GZB Metro Phase II :: Route cleared from Dilshad Garden to Mohan Nagar - Amar Ujaala



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  • मेट्रो लाइन के किनारे घर-दुकान की तैयारी


    नवयुग मार्केट।। दिलशाद गार्डन से न्यू बस स्टैंड मेट्रो लाइन के पास नए कमर्शल और रेजिडेंशल एरिया बसाए जाएंगे। जीडीए का प्लान है कि बंद पड़ी फैक्ट्रियों से कन्वर्जन चार्ज लेकर उनका लैंड यूज बदल दिया जाए। आज (बुधवार) होने वाली जीडीए बोर्ड मीटिंग में इसका प्रपोजल पेश होने की संभावना है। प्रपोजल अप्रूव होने पर भविष्य में इस एरिया की सूरत ही बदल जाएगी।

    क्या है प्लान : सीमापुरी से न्यू बस स्टैंड तक कमर्शल और रेजिडेंशल एरिया है। जीडीए सूत्रों के मुताबिक, राजेंद्र नगर, लोनी रोड और आनंद एस्टेट इंडस्ट्रियल एरिया में काफी फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं, लेकिन इनका लैंड यूज नहीं बदला गया है। जीडीए की नजर ऐसी ही जमीन पर है।

    क्या होगा फायदा : सूत्रों का कहना है कि कन्वर्जन के रूप में जीडीए को करोड़ों रुपये मिलेंगे। इससे मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए फंड जुटाने में कुछ आसानी होगी।

    कहां पर है नजर : सूत्रों का दावा है कि मोहननगर, लोनी रोड इंडस्ट्रियल एरिया और आनंद एस्टेट इंडस्ट्रियल काफी डिवेलप होगा।

    बदल चुका है लैंड यूज : लोनी रोड इंडस्ट्रियल एरिया में बंद पड़ी फैक्ट्रियों का लैंड यूज बदल चुका है।

    _navbharat times
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  • Ghaziabad Development Authority funds for Rithala Metro line


    GHAZIABAD: Ghaziabad Development Authority (GDA), on Wednesday, approved a sanction of Rs 200 crore to Delhi Metro Rail Corporation in the financial year 2012-13 for extension of the Rithala-Dilshad Garden line till the New Bus Stand in Ghaziabad.

    In a first, GDA has earmarked Rs 1,000 crore to shore up its land bank. Moreover, the Metro link from Dilshad Garden to the New Bus Stand has been a priority for UP CM Akhilesh Yadav. In a board meeting, the authority agreed to chip in Rs 495 crore of the estimated project cost of Rs 981 crore. The remaining cost would be borne equally by Ghaziabad Municipal Corporation, UP Housing Board and UP State Industrial Development Corporation .

    "The funding pattern has been decided and would be sent to the UP government for approval on Friday. The government has already given in-principle approval and we are hopeful that the funding pattern would also get the go-ahead," GDA vice-chairman Santosh Yadav said.

    TOI
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  • बाधाएं दूर, मेट्रो को लगे पंख
    दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो का फंडिंग पैटर्न तय
    अमर उजाला ब्यूरो
    गाजियाबाद। दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। बुधवार को हुई जीडीए बोर्ड बैठक में सेकेंड फेज मेट्रो पर मुहर लग गई। फंडिंग पैटर्न पर मुहर लगा दी। यूपीएसआईडीसी भी मेट्रो प्रोजेक्ट में अपना अंशदान देने को तैयार हो गया। जीडीए ने चालू वित्त वर्ष में मेट्रो के लिए 200 करोड़ रुपये रिजर्व भी कर दिए। अब जैसे ही इस पर शासन की मुहर लगेगी, उसके तुरंत बाद जीडीए और डीएमआरसी एमओयू साइन करने की प्रक्रिया में जुट जाएंगे।
    दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो विस्तार की कुल लागत 1591 करोड़ आंकी गई है। इसमें जीडीए को 991 करोड़ रुपये का अंशदान देना है। बाकी विभागों की सहभागिता के लिए जीडीए ने खास फंडिंग पैटर्न तैयार किया था। इसमेें 50 फीसदी धनराशि खुद जीडीए और बाकी 50 फीसदी धन आवास विकास परिषद, नगर निगम और यूपीएसआईडीसी से लेने का प्रस्ताव था। अभी तक जीडीए के फंडिंग पैटर्न पर यूपीएसआईडीसी की सहमति नहीं मिली थी।
    बैठक के बाद जीडीए अध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि बोर्ड और यूपीएसआईडीसी ने नए फंडिंग पैटर्न को मंजूरी दे दी।
    नया बस अड्डा तक मेट्रो की सभी बाधाएं हो गईं दूर
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  • मेट्रो के लिए देना होगा एक्स्ट्रा चार्ज


