GZB Metro Phase II :: Route cleared from Dilshad Garden to Mohan Nagar - Amar Ujaala



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  • Originally Posted by saurabh2011
    GDA seeks DMRC help to cook 'Birbal Ki Khichari' ;) )
    Peeyush Khandelwal, Hindustan Times
    New Delhi, December 23, 2011

    GDA seeks DMRC help to fund metro expansion - Hindustan Times

    Facing a fund crunch for the second phase of Metro, the Ghaziabad Development Authority (GDA) has sought the Delhi Metro Rail Corporation's (DMRC) help in exploring various possibilities to fund its second phase of Metro extension in Ghaziabad.

    On Thursday evening, a meeting was held at Ghaziabad between DMRC and authority officials to decide how to fund the 7.31-km second phase project from Dilshad Garden to Arthala (near Mohan Nagar) in Ghaziabad.

    "We discussed various funding structures with the DMRC. Funding the project on a public-private partnership (PPP) mode could also be a possibility," authority vice-chairman Narendra Kumar Chaudhary said.

    The second phase project is estimated at around Rs 1,282 crore, out of which Rs 815 crore will be borne by the GDA.

    “We are exploring new possibilities and have called another meeting,” Chaudhary said.



    GDA and Builder Lobby abh bhi bewkoof banayegi next week you will see GDA Proposes this thing ........ that thing ...........

    Let me tell you for DMRC this is very convenient and profitable project and they are very much interested in this. It is only the lack of initiatives on the part of GDA.

    DMR
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  • Originally Posted by vatsalbajpai
    Aapne to optimism ki saari ssemaye hi par kar dali...;)
    pehle hi kaha tha maine ki METRO aane me abhi 4-5 saal hain...phir bhi ...


    Positive Rahene mai kya burai hai.... jab aane hoge tabhi aayege Metro, so I always believe be +ive :)

    BTW my 3 property in a ROW just 1 KM to 5 KM far from this proposed metro line but still I am much cool with any +ive or -ive news till date on this Metro..... As I know that I can not do anything........ This metro will give me BONUS Benefit to my all 3 properties and BONUS is always an extra income.. ;)
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  • Originally Posted by khush kumar
    GDA and Builder Lobby abh bhi bewkoof banayegi next week you will see GDA Proposes this thing ........ that thing ...........

    Let me tell you for DMRC this is very convenient and profitable project and they are very much interested in this. It is only the lack of initiatives on the part of GDA.

    DMR

    Bhai builder to har jagape metro ke naam pe logo ko bwkuf bana raha hai. every where like NE,CR, RNE Noida, GGN everywhere.
    rne ka broker abhi ehi bataega ki the work will start immediately after election
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  • वैशाली रूट से अर्थला लाएं मेट्रो : डीएमआरसी
    डीएमआरसी के प्रस्ताव पर जीडीए कर रहा विचार

    गाजियाबाद। सेकेंड फेज मेट्रो पर छाया कुहासा अभी छंट नहीं रहा है। नया पेंच फंडिंग पैटर्न को लेकर फंसा है। बृहस्पतिवार को डीएमआरसी ने जहां जीडीए के फंडिंग पैटर्न को ठुकराया वहीं वैशाली से अर्थला रूट पर विचार करने का विकल्प भी दिया। डीएमआरसी के मुताबिक यदि इस रूट से मेट्रो आती है तो जीडीए को करीब 250 करोड़ रुपये कम खर्च करने होंगे। सेंट्रल दिल्ली से जुड़ाव के कारण इस रूट पर मेट्रो का संचालन अधिक लाभदायक साबित होगा। हालांकि जीडीए 30 दिसंबर के बाद ही कोई फैसला लेगा।

