पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
Read more
Reply
16355 Replies
Sort by :Filter by :
  • बिल्डर साइटों का काम आज रोकेंगे किसान


    सेक्टर- 45 : सदरपुर गांव में किसान आज सेक्टर-46 और 100 में बिल्डर साइटों का काम रुकवाएंगे। इन सेक्टरों में करीब आधा दर्जन बिल्डरों का काम चल रहा है। अथॉरिटी की वादाखिलाफी से नाराज किसानों ने गुरुवार को सेक्टर-100 स्थित थ्री सी कंपनी की साइट का काम रुकवाने की कोशिश की, जिसे पुलिस और अथॉरिटी अधिकारियों ने कुछ घंटों की मोहलत मांग कर रुकवा लिया। देर शाम अथॉरिटी और पुलिस के आला अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने 5 पर्सेंट प्लॉटों की सूची शुक्रवार तक फाइनल कर देने का वादा किया है। वहीं, किसानों ने अथॉरिटी अफसरों के वादे को तवज्जो नहीं देते हुए शुक्रवार सुबह 12 बजे से बिल्डर साइटों का काम रुकवाने का ऐलान किया है। धरने के पांचवें दिन सेक्टर-45 की 3 और सेक्टर-96 की बिल्डर साइटों का काम ठप रहा। धरने की अगुवाई कर रहे सदरपुर गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र चौहान ने बताया कि अथॉरिटी अफसरों के झूठे वादों से किसान त्रस्त हो चुके हैं। अब वे मौके पर काम होने के बाद ही धरना समाप्त करेंगे। अथॉरिटी के लैंड डिपार्टमेंट से जुड़े एक अधिकारी को हटाने की भी मांग किसानों ने की है, जिस पर प्रशासनिक अधिकारी दीपचंद ने निर्णय लेने में असमर्थता जताई। दीपचंद ने बताया कि किसानों के 5 पर्सेंट प्लॉटों की सूची तैयार होने के अंतिम चरण में है। इसे जल्द ही किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।


    -NB times
    CommentQuote
  • नोएडा एक्स: नए साल में नई सौगात

    पुराने कस्टमर्स ने कम दामों पर संपत्ति खरीदी है। होल्ड करें तो उन्हें इसका फायदा मिलेगा ही। रहने के लिहाज से भी इस क्षेत्र को बेहतरीन कहा जा सकता है क्योंकि नोएडा और एनएच-24 से यह बेहद नजदीक है।

    ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रमा रमन का कहना है कि फिलहाल मसौदा यूपी सरकार के हाउसिंग डिपार्टमेंट के पास है। इस मसौदे को हरी झंडी मिलने के बाद इस दिल्ली स्थित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के पास मंजूरी के लिए दोबारा भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई की दिसंबर महीने के आखिरी सप्ताह तक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड कमेटी की मीटिंग में ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान के मसौदे को पेश किया जाएगा और इसे हरी झंडी मिल जाएगी।
    कहां तक पहुंचा सफर

    - एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के यूपी सेल ने पास किया प्लान

    - फाइल यूपी के इंडस्ट्रीयल डिपार्टमेंट में

    - वहां से भी मिली चुकी है मंजूरी

    - फिलहाल फाइल यूपी हाउसिंग डिपार्टमेंट के पास

    - वहां से एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भेजी जाएगी पाइल

    - दिसंबर में होने वाली मीटिंग में मिल सकती है मंजूरी

    - इसके बाद खुलेगा काम शुरू होने का रास्ता

    नया साल नोएडा एक्सटेंशन होम बायर्स के लिए खुशी की सौगात लेकर आएगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से परमिशन के मामले में तेज गति के साथ यूपी गवर्नमेंट के हाउसिंग डिपार्टमेेंट ने ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान को हरी झंडी दिखाते हुए इसे दिल्ली स्थित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के हेड ऑफिस में भेज दिया है। माना जा रहा है कि इस महीने के अंत तक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड कमिटी एक बैठक करके ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान के साथ नोएडा एक्सटेंशन को भी पास कर देगी। जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद रुके काम को दोबारा शुरू किया जा सकेगा।

