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Noida Extension Buyers Unite Against Builders

Last updated: August 29 2012
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  • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

    Originally posted by fritolay_ps View Post



    पतवाड़ी के किसानों ने मांगों का प्रस्ताव अथॉरिटी को भेजा


    पतवाड़ी गांव के किसानांे ने मंगलवार को अपनी मांगों का प्रस्ताव तैयार कर अथॉरिटी को सौंप दिया। किसानों ने 11 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही विकसित प्लॉट भी 6 पर्सेंट से बढ़ाकर 10 पर्सेंट देने को कहा है। किसानों ने आवासीय स्कीम की तरह इंडस्ट्री, आईटी और इंस्टिट्यूशनल के आवंटन में भी 25 पर्सेंट किसान कोटा आरक्षित करने की मांग की है।

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों से समझौते के लिए 12 अगस्त तक का वक्त दिया है। किसानांे से समझौते के लिए सीईओ रमा रमण समेत अथॉरिटी के अफसर पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ पंचायत कर चुके हैंं। हालांकि इसका फायदा नहीं दिख रहा है। किसानों ने मंगलवार को प्रस्ताव तैयार कर अथॉरिटी को रजिस्ट्री कर दी है। किसान रणवीर सिंह का कहना है कि 7 अगस्त की महापंचायत में प्रस्ताव पारित करा 8 अगस्त को अथॉरिटी से इसकी रिसीविंग ली जाएगी ताकि अगर कोर्ट जाना पड़े तो किसान वहां अपना पक्ष रख सकें।

    प्रमुख मांगंे

    - जिस दर पर अथॉरिटी ने बिल्डरांे को जमीन दी है उसी दर (10 हजार से 11500 रुपये प्रति वर्गमीटर) से किसानों को मुआवजा दिया जाए।

    - जिस भूमि का सरकारी योजना में आवंटन हुआ है, उनके किसानों को बाजार भाव से मुआवजा दिया जाए।

    - अधिग्रहीत भूमि का 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट दिया जाए।

    - 300 मीटर से ज्यादा का प्लॉट किसान की सहमति के बिना आवंटित न किया जाए।

    - आवासीय स्कीम की तरह इंडस्ट्रियल और इंस्टिट्यूशनल समेत अन्य सभी आवंटन में भी 25 प्रतिशत किसान कोटा आरक्षित किया जाए।

    - लीज बैक समाप्त कर समस्त आबादियों को उसी स्थान पर छोड़ा जाए।

    - अथॉरिटी एरिया में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय लोगों को योग्यतानुसार 30 प्रतिशत रोजगार दिया जाए।

    - शिक्षण संस्थानों में प्राथमिकता के आधार पर 30 प्रतिशत फीस में छूट और 30 प्रतिशत प्रवेश में आरक्षण दिया जा ए।

    -navbharat times
    ise kahte hain..aage se to mari hi mari..peeche se bhi nahi chhoda....
    pathetic situation..NA will never agree to these demands i guess....

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    • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

      Classic case of misuse of democracy and vote bank politics.

      Nobody is questioning the Authority - where has the money gone??
      Land purchased at X rate and sold at 10X rate to builders...who has the difference of money gone to???
      Also since when has the authority become a profit earning organization??
      What other developmental work has the authority done with the money!!!!!

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      • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

        Shashi ji Authority will get money in 10 years.. Secondly, deal was fixed at 10K and will be paid in 10 installments.. if you deduct interest for that it will come around 8k.. Lastly, authority has got only 10-20 % of money bynow.. Which is easy to spend.. Acquistion, road, bridge, planning, map, sewerage, electirc.. many development in this area if you have visited.. I visited in Jan.. There were many things alreadt there lastly, if you how much is cost to develop 1 Km road ? and sewage line then calculate? Therefore, I will say Authority is really do not have money..

        Land is sold at cheaper price.. that is the SCAM same as 2G.. For, selling at cheaper price they got approx. 5000 m2 as a bribe.. Here is real scam.. But, GNA do not have money.. that is other fact.. Farmers are paid really approximatly a geniune amount!! The things that are happening is only a politics... Simple example of that is if tomorrow some big famous school buy some land in some colony then price of that colony will suddenly go up.. Same happened here!! After governement aquisition and development price in neighbour area has gone up.. If government erase all this aquisition then price again in Neighbour area will come down and these farmers will today even will not the same price that governemnt has paid then 2 years back...

