Ghaziabad to Greater noida mini-expressway
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  • plans to make a pontoon bridge on hindon...with help from Allahabad bridge dept..who make them for maagh and kumbh mela. This bridge doesnt take much time to come up...hardly a month or so if reqd. I have witnessed tht as have spent my childhood in Alld.

    Sahibabad ePaper| Hindi ePaper Sahibabad- Dainik Jagran
    there was another news of plans to make a steel bridge (just plans!!) on hindon near railway line which would be accesed from behind the eco-friendly park and sai upvan to join straight to the road hdg to Vasundhara/IP...but mind u just plans
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  • Finally found the way to put the news across straight!:)

    गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा का रास्ता होगा आसान
    Apr 02, 09:14 pm
    बताएं
    गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता : अकबरपुर बहरामपुर के पास ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है। अकबरपुर बहरामपुर के पास पांच सौ मीटर सड़क बनेगी। सड़क मार्ग में आ रहे मकानों को चिपियाना गांव में स्थानांतरित किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के बीच हुए समझौते में इस सड़क से प्रभावित करीब पांच सौ लोगों को मुआवजे के रूप में चार एकड़ जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण देगा। जीडीए उपाध्यक्ष संतोष कुमार यादव का कहना है कि इस सड़क का निर्माण का कार्य तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
    ज्ञात है कि ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने वाली सड़क पर पिछले डेढ़ सालों से काम चल रहा है। इसमें अकबरपुर बहरामपुर के पास पांच सौ मीटर सड़क का काम लोगों के मुआवजे के कारण रुका हुआ था। यहां के करीब ढाई सौ परिवारों को मुआवजा देने के अलावा उन्हें बसाने की योजना थी। इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने विस्थापितों को करीब चार एकड़ जमीन मुआवजे के रूप में देने को कहा था। दो एकड़ भूमि जीडीए को पहले दे दिया गया था। लेकिन शेष दो एकड़ पर भूमि का मामला अटका हुआ था। इसे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रमारमण के साथ बैठक कर निबटा लिया गया है।
    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से दो एकड़ भूमि मिलने के बाद पांच सौ मीटर सड़क बनना तय होगया है। इसके एवज में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 15 करोड़ रुपया भी जीडीए को दिया है। जीडीए उपाध्यक्ष यादव ने बताया कि इस सड़क के बनने के बाद ग्रेटर नोएडा की दूरी 20 मिनट की रह जाएगी। इसके लिए यही सड़क एक्सप्रेस हाईवे को जोड़ेगी जिससे आगरा तक की दूरी काफी कम हो जाएगी।
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  • new GDA head is giving real boost-up to Ghaziabad...
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  • Originally Posted by maxcapri
    Finally found the way to put the news across straight!:)

    गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा का रास्ता होगा आसान
    Apr 02, 09:14 pm
    बताएं
    गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता : अकबरपुर बहरामपुर के पास ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है। अकबरपुर बहरामपुर के पास पांच सौ मीटर सड़क बनेगी। सड़क मार्ग में आ रहे मकानों को चिपियाना गांव में स्थानांतरित किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के बीच हुए समझौते में इस सड़क से प्रभावित करीब पांच सौ लोगों को मुआवजे के रूप में चार एकड़ जमीन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण देगा। जीडीए उपाध्यक्ष संतोष कुमार यादव का कहना है कि इस सड़क का निर्माण का कार्य तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
    ज्ञात है कि ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने वाली सड़क पर पिछले डेढ़ सालों से काम चल रहा है। इसमें अकबरपुर बहरामपुर के पास पांच सौ मीटर सड़क का काम लोगों के मुआवजे के कारण रुका हुआ था। यहां के करीब ढाई सौ परिवारों को मुआवजा देने के अलावा उन्हें बसाने की योजना थी। इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने विस्थापितों को करीब चार एकड़ जमीन मुआवजे के रूप में देने को कहा था। दो एकड़ भूमि जीडीए को पहले दे दिया गया था। लेकिन शेष दो एकड़ पर भूमि का मामला अटका हुआ था। इसे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रमारमण के साथ बैठक कर निबटा लिया गया है।
    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से दो एकड़ भूमि मिलने के बाद पांच सौ मीटर सड़क बनना तय होगया है। इसके एवज में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 15 करोड़ रुपया भी जीडीए को दिया है। जीडीए उपाध्यक्ष यादव ने बताया कि इस सड़क के बनने के बाद ग्रेटर नोएडा की दूरी 20 मिनट की रह जाएगी। इसके लिए यही सड़क एक्सप्रेस हाईवे को जोड़ेगी जिससे आगरा तक की दूरी काफी कम हो जाएगी।

