F1 Racing Track - Greater Noida - UPDATES

India will host its first Formula 1 Grand Prix on October 30, 2011. The announcement came following an extraordinary meeting of the World Motor Sport Council in Paris on Wednesday. The addition of an Indian GP to the F1 calendar will make 2011 a 20-race season, the longest in the history of the sport.

According to FIA deadlines, the track needs to be completed by July 30 and it will get a go-ahead subject to FIA homologation.

The 5.14-km track, located on the outskirts of Greater Noida (35km from Delhi) is being built by Noida-based Jaypee Sports International (JPSI) and is designed by German racetrack designer Hermann Tilke, who has designed F1 circuits in Malaysia, Bahrain, China, Turkey, UAE and South Korea.
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  • 50 फायर मार्शल रहेंगे तैनात


    नोएडा

    फॉर्म्युला-1 रेस में आग व दुर्घटना से लड़ने के लिए 50 फायर मार्शल तैनात किए जाएंगे। इनमें हर एक मार्शल 100 मीटर की दूरी पर रहेगा और सिग्नल की मदद से आपस में संपर्क बनाए रखेंगे। वहीं, 5 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर कुल 7 एक्सिडेंट प्रोन स्पॉट (संभावित दुर्घटना पाइंट) चिह्नित किए गए हैं, जहां ट्रैक से कनेक्ट होने वाली सर्विस रोड पर हाई प्रेशर वॉटर स्प्रे सिस्टम लगाए जाएंगे। इन इंपोर्टेड मशीनों को रेसिंग के दौरान 7 जगह एहतियातन खड़ा किया जाएगा।

    जानकारी के अनुसार, मलेशिया की एक कंपनी के फायर मार्शल 24 अक्टूबर से फॉर्म्युला-1 ट्रैक की कमान संभालेंगे। इनके पास स्पेशल लाइट वेट हाई प्रेशर फोम फायर एक्स्टिंग्वशर होंगे। इन मशीनों में 600 लीटर पानी और केमिकल स्टोर रहता है और ये काफी दूर तक स्प्रे कर सकते हैं। फायर मार्शल दुर्घटना या आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए तैनात किए जा रहे हैं। ज्ञात हो कि फॉर्म्यूला वन रेस के दौरान इन्हीं मार्शलों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें ट्रैक पर 100 मीटर की दूरी पर तैनात किया जाएगा। जिले के चीफ फायर ऑफिसर एम. वी. सिंह ने बताया कि आयोजन स्थल पर विश्व स्तरीय फायर सेफ्टी सिस्टमों को लगाया गया है। साथ ही, फायर रेजिसटैंट सिटिंग एरिना समेत अन्य फेसिलिटी भी तैयार की गई हैं।

    प्राइज डिस्ट्रिब्यूशन में आ सकती हैं सीएम

    फॉर्म्युला-1 के प्राइज डिस्ट्रिब्यूशन प्रोग्राम में सीएम आ सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल व ग्रीन गार्डन को इसी दिन पब्लिक के लिए खोला जा सकता है। इसके लिए स्थल पर मेंटिनेंस का काम दिन-रात किया जा रहा है।

    -NB times
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  • एफ-वन है डिवेलपमेंट को रफ्तार


    जब कोई इंटरनेशनल इवेंट होता है तो जाहिर सी बात है सबसे पहले उसका असर रियल एस्टेट के कारोबार पर पड़ता है। कुछ ऐसा ही आलम पिछले साल हुए दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी देखने को मिला था, लेकिन दिल्ली में विस्तार की संभावनाएं सीमित हो गई हैं जबकि ग्रेटर नोएडा में विकास की अपार संभावनाएं हैं।

    रफ्तार के लिए जाने जानी वाली फॉर्मूला वन रेसिंग ने नोएडा एक्सटेंशन के टेंशन के बाद रियल एस्टेट बाजार में एक नई रफ्तार दी है। फॉर्मूला वन चंद कदम की दूरी पर है। ऐसे में रियल एस्टेट प्लेयर्स इस इंटरनैशनल इवेंट को कैश करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं। रियल एस्टेट के पंडितों की मानें तो यकीनन फॉर्मूला वन बाजार में एक त्योहारी माहौल लेकर आया है और सेलिब्रेशन का रंग आने वाले दिनों और निखरकर आएगा।

    आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा का कहना है कि जब कोई इंटरनेशनल इवेंट होता है तो जाहिर सी बात है सबसे पहले उसका असर रियल एस्टेट के कारोबार पर पड़ता है। कुछ ऐसा ही आलम पिछले साल हुए दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी देखने को मिला था, लेकिन दिल्ली में विस्तार की संभावनाएं सीमित हो गई हैं जबकि ग्रेटर नोएडा में विकास की अपार संभावनाएं हैं। वह कहते हैं कि न केवल एफ-वन का असर यमुना एक्सप्रेस-वे की बेल्ट पर पड़ेगा बल्कि इसका फायदा इससे जुड़ी बेल्ट के अन्य इलाकों को भी मिलेगा। इनका आकलन है कि अगर रेस बढि़या तरीके से हो जाती है और कोर्ट से नोएडा एक्टेंशन मसले पर राहत मिलती है, तो आने वाले समय में यहांं की प्रॉपर्टी में 50 फीसदी तक का उछाल दर्ज हो सकता है। ऐसे में जो लोग इन इलाकों में इनवेस्ट कर चुके हैं या करने वाले हैं तो उन्हें यहां से रिकॉर्ड प्रॉफिट मिलेगा। वह बताते हैं कि फिलहाल डिवेलपर्स की इन्वेंट्री कम है और डिमांड ज्यादा है। आने वाले वक्त में यह और भी ज्यादा बढ़ेगी।

    फिलहाल बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के आसपास जेपी ग्रुप के अलावा आम्रपाली और सुपरटेक की ज्यादा धमक है। आम्रपाली का कैसल प्रॉजेक्ट है जबकि सुपरटेक अपकंट्री ग्रैंड सर्किट में अपार्टमेंट , सफारी स्टूडियो अपार्टमेंट , विला और प्लॉट हैं। ये प्रॉजेक्ट सर्किट फेसिंग हैं। लिहाजा डिवेलपर्स इस यूएसपी को जमकर भुना भी रहे हैं। मालूम हो कि रेसिंग इवेंट में सवा लाख से ज्यादा लोग पहुंचेंगे। डिवेलेपर्स अपनी पब्लिसिटी इस इलाके में जमकर कर रहे हैं। सुपरटेक के सीएमडी आरके अरोड़ा का कहना है कि फॉर्मूला वन की एफ - वन इवेंट रियल एस्टेट बाजार के लिए ऑक्सीजन का काम करेगा। नोएडा एक्सटेंशन में अधिग्रहण को लेकर रियल एस्टेट बाजार की साख को जो हानी पहुंची , उसकी भरपाई यकीनन एफ - वन करेगी।

    एफवन रेसिंग इवेंट की हलचल के साथ ही इनवेस्टर्स की आंखों में एक नई चमक दिखने लगी हैं। एफवन ऑटो और होस्पिटेलिटी इंडस्टी के लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। नामी ऑटो कंपनियां , होटल्स यहां पर आने की तैयारी करने लगे हैं। फॉर्मूला वन रेसिंग के साथ इस बेल्ट पर अभूतपूर्व विकास होने लगा है। इस रेसिंग इवेंट की अहम भूमिका है कि आज फाइव स्टार होटल्स इस इलाके में बिजनेस तलाश रहे हैं। आमतौर पर दीपावली के नजदीक , होटल्स का धंधा मंदा रहता है लेकिन इस मर्तबा ऐसी स्थिति नहीं है। तीन दिन चलने वाले इवेंट के लिए रिकॉर्ड सुइट्स बुक हो रहे हैं। खासतौर पर मयूर विहार , नोएडा , फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में सुइट रेट आसमान छू रहे हैं। कुछ होटल्स में तो सुइट टैरिफ 40 हजार रुपये को भी पार कर गया है। रेडिसन ब्लू ग्रेटर नोएडा के जीएम सूरज झा के मुताबिक एफ वन इवेंट डेट्स के लिए 175 से ज्यादा सुइट की बुकिंग हो चुकी है। और इस संख्या बढ़ने का सिलसिला जारी है।