    नवभारत टाइम्स | Apr 26, 2012, 05.17AM IST
    नवयुग मार्केट।। जीडीए की बोर्ड मीटिंग में दिलशाद गार्डन - न्यू बस स्टैंड मेट्रो प्रॉजेक्ट के फंडिंग पैटर्न को ग्रीन सिग्नल दे दिया गया है। पैसा जुटाने के लिए जीडीए मेट्रो लाइन के आसपास की जमीन एडिशनल चार्ज लगाएगा। उम्मीद है कि एक साल में अथॉरिटी को इससे 150 करोड़ रुपये मिलेंगे। इंडस्ट्रियल लैंड का यूज बदलने का भी प्रावधान है। वीसी संतोष कुमार यादव ने बताया कि अब फंडिंग प्लान को मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। चालू फाइनैंशल इयर के लिए पेश किए गए बजट में 2282 करोड़ रुपये की आमदनी और 2280 करोड़ रुपये का प्रस्तावित खर्च दिखाया गया है। वीसी ने बताया कि इनकम के साथ खर्च भी बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। बजट बोर्ड में पास हो गया है।

    क्या है प्रॉजेक्ट
    दिलशाद गार्डन - न्यू बस स्टैंड मेट्रो
    लंबाई 7.37 किलोमीटर
    प्रस्तावित खर्च : 1591 करोड़




    फंडिंग प्लान -
    जीडीए और बाकी विभाग : 991 करोड़
    केंद्र सरकार : 344 करोड़
    डीएमआरसी : 256 करोड़

    कहां से भारी होगी पॉकेट
    1. इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ( अवस्थापना निधि ) से
    2. मेट्रो रूट के अलाइनमेंट एरिया को नया एरिया मानते हुए वित्तीय संसाधनों में बढ़ोतरी से
    3. मास्टरप्लान -2021 में मेट्रो अलाइनमेंट रूट के साउथ और अर्थला गांव के पास लैंड यूज इंडस्ट्रियल है। यहां कई फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं। प्रपोजल आने पर लैंड यूज बदलने पर चार्ज लगाकर
    4. मेरठ रोड के वेस्ट साइड ( राजनगर एक्सटेंशन ) में एडिशनल डिवेलपमेंट चार्ज लगाने से
    5. मेट्रो से प्रभावित एरिया में फ्लोर एरिया रेश्यो से मिलने वाली रकम

    लिखित में भेजा जाएगा पेमेंट शेड्यूल : वीसी के अनुसार , जीडीए और बाकी विभागों को 4 साल में 991 करोड़ रुपये देने हैं। इसमें अकेले जीडीए का हिस्सा 495.5 करोड़ है। इतनी ही रकम नगर निगम , आवास विकास परिषद और यूपीएसआईडीसी को देनी है। नगर निगम और आवास विकास परिषद ने फंडिंग पर सहमति जताई है। यूपीएसआईडीसी के एमडी ने भी सहमति जताई है। उनको लिखित में पेमेंट शेड्यूल भेजा जा रहा है।

    शासन के पास जल्द पास होगा प्लान : यादव के मुताबिक , फंडिंग पैटर्न को बोर्ड से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद इसे प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। 1-2 दिन में इसे शासन के पास भेजा जाएगा। वहां से इसे जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।



    फंडिंग प्लान -
    जीडीए और बाकी विभाग : 991 करोड़
    केंद्र सरकार : 344 करोड़
    डीएमआरसी : 256 करोड़