    Guys

    where it starts in Ghaziabad?
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  • Logjam over, soon travel from Greater Noida to Ghaziabad in 20 minutes


    GREATER NOIDA: The last hurdle for constructing the 22 kilometre 13m-wide link road between Greater Noida and Ghaziabad has finally been cleared by the Greater Noida Authority and Ghaziabad Development Authority. Officials said, following a meeting between the two development authorities on Monday morning, GDA has already begun work on the "design and work details of the pending stretch" of the link road that will reduce travel time between the two cities to just 20 minutes.

    Though construction of most of the link road is complete, a stretch of around 1.5km has remained stuck for almost nine years now. Several factors, ranging from farmers' protest to lack of funds, have contributed to the delay of the ambitious project. Earlier last year, GDA had claimed that it "did not have land to give the farmers" so that it could acquire abadi land of villages like Bahrampur Akbarpur and Chak Birampur.

    The Greater Noida Authority handed over around four acres along the Hindon river to GDA to shift the affected farmers. Greater Noida Authority has also released Rs 15 crore to GDA for carrying out the remaining construction work.

    "The pending stretch of the link road comes under GDA's jurisdiction. We had identified around 2 acres of vacant land last year and handed it to GDA for construction. They claim that the two acres were utilized for around 850m and needed more land for the remaining stretch," said a Greater Noida Authority official. "We have now handed over four more acres and GDA has begun working on the plan and design details," he added.

    The link road, that aims to connect Greater Noida's sector Zeta to Vijay Nagar in Ghaziabad, will pass through Devla, Khodna, Khurd, Khairpur Gurjar, Etaida and Haibatpur before meeting NH-24 near the Vijay Nagar bypass in Ghaziabad. The road will then be extended from NH-24 to Meerut highway.

    The authorities claim that the remaining stretch will be completed in six months. The link road will be completely signal-free. At present, Greater Noida residents have to cross Noida and Dadri to reach Ghaziabad. Commuting through the Etaida-Chapraula-Ghaziabad route takes up to two hours.



    -TOI
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  • गाजियाबाद टु ग्रेनो का सफर 15 मिनट
    Story Update : Tuesday, April 03, 2012 1:27 AM


    मीटर चौड़ी लिंक रोड के निर्माण की बाधा दूर
    ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने चार एकड़ जमीन चिपियाना में दी
    भूमि को विकसित कर जीडीए करेगा प्लाटों का आवंटन
    लिंक रोड की 650 मीटर सड़क के निर्माण को मिले 15 करोड़
    क्रासिंग रिपब्लिक की सड़क भी होगी चौड़ी

    गाजियाबाद। तीन माह बाद एनएच-24 से ग्रेटर नोएडा आप सिर्फ 15 मिनट में पहुंच जाएंगे। ग्रेटर नोएडा से एनएच-24 तक आने वाले लिंक रोड के 650 मीटर लंबे हिस्से के निर्माण की बाधा दूर हो गई है।
    इस हिस्से में आने वाले करीब 125 मकानों में रहने वाले लोगों को ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने प्लाट देने के लिए जीडीए को चिपियाना में चार एकड़ भूमि देने का निर्णय लिया है। साथ ही 650 मीटर सड़क निर्माण के लिए जीडीए को 15 करोड़ रुपये भी मिलेंगे।
    इसके साथ ही क्रासिंग रिपब्लिक
    की मुख्य रोड का भी
    चौड़ीकरण होगा।
    सोमवार को यह फैसला ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ और जीडीए उपाध्यक्ष की हुई बैठक में हुआ है। इस फैसले से कई वर्षों से ग्रेटर नोएडा-एनएच-24 लिंक रोड का बंद पड़ा काम पूरा होगा। साथ ही इस लिंक रोड पर जिन लोगों के मकान आ रहे हैं वह भी खुश है। यह लोग लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। इनके विरोध की वजह से ही काम पूरा नहीं हो पा रहा था।
    एनएच 24-ग्रेटर नोएडा लिंक रोड का रोड़ा दूर
    2011 में 17 जनवरी को जीडीए ने सड़क बनाने का काम शुरू किया था। सिद्धार्थ विहार के नागरिकों ने जीडीए पर उजाड़ने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस पर जीडीए ने पुनर्वास के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से पांच एकड़ और जमीन की मांग रखी थी।
    जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि रोड निर्माण की राह में आने वाले करीब 250 लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था के लिए ग्रेनो अथॉरिटी चार एकड़ जमीन और 15.70 करोड़ रुपये देने पर राजी हो गई है। जल्द ही पुनर्वास और रोड का निर्माण शुरू किया जाएगा।
    भाजपा नेता यतेंद्र नागर ने बताया कि बीते डेढ़ साल से मुआवजे के लिए धरना जारी था। मुआवजे के पैटर्न के मुताबिक 75 वर्गमीटर तक जमीन के मालिकों को 30 वर्गमीटर और इससे अधिक वालों को 50 वर्गमीटर तक जगह दी जाएगी।

