पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Noida Extention farmers ready for talks now


    GREATER NOIDA: The number of farmers that have accepted additional compensation from the Greater Noida Authority and signed affidavits crossed 700 on Sunday. Also, more than 85 per cent of the farmers have agreed to withdraw their writs in the Allahabad High court.

    After this agreement with Patwari, farmers of other villages have also started knocking the doors of Greater Noida Authority and officials are welcoming this move. Officials said that after the August 17 hearing, the Authority will invite other villagers to reach an agreement with the Authority.

    Speaking to TOI, Greater Noida Authority CEO Rama Raman confirmed that 700 Patwari farmers received compensation out of the total 1,400. "Thirty-two writs were filled in the HC challenging land acquisition and so far 27 petitioners have filed affidavits with the Authority to withdraw their cases," Raman said.

    Even on Sunday, the Authority and district administration officials were engaged in distributing compensation to the farmers who are ready to receive increased compensation of Rs 1,400 per sqm.

    The Authority had informed Allahabad High Court about their efforts on August 12, but it is trying to increase the number of farmers who have agreed to settle out of court by signing affidavits. "The process will continue till August 16 as the court hearing is scheduled for August 17. Before that, we want to hand over cheques to the maximum number of farmers," said a Greater Noida Authority official.

    As Saturday was Rakshabandhan, a few farmers reached the Greater Noida Authority office to submit their applications. However, nearly 650 farmers were disbursed cheques, while on Sunday 45 of them received the hiked compensation cheques.

    -TOI
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  • dear friend
    bribery is not restricted to govt depts. it is rampant in pvt sector also. to get any contract you have to pay one month's worth of contract to relevant auths. those in pvt sector p[lz don't try to take any moral high ground. corruption in our country is prevalent in every dept and section of pur society
    regards
    sids
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  • 20 खातेदारों ने लिया मुआवजा


    अथॉरिटी और पतवाड़ी गांव के किसानों के बीच समझौते का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। मंगलवार तक जितने किसानों से समझौते होंगे , उसे अथॉरिटी इलाहाबाद हाई कोर्ट को 17 अगस्त की सुनवाई के दौरान अवगत कराएगी। अथॉरिटी अफसर अब भी गांव के ज्यादा से ज्यादा किसानों से समझौते के प्रयास में जुटे हैं। सोमवार को गांव के 20 खातेदारों ने समझौता कर मुआवजा प्राप्त किया। जमीन अधिग्रहण मामले में सुनवाई का वक्त नजदीक आता जा रहा है। 17 अगस्त को इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है। अफसरों का कहना है कि मंगलवार को पतवाड़ी गांव के ज्यादा से ज्यादा किसानों के साथ समझौता करने का प्रयास किया जाएगा। अफसरों को उम्मीद है कि 16 अगस्त तक गांव के सभी किसानों से समझौता हो जाएगा।

    -Navbharat times
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  • ज्यादा मुआवजे और प्लॉट के लिए अड़े


    ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी भले ही पतवाड़ी के किसानों को मनाने में कामयाब हो गई हो लेकिन पतवाड़ी के आसपास के 20 गांवों के किसानों में अधिग्रहण को लेकर अब भी भारी रोष है। बिसरख गांव में किसानों ने महापंचायत कर फैसला किया है कि उन्हें 5500 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से कम मुआवजा मंजूर नहीं है। साथ ही किसानों ने अब 6 की जगह 12 प्रतिशत आवासीय प्लॉट और भूमिहीन किसानों को कम से कम 120 मीटर का प्लॉट दिए जाने की मांग की है। किसानों ने ऐलान किया है कि अथॉरिटी उनकी मांगों को मंजूर करती है तो वे समझौता करने के लिए तैयार हैं। किसानों ने अगली महापंचायत यमुना अथॉरिटी एरिया के सलारपुर गांव में करने का फैसला किया है जिसमें आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। महापंचायत में भूमिहीन किसान भी शामिल हुए।

