बुधवार को लांच होगी कॉमर्शियल स्कीम

शहर में पहली बार बोली लगाकर दुकानों की बिक्री की जाएगी। प्राधिकरण इसकी शुरुआत कॉमर्शियल स्कीम से कर रहा है। अगले दो दिनों में स्कीम लांच किए जाने की तैयारी है। कॉमर्शियल स्कीम में 50 दुकान और 75 क्योस्क शामिल किए गए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कॉमर्शियल प्लॉट अथवा दुकानों की स्कीमें अभी तक टेंडर प्रक्रिया के जरिए ही बेची जाती रही हैं लेकिन पहली बार प्राधिकरण खुली बोली लगाकर दुकानों की बिक्री करेगा।


यह प्रक्रिया प्राधिकरण स्कीम में पारदर्शिता लाने के लिए कर रहा है। बोली प्रक्रिया को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की प्रक्रिया के आधार पर तैयार किया गया है। स्कीम की घोषणा बुधवार को किए जाने की तैयारी है। नोएडा एक्सटेंशन के सेक्टर एक, दो, तीन, 12 व 16 में बनाए जा रहे क्योश्क इस स्कीम में शामिल किए गए हैं। फाई चाई जैसे पॉस सेक्टर में भी क्योश्क बनाए जाने हैं। इनकी संख्या 75 बताई जा रही है। स्कीम में 50 दुकानें भी शामिल की गई हैं।


ये दुकानें बसे- बसाए सेक्टरों में बनी मार्केटों में हैं। पूर्व में घोषित स्कीमों में इन दुकानों के लिए लोगों ने टेंडर नहीं डाले थे। कुछ दुकानें ऐसी भी हैं जिन्हें आवंटियों ने सरेंडर कर दिया था। खास बात यह है कि दुकान व क्योश्क की बिक्री बोली लगाकर की जाएगी। सम्बंधित दुकान के लिए कुल निर्धारित कुल कीमत से दस फीसदी रकम का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने वाले को बोली लगाने का अधिकार होगा। डीडी जमा नहीं कराने वाला कोई व्यक्ति बोली प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।


इसी के साथ-साथ दुकान के लिए टेंडर भी आमंत्रित किए जाएंगे। बोली प्रक्रिया पूरी होने पर टेंडर खोले जाएंगे। दुकान के लिए यदि बोली लगाई गई रकम ज्यादा है तो बोली लगाने वाले को दुकान आवंटित कर दी जाएगी लेकिन यदि टेंडर में ज्यादा दरों का उल्लेख है तो टेंडर जमा कराने वाले को दुकान मिल जाएगी। प्राधिकरण में पहली बार इस्तेमाल की जा रही इस प्रक्रिया को पूरी करने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है।


बोली लगाने वाले को चौबीस घंटे में कुल कीमत की 20 प्रतिशत रकम भी देनी होगी।

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  • Originally Posted by fritolay_ps
    बुधवार को लांच होगी कॉमर्शियल स्कीम

    शहर में पहली बार बोली लगाकर दुकानों की बिक्री की जाएगी। प्राधिकरण इसकी शुरुआत कॉमर्शियल स्कीम से कर रहा है। अगले दो दिनों में स्कीम लांच किए जाने की तैयारी है। कॉमर्शियल स्कीम में 50 दुकान और 75 क्योस्क शामिल किए गए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में कॉमर्शियल प्लॉट अथवा दुकानों की स्कीमें अभी तक टेंडर प्रक्रिया के जरिए ही बेची जाती रही हैं लेकिन पहली बार प्राधिकरण खुली बोली लगाकर दुकानों की बिक्री करेगा।


    यह प्रक्रिया प्राधिकरण स्कीम में पारदर्शिता लाने के लिए कर रहा है। बोली प्रक्रिया को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की प्रक्रिया के आधार पर तैयार किया गया है। स्कीम की घोषणा बुधवार को किए जाने की तैयारी है। नोएडा एक्सटेंशन के सेक्टर एक, दो, तीन, 12 व 16 में बनाए जा रहे क्योश्क इस स्कीम में शामिल किए गए हैं। फाई चाई जैसे पॉस सेक्टर में भी क्योश्क बनाए जाने हैं। इनकी संख्या 75 बताई जा रही है। स्कीम में 50 दुकानें भी शामिल की गई हैं।


    ये दुकानें बसे- बसाए सेक्टरों में बनी मार्केटों में हैं। पूर्व में घोषित स्कीमों में इन दुकानों के लिए लोगों ने टेंडर नहीं डाले थे। कुछ दुकानें ऐसी भी हैं जिन्हें आवंटियों ने सरेंडर कर दिया था। खास बात यह है कि दुकान व क्योश्क की बिक्री बोली लगाकर की जाएगी। सम्बंधित दुकान के लिए कुल निर्धारित कुल कीमत से दस फीसदी रकम का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने वाले को बोली लगाने का अधिकार होगा। डीडी जमा नहीं कराने वाला कोई व्यक्ति बोली प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।


