पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन 22 तक होगा दूर

    ठ्ठजागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन 22 मई तक दूर होने की संभावना है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की इस दिन बैठक होगी। इसमें ग्रेटर नोएडा का मास्टर प्लान 2021 रखा जाएगा। मास्टर प्लान पर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड पहले ही अध्ययन कर चुका है। अब सिर्फ बोर्ड से मुहर लगने की देरी है। मास्टर प्लान को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा अपनी राय देने के बाद एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक होने का इंतजार है। पहले बोर्ड की बैठक 15 मई तक होने की संभावना थी, लेकिन 22 को बोर्ड बैठक सुनिश्चित हो गई है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान 2021 को हरी झंडी मिल जाएगी। मास्टर प्लान मंजूर होते की ग्रेटर नोएडा में बंद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। सबसे बड़ी राहत नोएडा एक्सटेंशन के एक लाख निवेशकों और बिल्डरों को मिलेगी, जो आठ माह से आस लगाए बैठे हैं। मास्टर प्लान को लेकर एक्सटेंशन के निवेशक रविवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई 14 को : नोएडा एक्सटेंशन को लेकर प्राधिकरण द्वारा हाई कोर्ट में दायर पुनर्विचार याचिका पर 14 मई को सुनवाई होगी। कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए प्राधिकरण में शनिवार को चेयरमैन ने अधिकारियों के साथ बैठक की। रविवार को प्राधिकरण के अधिकारी इलाहाबाद रवाना होंगे। नोएडा एक्सटेंशन समेत 39 गांवों में जमीन अधिग्रहण को लेकर हाई कोर्ट की बड़ी बेंच ने फैसला सुनाया था। कोर्ट ने किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा व दस फीसदी विकसित भूखंड देने का निर्देश दिया था। मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर न होने के कारण निर्माण कार्यो पर रोक लगा दी थी। प्राधिकरण ने इस फैसले पर नवंबर 2011 में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। प्राधिकरण ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि निर्माण कार्य रोके जाने के फैसले का वापस लिया जाए, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान मंजूर


    Source - Dainik Jagran E- Paper - city. Local news from 37 locations on Dainik Jagran Yahoo! India E-paper
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  • किसानों ने सर्किल रेट का छह गुणा मुआवजा मांगा


    नोएडा एक्सटेंशन के किसानों ने रविवार को ऐमनाबाद गांव में पंचायत की। किसानों ने कहा कि सर्किल रेट का छह गुणा अधिक मुआवजा 2002 से लागू किया जाना चाहिए। जिन किसानों की जमीन पूर्व में अधिग्रहीत हो चुकी है, उन्हें लाभ मिलने पर ही सबका भला हो सकेगा। मुआवजा वितरण और आबादी निस्तारण में भी तेजी लाने की मांग की गई।

    किसानों ने आरोप लगाया कि पुरानी बसपा सरकार ने कौड़ियों के भाव जमीन अधिग्रहीत कर बिल्डरों को बेच दी। इस पर प्राधिकरण और बिल्डरों ने खूब मुनाफा कमाया, लेकिन किसानों के हाथ सिर्फ 850 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा आया। सपा सरकार किसानों को सर्किल रेट का छह गुणा अधिक मुआवजा देने की बात कह रही है। यह आदेश दस वर्ष पहले से लागू होना चाहिए, तभी सभी किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने कहा कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान मंजूर नहीं होने का बहाना बनाकर प्राधिकरण किसानों की आबादी का निस्तारण नहीं कर रहा है। वारिसान के आधार पर मुआवजा नहीं दिए जाने से भी किसानों में नाराजगी दिखी। निर्णय लिया गया कि शीघ्र मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की पाबंदी के बावजूद एक्सटेंशन में बिल्डरों द्वारा निर्माण कार्य बंद नहीं किए जाने की शिकायत प्राधिकरण और बोर्ड से करने का भी निर्णय लिया गया। मंगलवार को किसान चेयरमैन व सीईओ रमा रमण से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराएंगे।

    -Dainik jagran
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  • Farmers join chorus to pass Greater Noida Master Plan


    GREATER NOIDA: The Noida Extension imbroglio has even put farmers in the region on an edge. Now, even they have started demanding that the Greater Noida Master Plan 2021 be passed soon so villagers can get their developed plots in lieu of acquired land. The Greater Noida Authority has made it clear that no developed plots will be allotted to the farmers till the NCR Planning Board passes the Master Plan.