    संयोजक मनवीर भाटी ने कहा कि किसान सामूहिक स्तर पर अथॉरिटी के साथ बात करेंगे। अकेले एक भी किसान वार्ता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि नोएडा एक्सटेंशन एरिया में डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया जाए जिसमें किसानों के बच्चों के लिए 70 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखी जाएं। सभी गांवों के चारों और पेरिफेरल रोड बनाए जाएं। किसानों की मांग है कि जिस रेट पर अथॉरिटी ने बिल्डरों को जमीन बेची है उसका आधे रेट यानी 5500 रुपये प्रति वर्गमीटर का मुआवजा किसानों को दिया जाए।

    तिलपता गांव के प्रधान भीम सिंह भाटी ने कहा कि पुनर्वास नीति अथॉरिटी की स्थापना से लागू की जाए। जलपुरा के प्रधान खीमचंद ने कहा कि अथॉरिटी ने किसानों की वर्षों पुरानी आबादी का भी अधिग्रहण कर लिया है जिससे किसान बेघर हो गए हैं। मांगेराम प्रजापति ने कहा कि भूमिहीन किसानों को 40 मीटर के प्लॉट मंजूर नहीं है। उन्हें कम से कम 120 मीटर के प्लॉट दिए जाएं। महापंचायत में सैकड़ों किसान शामिल हुए।

    -Navbharat times
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  • Compensation cheques held up till court orders

    As the Greater Noida authority claimed more than half of the 1,400-odd farmers in Patwari had accepted cheques promising to let realtors resume construction of residential towers, farmers have begun accusing the authority of cheating them. "We are not able to encash the cheques. It seems banks have been told to release money only after August 17," they said. The Allahabad high court will hear all land acquisition cases filed by villages in Noida Extension, where the fate of 2,25 lakh houses is at stake, on August 17.

    "The decision, if it comes, could go either way. The authority has obtained agreement affidavits from farmers but wants to wait for the judgment before releasing money. This is cheating," they said.

    The authority had on August 6 hiked the land compensation from Rs 850 per sqm, paid earlier in Patwari, to Rs 1,400 per sqm. This means an additional burden of R295 crore to the authority. The cheque distribution began on August 7. Village head Reshpal Yadav confirmed cheques had been cleared till date. He, however, said, "Bank holidays may be one possible reason for the delay."

    Farmer leader Ajay Nagar said, "The authority has misled farmers. Several farmers are against the agreement. The court may or may not approve it."
    "Farmers deposited the cheques in their accounts but when they went to withdraw the money, the bank told that cheques were still under clearance," he said.

    "Bank officials hinted they have been directed to credit the amount only after August 18," said Nagar.

    "Had they informed us about this, I would not have signed the agreement or agreed to withdraw the case against land acquisition," said Suresh Chand, a farmer.

    On July 19, the high court set aside forcible acquisition of 589 hectares of land in Patwari, leaving 20,000 homebuyers. Earlier on July 6, the Supreme Court quashed acquisition of 156 hectares, affecting 6,500 investors.

    The court on July 26 gave the government time till August 12 to work out out-of-court settlements with Noida Extension villages.

    -HT
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    Compensation cheques held up till court orders

    As the Greater Noida authority claimed more than half of the 1,400-odd farmers in Patwari had accepted cheques promising to let realtors resume construction of residential towers, farmers have begun accusing the authority of cheating them. "We are not able to encash the cheques. It seems banks have been told to release money only after August 17," they said. The Allahabad high court will hear all land acquisition cases filed by villages in Noida Extension, where the fate of 2,25 lakh houses is at stake, on August 17.

    "The decision, if it comes, could go either way. The authority has obtained agreement affidavits from farmers but wants to wait for the judgment before releasing money. This is cheating," they said.

    The authority had on August 6 hiked the land compensation from Rs 850 per sqm, paid earlier in Patwari, to Rs 1,400 per sqm. This means an additional burden of R295 crore to the authority. The cheque distribution began on August 7. Village head Reshpal Yadav confirmed cheques had been cleared till date. He, however, said, "Bank holidays may be one possible reason for the delay."

