GZB Metro Phase II :: Route cleared from Dilshad Garden to Mohan Nagar - Amar Ujaala



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  • फंडिंग की चिंता दूर, समय से बस अड्डे आएगी मेट्रो

    दिलशाद गार्डन टु नया बस अड्डा मेट्रो लाने में जुटा पूरा अमला फंडिंग फार्मूला बिठाने को साथ बैठे अफसर नगर निगम, आविप अपना शेयर देने को तैयार मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत (करोड़ में ) अपनी-अपनी भागीदारी 1591
    केंद्र का अंशदान 344
    डीएमआरसी देगा 256
    जीडीए खर्च करेगा 465.50
    नगर निगम का हिस्सा 155.16
    आवास विकास परिषद 155.16
    यूपीएसआईडीसी 155.18



    गाजियाबाद। दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो सेकेंड फेज विस्तार में अब फंडिंग को लेकर किसी तरह की बाधा नहीं आएगी। शासन के रुख को देखते हुए 9.41 किमी लंबी इस परियोजना में जीडीए के साथ नगर निगम, आवास विकास परिषद और यूपीएसआईडीसी भी अपनी आर्थिक हिस्सेदारी देने को राजी हो गए हैं। जीडीए वीसी संतोष यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई अफसरों की बैठक में आर्थिक भागीदारी पर लगभग सहमति बन गई। क्षेत्रीय प्रबंधक के बैठक में नहीं आने की वजह से यूपीएसआईडीसी का फैसला जरूर सोमवार तक टल गया। आर्थिक भागीदारी के मसौदे को अंतिम रूप देने के सोमवार को फिर बैठक होगी।

    अफसरों के मुताबिक, दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा गाजियाबाद तक मेट्रो विस्तार में कुल लागत 1591 करोड़ आएगी। इसमें 344 करोड़ रुपये केंद्र देगा, जबकि डीएमआरसी की हिस्सेदारी 256 करोड़ होगी। अभी तक जीडीए पर 991 करोड़ का भार पड़ रहा था मगर अब प्राधिकरण के खाते में सिर्फ 465.50 करोड़ ही आएंगे। बाकी पैसा बराबर-बराबर नगर निगम, आवास विकास परिषद और यूपीएसआईडीसी देंगे। नगर निगम अपने हिस्से में से हर साल 30 करोड़ चुकाएगा। वहीं, आवास विकास परिषद अवस्थापना निधि से हर वर्ष 45 करोड़ का भुगतान करेगा। परिषद अफसरों ने कहा है कि पेमेंट की प्रक्रिया को वह अवस्थापना समिति के पास मंजूरी को भेज रहे हैं।



    यूपीएसआईडीसी के अफसर अपना फैसला सोमवार तक सुनाएंगे, हालांकि अंदरूनी रूप से उन्होंने भी इस मुद्दे पर हामी भर दी है। बैठक में संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे। जीडीए सचिव एससी उत्तम ने बताया कि सोमवार को संबधित अफसरों की फिर बैठक बुलाई गई है। इसमें विभागों के आर्थिक अंशदान को फाइनल रूप दे दिया जाएगा। अफसरों का दावा है कि मेट्रो समय से नये बस अड्डे पहुंचेगी।
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  • गाजियाबाद मेट्रो की बड़ी अड़चन दूर

    दिलशाद गार्डन से गाजियाबाद के नया बस अड्डे तक मेट्रो के विस्तार की राह में आ रही सबसे बड़ी अड़चन दूर होने लगी है। नौ किलोमीटर के इस एलिवेटेड ट्रैक को खड़ा करने में लगने वाले 1591 करोड़ में से 991 करोड़ रुपये जुटाने में गाजियाबाद नगर निगम और आवास एवं विकास परिषद ने हामी भर दी है।

    991 करोड़ का 50 प्रतिशत हिस्सा जीडीए खुद वहन करेगा। यानी 496 करोड़ रुपये जीडीए देगा और इतनी ही राशि आवास विकास, नगर निगम और यूपीएसआईडीसी को जुटानी है। विभाग अवस्थापना निधि से फंड जुटाएंगे। 2004 में बने इस प्रोजेक्ट को तीन साल पहले शासन से मंजूरी मिल गई थी, लेकिन आर्थिक साझेदारी को लेकर बात अब तक अटकी रही। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश के बाद जीडीए चेयरमैन संतोष यादव ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता में रखा।