    Sources in Greater Noida Authority have confirmed that distribution of developed plots to farmers has been put on hold. Some in Patwari village were threatening to move court over the issue, but in a recent meeting held with the Authority, officials convinced them to hold their step.

    "The Authority does not want to make any allotments till the plan is passed. If the Authority allots developed plots to farmers in a sector that is being probed by the planning board, then the allotment would not get clearance," said a senior official of Greater Noida Authority on condition of anonymity.

    "We are in favour of the Greater Noida Master Plan getting passed soon. It will not only help the homebuyers but also solve the land acquisition row in the region," said Ravinder Singh, a farmer leader. He added that the demand for hiked compensation and regularization of abadi land is a separate issue to be taken up with the Authority. "We have even filed an application with Union UD ministry to pass the Master Plan soon to settle the things in Greater Noida," Singh said.

    "If required, we will move the planning board to pass the Master Plan," said Kisan Sangharsh Samiti spokesperson, Manvir Bhati. Gautam Budh Nagar MP Surender Singh Naagar has also accelerated the efforts to get the Master Plan passed. He will soon be meeting Union UD minister Kamal Nath to discuss this matter. "We have fixed an appointment with Kamal Nath and I will be meeting him with a delegation of homebuyers. In the meeting, all issues related to the plan will be discussed,We will also request the minister to safeguard the interest of all sections, including farmers and homebuyers," said Naagar.


    TOI
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  • Noida homebuyers vent ire at Jantar Mantar, want relief


    NEW DELHI: Homebuyers of Noida Extension staged a dharna at Jantar Mantar in New Delhi on Sunday demanding a quick remedy to the impasse that has brought to a halt construction of housing projects in the region. The protestors have prepared a memorandum of their demands that will be handed over to the Prime Minister's office on Monday.

    This was the first instance that homebuyers held a dharna in the national capital with a clear aim to have their voices heard in the highest corridors of power in the country. Hundreds of investors, along with family members, joined in the dharna, staged for over four hours, under the banner of Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA). Kids took to the stage to tell about the tragic plight their families have been in since the day their dream homes got mired in a non-ending legal imbroglio.

    Several young people working in IT companies and the BPO sector, who had booked houses in the affordable Noida Extension housing units, joined the dharna to voice their grievance that non-resolution of the issue had pushed them into a financial mess in the prime of their careers.

    Homebuyers were miffed that there has been no clarity over when the NCR Planning Board (NCRPB) would be clearing the Master Plan 2021 of Greater Noida Authority, which is a pre-requisite for any kind of construction activity to resume in Noida Extension as per the Allahabad High Court verdict of 21 October 2011. They were also upset at the fact that a few real estate developers had begun sending cancellation notices to their buyers over flimsy reasons.

    "None of the authorities have come forward to take responsibility for this mess," said M C Kaushik, a government employee, who has booked a house in Amrapali Leisure Valley. "As things stand now, if a builder declares bankruptcy and backs out from a project leaving buyers investments unreturned, who would bear the responsibility?" asked Kaushik.

    Homebuyers have threatened that if the uncertainty continues to linger over the NCRPB approval, they would take block roads in Delhi as a mark of protest. "Our patience has run out. This dharna was just a show of our unity by bringing homebuyers from different projects on one single platform," said Devender Kumar, founder of NEFOMA.

    Homebuyers raised a host of issues in the dharna, including the passage of the Real Estate Regulatory Authority (RERA) Bill which is pending in the Parliament and the apathy of banks that doled out home loans without checking the ground realities of projects in Noida Extension

    TOI
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  • Impasse over housing projects to end by May: Rama Raman


    GREATER NOIDA: Even as Noida Extension buyers took to protests in Delhi on Sunday, Greater Noida Authority chairman and CEO, Rama Raman, assured that things are on the right and fast track to end the deadlock.