    Farmer leader Ajay Nagar said, "The authority has misled farmers. Several farmers are against the agreement. The court may or may not approve it."
    "Farmers deposited the cheques in their accounts but when they went to withdraw the money, the bank told that cheques were still under clearance," he said.

    "Bank officials hinted they have been directed to credit the amount only after August 18," said Nagar.

    "Had they informed us about this, I would not have signed the agreement or agreed to withdraw the case against land acquisition," said Suresh Chand, a farmer.

    On July 19, the high court set aside forcible acquisition of 589 hectares of land in Patwari, leaving 20,000 homebuyers. Earlier on July 6, the Supreme Court quashed acquisition of 156 hectares, affecting 6,500 investors.

    The court on July 26 gave the government time till August 12 to work out out-of-court settlements with Noida Extension villages.

    -HT


    If it is TRUE then this is a very clever move by the authority. Money should not be paid without certain level of assurance and surety.
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  • Mamla ulta bhi paad sakta hain,authority pe . Being or trying to be over smart is not always healthy .
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  • नोएडा एक्सटेंशन का भविष्य कल होगा तय


    ग्रेटर नोएडा, संवाददाता : नोएडा एक्सटेंशन का भविष्य बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिका है। हाईकोर्ट एक दर्जन गांवों के करीब तीन सौ किसानों की याचिका पर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ सुनवाई करेगी। प्राधिकरण, बिल्डर व निवेशक भी अदालत में अपना पक्ष रखेंगे। सभी की निगाह इस अहम सुनवाई पर लगी हुई है। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ हुए समझौते के 530 शपथ पत्र प्राधिकरण कोर्ट में जमा कर चुका है। शेष किसानों के शपथ पत्र बुधवार को सुनवाई शुरू होने से पहले कोर्ट में दाखिल करने की योजना बनाई गई। इसके लिए प्राधिकरण के छह अधिकारियों की टीम मंगलवार को इलाहाबाद रवाना होगी। सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के अवकाश के बावजूद प्राधिकरण कार्यालय खोला गया।

    एडीएम एलए हरनाम सिंह ने बताया कि 20 किसानों को मुआवजे के चेक दिए गए। मंगलवार को भी प्राधिकरण चेक बांटेगा। सीईओ रमा रमन ने ध्वजारोहण के बाद अधीनस्थ अधिकारियों के साथ प्राधिकरण में बैठक कर रणनीति पर विचार किया। विधि विभाग के साथ डीसीईओ अखिलेश सिंह, एडीएम एलए हरनाम सिंह, महाप्रबंधक नियोजन लीनू सहगल व भूमि परामर्श दाता जीसी श्रीवास्तव को भी इलाहाबाद भेजने का निर्णय किया गया। ये सभी अधिकारी मंगलवार की शाम ट्रेन से रवाना होंगे। नोएडा एक्सटेंशन के गांव बिसरख, इटेड़ा, हैबतपुर, रोजा याकूबपुर, खैरपुर गुर्जर के अलावा अन्य गांवों के किसान भी रविवार से ही इलाहाबाद में डेरा डाले हुए हैं। किसान अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए अच्छे वकीलों का सहारा ले रहे हैं। बिल्डर व निवेशकों की तरफ से नए सिरे से कोर्ट में याचिका दायर करने की योजना बनाई गई है। नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट बायर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राहुल शर्मा का कहना है कि कोर्ट के फैसले से निवेशक भी प्रभावित हुए हैं। 17 अगस्त की सुनवाई के दौरान निवेशकों का पक्ष रखने के लिए पहले ही याचिका दायर की जा चुकी है।
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  • Now, farmers can't reclaim their land in UP

    Now, farmers can't reclaim their land in UP - Times Of India
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  • विकास कार्यो का बजट मुआवजे पर खर्च


