just i saw news headline ...

ALD High court decision on NE acquisition :


170 hectare of land acquisition cancelled....
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  • Mr Jarhead,

    As I talked to Paramount Head, They said that paramount come under tilakta , sakipur village and their land was acquired in 1992 by authority. So this is not affected.
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  • Originally Posted by vicky6
    It is clear that the land doesn't come in quad sectors of Noida Extension where so many builders had launched the projects. However, the sword of land acquisition cancellation would hang wherever the land was taken for Indl usage on urgent clauses.



    BhrastaCHAR, AtyaCHAR, VyabhiCHAR, DhaaraCHAR !!!!!
    For court all are same??
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  • Entire Noida Extension Land seems to have been acquired in the same way and therefore sooner or later all projects are very likely to get impacted if something not done in favor of farmers.
    Politics could be there but that donsn't justify the wrong Patrice of Govt and Authority who acquired the land.
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  • Real bad news . Could this be an death blow to the area . I hope not, for the sake of guys invested there & a solution to the issue can be worked out to the satisfaction of all concerned, including the people who's hard earned money is invested here & the farmers, who look to have been defrauded by BMW & her cronies .
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  • Stalemate

    Originally Posted by cookie
    Entire Noida Extension Land seems to have been acquired in the same way and therefore sooner or later all projects are very likely to get impacted if something not done in favor of farmers.
    Politics could be there but that donsn't justify the wrong Patrice of Govt and Authority who acquired the land.


    Hi
    Greetings!!
    its going to be a long drawn affair before the mist clears up..
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  • ग्रेटर नोएडा के पतवाडी गांव में अधिग्रहण रद्द होने से करीब 20 हजार लोग प्रभावित होंगे। अभी चार गांवांे का फैसला आना बाकी है। अगर हाई कोर्ट ने इन चारों गांवांे में भी जमीन अधिग्रहण रद्द किया तो बिल्डरांे के साथ अथॉरिटी व करीब 50 हजार लोगों को झटका लगेगा। ऐसा होने से जो लोग ग्रेटर नोएडा मंे घर का सपना देख रहे हैं, वह टूट जाएगा। साहबेरी में जमीन अधिग्रहण रद्द किए जाने के बाद नोएडा एक्सटेंशन से निवेशकों ने मुंह मोड़ लिया था। अथॉरिटी ने लोगों को नोएडा एक्सटेंशन में फिर से आकर्षित करने लिए मेट्रो रूट बदल दिया था। मेट्रो रूट को नोएडा एक्सटेंशन से निकाले जाने को लेकर अथॉरिटी ने बोर्ड बैठक में मुहर लगा दी थी। इसके बाद नोएडा एक्स्टेंशन मंे निवेशकों का एक बार फिर रुझान बढ़ा था। सोमवार को हाई कोर्ट के पतवाडी गांव की 15 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया रद्द किए जाने के फैसले से निवेशकों में हड़कंप मच गया है। पतवाडी में जमीन अधिग्रहण रद्द हो जाने से सुपरटेक, आम्रपाली, निराला, पटेल व हनीस आदि बिल्डर प्रभावित हुए हैं। इन बिल्डरों के यहां करीब 15 हजार लोगों ने फ्लैटों की बुकिंग कराई थी। नोएडा एक्सटेंशन मंे निवेश करने वाले जयवीर सिंह का कहना है कि हाई कोर्ट के फैसले से मेरी तरह हजारांे निवेशकांे को झटका लगा है। अब वह बिल्डर से निवेश की गई धनराशि वापस लेकर नोएडा एक्सटेंशन मंें निवेश करने की कभी नहीं सोचेंगे।