    "The meeting on Greater Noida Master Plan is scheduled on May 22 by the statutory planning committee, while on Monday hearing will be conducted on the review petition of Greater Noida Authority in the Allahabad high court," Raman said. "We have submitted the related papers with the statutory planning committee and are going to file a detailed report before the court," he added.

    Unlike the NCR Planning Board, the planning committee meets frequently. Raman said that, considering the pace of developments in this issue, resumption of housing projects may be allowed by May end.

    Earlier, NCRPB in Delhi had examined Greater Noida's Master Plan 2021 and sent it to its statutory planning committee for recommendations and consideration. The planning board had sought comments from the UP government on certain points. After getting a reply from the government, planning committee will examine it and issue a 'No Objection' note.

    The vice president of NCR Confederation of Real Estate Developers' Association of India (CREDAI) and CMD of Supertech, RK Arora, said that the clearance is not important for just Noida Extension but for the development of the entire Greater Noida. "Till the plan is passed, Greater Noida Authority is in no position to carry out development plans," Arora said.

    Some feel that a change of guard at Lucknow seems to be working in favour of homebuyers. UP minister, Abhishek Mishra, a close aide of chief minister Akhilesh Yadav has made it clear that the interests of thousands of homebuyers would be protected.

    The approval of the NCRPB mainly pertains to change in land use of around 2,500 hectares of land in Greater Noida that the Authority claims was approved by the state government. In 2007, the Authority had created 'Noida Extension' by diverting 2,500 hectares of the total 3,000 hectares of industrial land in the area for residential use. This sparked off the controversy that resulted in 40-odd villages approaching the HC for better compensation or return of their land. The Allahabad HC then ordered for mandatory approval from the NCRPB for the housing projects to continue.

    TOI
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  • ‘ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे’
    ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से प्रभावित किसानों ने मांगें पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन छेड़ने और निर्माण कार्य न होने देने की धमकी दी है।

    रविवार को बील अकबरपुर गांव के घनपाल कान्वेंट स्कूल में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे से प्रभावित 39 गांवों के किसानों की पंचायत हुई। इसमें किसान संघर्ष समिति के संरक्षक तेजा गुर्जर ने कहा कि ईस्टर्न पेरिफेरल के किसानों के साथ हुए समझौते से प्रशासन मुकर रहा है। ग्रेटर नोएडा के किसानों को 64.7 फीसदी का बढ़ा हुआ मुआवजा कोर्ट के आदेश पर दिया जा रहा है, लेकिन इन किसानों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। किसानों ने बढ़े हुए मुआवजे का भुगतान जल्द कराने, आबादियों का निस्तारण कराने और 10 प्रतिशत भूखंड देने की मांग की है।

    पंचायत में फैसला किया गया कि अगर तीनों मांगों को नहीं माना गया तो किसान जिलाधिकारी का घेराव करेंगे। एक्सप्रेस-वे के निर्माण को किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे। सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा और जेल जाना पड़ा तो भी पीछे नहीं हटा जाएगा।

    निर्माण से प्रभावित 39 गांवों के किसानों ने पंचायत करके दी चेतावनी
    डीएम को घेरेंगे, बढ़ा हुआ मुआवजा और 10 फीसदी भूखंड की मांग
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  • घर का सपना बिखरता देख आवाज उठाई
    नोएडा एक्सटेंशन क्षेत्र में फ्लैट खरीदने वालों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन

    नई दिल्ली। नोएडा एक्सटेंशन के आवंटी घर के सपने को बिखरता देखकर रविवार को जंतर-मंतर पर आवाज उठाने पहुंचे। आवंटियों ने बिल्डर, अथॉरिटी और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मास्टर प्लान पास करने की मांग की। नोएडा एक्सटेंशन प्लॉट ऑनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन (नेफोमा) के बैनर तले आवंटियों ने तीन घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में युवा, बुजुर्ग सहित बच्चे भी हाथों में पट्टियां और बैनर लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे।

