GZB Metro Phase II :: Route cleared from Dilshad Garden to Mohan Nagar - Amar Ujaala



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  • well, ab to June ka intejar hai jab MOU sign hoga.
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  • मेट्रो : फंडिंग का नया पैटर्न शासन को भेजा
    गाजियाबाद। दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो के लिए जीडीए अधिकारियों ने शासन को नया फंडिंग पैटर्न भेज दिया है। शनिवार को भेजे फंडिंग पैटर्न पर मुख्य सचिव जावेद उस्मानी शासन का रुख स्पष्ट करेंगे। मई के पहले सप्ताह में पैटर्न पर फैसला होने की संभावना है। इस पर मंजूरी मिलते ही जीडीए एमओयू की प्रक्रिया शुरू करेगा।

    दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक मेट्रो विस्तार के लिए जीडीए को 991 करोड़ देने हैं। जीडीए बोर्ड बैठक में नए फंडिंग पैटर्न पर अंशदान पर अनिश्चित यूपीएसआईडीसी ने भी सहमति की मंजूरी दी थी। जीडीए अध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि मेट्रो विस्तार के लिए फंडिंग पैटर्न शासन की मंजूरी के लिए भेज दिया है। नगर निगम और आवास विकास परिषद पहले ही अंशदान देने पर सहमति जता चुके हैं।
    मई के पहले सप्ताह तक स्पष्ट हो जाएगा शासन का रुख
    -Amar Ujala
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  • मेट्रो के विस्तार को लेकर निगम की समस्या बढ़ी

    6 मेट्रो के मद्देनजर जीडीए ने बनाई प्रॉपर्टी बेचने की योजना
    डीएमआरसी ने नहीं दिया नगर निगम को सर्विस चार्ज
    फंसा पेंच :
    गाजियाबाद,वरिष्ठ संवाददाता : मेट्रो को दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे तक लाने के लिए राजस्व जुटाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। यही कारण है कि वह अपनी पुरानी व्यावसायिक प्रॉपर्टी को बेचकर अपनी आय बढ़ाना चाहता है। इस तरह की एक सूची विभाग ने हाल में तैयार की है, जिसमें करीब 182 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है। इसे बेचने की कवायद जीडीए ने तेज कर दी है।
    उल्लेखनीय है कि जीडीए को मेट्रो को दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे तक लाने में करीब एक हजार करोड़ रुपये जुटाने हैं। ऐसे में जीडीए आय बढ़ाने के लिए हर तरह से हाथ पैर मार रहा है। सचिव सुभाष चंद्र उत्तम ने बताया कि वर्तमान में जीडीए की करीब 182 करोड़ रुपये की संपत्ति विभिन्न योजनाओं में पड़ी है। इनमें नर्सिंग होम, पेट्रोल पंप और सामुदायिक केंद्र से संबंधित कुल 28 संपत्तियों की बिक्री नहीं है। इनकी कीमत करीब 77 करोड़ 70 लाख है। जीडीए की विभिन्न योजनाओं में कुल 12 शैक्षणिक भूखंडों की बिक्री नहीं हो पाई है। इनकी बिक्री से जीडीए को करीब 30 करोड़ 39 लाख रुपये का लाभ होगा। यहीं जीडीए के पास ग्रुप हाउसिंग से संबंधित चार प्लाट बचे हुए है। इन प्लाटों की बिक्री से जीडीए को 69 करोड़ और 58 लाख रुपये का लाभ होगा। यही हाल विभिन्न योजनाओं और दुकानों का है। विभिन्न योजनाओं में दुकानों को बेचकर जीडीए को 5 करोड़ 3 लाख रुपये की आय होगी। इस तरह सभी संपत्तियों को बेचकर जीडीए को 182 करोड़ 72 लाख रुपये की आय होगी।
    साहिबाबाद, जागरण संवाद केंद्र : मेट्रो के विस्तार को लेकर नगर निगम की समस्या बढ़ गई है। निगम अधिकारियों का कहना है कि डीएमआरसी ने सर्विस चार्ज अदा नहीं किया है, ऐसे में 161 करोड़ रुपये उसे कहां से दिए जाएं।
    नगर निगम व डीएमआरसी के बीच अभी तक पेंच फंसा हुआ है। वसुंधरा जोन ने डीएमआरसी से कौशांबी व वैशाली मेट्रो स्टेशन को लेकर सर्विस चार्ज की मांग की थी, यह सर्विस चार्ज एक साल का करीब ढाई करोड़ रुपये बनता है। सर्विस चार्ज की वसूली को लेकर वसुंधरा जोन के प्रभारी टीपी वर्मा व कर अधीक्षक पीके द्विवेदी ने डीएमआरसी को कई नोटिस भेजे, लेकिन इसका अभी तक समाधान नहीं हो सका है। यह जरूर है कि डीएमआरसी के प्रबंधक ने नगर निगम को पत्रों के माध्यम से सर्विस चार्ज की वसूली को लेकर कई तर्क दिए हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि डीएमआरसी ने नगर निगम को ढाई करोड़ रुपये सर्विस चार्ज अभी तक अदा नहीं किया है और दूसरी तरफ निगम को मेट्रो के विस्तार के लिए डीएमआरसी को 161 करोड़ रुपये अदा करने हैं। ऐसे में बात यह आती है कि पहले डीएमआरसी निगम का बकाया तो अदा करे उसके बाद नगर निगम भी मेट्रो के विस्तार के लिए दी जाने वाली रकम का बंदोबस्त करे।
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  • NEWS IN NBT
    today will be the meeting for metro funding approval at lucknow GDA VC has gone to LKO for the same....lets see the outcome tmrw...waiting for some great news tomorow
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  • Originally Posted by maxcapri
    NEWS IN NBT
    today will be the meeting for metro funding approval at lucknow GDA VC has gone to LKO for the same....lets see the outcome tmrw...waiting for some great news tomorow