    जेपी ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट असकरी जैदी के मुताबिक यह इस विकास की इबारत की शुरूआत है , कामयाबी का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अन्य रेसिंग इवेंट की संभावनाएं बढ़ी हैं। इस कड़ी में मोटो जीपी से बात चल रही है जो मोटरबाइकिंग का एक नामी रेसिंग इवेंट है।

    यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्टियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ पंधारी यादव ने एनबीटी प्रॉपर्टी को बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट के लिए गौतमबुद्ध नगर , बुलंदशहर , महामाया नगर यानी हाथरस , मथुरा और आगरा के 1192 गांवों को नोटिफाई किया गया है। इस पूरी बेल्ट को इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर डिवेलप किया जाना है। यादव ने बताया कि बुद्धा इंटरनैशनल सर्किट जैसे प्रोजेक्ट्स इस इलाके के विकास की स्पीड को बढ़ा रहे हैं। आने वाले दिनों में कई अन्य प्रोजेक्ट्स हैं जो इस डिवेपलमेंट ग्रोथ को और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।


    बॉक्स

    एफवन फैक्ट फाइल

    रेसिंग सर्किट की लंबाई : 5.14 किमी

    टोटल टर्न : 16

    एलिवेशन हाई पॉइंट : 14 किमी

    ट्रैक की चौड़ाई : 10 से 14 मीटर

    सिटिंग कैपेसिटी : 1 लाख 10 इजार

    दिल्ली से दूरी : 40 किलोमीटर

    टॉप स्पीड : 320 किमी प्रति घंटा

    खर्च : तकरीबन 350 मिलियन यूएस ड ॉलर


    -NB times
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  • F1 will broaden scope of sports in India: Ganguly

    F1 will broaden scope of sports in India: Ganguly
    IANS


    Kolkata: Former Indian cricket skipper Sourav Ganguly is gung-ho about the inaugural Formula One Indian Grand Prix and feels it will be a big leap in broadening the sports environ in the cricket-crazy nation.
    "The cricket crazy nation will get to taste something new and extremely exciting. It has the potential to find its audience in the country," Ganguly told mediapersons at the Sahara Force India Formula One Team flag raising event here Thursday.


    An excited Ganguly said he would be a spectator at the event and was looking forward to watching the likes of "Schumacher (Michael Schumacher), Hamilton (Lewis Hamilton)."

    "I have been to a Grand Prix before when I was in Northampton playing for Northamptonshire in 2006. I will be present there on the 30th to witness the epoch-making event. I wish I could sit inside this car (pointing to the Force India car model)," he said.
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  • Formula One 2011: Why India Inc must join the F1 Race

    Formula One 2011: Why India Inc must join the F1 Race
    21 Oct, 2011, 0630 hrs IST, Kartik Varma


    Onlookers gather around the Virgin Racing Formula One car displayed as part of a promotional campaign at a city mall in Kolkata on Tuesday, Oct 18, 2011. (AP)
    With the first Airtel Indian Grand Prix right around the corner, our "home" race will increase the local awareness of a sport that is unrivalled in its global reach, frequency and audience quality. India Inc needs to seriously consider Formula 1 as a sponsorship and marketing priority among all the other choices available to it.

    India has a roster of world-class companies that have ambitions to compete on the global stage. While many of these companies have blue-chip brands domestically, they are either lesser known or unknown to a global audience. This is where an association with F1 can help.

    F1's reach is unparalleled. It is, arguably, even more global than the Olympics and the football world cup, and definitely more so than cricket. F1 garnered 527m unique viewers across 188 countries during the 2010 season. The 2012 season will see 20 races in 19 countries. Unlike other global sporting events that follow a quadrennial cycle, F1 has a consistency of multiple events taking place every other weekend from March to November.

    Indian companies can get their message across to a much wider audience using F1. They can use an association with F1 or one of its 12 racing teams to engage with a global audience in a costefficient and targeted way, which will yield superior and tangibly measurable results compared to traditional media. Brands such as Santander and Petronas have managed to go from local to global awareness in just one season through their association with the sport. Indian companies can achieve the same.