    इंडस्ट्री डिपार्टमेंट से पास

    ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रमा रमन ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद 11 नवंबर , 2011 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के यूपी सेल ने ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान को पास करके यूपी सरकार के इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के पास भेज दिया था। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट ने तमाम पहलुओं पर जांच के बाद मास्टर प्लान को पास कर दिया था और इसे एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के दिल्ली ऑफिस के लिए भेज दिया था , लेकिन बोर्ड ने समझा की इस मसले पर हाउसिंग डिपार्टमेंट की सहमति भी जरूरी है , लिहाजा बोर्ड ने मास्टर प्लान के मसौदे को यूपी सरकार के पास वापस भेज दिया।

    दिसंबर में ही मीटिंग

    रमा रमन ने बताया कि फिलहाल मसौदा यूपी सरकार के हाउसिंग डिपार्टमेंट के पास है। इस मसौदे को हरी झंडी मिलने के बाद इस दिल्ली स्थित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के पास मंजूरी के लिए दोबारा भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई की दिसंबर महीने के आखिरी सप्ताह तक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड कमेटी की मीटिंग में ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान के मसौदे को पेश किया जाएगा और इसे हरी झंडी मिल जाएगी।

    सिर्फ रीजनल प्लान

    मालूम हो कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड एक्ट 1985 के अंतर्गत एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के पार्टिसिपेटिंग राज्यों को बोर्ड में केवल सब रीजनल प्लान ही जमा करवाना होता है। अथॉरिटी का कहना है कि ग्रेटर नोएडा का सब - रीजनल प्लान पहले भी जमा कराया जा चुका है। लेकिन इलाहाबाद कोर्ट ने अपने आदेश में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से सब - रीजनल प्लान की जगह मास्टर प्लान पास कराने का आदेश दिया था। लिहाजा यह कवायद करनी पड़ रही है।

    हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद हुई प्रगति से नोएडा एक्सटेंशन के अस्तित्व को लेकर उम्मीदें काफी जगी हंै। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि किसानों को दिए गए मुआवजे का 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए इसके अलावा किसानों की अधिग्रहित की गई कुल जमीन का 10 फीसदी डिवेल्पड हिस्सा किसानों को दिया जाए। कोर्ट के फैसले को काफी संतुलित माना गया जिससे तहत किसान , निवेशक और बिल्डर के हितों की रक्षा की गई। कोर्ट के फैसले के बाद किसान आपस में बंटे दिख रहे हैं एक ओर किसानों का मानना है कि इस मसले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की बजाय अथॉरिटी के साथ बैठकर ठंडे दिमाग से मसले का निपटारा कर लिया जाए , वहीं एक पक्ष ऐसा भी है जो मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाना चाहते हैं।

    रिव्यू पेटिशन

    हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट किसानों को हालांकि यह बात समझने की जरूरत है कि अथॉरिटी पर इतना दबाव बनाया जाए जितना अथॉरिटी झेल सके। ज्यादा दबाव बनाने की स्थिति में अथॉरिटी दिवालिया होने की स्थिति में भी जा सकती है। रमन ने बताया कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी मुआवजे के भार और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की परमिशन के स्टेटस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर चुकी है। मालूम हो कि इलाहाबाद कोर्ट के फैसले से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर तकरीबन दस हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा , जिसमें से करीबन चार हजार करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर और रकम का बाकी हिस्सा डिवेल्पड जमीन उपलब्ध कराने में चला जाएगा।

    थोड़ा इंतजार और

    श्री रमन ने बताया कि एक बार एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से परमिशन मिल जाए , तो नोएडा एक्स्टेंशन में बिल्डर्स अपने काम को दोबारा शुरू कर सकते हैं और तय वक्त पर होम बायर्स को उनके सपनों के लैट्स दे सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की कोर्ट होम बायर्स और नोएडा एक्सटेंशन के बेहतर भविष्य को जरूर ध्यान में रखेगा।

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के मसले पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि जिस वक्त मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी , उस वक्त एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को इसकी जानकारी दी गई थी और इसके अलावा बोर्ड से सुझाव भी मांगे गए थे। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने अपने सुझाव दिये थे और इन सुझावों को मास्टर प्लान में जोड़ा भी गया था। जब फाइनल मास्टर प्लान तैयार हो गया था , तो इसकी कॉपी एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भी भेजी गई थी। लेकिन इसके बाद से बोर्ड की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। न तो एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इसे अपनी मंजूरी दी और न ही इस पर कोई आपत्ति जताई। सीधे शब्दों में कहा जाए तो आज अथॉरिटी के पास भले ही क्वालिफिकेशन है , लेकिन उसके पास कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है।

