पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Noida farmers stop work at housing sites

    December 9, 2011


    Following the footsteps of Sadarpur and Sorkha villagers, Noida farmers affected by land acquisition stalled work of private builders to protest against the alleged non-implementation of Allahabad High Court orders.

    Farmers, under the banner Kisan Sangarsh Samiti stopped work and sat on a dharna in sectors 137, 142 and 143 along the Noida-Greater Noida Expressway.

    “Though the Authority had promised to implement the court orders, it has not yet given the developed plots,” said Mahesh Awana, leader of the Samiti.

    According to him, the farmers will only resume work after the court order to give 10 per cent developed land and 64 per cent hike in compensation to farmers is implemented. With UP elections round the corner, the code of conduct could be implemented any time. That is why farmers in the district are mounting pressure on Noida and Greater Noida authorities to fulfill their demands.
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  • कल होगी किसानों की महापंचायत
    Dec 10, 01:23 am
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    नोएडा, सं : नोएडा प्राधिकरण की वादाखिलाफी के विरोध में क्षेत्र के किसान रविवार को महापंचायत करेंगे। किसान बचाओ बिल्डर भगाओ अभियान की शुरुआत के लिए होने वाली महापंचायत को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को चौड़ा गांव में खेराती लाला की अध्यक्षता में पंचायत की गई।
    पंचायत में किसानों की 11 सूत्रीय मांगों पर चर्चा की गई। पंचायत का संचालन करते हुए किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता महेश अवाना ने कहा कि किसानों की सभी 11 मांगों को पूरा किया जाए। शनिवार को छलेरा गांव में किसानों की पंचायत होगी। पंचायत में दलवीर यादव, सुदेश अवाना, मनोज चौहान, लीले प्रधान, कृपाराम शर्मा, गौतम अवाना, सुनील चौधरी, देवेंद्र गुर्जर, मास्टर देव सिंह, कमल पंडित, दिनेश राणा, सुनील शर्मा, विनोद चौधरी, मूलचंद शर्मा आदि मौजूद रहे।
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  • ग्रेटर नोएडा ने दायर की हाईऱ्कोर्ट में पुनर्विचार याचिका
    अगले सप्ताह हो सकती है सुनवाई
    स्र
    अमर उजाला ब्यूरो
    ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने निवेशकों से किया वादा शुक्रवार को पूरा कर दिया। निवेशकों के दबाव के चलते प्राधिकरण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर दी है। अनुरोध किया है कि कोर्ट ने 42 गांवों की सुनवाई में जो फैसला दिया है, उसको प्राधिकरण कैसे पूरा करे। नियमों को ध्यान में रखकर प्राधिकरण की तरफ से तमाम तर्क दाखिल किए गए हैं। संभावना है कि इसकी सुनवाई अगले सप्ताह हो सकती है। किसानों की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में पैरवी करने वाले वकील पंकज दुबे ने यह जानकारी दी है।
    बिंदु नंबर एक :
    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने याचिका में कहा है कि प्राधिकरण द्वारा जमीन अधिग्रहण के बदले मौजूदा समय में सात फीसदी जमीन देने का प्रावधान है। जब से प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण की है, तब से ही नियम लागू है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि किसानों को 10 फीसदी जमीन विकसित क्षेत्र में दी जाए। चूंकि प्राधिकरण ने अपनी प्लानिंग के मुताबिक जमीन का औद्योगिक व्यवसायिक, संस्थागत और आवासीय प्रयोग किया है। न्यायालय से गुहार लगाई है कि कोर्ट अपने आदेश में संशोधन करे।
    बिंदु नंबर दो :
    कोर्ट से प्राधिकरण ने अनुरोध किया है कि नियमों के मुताबिक सिर्फ उन्हीं किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले जमीन देने का प्रावधान है, जो किसान पुश्तैनी (गांव के मूल निवासी) हैं। गैर पुश्तैनी किसान (बाहरी) को प्राधिकरण सिर्फ मुआवजा देता रहा है। अगर गैरपुश्तैनी को भी कोर्ट के आदेश पर जमीन दी गई तो मुश्किल हो जाएगी। जो पुश्तैनी किसान हैं, उनके साथ अन्याय होगा। पुश्तैनी और गैरपुश्तैनी को एक समान लाभ देने का प्रावधान नहीं है।
    बिंदु नंबर तीन :
    प्राधिकरण ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि मास्टर प्लान 2021 को समय से ही बोर्ड में पास करके शासन और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के पास भेजा जा चुका है। कोर्ट के आदेश के चलते सभी विकास कार्य बंद पड़े हैं। प्राधिकरण कोई योजना भी नहीं निकाल पा रहा है। करीब दो हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य रुके पड़े हैं। करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। निवेशक भी बार-बार प्राधिकरण पर दबाव बना रहे हैं। इसलिए विकास कार्य चालू करने की अनुमति दी जाए।
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  • Noida issue may be solved..........
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  • शहदरा गांव की मानी गईं दो मांगें

