पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • जमीन देने को तैयार नहीं हैं किसान
    पिछले दो वर्ष में ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण, किसानों से जमीन नहीं ले सके हैं। मामला अदालत पहुंचने और किसानों के सख्त रुख से अधिकारी गांवों की ओर झांकने तक नहीं आते हैं।

    जमीन अधिग्रहीत करने का प्रस्ताव शासन के पास लंबित है। विवादों के चलते ही कई कंपनियों ने यमुना प्राधिकरण से अपने हाथ खींच लिए हैं, तो कई प्रोजेक्ट अधर में लटके हैं। इधर किसानों ने भी नफा-नुकसान तौलना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण की आवासीय योजना में आरक्षण को लेकर भी मामला अटक रहा है। यदि प्राधिकरण को जमीन नहीं मिलिगी तो यह तय है कि प्राधिकरण के आगे बढ़ने की राह बेहद मुश्किल हो जाएगी।

    पिछले सप्ताह मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने ग्रेटर नोएडा आकर यहां के किसानों से सीधा संवाद कर उनकी परेशानी और मांगों के बारे में जानकारी ली थी। उन्होंने प्राधिकरण के अफसरों से भी इस विषय पर काफी बातचीत की थी। इसके बाद नोएडा एक्सटेंशन जमीन अधिग्रहण की जांच करने आए आईडीसी अनिल कुमार गुप्ता ने भी पूरी स्थिति का जायजा लिया था।

    जारी है अफसरों की मंत्रणा
    किसान विशेषज्ञकी राय में
    विभिन्न राज्यों की जमीन अधिग्रहण नीति का अध्ययन कर चुके डॉ. रूपेश वर्मा के मुताबिक, किसान नई नीति को स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि एकमुश्त मिलने वाली रकम से वो दोबारा जमीन खरीद सकेंगे। लेकिन सर्किल रेट को लेकर लचीला रुख अपनाना होगा। इसमें नियम और शर्तें स्थानीय लोगों को विश्वास में लेकर लागू करनी होंगी और ग्राम सभाओं को तवज्जो देना होगा।

    सरकार की नीति पर होगा काम
    किसान यदि प्राधिकरण को जमीन नहीं मिलती है तो उसके आगे बढ़ने की राह मुश्किल हो जाएगी। बिना प्रोजेक्ट के क्षेत्र का विकास संभव नहीं होगा और जमीनें केवल खेती के काम ही आएंगी।

    ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के सीईओ/चेयरमैन रमा रमन ने बताया कि प्रदेश सरकार जो भी नीति तय करेगी, उसी के मुताबिक जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। इस संबंध में हमसे जो प्रस्ताव मांगा गया था वो हमने दे दिया है। लेकिन इसमें किसानों के प्रत्येक लाभ पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। बिना किसान की मर्जी के जमीन प्राधिकरण नहीं लेगा। कहा कि जब भी कोई शहर बसता है तो उसका सबसे पहले लाभ किसानों को ही मिलता है।

    सिर्फ मुआवजे से काम चलाना होगा
    प्रदेश सरकार के स्तर पर बनाई जा रही नई नीति में किसानों को मुआवजे के अलावा कोई अन्य लाभ नहीं मिलेगा। मसलन आबादी, जमीन अधिग्रहण के बदले 10 फीसदी जमीन और आवासीय योजना में आरक्षण जैसे लाभों से किसान वंचित रहेंगे।

    अलग-अलग सर्किल रेट बने परेशानी
    प्रदेश के सभी प्राधिकरण और जिला प्रशासन की तरफ से शासन को सुझाव भेजे जा चुके हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने जवाब में कहा है कि यहां के ज्यादातर इलाकों में सर्किल रेट अलग-अलग हैं। जिस स्थान का रेट ज्यादा है वहां के किसानों को लाभ मिलेगी, लेकिन कम रेट वाले क्षेत्र के किसानों को कम मुआवजे से ही संतोष करना पड़ेगा।

