दिल्ली के आनंद विहार से वैशाली सेक्टर चार के बाद सेकेंड फेज में मेट्रो का विस्तार दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक होने जा रहा है। सिटी में अभी तक का यह सबसे लंबा रूट होगा। इस रूट की लंबाई 7.3 किलोमीटर होगी। इस मेट्रो प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खूबी यह होगी कि वह दिल्ली को मेन सिटी से जोड़ेगा। मेट्रो के इस प्रोजेक्ट से रीयल स्टेट को जैसे अभी से ही ऑक्सीजन मिलने लगी है। एक्सपर्ट मानते है कि मेट्रो के इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट से प्रॉपर्टी बाजार में दस से 15 प्रतिशत तक तेजी का रुख देखा जा रहा है। यहीं नहीं इस प्रोजेक्ट से कई कॉलोनियों में प्रॉपर्टी बाजार तेजी के साथ उठेगा। मेट्रो की इस लाइन के आसपास कमर्शल एक्टिविटी बढ़ने से सिटी में कारोबार भी नए अंदाज में सेंट्रलाइज्ड हो की संभावना है।

बढ़ेगी डिवेलपमेंट स्पीड
दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा तक के मेट्रो रूट पर पांच मेट्रो स्टेशन होंगे: शहीद नगर, राजबाग, राजेन्द्र नगर, मोहननगर, अर्थला और नया बस अड्डा। मेट्रो प्रोजेक्ट से डायरेक्ट टीएचए और मेन सिटी के कई इलाके सीधे तौर पर जुड़ने जा रहे है। इस रूट का असर कमर्शल, इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशल, तीनों तरह की प्रॉपर्टी पर पड़ेगा। दिलशाद गार्डन से शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट से दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर स्थित ट्रांसपोर्ट नगर, पाइप मार्केट, शहीद नगर, राजबाग, श्याम पार्क एक्सटेंशन, श्याम पार्क, शालीमार गार्डन, राजेन्द्र नगर, राजेन्द्र नगर इंडस्ट्री एरिया, मोहन नगर, अर्थला, आनंद इस्टेट इंडस्ट्री एरिया, लोनी रोड इंडस्ट्री एरिया, नये बस अड्डे के आसपास के इलाके, जैसे पटेल नगर, न्यू हिंडन विहार, हिंडन विहार की प्रॉपर्टी में मेट्रो प्रोजेक्ट का डायरेक्ट असर पड़ना शुरू हो गया है।

इनडायरेक्ट इफेक्ट
मेट्रो के इस रूट का इनडायरेक्ट इफेक्ट कई अन्य कॉलोनियों की प्रॉपर्टी पर भी होगा। परोक्ष रुप से मेट्रो के इस रूट का असर एयर फोर्स स्टेशन से भौपुरा जाने वाली रोड के दोनों और की कॉलोनियों में भी प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने की संभावना है। इनमें तुलसी निकेतन, पसौंडा, गगन विहार, करहेड़ा, नंदग्राम, राजनगर एक्सटेंशन आदि एरिया में प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने लगे है। सुपरटेक के एमडी आरके अरोड़ा का मानना है कि इस प्रोजेक्ट का असर प्रॉपर्टी पर अभी से ही पड़ने लगा है। अब तक पांच से 20 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी के रेट बढ़ चुके है।

मेट्रो ट्रैक के पास बनेगा कर्मशल हब
नया बस अड्डा मेट्रो प्रोजेक्ट रूट से सिटी में कमर्शल और इंडस्ट्रियल एक्टिविटी की तस्वीर बदलने की संभावना है। इस रूट के आसपास के एरिया में कई इंडस्ट्री सेक्टर हैं। कई रेजिडेंशल सेक्टर में तेजी आने के साथ ही इनका डिवेलपमेंट बढ़ने की पूरी संभावना है। इस रूट से सीधे तौर पर इन दोनों तरह की एक्टिविटी बढ़ने की पूरी संभावना है।

कमर्शल सेक्टर होगा डिवेलप
मेट्रो के प्रस्तावित प्रोजेक्ट के आसपास जीडीए ने नए कमर्शल सेंटर को डिवेलप करने का खाका तैयार कर लिया है। जीडीए इस रूट के सभी पांचों मेट्रो स्टेशन के आसपास कमर्शल एक्टिविटी को डिवेलप करने की संभावना पर विचार कर रहा है। इसके लिए जीडीए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की यूपी सैल की मदद लेने जा रहा है। जीडीए को लगता है कि मेट्रो के इस प्रोजेक्ट से सिटी में कमर्शल एक्टिविटी बढ़ेगी। इससे सिटी का बहतरीन तरीके से डिवेलपमेंट होगा।

प्रॉपर्टी खरीदने का अच्छा मौका
मेट्रो के नया बस अड्डा प्रोजेक्ट का रियल स्टेट पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। रियल स्टेट की प्रॉपर्टी के बिजनेस से जुड़े एक्सपर्ट चन्द्र प्रकाश अरोड़ा की माने तो इस प्रोजेक्ट का असर अभी से ही रियल स्टेट पर तेजी के रुप में दिखाई देने लगा है। उनका मानना है कि टीएचए में तो इस प्रोजेक्ट का असर पड़ेगा ही मेन सिटी के रियल स्टेट सेक्टर में सीधा असर पड़ रहा है। उनका मानना है कि इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू होते ही रियल स्टेट की प्रॉपर्टी के रेट और तेजी के साथ बढ़ने की संभावना है। ऐसे में रियल स्टेट में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए यह काफी अच्छा मौका भी माना जा रहा है।


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