    जाम और लंबी दूरी से छुटकारा
    दरअसल, ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद जाने के लिए लाल कुंआ वाला ही रास्ता है। जैसे ही ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद की सीमा में प्रवेश करते हैं, जाम मिलना शुरू हो जाता है। सड़क भी टूटी हुई है। जैसे ही 80 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी, गाजियाबाद एनएच-24 तक जाने में ग्रेटर नोएडा से मात्र 15 मिनट और एक्सटेंशन से पांच मिनट लगेंगे। नोएडा के लोग भी इसका प्रयोग कर सकेंगे।
    03 महीने में बन जाएगी सड़क
    रोड बनने के बाद एनएच-24 से ग्रेटर नोएडा (न्यू हालैंड फैक्ट्री) का सफर मात्र 10 मिनटों में पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा जीडीए की बहरामपुर में आने वाली आवासीय योजना को भी रोड निर्माण के बाद गति मिलेगी। जीडीए उपाध्यक्ष ने सोमवार को बताया कि रोड के अधूरे हिस्से का निर्माण तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा। ग्रेटर नोएडा आवागमन करने वाले शहरवासियों को रोड निर्माण से खासी राहत मिलेगी।


    एक नजर में रोड का गणित
    4.5 किलोमीटर लंबी रोड का तीन किलोमीटर हिस्सा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी बना चुकी है।
    1.5 किलोमीटर का हिस्सा जीडीए को बनाना है। इसमें 850 मीटर का हिस्सा जीडीए बना चुका है। बाकी 650 मीटर का हिस्सा बनना है। रोड निर्माण की कुल लागत 51 करोड़ रुपये है। जीडीए और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी आधी-आधी लागत वहन कर रहे हैं। ग्रेनो अथॉरिटी ने रकम के अलावा सात एकड़ जमीन देने का वादा किया था। अथॉरिटी पूर्व में दो एकड़ जमीन और 10 करोड़ रुपये दे चुकी है। सोमवार को बाकी चार एकड़ जमीन और 17.50 करोड़ रुपये देने पर सहमति हुई है। वर्तमान में चार लेन की इस सड़क को ट्रैफिक बढ़ने पर छह लेन तक चौड़ा किया जाएगा।
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  • एक ही दिन में पास होने लगे जीडीए में नक्शे
    Story Update : Tuesday, April 03, 2012 1:26 AM


    गाजियाबाद। जीडीए में हाथोंहाथ नक्शा पास होने की कल्पना हकीकत बन गई। सोमवार को जीडीए में सुबह नक्शा पास होने के लिए दो आवेदन आए। और शाम होते-होते नक्शा पास होकर आवंटियों को मिल गया। जीडीए सभागार में सचिव एससी उत्तम ने आवंटियों के प्रतिनिधि को स्वीकृत नक्शे सौंपे।
    जीडीए सचिव ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे शक्तिखंड-3 के 200 वर्गमीटर वाले भवन संख्या 644 के लिए नक्शा पास होने के आवेदन मिला। इसी समय 87 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले नीति खंड-3 की भवन संख्या 582 का नक्शा भी पास होने आया। शाम साढ़े चार बजे दोनों आवंटियों के प्रतिनिधि को स्वीकृत नक्शे सौंप दिए गए। प्राधिकरण में यह व्यवस्था लगातार जारी रहेगी।
    इस संबंध में जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इस व्यवस्था में लोगों ने आर्किटेक्ट्स द्वारा फायदा उठाने की आशंका जताई है। ऐसे किसी अनुचित भुगतान से बचने के लिए आवंटी 500 रुपये देकर जीडीए के बाईलॉज को खरीद सकते हैं। फिर उसके मुताबिक किसी भी पंजीकृत आर्किटेक्ट्स से नक्शा बनवा सकते हैं।
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    Guys

    where it starts in Ghaziabad?