    कहां से भारी होगी पॉकेट
    1. इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ( अवस्थापना निधि ) से
    2. मेट्रो रूट के अलाइनमेंट एरिया को नया एरिया मानते हुए वित्तीय संसाधनों में बढ़ोतरी से
    3. मास्टरप्लान -2021 में मेट्रो अलाइनमेंट रूट के साउथ और अर्थला गांव के पास लैंड यूज इंडस्ट्रियल है। यहां कई फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं। प्रपोजल आने पर लैंड यूज बदलने पर चार्ज लगाकर
    4. मेरठ रोड के वेस्ट साइड ( राजनगर एक्सटेंशन ) में एडिशनल डिवेलपमेंट चार्ज लगाने से
    5. मेट्रो से प्रभावित एरिया में फ्लोर एरिया रेश्यो से मिलने वाली रकम

    लिखित में भेजा जाएगा पेमेंट शेड्यूल : वीसी के अनुसार , जीडीए और बाकी विभागों को 4 साल में 991 करोड़ रुपये देने हैं। इसमें अकेले जीडीए का हिस्सा 495.5 करोड़ है। इतनी ही रकम नगर निगम , आवास विकास परिषद और यूपीएसआईडीसी को देनी है। नगर निगम और आवास विकास परिषद ने फंडिंग पर सहमति जताई है। यूपीएसआईडीसी के एमडी ने भी सहमति जताई है। उनको लिखित में पेमेंट शेड्यूल भेजा जा रहा है।

    शासन के पास जल्द पास होगा प्लान : यादव के मुताबिक , फंडिंग पैटर्न को बोर्ड से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद इसे प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा। 1-2 दिन में इसे शासन के पास भेजा जाएगा। वहां से इसे जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है।
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  • An excellent news for RNE members also.

    I hope that the UP Government will give approval ASAP and MOU will be signed with DMRC at the earliest. Let us pray that the construction of first metro pillar will commence latest by December 2012.
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  • नोएडा सेक्टर-62 से भी नया बस अड्डा तक मेट्रो लाने का प्रस्ताव

    बुधवार को हुई जीडीए बोर्ड बैठक में अन्य प्रस्तावों के साथ एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव मेट्रो फेज-3 का रखा गया.
    इस प्रस्ताव पर बैठक में सहमति प्रदान कर दी गई. प्रस्ताव में सेक्टर-62 नोएडा पहुंच रही मेट्रो का विस्तार करके उसे सीआईएसएफ इंदिरापुरम होकर डीपीएस स्कूल के पास से मोड़कर हिंडन नदी पार करते हुए आवास विकास की सिद्धार्थ विहार-प्रताप विहार योजना होते हुए मेट्रो को नया बस अड्डा तक लाना है.

    अगर डीएमआरसी जीडीए के 4.30 किलोमीटर दूरी वाले इस प्रस्ताव को मान लेता है तो एनएच-24 पर यातायात दबाव कम हो जाएगा और इसके साथ ही नोएडा गाजियाबाद से मेट्रो से सीधे जुड़ जाएगा. इस प्रस्ताव की चर्चा तक मीडिया ब्रीफिंग में नहीं की गई तथा इसको लेकर पूरी गोपनीयता रखने का प्रयास किया गया.

    सूत्रों के अनुसार जीडीए चेयरमैन संतोष कुमार यादव की अनुमति से बोर्ड बैठक में रखे गए प्रस्ताव में कहा गया कि मेट्रो को सेक्टर-62 नोएडा सीआईएसएफ तक मेट्रो को लाया जाए और सीआईएसएफ और शिप्रा सनसिटी के बीच वाले मुख्य मार्ग पर मेट्रो को डीपीएस इंदिरापुरम तक ले जाकर घुमा दिया जाए और कनावनी के पास से हिंडन नदी पार करते हुए मेट्रो को सीधे आवास विकास परिषद की एनएच-24 के सामने तथा प्रताप विहार के पास डेवलप होने जा रही सिद्धार्थ विहार योजना होकर महामाया स्टेडियम की ओर से सीधे बस अड्डे के प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन से जोड़ दिया जाए.


    इस परियोजना पर करीब 800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है क्योंकिं हिंडन नदी के पर पुल बनाकर एलीवेटेड ट्रैक के जरिए और प्रताप विहार-इस्लामनगर के पास रेलवे क्रासिंग पर आरओबी बनाकर ही मेट्रो को नया बस अड्डा तक लाया जा सकेगा. जीडीए बोर्ड बैठक में शामिल अधिकारियों के अनुसार इस प्रस्ताव को विचार-विमर्श के लिए सैद्धान्तिक सहमति प्रदान कर दी गई है .
    नगर निगम, आवास एवं विकास परिषद तथा अन्य विभागों के अफसरों ने बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी है.