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        • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

          You are absolutely right Alok. You just demolish the two bridges connecting NOIDA with NOIDA Extension which was built by GN Authority, the land in NE wont be worth much. In that case for these NE farmers to be able to reach Noida, they would have to first reach NH 24 road passing through Crossings or go the entire length backwards to GN to be able to reach anywhere. It is only because of "the bridge on the river K.. Hindon" that these farmers land is worth anything.

          The NE farmers should be asked to bear the cost of construction of this bridge firstly before any of their demands are met or else demolish it and let them remain in their villages across the Hindon without any interference from outside world.

          GN Authority has done an extremely wonderful development work in GN and the same was planned to be carried out in NE as well as it falls under their jurisdiction. If the farmers demands are to be met, the authority wont be able to do anything in NE.

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          • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

            विकास कार्यों पर लगाई रोक तो होगी कार्रवाई
            4 Aug 2011, 0400 hrs IST

            अथॉरिटी और बिल्डरों के प्रोजेक्ट पर रोक लगाने वाले किसानों पर प्रशासन कार्रवाई के मूड में है। बुधवार को सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट में हुई कानून-व्यवस्था की समीक्षा मीटिंग में डीएम ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्हांेने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को नोएडा-ग्रेनो और यमुना अथॉरिटी के बड़े प्रोजेक्टों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। इसके बाद अब किसानों की जनसभाओं पर पुलिस और प्रशासन की विशेष नजर रहेगी।

            नोएडा-ग्रेनो और यमुना अथॉरिटी के कई प्रोजेक्टों का काम किसानों ने रोक रखा है, अब उनकी नजर बिल्डरांे केे प्रोजेक्टों पर भी है। डीएम हृदेश कुमार ने एसएसपी ज्योति नारायण को विकास कायांर्े को प्रभावित करने वाले किसानों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए। उन्हांेने बताया कि अगर कोई विकास कायांर्े को बाधित करता है या कानून अपने हाथ में लेता है तो ऐसे लोगांे के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्हांेने सभी एसडीएम और सीओ को बड़े-बड़े प्रोजेक्टों पर विशेष निगाह रखने को कहा। वहीं लेखपालांे के लिए उन्होंने यह जिम्मेदारी तय कर दी कि अगर किसी गांव में किसान जन-सभा या पंचायत कर रहे हैं तो वह इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को दें। अगर किसी जुलूस, धरना या प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहंुचता है तो संबंधित लोगांे से इसकी वसूली की जाए।

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            • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

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              • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

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                • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

                  15 तक शाहबेरी के किसानों के नाम होगी जमीन
                  4 Aug 2011, 0400 hrs IST

                  एनबीटी न्यूज ॥ ग्रेटर नोएडा : शाहबेरी गांव के किसानों से ली गई जमीन जल्द ही उनके नाम हो सकती है। सभी किसानों की जमीन एक साथ उनके नाम की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अथॉरिटी जल्द से जल्द यह काम पूरा करना चाहती है। अधिकारियों का कहना है कि 15 अगस्त तक किसानों के नाम जमीन दर्ज हो जाएगी। सभी बिल्डरों को जमीन का कब्जा अथॉरिटी को देने के लिए पहले ही नोटिस दिया जा चुका है।

                  गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 जुलाई को अथॉरिटी को किसानों की जमीन उनके नाम करने के आदेश दिए थे। अफसरों का कहना है कि फिलहाल जमीन पर बिल्डरों का कब्जा है। दो हफ्ते पहले बिल्डरों को जमीन खाली कर अथॉरिटी को जमीन का कब्जा देने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। दो-चार दिनों में अथॉरिटी को जमीन पर कब्जा मिल जाएगा और सभी किसानों के नाम जमीन दर्ज करा दी जाएगी। गांव के किसानों ने मुआवजा वापस कर दिया है।

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                  • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

                    हाईकोर्ट में समझौते का जवाब दाखिले करने के लिए प्राधिकरण के पास सिर्फ नौ दिन का समय रह गया है। अब तक नोएडा एक्सटेंशन के एक भी किसान ने प्राधिकरण से लिखित में समझौता नहीं किया है। प्राधिकरण अधिकारियों से वार्ता करने के बाद भी किसान लिखित में समझौता करने से बच रहे हैं। किसानों की चुप्पी प्राधिकरण की मुश्किलें बढ़ा रही है।