    डीएमआरसी ने वैशाली से मोहन नगर तक मेट्रो विस्तार का प्रोजेक्ट जीडीए को सौंपा है। वैशाली से मोहननगर तक मेट्रो का रूट 5 किलोमीटर लंबा होगा। इस रूट से मेट्रो लाने में कुल 650 करोड़ रुपये लागत आएगी। इस लागत को केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार, डीएमआरसी, जीडीए, यूपीएसआईडीसी और आवास विकास परिषद द्वारा वहन करने का प्रस्ताव है। लागत के फंडिंग पैटर्न के मुताबिक केंद्र सरकार 89 करोड़, प्रदेश सरकार 89 करोड़, डीएमआरसी 97 करोड़, जीडीए 262.50 करोड़, यूपीएसआईडीसी 75 करोड़ और आवास विकास 37.50 करोड़ रुपये का अंशदान करेंगे। प्रदेश सरकार, जीडीए, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी का अंश मिलाएं तो यह 464 करोड़ रुपये होता है।

    मोहन नगर से अर्थला तक मेट्रो लाने के लिए वर्तमान प्रोजेक्ट में करीब 700 मीटर की दूरी और बढ़ानी पड़ेगी। जिसकी लागत करीब 80-90 करोड़ रुपये और बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर इस रूट पर प्रदेश सरकार समेत सभी विभागों का अंश 554 करोड़ रुपए ही होगा। दिलशाद गार्डन से अर्थला तक जीडीए का अंश 815 करोड़ रुपये है। इस लिहाज से जीडीए को करीब 260 करोड़ रुपये बचेंगे।

    जीडीए उपाध्यक्ष एनके चौधरी ने कहा कि सेकेंड फेज मेट्रो के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए प्राधिकरण कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें से वैशाली रूट से अर्थला तक मेट्रो लाना भी एक विकल्प है। 30 दिसंबर को डीएमआरसी के पे्रजेंटेशन के बाद कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।

    वैशाली टु अर्थला

    5.70 किलोमीटर की दूरी
    तीन स्टेशन हैं प्रस्तावित
    परियोजना लागत 730 करोड़
    जीडीए का अंश 464 करोड़
    डीएमआरसी का फंडिग पैटर्न
    दिलशाद गार्डन टु अर्थला

    7.31 किलोमीटर की दूरी
    6 स्टेशन हैं प्रस्तावित
    परियोजना लागत 1282 करोड़
    जीडीए का अंश 815 करोड़

    तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा ट्रैक
    जीडीए ने परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य तीन वर्ष निर्धारित किया है। यदि सब कुछ योजनानुसार रहे तो इस रूट पर 2014-15 तक वैशाली रूट से मेट्रो अर्थला तक आ सकती है। इस रूट से मेट्रो आने पर प्रहलाद गढ़ी, वसुंधरा, साहिबाबाद, झंडापुर आदि क्षेत्रों के लाखों लोगों को दिल्ली आना-जाना आसान हो जाएगा। इस रूट से लोग सीधे आनंद विहार होते हुए सेंट्रल दिल्ली से जुड़ेंगे।

    -Amar ujala
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  • hello all,
    bhai logo, ye jo metro aani hai vaishali se aani hai ya dilshad garden se aani hai ya dono taraf se aani hai. kafi confusion hai. pls donot mind i am new to the forum. kyonki dono taraf se aane ki news is forum mein post ho rahin hain. thanksk
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  • Originally Posted by helloid
    hello all,
    bhai logo, ye jo metro aani hai vaishali se aani hai ya dilshad garden se aani hai ya dono taraf se aani hai. kafi confusion hai. pls donot mind i am new to the forum. kyonki dono taraf se aane ki news is forum mein post ho rahin hain. thanksk

    It is totally in the hands of GDA and top leadership of State who unfortunately has little intention and time to pro actively pursue issues of progress. DIVIDE AND RULE is the motto of almost every political party in this country. I am hopeful that public will wake up after 100 or 200 years when we will be in medival age compared to other small countries of asia. So far this Metro Project is concerned it will happen only when present generation working in GDA will retire.
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  • Is DMRC is More Eager ????

