हाई स्पीड ट्रेन कोच का डिजाइन

    हाई स्पीड ट्रेन के कोच डिजाइन आदि के लिए आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम) की सीसीआरसी (सेंट्रल कंसलटेंसी रिव्यू कमिटी) की महत्वपूर्ण बैठक 12 जुलाई को दिल्ली के एनसीआर प्लानिंग बोर्ड मुख्यालय में होगी। इसमें आरआरटीएस के लिए गठित टास्क फोर्स की तकनीकी कमिटी के अधिकारी भी मौजूद होंगे।

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड सूत्रों बैठक में हाई स्पीड ट्रेन के कोच डिजाइन, उसमें सीटिंग सिस्टम, एसी डिजाइनिंग, तथा कोच के मॉडल के डिजाइन पर फैसला होगा। बैठक में कोच को डिजाइन करने वाली कंपनी के अलावा प्रोजेक्ट डिजाइन करने वाली कंसलटेंसी कंपनी के इंजीनियर और सीसीआरसी के अफसर और इंजीनियर शामिल होंगे।

    डेढ़ महीने पहले कंसलटेंसी कंपनी और आरआरटीएस की सीसीआरसी के बीच बैठक हुई थी। उसमंे फैसला लिया गया था कि हाई स्पीड ब्रॉड गेज बेस होगी। इसमें कॉमन ऐसी होगा। कोच की लंबाई और चौड़ाई आदि तथा कोच के मॉडल पर भी बातचीत हुई थी। मगर इस बैठक मंे कोच को डिजाइन करने वाली कंपनी की ओर से कोई इंजीनियर किसी कारण से शामिल नहीं हो सके थे।

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि हाई स्पीड ट्रेन के लिए कोच डिजाइनर कंपनी के इंजीनियरों के साथ यह पहली बैठक होगी। इस बैठक में ही तय किया जाएगा कि हाई स्पीड ट्रेन में कितने कोच होंगे। इनके अलावा कोच का डिजाइन उसकी लंबाई, चौड़ाई, उसमें कॉमन एसी होगा या नहीं, पर बात होगी।

    सीसीआरसी की बैठक में जो भी फैसला लिया जाएगा बाद में आरआरटीएस की टास्क फोर्स की कमिटी में उस पर फाइनल निर्णय होगा। संभावना है कि यह बैठक अगले महीने किसी भी तारीख को हो सकती है। कोच के डिजाइन के फाइनल होने के बाद हाई स्पीड ट्रेन के टै्रक एलानइनमेंट और ट्रैक के पिलर के डिजाइन को फाइनल करने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
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  • प्राइवेट इन्वेस्टर्स देंगे हाईस्पीड ट्रेन को रफ्तार
    21 Oct 2011, 0400 hrs IST

    प्राइवेट इन्वेस्टर्स देंगे हाईस्पीड ट्रेन को रफ्तार - Navbharat Times

    यूपी में हाईस्पीड ट्रेन के 4 प्रोजेक्ट्स पर कुल 94000 करोड़ रुपये खर्च होंगे , इसलिए रीजनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम ( आरआरटीएस ) की हाईपावर कमिटी ने हाईस्पीड ट्रेन से जुड़े प्रोजेक्ट्स को पीपीपी ( प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप ) पैटर्न पर बनाने का फैसला किया है। इस कमिटी में मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन प्लानिंग , रेलवे और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के कुल 8 अफसर हैं। इससे जुड़ी कंसलटेंसी कंपनी ने प्रोजेक्ट्स का टाइम शेड्यूल जारी कर दिया है।


    यूपी में होंगे 4 रूट : यूपी में हाई स्पीड ट्रेन के चार रूट होंगे। इनमें आनंद विहार से मेरठ के पल्लवपुरम तक के रूट की लंबाई 76 किलोमीटर , दिल्ली से खुर्जा - अलीगढ़ रूट की लंबाई 73, दिल्ली - हापुड़ रूट की लंबाई 71 और दिल्ली के आनंद विहार से शामली रूट की लंबाई 71 किलोमीटर होगी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रोजेक्ट के लिए कंसलटेंसी कंपनी ने अपना एस्टिमेट फाइनल कर दिया है। कंपनी के अनुसार इन चारों प्रोजेक्ट्स पर कुल 94000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    यह है टाइम शेड्यूल : योजना के फर्स्ट फेज में वर्ष 2014 से काम शुरू होगा। फर्स्ट फेज में आनंद विहार से मेरठ तक हाईस्पीड ट्रेन दौड़ेगी। इस रूट के लिए कंपनी ने ट्रैफिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसके अलावा अन्य रूटों के लिए वर्ष 2016 तक प्रोजेक्ट 10 प्रतिशत , 2021 तक 40 प्रतिशत , 2031 तक 70 प्रतिशत काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। 2041 तक यूपी में चारों रूट्स पर हाईस्पीड ट्रेन दौड़ने लगेगी।

    1400 हेक्टेयर जमीन की डिमांड : कंसलटेंसी कंपनी के मुताबिक यूपी के चार रूटों के लिए 1400.50 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। रिपोर्ट में दो स्टेशनों की बीच की दूरी भी तय की गई है। इसके अनुसार दो स्टेशनों के बीच दूरी 5 किलोमीटर से ज्यादा और 4 किलोमीटर से कम नहीं होगी।
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  • Originally Posted by silly_boy20
    इसके अनुसार दो स्टेशनों के बीच दूरी 5 किलोमीटर से ज्यादा और 4 किलोमीटर से कम नहीं होगी।

    hmmm interesting ;)