    बोर्ड बैठक में मेट्रो फेज-3 संबंधित इस प्रस्ताव को मंजूरी के बाद भी इसको अमली जामा पहनाना आसान नहीं है क्योंकि यह प्रस्ताव जीडीए का है न कि डीएमआरसी का. अब इसके बाद जीडीए के अधिकारी डीएमआरसी के निदेशक प्लानिंग व अन्य अफसरों से संपर्क कर उनको तैयार करेंगे कि इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दें. यह रूट डीएमआरसी के लिए फायदेमंद रहेगा तथा गाजियाबाद-नोएडा-दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी भी और बढ़ जायेगी. इस प्रोजेक्ट में धन की कमी न आने का भी भरोसा दिया जायेगा.


    इस वैकल्पिक प्रस्ताव को लेकर जीडीए के अफसर काफी उत्साहित नजर आए. नाम न छापने की शर्त पर एक आला अधिकारी ने कहा कि यह जीडीए अध्यक्ष का सरप्राइज है लेकिन वह चाहते हैं कि पहले इसको डीएमआरसी से हरी झंडी मिल जाए तो प्रदेश सरकार से भी औपचारिकता पूरी करा ली जायेगी इसी लिए इस प्रस्ताव को लेकर गोपनीयता बरती गई.
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  • vaise ek salah hum bhi de dete hain gaur kijiye. Chand aur suraj ke bich pool banana asaan hai kyon na ek pool vahan bana diya jaye aur vahan se usse naya bus adda tak laya jaye ye assan hoga
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  • नोएडा से.62 से प्रताप विहार तक जाएगी मेट्रो


    जीडीए ने थर्ड फेज में मेट्रो को नोएडा सेक्टर-62 से प्रताप विहार तक लाने की प्लानिंग की है। बुधवार को बोर्ड मीटिंग में वीसी के मौखिक प्रपोजल को सैद्धांतिक सहमति मिल गई। प्रताप विहार लाइन बनने के बाद अगले फेज में इसे सिटी रेलवे स्टेशन से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। डीएमआरसी की डीपीआर के मुताबिक, 9 किलोमीटर लंबी लाइन पर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा के खर्च का अनुमान है। प्रताप विहार तक रूट की लंबाई करीब 7 किमी है। इस रूट पर नोएडा सेक्टर-62, शिप्रा मॉल कट, सीआईएसएफ, सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार स्टेशन हो सकते हैं। मीटिंग में वैशाली लाइन को सीआईएसएफ तक बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।

    वीसी ने मीटिंग में मौखिक प्रस्ताव रखा था कि न्यू बस स्टैंड प्रोजेक्ट के साथ साथ लाइन पर एरिया को भी मेट्रो से कनेक्ट किया जाए। वहां आबादी के प्रेशर के साथ-साथ रियल एस्टेट सेक्टर भी डिवेलप हो रहा है। भविष्य में यहां मेट्रो की सबसे ज्यादा जरूरत होगी। वैशाली लाइन एक्सटेंड करने के प्रपोजल पर ज्यादातर मेंबर्स एक नहीं थे। उनमें इस बात पर एक राय थी कि नोएडा सेक्टर-62 के प्रस्तावित मेट्रो रूट को गाजियाबाद सिटी तक एक्सटेंड किया जाए। उनका कहना था कि प्रस्तावित सेक्टर-62 मेट्रो को एनएच-24 से एलिवेटिड किया जाए। यहां से उसे सीआईएसएफ के सामने से सिद्धार्थ विहार आवासीय स्कीम से प्रताप विहार तक लाया जाए। बाद में जरूरत के हिसाब से इसे विजय नगर होते हुए रेलवे स्टेशन तक बढ़ाया जाए।

    2045 करोड़ के खर्च का अनुमान : नोएडा सेक्टर-62 से सिटी रेलवे स्टेशन वाया प्रताप विहार मेट्रो रूट की लंबाई करीब 9 किमी होगी। डीएमआरसी की डीपीआर के हिसाब से इस पर करीब 2045 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।