    Originally Posted by fritolay_ps
    वैशाली रूट से अर्थला लाएं मेट्रो : डीएमआरसी
    डीएमआरसी के प्रस्ताव पर जीडीए कर रहा विचार

    गाजियाबाद। सेकेंड फेज मेट्रो पर छाया कुहासा अभी छंट नहीं रहा है। नया पेंच फंडिंग पैटर्न को लेकर फंसा है। बृहस्पतिवार को डीएमआरसी ने जहां जीडीए के फंडिंग पैटर्न को ठुकराया वहीं वैशाली से अर्थला रूट पर विचार करने का विकल्प भी दिया। डीएमआरसी के मुताबिक यदि इस रूट से मेट्रो आती है तो जीडीए को करीब 250 करोड़ रुपये कम खर्च करने होंगे। सेंट्रल दिल्ली से जुड़ाव के कारण इस रूट पर मेट्रो का संचालन अधिक लाभदायक साबित होगा। हालांकि जीडीए 30 दिसंबर के बाद ही कोई फैसला लेगा।

    डीएमआरसी ने वैशाली से मोहन नगर तक मेट्रो विस्तार का प्रोजेक्ट जीडीए को सौंपा है। वैशाली से मोहननगर तक मेट्रो का रूट 5 किलोमीटर लंबा होगा। इस रूट से मेट्रो लाने में कुल 650 करोड़ रुपये लागत आएगी। इस लागत को केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार, डीएमआरसी, जीडीए, यूपीएसआईडीसी और आवास विकास परिषद द्वारा वहन करने का प्रस्ताव है। लागत के फंडिंग पैटर्न के मुताबिक केंद्र सरकार 89 करोड़, प्रदेश सरकार 89 करोड़, डीएमआरसी 97 करोड़, जीडीए 262.50 करोड़, यूपीएसआईडीसी 75 करोड़ और आवास विकास 37.50 करोड़ रुपये का अंशदान करेंगे। प्रदेश सरकार, जीडीए, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी का अंश मिलाएं तो यह 464 करोड़ रुपये होता है।

    मोहन नगर से अर्थला तक मेट्रो लाने के लिए वर्तमान प्रोजेक्ट में करीब 700 मीटर की दूरी और बढ़ानी पड़ेगी। जिसकी लागत करीब 80-90 करोड़ रुपये और बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर इस रूट पर प्रदेश सरकार समेत सभी विभागों का अंश 554 करोड़ रुपए ही होगा। दिलशाद गार्डन से अर्थला तक जीडीए का अंश 815 करोड़ रुपये है। इस लिहाज से जीडीए को करीब 260 करोड़ रुपये बचेंगे।

    जीडीए उपाध्यक्ष एनके चौधरी ने कहा कि सेकेंड फेज मेट्रो के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए प्राधिकरण कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें से वैशाली रूट से अर्थला तक मेट्रो लाना भी एक विकल्प है। 30 दिसंबर को डीएमआरसी के पे्रजेंटेशन के बाद कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।

    वैशाली टु अर्थला

    5.70 किलोमीटर की दूरी
    तीन स्टेशन हैं प्रस्तावित
    परियोजना लागत 730 करोड़
    जीडीए का अंश 464 करोड़
    डीएमआरसी का फंडिग पैटर्न
    दिलशाद गार्डन टु अर्थला

    7.31 किलोमीटर की दूरी
    6 स्टेशन हैं प्रस्तावित
    परियोजना लागत 1282 करोड़
    जीडीए का अंश 815 करोड़

    तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा ट्रैक
    जीडीए ने परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य तीन वर्ष निर्धारित किया है। यदि सब कुछ योजनानुसार रहे तो इस रूट पर 2014-15 तक वैशाली रूट से मेट्रो अर्थला तक आ सकती है। इस रूट से मेट्रो आने पर प्रहलाद गढ़ी, वसुंधरा, साहिबाबाद, झंडापुर आदि क्षेत्रों के लाखों लोगों को दिल्ली आना-जाना आसान हो जाएगा। इस रूट से लोग सीधे आनंद विहार होते हुए सेंट्रल दिल्ली से जुड़ेंगे।