    बैठक में शुक्रवार को आवास विकास एवं नगर निगम ने आर्थिक साझेदारी के लिए मंजूरी दे दी। यूपीएसआईडी के क्षेत्रीय प्रबंधक किसी कारण से बैठक में नहीं आए पाए। यादव ने कहा सोमवार तक यूपीएसआईडीसी का निर्णय भी प्राप्त हो जाएगा। सेकेंड फेज मेट्रो को लेकर अगले हफ्ते और कदम उठाए जाएंगे।
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  • Wow, excellent news.
    what is next, anyone?
    Will the funding pattern be communicated to DMRC now? and then the MOU? ya phir or bhi kuch baki hai?

    bhai logo, akal lagao, sabko samjhao. thanks
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  • There is one set back in the news. It will take 4 years to complete this project( earlier it was 30 months). 4 Years is too long time projected by Mr. Santosh kr. Yadav because of arrangement of payments. If the project delays, it will be additional.

    Hopfully MOU should be signed in the month of May with DMRC now.
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  • Originally Posted by mohanpruthi
    It will take 4 years to complete this project( earlier it was 30 months). 4 Years is too long time projected by Mr. Santosh kr. Yadav because of arrangement of payments. If the project delays, it will be additional.

    Hopfully MOU should be signed in the month of May with DMRC now.


    Kaam khatam hone ki chinta nahi hai kisi ko....MOU sign hone ki chinta hai sabko.... becuase for END USE POV even Dilshad Garden DELHI & Vaishali GZB Metro both can be catched in same 15 minutes time frame, and Metro will also take 10 minutes to reach from Mohan Nagar to Dilshad Garden....... what Metro will do, It will help to create HYPE and increase the Price LEVEL of property in whole GZB 15%-30%.
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  • Originally Posted by saurabh2011
    Kaam khatam hone ki chinta nahi hai kisi ko....MOU sign hone ki chinta hai sabko.... becuase for END USE POV even Dilshad Garden DELHI & Vaishali GZB Metro both can be catched in same 15 minutes time frame, and Metro will also take 10 minutes to reach from Mohan Nagar to Dilshad Garden....... what Metro will do, It will help to create HYPE and increase the Price LEVEL of property in whole GZB 15%-30%.


    sahi keh rahe ho saurabh ji...
    ek baar MOU sigh ho gaya....metro aane ki assurance will be 100% confirmed...
    ab wo 4 saal mein aaye.....yaa 7 saal mein....aayegi to zaroor...
    kab aane ki tension nahin hai.....kabhi bhi aaye....

    pehla pillar dala nahin ki...RNE ke rate aapko khud ba khud bahdte dikh jaayenge...:D
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  • Ye saare news papers itna safe reporting kyun kar rahe hain..."लगभग सहमति बन गई" ...Us usual from before "sab kkuch theek raha to" .

    Why cant they just sit for a day and decide. Yes or NO...public ka bewakoof banane ki aadat hai...aaj meeting 4 days later again meeting .bus meeting hi meeting since 2004!!

    Anyhow, News is really great. At least all heading in correct direction. Thumbs UP
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  • गाजियाबाद में मेट्रो के लिए फंडिंग पर सहमति बनी
    नवभारत टाइम्स | Apr 14, 2012, 10.29AM IST
    राकेश पाराशर।। गाजियाबाद

    दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो रेल लाने के लिए स्थानीय विभागों की शुक्रवार को जीडीए में हुई बैठक में फंडिंग पर सहमति बन गई। इसका प्रपोजल एक सप्ताह में शासन को भेज दिया जाएगा।