    5 होंगे स्टेशन : नोएडा सेक्टर-62 से प्रताप विहार तक 5 स्टेशन बनने की संभावना है। यह स्टेशन सेक्टर-62, शिप्रा मॉल कट, सीआईएसएफ, सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार स्टेशन हो सकते हैं।

    क्या होगा फायदा : इस प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा फायदा लाइन पार एरिया और एनएच -24 के किनारे बसी सभी कॉलोनियों को होगा। इनमें विजय नगर , प्रताप विहार , सिद्धार्थ विहार और इंदिरापुरम शामिल है ं।

    _Navbharat times
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    नोएडा से.62 से प्रताप विहार तक जाएगी मेट्रो


    जीडीए ने थर्ड फेज में मेट्रो को नोएडा सेक्टर-62 से प्रताप विहार तक लाने की प्लानिंग की है। बुधवार को बोर्ड मीटिंग में वीसी के मौखिक प्रपोजल को सैद्धांतिक सहमति मिल गई। प्रताप विहार लाइन बनने के बाद अगले फेज में इसे सिटी रेलवे स्टेशन से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। डीएमआरसी की डीपीआर के मुताबिक, 9 किलोमीटर लंबी लाइन पर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा के खर्च का अनुमान है। प्रताप विहार तक रूट की लंबाई करीब 7 किमी है। इस रूट पर नोएडा सेक्टर-62, शिप्रा मॉल कट, सीआईएसएफ, सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार स्टेशन हो सकते हैं। मीटिंग में वैशाली लाइन को सीआईएसएफ तक बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी।

    वीसी ने मीटिंग में मौखिक प्रस्ताव रखा था कि न्यू बस स्टैंड प्रोजेक्ट के साथ साथ लाइन पर एरिया को भी मेट्रो से कनेक्ट किया जाए। वहां आबादी के प्रेशर के साथ-साथ रियल एस्टेट सेक्टर भी डिवेलप हो रहा है। भविष्य में यहां मेट्रो की सबसे ज्यादा जरूरत होगी। वैशाली लाइन एक्सटेंड करने के प्रपोजल पर ज्यादातर मेंबर्स एक नहीं थे। उनमें इस बात पर एक राय थी कि नोएडा सेक्टर-62 के प्रस्तावित मेट्रो रूट को गाजियाबाद सिटी तक एक्सटेंड किया जाए। उनका कहना था कि प्रस्तावित सेक्टर-62 मेट्रो को एनएच-24 से एलिवेटिड किया जाए। यहां से उसे सीआईएसएफ के सामने से सिद्धार्थ विहार आवासीय स्कीम से प्रताप विहार तक लाया जाए। बाद में जरूरत के हिसाब से इसे विजय नगर होते हुए रेलवे स्टेशन तक बढ़ाया जाए।

    2045 करोड़ के खर्च का अनुमान : नोएडा सेक्टर-62 से सिटी रेलवे स्टेशन वाया प्रताप विहार मेट्रो रूट की लंबाई करीब 9 किमी होगी। डीएमआरसी की डीपीआर के हिसाब से इस पर करीब 2045 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।

    5 होंगे स्टेशन : नोएडा सेक्टर-62 से प्रताप विहार तक 5 स्टेशन बनने की संभावना है। यह स्टेशन सेक्टर-62, शिप्रा मॉल कट, सीआईएसएफ, सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार स्टेशन हो सकते हैं।

    क्या होगा फायदा : इस प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा फायदा लाइन पार एरिया और एनएच -24 के किनारे बसी सभी कॉलोनियों को होगा। इनमें विजय नगर , प्रताप विहार , सिद्धार्थ विहार और इंदिरापुरम शामिल है ं।

    _navbharat times



    rajnagar ko b kuch fayda hoga ya nai is nai metro se.
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  • Its a very important development...hope everything works at decent pace
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  • कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास 400 परिवारों का स्टूडियो