    ग्रेटर नोएडा: नोएडा एक्सटेंशन के पतवाड़ी गांव के किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने पर प्राधिकरण की आर्थिक हालत पतली हो गई है। इसका असर अब विकास कार्यो पर दिखाई दे रहा है। विकास कार्यो का बजट मुआवजा वितरण पर खर्च कर दिया गया है। गांवों में चल रहा निर्माण कार्य ठप पड़ गया है। सीवर व सड़क का कार्य अधूरा है।

    नोएडा एक्सटेंशन में जमीन अधिग्रहण रद होने से प्राधिकरण को बिल्डरों व आवासीय सेक्टर के आवंटियों से मिलने वाली किश्त बंद हो गई है। किश्त बंद होने से प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई है। बैंकों ने भी प्राधिकरण को कर्ज देने से हाथ पीछे खींच लिया है। पतवाड़ी गांव के किसानों को 550 रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से अतिरिक्त मुआवजा देना पड़ रहा है। मुआवजा देने पर 295 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। विकास कार्यो का बजट किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देने में खर्च किया जा रहा है। प्राधिकरण ने ग्रामीण विकास पर 150 सौ करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया था। 150 सौ करोड़ रुपये में गांवों में सीवर, सड़क, बारात घर, स्ट्रीट लाइट आदि पर खर्च किया जाना है। कई गांवों में विकास कार्य तेजी से चल रहा था। सीवर डालने के लिए खुदाई कर दी गई थी। पिछले एक माह से इन गांवों में विकास कार्य ठप हो गया है। गांव में खुदाई होने से बरसात के मौसम में ग्रामीणों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। विशेष परियोजनाओं को छोड़कर प्राधिकरण अन्य निर्माण कार्य के लिए कोई टेंडर नहीं निकाल रहा है। उसके पास विकास कार्य के लिए बजट कम पड़ रहा है। 17 अगस्त को हाईकोर्ट में जमीन अधिग्रहण को लेकर सुनवाई है। अगर हाईकोर्ट ने पतवाड़ी की तर्ज पर अन्य गांवों के किसानों से समझौता करने का निर्देश दिया तो प्राधिकरण के लिए और ही मुसीबत खड़ी हो जाएगी। विकास कार्य शुरू होने में लंबा समय लग सकता है।

    -Dainik Jagran

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  • प्राधिकरण किसानों को दे वाजिब हक


    ग्रेटर नोएडा: जमीन अधिग्रहण को लेकर यमुना एक्सप्रेस-वे के किसानों ने मंगलवार को महापंचायत की। नवादा गांव में 16 गांवों के किसानों की महापंचायत भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हुई। इसमें भाकियू ने नोएडा एक्सटेंशन के दर्ज पर तीनों प्राधिकरण के किसानों को लाभ देने की मांग रखी है। जमीन अधिग्रहण का विरोध जताने के बजाय किसानों को उनकी भूमि का वाजिब हक देने की मांग की है। 30 तक किसानों की मांग पूरी न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।


    भाकियू की तरफ से आयोजित पंचायत में किसानों ने कहा कि प्राधिकरण उनकी जमीन छीना जा रहा है। प्राधिकरण कार्यालय जाने पर अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते हैं। वे विकास के विरोध नहीं है, विकास के लिए जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन जमीन का उचित मुआवजा व अन्य लाभ मिलना चाहिए। अपनी समस्या को लेकर किसान प्राधिकरण कार्यालय जाते हैं तो अधिकारी बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। नई पुनर्वास का लाभ 2001 से नोएडा व ग्रेटर नोएडा के किसानों को भी मिलना चाहिए। प्राधिकरण किसानों के साथ भेदभाव कर रहा है। पतवाड़ी गांव के तर्ज पर तीनों प्राधिकरणों के किसानों को लाभ मिलना चाहिए। जिन किसानों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है, उन्हें तुरंत वापस लिया जाए। गांवों में आबादी का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। 30 अगस्त तक अगर किसानों की मांगें पूरी न हुई तो व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। 25 अगस्त को गांव अमरपुर में पंचायत कर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

    -Dainik Jagran
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  • After agitation, Noida villages to get an uplift - The Times of India

    After agitation, Noida villages to get an uplift

    NOIDA: In yet another step to pacify the agitating farmers in the city, the Noida Authority has now allocated Rs 30 crore for the development of the 54 villages in Noida. The Authority has further announced that tenders for work worth Rs 20 crore will be floated by the end of this month.