    -Amar ujala


    :D :D ..... As per above DMRC Suggestions, It Looks DMRC is actually more eager then GDA to Reach Metro till Mohan Nagar GZB ;), BTW I also like this DMRC Plan as it will reduce 'not manageable' 250 Caror Amount of GDA and bia more shorter Route. We want Metro till Mohan Nagar chahe Noida se lao , Vaishali se lao ya Dilshad Garden se lao.



    .
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  • sirji i already told DMRC cant ingore gzb route for long time and UP govt knows that, or UP govt ko fayeda kya hoga jin area se metro mohan nagar pahuchegi wo already developed hai, paise ke saath - 2 land or free mai deni padegi DMRC ko. revenue DMRC ko milega:)
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  • लेखा जोखा 2011: जनपद को मिला मेट्रो का तोहफा


    गाजियाबाद :
    जनपद के लिए वर्ष 2011 मेट्रो के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। इसी साल जुलाई में मेट्रो का पहली बार आगमन हुआ और गाजियाबाद प्रदेश का दूसरा जिला बना जहां मेट्रो की पहुंच है। हरियाणा अभी इस मुकाम से दूर है। वहां केवल गुड़गांव तक ही मेट्रो का आगमन हुआ है। फरीदाबाद में मेट्रो का आना अभी बाकी है।
    सुरक्षित व अत्याधुनिक सुविधा युक्त सवारी मानी जाने वाली मेट्रो को जनपद की सीमा में लाने का काम 2005 में शुरू हुआ। उस समय मेट्रो को वैशाली तक लाने के लिए 276 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया गया था। इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के शुरू होने से पूर्व शुरू हो जाना था। लेकिन यह मुमकिन नहीं हो पाया। करीब एक साल बाद जुलाई 2011 में मेट्रो को वैशाली तक आने में कामयाबी मिली। इस दौरान मेट्रो के रास्ते में कई बाधाएं आईं। इनमें हाईटेंशन लाईन को हटाने और 2.76 किमी लंबी लाईन को बनाने में अधिक समय लग गया। आनंद विहार तक मेट्रो निर्धारित समय पर आ गई। इस बीच प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के बीच मेट्रो के उद्घाटन को लेकर रस्साकशी भी चली। अंत में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या ने गत जुलाई में वैशाली मेट्रो स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर मेट्रो को रवाना किया। इसके बाद से ही हॉट सिटी के लोगों को मेट्रो की सवारी का आनंद मिलना शुरू हो गया। मेट्रो सेवा शुरू होने के बाद हिंडनपार के इंदरिापुरम, वैशाली, कौशांबी, वसुंधरा, राजेंद्र नगर, लाजपत नगर, मोहनगर के करीब पांच लाख लोगों को मेट्रो सेवा का लाभ मिल रहा है।

    - 2012 में मेट्रो सेकेंड फेज में अर्थला तक लाना है चुनौती
    मेट्रो दूसरे फेज के लिए जीडीए प्रयास कर रहा है। लेकिन अब तक इसका डीपीआर भी बनकर तैयार नहीं है। इसके साथ ही अन्य विभागों से अंशदान प्राप्त करना भी एक चुनौती पूर्ण कार्य है।


    -Dainik Jagran
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  • Originally Posted by saurabh2011
    gda seeks dmrc help to cook 'birbal ki khichari' ;) )
    peeyush khandelwal, hindustan times
    new delhi, december 23, 2011

    gda seeks dmrc help to fund metro expansion - hindustan times

    facing a fund crunch for the second phase of metro, the ghaziabad development authority (gda) has sought the delhi metro rail corporation's (dmrc) help in exploring various possibilities to fund its second phase of metro extension in ghaziabad.