    इससे पहले 12 मई को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने साहबेरी गांव की 156 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण रद्द किया था जिससे महागुन, आम्रपाली, सुपरटेक व पंचशील समेत कई बिल्डर प्रभावित हुए और हजारांे निवेशकांे को करारा झटका लगा। हजारों लोगों ने यहां फ्लैटों की बुकिंग कराई थी। जिस जमीन पर बिल्डर लोगों को फ्लैट का आश्वासन दे रहे थे, उसके अधिग्रहण के विरोध में शाहबेरी, पतवाडी गांव के सैकड़ों किसान हाई कोर्ट चले गए। शाहबेरी गांव के किसान शराफत ने बताया कि जमीन अधिग्रहण रद्द हो जाने से किसान बेहद खुश हैं।

    चार गांवों की जमीन का आना है फैसला

    साहबेरी, पतवाडी, मकोडा, सूरजपुर, गुलिस्तानपुर के बाद खौदना खुर्द, बिसरख, इटेडा व चिपियाना गांव के किसानों की याचिका पर भी सुनवाई होनी है। इन गांवों के अलावा कई और गांवांे के किसान जमीन अधिग्रहण के विरोध में हाई कोर्ट जाने की तैयारी में लगे हैं।

    किसानों ने बांटी मिठाई

    जमीन अधिग्रहण रद्द किए जाने के बाद किसानांे मे खुशी की लहर दौड़ गई। गुलिस्तानपुर और पतवाडी में किसानों ने एक - दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। किसानांे ने हाई कोर्ट के फैसले को अपनी जीत बताया है। किसान नेता मनवीर भाटी का कहना है कि अथॉरिटी की मनमर्जी पर हाई कोर्ट ने रोक लगाकर किसानों को बड़ी राहत दी ह ै।

    -Navbharat times
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  • सुप्रीम कोर्ट जाने के तैयारी में अथॉरिटी

    शाहबेरी के किसानों को मनाने में असफल रहने के बाद अब ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है। एक-दो दिनों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ अथॉरिटी याचिका दायर दायर कर सकती है। हालांकि, अभी भी किसानों को मनाने प्रयास किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि 12 मई को किसानों की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के लिए अधिग्रहीत की गई 159 हेक्टेयर जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया निरस्त कर दी थी। यह जमीन शाहबेरी एरिया में आता है। हाई कोर्ट के निर्णय के बाद अथॉरिटी अफसरों और इससे प्रभावित बिल्डरों में हड़कंप मच गया था। अथॉरिटी ने बिल्डरों को यह आश्वासन दिया कि उनके पास किसानों से सीधे जमीन खरीदने का विकल्प बचा है और वह किसानों को मनाने में जुटे हैं। लेकिन अथॉरिटी अफसरों और बिल्डरों के गंभीर प्रयास के बाद भी सिर्फ 12 किसान सीधे अपनी जमीन अथॉरिटी को बेचने को तैयार हुए। 159 हेक्टेयर में से चार हेक्टेयर जमीन इन 12 किसानों के नाम है। इन किसानों के अलावा कोई भी किसान अब तक तैयार नहीं हुआ है। किसानों को मनाने में असफल रहने के बाद अब अथॉरिटी हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।

    अथॉरिटी अफसरों के मुताबिक किसानों को मनाने का विकल्प अभी भी खुला रखा गया है, लेकिन यदि किसान सीधे जमीन बेचने को तैयार नहीं होते तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो अथॉरिटी के लॉ डिपार्टमेंट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए होमवर्क भी शुरू कर दिया है। अथॉरिटी के सीनियर अफसर भी अथॉरिटी का पक्ष मजबूत करने के लिए डेटा और रिकार्ड तैयार करा रहे हैं। बता दें कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बिसरख एरिया के आसपास बिल्डर्स स्कीम लॉन्च की थी। जमीन अधिग्रहण के लिए 13 जून 2009 को धारा-4 की कार्रवाई की गई थी। नियम के अनुसार धारा-4 के बाद धारा-5 ए की कार्रवाई की जाती है। इसमें किसानों का पक्ष सुना जाता है। किसान अगर अधिग्रहण के खिलाफ आपत्ति लगाते हैं तो उसका समाधान करने के बाद ही अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लेकिन प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने धारा-5 ए के बजाय 13 नवंबर 2009 को सीधे धारा-6 की कार्रवाई कर डाली। इसके विरोध में शाहबेरी गांव के किसान देवेंद्र वर्मा, आले नदी समेत करीब 150 किसानों ने 28 मार्च 2010 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