    PREMIUM BRAND VALUES

    A brand's ubiquitous reach is not enough to create an engagement with consumers; companies and brands need an emotional attachment too. This is where F1's premium brand values outperform other platforms. F1 represents cutting-edge technology, reliability, speed, efficiency, teamwork, high performance, innovation, dynamism, fun and glamour -- positive values that companies can spend decades trying to associate with their brands.

    Sport is a powerful marketing medium because it engenders strong emotions. F1 offers the opportunity to tap into the passion of viewers to link those emotions with the brand. The F1 viewer is upmarket, financially astute and highly engaged with sponsors. According to an FIA survey, 48% have purchased sponsor products in the past year, 37% found out more information about a sponsor, and 49.5% say they are more likely to purchase products or services from F1 sponsors. For an Indian company breaking into new markets, the power of the F1 medium should not be ignored.

    Companies can create brand engagement in a compressed timeframe, and this can drive measurable business performance. Take financial services companies. Financial products are highly commoditised and the space is quite crowded globally. Yet, companies such as ING, Allianz and RBS have used the F1 medium to create a positive shift across brand metrics, leading to increased customer loyalty and propensity to purchase/do business. For instance, in its first year of F1, according to Research International, ING experienced that customers demonstrated a 33% increase in willingness to do business.

    DAVOS ON WHEELS

    While a football or T20 cricket match is over within a few hours and corporate guests are constrained to their seats or confined to a corporate box, an F1 weekend is a three-day networking show in an environment built for business. With over 200 of the world's biggest companies participating in F1 and over 30,000 business leaders attending a race, F1 is likened to a 'Davos on wheels'.

    Formula One 2011: Why India Inc must join the F1 RaceOnlookers gather around the Virgin Racing Formula One car displayed as part of a promotional campaign at a city mall in Kolkata on Tuesday, Oct 18, 2011. (AP)

    The race on a Sunday lasts about just two hours. Outside of the actual race, F1 is the ultimate business club in which business leaders get an informal, but business-oriented, environment to forge personal relationships with guest clients, government officials from the host country and fellow sponsor representatives alike.

    Lord's and Wimbledon host world-class events, but their oldschool atmosphere is not the most conducive to conduct business. Over and above brand building, business development is the primary motivation for sponsors' involvement in F1. Indian companies can use F1 to drive business development, forge new business relationships with suppliers and clients, and also explore business partnerships that otherwise might never have developed.

    (Author is Country Head of Rush Sports Marketing & Investment)
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  • F1 to go on, Jaypee to deposit share of ticket sale: SC

    F1 to go on, Jaypee to deposit share of ticket sale: SC
    TNN & Agencies | Oct 21, 2011, 02.54PM IST


    The SC asked Jaypee Sports International Limited, the organisers of F1 race event in Greater Noida, to deposit entertainment tax for which it has been given exemption by the Uttar Pradesh govt.
    NEW DELHI: The Supreme Court on Friday asked Jaypee Sports International Limited, the organizers of Formula 1 (F1) race event later this month in Greater Noida, to deposit 25% of ticket money in a separate account till the court adjudicated validity of entertainment tax exemption granted for the event by the Uttar Pradesh government.

    A bench of justices DK Jain and AR Dave in an interim order directed that the amount would be subject to the final outcome of a plea challenging tax exemptions accorded to the organizers of the Formula 1 race.

    The apex court rejected the arguments of the organizers that the direction would act as a dampener and cause adverse publicity since it was an international event.

    "How can it be a dampener or cause adverse publicity we do not understand?," the bench remarked while passing the order.
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  • फार्मूला-1 आयोजकों को हर हाल में कर देना होग&#

    फार्मूला-1 आयोजकों को हर हाल में कर देना होगा : सुप्रीम कोर्ट



    नोयडा/नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि ग्रेटर नोएडा में तैयार बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में अक्टूबर के अंत में फार्मूला वन (एफ-1) रेस आयोजित कराने से पहले इसके आयोजक जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड कम्पनी को हर हाल में मनोरंजन कर अदा करना होगा।

    उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार ने जेपी को 200 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सर्किट पर रेस कराने को लेकर मनोरंजन कर न देने की छूट दे दी थी। रेस का आयोजन 28 से 30 अक्टूबर तक होना है। भारत में पहली बार एफ-1 रेस का आयोजन हो रहा है। इसे इंडियन ग्रां पी नाम दिया गया है।
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  • दिल्ली पर चढ़ रहा है एफ-1 का जादू


    नई दिल्ली
    फॉर्म्युला वन (एफ-1) रेस का दिन जैसे-जैसे पास आ रहा है, लोगों में उसका रोमांच बढ़ता जा रहा है। रेस के थ्रिल का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। जो लोग टिकट नहीं खरीद सके, वे एफ-1 से जुड़ी चीजों और खेलों के जरिये उस रोमांच को पूरा करने की कोशिश करने में लगे हैं। इनमें बड़ी संख्या उन पैरंट्स की है जो अपने बच्चों को ऐसी जगहों पर लेकर आ रहे हैं। एफ-1 रेस 28 से 30 अक्टूबर तक नोएडा में होने जा रही है।

    जो लोग टिकट लेकर एफ-1 रेस तक नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें भी रेस के थ्रिल और जोश का अहसास कराने के लिए एयरटेल ने पिछले एक महीने से दिल्ली और एनसीआर के कई मॉल्स में एफ-1 के मॉडल की रेस कार रखवाकर लोगों को इस कार को करीब से देखने का मौका दिया है। अब तक सिम्युलेटर कार के जरिए हजारों की संख्या में बच्चे और बड़े इसका मजा ले चुके हैं। पिछले हफ्ते साकेत और सुभाष नगर के पैसिफिक मॉल में इस कार को लोगों के लिए रखा गया और अच्छी स्पीड से खेलने वालों को इनाम में टी-शर्ट भी दी गई। रेस जीतने वाले असली एफ-1 की टिकट भी पा सकते हैं। इस रविवार को यह सिम्युलेटर कार गुड़गांव के एंबिएंस मॉल में लोगों को थ्रिल का मजा देगी।

    लोग तो एफ-1 से जुड़ी किसी भी चीज तक पहुंचने का मौका खोना नहीं चाहते। इसके अलावा भी दिल्ली के बहुत-से इलाकों की दुकानों पर एफ-1 के मूड और छाप से जुड़े चाय के कप, चाबी के छल्ले, टीम की जर्सियां, कैप और बैग जैसे आइटमों की मांग करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। बंक हाउस रिटेल शॉप अब तकरीबन काफी बड़ी संख्या में टी-शर्ट बेच चुकी है। उन्हें उम्मीद है कि रेस होने तक वे 10,000 से ज्यादा टी-शर्ट बेच लेंगे। इनमें हाथ की छपाई वाली टी-शर्ट शामिल हैं जिनकी कीमत 600 से 1800 रुपये के बीच है। अपने फंकी और ट्रेंडी सामानों के लिए मशहूर ऑनलाइन पोर्टल इंकफ्रूट डॉट कॉम ने स्पेशल बर्नआउट शर्ट्स बनवाई हैं। सुना है कि वे पिछले एक हफ्ते के दौरान तकरीबन 2,500 शर्ट्स बेच भी चुके हैं। इनके अलावा दिल्ली के पार्टी हंटर्ज स्टोर पर लोग बालों के रंग-बिरंगे विग, तरह-तरह के झंडे और चाय के मग खरीद रहे हैं जिन पर एफ-1 की निशानियां बनी हुई हैं। इसके अलावा एफ-1 से जुड़े झंडों और चश्मों की दीवानगी भी लोगों में देखने को मिल रही है। स्पोर्ट्स का सामान बनाने वाली कंपनी रीबॉक भी लोगों के मूड को भांपते हुए एफ-1 से जुड़े तमाम तरह के अपने प्रोडक्ट्स को लेकर मैदान में कूद पड़ी है।
    -NB times
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  • एफ-वन है डिवेलपमेंट को रफ्तार