    On thursday evening, a meeting was held at ghaziabad between dmrc and authority officials to decide how to fund the 7.31-km second phase project from dilshad garden to arthala (near mohan nagar) in ghaziabad.

    "we discussed various funding structures with the dmrc. Funding the project on a public-private partnership (ppp) mode could also be a possibility," authority vice-chairman narendra kumar chaudhary said.

    The second phase project is estimated at around rs 1,282 crore, out of which rs 815 crore will be borne by the gda.

    “we are exploring new possibilities and have called another meeting,” chaudhary said.


    gda took 4 & 1/2 years time to hear 'no'
    height of inefficiency
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  • Originally Posted by naisko
    sirji i already told DMRC cant ingore gzb route for long time and UP govt knows that, or UP govt ko fayeda kya hoga jin area se metro mohan nagar pahuchegi wo already developed hai, paise ke saath - 2 land or free mai deni padegi DMRC ko. revenue DMRC ko milega:)


    Ghaziabad is Hot location than G.Noida and DMRC know that they will have full pocket in this route from both way.. Hapur/Meerut/Old Ghaziabad... all will be depend on Metro to reach Delhi/Gurgaon. DMRC can not ignore this “golden egg”.
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  • CASH-STRAPPED GDA LOOKS AT EXTENSION OF METRO LINE

    Already facing finan cial crisis for the second phase of Metro extension in the city, the Ghaziabad Development Authority (GDA) has now turned its eyes towards the extension of Anand ViharVaishali (2.57km) stretch.

    The line, if extended, can prove to be financially viable for the authority. GDA vice-chairman Narendra Kumar Chaudhary said the authority felt the extension also would cater to most Trans-Hindon areas.

    To extend Dilshad Garden line to Arthala (7.31km), the GDA needs around R815 crore, which it will not be able to contribute solely. According to estimates, around R250 crore would be saved, if the Vaishali Metro route is extended instead of the proposed Dilshad Garden stretch.

    “This route can be a possibility, if we plan to extend the Metro line to Ghaziabad city and other trans-Hindon areas,“ Chaudhary added.

    GDA officials said if the Metro line is extended from Vaishali, the route would cover 5.7km with three stations at Vasundhara, Mohan Nagar and Arthala.

    For the extension of Dilshad Garden line, GDA has discussed joint-funding pattern with many agencies and the government.

    But nothing could materialise.
    They'll decide on Vaishali extension in meetings with DMRC officials in the yearend.

    -HT
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  • दिलशाद गार्डन से टूटा दिल! (News Headline MAST Hai)

    दिलशाद गार्डन से टूटा दिल! :D
    25 Dec 2011, 0400 hrs IST

    दिलशाद गार्डन से टूटा दिल!- Navbharat Times

    संजय श्रीवास्तव॥ गाजियाबाद

    दिलशाद गार्डन से अर्थला तक प्रस्तावित मेट्रो रूट चेंज करने की तैयारी की जा रही है। शनिवार को जीडीए की बोर्ड मीटिंग में आए प्रमुख सचिव रवींद्र सिंह ने बताया कि मेट्रो का नया रूट वैशाली से अर्थला तक बनाने का प्लान है। सर्वे के अनुसार , दिलशाद गार्डन - अर्थला की दूरी करीब 7.5 किमी है , लेकिन आनंद विहार से वैशाली के बीच ट्रैफिक का प्रेशर ज्यादा है। वैशाली से अर्थला की दूरी करीब 5.7 किमी है। उन्होंने कहा कि अगर दिलशाद गार्डन के बजाय अगर मेट्रो को वैशाली से अर्थला तक एक्स्टेंड किया जाए , तो काम भी जल्दी पूरा होगा और कॉस्ट भी घटेगी। इस बारे में जीडीए जल्द ही प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके डीएमआरसी से मीटिंग करेगा और फाइनल डिसीजन किया जाएगा।