    -Amar Ujala
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  • मास्टर प्लान का नए सिरे से किया जा रहा अध्ययन
    प्राधिकरण की टीम पूरी तैयारी में जुटी
    अमर उजाला ब्यूरो
    ग्रेटर नोएडा। ठीक पांचवें दिन एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की कमेटी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मास्टर प्लान-2021 का फैसला करेगी। इसके लिए प्राधिकरण के अधिकारी कागजी कार्यवाही में जुटे हुए हैं। बृहस्पतिवार को प्राधिकरण टीम दिल्ली पहुंची और मास्टर प्लान के संबंध में अफसरों के साथ मंथन किया।

    रिपोर्ट पर बोर्ड लगाए गया मोहर
    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की जब 22 मार्च को बैठक हुई थी तो प्राधिकरण का मास्टर प्लान भी उसमें रखा गया था। बोर्ड ने इसके लिए एक कमेटी गठित कर दी थी। वह कमेटी सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद संस्तुति करेगी। इसके बाद उस पर बोर्ड मोहर लगाएगा। फिलहाल अधिकारी इसका गहन अध्ययन कर रहे हैं।

    अन्य शहरों से मिलान
    प्राधिकरण का मास्टर प्लान पहले से ही चर्चा में आ चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी मामला पहुंचा था, जहां कोर्ट ने भी साफ कह दिया था कि शहर बसाने से पहले प्लानिंग बोर्ड से सहमति जरूरी है। इसलिए, अधिकारी एनसीआर के अन्य शहरों से भी मिलान कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि कहीं कोई ऐसी योजना तो प्राधिकरण की तरफ से नहीं है, जो अन्य शहरों से हटकर हो।

    जन सुविधाओं को महत्व
    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इसीलिए मास्टर प्लान पास नहीं किया था क्योंकि नोएडा एक्सटेंशन में 3.5 लाख फ्लैट होंगे और आने वाले समय में करीब 12 लाख की आबादी होगी। इसमें लोगों की सुविधाओं को भी देखना पड़ेगा। सड़क, सीवर, परिवहन, सफाई व्यवस्था, बिजली-पानी, मनोरंजन के साधन समेत तमाम व्यवस्थाओं के लिए प्राधिकरण तर्क संगत जवाब नहीं दे पाया था। बाद में प्राधिकरण ने प्लानिंग में काफी बदलाव किए।
    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की कमेटी की बैठक को अब सिर्फ पांच दिन बचे हैं
    टीम ने दिल्ली पहुंचकर मास्टर प्लान के संबंध में अफसरों के साथ मंथन किया
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  • तीन साल तक काम न होने पर अधिग्रहीत जमीन होगी वापस

    लखनऊ (ब्यूरो)। अखिलेश सरकार ने माया सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। अब यूपी में प्राधिकरण अगर अधिग्रहीत जमीन का उपयोग तीन साल तक नहीं करता है तो उसे वापस करना होगा। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम में संशोधन विधेयक को वापस लेने का फै सला लिया। बुधवार को कैबिनेट बाई सर्कु लेशन के जरिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दिलाई गई। असल में पिछली मायावती सरकार ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम में संशोधन कर इससे संबंधी विधेयक राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा था। इसमें यह प्रावधान कर दिया गया कि यदि पांच साल बाद भी अधिग्रहीत जमीन का इस्तेमाल विकास प्राधिकरण नहीं कर पाते हैं तो भी उसे वापस नहीं करना पड़ेगा।

    उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 17 में यह प्रावधान है कि यदि अधिग्रहीत भूमि का विकास प्राधिकरण पांच साल तक इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो भू-स्वामी अपनी जमीन वापस मांग सकता है। राज्य सरकार समाधान हो जाने पर चाहे तो जमीन वापस कर सकती है, बशर्ते भू-स्वामी को ब्याज समेत मुआवजे की राशि वापस करनी होगी। माया सरकार इसमें संशोधन चाहती थी। उनकी मंशा थी कि यदि विकास प्राधिकरण पांच साल जमीन का इस्तेमाल नहीं कर पाते है, तो भी उसे वापस न करना पडे़।
    बसपा सरकार का एक आदेश और पलटा
    कैबिनेट बाई सर्कु लेशन हुआ फैसला