    पॉजिटिव अप्रोच

    नोएडा एक्सटेंशन में जमाीन को लेकर इतने विवाद ेक बावजूद डिवेलपर्स काफी पॉजिटिव हैं। कई डिवेलपर्स का कहना है कि निवेश के पक्ष के लिहाज से देखें तो नोएडा एक्सटेंशन बेहतरीन लोकेशन पर स्थित है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद बिल्डर्स ने इस क्षेत्र में संपत्तियों की नई बुकिंग पर करीब पच्चीस से तीस प्रतिशत तक की कीमतों में इजाफा भी किया है। ऐसे में इस क्षेत्र के पुराने निवेशक अगर कुछ और समय तक प्रॉपर्टी होल्ड करते हैं तो उन्हें अच्छा मुनाफा मिल सकेगा।

    एसोटेक रियल्टी के एमडी नीरज गुलाटी ने कहा : पुराने कस्टमर्स ने जाहिर तौर पर कम दामों पर संपत्ति खरीदी है। उन्हें तो इसका फायदा मिलेगा ही। दूसरी तरफ रहने के लिहाज से भी इस क्षेत्र को बेहतरीन कहा जा सकता है क्योंकि नोएडा और एनएच -24 से यह बेहद नजदीक है। ग्रेटर नोएडा के बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ भी यहां बसने वालों को मिल सकेगा।

    अजनारा इंडिया के एमडी अशोक गुप्ता ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि जमीन विवाद से मांग पर फर्क पड़ा है। लेकिन पूरे विवाद को जिस तरह से अथॉरिटी ने हैंडल किया , उसकी हम तारीफ करते हैं। हमें जल्द ही समस्या खत्म होने की उम्मीद है। एनसीआर प्लानिंग सेल ने क्लीयरेंस दे दिया है। उम्मीद है अंतिम फैसले से सभी को फायदा होगा।

    हालांकि काम शुरू करने की अनुमति मिलने में अभी थोड़ा वक्त है , इसके बावजूद पंचशील जैसी कंपनियों ने बुकिंग शुरू कर दी है। पंचशील के डायरेक्टर अनुज चौधरी के मुताबिक उनके कुछ प्रोजेक्टों में बुकिंग की जा रही है , लेकिन काम अंतिम अनुमति मिलने के बाद ही शुरू किया जाएग ा।

    -NB times
    CommentQuote
  • Buyers show power......demanding Master plan approval
    Attachments:
    CommentQuote
  • 32 G.Noida villages move to HC
    Attachments:
    CommentQuote
  • farmers also protest.......
    Attachments:
    CommentQuote
  • नोएडा एक्स: नए साल में नई सौगात
    16 Dec 2011, 0400 hrs IST,हेलो दिल्ली

    नोएडा एक्स: नए साल में नई सौगात- Navbharat Times


    पुरुषार्थ आराधक॥
    नया साल नोएडा एक्सटेंशन होम बायर्स के लिए खुशी की सौगात लेकर आएगा। एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड से परमिशन के मामले में तेज गति के साथ यूपी गवर्नमेंट के हाउसिंग डिपार्टमेंट ने ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान को हरी झंडी दिखाते हुए इसे दिल्ली स्थित एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड के हेड ऑफिस में भेज दिया है।

    माना जा रहा है कि इस महीने के अंत तक एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड कमिटी एक बैठक करके ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान के साथ नोएडा एक्सटेंशन को भी पास कर देगी। जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद रुके काम को दोबारा शुरू किया जा सकेगा।

    इंडस्ट्री डिपार्टमेंट से पास
    ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रमा रमन ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद 11 नवंबर , 2011 को एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड के यूपी सेल ने ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान को पास करके यूपी सरकार के इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के पास भेज दिया था। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट ने तमाम पहलुओं पर जांच के बाद मास्टर प्लान को पास कर दिया था और इसे एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड के दिल्ली ऑफिस के लिए भेज दिया था , लेकिन बोर्ड ने समझा की इस मसले पर हाउसिंग डिपार्टमेंट की सहमति भी जरूरी है , लिहाजा बोर्ड ने मास्टर प्लान के मसौदे को यूपी सरकार के पास वापस भेज दिया।