    ये होंगे फायदे

    खर्च घटेगा , काम जल्द फिनिश होगा : वैशाली - अर्थला मेट्रो से जीडीए और डीएमआरसी का खर्च घटेगा। दिलशाद गार्डन के मुकाबले काम भी जल्द पूरा होगा।

    ट्रैफिक कम होगा : हिंडन ब्रिज से अर्थला के सामने , मोहननगर चौराहे से लेकर लिंक रोड पर ट्रैफिक का प्रेशर कम होगा।

    नोएडा पहुंचने में आसानी : इंदिरापुरम , एनएच -24 से नोएडा तक जाने वाले लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    ऑटो बदलने का झंझट खत्म : मोहन नगर और फिर वैशाली तक 2 ऑटो बदलने का झंझट खत्म होगा। टाइम और मनी सेविंग।




    .
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  • Originally Posted by saurabh2011
    दिलशाद गार्डन से टूटा दिल! :D
    25 Dec 2011, 0400 hrs IST

    दिलशाद गार्डन से टूटा दिल!- Navbharat Times

    संजय श्रीवास्तव॥ गाजियाबाद

    दिलशाद गार्डन से अर्थला तक प्रस्तावित मेट्रो रूट चेंज करने की तैयारी की जा रही है। शनिवार को जीडीए की बोर्ड मीटिंग में आए प्रमुख सचिव रवींद्र सिंह ने बताया कि मेट्रो का नया रूट वैशाली से अर्थला तक बनाने का प्लान है। सर्वे के अनुसार , दिलशाद गार्डन - अर्थला की दूरी करीब 7.5 किमी है , लेकिन आनंद विहार से वैशाली के बीच ट्रैफिक का प्रेशर ज्यादा है। वैशाली से अर्थला की दूरी करीब 5.7 किमी है। उन्होंने कहा कि अगर दिलशाद गार्डन के बजाय अगर मेट्रो को वैशाली से अर्थला तक एक्स्टेंड किया जाए , तो काम भी जल्दी पूरा होगा और कॉस्ट भी घटेगी। इस बारे में जीडीए जल्द ही प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके डीएमआरसी से मीटिंग करेगा और फाइनल डिसीजन किया जाएगा।

    ये होंगे फायदे

    खर्च घटेगा , काम जल्द फिनिश होगा : वैशाली - अर्थला मेट्रो से जीडीए और डीएमआरसी का खर्च घटेगा। दिलशाद गार्डन के मुकाबले काम भी जल्द पूरा होगा।

    ट्रैफिक कम होगा : हिंडन ब्रिज से अर्थला के सामने , मोहननगर चौराहे से लेकर लिंक रोड पर ट्रैफिक का प्रेशर कम होगा।

    नोएडा पहुंचने में आसानी : इंदिरापुरम , एनएच -24 से नोएडा तक जाने वाले लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    ऑटो बदलने का झंझट खत्म : मोहन नगर और फिर वैशाली तक 2 ऑटो बदलने का झंझट खत्म होगा। टाइम और मनी सेविंग।




    .




    Aage Aage dekho...hota hain kya...;)
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  • Originally Posted by vatsalbajpai
    Aage Aage dekho...hota hain kya...;)

    Bhaiyon GDA took as long as 4 1/2 years just to hear 'No' prior to this 'No' there was so much haloo baloo on this project now DMRC has declined GDA proposal.

    Once again as per the so called proposal by DMRC to bring Metro from Vaishali to Arthla. Now the Builder lobby and GDA Come agains in the news papers HEADLINES WILL BE LIKE THIS

    Today Meeting held with Chief Secretary He agree................
    After two months anotner news

    DMRC suggested,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

    after one more month

    DMRC GDA agree......................

    MUNGERI LAL KE HASEEN SAPNE

    I really wanted this project to succeed butlekin issue mere aur app ke chahne se to positive nahi ho jata.

    I am sure after 3 years...........

    this Vaishali -- arthla issue will end with the news

    Since next year 2014 or 2015 or 2016 work on the RRTS from Meerut to Nizammuddin will start hence no Metro required.
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