मेट्रो से बदली दशा और दिशा गाजियाबाद की
11 Jul 2011, 0400 hrs IST

Navbharat Times - मेट्रो से बदली दशा और दिशा गाजियाबाद की

मेट्रो के आने भर से ही शहर के अंदर बदलाव नजर आने लगा है। ये बदलाव सबसे अधिक वैशाली और कौशांबी मेट्रो स्टेशन के आसपास नजर आ रहा है, जिनमंे लिंक रोड का विस्तारीकरण, वैशाली में पार्कों का नए सिरे से डिवेलपमेंट, डिजाइनर स्ट्रीट लाइट्स और ट्रैफिक सिग्नलस पर टाइमर लग जाना आदि हैं। मेट्रो के चलने की सुगबुगाहट ने करीब पांच महीनांें में इलाके की सूरत बदल दी है।

लिंक रोड पर फर्राटे से दौड़ेंगे वीकल्स

लिंक रोड सिटी के सबसे अहम और व्यस्त रूट मंे से एक है। इस सड़क के एक तरफ औद्योगिक इकाइयां, होटल, फार्महाउस, मैरिज हॉल हैं तो दूसरी तरफ इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा जैसे बड़ी आवासीय कॉलोनियां। इस रूट को और भी ज्यादा असर डालने जा रहा है वैशाली मेट्रो स्टेशन का होना। इस समय मोहन नगर चौराहा पार करते ही इस पर ट्रैफिक का दबाव एकदम से बढ़ जाता है, जिसके चलते जाम की स्थिति बनी रहती है। इसे देेखते हुए जीडीए ने इस सड़क के आठ लेन करने का प्रपोजल तैयार किया मगर कुछ अड़चनांें के चलते इस काम के शुरू होने मंे देरी हो गई।

इस बीच मेट्रो की तैयारियों में तेजी और ट्रैफिक प्रेशर के मद्देनजर लिंक रोड के चौड़ीकरण का काम तीन महीने पहले शुरू हुआ जो अब तैयार हो चुका है। माना जा रहा है कि वैशाली मेट्रो स्टेशन पहुंचने वालों की भारी तादाद को देखते हुए यह जरूरी था कि इस रूट की चौड़ाई बढ़ाई जाए ताकि वाहन फर्राटे से निकल सकें। जिला प्रशासन ने बाकायदा पांच जुलाई डेड लाइन भी तय कर दी थी। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो को देखते हुए सड़क के चौड़ीकरण का जो काम समय रहते किया गया है, उससे इस रूट से आने-जाने वालों को जाम से काफी राहत मिल जाएगी।

वैकल्पिक रूटों पर भी हुआ काम

इसे मेट्रो का ही आगाज कहेंगे कि लिंक रोड रूट दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक रूटों पर भी काम किया गया है। जिला प्रशासन लिंक रोड को दबाव से मुक्त करने के लिए ही महाराजपुर बॉर्डर स्थित मॉल से वसुंधरा रेड लाइट तक औद्योगिक क्षेत्र के रास्ते की सड़क को सिक्स लेन करने जा रहा है। आवास विकास परिषद के फंड से तैयार होने वाली इस सड़क को इस साल के अंत तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। जाहिर तौर पर ऐसे में वैशाली और कौशांबी स्टेशन पहुंचना हर किसी के लिए बेहद आसान हो जाएगा।

स्ट्रीट लाइट्स से रास्ते होंगे रोशन

मेट्रो रेल के चलने से कुछ महीनों पहले लिंक रोड पर अंधेरा छा जाया करता था। पर , मेट्रो के चलते अब इस सड़क पर पुराने खंभों को बदलकर नई डिजाइनर स्ट्रीट लाइट्स लगा दी गई हैं। यहां तक उनकी पूरी केबल अंडरग्राउंड की गई है ताकि उनके फंक्शन में किसी तरह की दिक्कत न आए। स्ट्रीट लाइट्स से कहीं न कहीं सड़क हादसों और छीना झपटी जैसी वारदातांे मंे भी कमी आएगी।

ट्रैफिक सिग्नल में भी हुआ सुधार

मेट्रो से जुड़ी तैयारियों के चलते ही लिंक रोड की सभी ट्रैफिक सिग्नल को ठीक करा दिया गया है। इनमंे से प्रमुख चौराहों पर टाइमर लगा दिए गए हैं , जिनमें बीकानेर कट , वैशाली कट , डाबर कट शामिल हैं। इससे पहले ये पॉइंट्स थोड़े दिनों बाद काम करना बंद कर देते थे , जिसके चलते पीक ऑवर पर जाम की स्थिति बनी रहती थी।

लोेगों की राय

मेट्रो आने के चलते ही दूसरे चीजों मंे भी सुधार होना शुरू हुआ है। नहीं तो यहां प्लानिंग की रफ्तार काफी धीमी है। मेट्रो के चलते ही लिंक रोड के बनाने का काम और आसपास की साफ सफाई शुरू की गई।

- विक्रम सिंह रावत , वसुंधरा , सेक्टर -11

पहले दिल्ली जाने में ट्रैफिक जाम को सोचकर प्लानिंग ही कैंसल कर देती थी। पार्किंग की भी दिक्कत आती है। अब मेट्रो चल जाने से अब अच्छा हो जाएगा। लिंक रोड भी चौड़ा हो गया है , अब इस पर भी जाम नहीं लगेगा। वैशाली स्टेशन के आसपास के पार्क को भी जीडीए दोबारा से बेहतर कर रहा है।

- नंदिता , वैशाली सेक्टर -6

नए स्ट्रीट लाइट्स लगने से जो रात के समय अंधेरा रहता है , वह छंट जाएगा। अंधेरे के चलते एक्सीडेंट भी ज्यादा होते हैं। जब पूरी सड़क जगमग रहती है तब बहुत अच्छा लगता है। वैसे , मेट्रो के आसपास तो ये सब चीज होना ही चाहिए।

- टेकराम त्यागी , ज्ञान खंड -4

वैसे , तो यहां पर स्ट्रीट लाइट्स लगा दिए गए हैं , मगर ये कब तक सही तरीके से काम करेंगे , इसका भरोसा नहीं। यहां पर ट्रैफिक सिग्नल को भी ठीक कर दिया गया है। ये हमेशा बंद रहते थे। अगर मेट्रो नहीं आती तो यहां इतना काम भी नहीं होता।

- श्रृष्टि अग्रवाल अहिंसा खं ड-2
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