Noida Extension Buyers Take on Builders

Home buyers who have invested in Noida Extension Real Estate projects are connecting online through discussion forums, facebook and other websites to vent out frustration against the builder lobby. Almost 100 people have signed up as members of a Facebook group that calls itself, 'Noida Extension Owners and Members Association'. The members include professionals from all walks of life.

NEOMA - Noida Extension Owners And Members Association is Noida extension owners and member association. The purpose and objective of NEOMA is to keep updated to all the Future residents of the Noida /Noida Ext. based on the users feedback. User can make their decision, owners can raise their voice in case of any issues.

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Supreme Court - Noida Extension News

Guyz look at Zee news. Noida extn ko rahat nahi....

नोएडा एक्सटेंशन को नंदीग्राम बनते नहीं देख सकते: SC

*नई दिल्ली। *सुप्रीम कोर्ट ने आज नोएडा एक्सटेंशन जमीन अधिग्रहण मामले में कहा
कि नोएडा एक्सटेंशन को दूसरा नंदीग्राम नहीं बनने दिया जाएगा। कोर्ट ने अपनी
टिप्पणी में कहा कि सरकार को जमीन अधिग्रहण को लेकर अपनी मानसिकता बदलनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि खेती की जमीन अधिग्रहण करने से
पहले क्या इस बात की कोशिश की गई कि बंजर जमीन का अधिग्रहण पहले किया जाए। इस
दौरान कोर्ट में सरकार और किसानों के तरफ के पक्ष कोर्ट में मौजूद थे। सुप्रीम
कोर्ट ने इस मामले की जल्द सुनवाई करने से इंकार करते हुए कहा कि इसकी सुनवाई 5
जुलाई को होगी।Guyz look at Zee news. Noida extn ko rahat nahi....

नोएडा एक्सटेंशन को नंदीग्राम बनते नहीं देख सकते: SC

*नई दिल्ली। *सुप्रीम कोर्ट ने आज नोएडा एक्सटेंशन जमीन अधिग्रहण मामले में कहा
कि नोएडा एक्सटेंशन को दूसरा नंदीग्राम नहीं बनने दिया जाएगा। कोर्ट ने अपनी
टिप्पणी में कहा कि सरकार को जमीन अधिग्रहण को लेकर अपनी मानसिकता बदलनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि खेती की जमीन अधिग्रहण करने से
पहले क्या इस बात की कोशिश की गई कि बंजर जमीन का अधिग्रहण पहले किया जाए। इस
दौरान कोर्ट में सरकार और किसानों के तरफ के पक्ष कोर्ट में मौजूद थे। सुप्रीम
कोर्ट ने इस मामले की जल्द सुनवाई करने से इंकार करते हुए कहा कि इसकी सुनवाई 5
जुलाई को होगी।Guyz look at Zee news. Noida extn ko rahat nahi....

नोएडा एक्सटेंशन को नंदीग्राम बनते नहीं देख सकते: SC

*नई दिल्ली। *सुप्रीम कोर्ट ने आज नोएडा एक्सटेंशन जमीन अधिग्रहण मामले में कहा
कि नोएडा एक्सटेंशन को दूसरा नंदीग्राम नहीं बनने दिया जाएगा। कोर्ट ने अपनी
टिप्पणी में कहा कि सरकार को जमीन अधिग्रहण को लेकर अपनी मानसिकता बदलनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि खेती की जमीन अधिग्रहण करने से
पहले क्या इस बात की कोशिश की गई कि बंजर जमीन का अधिग्रहण पहले किया जाए। इस
दौरान कोर्ट में सरकार और किसानों के तरफ के पक्ष कोर्ट में मौजूद थे। सुप्रीम
कोर्ट ने इस मामले की जल्द सुनवाई करने से इंकार करते हुए कहा कि इसकी सुनवाई 5
जुलाई को होगी।
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  • Govenment is in no position to offer housing on large scale

    The state or central Government is no where in the position to provide housing on such large number. But government has to rely on private builder for this auspicious job.

    Providing a sheltor / house is any government top agenda.Thats why the central goverment is anual budget has announced to 1-2% subsidy on housing loan interest up to 25 lakhs rupees.

