पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Land row: Noida farmers call off agitation


    NOIDA: Home buyers on Friday heaved a sigh of relief after Noida farmers, who have been obstructing construction work for almost a week now, have finally agreed to suspend their agitation following a meeting with the Noida Authority CEO Rama Raman.
    The Authority has now assured that it will begin the process of distributing enhanced compensation to eligible farmers from Saturday and the five per cent developed plots will be distributed from December 16 to only Sorkha farmers.

    On Friday morning, police and PAC forces were deployed at the agitation point in sector 74. Rama Raman reached around 3.15pm and had a discussion with the farmers for around an hour following which the farmers suspended their agitation.

    Speaking to TOI, Rama Raman said that 10 per cent land for Sorkha farmers would be reserved and in the first phase five per cent land will be issued to beneficiary farmers. Commenting on demands of other farmers, Raman said that lease back and allotment letter will be issued on December 16.

    Farmers' leader and Sorkha village headman Naresh Yadav said that they are ready to accept the offer and assurances of Noida Authority CEO and will not continue their agitation.

    "This time we had decided that the agitation would not be suspended until the Authority was firm in its assurances. The CEO has promised that the Authority will begin the process of distributing enhanced compensation cheques to eligible farmers from tomorrow and five per cent developed plots will be distributed from December 16," Yadav said.

    The farmers during their agitation hampered work at housing sites of private developers in sectors 74 to 78. The agitating farmers also cracked down on the labourers working at their sites. Amidst the tense situation, the labourers had started moving out to get work in other places, but on Friday they returned to their work.
    This is third time when the farmers have suspended their agitation in the last eight months. The farmers had even decided to approach the apex court after failing to get any response from the Authority. The farmers' group had also hired a retired Allahabad High Court judge for fighting a case against the Authority in the Supreme Court.


    -TOI
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  • नोएडा एक्सटेंशन: काम शुरू होने की नहीं कोई तारीख


    नोएडा एक्सटेंशन में काम शुरू होने में अब भी वक्त लगेगा। अथॉरिटी अब तक इस संबंध में कोई पक्की तारीख देने की स्थिति में नहीं है। बीते बुधवार को होम बायर्स का एक डेलिगेशन ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रमा रमन से मिला तो चर्चा के दौरान सीईओ ने वर्तमान स्थिति को साफ शब्दों में होम बायर्स को बता दिया कि फिलहाल प्लानिंग बोर्ड से मिलने वाली अनुमति की कोई निर्धारित तारीख नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस मसले में रोज प्रगति हो रही है। इसके अलावा एफएआर ( फ्लोर एरिया रेश्यो ) वाले मसले को भी सीईओ ने स्पष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि बिल्डर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हैं , तो उन्हें अतिरिक्त एफएआर की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि जो अधिकतम सीमा निर्धारित है , उसके अतिरिक्त बिल्डरों को बनाने के लिए कोई रियायत नहीं दी जाएगी।

    इंट्रेस्ट की डिमांड
    मालूम हो कि मई महीने के बाद से भूमि अधिग्रहण को लेकर खींचतान चल रही है। इस दौरान सबसे ज्यादा शंकाओं के बादल होम बायर्स पर ही हैं। होम बायर्स की संस्था नेफोमा के बैनर तले , होम बायर्स का एक डेलिगेशन ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी सीईओ से मिला और तमाम पहलूओं पर चर्चा की। चर्चा के दौरान होम बायर्स ने बताया कि कुछ डिवेलपर्स ब्याज वसूली के लिए डिमांड लेटर जारी कर रहे हैं जबकि प्रोजेक्ट्स का काम ठप्प पड़ा है। सीईओ रमा रमन ने बताया कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के बोर्ड ने मास्टर प्लान 2031 की मंजूरी दे दी है और इसे उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है। सरकार से मास्टर प्लान का ड्राफ्ट एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मंजूरी के लिए दिल्ली भेजा जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।