    बैठक की अध्यक्षता कर रहे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने बताया कि यह प्रॉजेक्ट चार साल में पूरा होगा, इसके लिए सभी विभाग अपने-अपने हिस्से की राशि चार साल में देंगे। जीडीए यूपी के हिस्से की आधी रकम 495.5 करोड़ रुपये देगा। नगर निगम 120 करोड़ (हर साल 30 करोड़) और आवास विकास परिषद 165 करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हो गए हैं। उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन की ओर से कोई अफसर बैठक में मौजूद नहीं था, इसलिए यूपीएसआईडीसी के रीजनल मैनेजर को सोमवार को बुलाया गया है। उनसे पूछा जाएगा कि वह इस प्रोजेक्ट के लिए कितना शेयर दे देंगे। पूरे प्रस्ताव को एक सप्ताह में शासन के पास मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा।

    वीसी के मुताबिक, जीडीए अपने फंड को सिटी डिवेलपमेंट चार्ज व एक्सटर्नल डिवेलपमेंट चार्ज बढ़ाने जैसे तरीकों से जुटाएगा। जीडीए को अवस्थापना निधि से मिलने वाली रकम भी इसमें इस्तेमाल की जाएगी। दिल्ली विकास प्राधिकरण के अफसरों से भी पूछा जाएगा कि उन्होंने दिल्ली मेट्रो के लिए अपने हिस्से का फंड कैसे जुटाया। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से लोन के लिए भी संपर्क किया गया है।
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  • Originally Posted by maxcapri
    Ye saare news papers itna safe reporting kyun kar rahe hain..."लगभग सहमति बन गई" ...Us usual from before "sab kkuch theek raha to" .

    Why cant they just sit for a day and decide. Yes or NO...public ka bewakoof banane ki aadat hai...aaj meeting 4 days later again meeting .bus meeting hi meeting since 2004!!

    Anyhow, News is really great. At least all heading in correct direction. Thumbs UP


    Sahi kahe rahe ho..... sometimes I think that when we got headache with just 1 new development news of METRO near our areas, then what is actually happening with NE Buyers Mentally.. because they are facing such YES/NO news for their own home approval/construction from last 1 year..... Really NE Buyers has great courage.
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  • Respected Saurabh Ji & Victor Ji,

    With due respect I would like to mention that I am totally disappointed with ur such views that it does not affect U when the metro comes in New Bus Adda in 4 years or 7 years. 5 minutes extra lagenge to go to dilshad garden or vaishali metro. So people need metro only for price rise not for their or their families convinience.
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  • Originally Posted by mohanpruthi
    Respected Saurabh Ji & Victor Ji,

    With due respect I would like to mention that I am totally disappointed with ur such views that it does not affect U when the metro comes in New Bus Adda in 4 years or 7 years. 5 minutes extra lagenge to go to dilshad garden or vaishali metro. So people need metro only for price rise not for their or their families convinience.


    sirji... :)
    assurance of having a metro, is more than when we will get a metro.
    agar assurance hi nahin hai....to metro kaise aayegi...??

    sirf price appreciation is not the only point...
    it is confirmation that, metro will be coming for sure.

    main bhi end user hoon...not an investor...
    so, i will also like this metro to start when i shift there...
    but assurance ...is a big satisfactory thing...
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  • Originally Posted by mohanpruthi
    Respected Saurabh Ji & Victor Ji,

    With due respect I would like to mention that I am totally disappointed with ur such views that it does not affect U when the metro comes in New Bus Adda in 4 years or 7 years. 5 minutes extra lagenge to go to dilshad garden or vaishali metro. So people need metro only for price rise not for their or their families convinience.


    For going to Noida.., RNE/MN public will still use Vaishali Metro....

    For going to DELHI/Gurgaon/Airport RIL High Speed Metro/DU public will get huge relief by Mohan Nagar Metro.....