    All the farmer in NE area were selling land for unauthorised colony. The SC just go to that area (NE) and see how much unauthorised colony these farmer have made. It seems another Khoda colony would have made within 1-2 years, had GN auhority not intervened.
    SC Should not become a political tool to take political score by Rahul Gandhi over Mayawati. Justice should not done but it should be visible as well.
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  • Mogammo bhai,

    Not sure about the RRTS and it won't be happening for next 10 years but development of Delhi-Mumbai corridor could materialize before that. It passes through Bhiwadi and can be a good boost to the area. In such a cheap price at Bhiwadi, it makes sense to take calculative risk if decent development is going on in any under-construction property. In 5 years with inflation, just the construction cost would cross Rs 1600/sqft so keeping that in mind it can't be a bad bet. But again, be careful where you are investing as a promise of too cheap for a high rise(floors could be done cheap) could be just another trick of the builder to attract money. Plot prices are close to Rs 10-11K/sqyd in two townships of Piyush and Omaxe and have already appreciated by 30-40% in last one year. Visit the area if you like and do the due diligence and see which project provides the value for money. Area is growing good, plus connectivity to NH-8 is good and will be improving more in the future too. Some new industries like Honda, St Gobain, Auto Clutch etc are expanding huge. In addition, scan the internet and see what kind and pay scale of the new upcoming jobs in the area is. Anything more than Rs 4L+ pa would bring enough crowd to occupy the units and appreciate the value.



    Originally Posted by Mogammo
    Good info djvjain, only persons who has visited locations will know the best. Advertisements are for confusing the public.

    At 1600/sqft(all inclusive) Bhiwadi is really very very good options. In Gurgaon forum i also have read that HIGH SPEED METRO (RRTS) will also pass from Bhiwadi then Gurgaon Udyog Vihar DLF will be only 40 minutes far from Bhiwadi and maximum in 40 rupees, I think at its rate Bhiwadi will give very good profit in long term 5-10 years.

    Thanks djvjain.....
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  • सुप्रीम कोर्ट में साबेरी गांव मामले की सुनवाई


    नोएडा एक्सटेंशन के साबेरी गांव में जमीन अधिग्रहण के मुद्दे को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। प्राधिकरण व बिल्डरों के साथ किसान व निवेशकों की भी नजर इस पर टिकी हुई है। कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए इस बार प्राधिकरण कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहता। प्राधिकरण अधिकारी सोमवार को फाइल तैयार करने में जुटे रहे। कोर्ट का फैसला प्राधिकरण की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का भविष्य तय करेगा।
    इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा साबेरी गांव में 156 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना रद किए जाने के बाद प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका पर 25 जून को सुनवाई हुई थी, लेकिन ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते कोर्ट ने सुनवाई की तिथि को आगे बढ़ाकर पांच जुलाई कर दिया था। कोर्ट ने प्राधिकरण ने कुछ जानकारी भी मांगी थी। प्राधिकरण ने उनका जवाब तैयार कर लिया है। बताया जाता है कि प्राधिकरण इस बार कोई चूक नहीं करना चाहता है, इसलिए सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने के लिए अच्छे वकीलों की फौज तैयार कर ली गई है। किसान भी अपना वकील खड़ा करेंगे। प्राधिकरण अधिकारियों ने सुनवाई पूरी होने तक कोई भी बयान देने से इंकार कर दिया। जमीन अधिग्रहण प्रतिरोध आंदोलन के प्रवक्ता डॉ. रूपेश वर्मा का कहना है कि किसान भी वकील के जरिए अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।
    40 हजार निवेशकों का पैसा दाव पर
    नोएडा एक्सटेंशन में अब तक करीब 40 हजार निवेशक विभिन्न बिल्डरों के यहां फ्लैट बुक करा चुके हैं। अकेले नोएडा एक्सटेंशन में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हो चुका है। अधिकतर निवेशकों ने बैंकों से कर्ज लेकर फ्लैट बुक कराया है। कई किश्तों का भुगतान भी किया जा चुका है। निवेशक राजेंद्र व जयवीर का कहना है कि कोर्ट का फैसला किसानों के पक्ष में गया तो उनके पास अपना पैसा वापस लेने के अलावा कोई चारा नहीं होगा। उन्हें डर है कि बिल्डर उनका पैसा देने में आनाकानी न करने लगे। सभी निवेशकों की नजर मंगलवार को कोर्ट के फैसले पर लगी हुई

    -Dainik Jagran
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  • बादौली में जमीन अधिग्रहण पर स्टे


    ग्रेटर नोएडा के बाद हाई कोर्ट ने जमीन अधिग्रहण के मामले मंे नोएडा अथॉरिटी को भी करारा झटका दिया है। कोर्ट ने नोएडा के बादौली गांव की जमीन के अधिग्रहण पर स्टे लगा दिया है। बादौली गांव के किसानांे के वकील पंकज दूबे और किसान नानक चंद शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अथॉरिटी ने किसान महेश, रोहताश, सतीश चंद आदि की जमीन को इमरजेंसी क्लॉज लगाकर नवंबर 2007 में धारा-4 और मई 2008 में धारा-6 लगाकर अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी। किसानांे ने हाई कोर्ट मंे जमीन अधिग्रहण के खिलाफ याचिका दायर की। पंकज ने बताया कि अथॉरिटी ने अधिग्रहीत जमीन पर तीन साल तक कोई विकास कार्य नहीं किया। इस मामले में हाईकोर्ट ने शासन और अथॉरिटी को तीन सप्ताह का समय दिया है।