    -Navbharat times
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    सुप्रीम कोर्ट जाने के तैयारी में अथॉरिटी

    शाहबेरी के किसानों को मनाने में असफल रहने के बाद अब ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है। एक-दो दिनों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ अथॉरिटी याचिका दायर दायर कर सकती है। हालांकि, अभी भी किसानों को मनाने प्रयास किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि 12 मई को किसानों की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के लिए अधिग्रहीत की गई 159 हेक्टेयर जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया निरस्त कर दी थी। यह जमीन शाहबेरी एरिया में आता है। हाई कोर्ट के निर्णय के बाद अथॉरिटी अफसरों और इससे प्रभावित बिल्डरों में हड़कंप मच गया था। अथॉरिटी ने बिल्डरों को यह आश्वासन दिया कि उनके पास किसानों से सीधे जमीन खरीदने का विकल्प बचा है और वह किसानों को मनाने में जुटे हैं। लेकिन अथॉरिटी अफसरों और बिल्डरों के गंभीर प्रयास के बाद भी सिर्फ 12 किसान सीधे अपनी जमीन अथॉरिटी को बेचने को तैयार हुए। 159 हेक्टेयर में से चार हेक्टेयर जमीन इन 12 किसानों के नाम है। इन किसानों के अलावा कोई भी किसान अब तक तैयार नहीं हुआ है। किसानों को मनाने में असफल रहने के बाद अब अथॉरिटी हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।

    अथॉरिटी अफसरों के मुताबिक किसानों को मनाने का विकल्प अभी भी खुला रखा गया है, लेकिन यदि किसान सीधे जमीन बेचने को तैयार नहीं होते तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो अथॉरिटी के लॉ डिपार्टमेंट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए होमवर्क भी शुरू कर दिया है। अथॉरिटी के सीनियर अफसर भी अथॉरिटी का पक्ष मजबूत करने के लिए डेटा और रिकार्ड तैयार करा रहे हैं। बता दें कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने बिसरख एरिया के आसपास बिल्डर्स स्कीम लॉन्च की थी। जमीन अधिग्रहण के लिए 13 जून 2009 को धारा-4 की कार्रवाई की गई थी। नियम के अनुसार धारा-4 के बाद धारा-5 ए की कार्रवाई की जाती है। इसमें किसानों का पक्ष सुना जाता है। किसान अगर अधिग्रहण के खिलाफ आपत्ति लगाते हैं तो उसका समाधान करने के बाद ही अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लेकिन प्रशासन की रिपोर्ट पर शासन ने धारा-5 ए के बजाय 13 नवंबर 2009 को सीधे धारा-6 की कार्रवाई कर डाली। इसके विरोध में शाहबेरी गांव के किसान देवेंद्र वर्मा, आले नदी समेत करीब 150 किसानों ने 28 मार्च 2010 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

    -Navbharat times

    Ha ha ha ha ha ha I cannot stop laughing - the legal battle has just began and watch the drama - builders will not refund saying matter is subjudice and builders will not pay to authority saying the matter is subjudice :D

    who is losing ? bechara end user - ka sapna toot gaya - and those who paid whole of their savings for the down payment are stuck so badly that they do not know which way to go

    Bhai paise milte hai to le lo builders se aur ready to move property mai switch kar lo - wo jayada safe hoti hai

    rohit
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  • Universal truth -
    Originally Posted by rohit_warren


    Bhai paise milte hai to le lo builders se aur ready to move property mai switch kar lo - wo jayada safe hoti hai

    rohit


    Rahit bhai sabako pata hai ye :)
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  • If anyone still interested in Noida extension then only one option is left which is authority buildup houses in sector 3 and authority plots in sector 2/3 and 1BHK authority flat in sector 3.