    खरीदारों का ख्याल
    श्री रमन ने कहा कि अथॉरिटी होम बायर्स के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ही तमाम प्रक्रिया को काफी तेजी से निपटाया जा रहा है। होम बायर्स के साथ बीच - बीच में अथॉरिटी के अधिकारियों की मीटिंग होती रहेगी ताकि लाखों निवेशकों के मन में उठ रही शंकाओं को न केवल दूर किया जाएगा बल्कि पूरे प्रकरण की वर्तमान स्थिति से भी अवगत कराया जाएगा। इलाके के सांसद सुरेंद्र नागर ने कहा कि होम बायर्स का हित सर्वोपरि है। उन्होंने अपनी मेहनत के पैसे में कर्ज का पैसा जोड़कर जैसे तैसे घर के सपने को सच करने की ओर कदम उठाया है। लिहाजा यह प्रशासन , राजनीतिज्ञों और डिवेलेपर्स का कर्तव्य है कि उनके हितों की हर प्रकार से रक्षा की जाए।

    राहत की कवायद
    नोएडा और ग्रेटर नोएडा के होम बायर्स को राहत पहुंचाने के लिए तमाम कवायद चल रही हैं। हाल ही क्रेडाई ने भी होम बायर्स को खासी राहत देते हुए कहा कि 10 फीसदी राशि के साथ फ्लैट बुक करा चुके होम बायर्स पर ब्याज का भार नहीं डाला जाएगा। इसके अलावा ग्रीन एरिया में नया निर्माण नहीं किया जाएगा , लेकिन बिल्डर दो फ्लोर तक बढ़ा सकते हैं।

    गाइडलाइंस
    होम बायर्स को राहत पहुंचाने के लिए क्रेडाई एक गाइडलाइन तैयार कर रहा है और इस गाइडलाइन को क्रेडाई के सदस्य डिवेलपरों को फॉलो करना होगा। इसमें मुख्य बात यह है कि बुकिंग के दौरान बिल्डर्स ने खरीदारों के सामने पेमेंट प्लान रखा था तो उनकी मर्जी थी कि उन्हें कौन सा प्लान लेना है। लिहाजा बिल्डर्स बिना होम बायर्स की मर्जी के प्लान चेंज नहीं कर सकते हैं। होम बायर्स को एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेश्यो की भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रोजेक्ट लांच के दौरान पेश किया गया एफएआर बना रहेगा। उसमें किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं होगा। किसी भी प्रोजेक्ट में नए टावर्स नहीं लगाए जाएंगे और यह बिना बायर्स की परमिशन के नहीं किया जाएगा। क्रेडाई एनसीआर के वाइस प्रेसिडेंट अनिल शर्मा ने कहा कि बुरे वक्त में डिवेलपर्स के साथ निवेशक कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे ऐसे में यह तमाम डिवेलेपर्स का फर्ज है कि उनके तमाम हितों की रक्षा की जाए और उनकी सहमति से से ही काम किए जाएं।

    -NB times
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  • मान गए किसान, अब नहीं रुकेगा काम

    नोएडा
    सेक्टर -74 में धरने पर बैठे किसानों ने अथॉरिटी सीईओ के साथ हुई वार्ता के बाद धरना खत्म कर दिया। किसान 10 पर्सेंट जमीन रिजर्व कर फर्स्ट फेज में 5 पर्सेंट जमीन दिए जाने के आश्वासन के बाद संतुष्ट हो गए। इसके अलावा 16 दिसंबर तक सोहरखा गांव की आबादी , बढ़ा हुआ मुआवजा और लीजबैक से जुड़े मामले का समाधान किया जाएगा। सीईओ रमा रमण ने साफ किया कि किसानों को जमीन दिए जाने तक अथॉरिटी कोई रेजिडेंशल स्कीम नहीं लाएगी।

    धरने की अगुवाई कर रहे सोहरखा ग्राम प्रधान नरेश यादव ने कहा कि सीईओ के साथ हुई वार्ता के बाद धरना समाप्त करने का निर्णय किया गया। अथॉरिटी अधिकारियों ने सोमवार को सभी गांवों की आबादी निस्तारण एवं लीजबैक संबंधी रोस्टर जारी करने का भी दावा किया है।