    -Navbharat times
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  • शाहबेरी मामला : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज


    शाहबेरी मामले में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा दायर स्पेशल लीव पिटिशन पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। अथॉरिटी की ओर से कुल 31 एसएलपी दायर की गई है। 7 बिल्डरों ने भी इस मामले में याचिका दायर की है। अथॉरिटी ऑफिस में दिनभर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से होने वाले नफा-नुकसान पर चर्चा होती रही। अथॉरिटी अफसरों के मुताबिक अथॉरिटी के अधिसूचित एरिया में हुए अवैध कब्जों की पूरी डिटेल तैयार कर ली गई है। कोर्ट में यह पक्ष मजबूती से रखा जाएगा और इसी आधार पर अधिग्रहण के लिए इमरजेंसी क्लॉज लगाने का तर्क दिया जाएगा। पिछले ढाई महीने में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को कोर्ट की ओर से कई झटके मिले हैं। सबसे पहले 12 मई को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शाहबेरी की 156 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण निरस्त कर दिया था। इसके बाद सूरजपुर गांव और गुलिस्तानपुर में भी जमीन अधिग्रहण निरस्त कर दिया गया था।

    -navbharat times
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  • अधिग्रहण रद्द होने से किसान भी फंसे


    ग्रेटर नोएडा के गुलिस्तानपुर में 170 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण रद्द होने से अथॉरिटी के साथ-साथ एरिया के करीब 250 किसानों को भी झटका लगा है। इस जमीन पर अथॉरिटी ने 6 पर्सेंट आवासीय प्लॉट किसानों को आवंटित किए हैं। किसान हाई कोर्ट के आदेश के बाद अपने प्लॉट दूसरी जगह आवंटित कराने के लिए अथॉरिटी के चक्कर लगा रहे हैं।

    किसानों का कहना है कि अथॉरिटी अफसर उन्हें यह आश्वासन दे रहे हैं कि हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ शाहबेरी मामले की तरह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। अथॉरिटी को पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला उनके हक में आएगा। सुप्रीम कोर्ट शाहबेरी मामले में पहले ही प्रदेश सरकार को फटकार लगा चुका है। किसानों का आरोप है कि अथॉरिटी अब गुलिस्तानपुर मामले मंे किसानांे को ही किसानांे से लड़ाने का प्रयास कर रही है।

    अथॉरिटी ने जिन 250 किसानों को आवासीय प्लॉट आवंटित कर रखे हैं, उन किसानों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद कब्जा दिए जाने की बात की जा रही है। किसानांे में इस बात को लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है कि जमीन अधिग्रहण को लेकर मामला कोर्ट में लंबा चल सकता है। तब तक उनके आवासीय प्लॉटांे पर कब्जा भी नहीं मिल सकेगा। अथॉरिटी दूसरी जगह भी प्लॉट नहीं लगा रही है। किसान अशोक ने बताया कि उनकी जमीन नामोली गांव मंे थी। इसे अथॉरिटी ने अधिग्रहीत करके कॉलेजों को अलॉट कर दिया। अधिग्रहण के बदले में 6 पर्सेंट आवासीय प्लॉट को अथॉरिटी ने गुलिस्तानपुर गांव की जमीन पर दिया। अथॉरिटी ने आवंटन पत्र मंे प्लॉट नंबर भी दिया है। लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद उनका प्लॉट विवाद मंे फंस गया है।

    वहीं अथॉरिटी अफसरांे का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। किसान घबराएं नहीं, उन्हें 6 पर्सेंट आवासीय प्लॉट जरूर मिलेगा।


    -Navbharat times
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  • guys any update so far on today's court hearing???
    please post any update as soon as any of you have it...
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  • Originally Posted by ranjeetks
    SC quashes Mayawati decision to cancel Noida land allottment | NetIndian | India News | Latest News from India | Breaking News from India | Latest Headlines

    n a major blow to the Mayawati government, the Supreme Court today quashed the decision of state government to cancel the allotment of land to 16 hotel companies in Noida made by the Mulayam Singh Yadav government in 2006.
    A bench headed by Justice R V Raveendran, however, directed the hoteliers to pay additional premium of Rs 70,000 per sq mt for the land alloted to them as the state government contended huge loss to public exchequer in the deal.