    It starts frm NH24. abt 300 mtres ahead near that water tank by the highway(nr ganga water plant)... . about 1.6 kms from hindon bridge on NH24
    Or just straight line on the road from Gaur roundabout towards NH24.
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  • MANY PLANS...Lets see how many turn out fruitful?
    अब स्टैंड से ही मिलेंगे ऑटो-टेंपो



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    नितेश सिन्हा | Apr 3, 2012, 05.37AM IST
    गाजियाबाद।। सिटी और ट्रांस हिंडन में स्मूद ट्रैफिक में मुश्किल बने ऑटो और टेंपो पर आरटीओ लगाम कसेगा। व्यवस्थित संचालन के लिए आरटीओ ने पूरे शहर में 17 ऑटो स्टैंड खोलने का प्रपोजल तैयार कर लिया है। जगह उपलब्ध कराने को नगर निगम और जीडीए को लेटर लिखा गया है। यहां डिं्रकिंग वॉटर, शेड, पार्किंग और टॉयलेट जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा टेंपो के लिए 31 नए रूट्स भी तैयार कर दिए गए हैं। एआरटीओ उदयवीर ने बताया कि 2-3 दिनों में स्टैंड के लिए जगह फाइनल हो जाएगी। सारी सुविधाएं डिवेलप करने में 1 महीने का वक्त लगेगा। इसके बाद ऑटो और टेंपो सिर्फ स्टैंड से चलेंगे।

    ट्रैफिक सुधार की ही कड़ी में ट्रांस हिंडन के लिए अलग से ट्रैफिक पुलिस की एक टीम तैयार की जा रही है। यह टीम 3 महीने में पूरी तरह तैयार हो जाएगी। इसमें 100 होमगार्ड्स के अलावा एक टीआई और 14 टीएसआई होंगे। यहां ट्रैफिक पुलिस के ऑफिस के लिए जीडीए से जमीन भी मांगी गई है। इस महीने कुछ बिजी पॉइंट्स पर जर्सी बैरियर लगाए जाएंगे।

    ये हैं परेशानियां : सिटी में ट्रांसपोर्टेशन टेंपो (7 सीटर) और ऑटो पर टिका है। ज्यादातर रूट्स पर बसें न होने के कारण इनमें चलना लोगों की मजबूरी है। इस समय सिटी में करीब 8 हजार ऑटो और टेंपो दौड़ रहे हैं। यह जाम की भी बड़ी वजह हैं। ऑटो और टेंपोवाले सवारियों को उतारने-चढ़ाने में ट्रैफिक रूल्स की धज्जियां उड़ा रहे हैं। वहीं ऑटो और टेंपो मालिकों का कहना है कि स्टैंड न होने की वजह से यह समस्या है।




    आरटीओ का प्रपोजल : ट्रैफिक पुलिस ने स्टैंड और बाकी सुविधाओं के लिए आरटीओ को कई बार लेटर लिखा। इसके मद्देनजर आरटीओ ने 17 ऑटो स्टैंड बनाने की तैयारी कर ली है। जगह के लिए जीडीए और नगर निगम को लेटर लिखा गया है। हालांकि इसके पहले आरटीओ ने सर्वे कर स्टैंड की जरूरत वाले पॉइंट्स की पहचान कर ली है।

    यहां होंगे ऑटो स्टैंड : मोहन नगर, शिप्रा सन सिटी, लालकुआं, महाराजपुर बॉर्डर, विजय नगर, ज्ञानी बॉर्डर, मोरटा, मसूरी, रेलवे स्टेशन सिटी, सूर्य नगर, गोविंदपुरम, ओल्ड बस स्टैंड, नया बस स्टैंड, वसुंधरा, वैशाली मेट्रो स्टेशन, कौशांबी मेट्रो स्टेशन और लोनी।