    शुक्रवार सुबह अथॉरिटी सचिव हरीश चंद्रा और प्रशासनिक ऑफिसर दीपचंद के साथ हुई वार्ता फेल हो गई थी। इसके बाद अथॉरिटी में बैठक हुई। बैठक के बाद करीब 3 बजे सीईओ रमा रमण गांव पहुंचे। किसानों ने हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक , 10 पर्सेंट जमीन , 64.7 पर्सेंट बढ़ा मुआवजा और आबादी समेत लीजबैक से जुड़े मसलांे के तत्काल समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर वे बिल्डरों का काम नहीं चलने देंगे। सीईओ ने कहा कि जमीन देने वाले किसानों के लिए 10 पर्सेंट जमीन फिलहाल रिजर्व कर दी जाएगी। पहले चरण में 5 पर्सेंट जमीन के आवंटन पत्र जारी किए जाएंगे। साथ ही बढ़ा हुआ मुआवजा , आबादी निर्धारण एवं लीजबैक से जुड़े मामलों का समाधान 16 दिसंबर तक हर हाल में कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरौला गांव की जमीन भी पांच सेक्टरों में आती है। बरौला से जुड़े सभी मामले 18 दिसंबर तक हल कर दिए जाएंगे। सोहरखा ग्राम प्रधान नरेश यादव ने कहा कि अथॉरिटी सीईओ के आश्वासन से किसान संतुष्ट हैं , बशर्ते घोषित कार्यक्रम के मुताबिक काम हों।

    सोमवार को सोहरखा गांव में पंचायत कर किसानों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए बिल्डरों का काम रोकने का निर्णय किया था। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों ने सेक्टर -74, 75, 76, 77 और 78 में चल रही करीब एक दर्जन बिल्डरों की साइटों पर काम रुकवा दिया। प्रशासन और अथॉरिटी के आला अधिकारियों के समझाने के बाद भी किसान काम जारी रखने की अनुमति देने को तैयार नहीं हुए। शुक्रवार को धरने को समर्थन देने ग्रेटर नोएडा , नोएडा एक्सटेंशन और दादरी आदि इलाकों से किसान संघर्ष समिति के सदस्य पहुंचे थे।

    -NB times
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  • नोएडा में रुका काम शुरू होगा


    नोएडा
    अथॉरिटी सीईओ के साथ हुई वार्ता के बाद किसानों ने सेक्टर - 74 में पिछले चार दिनों से जारी धरना समाप्त कर दिया है। 10 फीसदी जमीन रिजर्व कर फर्स्ट फेज में 5 फीसदी जमीन दिए जाने के आश्वासन के बाद किसान संतुष्ट हुए।

    सीईओ रमा रमण ने 16 दिसंबर तक सोहरखा गांव की आबादी , बढ़े हुए मुआवजे और लीज बैक से जुड़ मामलों के समाधान करने का आश्वासन दिया। सीईओ ने स्पष्ट किया कि किसानों को जमीन दिए जाने तक अथॉरिटी कोई भी रेजिडेंशियल स्कीम जारी नहीं करेगी। गत सोमवार को किसानों ने अपनी मांगे मनवाने के लिए सेक्टर - 74, 75, 76, 77 व 78 में चल रही करीब एक दर्जन बिल्डरों की साइटों पर काम रुकवा दिया था , जिस वजह से निवेशकों के करीब 8 हजार करोड़ रुपये दांव पर लग गए थे।


    -NB times
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  • अब शहदरा के किसान रोकेंगे काम


    शहदरा

    अब शहदरा के किसानों ने भी सदरपुर और सोहरखा की तर्ज पर आंदोलन करने का फैसला किया है। शनिवार को गांव में किसानों ने पंचायत की और मांगें मनवाने के लिए बिल्डरों का काम रोकने का निर्णय लिया है। हालांकि इससे पहले किसान सोमवार को सीईओ के साथ वार्ता करेंगे।