    दिसंबर में ही मीटिंग
    रमा रमन ने बताया कि फिलहाल मसौदा यूपी सरकार के हाउसिंग डिपार्टमेंट के पास है। इस मसौदे को हरी झंडी मिलने के बाद इस दिल्ली स्थित एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड के पास मंजूरी के लिए दोबारा भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई की दिसंबर महीने के आखिरी सप्ताह तक एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड कमिटी की मीटिंग में ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान के मसौदे को पेश किया जाएगा और इसे हरी झंडी मिल जाएगी।

    सिर्फ रीजनल प्लान
    मालूम हो कि एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड एक्ट 1985 के अंतर्गत एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड के पार्टिसिपेटिंग राज्यों को बोर्ड में केवल सब रीजनल प्लान ही जमा करवाना होता है। अथॉरिटी का कहना है कि ग्रेटर नोएडा का सब - रीजनल प्लान पहले भी जमा कराया जा चुका है। लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड से सब - रीजनल प्लान की जगह मास्टर प्लान पास कराने का आदेश दिया था। लिहाजा यह कवायद करनी पड़ रही है।

    हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद हुई प्रगति से नोएडा एक्सटेंशन के अस्तित्व को लेकर उम्मीदें काफी जगी हैं। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि किसानों को दिए गए मुआवजे का 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए इसके अलावा किसानों की अधिग्रहित की गई कुल जमीन का 10 फीसदी डिवेल्पड हिस्सा किसानों को दिया जाए। कोर्ट के फैसले को काफी संतुलित माना गया जिससे तहत किसान , निवेशक और बिल्डर के हितों की रक्षा की गई। कोर्ट के फैसले के बाद किसान आपस में बंटे दिख रहे हैं। एक ओर किसानों का मानना है कि इस मसले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की बजाय अथॉरिटी के साथ बैठकर ठंडे दिमाग से मसले का निपटारा कर लिया जाए , वहीं एक पक्ष ऐसा भी है जो मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाना चाहता है।

    रिव्यू पिटिशन
    हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट किसानों को हालांकि यह बात समझने की जरूरत है कि अथॉरिटी पर इतना ही दबाव बनाया जाए जितना अथॉरिटी झेल सके। ज्यादा दबाव बनाने की स्थिति में अथॉरिटी दिवालिया होने की स्थिति में भी जा सकती है। रमन ने बताया कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी मुआवजे के भार और एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड की परमिशन के स्टेटस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर चुकी है। मालूम हो कि इलाहाबाद कोर्ट के फैसले से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर तकरीबन दस हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा , जिसमें से करीबन चार हजार करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर और रकम का बाकी हिस्सा डिवेल्पड जमीन उपलब्ध कराने में चला जाएगा।

    थोड़ा इंतजार और
    श्री रमन ने बताया कि एक बार एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड से परमिशन मिल जाए , तो नोएडा एक्स्टेंशन में बिल्डर्स अपने काम को दोबारा शुरू कर सकते हैं और तय वक्त पर होम बायर्स को उनके सपनों के फ्लैट्स दे सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई की कोर्ट होम बायर्स और नोएडा एक्सटेंशन के बेहतर भविष्य को जरूर ध्यान में रखेगा।

    एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड के मसले पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों का कहना है कि जिस वक्त मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी , उस वक्त एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड को इसकी जानकारी दी गई थी और इसके अलावा बोर्ड से सुझाव भी मांगे गए थे। एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड ने अपने सुझाव दिये थे और इन सुझावों को मास्टर प्लान में जोड़ा भी गया था। जब फाइनल मास्टर प्लान तैयार हो गया था , तो इसकी कॉपी एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड को भी भेजी गई थी। लेकिन इसके बाद से बोर्ड की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। न तो एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड ने इसे अपनी मंजूरी दी और न ही इस पर कोई आपत्ति जताई। सीधे शब्दों में कहा जाए तो आज अथॉरिटी के पास भले ही क्वॉलिफिकेशन है , लेकिन उसके पास कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है।

    पॉजिटिव अप्रोच
    नोएडा एक्सटेंशन में जमीन को लेकर इतने विवाद के बावजूद डिवेलपर्स काफी पॉजिटिव हैं। कई डिवेलपर्स का कहना है कि निवेश के पक्ष के लिहाज से देखें तो नोएडा एक्सटेंशन बेहतरीन लोकेशन पर स्थित है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद बिल्डर्स ने इस क्षेत्र में संपत्तियों की नई बुकिंग पर करीब पच्चीस से तीस प्रतिशत तक की कीमतों में इजाफा भी किया है। ऐसे में इस क्षेत्र के पुराने निवेशक अगर कुछ और समय तक प्रॉपर्टी होल्ड करते हैं तो उन्हें अच्छा मुनाफा मिल सकेगा।

