पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
Read more
Reply
16355 Replies
Sort by :Filter by :
  • Congrats Bro
    CommentQuote
  • Good job fritolay_ps bhai :) , we looking count keep incrementing .....
    CommentQuote
  • NCRPRB meeting to be held on 27th and these are the participents/members...

    Members of NCR Planning Board:
    The 21 members of the re-constituted Board and the 10 Co-opted members are as follows :
    1. Union Minister for Urban Development Chairman
    ... 2. Minister for Power, Government of India Member
    3. Minister for Communications & IT, Government of India Member
    4. Minister for Railways, Government of India Member
    5. Minister for Roads & Highways, Government of India Member
    6. Chief Minister, Haryana Member
    7. Chief Minister of NCT- Delhi Member
    8. Chief Minister, Rajasthan Member
    9. Chief Minister, Uttar Pradesh Member
    10. Minister of State for Urban Development, Government of India Member
    11. Lieutenant Governor, National Capital Territory - Delhi Member
    12. Minister of Town & Country Planning, Government of Haryana Member
    13. Minister of Urban Development, Government of Rajasthan Member
    14. Minister, Urban Development, Government of Uttar Pradesh Member
    15. Secretary, Ministry of Urban Development, Government of India Member
    16. Chief Secretary, Government of Haryana Member
    17. Chief Secretary, Government of Rajasthan Member
    18. Chief Secretary, Government of National Capital Territory - Delhi Member
    19. Chief Secretary, Government of Uttar Pradesh Member
    20. Chief Planner, Town & Country Planning Organisation, Govt. of India Member
    21. Member Secretary, National Capital Region Planning Board Member Secretary
    Co-opted Members :
    1. Chief Minister, Madhya Pradesh
    2. Secretary, Ministry of Commerce & Industry, Department of Industrial Policy & Promotion, Government of India
    3. Secretary, Department of Expenditure, Min. of Finance, Government of India
    4. Secretary, Department of Power, Government of India
    5. Secretary, Min. of Roads & Highways, Government of India
    6. Chairman, Railway Board, Government of India
    7. Secretary, Department of Urban Development & Housing, Govt. of Punjab
    8. Secretary, Department of Urban Development & Housing, Govt. of Madhya Pradesh
    9. Principal Advisor (HUD), Planning Commission, Government of India
    10. Vice Chairman, Delhi Development Authority.

    -NEOMA team
    CommentQuote
  • Originally Posted by fritolay_ps
    NCRPRB meeting to be held on 27th and these are the participents/members...

    Members of NCR Planning Board:
    The 21 members of the re-constituted Board and the 10 Co-opted members are as follows :
    1. Union Minister for Urban Development Chairman
    ... 2. Minister for Power, Government of India Member
    3. Minister for Communications & IT, Government of India Member
    4. Minister for Railways, Government of India Member
    5. Minister for Roads & Highways, Government of India Member
    6. Chief Minister, Haryana Member
    7. Chief Minister of NCT- Delhi Member
    8. Chief Minister, Rajasthan Member
    9. Chief Minister, Uttar Pradesh Member
    10. Minister of State for Urban Development, Government of India Member
    11. Lieutenant Governor, National Capital Territory - Delhi Member
    12. Minister of Town & Country Planning, Government of Haryana Member
    13. Minister of Urban Development, Government of Rajasthan Member
    14. Minister, Urban Development, Government of Uttar Pradesh Member
    15. Secretary, Ministry of Urban Development, Government of India Member
    16. Chief Secretary, Government of Haryana Member
    17. Chief Secretary, Government of Rajasthan Member
    18. Chief Secretary, Government of National Capital Territory - Delhi Member
    19. Chief Secretary, Government of Uttar Pradesh Member
    20. Chief Planner, Town & Country Planning Organisation, Govt. of India Member
    21. Member Secretary, National Capital Region Planning Board Member Secretary
    Co-opted Members :
    1. Chief Minister, Madhya Pradesh
    2. Secretary, Ministry of Commerce & Industry, Department of Industrial Policy & Promotion, Government of India
    3. Secretary, Department of Expenditure, Min. of Finance, Government of India
    4. Secretary, Department of Power, Government of India
    5. Secretary, Min. of Roads & Highways, Government of India
    6. Chairman, Railway Board, Government of India
    7. Secretary, Department of Urban Development & Housing, Govt. of Punjab
    8. Secretary, Department of Urban Development & Housing, Govt. of Madhya Pradesh
    9. Principal Advisor (HUD), Planning Commission, Government of India
    10. Vice Chairman, Delhi Development Authority.