    गाजियाबाद। रियल एस्टेट बाजार में प्राइवेट बिल्डरों का मजबूती से मुकाबला करने के लिए जीडीए ने कमर कस ली है। कौशांबी से जंग की शुरुआत का ऐलान किया गया है। महानगर की जरूरतों के मद्देनजर स्टूडियो अपार्टमेंट्स के साथ खरीददारों को लुभाने की तैयारी है। कौशांबी में 11 मंजिला 400 फ्लैट्स के दो टावरों को स्टूडियो अपार्टमेंट्स की तर्ज पर रि-कंस्ट्रक्ट करने का निर्णय लिया गया है।

    जीडीए चेयरमैन संतोष यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट को बाजार में हाथों-हाथ लिया जा रहा है। सीआईएसएफ ने स्टूडियो अपार्टमेंट्स में 124 फ्लैट खरीदने का प्रपोजल भेज दिया है। सीआईएसएफ के साथ 24 करोड़ रुपये में सौदा किया जाएगा। आज यहां कल वहां। महानगर में ऐसी जिंदगी जीने वालों की कमी नहीं है।

    कुछ समय के लिए किसी प्रोजेक्ट के पूरा होने तक हॉटसिटी में रहने आए लोगों के लिए जीडीए स्टूडियो अपार्टमेंट का कान्सेप्ट लेकर आ रहा है। कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास वर्षो पहले बनाए गए खाली पड़े दो टावर नीलकंठ और गंगोत्री को नए अंदाज में बेचा जाएगा।
    दोनों टावरों को नीलाम करने की बजाए खुद लिफ्ट, सीवेज, रंग-रोगन और रि-कंस्ट्रक्शन करके नया लुक दिया जाएगा। पार्किंग और बॉउंड्री वॉल के साथ आरडब्ल्यूए बनाकर कम्युनिटी लिविंग डेवलप की जाएगी।

    जीडीए चेयरमैन संतोष यादव ने कहा कि लिविंग एरिया का सर्वाधिक उपयोग करते हुए बनाए गए कॉम्पैक्ट मकानों की इमारत को स्टूडियो अपार्टमेंट कहा जाता है। करीब 300 वर्ग फुट में लिविंग एरिया, बेड रूम को कॉमन करते हुए बाथरूम और पैंट्री स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा।
    स्टूडियो अपार्टमेंट का कॉन्सेप्ट ऐसे लोगों के लिए है जो एक निश्चित समय के लिए एक शहर में रहने आते हैं। काम पूरा होने के बाद उन्हें वापस जाना होता है। ऐसे लोगों को इकोनॉमिकल प्राइस पर घर उपलब्ध कराया जाता है। इधर कुछ समय से स्टूडियो अपार्टमेंट की डिमांड बढ़ी है।

    प्राइवेट बिल्डर्स भी अपनी हर स्कीम में स्टूडियो अपार्टमेंट बनवा रहे हैं। जीडीए के सीएटीपी एस.सी. गौड़ ने बताया कि स्टूडियो अपार्टमेंट की जरूरत एक दशक पहले काफी महसूस की गई थी। फिर लोगों का रुझान स्टूडियो अपार्टमेंट से हट गया। इधर कुछ समय से स्टूडियो अपार्टमेंट्स फिर से चलन में आ गए हैं।

    इसलिए नए अंदाज में स्टूडियो अपार्टमेंट्स को बाजार में उतारा गया है। कौशांबी में पहले फेज में करीब 400 स्टूडियो अपार्टमेंट तैयार किए जाएंगे।

    -Hindustan
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  • Ghaziabad authority approves Rs.200 crore for Delhi Metro extension


    Ghaziabad : The Ghaziabad Development Authority (GDA) board Wednesday allocated Rs.200 crore to the Delhi Metro for extending its network, besides clearing 12 other proects.
    GDA Chairman Santosh Kumar Yadav said that the board had approved a proposal to double the income of the authority in the coming financial year. Earlier the income was Rs.1,368 crore and the target for the new financial year is Rs.2,282 crore.
    The board approved 40,000 square metre land to the 400 KV power station in Indirapuram free of cost and five acre land to 220 KV power station in Madhuban Bapudhan housing scheme of the GDA, among other proposals.