    शहदरा गांव के पूर्व प्रधान वीर सिंह ने बताया कि अथॉरिटी ने समझौते के आधार पर किसानों की जमीन सीधे बैनामे से खरीदी थी। ज्यादातर किसानों को अभी तक इसका मुआवजा नहीं मिला है। वहीं, हाई कोर्ट के फैसले के बाद किसान 10 पर्सेंट के भूखंड, बढ़ा हुआ मुआवजा, आबादी व लीज बैक आदि का निपटारा करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आबादी के नाम पर कुछ रसूखदार लोगों की काफी जमीन छोड़ी गई है, जबकि गांव के ज्यादातर किसानों के आगे रोजी-रोटी की संकट पैदा हो गया है। अपनी मांगों को लेकर गांव का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को सीईओ से मुलाकात करेगा, जिसके बाद बिल्डरों का काम रोके जाने पर फैसला लिया जाएगा। बता दें कि गांव से सटे सेक्टर-137, 142 व 143 में करीब आधा दर्जन से ज्यादा बिल्डर फ्लैट बनवा रहे हैं।


    -Navbharat times

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  • महापंचायत में तय होगी आंदोलन की रूपरेखा


    नोएडा : अथॉरिटी की वादाखिलाफी के विरोध में नोएडा किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार को निठारी गांव में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया। सभा में तय किया गया कि समिति आगामी 11 दिसंबर को नंगली वजीदपुर में महापंचायत कर सिटी सेंटर, एक्सप्रेस-वे और जेपी ग्रुप समेत अन्य सोसायटी के काम रोकने का निर्णय लेगी। साथ ही क्षेत्र के किसान आंदोलन की रूप रेखा तय करेंगे। रविवार को झट्टा गांव में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाएगा। समिति के प्रवक्ता महेश अवाना ने बताया कि गत 30 जुलाई को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अथॉरिटी अधिकारियों ने प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह, सांसद सुरेंद्र नागर की मौजूदगी में समझौता किया था। लेकिन अधिकारियों ने अपने वादे पर गंभीरता से काम नहीं किया। इस वादाखिलाफी को लेकर समिति ने नुक्कड़ सभा का अभियान शुरू किया है।

    -Navbharat times
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  • Noida Sector 142 is on dispute now.........
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  • Developers to hike new flat prices by up to 25% in Noida Ext


    NEW DELHI: New flat buyers at Noida Extension will have to pay 25 per cent more as developers have decided to pass on to consumers the burden of the Rs 3,000 crore payment notices that the Uttar Pradesh government had issued to land allottees.

    "We do not have any option but to pass on the burden to customers. The existing buyers will have no impact, but we will increase the prices for future buyers by 15-20 per cent," Confederation of Real Estate Developers' Association of India (CREDAI) NCR Vice-President Anil Sharma told PTI.

    He said Greater Noida Industrial Development Authority (GNIDA) has sent demand notices to pay an additional amount of Rs 2,015 per sq metre.

    Commenting of the impact of the development, Supertech Chairman and Managing Director R K Arora said: "We are planning to increase the rates of our unsold flats in the area by 20-25 per cent. We are collecting the money now for the additional payment to the authority."

    Arora, who is also the CREDAI NCR Vice President, said the authority has sent notices to all land allottees such as developers, industry owners and individuals.

    "The authority has sent notices for collecting a total of about Rs 3,500 crore. The rate for claiming money against the lands are different for all segments such as residential one, industry and individual allottees," he added.

    As far as Supertech is concerned, Arora said the company has already deposited Rs 25 crore before the expiry of the first deadline.

    Sharma, who is also the Chairman of Amrapali Group, said the developer has received notice for an additional payment of around Rs 110 crore and it has deposited 25 per cent of it.

    The authority asked the owners to pay their respective amounts in different phases, the first of which expired on November 30. Some developers have paid the first installment of 25 per cent, he added.

    The realtors are, however, hoping that the authority would consider reducing the burden.