    -Amar Ujala
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  • Govt should stay off land acquisition for pvt projects: Panel

    A parliamentary panel has sought to put strict safeguards on the government’s powers to acquire land and recommended that no plot under cultivation be taken away unless as a last resort.

    The recommendation — one of many on the Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Bill, 2011 — seeks to give a legup to food security, but if accepted, could pose a challenge to the expansion of industries.

    “The concept of food security in the (existing) bill totally rests on multi-cropped irrigated land, ignoring the importance of safeguarding and enhancing output in rain-fed areas. Food security can’t be limited to rice and wheat in the face of the imperative need for more nutritional coarse grains, pulses and oilseeds,” said the committee’s report tabled in Parliament on Thursday.

    The panel recommended that states keep away from land acquisition for private or publicprivate partnership purposes. It narrowed down the meaning of ‘public purpose’ to linear infrastructure (rail, roads), irrigation and social ventures (schools, hospitals) financed by the state.

    It also proposed 16 central laws on acquisition for SEZS, railways, highways and defence establishments be brought under the bill.

    Confederation of Indian Industry chief Adi Godrej said the recommendations would adversely affect industry. “The bill had rightly included industry in the definition of ‘public purpose’ as it equally contributes to creating wealth and jobs,” he said.

    -HT
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    update.

    All that concludes -

    ~Lesser acquisition for Residential Projects

    ~OVER SUPPLY Concept will go away in coming years

    ~Land Prices will increase

    ~Acquisition will happen for development projects

    ~ Rates for Residential plots / flats will increase and one will have to shell out more money for their house in coming time

    So I blv, if one wants to make a house for end use ... not many years are left when things will be out of reach completely !!! Doesn't mean one should hurry ... but yes if u like something, it suits ur pocket, and its actually a wise investment as on date ... go for it !!!
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  • जून में होगी प्राधिकरण की बोर्ड बैठक, तैयारी शुरू


    नोएडा, : प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2012-13 की पहली बोर्ड बैठक की तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल इसका बजट तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बजट तैयार होने के बाद जून माह में प्राधिकरण चालू वित्तीय वर्ष की पहली बोर्ड बैठक कर सकता है।
    बोर्ड बैठक की तैयारियों के लिए शुक्रवार को एसीईओ प्रमांशु ने अधिकारियों संग बैठक की। इसी बैठक में प्राधिकरण का वर्ष भर का बजट भी निर्धारित किया जाना है, लिहाजा इस पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में एसीईओ ने बजट तैयार करने के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। फिलहाल बजट में यह निर्धारित किया जा रहा है कि किस मद में कितनी राशि रखी जाए। साथ ही पिछले वित्तीय वर्ष की ंसमीक्षा भी की जाती है। एसीईओ ने बताया कि बजट तैयार कराने की कवायद शुरू हुई है। फिलहाल यह निर्धारित नहीं है कि किस मद में कितनी राशि होगी या बजट में किसे प्राथमिकता दी जाएगी। बजट तैयार करने के बाद सीईओ से अनुमति प्राप्त कर उसे बोर्ड में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जून में बोर्ड बैठक होने की उम्मीद है। फिलहाल इसके लिए कोई तिथि निर्धारित नहीं है।
    ज्ञात हो कि प्राधिकरण में वित्तीय वर्ष 2012-13 का बजट निर्धारित नहीं होने की वजह से इन दिनों सभी बड़े भुगतान रुके हुए हैं। प्राधिकरण केवल कुछ जरूरी कार्यो के लिए ही धनराशि जारी कर रहा है। भुगतान रुकने का असर प्रस्तावित विकास योजनाओं पर भी पड़ रहा है। लिहाजा प्राधिकरण का प्रयास है कि जल्दी बोर्ड बैठक की तैयारियां पूरी कर बजट का निर्धारण कर दिया जाए ताकि आवश्यक विकास योजनाओं पर तत्काल काम शुरू किया जा सके।