    -NEOMA team

    great .. so another price hike in noida extn tomorrow due to this news !! :P
    CommentQuote
  • नहीं हुई किसानों व अथॉरिटी की बातचीत


    सेक्टर- 68॥ ट्रांसपोर्ट नगर में काम बंद कराने के बाद धरने पर बैठे किसानों से शनिवार को अथॉरिटी अधिकारी वार्ता करने पहुंचे। हालांकि आंदोलन की अगुवाई करने वाले गांव के कुछ किसानों के शहर से बाहर होने के कारण बातचीत नहीं हो सकी। अब दोनों पक्षों की मीटिंग सोमवार को होगी। अथॉरिटी सचिव हरीश चंद्रा ने बताया कि गांव के 5 पर्सेंट प्लॉटों की सूची फाइनल की जा रही है, जबकि अथॉरिटी की तरफ से बहलोलपुर के ग्रामवासियों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं दिया जाएगा। बगैर अधिग्रहीत हुई जमीन पर रोड बनाने के मामले की जांच कर लैंड डिपार्टमेंट से रिपोर्ट मांगी जाएगी।

    बता दें कि बहलोलपुर समेत गढ़ी, चोटपुर और छिजारसी के किसानों ने गत शुक्रवार को पंचायत कर सेक्टर-68 में बन रहे ट्रांसपोर्ट नगर का काम रोक दिया था। किसान 5 पर्सेंट के प्लॉट, 64.7 पर्सेंट बढ़ा मुआवजा, ग्राम विकास योजनाएं और बगैर अधिग्रहीत जमीन पर निर्माण रोकने की मांग कर रहे हैं। बहलोलपुर के बीडीसी सदस्य राम निवास ने बताया कि बढे़ हुए मुआवजे की मांग को लेकर हाई कोर्ट में गांव की तरफ से याचिका दायर है। साथ ही सड़क बनाने के लिए ली गई जमीन के बराबर कहीं और जमीन मिलने पर ही निर्माण शुरू होने दिया जाएगा।

    चौथे दिन भी बंद रहा काम
    छपरौली बांगर के किसानों के विरोध के चलते सेक्टर-168 में थ्री सी बिल्डर साइट का काम चौथे दिन शनिवार को भी रुका रहा। इस मामले पर किसानों ने हाई कोर्ट में स्टे की अवमानना का केस दायर करने की तैयारी कर ली है। हालांकि अथॉरिटी की तरफ से मंगलवार तक इस मामले का समाधान किए जाने की संभावना जताई गई है। किसान जुगल मुखिया ने बताया कि अथॉरिटी के प्रशासनिक अधिकारी ने मंगलवार तक इस मामले पर किसानों से बातचीत कर समाधान का आश्वासन दिया है। समाधान नहीं होने पर गांव के किसानों की तरफ से हाई कोर्ट में अवमानना की याचिका दायर की जाएगी। किसानों के अनुसार गांव की बगैर अधिग्रहीत जमीन पर भी बिल्डर ने कोर्ट स्टे के बावजूद फ्लैट बना दिए हैं।


    -NB times
    CommentQuote
  • एक्सप्रेस-वे के पास रोका बिल्डर का काम


    नोएडा : बिल्डर व प्राधिकरण द्वारा किए गए वादों के पूरा न होने पर रविवार को नंगली बाजीतपुर के ग्रामीणों ने एक्सप्रेस-वे के पास बिल्डर का काम रोक दिया। स्थिति यह रही कि युवा काम कर रही क्रेन पर चढ़ गए। काम बंद कराने में काफी संख्या में बुजुर्ग भी साथ रहे। ग्रामीणों के विरोध के चलते कई घंटे काम बंद रहा। विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने चेतावनी दी कि एक हफ्ते में उनकी मांगें नहीं मानी गई तो ग्रामीण व किसान बिल्डर का काम नहीं चलने देंगे।