    These were approx 90% ready and there was no issue as 17.5% quota given to farmers and area was also marked for residential purpose in earlier master plan... also ..authority has not sold land to builder but scheme was launched for public and each catagory (farmers, SC, ST) got allotted.. so there should not be any issue...
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  • Originally Posted by rohit_warren
    Ha ha ha ha ha ha I cannot stop laughing - the legal battle has just began and watch the drama - builders will not refund saying matter is subjudice and builders will not pay to authority saying the matter is subjudice :D

    who is losing ? bechara end user - ka sapna toot gaya - and those who paid whole of their savings for the down payment are stuck so badly that they do not know which way to go

    Bhai paise milte hai to le lo builders se aur ready to move property mai switch kar lo - wo jayada safe hoti hai

    rohit


    No need to demonstare your sadist attitude, and stop BS'ing about poor end users, They can do without fake sympathy from your thinly veiled personal agenda.
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  • Village Map of Gautam Budhh Nagar at following link:

    http://gbnagar.nic.in/Map/map.jpg

    One can use it in in conjuction with wikimapia.org to guess the names of villages.
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  • Originally Posted by EMI Babu
    No need to demonstare your sadist attitude, and stop BS'ing about poor end users, They can do without fake sympathy from your thinly veiled personal agenda.

    hey dude mind your language - I have been warning the endusers about the risk reward return for last 5 month and everytime got the thrashing for being bearish on that region.

    Now when I have been proven right because of sheer luck or grace of God you guys are saying why I am being sadist - be reasonable and learn to respect others.

    rohit
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  • Originally Posted by rohit_warren
    hey dude mind your language - I have been warning the endusers about the risk reward return for last 5 month and everytime got the thrashing for being bearish on that region.

    Now when I have been proven right because of sheer luck or grace of God you guys are saying why I am being sadist - be reasonable and learn to respect others.

    rohit


    Rohit Bhayya, Galti sabse hoti hai par humko doosro ki galti par jayda nahi husna chahiye. Situations can be worst anywhere for anyone just after 1 Second.

    I myself have warned lots of person from NE during last 15 months and several of my friends do not purchase in NE after respecting my advice but several of my friends purchase in NE after thinking there may be some better returns. But at least I do not laugh at the front of my other friends who do not follow my advice.

    All of us are nothing in front of universe and fraction of second is more than enough to ruin our life completely, still in NE situation can be manageable and due to NE issues most of the person will face mainly financial loss not any other loss of living life which are also equally important in life. All know you are happy with NE dispute but still you should also respects the sentiments of others, Making money is not the only goal of life.

    Get well Soon...
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  • Originally Posted by saurabh2011
    Rohit Bhayya, Galti sabse hoti hai par humko doosro ki galti par jayda nahi husna chahiye. Situations can be worst anywhere for anyone just after 1 Second.

    I myself have warned lots of person from NE during last 15 months and several of my friends do not purchase in NE after respecting my advice but several of my friends purchase in NE after thinking there may be some better returns. But at least I do not laugh at the front of my other friends who do not follow my advice.

    All of us are nothing in front of universe and fraction of second is more than enough to ruin our life completely, still in NE situation can be manageable and due to NE issues most of the person will face mainly financial loss not any other loss of living life which are also equally important in life. All know you are happy with NE dispute but still you should also respects the sentiments of others, Making money is not the only goal of life.

    Get well Soon...


    Saurabh Bhai, I also have investment in NOIDA and may lose money due to present circumstances. I am fearful, but also amused! So, please take it lightly if Rohit is laughing. He is not laughing on others misfortune but on the situation itself.
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