    -dainik Jagran
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  • छह जिलों के सब रीजनल प्लान पर हुई चर्चा

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक शुक्रवार को यहां नगर निगम में हुई। इसमें छह जिलों के सब रीजनल प्लान प्रस्तुत किए गए। इसमें यूपी सब रीजनल प्लान 2021/31 की 83 आपत्तियों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि इन आपत्तियों के दूर होने पर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, पंचशील नगर व बुलंदशहर में विकास संबंधी कार्यो में तेजी आएगी।

    जीडीए की ओर से बैठक में शामिल मुख्य वास्तुविद् एसके जमां ने बताया कि पिछले दिनों यूपी सब रीजनल प्लान पर एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने कुछ आपत्तियों के साथ दोबारा बैठक बुलाई थी। बैठक में रुद्राभिषेक नामक कंस्लटेंसी ने सब रीजनल प्लान का प्रजेंटेंशन दिया। पुराने सब रीजनल प्लान में 83 आपत्तियां लगाई गई थीं। इन आपत्तियों में नोएडा एक्सटेंशन, ग्रेटर नोएडा में भूमि अधिग्रहण संबंधी कई तरह की आपत्तियां उठाई गई थीं। बैठक में गाजियाबाद और उसके आसपास के पांच जिले नोएडा, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत एवं पंचशील नगर में आगामी 20 सालों में होने वाले महत्वपूर्ण बड़े कार्यो पर चर्चा हुई। इसमें ईस्टर्न-पेरीफेरल कोरिडोर, दिल्ली से मेरठ के बीच हाईस्पीड ट्रेन, नोएडा-गाजियाबाद में मेट्रो विस्तार के विभिन्न रूटों को अंतिम रूप देने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की कमिश्नर कल्पना अवस्थी के अलावा नगर आयुक्त जितेंद्र सिंह सहित नोएडा, एचपीडीए, पंचशील नगर, बुलंदशहर के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बिजली विभाग, यूपीएसआईडीसी, आवास विकास के अधिकारी उपस्थित हुए।



    -dainik Jagran
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  • बोर्ड बैठक टलने से तेज हुई निवेशकों की धड़कनें


    नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों की धड़कन एक बार फिर बढ़ गई है, क्योंकि 22 मई को होने वाली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक टल गई है। बैठक टलने से एक लाख निवेशकों सहित बिल्डरों का इंतजार और बढ़ गया है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि बैठक को लेकर बोर्ड की औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाई थीं, इसलिए बैठक को टाल दिया गया है। अब बोर्ड की बैठक मई के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है।
    बता दें कि प्राधिकरण के लगातार प्रयास के बाद भी नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अगले सप्ताह 22 मई को होने वाली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी थीं। निवेशक, बिल्डर, प्राधिकरण सभी उम्मीद लगाए बैठे थे कि शहर का मास्टर प्लान-2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से जरूर मंजूर हो जाएगा।

    बोर्ड की बैठक को लेकर 15 दिन से तैयारी चल रही थी। बोर्ड बैठक में मास्टर मास्टर को लेकर कोई कमी न रह जाए, इस पर प्राधिकरण व शासन स्तर पर इस दौरान बैठक हुई। इसमें हर बिंदु पर गहनता से चर्चा की गई। सारी कमियों को दूर किया गया। अब अंतिम समय में बोर्ड ने बैठक को आगे के लिए टाल दिया। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान-2021 मंजूर नहीं होने के कारण नोएडा एक्सटेंशन समेत शहर में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। सभी को उम्मीद थी कि 22 मई को मास्टर प्लान मंजूर होते ही नोएडा एक्सटेंशन में आठ माह बाद जाकर चहल-पहल शुरू हो जाएगी। मास्टर प्लान मंजूर कराने की मांग को लेकर नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों ने 13 मई को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया था।