    भीड़ का नेतृत्व कर रहे मनोज चौहान ने बताया कि गांव के लगभग सौ वर्ष पुराने रास्ते पर स्टे होने के बाद भी बिल्डर ने रास्ते को बंद कर दिया है। दो सप्ताह पहले अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि किसानों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। किसानों के हक में अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। इसके विरोध में रविवार को किसानों ने सांकेतिक बंद कराया। किसानों ने चेतावनी दी है कि एक हफ्ते में उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे बिल्डर का काम नहीं चलने देंगे। किसान अब बिल्डर के खिलाफ कोर्ट में जाने का मन बना रहे हैं। किसानों का कहना है कि एक सप्ताह में मांग पूरी न होने पर कोर्ट में वकील के माध्यम से वाद दायर कराया जाएगा। किसानों की मांग है कि गांव के पेरीफेरल 18 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाए। प्रभावित किसानों के बच्चों को शिक्षा व रोजगार में आरक्षण दिया जाए। गांव के चारों ओर चार फुट से अधिक ऊंची चारदीवारी न बनाई जाए। ग्रामीणों के क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत कराई जाए।

    -dainik jagran
    CommentQuote
  • किसानों ने दी चेतावनी


    सेक्टर- 133 : एसपी नेता मनोज चौहान के नेतृत्व में रविवार को नगली नगला और वजीदपुर गांव के किसानों ने सेक्टर-133 स्थित जेपी प्रोजेक्ट के काम पर वादाखिलाफी के चलते नारेबाजी की। किसानों ने एक सप्ताह के भीतर सभी मांगे नहीं मांगे जाने पर काम रुकवाने की चेतावनी दी। चौहान ने बताया कि दो सप्ताह पहले जेपी ग्रुप के अधिकारियों ने प्रभावित गांवों की समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया था लेकिन स्थिति जस की तस है।
    -NB times
    CommentQuote
  • हाईटेक सिटी का एक बार फिर रुका काम


    दादरी

    दुजाना गांव में रविवार सुबह दादरी एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह व सीओ उदयवीर सिंह खोखर हाईटेक सिटी की जमीन पर बिल्डर को कब्जा दिलाने पहुंचे तो उन्हें किसानों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने खेतांे में पहुंचकर हाईटेक सिटी की जेसीबी मशीनें बंद करा दी। किसानों पर काबू पाने के लिए पुलिस उन्हें बादलपुर थाने ले गई, जहां एसडीएम से वार्ता के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। किसानों ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक बिल्डर का काम नहीं होने दिया जाएगा।

    किसानों का कहना है कि पिछले 4 वर्षों से वे अपनी मांगोे को लेकर हाईटेक सिटी के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। अगर प्रदेश सरकार ने जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया तो इस बार के विधानसभा चुनावों में राज्य सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है

    -NB times
    CommentQuote
  • रास्ते के नाम पर किसानों ने रोका काम

    बिल्डर ने रविवार से शुरू किया था निर्माण कार्य,
    किसानों ने कोर्ट से स्टे होने की बात कही

    नोएडा। गांव की सड़क पर निर्माण शुरू कराने के विरोध में नंगली वाजिदपुर के किसानों ने सेक्टर 135 में एक बिल्डर का निर्माण कार्य रुकवा दिया। इन किसानों ने कंपनी पर कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप लगाया है।

    आंदोलन की अगुवाई कर रहे सुखपाल चौहान ने बताया कि यह गांव से एक्सप्रेस-वे तक जाने का रास्ता है। पुराने कागजों में भी रास्ता ही दर्ज है। लेकिन बिल्डर इसे अपने कब्जे में लेने के लिए निर्माण करा रहा है। रविवार को जैसे ही कंपनी ने दोबारा काम शुरू किया, ग्रामीण एकजुट होकर मौके पर पहुंच गए और काम रुकवा दिया। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी बिल्डर ने रास्ते पर निर्माण कराने की सोची थी, उस समय भी विरोध किया गया था। इसके बाद कोर्ट से स्थगनादेश भी ले चुके हैं। मगर कंपनी के लोग जिला कोर्ट के इस आदेश की अनदेखी कर काम कराने की जुगत में है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर बिल्डर ने फिर से काम शुरू किया तो उग्र विरोध किया जाएगा। किसानों ने शाम तक काम नहीं होने दिया।

    -amar ujala
    CommentQuote
  • ‘कोर्ट का आदेश प्रभावित नहीं होगा’

