पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Originally Posted by shrutiailawadi
    Hello members

    i had a booking in patwari village VALENCIA project, just want to know whether after the increase in compensation for farmers, do the price of unit will also increase? Do we have to pay more or not?

    Please advice

    Shruti


    As per few builders, they will not increase price for flats which have already been sold. New buyers may have to pay some extra amount ( 150-250 Rs. psf)
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  • समझोतो के खिलाफ कुछ किसान

    पटवारी के तकरीबन १२०० किसानो ने अधिकतम मूववजा ले लिया है पर अभी भी कुछ किसान इस समझोते के खिलाफ है और अलाहाबाद कोर्ट के फेसले का इंतजार कर रहे है

    किसानो और किसानो के वकीलो के बीच कुछ भविष्य के प्लानो पर आंतरिक बहस चल रही है और निकाटनम भविष्य मे कुछ नयी समस्या सकती है! किसानो ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के निर्मित भवनो और भूखण्डो पर कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है!

    कुछ किसानो ने नकली कागजात के आधार पर भूमि के नकली मालिकाना हक स्थांतरण करने की कोशिश की जा रही है ग्रेटर नोएडा के पटवारी, एतबाद, अमीनाबाद और बिसरख गाव मे भी जाली कागजात के आधार पर लोगो को प्लॉट बेचने की कौशिश की जा रही है!
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  • पतवाड़ी के एक दर्जन और किसानों ने उठाया मुआवजा


    नोएडा एक्सटेंशन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सोमवार को होने वाली सुनवाई से पहले प्राधिकरण किसानों को मनाने में लगा है। शनिवार को अवकाश के दिन भी प्राधिकरण कार्यालय खोला गया। परियोजना विभाग के अधिकारियों को भी गांव में भेज किसानों को मनाने की कोशिश की गई। अधिकारियों से वार्ता के बाद एक दर्जन और किसानों ने मुआवजे के चेक उठा लिए। एडीएम (एलए) हरनाम सिंह ने बताया कि रविवार को भी आफिस खोला जाएगा।

    नोएडा एक्सटेंशन मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी बैंच सोमवार को किसानों की याचिका पर अहम सुनवाई करेगी। कोर्ट ने प्राधिकरण व पतवाड़ी गांव के किसानों को आपस में सुलह करने के लिए 12 अगस्त तक का समय दिया था। 17 अगस्त को कोर्ट में सुनवाई टल जाने से प्राधिकरण को सुलह के लिए और समय मिल गया। प्राधिकरण अब तक 16 सौ किसानों में से 12 सौ से अधिक किसानों के साथ समझौता कर चुका है। किसानों की आबादी छोड़ने के साथ उन्हें 550 रुपये प्रति वर्ग मीटर का अतिरिक्त मुआवजा व अर्जित भूमि की एवज में आठ प्रतिशत जमीन दी जा रही है। इन किसानों के समझौते के शपथ पत्र तैयार कर लिए गए हैं। शनिवार को पतवाड़ी के ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने डीसीईओ अखिलेश सिंह के साथ वार्ता की। ग्राम प्रधान ने कहा कि पतवाड़ी के अधिकांश किसान प्राधिकरण के साथ समझौता कर जमीन का मुआवजा उठा चुके हैं। अब सिर्फ ऐसे किसान रह गए हैं, जो दूसरे गांवों के रहने वाले हैं।



    -Dainik Jagran
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  • कोर्ट के फैसले पर टिका शहर का भविष्य


    नोएडा एक्सटेंशन के मामले में सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इस सुनवाई पर अकेले एक्सटेंशन का नहीं, बल्कि पूरे शहर का भविष्य टिका है। कोर्ट में एक्सटेंशन से बाहर के गांवों के किसानों ने भी याचिका दायर की हुई है। सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होनी है। प्राधिकरण की चिंता यह है कि अधिग्रहण की जो प्रक्रिया (अर्जेसी क्लाज) एक्सटेंशन के गांवों में अपनाई गई थी, वहीं अन्य गांवों में भी अपनाई गई है। यदि कोर्ट ने पतवाड़ी व साबेरी को आधार बना अन्य गांवों में भी अधिग्रहण रद कर दिया तो डेल्टा, ओमीक्रान, जू, म्यू, नालेज पार्क-5 व सेक्टर तीन भी चपेट में आ जाएंगे।