    रफ्तार के लिए जाने जानी वाली फ़ॉर्म्युला वन रेसिंग ने नोएडा एक्सटेंशन के टेंशन के बाद रियल एस्टेट बाजार में एक नई रफ्तार दी है। फ़ॉर्म्युला वन चंद कदम की दूरी पर है। ऐसे में रियल एस्टेट प्लेयर्स इस इंटरनैशनल इवेंट को कैश करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं। रियल एस्टेट के पंडितों की मानें तो यकीनन फ़ॉर्म्युला वन बाजार में एक त्योहारी माहौल लेकर आया है और सेलिब्रेशन का रंग आने वाले दिनों और निखरकर आएगा।

    आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा का कहना है कि जब कोई इंटरनैशनल इवेंट होता है तो जाहिर सी बात है सबसे पहले उसका असर रियल एस्टेट के कारोबार पर पड़ता है। कुछ ऐसा ही आलम पिछले साल हुए दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी देखने को मिला था, लेकिन दिल्ली में विस्तार की संभावनाएं सीमित हो गई हैं जबकि ग्रेटर नोएडा में विकास की अपार संभावनाएं हैं। वह कहते हैं कि न केवल एफ-वन का असर यमुना एक्सप्रेस-वे की बेल्ट पर पड़ेगा बल्कि इसका फायदा इससे जुड़ी बेल्ट के अन्य इलाकों को भी मिलेगा। इनका आकलन है कि अगर रेस बढि़या तरीके से हो जाती है और कोर्ट से नोएडा एक्टेंशन मसले पर राहत मिलती है, तो आने वाले समय में यहां की प्रॉपर्टी में 50 फीसदी तक का उछाल दर्ज हो सकता है। ऐसे में जो लोग इन इलाकों में इनवेस्ट कर चुके हैं या करने वाले हैं तो उन्हें यहां से रिकॉर्ड प्रॉफिट मिलेगा। वह बताते हैं कि फिलहाल डिवेलपर्स की इन्वेंट्री कम है और डिमांड ज्यादा है। आने वाले वक्त में यह और भी ज्यादा बढ़ेगी।

    फिलहाल बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के आसपास जेपी ग्रुप के अलावा आम्रपाली और सुपरटेक की ज्यादा धमक है। आम्रपाली का कैसल प्रॉजेक्ट है जबकि सुपरटेक अपकंट्री ग्रैंड सर्किट में अपार्टमेंट , सफारी स्टूडियो अपार्टमेंट , विला और प्लॉट हैं। ये प्रॉजेक्ट सर्किट फेसिंग हैं। लिहाजा डिवेलपर्स इस यूएसपी को जमकर भुना भी रहे हैं। मालूम हो कि रेसिंग इवेंट में सवा लाख से ज्यादा लोग पहुंचेंगे। डिवेलेपर्स अपनी पब्लिसिटी इस इलाके में जमकर कर रहे हैं। सुपरटेक के सीएमडी आरके अरोड़ा का कहना है कि फ़ॉर्म्युला वन की एफ - वन इवेंट रियल एस्टेट बाजार के लिए ऑक्सीजन का काम करेगा। नोएडा एक्सटेंशन में अधिग्रहण को लेकर रियल एस्टेट बाजार की साख को जो हानी पहुंची , उसकी भरपाई यकीनन एफ - वन करेगी।

    एफवन रेसिंग इवेंट की हलचल के साथ ही इनवेस्टर्स की आंखों में एक नई चमक दिखने लगी हैं। एफवन ऑटो और होस्पिटेलिटी इंडस्टी के लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। नामी ऑटो कंपनियां , होटेल्स यहां पर आने की तैयारी करने लगे हैं। फ़ॉर्म्युला वन रेसिंग के साथ इस बेल्ट पर अभूतपूर्व विकास होने लगा है। इस रेसिंग इवेंट की अहम भूमिका है कि आज फाइव स्टार होटेल्स इस इलाके में बिजनेस तलाश रहे हैं। आमतौर पर दीपावली के नजदीक , होटेल्स का धंधा मंदा रहता है लेकिन इस मर्तबा ऐसी स्थिति नहीं है। तीन दिन चलने वाले इवेंट के लिए रिकॉर्ड स्वीट्स बुक हो रहे हैं। खासतौर पर मयूर विहार , नोएडा , फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में सुइट रेट आसमान छू रहे हैं। कुछ होटेल्स में तो स्वीट टैरिफ 40 हजार रुपये को भी पार कर गया है। रेडिसन ब्लू ग्रेटर नोएडा के जीएम सूरज झा के मुताबिक एफ वन इवेंट डेट्स के लिए 175 से ज्यादा स्वीट की बुकिंग हो चुकी है। और इस संख्या बढ़ने का सिलसिला जारी है।