    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे आवंटी अवकाश होने के चलते प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन नहीं सौंप सके। अब सोमवार को ज्ञापन प्रधानमंत्री कार्यालय में सौंपा जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व नेफोमा के फाउंडर प्रेसिडेंट देवेंद्र कुमार और अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने किया। साथ ही, बिल्डर्स की मनमानी पर उन्हें आड़े हाथों लिया। बिल्डर, अथॉरिटी और सरकार, बंद करो ये अत्याचार का नारा लगाया गया। मांग उठाई गई कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा मास्टर प्लान पर लगी रोक तुरंत सरकार हटाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फ्लैट रद किए जाने से आवंटियों को चौतरफा समस्या उठानी पड़ेंगी। नेफोमा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि मांगों को लेकर यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। जरूरत पड़ी तो फिर जंतर-मंतर से आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से बैंक और बिल्डरों के लिए गाइडलाइन जारी करने की मांग की।



    -Amar Ujala
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  • बिल्डर देने लगे हैं फ्लैट वापसी के ऑफर
    फिलहाल पुरानी दर पर लेकर बाद में लाभ कमाने की बनाई जा रही योजना

    ग्रेटर नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन की राह आसान होने के संकेत मिलते ही बिल्डर भी मौके का फायदा उठाने की जुगत में लग गए हैं। बिल्डरों ने फ्लैट खरीददारों को उनका पैसा वापस लौटाने का ऑफर देना शुरू किया है। इसके पीछे मंशा यह है कि वापस आए फ्लैटों को सस्ती दर पर लेकर महंगी दरों पर बेचा जा सके।
    पिछले करीब एक साल से नोएडा एक्सटेंशन की टेंशन से किसान और फ्लैट खरीदार दो-चार हो रहे हैं। किसान अपने मुआवजे और 64 फीसदी अतिरिक्त पाने के साथ ही अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दूसरी ओर फ्लैट खरीददारों के सामने विकट स्थिति बनी हुई है। नोएडा एक्सटेंशन में 70-75 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो मध्यवर्गीय हैं और फ्लैट खरीदने और उसमें रहने का सपना संजोए हुए हैं। पिछले दिनों उपजे विवाद के बाद से प्राधिकरण को किसानों को मुआवजा 850 प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर करीब 1,400 प्रति वर्गमीटर के हिसाब से देना पड़ गया था। प्राधिकरण ने बिल्डरों को नोटिस भेजकर अतिरिक्त राशि मांगी थी।

    निर्माणाधीन बिल्डिंगों में बिल्डरों के करीब 10 हजार करोड़ रुपये लग चुके थे। इसी का लाभ उठाते हुए बिल्डरों ने फ्लैट मालिकों पर कुछ अतिरिक्त भार डालने का प्रयास किया, जिस पर खरीददारों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

    जिस समय प्राधिकरण से बिल्डरों ने जमीन ली थी उस समय 11 हजार रुपये वर्गमीटर की दर थी, लेकिन मौजूदा समय में यही रेट करीब 18 हजार रुपये वर्गमीटर होने वाले हैं।

    -Amar Ujala
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  • नेफोमा आज क्रेडाई को सौंपेगा ज्ञापन
    नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन (नेफोमा) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद अब बिल्डरों से मिलकर बायर्स की भुगतान संबंधी समस्याओं को रखेगी। इस बाबत आज एक ज्ञापन क्रेडाई के एनसीआर उपाध्यक्ष अनिल शर्मा को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। नेफोमा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि सोमवार को अनिल शर्मा से उनके दफ्तर में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे। अभिषेक का कहना है कि भुगतान को लेकर कुछ बिल्डर पुराने बायर्स तरह-तरह के दबाव डाल रहे हैं। कभी फ्लैट का आवंटन कैंसिल करने तो कभी प्लान बदलने और कभी ब्याज बढ़ाकर भुगतान करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। इसी के विरोध में ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें से क्रेडाई से बायर्स के लिए गाइड लाइन जारी करने की भी मांग की जाएगी, जिसमें भुगतान से लेकर फ्लैटों का कब्जा देने तक का विवरण मांगा जाएगा।

    सोमवार को आवंटी पीएम को देंगेे ज्ञापन
    मास्टर प्लॉन पास करने की मांग की
    नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नोएडा एक्सटेंशन क्षेत्र के खरीदार।

    -Amar Ujala
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  • Govt completes probe into Noida Extn mess


    The Uttar Pradesh government has completed its probe into “the exercise that led to the Noida Extension stalemate”. The final report is likely to be submitted on Monday and government sources say “heads may roll”.