    नोएडा एक्सटेंशन में पतवाड़ी, साबेरी, ऐमनाबाद, हैबतपुर, इटेड़ा, रोजा याकूबपुर व खैरपुर गुर्जर आदि 11 गांव हैं। इनसे बाहर के साकीपुर, रसूलपुर राय, जैतपुर-वैसपुर, घोड़ी बछेड़ा, तुस्याना, खानपुर, जुनपत, सुथ्याना, सिरसा, डाढ़ा, डाबरा, देवला आदि करीब डेढ़ दर्जन गांवों के किसानों ने भी कोर्ट में जमीन अधिग्रहण को चुनौती दी है। इन गांवों की जमीन पर कई आवासीय सेक्टर, आइटी कंपनी, शैक्षिक संस्थान, कमर्शियल व उद्योगों के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है। साकीपुर गांव की जमीन पर डेल्टा एक, दो व तीन एवं गामा दो सेक्टर बसा है। इन सेक्टरों में लोग घर बनाकर रह रहे हैं। घोड़ी बछेड़ा व डाढ़ा गांव की जमीन पर ओमीक्रान एक, दो व तीन, जू एवं म्यू आवासीय सेक्टर बसा है। इन सेक्टरों में प्राधिकरण ने चार हजार से अधिक मकान बना दिए हैं। हालांकि लोगों ने अभी मकानों में रहना शुरू नहीं किया है। कोर्ट ने इन गांवों में जमीन अधिग्रहण रद कर दिया तो ये सेक्टर भी प्रभावित होंगे।


    -Dainik jagran
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  • भाकियू ने जिले में एक समान मुआवजा मांगा


    भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण एवं यूपीएसआइडीसी समेत पूरे जिले में एक समान मुआवजे की मांग की है। शनिवार को यूनियन ने अमरपुर गांव में पंचायत कर चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो क्षेत्र में आंदोलन होगा।

    यूनियन ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की नई पुनर्वास नीति 2011 से लागू की गई है। इसका लाभ उन किसानों को नहीं मिल पा रहा, जिनकी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। सरकार को यह नीति 2001 से लागू करनी चाहिए। पुश्तैनी एवं गैर पुश्तैनी का भेद भी समाप्त होना चाहिए। किसानों ने कहा कि इमलियाका, अटाई, अमरपुर, राजपुर, नवादा व कनारसी गांव के कई किसानों की जमीन जगनपुर गांव में है। इन गांवों के किसानों को भी अर्जित भूमि की एवज में प्राधिकरण आठ प्रतिशत का भूखंड आवंटित करे। यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक इकाई को जमीन आवंटित न करने पर भी किसानों ने रोष जाहिर किया। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में उद्योग लगते तो बेरोजगारों को नौकरी मितली। प्राधिकरण गु्रप हाउसिंग सोसायटी व शैक्षिक संस्थानों को ही जमीन आवंटित कर रहा है। इनमें किसानों के बच्चों को रोजगार नहीं मिलेगा।

    - Dainik jagran
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    कोर्ट के फैसले पर टिका शहर का भविष्य


    नोएडा एक्सटेंशन के मामले में सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इस सुनवाई पर अकेले एक्सटेंशन का नहीं, बल्कि पूरे शहर का भविष्य टिका है। कोर्ट में एक्सटेंशन से बाहर के गांवों के किसानों ने भी याचिका दायर की हुई है। सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होनी है। प्राधिकरण की चिंता यह है कि अधिग्रहण की जो प्रक्रिया (अर्जेसी क्लाज) एक्सटेंशन के गांवों में अपनाई गई थी, वहीं अन्य गांवों में भी अपनाई गई है। यदि कोर्ट ने पतवाड़ी व साबेरी को आधार बना अन्य गांवों में भी अधिग्रहण रद कर दिया तो डेल्टा, ओमीक्रान, जू, म्यू, नालेज पार्क-5 व सेक्टर तीन भी चपेट में आ जाएंगे।

