तेजी से एजुकेशन हब बनता जा रहा है गाजियाबाद
6 Jun 2011, 0400 hrs IST

Navbharat Times - Ghaziabad is the Educational HUB of NCR

गाजियाबाद तेजी से एजुकेशन हब बनता जा रहा है। हर साल यहां नए प्रफेशनल कॉलेज खुल रहे हैं। न केवल यूपी बल्कि देश के कोन - कोने से स्टूडेंट्स यहां अपना करियर बनाने आते हैं। लास्ट ईयर तक आते - आते मल्टिनैशनल कंपनियां आती है। वह कैंपस इंटरव्यू लेती है और अच्छी सैलरी पैकेज पर छात्रों को जॉब ऑफर करती हैं। इन्हीं खासियतों की वजह से एनसीआर में गाजियाबाद हॉट सिटी बनकर उभरा है। यहां पर करीब 50 से ज्यादा टेक्निकल , मैनेजमेंट और मेडिकल कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में करीब 25 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ प्रफेशनल कॉलेजों से ही गाजियाबाद को जाना जाता है। बल्कि यूपीएससी , आईआईटी , एआईईईई , एआईपीएमटी एंटे्रस एग्जाम में भी यहां के स्टूडेंट्स ने परचम लहराया है। स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया रैकिंग में अच्छी पोजिशन हासिल की है। ऐसे में यह कहने में अतिशयोक्ति नहीं होगी कि एनसीआर में गाजियाबाद एक ऐसा एरिया है जहां पर स्टूडेंट के साथ - साथ प्राइवेट इंस्टिट्यूशन भी यहां आना ज्यादा पसंद करते है।

एजुकेशन के एरिया में बड़ी तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इन बदलावों को गाजियाबाद के प्रफेशनल और अकैडमिक कॉलेज अपना रहे है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण यहां बदलाव भी तेजी से होते हैं। यहां के पास आउट स्टूडेंट दिल्ली यूनिवर्सिटी और अन्य यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए जाते हैं। अगर बात की जाए टेक्निकल एजुकेशन की तो गाजियाबाद ने सबको पीछे छोड़ दिया है। यहां खुले कॉलेजों में हाई लेवल एजुकेशन दी जाती है। फैकल्टी भी हाई लेवल की होती है। इस लिहाज से यूपी के अन्य क्षेत्रों की तुलना में स्टूडंेट की फर्स्ट चॉइस यहां के ही कॉलेजों की रहती है। गौतमबुद्ध टेक्निकल यूनिवर्सिटी के एंटे्रस एग्जाम अभी खत्म हुए हैं। जल्द ही काउंसलिंग शुरू होने वाली है। काउंसलिंग के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से संेटर भी निर्धारित कर दिए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक जब काउंसलिंग शुरू होती है तो गाजियाबाद और नोएडा के कॉलेजों की सीटें सबसे पहले फुल होती हैं। स्टूडेंट्स की पहली पसंद होती है कि वह टॉप कॉलेजों में सीएस , इलेक्ट्रॉनिक्स , इलेक्ट्रिकल ब्रांच का चॉइस लॉक करें। यूनिवर्सिटी के टॉप -10 कॉलेज की लिस्ट मंे यहां के भी कई कॉलेज हैं। इसलिए स्टूडेंट्स की भी यही कोशिश रहती है कि वह गाजियाबाद और नोएडा के ही कॉलेजों में एडमिशन ले लें।

वहीं यहां पर एडमिशन लेने पर जोर इस बात का भी रहता है कि ज्यादातर मल्टिनैशनल कंपनियों के हेड ऑफिस दिल्ली और एनसीआर रीजन में हैं। इसलिए प्लेसमेंट भी आसानी से हो जाता है। कॉलेज अपने स्तर से कैंपस इंटरव्यू कराते हैं। कंपनियां कैंपस में आती है और स्टूडेंट्स का सिलेक्शन करती है। कभी - कभी जॉब फेयर भी लगता है , तब स्टूडेंट्स का हुजूम उमड़ता है। एक साथ सैकड़ों स्टूडेंट्स को जॉब मिलती हैं। जबकि यूपी के अन्य क्षेत्रों में इस प्रकार के जॉब फेयर कम ही लगते हैं। इसलिए स्टूडेंट्स की कोशिश यही रहती है कि वह यहीं के कॉलेजों में एडमिशन लें। अकैडमिक कॉलेजों की भी यही स्थिति है। स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए सीसीएसयू ने ऑनलाइन एडमिशन और एग्जाम प्रोसेस शुरू कर दिया है। स्टूडेंट घर बैठे यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म को डाउनलोड करके उसे सबमिट करेंगे। हालांकि यह प्रोसेस डीयू की तर्ज पर शुरू किया गया है। इससे एडमिशन प्रोसेस में काफी पारदर्शिता आ गई है। फर्जी तरीके से एडमिशन रुक गए हैं। जो स्टूडेंट मेरिट लिस्ट में होता है , एडमिशन के वक्त प्राथमिकता भी उसी को दी जाती है। बाद में जो सीटें बचती है उसे नियमानुसार भरा जाता है। इस प्रोसेस से दलालों पर भी रोक लगी है। स्टूडेंट केवल स्टेप वाइज एडमिशन फॉर्म भरता जाएगा। उसे यह सोचना नहीं पड़ेगा कि यदि वह अच्छे पर्सर्ेेंटेज के साथ क्लास -12 पास किया है तो एडमिशन कैसे होगा।

गाजियाबाद के क्लास -12 लेवल के स्कूल भी हाई ग्रेड में गिने जाते है। इन स्कूलों में स्टूडेंट को ऐसी एजुकेशन दी जाती है जो उनके जीवन को बुलंदियों पर पहुंचा सके। यही कारण है कि क्लास -12 के बाद कॉम्पिटिटिव एग्जाम या प्रतिष्ठित कॉलेजों के एंटे्रस एग्जाम में उनका सिलेक्शन होता है। इस वर्ष आईआईटी में सिटी के 30 से ज्यादा स्टूडेंट्स का सिलेक्शन हुआ है। यही आलम यूपीएससी एग्जाम का भी है। सिविल सर्विसेज एग्जाम में कई स्टूडेंट ने टॉपर लिस्ट में आकर नाम कमाया है। ऐसा कोई मौका नहीं होता जब किसी न किसी एग्जाम में यहां के स्टूडेंट सिलेक्ट नहीं होते है। इन्हीं खूबियों की वजह से गाजियाबाद प्रॉपर्टी के साथ एजुकेशन में भी हॉट बन चुका है।
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