    एसोटेक रियल्टी के एमडी नीरज गुलाटी ने कहा पुराने कस्टमर्स ने जाहिर तौर पर कम दामों पर संपत्ति खरीदी है। उन्हें तो इसका फायदा मिलेगा ही। दूसरी तरफ रहने के लिहाज से भी इस क्षेत्र को बेहतरीन कहा जा सकता है क्योंकि नोएडा और एनएच -24 से यह बेहद नजदीक है। ग्रेटर नोएडा के बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ भी यहां बसने वालों को मिल सकेगा।

    अजनारा इंडिया के एमडी अशोक गुप्ता ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि जमीन विवाद से मांग पर फर्क पड़ा है। लेकिन पूरे विवाद को जिस तरह से अथॉरिटी ने हैंडल किया , उसकी हम तारीफ करते हैं। हमें जल्द ही समस्या खत्म होने की उम्मीद है। एनसीआर प्लैनिंग सेल ने क्लियरेंस दे दिया है। उम्मीद है अंतिम फैसले से सभी को फायदा होगा।

    हालांकि काम शुरू करने की अनुमति मिलने में अभी थोड़ा वक्त है , इसके बावजूद पंचशील जैसी कंपनियों ने बुकिंग शुरू कर दी है। पंचशील के डायरेक्टर अनुज चौधरी के मुताबिक उनके कुछ प्रॉजेक्टों में बुकिंग की जा रही है , लेकिन काम अंतिम अनुमति मिलने के बाद ही शुरू किया जाएगा।
    CommentQuote
  • सदरपुर के किसानों ने रोका बिल्डरों का काम


    नोएडा: पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठे सदरपुर के किसानों ने शुक्रवार को आसपास के सेक्टरों में चल रहे छह बिल्डरों का निर्माण कार्य रोक दिया। काफी संख्या में महिलाएं, पुरुष व बच्चे सुबह से ही धरना स्थल पर एकत्र हो गए थे। आंदोलन कर रहे किसान रविवार को अचानक नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे जाम कर सकते हैं। इधर हाजीपुर गांव के किसानों का धरना नौवें दिन भी जारी रहा।
    ज्ञात हो कि सदरपुर गांव में किसान पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठे हैं। आबादी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले शुक्रवार को इन किसानों ने सुरेंद्र प्रधान के नेतृत्व में सेक्टर सौ, 99, 96 व 46 में बिल्डरों का निर्माण कार्य रोक दिया। सैकड़ों की संख्या में सड़क पर उतरे किसानों को देख बिल्डर पहले ही मामला समझ चुके थे। लिहाजा किसानों को काम बंद कराने के लिए जोर-जबरदस्ती नहीं करनी पड़ी। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण उनकी मांग पूरी करना शुरू करे, तभी वह आंदोलन समाप्त करेंगे। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारी दीप चंद इन किसानों से वार्ता करने धरना स्थल पर गए थे, लेकिन बात नहीं बनी थी। इसके बाद प्राधिकरण अधिकारियों को शुक्रवार को दोबारा किसानों से वार्ता करने जाना था, लेकिन पत्रावली तैयार न हो पाने की वजह से वह नहीं पहुंचे। प्राधिकरण अधिकारी शनिवार को दोबारा किसानों से वार्ता करने जा सकते हैं। इस मौके पर काफी संख्या में आसपास के गांवों के लोग भी मौजूद थे।

    -Dainik jagran
    CommentQuote
  • एकजुट हुए किसान २६ से अनिश्चितकालीन धरना


    नोएडा। प्राधिकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए शहर के सभी किसान संगठन मतभेद भूलाकर एकजुट हो गए हैं। चौड़ा रघुनाथपुर में हुई ५४ गांवों की महापंचायत में सर्वसम्मति से २६ दिसंबर से सेक्टर-छह प्राधिकरण कार्यालय का घेराव करते हुए अनिश्चितकालीन धरना करने की घोषणा कर दी। वहीं, तीन बिंदुओं पर नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर किसान अड़े गए हैं। दूसरी तरफ किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर २१ दिसंबर को काम रोको अभियान में भी सभी संगठनों ने साथ रहने का निर्णय लिया है।

