पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
Read more
Reply
16356 Replies
Sort by :Filter by :
  • मुआवजा न मिला तो बंद कराएंगे काम


    ग्रेटर नोएडा : तुस्याना गांव के किसानों ने रविवार को पंचायत कर प्राधिकरण पर मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। गांव के कुछ ही किसानों को ही मुआवजा मिला है। किसान प्राधिकरण के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मुआवजे के चेक नहीं दिए जा रहे हैं। निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह में किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो गांव की जमीन पर बिल्डरों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को बंद कराया जाएगा। मंगलवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल चेयरमैन व सीईओ रमा रमण से भी मिलेगा।

    पूर्व प्रधान रवि भाटी ने पंचायत में लिए गए निर्णय की जानकारी दी कि कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद गांव की जमीन पर बिल्डरों ने निर्माण कार्य बंद नहीं कराया है। हाईकोर्ट ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान 2021 स्वीकृत होने तक निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। प्राधिकरण द्वारा इसका पालन नहीं कराया जा रहा है। गांव की जमीन पर बिल्डर परियोजनाओं में निर्माण कार्य पहले की तरह बदस्तूर जारी है। किसानों को अब तक मुआवजा भी नहीं दिया गया है। कुछ ही किसानों को चेक मिले हैं। प्राधिकरण धनराशि नहीं होने का बहाना बनाकर किसानों को लौटा देता है। पंचायत में फैसला किया गया कि जब तक सभी किसानों को मुआवजे के चेक नहीं मिल जाएंगे, तब तक गांव की जमीन पर बिल्डर परियोजनाओं में निर्माण कार्य भी नहीं होने दिया जाएगा। निर्माण बंद कराने से पहले किसान मंगलवार को चेयरमैन से मिलेंगे।

    -Dainik Jagran
    CommentQuote
  • Authority to take over Gram Sabha land


    NOIDA: The Greater Noida Authority has begun the process of 'resumption' of Gram Sabha lands in villages under its jurisdiction following reports that large-scale illegal occupation of such land has been in progress in the region.

    The Authority, which would acquire these lands for planned development of the Greater Noida region, has written to the district administration to begin the process of resumption in order to ensure that illegal encroachment is prevented.

    "Lands belonging to the Gram Sabha are public lands and any kind of encroachment on it is illegal," said Rama Raman, CEO of Greater Noida Authority. "Such land can be used only for the purpose for which it is marked. Illegal plot cuttings and encroachments have been noticed on several such tracts of land in various villages of Greater Noida. Hence, we have begun the process of 'resumption' of such land," said Raman.

    The process of resumption would mean that the public land, which is already under the possession of the government, would be acquired by the Authority as a safety measure to prevent illegal occupation.

    "The Greater Noida Authority will have to pay in lieu of this land to the revenue department in accordance with the prevailing circle rates," said DM of Gautam Budh Nagar, Dr MKS Sundaram. "The SDM of the tehsil, under whose jurisdiction the Gram Sabha land falls, would prepare a report and it will be sent to the state government," said Dr Sundaram.

    Despite the Greater Noida Authority launching drives periodically to prevent illegal occupation, officials say that illegal plot cutting is rampant, particularly in villages of Shahberi and Chipiyana Bujurg of Greater Noida. In the recent past, Greater Noida Authority had cracked down on offenders engaged in such land dealings following instances of encroachments on Gram Sabha land in Shahberi.

    "Often, such occupants claim ownership of the illegally occupied land under the plea that they have 'owned' it for a long time or huge costs have been incurred on construction activities on the land," said an official of the district administration. "Such illegal occupation hampers progress of developmental work and leads to haphazard development. Pressures build up on existing sewer lines and difficulties are faced in laying water and sewer networks in the planned development of the city," added the official.

    Illegal plot cuttings and encroachments have been noticed on several such tracts of land in various villages.

    TOI
    CommentQuote
  • एक्सटेंशन विवाद सुलझने पर ही मिलेंगे विकल्प
    बढ़ती मांग के चलते ग्रेनो में बढ़ी मकानों की कीमत

    ग्रेटर नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन में फंसा पेंच जब तक नहीं निकलेगा तब तक आम आदमी के आशियाने का सपना पूरा नहीं होगा। एक्सटेंशन में अगर अमीर वर्ग ने पैसा निवेश किया तो गरीबों को भी मौका मिला। करीब एक लाख बुक किए जा चुके फ्लैटों में लगभग 45 फीसदी ऐसे लोग हैं जिन्होंने रहने के इरादे से एक-एक पाई जोड़कर पूंजी लगाई। एक्सटेंशन विवाद सुलझते ही एक बार फिर ढेर सारे विकल्प मौजूद होंगे।
    एक्सटेंशन का झटका सभी को लगा