    ग्रेटर नोएडा। इन दिनों प्राधिकरण क्षेत्र के किसान असमंजस में हैं। कोर्ट का आदेश लागू रहेगा या नहीं, इसी उधेड़बुन में करीब 10 हजार किसान हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में किसानों की लड़ाई लड़ने वाले वकील पंकज दुबे का स्पष्ट कहना है कि चुनावी आचार संहिता से कोर्ट का आदेश प्रभावित नहीं हो सकता। क्योंकि यह प्रक्रिया तो दो माह पहले से ही चल रही है। हां, इतना जरूर हो सकता है कि प्राधिकरण इस सिलसिले में चुनाव आयोग से बात कर ले।

    ज्ञात रहे कि 21 अक्तूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 64 गांवों की 491 याचिकाओं का निस्तारण करते हुए किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और 10 फीसदी जमीन देने का आदेश दिया था। प्राधिकरण ने कोर्ट के आदेश का पालन भी शुरू कर दिया और कई गांवों के किसानों को मुआवजा बांटा जा चुका है। एक सप्ताह पहले प्राधिकरण ने मुआवजा बांटने के लिए 350 करोड़ विभिन्न गांवों के लिए जारी भी कर दिए।

    शनिवार को प्रदेश का चुनाव कार्यक्रम घोषित हो गया। पिछले दो दिन से किसान परेशान हैं कि अब पता नहीं क्या होगा। जबकि वकील पंकज दुबे का कहना है कि कोर्ट के आदेश को रोकने का काम आयोग नहीं कर सकता है। चूंकि यह प्रक्रिया काफी दिन से चल रही है, लिहाजा मुआवजा और जमीन देने में प्राधिकरण को कोई दिक्कत नहीं हैं। उन्होंने यह जरूर माना कि अधिकारी आचार संहिता का बहाना बनाकर लंबा जरूर खींच सकते हैं।

    दिक्कत तो और भी आएगी
    प्राधिकरण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में 21 अक्तूबर को हुए फैसले में संशोधन करने के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल कर रखी है। जिसमें अनुरोध किया गया है कि मास्टर प्लान 2021 की मंजूरी न होने के चलते विकास कार्य रोकने का आदेश है, उसे बहाल कर दिया जाए। साथ ही गैरपुश्तैनी किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले जमीन देने का प्रावधान नहीं है, लिहाजा प्राधिकरण की बात को सुना जाए। संभावना है कि जनवरी में पुनर्विचार याचिका की सुनवाई हो सकती है। उस दौरान कोर्ट प्रदेश में लगी आचार संहिता का भी संदर्भ ले सकता है।

    -Amar ujala
    CommentQuote
  • बिल्डर के दफ्तर का निर्माण शुरू करने से किसान नाराज

    ग्रेटर नोएडा। पुलिस बल के साथ दुजाना गांव के समीप बिल्डर के दफ्तर का निर्माण कार्य शुरू करने से नाराज सैकड़ों किसान रविवार को मौके पर पहुंच गए। किसान निर्माण कार्य बंद कराकर धरने पर बैठ गए। प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता विफल रही। किसानों ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, किसी भी हालत में बिल्डर का काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

    रविवार को इंटर कालेज में हाईटेक सिटी प्रतिरोध आंदोलन के नेतृत्व में किसान पंचायत कर रहे थे। सहसंयोजक डॉ. जितेंद्र नागर ने कहा कि किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन की मदद से बिल्डर का काम शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन स्वयं ही आक्रोश पैदा कर रहा है। पंचायत के दौरान ही किसानों को सूचना मिली की बिल्डर ने दफ्तर का निर्माण शुरू करा दिया है। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। बिल्डर का दफ्तर का निर्माण शुरू होने की सूचना मिलने पर सैकड़ों की संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। किसानों ने निर्माण रुकवा दिया। किसान और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। किसानों के मौके पर ही धरने पर बैठने पर काम बंद कराने का आश्वासन दिया गया।

    नोएडा। बहलोलपुर और चोटपुर के किसान खुद की समिति बनाएंगे। इसमें किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा।