    Dear saurabh/maxcapri bhai
    u people are doing good work to bring some cheerful news for all real estate lovers.you have started three parallel threads
    GZB Metro Phase II :Dilshad Garden to Mohan Nagar - Updates
    New Developments in Gzbd...Connectivity!
    Developments near ghaziabad affecting Gzbd

    there is one request to you to please delete two threads and do post all news in a single one(you can rename it as a comprehensive name for gzb lovers).
    A service class person like me can not have so much time to go throw all threads(sometimes i have to check all updates on my cellphone) and need a single comprehensive.
    even it will give the more value to your new one.

    thanks
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  • Originally Posted by ragh_ideal
    Dear saurabh/maxcapri bhai
    u people are doing good work to bring some cheerful news for all real estate lovers.you have started three parallel threads
    GZB Metro Phase II :Dilshad Garden to Mohan Nagar - Updates
    New Developments in Gzbd...Connectivity!
    Developments near ghaziabad affecting Gzbd

    there is one request to you to please delete two threads and do post all news in a single one(you can rename it as a comprehensive name for gzb lovers).
    A service class person like me can not have so much time to go throw all threads(sometimes i have to check all updates on my cellphone) and need a single comprehensive.
    even it will give the more value to your new one.

    thanks



    ragh_ideal bhai ,
    Totaly agree with you but the thing is all three serve different purposes..if we join them together there'l too much diversions..thats why we have diff threads related to each diff topic. There might be a few overlaps at times but that is unavoidable.
    The main idea of these threads is to make poeple aware of wats happening/ wats goin around with each of these issues...sometimes they are exaggerations(thts wat some newspaper reports are) but thts wat is published and thts wat we normally discuss around here.
    I sincerely hope people are benefitted by these threads. Would also appreciate Saurabh2011 bhai's efforts he has single handedly attracted lot of interest to the RNE area and tht too quite transparently and nicely.
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  • मेट्रो फंड पर हुई बैठक बेनीतजा
    Updated on: Sat, 05 May 2012 05:02 AM (IST)


    गाजियाबाद, वसं : लखनऊ में प्रमुख सचिव आवास के समक्ष जीडीए अधिकारियों की बैठक में मेट्रो के लिए फंड को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। बैठक में यूपीएसआइडीसी का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। जबकि नगर निगम, आवास विकास ने अपने हिस्से की धनराशि देने पर सहमति दे दी है।