    Time taken will be same to reach at Dilshad Garden DELHI Metro Station from RNE..... (1) 3-5 Minutes Bike/CAR drive + 10 Minutes Metro Drive from MN to DG, or (2) 15 Minutes State Drive by Bike/CAR to DG.
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  • नगर निगम नए स्रोतों से बढ़ाएगा अपनी इनकम


    दिलशाद गार्डन से गाजियाबाद नया बस अड्डा तक मेट्रो प्रोजेक्ट की फंडिंग के लिए नगर निगम आय के नए स्रोत तलाशने पर विचार कर रहा है। गौरतलब है कि फंडिंग को लेकर शुक्रवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि मेट्रो प्रोजेक्ट पर नगर निगम चार साल में 120 करोड़ रुपये देना है। फिलहाल नगर निगम का खजाना खाली ही नहीं उसके ऊपर करीब 25 करोड़ रुपये की देनदारी भी है।

    नगर आयुक्त का है कहना
    नगर आयुक्त जितेन्द्र सिंह का कहना है कि नगर निगम इस प्रोजेक्ट के लिए आमदनी के नए स्रोत्र तलाश कर पैसे का बंदोबस्त करेगा। सिंह ने माना कि मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए गत दिनों लखनऊ में बैठक हुई थी। इसमें नगर निगम के एक अधिकारी ने यह जरूर कहा था कि निगम किसी भी फैसिलिटी को डिवेलप नहीं करता , यह कार्य प्राधिकरण का है। नगर निगम का कार्य केवल उसके रखरखाव करने का है। ऐसे में नगर निगम इस प्रोजेक्ट में शेयरिंग नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से हिंडन पुल , मोहन नगर चौराहे और जीटी रोड तथा ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रैफिक के लगने वाले निरंतर ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। नगर आयुक्त मेट्रो को जनता की जरूरत बताकर फंड में शेयरिंग से पीछे नहीं हटने की बात कह रहे हैं।

    नगर निगम के पास आय के स्रोत्र काफी कम हैं। निगम वॉटर टैक्स , सीवर , डे्रन और हाउस टैक्स से कुल 150 करोड़ रुपये आता है। विज्ञापन आदि से साल में करीब 125 करोड़़ रुपये साल की आमदनी है। प्रॉपर्टी के लीज और अन्य किराए से साल में करीब 1.45 करोड़ रुपये इनकम होती है। अवस्थापना निधि से प्रति साल 45 करोड़ रुपये और 3.5 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार से नगर निगम को कई मदों के लिए धनराशि मिलती है। इस तरह से नगर निगम की कुल आमदनी 324.95 करोड़ रुपये है।

    शहर की जरूरत है मेट्रो : मेयर
    मेयर दमयंती गोयल का कहना है कि मेट्रो नया बस अड्डा तक आनी चाहिए। मेट्रो अब शहर की जरूरत बन गई है। इस प्रोजेक्ट का स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम को नहीं जीडीए या ऐसे विभागों और संस्थाओं को पैसा देना चाहिए जिन्हें मेट्रो के इस प्रोजेक्ट से डायरेक्ट लाभ होगा। इन विभागों मंे जीडीए , आवास विकास परिषद , यूपीएसआईडीसी तथा बिल्डर्स कंपनी शामिल हैं।

    ' पूरा पैसा प्रदेश सरकार को देना चाहिए '
    निगम बोर्ड कार्यकारिणी के निवर्तमान उपाध्यक्ष अनिल स्वामी का कहना है कि नये बस अड्डे तक मेट्रो प्रोजेक्ट जल्दी पूरा होना चाहिए लेकिन इसके लिए पूरा पैसा प्रदेश सरकार को देना चाहिए। प्रदेश के कुल राजस्व का करीब 16 प्रतिशत गाजियाबाद से जाता है। उन्होंने नगर आयुक्त द्वारा 120 करोड़ रुपये देने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह नीतिगत फैसला है। नए बोर्ड के गठन तक इस पर कोई फैसला लेने से नगर आयुक्त को बचना चाहिए था।


    -Navbharat times
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  • Builders started taking advantage of Metro News !!!

    A clear cut example of confidence catching up among builders about Metro, from Dilshad Garden To New Bus Adda.

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  • sahi kaha victor bhai.. Infact every builder is boosting of metro.. Chalo sahi bhi hai, this will promp them to finish construction at faster pace and we can hope to get our home on time...

    Kisi ne sahi kaha hai.. Burai main bhi acchai hoti hai..

    Cheers
    Om

    Originally Posted by victors
    Builders started taking advantage of Metro News !!!

    A clear cut example of confidence catching up among builders about Metro, from Dilshad Garden To New Bus Adda.

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