    रविवार को बहलोलपुर के स्कूल में आयोजित पंचायत में दोनों गांवों के किसानों ने यह निर्णय किया है। 21 सदस्यों की समिति बनाकर मेरठ पंजीकरण के लिए आज जा सकते हैं। पंचायत में शामिल भूले प्रधान का कहना है कि इस समिति में बीजेपी, सपा, कांग्रेस या किसी अन्य दल का कोई नेता शामिल नहीं होगा। यह सिर्फ किसानों की समिति होगी। उन्होंने बताया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद किसान ट्रांसपोर्ट नगर और एफएनजी मार्ग का काम आगे भी नहीं होने देंगे। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं कर दी जातीं। मालूम हो, कि दस फीसदी आवासीय प्लॉट, बढ़ा हुआ मुआवजा (64.7 फीसदी), गांव की एलएमसी जमीन पर पार्क व स्कूल खोलने, गांव केलिए श्मशान घाट और गांव का विकास कराने की मांग कर रहे हैं।

    कोर्ट के आदेश को रोकने का काम आयोग नहीं कर सकता है। चूंकि यह प्रक्रिया काफी दिन से चल रही है, लिहाजा मुआवजा और जमीन देने में प्राधिकरण को कोई दिक्कत नहीं हैं। - पंकज दुबे,
    किसानों के वकील



    -amar ujala
    CommentQuote
  • शीर्ष न्यायालय पहुंचे किसान

    शीर्ष न्यायालय पहुंचे किसान
    रामवीर सिंह गुर्जर / नई दिल्ली December 26, 2011

    जमीन अधिग्रहण मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय को सोरखा गांव (नोएडा) के किसानों ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। किसानों के वकील ने पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर दी है, जिस पर सुनवाई होनी बाकी है। अक्टूबर में उच्च न्यायालय ने किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और 5 फीसदी बजाय 10 फीसदी विकसित भूमि देने का निर्णय दिया था, लेकिन नोएडा प्राधिकरण अभी तक इस निर्णय को लागू नहीं कर पाया है।
    किसानों के वकील एसआर सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए एसएलपी दाखिल कर दी गई है, हालांकि इसे अभी मंजूरी मिलना बाकी है। बकौल सिंह अगले माह के पहले सप्ताह में इसे मंजूरी मिलने की संभावना है। एसएलपी में सोरखा गांव के कई किसानों के नाम शामिल है। सोरखा किसान संघर्ष समिति के संयोजक व ग्राम प्रधान नरेश यादव ने बताया कि कि उच्च न्यायालय के निर्णय को प्राधिकरण अब तक लागू नहीं कर पाया है। किसानों ने इसके लिए कई बार आंदोलन भी किया है, पर हर बार प्राधिकरण आश्वासन देकर उन्हे बहलाता रहा है। अब किसान प्राधिकरण के झांसे में नही आने वाले हैं।
    सोरखा गांव के किसान इस माह बिल्डरों का काम भी रोक चुके है।

    - business-standard
    CommentQuote
  • Originally Posted by harpreetsg_delhi
    शीर्ष न्यायालय पहुंचे किसान
    रामवीर सिंह गुर्जर / नई दिल्ली December 26, 2011

    जमीन अधिग्रहण मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय को सोरखा गांव (नोएडा) के किसानों ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। किसानों के वकील ने पिछले सप्ताह उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर दी है, जिस पर सुनवाई होनी बाकी है। अक्टूबर में उच्च न्यायालय ने किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा और 5 फीसदी बजाय 10 फीसदी विकसित भूमि देने का निर्णय दिया था, लेकिन नोएडा प्राधिकरण अभी तक इस निर्णय को लागू नहीं कर पाया है।
    किसानों के वकील एसआर सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए एसएलपी दाखिल कर दी गई है, हालांकि इसे अभी मंजूरी मिलना बाकी है। बकौल सिंह अगले माह के पहले सप्ताह में इसे मंजूरी मिलने की संभावना है। एसएलपी में सोरखा गांव के कई किसानों के नाम शामिल है। सोरखा किसान संघर्ष समिति के संयोजक व ग्राम प्रधान नरेश यादव ने बताया कि कि उच्च न्यायालय के निर्णय को प्राधिकरण अब तक लागू नहीं कर पाया है। किसानों ने इसके लिए कई बार आंदोलन भी किया है, पर हर बार प्राधिकरण आश्वासन देकर उन्हे बहलाता रहा है। अब किसान प्राधिकरण के झांसे में नही आने वाले हैं।
    सोरखा गांव के किसान इस माह बिल्डरों का काम भी रोक चुके है।

    - business-standard

    Fcuk Man......

    I am sick of hearing the same sort of Hindi news all the time in this thread which is meant to have only good news.

