पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Now what we call this DRAMA....????

    कब बंटेगा सन् 62 का मुआवजा, भड़के किसान
    अमर उजाला ब्यूरो
    गाजियाबाद। प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय में प्रशासन ने जिन जमीनों का अधिग्रहण किया था, उनका मुआवजा अब तक किसानों को नहीं मिला है। सुप्रीम कोर्ट बढ़ा हुआ मुआवजा देने का आदेश 2009 में ही कर चुका है मगर प्रशासन स्तर पर किसानों की सुनवाई नहीं हो रही। गुस्साए किसानों ने सोमवार को डीएम से मिलकर अपना व्यथा सुनाई।

    दोपहर में सपा नेता रामानंद गोयल के नेतृत्व में किसानों ने पहले कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। फिर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में शामिल रजापुर, डंडाहेड़ा, कैला, मवई, मिर्जापुर, नासिरपुर, घूकना, करहेड़ा, पसौंडा, अर्थला के किसानों का कहना था कि 1962 में उनकी जमीनों का अधिग्रहण 35 पैसा प्रति गज के रेट से हुआ था। किसानों ने इसकेखिलाफ कोर्ट की शरण ली।

    बाद में हाईकोर्ट ने मुआवजा 6.80 पैसे तय कर दिया था। इससे भी ज्यादा मुआवजा मांगते किसानों ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी। वहां से हाईकोर्ट का ही फैसला बरकरार रखा गया। सुप्रीम कोर्ट ने 2009 में 6.80 रुपये प्रति गज के भुगतान का आदेश गाजियाबाद प्रशासन को दिया था। तब से कितने ही डीएम और एडीएम बदल गए मगर आज तक किसानों को पैसा नहीं बांटा गया है।

    सपा नेता गोयल ने बताया कि डीएम ने जल्द ही कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रतिनिधि मंडल में रामचंद्र त्यागी, धर्मपाल त्यागी, जयप्रकाश, चौहान, महावीर सिंह, योगेंद्र वीरभान, रामेंद्र चौहान, नरेंद्र चौधरी, शीशपाल, कालूराम आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
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  • Lag gai waat NE allotment ki..??
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  • सुनवाई प्रभावित करने के लिए किया जा रहा निर्माण

    ग्रेटर नोएडा: साकीपुर गांव के किसानों ने प्रदेश सरकार को पत्र लिख आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में जमीन अधिग्रहण के मामलों की सुनवाई प्रभावित करने के लिए प्राधिकरण बिल्डरों का निर्माण कार्य बंद नहीं करा रहा है। सरकार से अविलंब बिल्डरों का निर्माण कार्य बंद कराने का आग्रह किया गया है।

    किसानों ने कहा कि 21 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से प्राधिकरण का मास्टर प्लान मंजूर होने तक बिल्डरों का निर्माण बंद कराने का आदेश दिया था। किसान इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए। किसानों ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उन्हें जमीन वापस चाहिए, वे जमीन पर खेती करना चाहते हैं। शीघ्र इस पर सुनवाई होगी। वहीं प्राधिकरण और बिल्डर मौके पर निर्माण कार्य करा रहे हैं ताकि कोर्ट में यह तर्क दिया जा सके कि जमीन खेती लायक नहीं रही है। अनेक बिल्डरों ने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना कर साठ से सत्तर से फीसद निर्माण पूरा कर लिया है। जून में न्यायालय बंद रहेगा। बिल्डरों का कार्य नहीं रोका गया तो सुनवाई शुरू होने से पहले मौके पर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने अब तक प्राधिकरण के मास्टर प्लान को स्वीकृति नहीं दी है। इसलिए सरकार अविलंब निर्माण कार्य को बंद कराए।

    -Dainik jagran
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    सुनवाई प्रभावित करने के लिए किया जा रहा निर्माण

    ग्रेटर नोएडा: साकीपुर गांव के किसानों ने प्रदेश सरकार को पत्र लिख आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में जमीन अधिग्रहण के मामलों की सुनवाई प्रभावित करने के लिए प्राधिकरण बिल्डरों का निर्माण कार्य बंद नहीं करा रहा है। सरकार से अविलंब बिल्डरों का निर्माण कार्य बंद कराने का आग्रह किया गया है।