    The previous Mayawati government had ordered an inquiry into the
    impasse after the Allahabad High Court last year directed the then UP chief secretary to order a probe into the authority’s decision in proceeding to implement its master plan-2021 without the approval of the NCR planning board. Sanjay Agarwal, health secretary in the previous government, conducted the probe and submitted his report to the Samajwadi Party government soon after it came to power in March.


    Because of certain irregularities, construction work in Noida Extension has been halted for seven months now, giving thousands of middle-class homebuyers sleepless nights.
    UP chief secretary Javed Usmani had asked the infrastructure and industrial development commissioner Anil Kumar Gupta to examine the draft and submit a final report. Gupta is understood to have completed the exercise.

    On Saturday, Gupta came to Greater Noida and held a meeting with Greater Noida authority officials. He visited the controversial Noida Extension area and also took stock of other stuck projects such as Gautam Budh University. Gupta will submit his report to Usmani.

    The Allahabad High court in its order passed on October 21, 2010, said, “No clearance has yet been obtained by the Greater Noida authority to draft its master plan-2021. Steps taken for land acquisition, development activities including creation of third-party rights were not in conformity with the NCR Planning Board Act, 1985.”

    “The authority has acted in a manner which is nothing but a deliberate violation of the NCRPB Act, 1985 and in spite of the directions given by this court in an earlier case,” the court said.

    “A thorough inquiry is necessary into the whole exercise undertaken by the Greater Noida authority and by the officers of the highest level in the state government,” it said.

    The court also said the authority could not proceed to implement the master plan 2021 till it is permitted by the NCR planning board. The court also sought a probe into decisions taken to change the land use and make allotments to builders as well as indiscriminate proposals for acquisition of land and an appropriate action in the matter.

    -HT
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  • After crossing lots of hurdles(parking/police/searching the right place went inside jantar mantar) i reached there around 2.30 PM,missed the mob and found only 10-15 people moving around.even one more DHARNA Type (Dainik jagran hindu....) very next to same, had more than 100 people and aajtak media coverage.


    Originally Posted by saurabh2011
    Out of 1 Lac NE Buyers Strength , Just 150 buyers (0.15%) reached at Jantar Mantar... which was very less and this is the prime reason why farmers having upper hand in unity & strength.... just imagine if there reached 10,000 (10% of current buyers) public strength then what will be the outcome/pressure at UP/Center Gov.







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  • Originally Posted by ragh_ideal
    After crossing lots of hurdles(parking/police/searching the right place went inside jantar mantar) i reached there around 2.30 PM,missed the mob and found only 10-15 people moving around.even one more DHARNA Type (Dainik jagran hindu....) very next to same, had more than 100 people and aajtak media coverage.


    What reason you see in so less awareness in NE Buyers after 12-18 months..... even FDB NP buyers protest rally is very big & always catch the eyes of big media. Even then HUDA Gov. is sleeping from last 7 years for FDB NP Buyers.

    Really I am surprising, among 1 Lac current NE buyers so less numbers comes at this most imp. rally for them..... and this is the battle of their OWN HOME of at least more than 20-30 Lac.

    NE Buyers want solutions with no work at their own.... mostly 10%-30% paid last year, now want flat at 50% appreciation but can not come in Rally to save their flats which take 6 hours and max. 50 rupees of Metro..... but No-1 in blaming SC/Gov/Farmers/Builders/GNA......

    Sorry for hard words but Haq Mangne se Milta hai
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  • seems NE has more builders than Buyers.
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