    Plz No such news in 2012.
    Thanks
    CommentQuote
  • विकास कार्य नहीं रोक सकेंगे किसान

    नोएडा। बढ़े हुए मुआवजे और विकसित जमीन की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन करके विकास कार्यों को किसान रोक नहीं सकेंगे। ट्रांसपोर्ट नगर के संबंध में प्राधिकरण ने एसपी सिटी से वार्ता करके आचार संहिता का हवाला दिया, जिसके बाद थाना-58 पुलिस ने मौका का निरीक्षण किया। यहां पर काम रुकवाने की सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। वहीं, दूसरी तरफ रविवार को सेक्टर-128 के कार्यों को रोकने वाले किसानों से प्राधिकरण ने कहा कि संपर्क मार्ग के लिए जेपी के अफसरों से वार्ता की जाएगी। साथ ही बीस दिसंबर को हुए समझौते पर लिखित जानकारी भी मिलेगी। इसके अलावा बरौला में चल रहा धरना भी आचार संहिता के कारण स्थगित कर दिया गया।
    सोमवार को बहलोलपुर, चोटपुर और गढ़ी चौखंडी के किसानों द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर का काम रुकवाने की सूचना प्राधिकरण कार्यालय पहुंची। इसके बाद नोएडा के सचिव हरीश चंद्रा ने साफ कर दिया कि कोर्ट ने जिन गांवों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने की बात कही है सिर्फ उनके लिए कार्रवाई जारी है। आचार संहिता लागू होने के कारण अब अफसर किसानों से मुलाकात करके आश्वासन नहीं दे सकते। बहलोलपुर, चोटपुर और गढ़ी चौखंडी के किसान कोर्ट नहीं गए इसलिए यहां पर कोई लाभ नहीं दिया जा सकता। यहां के किसानों को चुनाव के बाद लाभ दिया जाएगा। वहीं, सरकारी काम में बाधा पहुंचने वालों के लिए एसपी सिटी से वार्ता की गई और थाना-58 के थानाध्यक्ष को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए। थानाध्यक्ष बलजीत सिंह ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कोई भी किसान नहीं मिला। अगर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई गई तो कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ नंगली वाजिदपुर और एक्सप्रेस-वे के किनारे बसे ग्रामीणों ने सीईओ और डीसीईओ से मुलाकात की। रविवार को हुई कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले मनोज सिंह चौहान ने बताया कि प्राधिकरण ने आश्वासन दिया है कि जेपी गु्रप के उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाएगी और संपर्क मार्ग खुलवाया जाएगा।
    आचार संहिता लागू होने के बाद सुनवाई नहीं कर सकते अफसर
    टीपी नगर में काम रुकवाने की सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस
    संपर्क मार्ग के लिए बिल्डर के अफसरों से बात करेगा प्राधिकरण
    -amar ujala
    CommentQuote
  • किसानों को बंटता रहेगा मुआवजा
    ग्रेटर नोएडा। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुआवजा मिलने की प्रक्रिया थमेगी नहीं बल्कि जारी रहेगी। हां, इतना जरूर है कि किसानों की आबादी के मामले रूके रहेंगे। चुनावी आचार संहिता से मुआवजा वितरण में कोई रूकावट नहीं आएगी। आबादी प्रक्रिया चालू होने के लिए होली तक का इंतजार करना होगा।
    प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया शुरू होते ही आचार संहिता का सरकारी योजनाओं पर प्रभाव पड़ता है। अगर कोई योजना पहले से ही चल रही है तो कार्य नहीं रुकेगा लेकिन कोई नई योजना नहीं लाई जा सकती है। इसी तरह किसानों को मुआवजा मिलता रहेगा। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि मुआवजा बांटने में कोई रूकावट नहीं होगी। चूंकि कोर्ट का भी आदेश है, इसलिए मुआवजा बंटता रहेगा।
    चुनाव आयोग ने इस बार चुनावी कार्यक्रम काफी जल्दी में जारी किया है। इसलिए यह किसानों के लिए फायदेमंद भी है। क्योंकि जैसे ही मतों की गणना पूरी हो जाएगी, आचार संहिता समाप्त हो जाएगी। किसानों के आबादी के प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी जाएगी। जिसका किसान इंतजार भी कर रहे हैं।
    आचार संहिता से नहीं पड़ेगा कोई फर्क
    -amar ujala
    CommentQuote