    Yes.... RRTS will RUN Triple Faster then DMRC Metro ie RNE to Anand Vihar with in 10 Minutes having 4 stoppage only .... Luckly for RNE one station in DPR of RRTS is at Mohan Nagar..... and other station of RRTS at other side of RNE NH-58 Bypass (ie at ALT Cut of RNE Second GATE, Guldhar Station).... There is no confusion in it as DPR is fully prepared 6 month before....
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  • Originally Posted by saurabh2011
    Yes.... RRTS will RUN Triple Faster then DMRC Metro ie RNE to Anand Vihar with in 10 Minutes having 4 stoppage only .... Luckly for RNE one station in DPR of RRTS is at Mohan Nagar..... and other station of RRTS at other side of RNE NH-58 Bypass (ie at ALT Cut of RNE Second GATE, Guldhar Station).... There is no confusion in it as DPR is fully prepared 6 month before....


    Saurabh Ji,

    work will be starting from 2014, i.e., 3 years later. In three years many if & but will come, like change of state govt/centre govt/govt officials & many more. This is a dream till now. According to your words previously told by you many times & I am also firm believer for that, we should not consider any project untill practical work has been started. RRTS & even metro to mohan nagar is still on papers & metro to mohan nagar is on papers for the last five years & nothing happened. Only positive sign is Karhera Bridge & broadninng of Hindon Bridge where the actual work has been started.
    I am not passimistic but at the same time we should not overpromote the area like builders/dealers to the newbeis. Sorry if I hurt you but this came into my mind so just expressed my feelings. I am also strongly attached with Ghaziabad Area.
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  • Originally Posted by mohanpruthi
    Saurabh Ji,

    work will be starting from 2014, i.e., 3 years later. In three years many if & but will come, like change of state govt/centre govt/govt officials & many more. This is a dream till now. According to your words previously told by you many times & I am also firm believer for that, we should not consider any project untill practical work has been started. RRTS & even metro to mohan nagar is still on papers & metro to mohan nagar is on papers for the last five years & nothing happened. Only positive sign is Karhera Bridge & broadninng of Hindon Bridge where the actual work has been started.
    I am not passimistic but at the same time we should not overpromote the area like builders/dealers to the newbeis. Sorry if I hurt you but this came into my mind so just expressed my feelings. I am also strongly attached with Ghaziabad Area.


    You are right.... I just copy paste news.... but will say only believe once work started..... I will not say that purchase in RNE only because of RRTS Metro work.... do you think if really RRTS Metro work started then can the rate in RE will be 2200-2400 PSF..... RRTS is dream project of Center Government and believe only once actually started....
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  • Very true Mohan..
    I'm sure noone is going to mind that. I was just wondering what the hell is up on their minds?? 2041 is completion date ...what era are we living in stone ages mein bhi isse tez kaam hota hoga?? Pathetic planning as well as execution probably. Donno when things are goin to change in our country. Arey Zaroorat aaj hai lekin delivery 20 saal baad..kamaal hai !!!
    Originally Posted by mohanpruthi
    Saurabh Ji,

    work will be starting from 2014, i.e., 3 years later. In three years many if & but will come, like change of state govt/centre govt/govt officials & many more. This is a dream till now. According to your words previously told by you many times & I am also firm believer for that, we should not consider any project untill practical work has been started. RRTS & even metro to mohan nagar is still on papers & metro to mohan nagar is on papers for the last five years & nothing happened. Only positive sign is Karhera Bridge & broadninng of Hindon Bridge where the actual work has been started.
    I am not passimistic but at the same time we should not overpromote the area like builders/dealers to the newbeis. Sorry if I hurt you but this came into my mind so just expressed my feelings. I am also strongly attached with Ghaziabad Area.
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  • Urban Development Ministry has given in-principle approval !!


    Travel to become easier: RRTS corridors get in-principle nod - Indian Express



    High-speed connectivity between the regional centres of the National Capital Region will soon become reality, with Minister of Urban Development Kamal Nath giving in-principle approval to the concept proposal of implementing the Regional Rapid Transit System (RRTS) along three important corridors.

    The RRTS will come along the Delhi-Gurgaon-Alwar, Delhi-Sonepat-Panipat and Delhi-Ghaziabad-Meerut corridors. According to Urban Development officials, work on the corridors will start by early next year, and is likely to be wrapped up by 2016. The RRTS is a rail-based transit system.

    “A detailed feasibility report for the three corridors has been submitted by the consultant. After getting the requisite approval from the Cabinet and other government bodies, we hope to start work on these corridors by early next year. We hope to have the corridors ready by 2016,” an official said.

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  • Originally Posted by dceite
    Urban Development Ministry has given in-principle approval !!


    Travel to become easier: RRTS corridors get in-principle nod - Indian Express


    I read that and it positive news but would take ages to come up.
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  • Originally Posted by cookie

    I read that and it positive news but would take ages to come up.


    Sir positive news mein bhi aap angry wali smiley daal dete ho.

    Sab kuch ek saath toh nahi ho sakta naa.. We have to take each step as it comes.

    Why are you so pessimist when it comes to RNE/GZB, Cookie bhai?
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  • Originally Posted by dceite
    Sir positive news mein bhi aap angry wali smiley daal dete ho.

    Sab kuch ek saath toh nahi ho sakta naa.. We have to take each step as it comes.

    Why are you so pessimist when it comes to RNE/GZB, Cookie bhai?


    I am realistic.
    RRTS is coming also to Painpat,Alwar-Bhiwadi . I would be more happy if it comes fast since I have investment in Bhiwadi but would take ages for sure.
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