    शहदरा गांव की मानी गईं दो मांगें
    किसानों ने दिया नोएडा प्राधिकरण को दस दिन का समय
    स्र
    अमर उजाला ब्यूरो
    नोएडा। शहदरा गांव में चल रहे नौ बिल्डर प्रोजेक्ट में फिलहाल निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर दो मांगों को पूरा करने का किसानों को आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने दोपहर साढ़े तीन बजे धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इन दो मांगों में पांच प्रतिशत आबादी के प्लॉट और एक साथ मुआवजा देने की मांग शामिल है। इस दौरान किसानों से भूमि के संबंध में फार्म भरवाए गए।
    एसडीएम डीपी पाल, सीओ ग्रेटर नोएडा अतुल कुमार श्रीवास्तव और तहसीलदार ने शुक्रवार को शहदरा गांव में धरना स्थल पर नाराज किसानों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पांच प्रतिशत आबादी के प्लॉट और एक साथ मुआवजे की मांग को प्राथमिकता से रखा, जिस पर अफसरों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। बातचीत के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। धरने पर बैठे प्रधान विनोद, पूर्व प्रधान वीर सिंह, सुभाष और प्रमोद भाटी का कहना है कि अगर दस दिन में उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो फिर से प्रदर्शन किया जाएगा।
    दूसरी तरफ किसान संघर्ष समिति ने चौड़ा गांव में बाबा खेराती लाला की अध्यक्षता में पंचायत की। पंचायत में नगली वाजिदपुर में होने वाली महापंचायत को सफल बनाने की अपील की गई। किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता महेश अवाना ने बताया कि किसानों की 11 सूत्रीय मांगों को पूरा करने पर जोर दिया जाएगा। इस मौके पर ओमपाल राणा, भोपाल चौहान, दलवीर यादव, मनोज चौहान, लीले प्रधान,गौतम अवाना, कृपा राम शर्मा, सुदेश आवाना, देवेंद्र गुर्जर, भूपेश चौधरी, मास्टर देव सिंह, कमल पंडित, दिनेश राणा, सुशील शर्मा, विनोद चौधरी, मुल चंद शर्मा समेत कई किसान मौजूद रहे। वहीं, हाजीपुर में शुक्रवार को धरने का दूसरा दिन था। केसरी सिंह गुर्जर, राजपाल सिंह, रामपाल, सुखवीर नेता जी , तेजपाल,खैमी प्रधान, विक्रम, दीपक, चरण सिंह, बालक राम कश्यप, बल्ले, अनिल कसाना समेत समिति के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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  • बिसरख में आबादी का सर्वे शुरू
    स्र
    अमर उजाला ब्यूरो
    ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने किसानों को आबादी का लाभ देने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। शुक्रवार को प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारी बिसरख गांव पहुंचे और जिन किसानों को अभी तक आबादी का लाभ नहीं मिला है, उनकी जमीन का सर्वे किया। दरअसल, प्राधिकरण चाहता है कि उन किसानों को आबादी का लाभ जरूर मिले, जो अभी तक इसे वंचित रहे हैं।
    किसान नेता आमोद भाटी ने बताया कि दो दिन पहले किसानों ने प्राधिकरण अधिकारियों से बात की थी। जिसमें आबादी का लाभ देने को कहा था। प्राधिकरण का तर्क था कि करीब 95 फीसदी किसानों को लाभ दिया जा चुका है। जो किसान रह गए हैं, उसके लिए टीम सर्वे करेगी। आमोद ने बताया कि तहसील और प्राधिकरण लैंड विभाग के अधिकारियों ने करीब 20 किसानों की आबादी का सर्वे किया है। इन किसानों ने प्राधिकरण से निवेदन किया था कि उन्हें अभी आबादी का लाभ नहीं मिल सकता है। अगर थोड़ा बहुत मिला भी है, तो वह परिवार की संख्या के लिए काफी कम है। किसी परिवार में 20 सदस्य हैं। ऐसी स्थिति में अगर थोड़ी आबादी छूटी तो वह पर्याप्त नहीं होगी। किसानों के पास जमीन नहीं बची है तो किसान अब आबादी में दूध का व्यवसाय करने के लिए भैंस या गायों का पालन करेगा।
    चूंकि बिसरख में चकबंदी न होने के कारण जमीन अभी एक ही व्यक्ति के नाम है, लेकिन उसके पूरे परिवार में सदस्यों की संख्या काफी है। इसी खामी को देखते हुए प्राधिकरण ने सर्वे का फैसला किया था। अब शीघ्र ही प्राधिकरण हाईपॉवर कमेटी की बैठक करके किसानों की आबादी समस्या का निस्तारण करेगा।
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  • प्राधिकरण ने दायर की पुनर्विचार याचिका