    प्रमुख सचिव आवास शंभु नाथ शुक्ला की अध्यक्षता में दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे के बीच आने वाली मेट्रो लाइन के फंड को लेकर शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक में जीडीए के मुख्य वास्तुविद् एससी गौड़ उपस्थित हुए। गौड़ ने बताया कि बैठक में नगर निगम और आवास विकास के प्रतिनिधियों ने अपने हिस्से की 165-165 करोड़ धनराशि देने पर सहमति दे दी है। यूपीएसआइडीसी के प्रतिनिधि की अनुपस्थिति में कोई निर्णय नहीं हो सका।
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  • NBT mein alag report aayi hai ...they say all was approved now next stage is approval from Chief Secretary Usmani and then next will be MoU. :)
    Kaun sahi hai kaun galat ,,,,.....:8
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  • Originally Posted by saurabh2011
    मेट्रो फंड पर हुई बैठक बेनीतजा
    Updated on: Sat, 05 May 2012 05:02 AM (IST)


    गाजियाबाद, वसं : लखनऊ में प्रमुख सचिव आवास के समक्ष जीडीए अधिकारियों की बैठक में मेट्रो के लिए फंड को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया। बैठक में यूपीएसआइडीसी का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। जबकि नगर निगम, आवास विकास ने अपने हिस्से की धनराशि देने पर सहमति दे दी है।

    प्रमुख सचिव आवास शंभु नाथ शुक्ला की अध्यक्षता में दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डे के बीच आने वाली मेट्रो लाइन के फंड को लेकर शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक में जीडीए के मुख्य वास्तुविद् एससी गौड़ उपस्थित हुए। गौड़ ने बताया कि बैठक में नगर निगम और आवास विकास के प्रतिनिधियों ने अपने हिस्से की 165-165 करोड़ धनराशि देने पर सहमति दे दी है। यूपीएसआइडीसी के प्रतिनिधि की अनुपस्थिति में कोई निर्णय नहीं हो सका।


    Yaar kyon gol gol ghuma rahe ho.

    ye kya hum 1912 mei reh rahe hain Jahan keval meeting ke vaquat pata chalta hai ki manmauji ji meeting mei nahi aa rahe hain. Chief Secretary ke sath meeting ho rahi hai aur State Corporation ka adhikari nahi aa raha. If at all, someone is not able to attend the meeting normally two three days in advance through Fax/ E-mail/ Telephonically or by post one could have informed.

    Ye bhai builderlila hai logon ka dhyan kichnte raho.....bekte raho......flat le lo...... flat
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  • ye UPSIDC ko kya problem hai bhai logo? Kya ye nahi chahate ki Gzb bus stand tak metro aaye. paise waise kisi ki jeb se to jaane nahi hain, sarkar ke hi hain jisme se share dena hai. GDA ki tarah, kis tarah se additional funds jutane hai, uske baare main sochna chahiye UPSIDC ko aur finalise karna chahiye. Ye kya tu tu mein mein laga rakhi hai.

    And if UPSIDC is bereft of ideas as to how to generate additional funds for its share of gzd bus stand metro, then we can disband this organisation or change its boss and bring in a boss who can think and act.
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  • Ek dum sahi kaha helloid bhai..
    Govt orgs all work on our money ....when people themselves want this thing to come up with their own money paid via taxes and all why the hell do these idiots put a brake on such issues.
    Ridiculous is the fact tht hamare hi paise se kaam karane ke liye hamari hi fajeehat kar deti hain ye governance
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  • Originally Posted by maxcapri
    Ek dum sahi kaha helloid bhai..
    Govt orgs all work on our money ....when people themselves want this thing to come up with their own money paid via taxes and all why the hell do these idiots put a brake on such issues.
    Ridiculous is the fact tht hamare hi paise se kaam karane ke liye hamari hi fajeehat kar deti hain ye governance



    Bhai chahe kisi ko bura lage to lage

    Ye saare manufactured event hain

    Koi bhi Government authority whenever takes a significant decision they through their PRESS RELEASE in National dailies inform the public


    Baki aap sab jante hain aafsaar bhi bikta, akhbaar bhi bikta hai aur akhbar wale to akhbaar se bhi pehle bik jata hai.

    Jai ho builder devta saab apki juti ke niche


    Accha bhai logon namaskar kyon ki ssb jaldi hi mei iss forum se debar kar diya jaunga
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  • arey khush bhai ...debarr kisliye kuch galat nahi kaha aapne.
    What you said is right...news papers jo chaapte hain usme more than 50% is paid news..but we try n gather the truth out of those paid news.
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