    किसान बचाओ संघर्ष समिति ने शुक्रवार को चौड़ा रघुनाथपुर गांव में महापंचायत बुलाई। इसमें अन्य सभी किसान संगठनों को भी आमंत्रण भेजा गया। किसानों के हितों को पूरा कराने के लिए किसान संघर्ष समिति और आबादी बचाओ समिति भी महापंचायत का हिस्सा बनी। सभी किसानों के साथ वार्ता करके समिति ने निर्णय लिए, जिसका खुलासा किसान बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष रघुराज सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से अलग-अलग संगठन अपनी-अपनी मांग रख रहे थे, जिसका लाभ प्राधिकरण उठा रहा था। इसको ध्यान में रखते हुए किसान संघर्ष समिति और आबादी बचाओ समिति के पदाधिकारियों से वार्ता करके एक मंच पर एकत्र होने का फैसला लिया। महापंचायत में निर्णय लिया गया कि अगर प्राधिकरण तीन बिंदुओं पर नोटिफिकेशन जारी कर देता है तो शहर में होने वाले धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिए जाएंगे। ऐसा नहीं करने पर पहले २१ दिसंबर को सेक्टर-१२८ से शुरुआत करते हुए काम बंद करो आंदोलन किया जाएगा। तत्पश्चात २६ दिसंबर से प्राधिकरण कार्यालय का घेराव करते हुए अनिश्चितकालीन धरना करेंगे।

    इन मांगों पर किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता महेश अवाना ने भी सहमति जताते हुए सभी संगठनों को एक साथ आकर आंदोलन को सफल बनाने की बात कही।

    नोटिफिकेशन के तीन बिंदु
    जहां जैसी आबादी है उसे वैसे ही छोड़ दिया जाएं।

    १९७६ से १९९७ के बीच न्यायालय के आदेश पर बढ़ा हुआ २८.१२ रुपये मुआवजे देने का काम हो

    सभी मांगों पर पॉलिसी बना दी जाए, जिससे अफसरों के तबादला होने पर इन पर असर न पड़े।


    -Amar Ujala
    CommentQuote
  • किसानों ने जेल का निर्माण कार्य रोकने की दी धमकी


    ग्रेटर नोएडा। इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय आए हुए करीब दो माह बीतने को हैं लेकिन प्राधिकरण ने अभी लुक्सर समेत आसपास के गांवों में किसानों को लाभ देना शुरू नहीं किया गया है। बैठक में किसानों ने फैसला लिया कि प्राधिकरण ने शीघ्र ही कोर्ट के निर्णय के मुताबिक ६४ फीसदी अतिरिक्त मुआवजा, १० फीसदी जमीन एवं आबादी का लाभ न दिया तो निर्माणाधीन जेल का काम रोक दिया जाएगा।

    किसान नेता हरीकिशन नागर ने लुक्सर गांव में हुई पंचायत में कहा कि प्राधिकरण सिर्फ नोएडा एक्सटेंशन पर ध्यान दे रहा है। जबकि कोर्ट का निर्णय क्षेत्र के सभी गांवों के लिए आया था। अभी तक मुआवजा वितरण का काम शुरू नहीं किया गया है। १० फीसदी जमीन और आबादी का लाभ देना तो दूर की बात है। पंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता आनंद नागर ने कहा कि पंचायत में कई गांव के किसान आए हैं। इस बार यदि किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया तो किसी भी कीमत पर वापस नहीं लिया जाएगा। जेल समेत सभी विकास कार्य रोक दिए जाएंगे।

    -Amar Ujala
    CommentQuote
  • 3 और बिल्डर साइटों का काम रुकवाया


    सेक्टर -45

    सदरपुर गांव के किसानों ने धरने के छठे दिन शुक्रवार को सेक्टर -46 और 100 की 3 और बिल्डर साइटों का काम रुकवा दिया। किसानों की योजना अगले कुछ दिनों में एक्सप्रेस - वे पर स्थित नामी बिल्डरों की साइटों का भी काम रुकवाने की है। बिल्डर साइटों का काम रुकवाने के बाद धरना स्थल पर शहर के करीब 1 दर्जन गांवों के किसानों और नेताओं ने अथॉरिटी की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर अथॉरिटी की तरफ से सदरपुर गांव के 5 पर्सेंट प्लॉटों की सूची आज जारी करने की संभावना है।

