पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • नोएडा Extn.: अब रेट्स की टेंशन


    नोएडा एक्सटेंशन में घर खरीदना और महंगा हो सकता है। बिल्डरों का कहना है यहां एनसीआर प्लानिंग बोर्ड और दूसरी कानूनी औपचारिकताओं के पूरा होते कीमतें 20 से 25 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। सुपरटेक के सीएमडी आर. के. अरोड़ा ने कहा कि एनसीआर प्लैनिंग बोर्ड के साथ पिछली मीटिंग के बाद अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं। अर्थ इंफ्रा के जेएमडी विकास गुप्ता के मुताबिक यहां जो भी मुद्दे हैं, उम्मीदत: अप्रैल में निबटा लिए जाएंगे।

    नोएडा एक्सटेंशन में फिलहाल बुकिंग तो चल रही है, लेकिन अरोड़ा के मुताबिक कस्टमर नोएडा एक्सटेंशन मामले पर अंतिम नतीजे के इंतजार में हैं। इसके बाद बुकिंग तेज हो सकती है। विकास गुप्ता ने भी कहा कि बुकिंग की रफ्तार अभी धीमी है। महागुन इंडिया प्रा. लि. के डायरेक्टर धीरज जैन का भी ऐसा ही मानना है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जब से लोगों ने जमीन विवाद निबटने की खबर सुनी है, घर खरीदने के लिए पूछताछ काफी संख्या में हो रही है। डिवेलपर द्वारा हालात की जानकारी देने के बावजूद अगर कोई इन्वेस्ट करना ही चाहता है, तो उसे मना भी नहीं किया जा रहा। लेकिन बुकिंग सही मायने में सारी औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद तेज होगी। वहीं आम्रपाली के सीएमडी अनिल शर्मा के मुताबिक जो प्रोजेक्ट विवादित इलाकों में नहीं हैं, उनकी बुकिंग फुल स्विंग में है।

    विकास गुप्ता के मुताबिक फिलहाल औसतन 27 सौ रुपए प्रति वर्ग फुट का रेट चल रहा है। लेकिन औपचारिकताएं पूरी होते रेट में 15 से 20 फीसदी का उछाल आना तय है। सेवियर बिल्डर के डायरेक्टर संजय रस्तोगी का भी कहना है कि कीमतें 25 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। पिछले एक साल की बात करें तो कीमतें औसतन 10 से 15 फीसदी पहले ही बढ़ चुकी हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो जिन लोगों ने पहले बुकिंग कराई थी, उनके समय का नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन एप्रिसिएशन के मामले में नेगेटिव सेंटिमेंट के बावजूद ज्यादा घाटा नहीं हुआ है।

    रेट बढ़ने के कई कारण
    नोएडा एक्सटेंशन में पिछले एक साल में कीमतें काफी बढ़ी हैं। जमीन विवाद से पहले तक बुकिंग जहां 2000 से 2200 रुपये प्रति वर्ग फुट के रेट पर हो रही थी, वह अब 25 से 27 तक के रेट पर जा पहुंची है। महागुन के डायरेक्टर धीरज जैन के मुताबिक नोएडा एक्सटेंशन से लगते सेक्टर 74-78 जैसे इलाकों में अभी 5 से 7 हजार रुपये प्रति वर्ग फुट का रेट चल रहा है। इसलिए एक्सटेंशन के रेट पर भी इसका इंपैक्ट होगा और कुछ पॉकेट्स में कीमतें चार हजार रुपये प्रति वर्ग फुट तक भी जा सकती हैं। आम्रपाली के अनिल शर्मा ने भी कीमतों में 500 से 700 रुपये की बढ़ोतरी की बात कही है। उनके मुताबिक रियल एस्टेट पर कच्चे माल की बढ़ी कीमतों का काफी असर पड़ा है। साथ ही इंट्रेस्ट रेट भी बढ़ा है। शर्मा का कहना है कि कीमतों पर डिमांड बढ़ने से फर्क पड़ा है। काफी खरीददार यहां घर खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं।

    अप्रैल में बढ़ेंगे रेट
    कई डिवेलपर्स नवरात्र और मार्च के नाम फिलहाल खरीदारों को एक ओर जहां कई तरह की छूट और गिफ्ट दे रहे हैं, वहीं अप्रैल से रेट रिवाइज होने की बात कह रहे हैं। डिवेलपर्स के मुताबिक नवरात्र के बावजूद पिछले साल की तुलना में इस बार कारोबार थोड़ा फीकी है, लेकिन आम दिनों के तुलना में अभी कारोबार है। पब्लिक भी ऑफर का लाभ उठाने से पीछे नहीं रहना चाह रही।