    जेपी ग्रुप के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट असकरी जैदी के मुताबिक यह इस विकास की इबारत की शुरूआत है , कामयाबी का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अन्य रेसिंग इवेंट की संभावनाएं बढ़ी हैं। इस कड़ी में मोटो जीपी से बात चल रही है जो मोटरबाइकिंग का एक नामी रेसिंग इवेंट है।

    यमुना एक्सप्रेस वे इंडस्टियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ पंधारी यादव ने एनबीटी प्रॉपर्टी को बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट के लिए गौतमबुद्ध नगर , बुलंदशहर , महामाया नगर यानी हाथरस , मथुरा और आगरा के 1192 गांवों को नोटिफाई किया गया है। इस पूरी बेल्ट को इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर डिवेलप किया जाना है। यादव ने बताया कि बुद्धा इंटरनैशनल सर्किट जैसे प्रोजेक्ट्स इस इलाके के विकास की स्पीड को बढ़ा रहे हैं। आने वाले दिनों में कई अन्य प्रोजेक्ट्स हैं जो इस डिवेपलमेंट ग्रोथ को और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

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  • F1 tickets top draw for corporates as Diwali gift

    New Delhi: It is not just sweets and dry fruits that are corporate gifts this Diwali.Companies are using the inaugural Airtel Formula One Grand Prix of India as an extension of the festival season.

    If you are a prominent consumer,or you are in the government,politics or media,chances are you would have received calls,and even tickets or passes,for the three-day event with the Race Day scheduled for October 30,four days after Diwali.
    From telecom companies to global apparel giants and automakers,everyone has bought tickets for the corporate boxes that initially came with a Rs 35,000 price tag.Of course,ticket prices have been slashed by Rs 15,000 now but there are still seats going in the Grand Stand that offers the best view.

    For corporate houses,several of whom would fly their top executives to Delhi,its an opportunity to network and indulge in brand building,especially if they are in the premium products segment.

    The event is a great opportunity for brands to connect with the consumers.It will provide a huge mileage to the brands as the event will grab eyeballs globally, Puma India managing director Rajiv Mehta said.The company which is partnering Buddh International Circuit is also the official licensing partner for Ferrari branded products.

    Brands have to engage with the consumers one way or the other.The event will help us do just that, added Mohit Beotra,head,emerging business,Bharti Airtel.With India Inc going global,events such as F1 help them project a modern image to strengthen contacts and also help their brand.