    -dainik Jagran
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  • नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन बढ़ा

    प्राधिकरण के लगातार प्रयास के बाद भी नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन खत्म होने के बजाय आगे बढ़ता जा रहा है। 22 मई को होने वाली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक एक बार फिर टल गई। माह के अंतिम सप्ताह में बैठक होने की संभावना है। 22 मई को होने वाली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी थीं। निवेशक, बिल्डर, प्राधिकरण सभी उम्मीद लगाए बैठे थे कि शहर का मास्टर प्लान-2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से इस बार मंजूर हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि बैठक को लेकर बोर्ड की औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाई थीं। इसलिए बैठक को आगे टाल दिया गया है। बोर्ड बैठक में मास्टर मास्टर को लेकर कोई कमी न रह जाए, प्राधिकरण व शासन स्तर पर इस दौरान बैठक हुई। इसमें हर बिंदू पर गहनता से चर्चा की गई और कमियों को दूर किया गया। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान-2021 मंजूर न होने के कारण नोएडा एक्सटेंशन समेत शहर में विकास कार्य ठप पड़े हैं। मास्टर प्लान मंजूर कराने की मांग को लेकर नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों ने 13 मई को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था।

    Dainik jagran
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  • only Data and Date.. Everywhere construction is going on without NCRB approval. why the hell Noida Extension needs Such approval beforehand? can't understand.
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  • WORK MAY RESUME AT NOIDA EXTENSION


    Resumption of construction work at Noida Extension seems imminent after the the Allahabad high court dismissed the pleas of both the farmers and the authorities of Noida and Greater Noida,in its latest judgment.


    The Allahabad high court this week upheld its judgment delivered on October 21,2011,on the dispute regarding the land acquisition in Noida Extension.With this,the chances of resumption of construction work here have brightened.On Tuesday,the high court rejected the requests of both the warring parties the farmers and authorities of Noida and Greater Noida in the cases filed by both the parties.


    In their plea,the farmers wanted their land back while the authorities of Noida and Greater Noida,for their part,wanted the condition of prior approval by the National Capital Regional Planning Board (NCRPB) spelled out in the judgment of October 21,2011,dropped.In its earlier judgment,the Allahabad HC directed the Noida and Greater Noida authorities to enhance the cash compensation by 64.70% to Rs 1,400 per sq metre,from the earlier level of Rs 850 per sq metre.


    Besides,the court also directed the authorities to increase the allotment of developed land to 10% of the land acquired from farmers,from the earlier level of 6%.At the same time,the court also asked the authorities to get the development plan approved by the NCRPB.The authorities,however,agreed to increase both the cash and land component of compensation as directed by the court,but wanted the clause of getting the development plan approved by NCRPB to be dropped as it was causing delay in the implementation of the project.


    Naredco,a developers association,said in a statement that the order of the court is likely to benefit all stakeholders,that is,builders,farmers,homebuyers,and bankers.


    With thousands of crores already sunk into these areas,resumption of work will bring relief to the developers as well as homebuyers,it said.Bankers will also be able to avoid the possible non-performing assets (NPAs) hanging over their head.Naredco said that in order to expedite construction work in the area,what is required at the moment is that the Uttar Pradesh government should obtain the approval of the developmental plan of the region from the NCRPB at the earliest.


    In a separate case,the NCRPB has also assured the Allahabad high court that it would discuss the plan at its board meeting on May 22.It is expected that the board will approve the development plan.At the most,a senior official of the Greater Noida authority said,the board might introduce some minor modifications to the plan.Delay in start of the construction of the projects in the area is causing losses to all the stakeholders.It has lead to delay in the completion of projects,which has caused huge losses to buyers as they are already paying instalments on the loans they have taken to pay the builders.