    According to the Authority officials, the budget allocation has been made in tune with the promises made to the Noida villagers by the Authority CEO as part of their July 30 agreement wherein the villagers had agreed to put off all agitations for the next three months in return for rehabilitation and development benefits.

    The Authority will soon begin work on laying new sewer networks in all the villages, the roads will be concretized, regular drinking water will be supplied to all these villages and each village will soon get its own community centre and primary school.

    "An exercise is on to assess the population of each village, its civic conditions, facilities required etc. and soon after, we will begin the development work in all the 54 villages. The development of all the Noida villages is on our priority list and we want to assure the villagers that all the benefits promised as per our agreement will be given to them," said Noida Authority chairperson Balwindar Kumar.

    All villages will also get regular supply of Ganga water very soon. Separate water reservoirs and electricity feeders will also be set up for these villages.

    Of the sanctioned funds, Rs 11.75 crore will go towards developing Wazidpur and Sarfabad villages who, along with Sorkha village, have been spearheading the Noida farmers' protests. Around Rs 8 crores will go towards developing the villages along the Noida-Greater Noida expressway.

    "One of our main demands during the agitation has been the development of our villages. The state acquired our land and gave them to private builders. High rises and closed colonies were then constructed while our abadi area was reduced to slums. All villages in Noida lack even the basic civic facilities today. The Authority must keep its word now and develop our villages," said farmer Manoj Tyagi of Gheza village.
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  • Best Of Luck All Buyers !!

    HC, SC to hear Noida Extension cases today - Hindustan Times

    HC, SC to hear Noida Extension cases today


    An estimated one lakh homebuyers are on the edge, as the Allahabad high court (HC) is slated to begin hearing of all land acquisition cases of Noida Extension on Wednesday. Meanwhile, a section of farmers in Patwari, where the state government has struck a deal to revive real estate projects, has moved the Supreme Court against the arrangement. The matter is slated to come up for hearing in the apex court on Wednesday.
    While the Greater Noida authority hopes the court may allow time for out-of-court settlements, which will save realty projects, farmers are confident they will get their land back to be able to seek higher rates during resale.

    In case of an adverse judgment, the entire Noida Extension project may be scrapped. More than 60 builders had planned 2.5 lakh houses in about a dozen villages (3,000 hectares) in Noida Extension. Booking for 100,000 units (worth R20,000 crore) had already been done. Buyers have invested R1,500 crore in pursuit of their dream houses.

    Two court orders last month set aside forcible acquisition in Shahberi and Patwari, affecting 26,5000 buyers. “We’re hopeful of similar judgments. The urgency clause has been used in other Noida Extension villages too,” said farmers’ lawyer Pankaj Dubey.

    The HC was to hear the cases of other villages, where 70,000-odd houses have been booked, on July 26, but it referred the matter to a higher bench and gave the government time till August 12 for an out-of-court settlement.

    The Greater Noida authority on August 6 struck a deal with Patwari, but it has not been able to do the same in other villages. Greater Noida chief executive officer (CEO) Rama Raman said, “So far, 900 cheques have been distributed among the 1,400-odd Patwari farmers, whose land had been acquired. We hope the Patwari pact will get the court approval.”

    “We will appeal to the court to allow us to have settlements with other Noida Extension villages. But this won’t be done on the lines of Patwari agreement. Each village has its own issues and demands, so the solutions will differ too,” Raman said.