    नोएडा एक्सटेंशन में पतवाड़ी, साबेरी, ऐमनाबाद, हैबतपुर, इटेड़ा, रोजा याकूबपुर व खैरपुर गुर्जर आदि 11 गांव हैं। इनसे बाहर के साकीपुर, रसूलपुर राय, जैतपुर-वैसपुर, घोड़ी बछेड़ा, तुस्याना, खानपुर, जुनपत, सुथ्याना, सिरसा, डाढ़ा, डाबरा, देवला आदि करीब डेढ़ दर्जन गांवों के किसानों ने भी कोर्ट में जमीन अधिग्रहण को चुनौती दी है। इन गांवों की जमीन पर कई आवासीय सेक्टर, आइटी कंपनी, शैक्षिक संस्थान, कमर्शियल व उद्योगों के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी है। साकीपुर गांव की जमीन पर डेल्टा एक, दो व तीन एवं गामा दो सेक्टर बसा है। इन सेक्टरों में लोग घर बनाकर रह रहे हैं। घोड़ी बछेड़ा व डाढ़ा गांव की जमीन पर ओमीक्रान एक, दो व तीन, जू एवं म्यू आवासीय सेक्टर बसा है। इन सेक्टरों में प्राधिकरण ने चार हजार से अधिक मकान बना दिए हैं। हालांकि लोगों ने अभी मकानों में रहना शुरू नहीं किया है। कोर्ट ने इन गांवों में जमीन अधिग्रहण रद कर दिया तो ये सेक्टर भी प्रभावित होंगे।


    -Dainik jagran



    Best of Luck all Buyers, Noida/ Greater Noida
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  • दो और गावों के साथ प्राधिकरण का समझौता!


    ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को शनिवार देर रात एक अहम सफलता मिली। प्राधिकरण ने नोएडा के सेक्टर 61 स्थित प्रदेश के ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह के आवास पर प्राधिकरण की एक्सटेंशन के गांव इटैड़ा और हैबतपुर गांव के किसानों के साथ हुए बैठक में समझौते की रूपरेखा तैयार की। इसके तहत किसानों को मुआवजे की रकम के बदले सेक्टर में अतिरिक्त जमीन देने पर सहमति बनी।

    सूत्रों का कहना है कि काफी माथा पच्ची के बाद किसान प्राधिकरण के प्रस्ताव पर सहमत हुए। साथ ही किसानों की आबादी की समस्या का भी निस्तारण होगा। यदि सबकुछ ठीक रहा तो सोमवार को इलाहाबाद हाइकोर्ट में मामले की सुनवाई से पहले दोनों गांवों के किसान अपनी याचिका वापस ले लेंगे। एक्सटेंशन के इटैड़ा गांव में 340 तथा हैबतपुर गांव में 178 हेक्टेयर भूमि का प्राधिकरण ने सन 2008 में अधिग्रहण किया था। पतवाड़ी के साबेरी गांव भांति इन गांवों में अभी अर्जेंसी क्लोज लगाकर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। गत माह गांव के किसानों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिग्रहण को चुनौती दी थी। इन गांवों की भूमि पर 15 बिल्डरों की आवासीय परियोजनाएं हैं। इनमें करीब तीन हजार लोगों ने फ्लैट बुक करा रखे हैं। शनिवार शाम को ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, सांसद सुरेंद्र नागर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मोहिंदर सिंह व सीओ रामा रमन ने किसानों के साथ देर रात तक बैठक की। अधिकारियों ने प्राधिकरण की खराब आर्थिक स्थिति का हवाले देते हुए किसानों के सामने अतिरिक्त मुआवजे की एवज में सेक्टर में भूखंड देने का प्रस्ताव रखा। कुछ किसानों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उन्हें पतवाड़ी गांव की तरह 550 रुपये प्रतिवर्ग की दर से अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए, तभी समझौता हो सकता है। मंत्री और सांसद ने किसानों को समझाया कि भविष्य में भूखंड की दर महंगी होने पर अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना रहेगी। सीओ रामा रमन ने बताया कि किसानों के साथ समझौता करने के लिए बैठक की गई। प्राधिकरण ने किसानों को प्रस्ताव से अवगत करा दिया है, जिस पर वह सहमत हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोमवार को सुनवाई से पहले समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। किसान नेता आमोद भाटी ने समझौता होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अधिकांश किसान समझौते से सहमत हैं