    The hoteliers whose allotment were cancelled by Bahujan Samaj Party (BSP) government had challenged the decision on the grounds that they had already made huge investments in their projects for the construction of 5-star hotels in Noida.



    Why you are putting decision on other cases by HC in this forum. It will only confuse others...
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  • Seriously,

    It was made me confused, I thought like related update what we were waiting.

    "Cancellation" Word is scary now :p
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  • Originally Posted by ranjeetks
    This shows attitude of SC against Maya :)


    Everything is political, SC is also influenced due to political issues by Center Government.

    At least to avoid extra tension & confusion for forum members at this time we should copy/paste only related news. I mean it is not good to paste any non related political news specially of Noida / GN region. Already there are bunch of problematic news every day for NE then why more extra tension & confusion. All are human who invested in NE at no fault from their end.
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  • Originally Posted by saurabh2011
    Everything is political, SC is also influenced due to political issues by Center Government.

    At least to avoid extra tension & confusion for forum members at this time we should copy/paste only related news. I mean it is not good to paste any non related political news specially of Noida / GN region. Already there are bunch of problematic news every day for NE then why more extra tension & confusion. All are human who invested in NE at no fault from their end.

    completely agree with saurabh..all the buyers of NE are already sunk in trouble and tension...so why to add extra to that...so this thread should be kept purely for related news...as this is one of the most viewed thread these days i guess...so lets wait to hear something from the SC decision...
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  • विशेष वर्ग के लिए काम कर रही है यूपी सरकारः SC
    नई दिल्ली, एजेंसी
    First Published:05-07-11 04:45 PM
    Last Updated:05-07-11 04:57 PM


    नोएडा एक्सटेंशन जमीन अधिग्रहण मामले में यूपी सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि सरकार एक विशेष वर्ग के लिए काम कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
    सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर क्यों उसने जमीन अधिग्रहण कानून की उस धारा का इस्तेमाल किया, जिसके तहत बिना कोई कारण बताए वह किसानों से जमीन अधिग्रहीत कर सकती है। इस पर यूपी सरकार ने कहा कि जमीन को कालाबाजारियों के हाथों से बचाने के लिए ऐसा किया गया। लेकिन अदालत इस पर संतुष्ट नहीं दिखी। सुप्रीम कोर्ट ने कड़े लहजे में कहा कि गांव के गांव उजाड़े जा रहे हैं, पुरुषों को गिरफ्तार किया जाता है और महिलाओं के साथ रेप होता है। कोर्ट ने यूपी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ सरकार खतरनाक अभियान चला रही है, जिसका विरोध करने पर उन्हें लाठियां मिलती हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार किसानों की आने वाली पांच पुश्तों की रोजी रोटी छीनने का काम कर रही है।

    बुधवार को फिर इस मामले में सुनवाई होगी।


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  • is it probable that court may deliver its verdict tomorrow itself? did investors interests not discussed at all?
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  • Originally Posted by balodhi
    विशेष वर्ग के लिए काम कर रही है यूपी सरकारः SC
    नई दिल्ली, एजेंसी
    First Published:05-07-11 04:45 PM
    Last Updated:05-07-11 04:57 PM


    नोएडा एक्सटेंशन जमीन अधिग्रहण मामले में यूपी सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि सरकार एक विशेष वर्ग के लिए काम कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
    सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर क्यों उसने जमीन अधिग्रहण कानून की उस धारा का इस्तेमाल किया, जिसके तहत बिना कोई कारण बताए वह किसानों से जमीन अधिग्रहीत कर सकती है। इस पर यूपी सरकार ने कहा कि जमीन को कालाबाजारियों के हाथों से बचाने के लिए ऐसा किया गया। लेकिन अदालत इस पर संतुष्ट नहीं दिखी। सुप्रीम कोर्ट ने कड़े लहजे में कहा कि गांव के गांव उजाड़े जा रहे हैं, पुरुषों को गिरफ्तार किया जाता है और महिलाओं के साथ रेप होता है। कोर्ट ने यूपी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि किसानों के खिलाफ सरकार खतरनाक अभियान चला रही है, जिसका विरोध करने पर उन्हें लाठियां मिलती हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार किसानों की आने वाली पांच पुश्तों की रोजी रोटी छीनने का काम कर रही है।

    बुधवार को फिर इस मामले में सुनवाई होगी।


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    SC can also say the same thing with more better way and with more better solutions. But unfortunately now SC is only following the instructions given from CENTER GOVERNMENT. Finally this problem will be solved with lots of extra compensation to farmers and at the current land rate of 10,000 PSM and such things can also be said by SC, but SC is only saying things like that is a political party.
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  • common people like us doesn't have any value .... i now really doubt on the lawyers representing the auhority.. they are not able to put up the case....or they deliberately want to loose it
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