    Ever since the court allowed time for an out-of-court settlement, farmers in other Noida Extension villages have been holding meetings, trying to put pressure on the authority for a hike in cash compensation paid earlier, keeping thousands of homebuyers on the edge.
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  • बढ़ सकती है फ्लैटों की कीमत

    नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैटों की कीमत बढ़ सकती है। हालांकि, इसका असर फ्लैट बुक करा चुके निवेशकों पर नहीं पड़ेगा। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी किसानों को दिए जाने वाले बढ़े मुआवजे की भरपाई बिल्डर व नए अलॉटियों से करेगी। उधर, बिल्डरों का कहना है कि उन पर जितना भार पड़ेगा उसकी भरपाई वे आगे फ्लैट बुक कराने वाले बायर्स से करेंगे। ऐसे में फ्लैटों की कीमत में 50 से 200 रुपये प्रतिवर्ग फीट की बढ़ोतरी हो सकती है।

    पतवाड़ी के किसानों को मुआवजा देने से अथॉरिटी पर करीब 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। अथॉरिटी अफसरों के मुताबिक, 2008 में पतवाड़ी के अलावा 15 अन्य गांवों की जमीन भी अधिग्रहीत की गई थी। अगर हाई कोर्ट से इन गांवों के किसानों को भी बढ़ा हुआ मुआवजे का लाभ देने के आदेश मिलते हैं तो अथॉरिटी पर 2 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। अफसरों के मुताबिक, इसकी भरपाई बिल्डरों और अन्य स्कीम के अलॉटियों से की जाएगी।

    अफसरों का कहना है कि एक बार मामला सुलझ जाने के बाद प्रति मीटर की दर से बिल्डर और अलॉटियों से इसे वसूल लिया जाएगा। नोएडा एक्सटेंशन के करीब सभी बिल्डर भी इसके लिए तैयार हैं। बिल्डरों का कहना है कि इसकी भरपाई वे फ्लैट की कीमतों में इजाफा कर करेंगे। आम्रपाली ग्रुप के चेयरमैन अनिल शर्मा का कहना है कि क्रेडाई के माध्यम से सभी बिल्डरों ने यह तय किया है कि वर्तमान निवेशकों को उसी कीमत पर फ्लैट दिया जाएगा। जो अतिरिक्त भार बिल्डरों पर पड़ेगा, इसकी भरपाई वे भविष्य में बुक होने वाले फ्लैटों से करेंगे

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  • सबकी नजर, आज की सुनवाई पर


    जमीन अधिग्रहण के विरोध में दायर किसानों की याचिका पर आज इलाहाबाद हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। अथॉरिटी के सीनियर अफसर इलाहाबाद रवाना हो गए हैं। दूसरी ओर, पतवाड़ी के किसानों से समझौते का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। अथॉरिटी अफसरों के मुताबिक, मंगलवार तक 70 फीसदी किसानों से समझौता हो गया। किसानों से समझौते का सिलसिला मंगलवार देर रात तक चला। इलाहाबाद हाई कोर्ट में आज 22 गांवांे के किसानों की याचिका पर सुनवाई होनी है। अथॉरिटी अफसरों ने बताया कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पतवाड़ी के किसानों से समझौता कर कोर्ट को 12 अगस्त तक अवगत कराने के आदेश दिए थे। गांव के करीब 750 खातेदारों से समझौता हो गया है जबकि 350 खातेदारों से समझौता नहीं हो पाया है। आज याचिका पर सुनवाई के दौरान लॉ डिपार्टमेंट के साथ अथॉरिटी के सीनियर अफसर भी मौजूद रहेंगे।

    उधर, हाई कोर्ट के निर्णय को लेकर दिन भर अथॉरिटी में अटकलों का बाजार गर्म रहा। अथॉरिटी अफसरों का कहना है कि एक गांव की दो अलग-अलग रिट में दो तरह के निर्णय आए हैं। एक रिट में अधिग्रहण निरस्त कर दिया गया है जबकि दूसरी रिट में अधिग्रहण निरस्त न कर समझौते के लिए वक्त दिया गया है। ऐसे में कोर्ट के लिए कोई फैसला लेना कठिन होगा। दूसरी ओर कुछ अधिकारियों का कहना है कि समझौते के बाद निश्चित रूप से कोई ऐसा निर्णय आएगा जिससे अथॉरिटी, निवेशकों और बिल्डरांे को राहत मिल जाएगी।


    -navbharat times
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