    टेंपो के लिए 31 नए रूट तैयार : एआरटीओ उदयवीर ने बताया कि 7 सीटर टेंपो के लिए 31 रूट तैयार किए गए हैं। इनमें मोहन नगर से 8, लाल कुआं से 2, विजय नगर से 1, ज्ञानी बॉर्डर से 1, मोरटा से 1, मसूरी से 2, सिटी रेलवे स्टेशन से 2, सूर्य नगर से 1, गोविंदपुरम से 1, ओल्ड बस स्टैंड से 3, नया बस स्टैंड से 2, वसुंधरा से 2, वैशाली से 1 और लोनी से 2 रूट्स पर टेंपो चलें गे।


    आरटीओ का प्रपोजल : ट्रैफिक पुलिस ने स्टैंड और बाकी सुविधाओं के लिए आरटीओ को कई बार लेटर लिखा। इसके मद्देनजर आरटीओ ने 17 ऑटो स्टैंड बनाने की तैयारी कर ली है। जगह के लिए जीडीए और नगर निगम को लेटर लिखा गया है। हालांकि इसके पहले आरटीओ ने सर्वे कर स्टैंड की जरूरत वाले पॉइंट्स की पहचान कर ली है।

    यहां होंगे ऑटो स्टैंड : मोहन नगर, शिप्रा सन सिटी, लालकुआं, महाराजपुर बॉर्डर, विजय नगर, ज्ञानी बॉर्डर, मोरटा, मसूरी, रेलवे स्टेशन सिटी, सूर्य नगर, गोविंदपुरम, ओल्ड बस स्टैंड, नया बस स्टैंड, वसुंधरा, वैशाली मेट्रो स्टेशन, कौशांबी मेट्रो स्टेशन और लोनी।

    टेंपो के लिए 31 नए रूट तैयार : एआरटीओ उदयवीर ने बताया कि 7 सीटर टेंपो के लिए 31 रूट तैयार किए गए हैं। इनमें मोहन नगर से 8, लाल कुआं से 2, विजय नगर से 1, ज्ञानी बॉर्डर से 1, मोरटा से 1, मसूरी से 2, सिटी रेलवे स्टेशन से 2, सूर्य नगर से 1, गोविंदपुरम से 1, ओल्ड बस स्टैंड से 3, नया बस स्टैंड से 2, वसुंधरा से 2, वैशाली से 1 और लोनी से 2 रूट्स पर टेंपो चलें गे।
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  • Am I looking DREAM!!! hourly good news in GZB...

    करहेड़ा के पास बनेगा इस महीने पैंटून पुल
    नवभारत टाइम्स | Apr 3, 2012, 09.00AM IST

    करहेड़ा के पास बनेगा इस महीने पैंटून पुल

    करहेड़ा गांव के पास हिंडन पर पैंटूल पुल बनाने के प्रपोजल को हरी झंडी मिल गई है। पुल इसी महीने बनाकर ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की रिपोर्ट को जीडीए वीसी ने सोमवार को पास कर दिया। जीडीए सेक्रेट्री सुभाष चंद्र उत्तम के मुताबिक, पुल बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी की सहारनपुर डिविजन से जीडीए को उपकरण मिल गए हैं। पुल की लंबाई 175 मीटर और चौड़ाई 5.5 मीटर होगी।

    जीडीए सेक्रेट्री के अनुसार, मेन सिटी से आने वाला ट्रैफिक जीटी रोड के हिंडन पुल पर फंसता है। इस समस्या को सुलझाने के लिए कई प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं, लेकिन इनके पूरा होने में वक्त लगेगा। वीसी संतोष कुमार यादव ने फौरी राहत के लिए पैंटून पुल बनाने का फैसला किया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी की सहारनपुर डिविजन से जरूरी उपकरण मिल गए हैं। सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर्स इस काम में जीडीए की मदद करेंगे। पुल बनाने में ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा। करहेड़ा के पास पुल बनाने का फायदा यह है कि यहां नदी और जमीन के लेवल में ज्यादा फर्क नहीं है।

    यह होगा फायदा : पैंटून पुल बनने का फायदा राजनगर एक्सटेंशन से मोहन नगर की आने वाले ट्रैफिक को होगा। इससे पुराने पुल पर जाम की समस्या खत्म होगी। :)
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  • Why spoiling the party??