    किसानों ने कहा कि 21 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से प्राधिकरण का मास्टर प्लान मंजूर होने तक बिल्डरों का निर्माण बंद कराने का आदेश दिया था। किसान इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए। किसानों ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उन्हें जमीन वापस चाहिए, वे जमीन पर खेती करना चाहते हैं। शीघ्र इस पर सुनवाई होगी। वहीं प्राधिकरण और बिल्डर मौके पर निर्माण कार्य करा रहे हैं ताकि कोर्ट में यह तर्क दिया जा सके कि जमीन खेती लायक नहीं रही है। अनेक बिल्डरों ने हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना कर साठ से सत्तर से फीसद निर्माण पूरा कर लिया है। जून में न्यायालय बंद रहेगा। बिल्डरों का कार्य नहीं रोका गया तो सुनवाई शुरू होने से पहले मौके पर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने अब तक प्राधिकरण के मास्टर प्लान को स्वीकृति नहीं दी है। इसलिए सरकार अविलंब निर्माण कार्य को बंद कराए।

    -Dainik jagran



    Supreme court shud note wat sahberi villagers are now doing- becoming builder n planning township. They sud get justice but Their plea that they want their land for farming sud nt be entertained.
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  • Noida flat buyers seek Kamal Nath's help

    Noida flat buyers seek Kamal Nath's help
    PTI | May 22, 2012, 07.10PM IST
    Article
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    NOIDA: Gautam Buddh Nagar MP Surendra Nagar today submitted a memorandum to Union Minister Kamal Nath seeking his intervention in addressing concerns of flat buyers in Noida Extension.

    "We are more than 2 lakh buyers who bought flats in Noida Extension and nearby places. While booking flats we have ensured the builders complied with all legal procedures. We have taken loans from private banks for which all of us are paying huge interests every month," the Noida Extension Flat Owners and Members Association said in its memorandum.

    The court has directed to stop the development work till the 2021 Master Plan is approved with all the incorporations as suggested by the National Planning Board, it quoted NEFOMA general secretary Shweta Bharti as saying.

    The UP government has already incorporated all guidelines and suggestions put forth by the National Planning Board. It has also passed the 2021 Master Plan and sent it to the National Capital Regional Planning Board, she said.

    NCRPB kept on delaying the approval of the Master Plan by rescheduling meetings and hence no decision has been taken so far even after lapse of a long time, the memorandum said.

    "We appeal to you to take appropriate steps so that the delay in approving the 2021 Master Plan are not extended further more by the National Capital Regional Planning Board," it said.

    TOI
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  • आबादी निस्तारण के लिए सर्वे टीम गठित

    आबादी निस्तारण के लिए सर्वे टीम गठित
    May 22, 08:17 pm
    बताएं
    ग्रेटर नोएडा, संवाददाता : लंबे समय से रुकी किसानों के आबादी का निस्तारण करने की प्रक्रिया प्राधिकरण ने फिर शुरू कर दी है। आबादी का सर्वे करने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम गठित की गई है। टीम 24 मई से गांवों में जाकर सर्वे करेगी। सर्वे रिपोर्ट प्राधिकरण के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी को सौंपा जाएगा। इसके बाद किसानों की आपत्तियां सुनकर आबादी का निस्तारण किया जाएगा।
    आबादी व्यवस्थापन के लिए उप मुख्य कार्यपालक की अध्यक्षता में टीम बनाई गई है। टीम में प्रबंधक परियोजना, प्रबंधक नियोजन, तहसील व प्राधिकरण के नायाब तहसीलदार व लेखपाल शामिल हैं। आबादी का सर्वे के लिए पांच गांवों का चयन किया गया है। हर गांवों में आबादी का सर्वे करने के लिए अलग-अलग तिथि निर्धारित की गई है। टीम 24 मई को चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी, 25 मई को रिठौरी, 26 मई को अजायबपुर, 28 मई को बिरौंडी चक्रसेनपुर, 29 मई को बिरौंडा गांव जाकर आबादी का सर्वे करेगी। इसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी को सौपेंगी। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम सर्वे रिपोर्ट के आधार आबादी का निस्तारण करेगी। आबादी का निस्तारण करने से पहली टीम गांववार किसानों के साथ बैठक कर उनकी आपत्तियां सुनेगी।
    बता दें कि आबादी का निस्तारण करने के लिए किसान लंबे अर्से से प्राधिकरण कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के साथ ही प्राधिकरण ने आबादी निस्तारण का काम रोक दिया था। चुनाव संपन्न होने के बाद भी किसानों की आबादी का निस्तारण नहीं हो पा रहा था। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमा रमण ने किसानों की समस्या का देखते हुए आबादी का निस्तारण करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।

    jagran
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  • खाली जमीन का डेटा हो रहा तैयार


