GDA to increase city-development fee for projects

GDA to increase city-development fee for projects
Peeyush Khandelwal
GHAZIABAD


Facing a shortage of funds for Metro and Regional Rapid Transit System (RRTS) projects for intercity and intracity connectivity, Ghaziabad development authority (GDA) officials have indicated a rise in city-development charges for future housing projects in its jurisdiction area to raise the necessary funds for the two projects.
Speaking to Hindustan Times, authority's vice-chairman Narendra Kumar Chaudhary said funds were a major problem for the authority and the state officials have asked them to raise more funds for the two projects.
“Last year, we had planned for levying a Metro-cess for the upcoming housing projects, but that proposal was rejected by the state officials. Now, we plan to increase the city development charge. This will give us additional income to fund our connectivity plans,“ Chaudhary said.
At present, R2,075 per square metre is charged as city development charges for the plan and map-layout clearance on housing projects. Officials indicated that an additional R500 could be added to this amount.
Apart from the current under-construction AnandVihar to Vaishali (2.57 km) Metro-route, GDA plans to connect Dilshad Garden to Mohan Nagar and would need R800 crore for the project.
“We have only around R200 crore available per year out of the infrastructure-development fund,“ Chaudhary said.
Further, the RRTS project, having 6 stations in Ghaziabad, would also involve a massivefunding which would connect Anand-Vihar to Meerut on a route of around 76.5 km on a two-way elevated-track. As per official estimates, GDA would need around R300-400 crore for the project.
GDA's financial-controller stated that around R370 crore would also be raised by the authority during the financial year 2011-12 on behalf of compounding-charges, development-charges and land-use conversion heads. GDA officials said they were hopeful of drawing the funds for the two projects as per the present plans.
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  • गाजियाबाद प्रॉपर्टी रेट



    गाजियाबाद प्रॉपर्टी मार्केट में उबाल आना तय है। जीडीए (गाजियाबाद डिवेलपमेंट अथॉर्टी) ने डिवलपमेंट चार्ज तो बढ़ा ही दिया है, वहां अब सेक्टर रेट बढ़ाने की भी तैयारी है। इस बदलाव से खरीददारों पर जहां भार बढ़ेगा, वहीं पुराने कस्टमर्स की बल्ले-बल्ले हो जाएगी। यहां प्रॉपर्टी का महंगा होना तय है।

    जीडीए ने डिवेलपमेंट चार्ज 650 रुपये प्रति वर्ग मीटर से 800 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक बढ़ा दिया है। इसके बाद अब सेक्टरों के रेट यानी सर्किल रेट में 25 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी संभावना बताई जा रही है।

    डिवेलपमेंट चार्ज का नया पैटर्न

    नई प्लानिंग के मुताबिक डिवेलपमेंट चार्ज अब सेक्टरों के हिसाब से लिए जाएंगे। अब तक व्यवस्था यह थी कि डिवेलपमेंट चार्ज इलाके के हिसाब से यानी ट्रांस हिंडन और टॉप हिंडन जोन के मुताबिक लिए जाते थे। जीडीए ने अब गंगा वाटर सप्लाई के हिसाब से इलाकों का डिवेलपमेंट चार्ज लेने का फैसला किया है।

    अब तक टॉप हिंडन इलाके में राज नगर, कवि नगर, नेहरू नगर आदि इलाके पड़ते हैं जहां डिवेलपमेंट चार्ज 1,847 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से था। अब गंगा वाटर सप्लाई के आधार पर इलाके को नॉन-गंगा जोन में किए जाने के बाद डिवेलपमेंट चार्ज में 653 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी हो गई है। इस तरह अब यहां के निवासियों को डिवेलपमेंट चार्ज के नाम पर 2,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर देने पड़ रहे हैं। जबकि ट्रांस हिंडन जोन में पड़ने वाले वैशाली, कौशांबी, इंदिरापुरम, वसुंधरा आदि में डिवेलपमेंट चार्ज 652 रुपये प्रति वर्ग मीटर बढ़ा है। पहले यहां 1,948 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से डिवेलपमेंट चार्ज लिया जा रहा था। इस इलाके में गंगा जल की आपूर्ति होती है।

