ग्रेटर नोएडा में 50 पर्सेंट कंपलिशन अनिवार्य होने के बाद सेक्टरों के बड़े प्लॉटों की खरीद फरोख्त में कमी आने लगी है। प्रॉपर्टी मार्केट से जुड़े लोगों की मानें तो मार्केट से इन्वेस्टर दूर होते जा रहे हैं। अथॉरिटी के अलॉटमेंट रेट बढ़ने और सर्कल रेट में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए प्रॉपर्टी मार्केट की स्थिति और ज्यादा डांवांडोल होने की आशंका जताई जा रही है।

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा-2, डेल्टा-3, चाई-फाई, स्वर्ण नगरी, सेक्टर सिग्मा-1, सेक्टर सिग्मा-2 समेत कई सेक्टरों में 200 से लेकर 1 हजार मीटर तक के प्लॉट हैं। इस साल जनवरी से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने कंपलिशन देने के लिए न्यूनतम निर्माण 25 पर्सेंट से बढ़ाकर 50 पर्सेंट कर दिया है। कंपलिशन न होने पर अथॉरिटी अलॉटी से पेनेल्टी वसूल करती है या फिर उसका प्लॉट भी कैंसल किया जा सकता है। जो लोग इन्वेस्टमेंट के लिए प्रॉपर्टी खरीदते हैं, उन्हें अब तक कंपलिशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए सिर्फ 25 पर्सेंट निर्माण करना होता था, लेकिन अब उन्हें 50 पर्सेंट निर्माण करना पड़ रहा है। कंस्ट्रक्शन वर्क बढ़ने से प्रॉपर्टी की कीमत भी बढ़ जाती है।

प्रॉपर्टी मार्केट से जुड़े लोगों की मानें तो कंपलिशन का नया नियम आने के बाद से बड़े प्लॉटों की खरीद फरोख्त में भारी गिरावट आई है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट दुष्यंत कुमार शर्मा के मुताबिक इन्वेस्टमेंट बढ़ने से लोगों ने अपने हाथ खींचने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा कई ऐसी अन्य परिस्थितियां भी लोगों को प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करने से रोक रही हैं। मसलन अथॉरिटी ने अपने अलॉटमेंट रेट में 12.5 फीसदी का इजाफा कर दिया है। इधर डिस्ट्रिक्ट ऐडमिनिस्ट्रेशन भी सर्कल रेट रिवाइज्ड करने पर विचार कर रहा है। सर्कल रेट में 20 से 25 फीसदी का इजाफा किया जा सकता है। दूसरी ओर हाल के दिनों में अथॉरिटी जमीन अधिग्रहण रद्द होने के कारण इन्वेस्टर इस एरिया में इनवेस्ट करने से डर रहे हैं।

एडीएम फायनैंस शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि अलॉटमेंट रेट बढ़ने, सर्कल रेट बढ़ने और कंपलिशन 50 पर्सेंट होने से प्रॉपर्टी मार्केट में करेक्शन की संभावना है। इससे ग्रेटर नोएडा को बहुत फायदा होगा। प्रॉपर्टी के रेट घटने पर ओरिजिनल खरीदार यहां प्रॉपर्टी खरीदेंगे।

-navbharat times
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