    ठीक एक साल पहले जब नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैटों की बुकिंग शुरू हुई तो मेला लगता था। विशेषकर छुट्टी के दिन का नजारा ही कुछ और होता था। लोगों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा को भुला दिया था। क्योंकि, एक्सटेंशन नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच होने के कारण इसकी बेहतर लोकेशन थी। चूंकि, अब बुकिंग का काम रुका है। इस कारण लोगों का रुख फिर बसे हुए शहरों की ओर मुड़ा है, जिससे प्रॉपर्टी के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है।

    आम आदमी की पहुंच से दूर हो रहा ग्रेनो ः शुरू से यह कहा जाता रहा है कि ग्रेनो रईसों का शहर है। इस कारण आम आदमी ने यहां आने की हिम्मत भी नहीं की। शुरू में जरूर कुछ परिवार आ गए थे, उन्हीं के कारण शहर में थोड़ी बहुत भीड़ भी दिख रही है। छोटे प्लाटों और मकानों की योजनाएं शहर को आबाद करती हैं। यह अधिकारी भी जानते हैं, लेकिन ऐसा कम हुआ और बड़े प्लाट ही ज्यादा दिए गए। नोएडा एक्सटेंशन को छोड़कर ग्रेनो में बिल्डरों ने आम लोगों का ध्यान रखकर प्रोजेक्ट नहीं लांच किए।

    यमुना प्राधिकरण के दरवाजे भी बंद
    दो साल पहले आर्थिक मंदी के दौरान यमुना प्राधिकरण ने एनसीआर में सबसे सस्ती दर पर 4,750 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से 21 हजार प्लाट आवंटित किए थे। उस दौरान प्रॉपर्टी का बाजार खूब उछला और करीब आठ हजार प्लाट बेचे-खरीदे गए। लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद अब खरीद फरोख्त बंद है। इसलिए अब आम आदमी के लिए कोई गुंजाइश नहीं बची है।

    किसानों ने खूब किया निवेश
    ग्रेनो में एक और बदलाव देखा गया है। शहर के आसपास खेत नहीं रहे। ज्यादातर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। पहले किसानों को जब मुआवजा मिलता था तो वे जमीन ही खरीदते थे लेकिन अब जमीन की जगह शहर में प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं। साथ ही बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के इरादे से आसपास के गांवों के किसानों ने ग्रेनो में रहना भी शुरू कर दिया है।

    मुआवजे का पैसा निवेश के लिए प्रयोग कर रहे किसान
    बढ़ती कीमतों से प्रॉपर्टी आम आदमी की पहुंच से दूर
    यमुना प्राधिकरण के प्लाट की सेल बंद होने से भी पड़ा फर्क

    विवाद सुलझे तो लौटे रौनक
    फिलहाल काफी संकट है। उससे निकलने का प्रयास किया जा रहा है। शहर में हर तबके के व्यक्ति के लिए जगह होनी चाहिए, तभी शहर पूर्ण रूप से आबाद होगा। इन सबका रास्ता एक ही है कि एक्सटेंशन का विवाद सुलझ जाए। इससे क्षेत्र में रौनक आ जाएगी।
    -रमा रमन, सीईओ
    ग्रेटर नोएडा

    -Amar Ujala
    CommentQuote
  • जमीन पर कब्जा लेने आए थे, किसानों ने भगा दिया
    ग्रेटर नोेएडा (ब्यूरो)। दुजाना गांव की जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे हाईटेक सिटी के कर्मचारियों को किसानों ने भगा दिया। किसानों ने पंचायत कर किसी भी हालत में कब्जा नहीं देने का ऐलान किया है।
    रविवार को हाईटेक सिटी के कुछ कर्मचारी दुजाना गांव की जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। हाईटेक सिटी के कर्मचारियों के पहुंचने की सूचना मिलने पर गांव के किसान इंटर कालेज में एकत्र हुए। किसानों को संबोधित करते हुए हाईटेक सिटी प्रतिरोध आंदोलन के संयोजक जितेंद्र नागर ने कहा कि दो साल से किसान हाईटेक सिटी का विरोध कर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांगों को अभी पूरी नहीं किया गया है। इसके बाद भी वे किसान की फसल को बर्बाद करते हुए कब्जा लेने पहुंच गए।
    उन्होंने आरोप लगाया कि नाली, चकरोड को तोड़कर गड्ढे बना दिए गए हैं। पंचायत को घनपाल महाशय, ऋषिराज नागर, डा. रूपेश वर्मा, ब्रहम सिंह, सुनील आदि ने संबोधित किया। किसानों ने पंचायत में ऐलान किया कि किसी भी हालत में हाईटेक सिटी को कब्जा नहीं दिया जाएगा। पहले किसानों की मांगों पर विचार करने के बाद उनको पूरा किया जाए। जब तक नीतिगत फैसला नहीं होगा, जमीन नहीं दी जाएगी।
    पंचायत के बाद किसान एकत्र होकर मौके पर पहुंच गए। किसानों को आता देखकर हाईटेक सिटी के कर्मचारी सामान लेकर भाग गए। किसानों का कहना है कि कब्जा लेने का प्रयास का विरोध होगा।
    दुजाना में गए थे हाईटेक सिटी कर्मी
    पंचायत कर कब्जा नहीं देने का ऐलान
    CommentQuote
  • Hi All,