    नई दरों का असर यह हुआ है कि राज नगर एक्सटेंशन, लोनी, मधुबन और एनएच-24 के डिवेलपरों पर ड्राइंग अप्रूवल और एनओसी लेने के लिए भार बढ़ गया है। साथ ही निवासियों या खरीददारों पर नए सेक्टर रेट का भार भी पड़ने वाला है।

    रिवाइज होगा सर्किल रेट

    जीडीए के बाद जिला प्रशासन भी सर्कल रेट रिवाइज करने की तैयारी में है। असिस्टेंट कमिश्नर ( स्टांप ) केपी यादव के मुताबिक संबंधित सब - रजिस्ट्रारों से इस संबंध में प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्ताव आने और उसकी स्वीकृति के बाद रेट का बढ़ना तय है।

    जीडीए के वाइस चेयरमैन एनके चौधरी का कहना है कि इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक करने के लिए जीडीए ने कई कदम उठाए हैं। इसके तहत एक्सप्रेस - वे को चौड़ा करने , पुल निर्माण , भीतरी सड़कों का निर्माण , फ्लाईओवर आदि या तो बन रहे हैं या उनके लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया अमल में है।

    घरों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए जीडीए जल्द ही वैशाली में ग्रुप हाउसिंग स्कीम लाने वाली है। हालिया सर्वे में वहां 3,100 वर्ग मीटर खाली जमीन चिन्हित की गई है। कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट से वहां 16 मंजिला इमारत के लिए अनुमान तैयार करने को कहा गया है।

    गाजीउद्दीन नगर से गाजियाबाद

    अंतरिक्ष ग्रुप के डायरेक्टर राकेश यादव का कहना है कि गाजीउद्दीन नगर से गाजियाबाद के रूप में इलाके में काफी सुधार हुआ है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इलाके को तहसील से जिला बना दिया गया। हालांकि इलाके का विकास नोएडा या ग्रेटर नोएडा की तरह व्यवस्थित तरीके से नहीं हो सका। लेकिन इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ी हैं।

    चिंटल्स इंडिया के जेएमडी प्रशांत सोलमन का कहना है कि गाजियाबाद ने काफी विकास किया है। मॉल्स , मल्टीप्लेक्स , एम्यूजमेंट पार्क , एंटरटेनमेंट हब और प्लांड टाउनशिप्स के कारण इलाके की अलग ही पहचान है।

    अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के डायरेक्टर विकास गुप्ता का कहना है कि गाजियाबाद के बारे में सबसे अच्छी बात यहां के अथॉर्टी की थिंकिंग है। हमेशा आगे की सोची जा रही है। यहां कई अच्छे लिविंग ऑप्शन तैयार हो रहे हैं। जीवन जीने के स्थितियों में काफी सुधार होगा।


    बॉक्स


    जीडीए सेक्टर रेट्स

    कॉलोनी वर्तमान रेट प्रस्तावित रेट

    सूर्य नगर 15,000 18,750

    चन्द्र नगर 15,000 18,750

    वैशाली 15,000 18,750

    कौशांबी 16,000 20,000

    इंदिरापुरम 15,000 18,750

    पटेल नगर 12,000 15,000

    राजेन्द्र नगर 12,000 15,000

    लोहिया नगर 12,000 15,000

    राज नगर 15,000 18,750

    गोविंदपुरम 12,800 16,000

    कवि नगर 15,000 18,750

    गांधी नगर 15,000 18,750

    नेहरु नगर 15,000 18,750

    विजय नगर 10,000 12,500



    डेवलपमेंट चार्ज प्रति वर्ग मीटर (1 सितंबर से लागू )

    इलाका पुरानी दर नई दर

    टॉप हिंडन 1,847 2,500

    ट्रांस हिंडन 1,948 2,600


    -NB times
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