    शर्मा का कहना है कि नोएडा एक्सटेंशन या ग्रेटर नोएडा जैसे इलाके में अब भी सुनहरा अवसर है और यह इलाका आने वाले समय में किसी भी मेट्रोपॉलिटन सिटी से कमतर नहीं होगा। इस इलाके को अब भी आप अपने ड्रीम होम के आइडियल डेस्टिनेशन के रूप में चुन सकते हैं। इन्वेस्टमेंट के लिहाज से भी यह इलाका बेहतर है। आने वाले बरसों में यहां रियल्टी का ग्राफ ऊपर ही जाएगा। लगातार आ रहे नए-नए प्रॉजेक्ट्स इस बात के प्रमाण हैं।



    -NB times
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  • जनपद में फिर गरमाने लगे हैं किसानों के मुद्दे


    ग्रेटर नोएडा: विधानसभा चुनावों के दौरान ठंडे बस्ते में चले गए किसानों के मुद्दे प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद फिर गरमाने लगे हैं। रविवार को किसानों ने नोएडा एक्सटेंशन में बैठक बुलाई है। इसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। भाकियू भी चार अप्रैल को किसानों की मांगों को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन करेगी। किसान संगठनों का कहना है कि अभी कई मांगें पूरी होना बाकी हैं। सरकार जब तक इन्हें पूरा नहीं करेगी, किसान आंदोलन करते रहेंगे।

    भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष अजयपाल शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में सर्किल रेट से छह गुणा अधिक मुआवजा देने की घोषणा की थी। सरकार को इस पर अमल करते हुए वादा पूरा करना चाहिए। उन्होंने बताया कि चार अप्रैल को भाकियू लखनऊ में महापंचायत कर किसानों के मुद्दों को प्रदेश स्तर पर उठाएगी। जिले से हजारों की संख्या में किसान लखनऊ जाकर अपनी बात रखेंगे। शनिवार को जेवर क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क कर किसानों से लखनऊ चलने का आह्वान किया गया। किसान संघर्ष समिति भी फिर से सक्रिय हो गई है। समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने बताया कि रविवार को एक्सटेंशन के गांवों के किसान पंचायत करेंगे। प्राधिकरण द्वारा बिल्डरों को जमीन दिए जाने का विरोध किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा की स्थापना औद्योगिक विकास के लिए हुई थी। प्राधिकरण को क्षेत्र में उद्योग स्थापित कराने के लिए काम करना चाहिए। बिल्डरों को जमीन दिए जाने का विरोध किया जाएगा। आंदोलन के लिए रविवार की पंचायत में रूपरेखा तैयार की जाएगी। किसान नेता आमोद भाटी का कहना है कि आचार संहिता लागू होने की वजह से कई गांवों में किसानों के आबादी के अनेक मामले लंबित रह गए थे। शीघ्र इनका निस्तारण होना चाहिए, अन्यथा किसान फिर से आंदोलन करेंगे।



    -Dainik jagran
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    जनपद में फिर गरमाने लगे हैं किसानों के मुद्दे


    ग्रेटर नोएडा: विधानसभा चुनावों के दौरान ठंडे बस्ते में चले गए किसानों के मुद्दे प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद फिर गरमाने लगे हैं। रविवार को किसानों ने नोएडा एक्सटेंशन में बैठक बुलाई है। इसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। भाकियू भी चार अप्रैल को किसानों की मांगों को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन करेगी। किसान संगठनों का कहना है कि अभी कई मांगें पूरी होना बाकी हैं। सरकार जब तक इन्हें पूरा नहीं करेगी, किसान आंदोलन करते रहेंगे।

    भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष अजयपाल शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में सर्किल रेट से छह गुणा अधिक मुआवजा देने की घोषणा की थी। सरकार को इस पर अमल करते हुए वादा पूरा करना चाहिए। उन्होंने बताया कि चार अप्रैल को भाकियू लखनऊ में महापंचायत कर किसानों के मुद्दों को प्रदेश स्तर पर उठाएगी। जिले से हजारों की संख्या में किसान लखनऊ जाकर अपनी बात रखेंगे। शनिवार को जेवर क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क कर किसानों से लखनऊ चलने का आह्वान किया गया। किसान संघर्ष समिति भी फिर से सक्रिय हो गई है। समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने बताया कि रविवार को एक्सटेंशन के गांवों के किसान पंचायत करेंगे। प्राधिकरण द्वारा बिल्डरों को जमीन दिए जाने का विरोध किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा की स्थापना औद्योगिक विकास के लिए हुई थी। प्राधिकरण को क्षेत्र में उद्योग स्थापित कराने के लिए काम करना चाहिए। बिल्डरों को जमीन दिए जाने का विरोध किया जाएगा। आंदोलन के लिए रविवार की पंचायत में रूपरेखा तैयार की जाएगी। किसान नेता आमोद भाटी का कहना है कि आचार संहिता लागू होने की वजह से कई गांवों में किसानों के आबादी के अनेक मामले लंबित रह गए थे। शीघ्र इनका निस्तारण होना चाहिए, अन्यथा किसान फिर से आंदोलन करेंगे।



    -Dainik jagran



    प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में सर्किल रेट से छह गुणा अधिक मुआवजा देने की घोषणा की थी। This is not possible at all. When just 50% additional compensation due to HC Decision is non manageable burden to authority... then 500% additional compensation NO WAY !!!! Builders will prefer better to return land to Authority, and Authority to Farmers....
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  • What if the worst case scenerio actually materialises

    Originally Posted by saurabh2011
    प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में सर्किल रेट से छह गुणा अधिक मुआवजा देने की घोषणा की थी। This is not possible at all. When just 50% additional compensation due to HC Decision is non manageable burden to authority... then 500% additional compensation NO WAY !!!! Builders will prefer better to return land to Authority, and Authority to Farmers....



    NOW the question is (assuming, such a worst case scenario actually materializes) whether the builders will return money with interest (as per Supreme Court Directive) or without interest (Bhagte Bhoot ki Langot hi sahi) to those who booked in their project.

    OR,

    In this situation builder will just file for bankrupcy (instead of returning money with interest to investors as directed by supreme court.)

    Pl Note that. many builders in NE have launched projects not under their main company but have floated separate company for their NE Project.....(Even Gaursons)

    Why?..... in case of adverse situation they can simply declare bankrupcy and MOVE ON with their main company. Obviously, builders were aware about the risk in N Ex, so separate company.

    Moreover, in their N Ex company, there is not much own investment. They got land in 10 years EMI, by paying only 10% of down payment of land value, which they have more than recovered from Booking amounts of flat buyers.
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  • Originally Posted by saurabh2011
    प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में सर्किल रेट से छह गुणा अधिक मुआवजा देने की घोषणा की थी। This is not possible at all. When just 50% additional compensation due to HC Decision is non manageable burden to authority... then 500% additional compensation NO WAY !!!! Builders will prefer better to return land to Authority, and Authority to Farmers....


    Politicians can promise anything.......Unke jeb se jaata hai kya.....
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  • I think the problem of Noida extension is never going to resolve... very bad. Due to the mistakes of others end users are suffering, very pathetic. Everything is possible in my India. Only God knows what is in store of Noida extension.......
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  • Rates will increase in Nex. WTF !! first atleast they need to think to come out from the situation then increase the rate. Har aadmi andhere mein lath chala raha hai. Lag gay to thik nahein to koi baat nahin.

    How and why the rate will increase ? Rate badane se hoga bhi kya buyers hein nahin to usnhein kharidega kaun.

    Its something like I have my own flat and I am asking for 20% more that others then Will I really be able to flat in my life NEVER EVER !

    Jameen ke rattae itni jaldi sulajh hi nahein sakte. In villages it doesn't solve until someone die. Here the situation is becoming worse day by day.

    Court cuchari ke chakkar mein phansa hua case aaj tak 3-4 saal se pahle thik hua hai. May more than that. It doesn't have any limit.

    Kabhi koi judge bhaag gaya kisi ka transfer ho gaya....phir naya judge aaya phir se case shurro hua..Phir sarkar badal gayi nayee sarkar aayee..phir se transfer ho gaya...

    Din Pratidin yehi hota rahega...But yes someday it will resolved but god knows when. Eisa to nahein jab tak nothing remain left !
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  • Originally Posted by Comentator
    Bhai logon,

    Kripya agyan ke andhkaar se bahar aayein.

    Jo aap samajh rahe hai aisa nahin hota. Ek saal pahle hame pata tha ki elections ke baad hi extn khulega. Ye court vort kuch nahin hota mere bhai. Ye gandhi ji ka desh hai yahan gandhi ji chalte hain.