    According to one estimate,around 50,000 people have bought apartments in the area.At the same time,the delay is causing tremendous losses to the builders,as the cost of almost all the inputs like cement,iron rods,sand,bricks and labour cost have gone up substantially in the last one year.Even the farmers are affected by the stalling of the development work,as getting the developed land from the authorities will be delayed.


    Some farmers have threatened to move the Supreme Court against the HC ruling saying that land obtained by the authorities using the emergency clause should be returned to them.Naredco says that another round of legal battle in the apex court against the Allahabad HCs latest judgment being threatened by farmers may not be in the interest of any stakeholder.They believe that,in all probability,the apex court may not entertain the request of these farmers at this juncture.


    QUICK BITES


    IN THEIR PLEA,THE FARMERS WANTED THEIR LAND BACK WHILE THE AUTHORITIES OF NOIDA AND GREATER NOIDA,FOR THEIR PART,WANTED THE CONDITION OF PRIOR APPROVAL BY THE NATIONAL CAPITAL REGIONAL PLANNING BOARD SPELLED OUT IN THE JUDGMENT OF OCTOBER 21,2011,DROPPED

    TOI
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  • NEW MASTER PLAN FOR NOIDA


    Noidas Master Plan 2031 has paved the way for the development of more group-housing societies and highrise projects,as space is becoming scarce in the city.


    The NCR Planning Board has recently approved a new Master Plan 2031 (drafted in 2009 by the Noida authority).In the new plan,there is a lot of scope for infrastructural,residential and commercial development like widening of roads with elevated structure and underpasses,flyovers,greenery,highrise buildings,hotels,major Metro and road linkage projects to ease traffic,etc.


    According to the new master plan,the population of Noida will go up to 25 lakh,19 lakh more than the current population,in the next 20 years.As the land bank report says that Noida is almost saturated,the focus of realty development will be on highrise building.Keeping this in mind,Noida is planning to increase the FAR (floor area ratio).


    The new master plan proposes to widen roads connecting the sectors,from 30 metres to 45 metres.A welcome feature of the new master plan is the emphasis on allocating land for greenery;the space for green areas has been increased by 40%.No construction will be allowed on 60% of the new allocation.Construction work like parks,recreational green,etc,will only be allowed on the remaining 40% area.To keep the city green,15.92%of the total area will be left for greenery,which is a one per cent hike over the allocation in Master Plan 2021;this additional area works out to nearly 2,000 hectares.The new master plan has put emphasis on group housing projects,as Noida is gradually getting saturated and there is no scope to extend its area.For this,the population density has been increased by 1,650 from 700 people per hectare in sectors like 74,75,76,77,78,etc,which abound in group housing projects.The rest of the residential sectors have a population density sanction of 500 people per hectare.In Master Plan 2021,it was 400 people per hectare.


    The new master plan envisions the construction of 2.5 lakh new houses along the expressway and adjacent to Noida Extension in the next three years.Out of this,approximately one lakh houses are being constructed along the expressway under group housing projects.The remaining 1.5 lakh housing units have been proposed adjacent to Noida Extension and in sectors 74,75,76,78,79,113,116 and 117.


