प्राकृतिक आपदा प्रबंधन विभाग अब जीडीए (गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी) के बिल्डिंग बायलॉज का अध्ययन कराने की तैयारी में है। अध्ययन कर यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षित मकान के लिए बायलॉज में किस तरह के संशोधन की जरूरत है।

प्राकृतिक आपदा प्रबंधन से जुड़े परियोजना अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि गाजियाबाद भूकंप के चौथे जोन में है। जिस तरह यहां भूकंप के झटके बढ़ते जा रहे हैं उसको देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि सभी बिल्डिंग भूकंप के लिहाज से सुरक्षित हों। अब तक यहां पर जितनी भी बिल्डिंग बनी हैं, जीडीए के बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक बनी हैं। मनोज सिंह का कहना है कि जीडीए के बिल्डिंग बायलॉज का अध्ययन कराने के लिए बिल्डिंग मैटीरियल टेक्नोलॉजी प्रमोशन काउंसिल (बीएमटीपीसी) से बातचीत चल रही है। जुलाई के अंत तक बीएमटीपीसी से अध्ययन के लिए करार कर लिया जाएगा। बीएमटीपीसी की अध्ययन रिपोर्ट के हिसाब से तय किया जाएगा कि भूकंप के दृष्टिकोण से सुरक्षित मकान के लिए जीडीए के बिल्डिंग बायलॉज में क्या परिवर्तन करने की जरूरत है। जीडीए से बिल्डिंग बायलॉज की प्रति मांगी गई है। इसे बीएमटीपीसी को भेजा जाएगा।

मनोज सिंह का कहना है कि बिल्डिंग बायलॉज को बेहतर बनाने से कुछ नहीं होगा। बिल्डिंग बनाते वक्त उस पर कितना अमल किया जा रहा है, इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए यहां एक टेक्निकल कमिटी बनाने की पहल की जाएगी। बीएमटीपीसी से इस पर भी रिपोर्ट ली जाएगी कि टेक्निकल कमेटी कैसी हो, उसका रोल क्या हो। बिल्डिंग बायलॉज का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

-navbharar times
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