    Sab political rassa kashi thi...politically sudhar gayi hai. Aap logo se koi ladai nahin thi...behenji se thi...wo rahi nahin ab kyon pareshan ho? Kyon chinta karte ho vats?

    Kah to diya NE khul raha hai....(khul gaya hai!) Logon ko maal uthane do, builders ko rate bhadane do...tum isi soch vichar main samah vyarth karte rahna. Game jab tak samajh main aayegi, tab tak chidiya haath se furr ho chuki hogi!

    Jo buyer market main abhi nazar nahin aa rahe na...ye desperate ho ke aayenge. Bheed dekhna.

    Ye thread aur ye comment yahin hai. Chinta na karo. 4-6 mahine main wapas review karenge situation. Phir baat karenge.

    Tab tak gaali de lo.

    Yours Truly!


    You are Right that NE ISSUE was political drama for getting political gain to influence FARMERS VOTE, and hence NE should solved now..... BUT other issue is that SC/Congress are now looking 2014 Center Election just 2 years away, MSY has said it clearly BE READY, SP should WIN all 82 Seats in UP, Follow all manifesto promises with in 1 year....

    IF Farmers can dip BSP/BMW to a historical LOSS in UP then it may also be happen with MSY/SP after 2 year if they annoyed Farmers... and same as BSP/BMW time Farmers can start any big movements against SP if they do not favor farmers. In UP still 70% population lives in Villages....

    We should see both faces for any NEW INVESTMENT IN NE.
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  • Friends atkalein mat lagao wait n watch all will become clear soon!
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  • उद्योगों के लिए ही जमीन देंगे किसान
    रोजा के मंदिर में आज होगी बैठक

    ग्रेटर नोएडा। किसान चाहते हैं कि उनकी जमीन ली जाए तो सुनिश्चित किया जाए कि उस पर उद्योग ही लगाए जाएं। अन्यथा वे जमीन नहीं देंगे। इसी सिलसिले में रविवार को रोजा गांव में किसानों की बैठक बुलाई गई है। इसमें नोएडा एक्सटेंशन क्षेत्र के किसान शामिल होंगे। बैठक में किसानों की समस्याओं पर विचार होगा। साथ ही ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अफसरों से वार्ता के लिए प्रतिनिधि चुने जाएंगे।
    किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी का कहना है कि तीन माह इंतजार के बाद भी नोएडा एक्सटेंशन क्षेत्र के किसानों को पूर्ण रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक मुआवजा नहीं मिला है। न ही दस फीसदी जमीन दी गई है। काफी संख्या में आबादी के मामले ज्यों के त्यों पड़े हैं।

    उन्होंने बताया कि शनिवार को बिसरख, पतवाड़ी, हैबतपुर, ऐमनाबाद, रोजा याकूबपुर और इटैड़ा आदि गांवों के दौरे में किसानों ने कहा कि प्राधिकरण ने उनसे जमीन उद्योग लगाने के लिए ली थी, लेकिन बाद में इसे बिल्डरों को दे दिया। एक्सटेंशन क्षेत्र में उद्योग लगते तो क्षेत्र का विकास होता और किसानों के बच्चों को रोजगार भी मिलता। रविवार को रोजा के मंदिर में होने वाली बैठक में किसान प्राधिकरण अफसरों से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल चुनेंगे।
    अब तक नहीं हो पाया है हाईकोर्ट के आदेश पर अमल
    प्राधिकरण अफसरों से मिलने के लिए प्रतिनिधि चुने जाएंगे

    -Amar Ujala
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  • Originally Posted by Comentator
    Bhai logon,

    Kripya agyan ke andhkaar se bahar aayein.

    Jo aap samajh rahe hai aisa nahin hota. Ek saal pahle hame pata tha ki elections ke baad hi extn khulega. Ye court vort kuch nahin hota mere bhai. Ye gandhi ji ka desh hai yahan gandhi ji chalte hain.

    Sab political rassa kashi thi...politically sudhar gayi hai. Aap logo se koi ladai nahin thi...behenji se thi...wo rahi nahin ab kyon pareshan ho? Kyon chinta karte ho vats?

    Kah to diya NE khul raha hai....(khul gaya hai!) Logon ko maal uthane do, builders ko rate bhadane do...tum isi soch vichar main samah vyarth karte rahna. Game jab tak samajh main aayegi, tab tak chidiya haath se furr ho chuki hogi!