    Ghaziabad authority approves Rs.200 crore for Delhi Metro extension | TwoCircles.net
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  • मेट्रो विस्तार पर नोएडा की सुस्त चाल
    डीएमआरसी ने जताई नाराजगी नोएडा प्राधिकरण को लिखा पत्र

    नोएडा। मेट्रो विस्तार परियोजना को लेकर नोएडा प्राधिकरण की सुस्त चाल पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने कड़ी नाराजगी जताई है। डीएमआरसी ने पत्र लिखकर प्राधिकरण से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

    मेट्रो रेल परियोजना के तीसरे चरण के तहत प्रस्तावित सभी कॉरीडोर वर्ष-2016 तक पूरे किए जाने हैं। बॉटेनिकल गार्डन-जनकपुरी वेस्ट कॉरीडोर भी इसी चरण का हिस्सा है। परियोजना को समय से पूरा करने के लिए कालिंदी कुंज से जनकपुरी तक 33.494 किलोमीटर लंबे कॉरीडोर के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस पर अगले कुछ दिनों में काम भी शुरू हो जाएगा। डीएमआरसी ने कालिंदी कुंज से बॉटेनिकल गार्डन तक प्रस्तावित 3.494 किलोमीटर लंबे सेक्शन के लिए निविदा आमंत्रण सूचना (एनआईटी) तैयार कर ली है, लेकिन नोएडा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न मिलने से परियोजना में पेंच फंसा है।

    डीएमआरसी के मुताबिक नोएडा ने फरवरी के बाद से इस परियोजना में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जिसके चलते परियोजना में देरी हो रही है। यदि प्राधिकरण की तरफ से और देरी हुई तो इसका असर परियोजना की लागत पर भी पड़ेगा है।

    नोएडा रेस्पांस दे, हमारी तैयारी पूरी
    ‘हमारी तरफ से तरफ से तैयारी पूरी है, लेकिन नोएडा प्राधिकरण की तरफ से कोई रेस्पांस नहीं मिल रहा है। इसी को ध्यान में रखकर पत्र लिखा गया है।’ -संध्या शर्मा, प्रवक्ता, डीएमआरसी।

    गाजियाबाद निकला आगे
    मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के तहत दिलशाद गार्डन से गाजियाबाद के नए बस अड्डे तक मेट्रो के विस्तार को मंजूरी मिल गई है। जून :) में इसके एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग) का शेड्यूल निर्धारित कर दिया है, लेकिन नोएडा इस सिलसिले में पिछड़ता दिखा रहा है।
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  • मेट्रो के लिए जीडीए कर रहा आय बढ़ाने की कवायद

    गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता :
    दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे तक आने वाली मेट्रो के लिए पैसा जुटाने के लिए जीडीए कई तरह के जतन में लगा हुआ है। इसके लिए जीडीए को करीब एक हजार करोड़ रुपये कर इंतजाम करना है। इसे इकठ्ठा करने के लिए जीडीए का सबसे अधिक ध्यान कंपाउंडिंग और विकास शुल्क बढ़ाने को लेकर है। जीडीए अधिकारियों का मानना है कि बिना आय में इजाफा किए हुए मेट्रो को नए बस अड्डे तक लाना संभव नहीं है।


    उल्लेखनीय है कि जीडीए की महत्वाकांक्षी योजना मेट्रो पर कुल लागत 1581 करोड़ रुपये है। इसमें मोटे तौर पर करीब एक हजार करोड़ रुपये जीडीए को एकत्र करना है। इस पैसे को एकत्र करने के लिए जीडीए ने नए वित्त वर्ष में आय और व्यय के बजट में काफी बढ़ोत्तरी की है। पिछले वित्त वर्ष में जीडीए की आय जहां 1366 करोड़ था वहीं नए वित्त वर्ष में आय को 2282 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।



    इसमें अकेले जीडीए ने एक हजार करोड़ मेट्रो के लिए रखा है। मेट्रो का फंड एकत्र करने के लिए जीडीए ने इस वित्तीय वर्ष में कंपाउंडिंग का बजट 56 करोड़ से बढ़ाकर 200 करोड़ कर दिया है। वहीं एफएआर संबंधी मानकों में संशोधन के लिए बजट 18 करोड़ से बढ़ाकर 300 करोड़ कर दिया गया है। इसी तरह भूमि उपयोग बदलने के लिए इस वर्ष 250 करोड़ का लक्ष्य रखा है। वहीं विकास शुल्क पिछले साल केवल 202 करोड़ था उसे बढ़ाकर 503 करोड़ कर दिया गया है।
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