    After Supreme court notice wat new development has taken place. age ki sunwavi kab hai? NCRpb ya high court kahi koi sunvayi hai?

    rgs
    CommentQuote
  • NEFOMA Updates

    Dear members , we are going to organize a Protest for demanding an immediate solution of the Noida Extension issue by NEFOMA on 2nd week of May'12 Jantar Mantar,New Delhi. we need your valuable support in regards, for fighting against Build...ers,NCRPB, Central and UP Govts. for early approval of Master Plan,Flat cancellation letters send by builders. so plz be a part of it along with your family and friends..!! share the post in your wall, friends wall, and the groups you belong. Spread the message and make the event successful.

    Its once again the time to prove that we the Flat Buyers have the unity & extreme power . Its enough friends we tolerated, its the time to DO IT NOW OR NEVER. For more details, queries please register on the below given link.

    www.nefoma.in
    www.blog.nefoma.in
    www.nefoma.org
    www.nefoma..com
    www.nefoma.wordpress.com

    or send your mail to info.nefoma.in , admin@nefoma.org
    CommentQuote
  • Originally Posted by fritolay_ps
    NEFOMA Updates

    Dear members , we are going to organize a Protest for demanding an immediate solution of the Noida Extension issue by NEFOMA on 2nd week of May'12 Jantar Mantar,New Delhi. we need your valuable support in regards, for fighting against Build...ers,NCRPB, Central and UP Govts. for early approval of Master Plan,Flat cancellation letters send by builders. so plz be a part of it along with your family and friends..!! share the post in your wall, friends wall, and the groups you belong. Spread the message and make the event successful.

    Its once again the time to prove that we the Flat Buyers have the unity & extreme power . Its enough friends we tolerated, its the time to DO IT NOW OR NEVER. For more details, queries please register on the below given link.

    www.nefoma.in
    www.blog.nefoma.in
    www.nefoma.org
    www.nefoma..com
    www.nefoma.wordpress.com

    or send your mail to info.nefoma.in , admin@nefoma.org

    batao ab paisa dene ke baad bhi public ko protest karna padta hai apne flat ke liye ... hadd hai ek dum :(
    CommentQuote
  • Originally Posted by fritolay_ps
    मुआवजा न मिला तो बंद कराएंगे काम


    ग्रेटर नोएडा : तुस्याना गांव के किसानों ने रविवार को पंचायत कर प्राधिकरण पर मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। गांव के कुछ ही किसानों को ही मुआवजा मिला है। किसान प्राधिकरण के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन मुआवजे के चेक नहीं दिए जा रहे हैं। निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह में किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो गांव की जमीन पर बिल्डरों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को बंद कराया जाएगा। मंगलवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल चेयरमैन व सीईओ रमा रमण से भी मिलेगा।

    पूर्व प्रधान रवि भाटी ने पंचायत में लिए गए निर्णय की जानकारी दी कि कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद गांव की जमीन पर बिल्डरों ने निर्माण कार्य बंद नहीं कराया है। हाईकोर्ट ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान 2021 स्वीकृत होने तक निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। प्राधिकरण द्वारा इसका पालन नहीं कराया जा रहा है। गांव की जमीन पर बिल्डर परियोजनाओं में निर्माण कार्य पहले की तरह बदस्तूर जारी है। किसानों को अब तक मुआवजा भी नहीं दिया गया है। कुछ ही किसानों को चेक मिले हैं। प्राधिकरण धनराशि नहीं होने का बहाना बनाकर किसानों को लौटा देता है। पंचायत में फैसला किया गया कि जब तक सभी किसानों को मुआवजे के चेक नहीं मिल जाएंगे, तब तक गांव की जमीन पर बिल्डर परियोजनाओं में निर्माण कार्य भी नहीं होने दिया जाएगा। निर्माण बंद कराने से पहले किसान मंगलवार को चेयरमैन से मिलेंगे।

    -Dainik Jagran

    what work will they stop when there is no work........
    Funny!!
    CommentQuote
  • Stopping the work is their work:bab (59):

    Originally Posted by cookie
    what work will they stop when there is no work........
    Funny!!
    CommentQuote
  • Originally Posted by cookie
    what work will they stop when there is no work........
    Funny!!