    -Dainik Jagran
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  • The GN authorities are trying their best to resolve this issue and I really appreciate their efforts. Hope the Hon'ble High Court delivers a favorable judgement keeping in view the interests of all especially Home Buyers who have invested their entire life's savings. Tomorrow's case may not be easy one for the respected judges as various stake holders are involved. However, I pray to the Almighty that this issue is resolved amicably and brought to its logical conclusion once and for all.
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  • Looks like BMW will have the last laugh when the dust settles.
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  • समझौते पर बंटे इटैड़ा व हैबतपुर के किसान

    ग्रेटर नोएडा नोएडा एक्सटेंशन में प्राधिकरण के साथ समझौते के मुद्दे पर इटैड़ा व हैबतपुर के किसान बंट गए हैं। प्राधिकरण ने शनिवार की रात दोनों गांवों के किसानों के साथ बैठक कर समझौते की रूपरेखा तैयार की थी। गांव में रविवार को किसानों ने पंचायत कर समझौते को नकार दिया। ग्रामीण पंचायत मोर्चा व किसान संघर्ष समिति ने रविवार को इटैड़ा में पंचायत कर कहा कि प्राधिकरण की दोहरी नीति से किसानों को सावधान रहने की जरूरत है। कोर्ट का जो भी निर्णय होगा, उसको माना जाएगा। मोर्चा के संयोजक प्रधान रणवीर सिंह नागर ने कहा कि प्राधिकरण किसानों को गुमराह कर रहा है। किसान नेता दुष्यंत नागर ने कहा कि गाजियाबाद के क्रासिंग व राजनगर में बिल्डर किसानों को 15 हजार रुपये प्रति वर्गगज से मुआवजा दे रहे हैं। इससे कम दर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को जमीन नहीं दी जाएगी। संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने कहा कि समझौता सभी किसानों के साथ गांव या प्राधिकरण कार्यालय में बैठकर होना चाहिए। गांव के किसान प्राधिकरण के प्रस्ताव पर सहमत नहीं है। दूसरी ओर नोएडा के सेक्टर-61 में शनिवार रात प्रदेश के ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह के आवास पर सांसद सुरेंद्र नागर, चेयरमैन मोहिंदर सिंह व सीईओ रमा रमन साथ बैठक में हिस्सा लेने वाले पूर्व प्रधान रामी ने कहा कि हैबतपुर के 90 प्रतिशत व इटैड़ा के 50 प्रतिशत किसान शनिवार रात प्राधिकरण के साथ हुए समझौते पर सहमत हैं।

    -Dainik jagran
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  • टप्पल के किसान पहुंचे हाईकोर्ट


    टप्पल क्षेत्र के कुछ किसान नई दलील के साथ फिर हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। जिसमें कोर्ट के पूर्व निर्णय, मॉडल सिटी और यमुना एक्सप्रेस-वे को एक प्रोजेक्ट बताए जाने को आधार बनाकर याचिका पेश की गई है। इसकी सुनवाई भी पांच सितंबर को होनी है।