    सेक्टर -45 पानी की टंकी के पास बने धरना स्थल पर किसान सुबह 9 बजे इकट्ठा हुए। इसके बाद दोपहर 12 बजे किसानों ने बिल्डर साइटों की तरफ रुख किया और सेक्टर -100 में थ्री सी बिल्डर और सुप्रीम कोर्ट सोसायटी का काम रुकवाया। इसके बाद किसानों ने सेक्टर -46 में गार्डिनिया नामक साइट का काम ठप कराया। करीब 3:30 बजे किसान धरना स्थल पर लौट आए। किसानों के प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात की गई थी।

    धरने की अगुवाई कर रहे सदरपुर गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र चौहान ने कहा कि अथॉरिटी अफसरों की तरफ से शनिवार तक 5 पर्सेंट की सूची जारी करने के संकेत मिले हैं। साथ ही जल और सीवर लाइन कार्य में टीमों की संख्या बढ़ाने का आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि दो दिनों के भीतर कार्यों में प्रगति नहीं होने पर हम लोग एक्सप्रेस - वे स्थित नामी बिल्डर साइटों का काम रोकेंगे। इस अवसर करीब एक दर्जन गांवों के किसान मौजूद थे।

    -Navbharat times
    CommentQuote
  • हाई कोर्ट ने जारी किया स्टे ऑर्डर


    नोएडा

    हाइ कोर्ट ने अथॉरिटी की अधिग्रहण नीति पर फिर सवालिया निशान लगाते हुए सुल्तानपुर के खसरा नंबर 625 पर स्टे ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया है। अधिग्रहण के इस मामले की जांच को जरूरी मानते हुए कोर्ट ने धारा -5 ए का अनुपालन नहीं किए जाने और अधिग्रहीत जमीन को फार्म हाउस बनाने के लिए अलॉट किए जाने पर आपत्ति जताई है। इस मामले में तीन सप्ताह में जवाब दाखिल किया जाना है। हाई कोर्ट के जज अशोक भूषण और सुनीता अग्रवाल की बैंच ने यह आदेश दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सुनवाई की अगली तारीख तक उक्त जमीन पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जाए। उधर , रिजवान ने कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद निर्माण कार्य जारी होने का आरोप लगाया है।

    असगरपुर के रहने वाले किसान रिजवान अहमद ने ग्राम सुल्तानपुर की खसरा नबंर -625 की जमीन की अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ अपील की थी। इसमें बताया गया कि जमीन का अथॉरिटी की ओर से अधिग्रहण इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट के तहत किया गया था। जिसमें धारा -5 ए में जमीन के मूल किसान की आपत्तियों की सुनवाई नहीं हुई। सुनवाई के दौरान ही अथॉरिटी की तरफ से विवादित भूमि का हिस्सा दो व्यक्तियों और एक कंपनी के नाम लीज डीड के जरिए 90 वर्षों के लिए अलॉट कर दिया गया। 14 जून और 21 जून 2011 में लीज डीड कराई गई।


    -NB times
    CommentQuote
  • नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों का मार्च आज



    नोएडा
    नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर मेंबर असोसिएशन ( नेफोमा ) आज शाम 5 बजे नोएडा एंट्री पॉइंट से शनिवार शाम 5 बजे से फिल्म सिटी तक मार्च निकालेगा। इसमें नेफोमा के करीब 1500 मेंबर भाग लेंगे। निवेशकों की मांग है कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से मास्टरप्लान -31 की जल्द मंजूरी दी जाए। इसके अलावा वे बिल्डर की ओर से मांगे जा रहे ब्याज के खिलाफ हैं।

    संस्था के वाइस प्रेजिडेंट अन्नू खान ने बताया कि नोएडा एक्सटेंशन में हजारों निवेशकों की कमाई दांव पर लगी है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टरप्लान -31 को जल्द मंजूरी मिलने के बाद ही वहां की साइट पर काम किया जा सकता है। इसलिए रैली निकालकर इसे जल्द मंजूरी देने की मांग की जाएगी।

    -NB times
    CommentQuote
  • Flat buyers will protest today....
    Attachments:
    CommentQuote
  • Farmers given 9 days time to authority....
    Attachments:
    CommentQuote
  • Noida sector 128 is again on target
    Attachments:
    CommentQuote