    This case is not for NE but for Pi sector in G.Noida...
    CommentQuote
  • Update
    Attachments:
    CommentQuote
  • jantar mantar nahin....parliamnet jana chaiye
    CommentQuote
  • किसानों ने रुकवा दिया बिल्डरों का काम

    ग्रेटर नोएडा। 15 दिन से प्राधिकरण के वादे पर अमल का इंतजार कर रहे किसानों का सब्र आखिर सोमवार को जवाब दे गया। उनका आरोप है कि कोर्ट के स्टे और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान पास न होने के बाद भी बिल्डर चोरी-छिपे अपना काम कर रहे हैं। गुस्साए किसान बिल्डरों के प्रोजेक्ट पर पहुंचे, लेकिन उन्हें आता देख कर्मचारी और मजदूर भाग गए।

    किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने बताया कि सोमवार को एक्सटेंशन क्षेत्र में किसानों की बैठक हुई। इसमें कहा गया कि 15 दिन पहले किसानों का प्रतिनिधिमंडल सीईओ रमा रमन से मिला था। उनसे मुआवजा वितरण, आबादी और वारिसान प्रमाण पत्र के मामले निपटाने समेत विभिन्न मांगें की गई थीं। सीईओ ने आश्वासन दिया था कि शीघ्र ही किसानों की मांगें पूरी कर दी जाएंगी। भाटी का कहना है कि प्राधिकरण किसानों के मामले में चुप्पी साधे हुए है और बिल्डरों को छूट दे रखी है। बैठक में तय किया गया कि जिन बिल्डरों के यहां काम चल रहे हैं, उन्हें रोका जाएगा। बिना देरी किए किसानों ने करीब आधा दर्जन बिल्डरों के काम रुकवा दिए।

    किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण बैक लीज और जमीन छोड़ने के मामले में कह देता है कि कोर्ट का स्टे एवं एनसीआर बोर्ड में प्लान पास न होने के कारण कोई काम नहीं हो रहा है, जबकि बिल्डर अपना काम कर रहे हैं। किसानों को न तो 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा दिया जा रहा है और न ही छोड़ी गई आबादी की जमीन की बैक लीज की जा रही है।

    नोएडा एक्सटेंशन क्षेत्र में जमकर हंगामा, पुलिस फोर्स पहुंची, किसानों का आरोप ः चोरी-छिपे काम कर रहे मजदूर

    आज सीईओ से मिलेंगे
    मनवीर ने बताया कि मंगलवार को सीईओ से किसानों का प्रतिनिधिमंडल मिलेगा। उनसे मुआवजा, आबादी, बैक लीज, प्लाट, गरीबों को प्लाट और गांवों का समुचित विकास करने की मांग की जाएगी। शीघ्र ही बोर्ड बैठक बुलाकर किसानों के आबादी के मामले सुलझाने के लिए भी कहा जाएगा। मांग पूरी नहीं की गई तो आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।

    क्या चल रहा है विवाद
    क्षेत्र के 38 गांवों के किसान जबरन जमीन अधिग्रहण, उद्योगों के स्थान पर बिल्डरों को जमीन देने के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने 21 अक्तूबर 2011 को आदेश दिया कि किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा, 10 फीसदी जमीन दी जाए। इसके अलावा आदेश में था कि प्राधिकरण तब तक कोई काम आगे न बढ़ाए, जब तक एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान 2021 पास न हो जाए। इसके बाद से ही क्षेत्र में काम ठप पड़ा हुआ है।

    कहां रुकवाया काम
    किसानों ने एक्सटेंशन के गांव बिसरख, पतवाड़ी, ऐमनाबाद, रोजा, सैनी, तुस्याना समेत अन्य गांवों में बिल्डरों का काम रुकवाया। एक्सटेंशन क्षेत्र में छोटे-बड़े करीब 70 बिल्डर प्रोजेक्ट हैं। काम रुकवाने वालों में रविंद्र भाटी, मान सिंह, दयानंद, बेगराज, पप्पू, धर्म सिंह, राहुल, कर्ण सिंह, अजय प्रधान, कुंवरपाल, भीम सिंह, कपिल शर्मा और प्रदीप आदि शामिल रहे।





    -Amar Ujala
    CommentQuote
  • These people don't look like farmers. These looks bunch of drunkards who just realized that they have spent all their cash and need it by hook or crook again
    CommentQuote
  • they are not farmers,
    CommentQuote