    Mohinder Singh,the chairman of Noida Authority,says: "The new master plan has been revised for 2031.It has a targeted population of 25 lakh.Noida is spread over in 20,316 hectares.Out of this,15,280 hectares has been notified for urbanized use;5,000 hectares comes under the river bed.Nearly 10,000 hectares has already been developed and the remaining area will be developed in the next phase.According to the new master plan,internal and external development will be done in a phased manner.Noida is facing acute power shortage and we will install seven new high-capacity sub-stations soon.According to our survey report,work on basic infrastructure like sewer,power and water lines will be taken up soon.We are planning for six elevated roads on six of the busiest routes like Sector 21 to 12,56 T Point on Master Plan Road 1,Sector 60 to NH-24 on Master Plan Road 3,Sector 49 to 110 on DSC Road,Vishwa Bharti School to Sector 61 on Master Plan Road 2,Extension of Film City flyover up to Atta underpass and Sector 19 and 27 near Spice Mall.In addition,new underpasses and flyovers will also be constructed at 10 places like Sector 37,Sectors 125,94,95,35,51 crossing,Sectors 19,20,26,27 crossing,Sectors 19,27,18,17 crossing."Rama Raman says: "Noida authority is already working to ease various bottlenecks that are coming in the way of smooth vehicular traffic.Roads in Sector 18,Rajni Gandha Chowk,Sector 37 and Choura Mor,among others,have been widened to ease the traffic pressure.Construction of new elevated roads,underpasses and bridges will be taken up shortly.A detailed project report (DPR) of the Metro line over six different routes is also under preparation.""According to the master plan,the city score well in terms of modern amenities and is also endowed with a healthy environment.Good connectivity to New Delhi and Gurgaon has also made Noida the destination for business travellers and investors,"he adds.


    QUICK BITES


    THE NEW MASTER PLAN ENVISIONS THE CONSTRUCTION OF 2.5 LAKH NEW HOUSES ALONG THE EXPRESSWAY AND ADJACENT TO NOIDA EXTENSION IN THE NEXT THREE YEARS


    A DETAILED PROJECT REPORT OF THE METRO LINE OVER SIX DIFFERENT ROUTES IS ALSO UNDER PREPARATION


    Six Metro networks


    1.Noida City Centre to Sector 71 and NH-24 2.Noida City Centre to Sectors 71,121 and Greater Noida 3.Noida City Centre to Sectors 50,78,142 and along the Expressway to Greater Noida 4.Kalindi Kunj to Botanical Garden (connecting Noida to South Delhi) 5.Sectors 94/124 to Sector 142 via Sector 44 6.Sector 71 to Bodaki in Greater Noida via Sector 121 (this covers the Noida Extension area)


    Major road linkages


    1.FNG Road (NH-24 to Hindon River,Sector 142 Crossing Expressway to Faridabad) 2.From Expressway Sector 150 via Kondli village to Faridabad


    Elevated roads on main routes


    1.Sectors 21 to 12,56 T Point on Master Plan Road 1 2.Sector 60 to NH-24 on Master Plan Road 3 3.Sectors 49 to 110 on DSC Road 4.Vishwa Bharti School to Sector 61 on Master Plan Road 2 5.Extension of Film City flyover up to Atta underpass 6.Sectors 19 and 27 near Spice Mall


    Underpasses/Flyovers

    1.Sector 37,Crossing (construction on) 2.Sectors 125,94,95,35,39,51 Crossing 3.Sectors 52,51,71,72 Crossing 4.Sectors 19,20,26,27 Crossing 5.Sectors 19,27,18,17,Crossing Atta Pir 6.Sectors 24,25,32,21-A Crossing Spice Mall 7.Sectors 22,24,21-A Crossing Adobe Crossing 8.Sectors 32,36 and 39 T Point 9.Sectors 25,25-A,31 and 32 Crossing

    TOI
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  • Originally Posted by cookie
    only Data and Date.. Everywhere construction is going on without NCRB approval. why the hell Noida Extension needs Such approval beforehand? can't understand.


    This is India.. Yahaan Haathi nikal jaati hai aur pooch atak gai..

    BMW has amassed crores by selling dubious land and sufferes are only tax payers of the country
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  • Originally Posted by new_indian
    This is India.. Yahaan Haathi nikal jaati hai aur pooch atak gai..

    BMW has amassed crores by selling dubious land and sufferes are only tax payers of the country

    https://www.indianrealestateforum.com/forum/other-forums/general-real-estate-discussion/202-the-boom-continues?p=116527#post116527

    check this post and the whole thread you will understand many missing links

    rohit
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