    ग्रेटर नोएडा नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन दूर करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को फिर हाई कोर्ट जाना पड़ा। बड़ी बेंच के फैसले के खिलाफ प्राधिकरण ने पुनर्विचार याचिका दायर कर नोएडा एक्सटेंशन समेत अन्य गांवों में बंद निर्माण कार्य को शुरू कराने के लिए कोर्ट से राहत मांगी है। दो अन्य मुद्दों पर भी कोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। अगले सप्ताह तक कोर्ट में सुनवाई की तिथि निर्धारित हो सकती है। मालूम हो कि नोएडा एक्सटेंशन समेत 41 गांवों के किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

    तीन सदस्यीय बेंच ने लगातार डेढ़ महीने तक सुनवाई करने के बाद 21 सितंबर को फैसला सुनाया था। कोर्ट ने देवला व युसूफपुर चेक साबेरी गांव का जमीन अधिग्रहण रद कर दिया था। 39 गांवों के किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा व दस प्रतिशत विकसित भूखंड देने का निर्देश दिया था। प्राधिकरण के 2021 के मास्टर प्लान पर हाई कोर्ट ने आपत्ति जाहिर की थी। दिल्ली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से 2021 का मास्टर प्लान मंजूर न होने पर प्राधिकरण को बोर्ड से प्लान मंजूर कराने का निर्देश दिया था। मास्टर प्लान मंजूर होने के बाद ही निर्माण व विकास कार्य शुरू करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले से नोएडा एक्सटेंशन समेत अन्य गांवों में निर्माण कार्य बंद हो गया। प्राधिकरण ने मास्टर प्लान को शासन से मंजूर कराने के बाद एनसीआर प्लान बोर्ड को भेज दिया। अब तक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान मंजूर नहीं हो पाया है। इससे प्राधिकरण विकास कार्य शुरू नहीं करा पा रहे हैं और नोएडा एक्सटेंशन में बिल्डरों का भी निर्माण कार्य बंद है। एक्सटेंशन फ्लैट बुक करा चुके एक लाख निवेशकों के मकान का सपना अधर में लटक हुआ है।

    अधिवक्ता मुकेश रावल ने बताया कि प्राधिकरण की तरफ से हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की गई है। इसमें प्राधिकरण ने कोर्ट से एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में मास्टर प्लान मंजूर होने में हो रही देरी को देखते हुए निर्माण कार्य शुरू कराने की अनुमति मांगी है। किसानों को दस विकसित भूखंड देने व गैर पुश्तैनी किसानों को भी इसका लाभ देने के फैसले पर भी पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। प्राधिकरण का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को पहले ही सात फीसदी भूखंड दिया जा चुका है। कोर्ट ने अपने फैसले में 39 गांवों में प्रभावित सभी किसानों को अर्जित भूमि का दस फीसदी विकसित भूमि देने के लिए कहा है। इसमें कोर्ट ने अपने फैसले में पुश्तैनी व गैर पुश्तैनी का उल्लेख नहीं किया है। प्राधिकरण के नियमानुसार केवल पुश्तैनी किसानों को ही इसका लाभ मिलता है।

    -Dainik jagran
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  • वृद्धि की लाभ न मिला तो कोर्ट जाएंगे किसान


    ग्रेटर नोएडा- खोदना खुर्द गांव के किसान शनिवार को प्राधिकरण में डीसीईओ अखिलेश सिंह से मिले। किसानों ने कहा कि उनकी जमीनों का अधिग्रहण 2009 में किया गया था। इसी वर्ष थापखेड़ा व एक अन्य गांव की जमीन भी अधिग्रहीत की गई थी। दोनों गांवों को मुद्रास्फीति के हिसाब से वार्षिक वृद्धि (80 हजार रु प्रति बीघा) का लाभ दे दिया गया, लेकिन खोदना गांव के किसानों को यह लाभ नहीं मिला। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें वृद्धि का लाभ नहीं मिला तो वे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
    आबादी की बैकलीज शुरू कराने व लंबित प्रकरणों को भी निस्तारित करने की मांग की गई। किसानों की चेयरमैन व सीईओ रमा रमन के साथ बैठक होनी थी, लेकिन चेयरमैन के बीमार होने के कारण बैठक में डीसीईओ आए। उन्होंने आश्वासन दिया कि आबादी के लंबित प्रकरणों को निस्तारित करने के लिए शीघ्र बैठक आयोजित कराई जाएगी। इस मौके पर राजेंद्र नागर प्रधान, रूपेश वर्मा, धर्मपाल प्रधान, अजीत सिंह नागर, भीम सिंह प्रधान, बिजेंद्र नागर, सूबेदार ब्रहम सिंह आदि मौजूद रहे। उधर बिसरख गांव में भी किसानों की बैठक हुई। संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले प्राधिकरण आबादी समस्या निस्तारित करे, अन्यथा किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।