    इसी के साथ-साथ दुकान के लिए टेंडर भी आमंत्रित किए जाएंगे। बोली प्रक्रिया पूरी होने पर टेंडर खोले जाएंगे। दुकान के लिए यदि बोली लगाई गई रकम ज्यादा है तो बोली लगाने वाले को दुकान आवंटित कर दी जाएगी लेकिन यदि टेंडर में ज्यादा दरों का उल्लेख है तो टेंडर जमा कराने वाले को दुकान मिल जाएगी। प्राधिकरण में पहली बार इस्तेमाल की जा रही इस प्रक्रिया को पूरी करने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है।


    बोली लगाने वाले को चौबीस घंटे में कुल कीमत की 20 प्रतिशत रकम भी देनी होगी।

    Hindustan


    Frito bhai, Is this market on 130 m expressway?
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  • These are located inside the sectors for all sectors (new/old)..pls see yellow mark.. this is sector 2 map
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  • GN is on the line of Chandigarh sectors. :)
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  • Originally Posted by hindustan
    GN is on the line of Chandigarh sectors. :)


    It had been planned like that but increased FAR has marred than planning..
    Chandighar has no high rise allowed... its low density city
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  • please dont compare GN to chandigarh... agreed GN is far better in terms of planning and execution compared to other vectors in NCR, but Chandigarh (developed half a century earlier) is too good a place... and CANNOT be replicated, as long as these idiotic politicians stay in power....
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  • I agree we can't compare Chandigarh with any city. To maintain any city you need strict rules to be enforce on residents.

    I have compared the planning of commercial market on the line of Chandigarh. In Chandigarh, you see markets only inside the sectors (part C and D of sectors only). This will help to avoid chaos on main roads. I can see now GN sectors have similar planning.
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  • .
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  • There is no compare of Chandigarh with GN, even not with any other city on India. It is just unique with no high rise. Even now Chandigarh has good governace which make it better city and one step above than all others cities.
    Ya GN is planned as Chandigarh, but due to bad governace and stupid politicans it is now no more to comapre with Chandigarh.

    Originally Posted by hindustan
    I agree we can't compare Chandigarh with any city. To maintain any city you need strict rules to be enforce on residents.

    I have compared the planning of commercial market on the line of Chandigarh. In Chandigarh, you see markets only inside the sectors (part C and D of sectors only). This will help to avoid chaos on main roads. I can see now GN sectors have similar planning.
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  • This one is by open auction-bid?

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  • Lets come and starts bid from Rs. 1 :bump2:
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  • ग्रेनो प्राधिकरण ने सेक्टरों में दुकानों की योजना निकाली


    ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए आवासीय योजना के बाद दुकानों व क्योस्क की योजना निकाली है। योजना मंगलवार से ओपन हो गई। बैंकों में दस सितंबर से फॉर्म मिलेंगे। तीस सितंबर तक फॉर्म खरीदें जा सकते हैं। दुकानों के लिए टेंडर तो डाले जाएंगे, साथ ही बोली भी लगाई जाएगी। क्योस्कों में किसानों को आरक्षण प्रदान जाएगा।

    दुकानों की योजना विभिन्न विकसित व निर्माणधीन सेक्टरों में है, जिसमें दस वर्गमीटर से लेकर 20 मीटर तक की दुकानें शामिल हैं। कई सेक्टरों में दुकानें बनकर तैयार हो गई हैं। विभिन्न सेक्टरों में 56 दुकानें हैं। इसके साथ ही क्योस्कों (छोटी दुकान) की योजना निकाली है। 74 क्योस्क विभिन्न सेक्टरों में हैं। क्योस्कों में स्थानीय किसानों का आरक्षण दिया गया है। शहर में 120 वर्गमीटर से छोटे प्लॉट के आवंटी भी इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। इनमें भी अनुसूचित जाति, जनजाति और विकलांगों को प्राथमिकता दी जाएगी। क्योस्कों के लिए कोई भी व्यक्ति अथवा कंपनी निविदा नहीं डाल सकती है। आरक्षित वर्ग के अलावा, 120 वर्गमीटर से छोटे भूखंड के आवंटित ही निविदा डाल सकते हैं। पहली बार प्राधिकरण कॉमर्शियल वर्ग के दुकानों को टेंडर व खुली बोली के माध्यम से दे रहा है। टेंडर भरने वाले को भी बोली लगाने का अधिकार रहेगा। बोली लगाने का अधिकार उसे मिलेगा, जो दुकान की कुल कीमत की दस फीसद रकम का डिमांड ड्राफ्ट जमा कर देगा। दुकानों के लिए टेंडर एक अक्टूबर से पांच अक्टूबर तक जमा किए जाएंगे। उसी दिन टेंडर खुलेंगे और बोली लगाई जाएगी। क्योस्कों के लिए आठ से 13 अक्टूबर तक टेंडर जमा किए जाएंगे, उसी दिन टेंडर खोल व बोली लगाई जाएगी।

    dainik jagran
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  • Any detail about sectors? Is there any shop in sigma-iv?
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  • What a rate.. 1lakh/psm rate to 3 lakh psm rates... and 18 lakh for 18meter shop minimum...:(

    http://files.gnida.in/com2012/brochure.pdf
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  • 18 lac for just 18 meter shop....bhai kay hai ye...so much expensive..
    pata nahi who will buy this.

    Originally Posted by fritolay_ps
    What a rate.. 1lakh/psm rate to 3 lakh psm rates... and 18 lakh for 18meter shop minimum...:(

    http://files.gnida.in/com2012/brochure.pdf
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