    जिकरपुर के किसान किशन सिंह एवं ग्राम प्रधान मुकेश सिंह ने बताया कि पूर्व में हाईकोर्ट ने यह निर्णय दिया था कि मॉडल सिटी एवं यमुना एक्सप्रेस वे एक प्रोजेक्ट है। इसी आधार में उनकी याचिकाएं खारिज कर दी गई थी। इसके बाद जेपी ग्रुप ने पुलिस बल लगाकर किसानों की जमीन अपने कब्जे में ले ली थी और मेड़बंदी करा दी थी। किसानों ने कहा, जब कोर्ट इस बात को स्वीकार कर रहा है कि दोनों एक ही प्रोजेक्ट हैं तो फिर इस पर मुआवजा अलग-अलग क्यों दिया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि धारा पांच का प्रयोग नहीं किया गया। उनसे जबरन जमीन अधिग्रहित की गई। पांच सितंबर को इलाहाबाद कोर्ट नंबर तीन में दो न्यायधीशों की पीठ सुनवाई करेगी

    तेवतिया नहीं रिहा हुए तो होगा आंदोलन

    14 अगस्त को जिकरपुर में हुए शहीद हुए किसानों की श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मनवीर तेवतिया की रिहाई की मांग किसानों ने रखी थी। किसानों ने कहा, यदि पांच सितंबर को तेवतिया की रिहाई नहीं हुई तो वह छह से फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, एसडीएम और सीओ को ज्ञापन देकर पांच मांगे किसानों ने रखी थी। किसानों ने उसे भी पूरी करने की मांग प्रशासन से की है।

    -Dainik Jagran
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  • HC to hear Noida land cases today


    Scores of farmers, homebuyers and developers embroiled in the land acquisition row, will be watching anxiously as the much-awaited case on the land acquisition row in Noida Extension is set to come up for hearing on Monday. A three-judge bench of the Allahabad High Court will hear all petitions filed by villagers who own land in Noida, Greater Noida and along the Yamuna Expressway.

    While the window for an out-of-court settlement expired on August 12, the Greater Noida Authority (GNIDA) managed to get many more Patwari villagers to sign affidavits as the hearing for the case was postponed to August 29 from the initial date of August17. Meanwhile, GNIDA has begun talks with farmers from the neighbouring villages of Itehda and Haivatpur as well in Noida Extension.

    "Apart from these two villages, we have also opened channels of discussion with most villages in Noida Extension to arrive at a peaceful compromise," said Surendra Naagar, MP, Gautam Buddh Nagar Lok Sabha constituency. The GNIDA and Patwari villagers had reached a consensus under which the Authority agreed to pay them a compensation of Rs 550 per sqm over and above the Rs 850 per sqm which had been paid earlier.

    Most Patwari villagers have signed affidavits stating they would withdraw all petitions against land acquisition. A total of Rs 295 crore has to be distributed as compensation among 1400 eligible landowners. Meanwhile, the Noida Authority has, in an attempt to woo agitating farmers, especially those whose land had been acquired between 1976 and 1997, approved a special scheme to allot developed plots to farmers. Accordingly, 1,000 plots, each measuring around 160 sqm, will be allotted to farmers through a lottery system.

    -TOI
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  • किसान लड़ेंगे हक की लड़ाई


    जिला किसान महासंघ की रविवार को जगनपुर गांव में पंचायत हुई। इसमें विभिन्न किसानों संगठनों के साथ राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। निर्णय लिया गया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे समेत जिले के सभी किसानों को उनका हक दिलाने के लिए महासंघ लंबी लड़ाई लड़ेगा। आवश्यकता पड़ी तो भूख हड़ताल व जेल भरो आंदोलन भी चलाया जाएगा। संघ 4 सिंतबर को नोएडा एक्सटेंशन के छोटी मिलक गांव में पंचायत कर आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा।