    निगम और UPSIDC ने फंडिंग से खड़े किए हाथ



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    नवभारत टाइम्स | Apr 3, 2012, 09.00AM IST
    नवयुग मार्केट :
    दिलशाद गार्डन-अर्थला मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए आज (मंगलवार) लखनऊ में हाई लेवल मीटिंग होगी, लेकिन इसके पहले ही नगर निगम और यूपीएसआईडीसी ने पैसा देने के मामले पर हाथ खड़े कर दिए हैं। जीडीए वीसी संतोष कुमार यादव ने भी इसे स्वीकार किया है। हालांकि उनका कहना है कि प्रोजेक्ट के लिए लखनऊ मीटिंग का इंतजार किया जाना चाहिए। वहां फंडिंग के मामले का कोई न कोई समाधान निकलेगा। फंडिंग के करंट मॉडल के हिसाब से नगर निगम, यूपीएसआईडीसी और आवास-विकास परिषद को 203.75 करोड़ रुपये में बराबर का हिस्सा देना है। जीडीए वीसी यादव का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से जीडीए को हर साल 200 करोड़ और नगर निगम को करीब 45 करोड़ रुपये मिलते हैं। जीडीए हर साल अपना हिस्सा दे सकता है, लेकिन नगर निगम और यूपीएसआईडीसी के मुकरने पर बात बिगड़ सकती है।
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  • Bhagwan निगम और UPSIDC walon ko aaj sad-budhi de ;) , Today DMRC Meeting should end with GOOD RESULT for Mohan Nagar Metro.
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  • INDIRECTLY RELATED NEWs

    Panipat rapid rail link hits ministry hurdle

    Dipak K Dash, TNN | Apr 3, 2012, 03.20AM IST
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    Read More:Rapid Rail Corridor|Nhai|National Highways Authority Of India|National Capital Region Planning Board

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    NEW DELHI: A proposal meant to speed up construction of the NCR's first elevated rapid rail corridor between Delhi and Panipat by avoiding land acquisition hurdles has not gone down well with the highways ministry. While the urban development ministry has proposed that the corridor be built on the median of NH-1 or the green belt along the highway, the highways ministry has pointed out this will make construction of flyovers and underpasses difficult in future.

    A National Highways Authority of India (NHAI) official accepted that the proposal was made keeping in view the problems faced in land acquisition for infrastructure projects in the NCR, but said, "We are also working on the improvement of the Delhi-Panipat stretch of NH-1. We want the rapid rail work to be in sync with our plan so that we create adequate facilities for both road and rail transport".

    Regarding the plan, another source said, "They proposed to lay the tracks on pillars on the lines of Delhi Metro. Since the highway runs close to residential and commercial sectors, the urban development ministry felt an elevated rail corridor built above it would be more useful".

    The highways ministry has now suggested that the urban development ministry acquire land adjacent to the right of way (RoW) - road width under the NHAI - for laying railway tracks so that NHAI's plans are not jeopardized.

    Traffic on national highways in the NCR has been increasing at the rate of 10-12% per annum, so NHAI would have to build flyovers or underpasses to meet future requirements. The National Capital Region Planning Board (NCRPB) has been working on a Rs 5,000 crore plan to lay eight rail corridors connecting Delhi and cities in the NCR with high-speed commuter trains.

    These would connect Delhi to Meerut via Ghaziabad; Delhi to Alwar via Gurgaon and Rewari; and Delhi to Panipat via Sonepat.

    As per the proposal, high speed commuter trains will run at 10-minute intervals. There will be new tracks and new trains while the number of stops will be kept down to ensure faster travel. This will help people who live in different parts of NCR but work in Delhi. In the long run, it will also reduce congestion in the capital.
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  • Secretary GDA explains the immediate future plans to Chairman RWA Federation

    03 April 2012, Office of the Secretary, GDA, Ghaziabad : Today the Chairman of the RWA Federation Ghaziabad Col Tejandra Pal Tyagi and the Observer for the Voter Lists Shri Sachin Yadav called on the Secretary Ghaziabad Development Authority Shri Subash Chandra Uttam who brought the following points in to the knowledge of the Federation :-

    1. Pontoon Bridge : The Secretary Uttar Pradesh for the Nagar Vikas has already been approached for the permission of a Pontoon Bridge next to the Kerhada Bridge under construction. Pontoons for this Bridge have already been arranged and other things remaining same, the Pontoon Bridge will be constructed within a fortnight. It will relieve some pressure on the Delhi bound commuters.
    2. Selective Widening of the NH 24 : The NH 24 is being widened at a few locations to save them from become a defile. The said locations have been earmarked and the construction will soon commence. This will be done hand in hand with the provision of the Under Passes and selective widening of the NH 58.
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