                    हाईकोर्ट की सलाह पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण समझौते की राह तलाशने के लिए किसानों से बात कर रहा है। सीईओ रमा रमन ने कोर्ट से फैसला आने के दूसरे दिन गांव पतवाड़ी के ग्राम प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता के लिए खुला आमंत्रण दिया था। इसके बाद गांव खैरपुर गुर्जर पहुंच कर किसानों की समस्याएं सुनी। किसानों से सभी बिंदुओं पर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया।

                    गांव के कुछ किसानों ने दूसरे ही दिन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। सीईओ अब तक खैरपुर के अलावा पतवाड़ी, रोजा याकूबपुर व इटैड़ा गांवों में जाकर किसानों से वार्ता कर चुके हैं। वार्ता के दौरान आबादी, छह फीसदी भूखंड व बैकलीज जैसे मुद्दों पर सहमति बनती नजर रही है।

                    मुआवजा बढ़ोतरी पर सहमति न बन पाने पर किसानों की कमेटी गठित कर सीईओ ने किसानों को आमंत्रित किया है। मुआवजे पर वार्ता करने के लिए किसानों की कोई कमेटी नहीं तैयार हुई। अगर 12 अगस्त तक किसानों ने प्राधिकरण के साथ लिखित में समझौता नहीं किया तो हाईकोर्ट में जवाब दाखिल नहीं हो पाएगा। जवाब दाखिल न होने की सूरत में प्राधिकरण के लिए संकट बढ़ सकता है। हालांकि नोएडा एक्सटेंशन के अलावा सिरसा, मायचा व रिठौरी के कुछ किसानों ने प्राधिकरण के साथ लिखित में समझौता कर लिया है।

                    किसानों को भेजा जा रहा पत्र
                    ग्रेटर नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन के अलावा अन्य गांवों के किसानों से वार्ता करने के लिए प्राधिकरण की तरफ से पत्र भेजा जा रहा है। कोर्ट में याचिका दायर करने वाले करीब दो सौ किसानों को वार्ता के लिए प्राधिकरण ने आमंत्रित किया है। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने 26 जुलाई को जमीन अधिग्रहण मामले की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण को 12 अगस्त तक किसानों से वार्ता कर समझौते करने का सुझाव दिया था। गांव बिसरख, घोड़ी बछेड़ा, मायचा समेत अन्य गांवों के करीब दो सौ किसानों को प्राधिकरण की तरफ से पत्र भेजा गया है।

                    समझौते पर किसानों का सकारात्मक रुख
                    ग्रेटर नोएडा [संवाददाता]। समझौते की राह तलाशने बुधवार को प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी [सीईओ] रमा रमन नोएडा एक्सटेंशन के गांव इटैड़ा पहुंचे। दो घंटे तक किसानों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनी। आबादी, बैकलीज व छह फीसदी भूखंड पर किसानों के साथ उनकी वार्ता सकारात्मक रही, लेकिन मुआवजे के मुद्दे पर आते ही मामला अटक गया। किसानों ने आपस में विचार विमर्श कर कमेटी गठित करने के बाद मुआवजे पर प्राधिकरण से बातचीत करने का फैसला लिया
                    -Dainik jagran



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                    • Re : Noida Extension Buyers Unite Against Builders

                      बिल्डरों ने लौटाई शाहबेरी की जमीन


                      शाहबेरी के किसानों की जमीन जल्द उनके नाम दर्ज हो जाएगी। गुरुवार को बिल्डरों ने जमीन अथॉरिटी के कब्जे में दे दी। एडीएम लैंड (एक्विजिशन) ने जमीन का रेकॉर्ड दादरी तहसील भेज दिया है।

                      गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहबेरी में जमीन अधिग्रहण निरस्त करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को कायम रखा था। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी, कोर्ट ने उन किसानों के नाम दोबारा जमीन दर्ज करने के आदेश दिए थे।

                      अफसरों का कहना है कि बिल्डरों से जमीन पर कब्जा मिलने के बाद एडीएम लैंड हरनाम सिंह को रेकॉर्ड भेज दिया गया है। एडीएम ने बताया कि गुरुवार को ही रेकॉर्ड दादरी तहसील भेज दिया गया। साथ ही तहसील के अधिकारियों को भी जल्द से जल्द अथॉरिटी का नाम काटकर किसानों के नाम जमीन दर्ज के निर्देश दिए गए हैं। 2-4 दिन में जमीन किसानों के नाम दर्ज हो जाएगी। बता दें कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने शाहबेरी में 156 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की थी।

                      - Navbharat times

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