    पूर्व सिंचाई राज्यमंत्री नवाब सिंह नागर ने कहा कि प्राधिकरण ने किसानों को जमीन से बेदखल कर उन्हें बेरोजगार कर दिया है। अपने हकों के लिए किसान प्राधिकरण के चक्कर काट रहे हैं। सरदाराम भाटी ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस वे के चालू होने पर किसान टोल टैक्स नहीं देंगे। इसके लिए अभी से किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता है। संघ के प्रवक्ता रूपेश वर्मा ने कहा कि गाजियाबाद के लोहिया नगर व पटेल नगर में किसानों को कुल क्षेत्रफल का 40 प्रतिशत हिस्सा वापस मिला। यहां के किसानों को भी इसी तरह लाभ मिलना चाहिए। निर्णय लिया गया कि क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए संघ बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाएगा। इससे पहले गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक व एकजुट करने के लिए पंचायत आयोजित की जाएगी।

    -Dainik jagran
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  • रामपुर जागीर गांव के किसान भी पहुंचे कोर्ट


    रामपुर जागीर व ब्रहमपुर गजरौला उर्फ नवादा गांव के किसानों ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमीन अधिग्रहण को चुनौती दी है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 5 सिंतबर की तारीख लगाई है।
    किसानों का आरोप है कि प्राधिकरण ने पतवाड़ी व साबेरी गांव की भांति उनके गांव में भी इमर्जेसी क्लॉज लगाकर जमीन अधिग्रहीत की थी। किसानों को अर्जित भूमि की एवज में न छह प्रतिशत का भूखंड दिया गया और न ही आवासीय सेक्टरों में 17.5 प्रतिशत कोटे का लाभ दिया जा रहा है। अन्य गांवों के किसानों को ये दोनों लाभ मिल रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। मुआवजा राशि भी बहुत कम मिली और प्राधिकरण के अन्य लाभों से भी वंचित कर दिया गया। किसानों ने याचिका में प्राधिकरण से अर्जित भूमि की एवज में छह प्रतिशत के भूखंड दिलाने की मांग की है।

    -Dainik Jagran
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  • नोएडा एक्सटेंशन पर महाफैसला आज



    ग्रेटर नोएडा।। जमीन अधिग्रहण के मामले को लेकर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। कोर्ट में पतवाड़ी समेत 27 गांवों के मामले की सुनवाई होगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसरों को उम्मीद है कि पतवाड़ी गांव के किसानों से समझौता होने के बाद फैसला उनके हक में आएगा।

    गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और किसानों को 12 अगस्त तक समझौता करने का समय दिया था। 17 अगस्त को सुनवाई टलने के बाद अथॉरिटी अफसरों को किसानों से समझौते के लिए और अधिक समय मिल गया। अब तक 1600 किसानों में से करीब 1200 किसानों से अथॉरिटी समझौता कर चुकी है। हालांकि इसके लिए अथॉरिटी को किसानों को 550 रुपये प्रति वर्ग मीटर का बढ़ा हुआ मुआवजा और 6 पर्सेंट की बजाय 8 पर्सेंट विकसित प्लॉट भी देना पड़ रहा है।

    अथॉरिटी को उम्मीद है कि हाईकोर्ट का निर्णय उनके पक्ष में आएगा और इसी तर्ज पर अन्य गांवों के किसानों से समझौते का आदेश हाईकोर्ट से मिलेगा। वहीं किसानों को उम्मीद है कि सिर्फ एक गांव से समझौता करने भर से अथॉरिटी को फायदा नहीं मिलेगा। फैसला उनके हक में ही आएगा। अपने वकील के साथ किसान इलाहाबाद रवाना हो चुके हैं। इधर अथॉरिटी के लॉ डिपार्टमेंट ने भी अपना पक्ष कोर्ट में मजबूती से रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। अथॉरिटी अफसरों के मुताबिक अब तक जितने भी किसानों से समझौते हुए हैं, इस बात से सुनवाई के दौरान कोर्ट को अवगत कराया जाएगा। इधर कोर्ट के फैसले पर नोएडा एक्सटेंशन समेत क्षेत्र में तमाम जगहों पर बिल्डरों और निवेशकों की भी निगाहें टिकी हुई हैं।

    -Navbharat times
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