    -Dainik jagran
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  • फिर सड़क पर उतरेंगे नोएडा एक्सटेंशन के फ्लैट खरीदार


    नोएडा: नोएडा एक्सटेंशन को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से अनुमति मिलने में लगातार हो रही देरी की वजह से फ्लैट खरीदार दुविधा में हैं। उन्हें कहीं से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। उधर बिल्डर उन पर लगातार अगली किश्तें जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं, जबकि बैंकों ने अब भी खरीदारों के लिए लोन जारी करना शुरू नहीं किया है। लिहाजा खरीदारों ने एक बार फिर सड़क पर उतरकर अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।

    इस संबंध में नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन (नेफोमा) पदाधिकारियों व सदस्यों ने शनिवार (10 दिसंबर) को नोएडा के सेक्टर 14ए प्रवेश द्वार के नजदीक पार्क में एक बैठक की। बैठक में पदाधिकारियों ने 17 दिसंबर (शनिवार) को नोएडा प्रवेश द्वार से ही दोबारा रैली निकालने का निर्णय लिया। इससे पहले भी फ्लैट खरीदारों ने यहां हजारों की संख्या में जमा होकर रैली निकाली थी, जिससे घंटों एक्सप्रेस-वे की तरफ जाने वाले रास्ते को बंद करना पड़ा था। एसोसिएशन ने ज्यादा से ज्यादा संख्या में फ्लैट खरीदारों के रैली में जुटने को कहा है। बैठक में कुछ छोटे बिल्डरों की मनमानी पर भी चर्चा हुई, जो लगातार खरीदारों से अगली किश्तें मांग रहे हैं और न चुका पाने पर फ्लैट की बुकिंग निरस्त करने की चेतावनी दे रहे हैं। इस संबंध में एसोसिएशन पहले भी प्राधिकरण सहित बसपा के स्थानीय सांसद सुरेंद्र नागर और बिल्डरों की एसोसिएशन क्रेडाई संग बैठक कर मदद मांग चुका है। इसके बावजूद चेतावनी दे रहे बिल्डरों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि पदाधिकारियों ने ऐसे भी कुछ बड़े बिल्डरों की तारीफ की जो खरीदारों से अगली किश्त की बिल्कुल मांग नहीं कर रहे हैं।

    बैठक में इन्होंने शाहबेरी गांव में प्रभावित होने वाले फ्लैट खरीदारों को दूसरी परियोजना में स्थानांतरित करने पर भी असंतोष व्यक्त किया। नेफोमा के मुताबिक अब तक इस संबंध में भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    -Dainik jagran
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  • eftadai noida hai rota hai kya - aage aage dekhiye hota hai kya ;)

    Rohit
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  • eftadai --> What does it mean?
    Originally Posted by rohit_warren
    eftadai noida hai rota hai kya - aage aage dekhiye hota hai kya ;)

    Rohit
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  • Originally Posted by rohit_warren
    eftadai noida hai rota hai kya - aage aage dekhiye hota hai kya ;)

    Rohit


    Rohit tumhare kitne Naam (ID), Sabne kar rakha hai pareshan.
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  • Originally Posted by saurabh2011
    Rohit tumhare kitne Naam (ID), Sabne kar rakha hai pareshan.

    hum he hum hai har jagah - jab dekho jaha dekho jis bhi tarah ;)


    rohit
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  • eftadai --> Iska matlab bata do. Neend naheen aayegee aaj

    Originally Posted by rohit_warren
    hum he hum hai har jagah - jab dekho jaha dekho jis bhi tarah ;)


    rohit
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  • Originally Posted by dhinchik
    eftadai --> What does it mean?


    first line taken from below shayri....and ishq replaced with Noida:)


    Ibtadaae ishq hai rota hai kya,
    Aage aage dekhiye hota hai kya.

    Qafile mein subah ke ek shor hai,
    Yaani ghaafil ham chale sota hai kya.

    Sabz hoti hi nahin yeh sar zamin,
    Tukhm-e-khwahish dil mein tu bota hai kya.

    Yeh nishaan-e-ishq hain jaate nahin,
    Daagh chhaati ke abas dhota hai kya.

    Ghairat-e-Yousaf hai yeh waqt-e-aziz,
    Mir isko raigaan khota hai kya
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