    Jo buyer market main abhi nazar nahin aa rahe na...ye desperate ho ke aayenge. Bheed dekhna.

    Ye thread aur ye comment yahin hai. Chinta na karo. 4-6 mahine main wapas review karenge situation. Phir baat karenge.

    Tab tak gaali de lo.

    Yours Truly!


    saara gyan aapke paas hi to hai jabhi NE mein flat kharid liya :bab (59): 'Kauoa hala hansh ki chaal'.

    Game samjhte samjhte kahein GAME hi naa baj jaaye. So be cautious !

    Yaar tum log hamesh rate ki baat hi kyon karte ho ? Ghar lene ki to baat karte nahin. Pahle nikalane ki baat karo. RAte to 100000 rs per sqft kar lo ghar ki kheti hai usse kya issue solve ho jaayega.

    First let the issue solve out then we will talk. Oh sorry !! me next generation will join IREF and will talk Tab tak enjoy !!

    Isliye saayad yeh haal hein.

    Bhai sab yahein hein aur kisiko kuch proof karne ki jarrorat nahein hai. Now see the situation in NEX whatever be the issue whether it is politicise or so. Jahan Court ka naam judta hai woh aaj tak kabhi mahinon mein solve hua hai :) Crazy Jamin ka viavad bahut bhayanak hota hai

    Rahi baat rates ki to haan 5 years ke baad badenge aur possession 10 saal ke baad jab tak 2nd genration aa jaayegi. jab tak

    "Mauj lo aur roz lo naehin mile to khauj lo"
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    Bhai logon,

    Kripya agyan ke andhkaar se bahar aayein.

    Jo aap samajh rahe hai aisa nahin hota. Ek saal pahle hame pata tha ki elections ke baad hi extn khulega. Ye court vort kuch nahin hota mere bhai. Ye gandhi ji ka desh hai yahan gandhi ji chalte hain.

    Sab political rassa kashi thi...politically sudhar gayi hai. Aap logo se koi ladai nahin thi...behenji se thi...wo rahi nahin ab kyon pareshan ho? Kyon chinta karte ho vats?

    Kah to diya NE khul raha hai....(khul gaya hai!) Logon ko maal uthane do, builders ko rate bhadane do...tum isi soch vichar main samah vyarth karte rahna. Game jab tak samajh main aayegi, tab tak chidiya haath se furr ho chuki hogi!

    Jo buyer market main abhi nazar nahin aa rahe na...ye desperate ho ke aayenge. Bheed dekhna.

    Ye thread aur ye comment yahin hai. Chinta na karo. 4-6 mahine main wapas review karenge situation. Phir baat karenge.

    Tab tak gaali de lo.

    Yours Truly!


    Bhai, I too firmly believe the same.

    During the height of NE drama last year, I told people to wait just 6 months after the election and I have no indication to change that statement.

    Why most of the people fail to see the "game of money"?????
    ... mudda shudaa kuch nehin, sab Gandhi ji ke peeche hain. It is sad but even the so called samaj sudharnewale bhi just running after money or publicity.
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  • Brokers are back near Goal Chakkar....

    Guys yesterday I have visited Noida Extension with my 4 friends and seen that brokers dukkans have back and selling started in full swing. I have seen so many investers or buyers those were visiting the sites...so many cars..and shoked to see the roads of that area where devider is more broad than most of the NCR roads with lot of greenry. 3 out of 4 frnds have booked a flat yesterday and now I am planing to book myself also coz looks like it is gonna clear very soon and than rate will shoot up. I wanna take some risk and book a flat this time as I am getting good deal......My frnds got the good deal with good discount which i think will not be available after issue will resolve.
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  • which project? what rate?
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  • Originally Posted by Ankit01
    Guys yesterday I have visited Noida Extension with my 4 friends and seen that brokers dukkans have back and selling started in full swing. I have seen so many investers or buyers those were visiting the sites...so many cars..and shoked to see the roads of that area where devider is more broad than most of the NCR roads with lot of greenry. 3 out of 4 frnds have booked a flat yesterday and now I am planing to book myself also coz looks like it is gonna clear very soon and than rate will shoot up. I wanna take some risk and book a flat this time as I am getting good deal......My frnds got the good deal with good discount which i think will not be available after issue will resolve.


    According to your post it seems, either you are kidding or making April fools to everyone on IREf forum.

    Are you broker ?
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