    "We have requested them to waive the interest and also be little more lenient on payment. We are hopeful of some solutions," Sharma said.

    The Allahabad High Court had last month quashed the land acquisition in three villages in Gautam Buddh Nagar district -- Asdullapur, Yusufpur Chak Shaberi and Devla. The developers had claimed there would be no impact on builders as well as flat buyers as no projects were launched in these locations.

    The High Court had also directed that the affected farmers of about 60 other villages should get higher compensations, which could be up to 64.70 per cent of what has already been paid.

    Later, GNIDA Chief Executive Officer Rama Raman had said it would pass on the additional burden of up to Rs 4,000 crore it would incur on paying higher compensations to farmers to land allottees.

    CREDAI had said farmers will now get about Rs 1.5 crore an acre against the earlier compensation of Rs 90 lakh acre.

    Builders had said the authority should bear the extra burden and it would be unfair if it is passed on to them.

    In Noida Extension, about 2.5 lakh housing units are being developed, of which 1 lakh units were sold out.

    Earlier in May, the Allahabad High Court had set aside notifications issued for acquisition of 156 hectares of land for "planned industrial development" in Greater Noida. Later, the Supreme Court also upheld the verdict.

    In another judgement in July, the Allahabad High Court quashed acquisition of nearly 600 hectares of land in Greater Noida, affecting about 20,000 home buyers and 11 projects.

    After these judgements, farmers of many villages in the area went to the High Court against land acquisition by the state government.

    -Economic times
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  • Developers to hike new flat prices by up to 25% in Noida Ext

    So this means Noida xxx no longer remains "affordable" and with very less number of high paying jobs available - who will be the buyers ???

    Rohit
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  • 20 lac flat still costs 25 lac after 25 percent hike.
    It is still the most affordable option in NCR.

    Thanks
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  • Originally Posted by RohitHere
    Developers to hike new flat prices by up to 25% in Noida Ext

    So this means Noida xxx no longer remains "affordable" and with very less number of high paying jobs available - who will be the buyers ???

    Rohit


    No Matter if Noida has LESS IT/BPO JOBs..... Due to huge DELHI population surrounded around here & At this time it is a fashion to migrate in UP NCR Area from other UP Cities, Noida/GZB always has good demand of RE Housing from every class including Business Peoples (Small/Mid/High) & Lots of Colored Money Persons.... Otherwise in Noida/GZB almost every good Location Residential Plots can not cross 1 Lac PSY at this time......

    First we have to analyze it clearly that Is really NCR Property is only driven by few Lac IT/BPO Job Persons?? ..... I am clear about it that NO. There are several other areas also which are definitely earning very well at this time.



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  • Originally Posted by saurabh2011
    No Matter if Noida has LESS IT/BPO JOBs..... Due to huge DELHI population surrounded around here & At this time it is a fashion to migrate in UP NCR Area from other UP Cities, Noida/GZB always has good demand of RE Housing from every class including Business Peoples (Small/Mid/High) & Lots of Colored Money Persons.... Otherwise in Noida/GZB almost every good Location Residential Plots can not cross 1 Lac PSY at this time......

    First we have to analyze it clearly that Is really NCR Property is only driven by few Lac IT/BPO Job Persons?? ..... I am clear about it that NO. There are several other areas also which are definitely earning very well at this time.



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    Saurabh -

    I have my hats off to Noida xxx for the commendable job done on the education front - but as now it is NOT the industry will makes millions to its staff -

    The real money is in Finance and would be there for coming 20 odd years and please look around which place is hot in the mind of finance pros ?

    Technology (be it of whatever flavor) and Finance are the two industries which drives the growth -

    baaki sab to consumers hai bhai

    anyways - I am still bearish on Noida xxx and will remain that way till my indicators turn green for that .

    Rohit
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  • With NE being costlier, noida itself is gettin hotter day by day....in Homes 121 nw flats are not available lesser than 4000 / sqft.....so i think evn today..the area is cheaper than other parts of NCR. but for sure it is nw out of budget for 10-20 lkh range buyers...
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