    -TOI
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  • फॉर्मूला-वन आयोजकों को सुप्रीम कोर्ट का झटका
    ग्रेटर नोएडा में होने वाली फॉर्मूला-वन रेस में मनोरंजन कर से छूट देने के मामले में आयोजक जेपी स्पो‌र्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को मनोरंजन कर की रकम अलग खाते में जमा कराने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं कंपनी उस खाते से कोई लेनदेन भी नहीं करेगी। सुप्रीम कोर्ट से अंतिम फैसला आने तक यह रकम खाते में जमा रहेगी। भारत की पहली फॉर्मूला-वन रेस 30 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा में होगी। इसका आयोजन जेपी स्पो‌र्ट्स इंटरनेशनल कंपनी करा रही है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका लंबित है जिसमें फॉर्मूला-वन रेस में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मनोरंजन कर से छूट देने पर सवाल उठाया गया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति डीके जैन व न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कंपनी को ये अंतरिम आदेश दिए। पीठ ने कंपनी को रेस समाप्त होने के दो सप्ताह के भीतर कानून के मुताबिक मनोरंजन कर की रकम एक अलग खाते में जमा करने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि कंपनी इस खाते से मामले में अंतिम फैसला आने तक कोई लेनदेन नहीं करेगी। कानून के मुताबिक 25 फीसदी मनोरंजन कर अदा करना पड़ता है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने फॉर्मूला वन रेस में कंपनी को मनोरंजन कर से छूट दे दी है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य प्रतिपक्षियों को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने निर्देश देते हुए कहा कि यह मामला विचार योग्य और वे इस पर विस्तृत सुनवाई करेंगे। इससे पहले पीठ ने मनोरंजन कर समाप्त करने के बारे में उत्तर प्रदेश सरकार से कई सवाल पूछे। पीठ ने सरकार से कहा कि वह अपने जवाबी हलफनामे में बताए कि विशेष विकास क्षेत्र (एसडीजेड) योजना और उसमें दी गई खेल गतिविधियों का क्या मतलब है। नि:संदेह खेल मानव विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एसडीजेड में भूमि आवंटन किस वर्ग की योजना के लिए किया गया है। योजना संपन्न वर्ग के लिए है कि मध्यम वर्ग के लिए या फिर कमजोर वर्ग के लिए। जेपी कंपनी के वकील मुकुल रोहतगी ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कंपनी को एसडीजेड में 2008 में ही भूमि आवंटित हुई थी। राज्य सरकार ने कानून के तहत मनोरंजन कर से छूट दी है। कंपनी ने रेस पर 2000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। टिकटें बिक चुकी हैं। रेस शुरू होने वाली है। ऐसे में याचिका दाखिल कर रेस में बाधा डालने और नकारात्मक प्रचार करने की कोशिश की जा रही है। पीठ ने दलीलें ठुकराते हुए कहा कि मनोरंजन कर आयोजन पूरा होने के बाद ही दिया जाता है। इससे पहले याचिकाकर्ता के वकील संजीव सेन व प्रशांत कुमार ने कहा कि यह योजना इस कंपनी को इसी खेल में लाभ पहंुचाने के लिए लाई गई थी।

    -D. jagran
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  • SC to F1: Keep 25% of revenue from tickets in separate account

    New Delhi: The Supreme Court on Friday gave the green signal to the Formula One race in Greater Noida but asked the organizers,Jaypee Sports International Ltd,to keep 25% of the Rs 75 crore collected from ticket sales in a separate account till it tested the legality of the UP governments decision to grant entertainment tax exemption to the event.

    Do not think we do not love Formula One.But we have to examine whether in the context of overall development policy,the impetus given for sports meant building race tracks or something else and whether the exemption was in place, said a bench of Justices DK Jain and AR Dave.While the UP government said the exemption was based on law and its industrial development policy,the organisers said they had acted bona fide all along and any interim order at this juncture on an international event,for which tickets had been sold world over,could be a dampener.

    Brushing aside the apprehensions,the bench asked the organisers to keep in a separate account 25% of the Rs 75 crore,which according to JPSI was the proceeds from the sale of tickets for the F1 race on October 30,within two weeks of the completion of the event.This means,if the court later finds that the exemption from payment of entertainment tax was illegal,then the amount kept in the separate account would be given to the UP government.If 25% is put in a separate account,how is it going to be a dampener or adverse publicity around the world You admit that all the guests have already arrived in India.It is not going to affect them at all.How can payment of entertainment tax be a dampener the bench asked.
    Though the bench questioned advocate Sanjiv Sen for the poor homework by the PIL petitioner as he failed to pinpoint the legal issues involved in the case,it said it would entertain the petition in public interest.Sen had alleged that the tax exemption given to JPSI event was politically motivated.

    JPSIs counsel Mukul Rohatgi said entertainment tax was always passed on to the patrons and never borne by the organisers.He accused petitioner Amit Kumar of approaching the court at the 11hour though the exemption was granted in June.The UP governments counsel,senior advocate Gopal Subramaniam,said the exemption was based on a 2007 policy decision and in line with the UP law on payment of entertainment tax.The court asked him to place on record details of the policy decision which,according to the state,was aimed at supporting development of sports infrastructure.
    The bench said,We want to consider sports in the context of the scheme of policy,not in the abstract sense of whether motor racing is actually a sport or not.

    -TOI
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