    नोएडा, सं : हाईकोर्ट के आदेशानुसार किसानों को उनका लाभ देने की कवायद प्राधिकरण ने फिर शुरू कर दी है। मंगलवार को डीसीईओ विजय यादव ने किसान प्रतिनिधियों संग बैठक भी की। किसानों को उनकी अर्जित भूमि के सापेक्ष पांच फीसदी के भूखंड आवंटित करने के लिए भी प्राधिकरण खाली जमीनों का डेटा तैयार कराने में जुट गया है।
    विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के बाद से ही किसानों को हाईकोर्ट के निर्देशानुसार दस प्रतिशत विकसित भूमि और 64 फीसदी के अतिरिक्त मुआवजे का लाभ मिलना बंद हो गया था। बाद में किसान प्रतिनिधियों ने कई बार इस संबंध में प्राधिकरण अधिकारियों से मुलाकात भी की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पिछले सप्ताह ही प्राधिकरण में अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन किया गया। इसके बाद किसानों का काम भी शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण ने भू-विभाग को क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन का डेटा तैयार करने को कहा है, ताकि किसानों को पांच फीसदी के प्लॉट देने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। उम्मीद है कि डेटा तैयार कर बोर्ड बैठक के बाद प्राधिकरण किसानों को आवासीय भूखंड और अतिरिक्त मुआवजे का लाभ देना शुरू कर देगा। इधर डीसीईओ विजय यादव ने भी सोमवार को किसानों की मांग व समस्याएं निस्तारित करने के लिए किसान प्रतिनिधियों संग बैठक की। बैठक में उन्होंने किसान प्रतिनिधियों से भी उनकी समस्या के समाधान के लिए सुझाव मांगे हैं। बैठक में किसानों की तरफ से दलबीर यादव, महेश अवाना, मनोज चौहान, लीले प्रधान आदि उपस्थित थे।




    -dainik jagran
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  • किसान एक जून को करेंगे प्राधिकरण का घेराव


    ग्रेटर नोएडा, संवाददाता : मांग पूरी न होने के विरोध में किसान एक जून को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का घेराव करेंगे। यह निर्णय मंगलवार को डाबरा गांव में हुई पंचायत में लिया गया। किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्राधिकरण उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रहा है। विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने की वजह से कई किसानों के आबादी के मामले निस्तारित होने से रह गए थे। बैकलीज की कार्रवाई को भी रोक दिया गया था। चुनाव आचार संहिता को हटे दो माह से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी तक प्राधिकरण ने आबादी निस्तारण का कार्य शुरू नहीं किया है। आबादी की बैकलीज भी नहीं की जा रही है। हाईकोर्ट के निर्देश पर दिया जा रहा 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान भी रोक दिया गया है। किसानों ने वारिसान प्रमाण पत्र के आधार पर मुआवजे की मांग की थी। प्राधिकरण ने आश्वासन दिया था कि शीघ्र वारिसान प्रमाण पत्र के आधार पर मुआवजा मिलने लगेगा। किसानों की किसी भी मांग पर अमल नहीं हुआ है। इससे किसानों में रोष बढ़ रहा है। डीसीईओ अखिलेश सिंह ने किसानों के साथ वार्ता कर आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा किया जाएगा, लेकिन किसान आश्वासन से सहमत नहीं हुए।

    dainik jagran
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  • नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों ने कमल नाथ को ज्ञापन सौंपा


    ग्रेटर नोएडा, संवाददाता : एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान 2021 मंजूर होने में हो रही देरी से नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर एंड मेंबर एसोसिएशन (नेफोमा) ने मंगलवार को सांसद सुरेंद्र सिंह नागर के माध्यम से केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ को ज्ञापन सौंपकर जल्द मास्टर प्लान मंजूर कराने की मांग की।
    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक मंगलवार को होने वाली थी। बोर्ड बैठक की औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के कारण आगे के लिए टाल दी गई हैं। बोर्ड बैठक की तिथि अब तक सुनिश्चित नहीं हो पाई है। बोर्ड बैठक टलने से नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। नेफोमा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को बैठककर सांसद सुरेंद्र सिंह नागर से जाकर मिले। सांसद के माध्यम से निवेशकों ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन भेजा। निवेशकों ने कहा कि एक साल से लाखों लोग फ्लैट का सपना लिए घूम रहे हैं। जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई को फ्लैट बुक कराने में लगा दिया। शहर का मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर नहीं होने के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य बंद करा दिया है। अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान की सारी कमियों को दूर कर दिया है तो प्लानिंग बोर्ड की बैठक आगे बढ़ती जा रही है। इससे निवेशकों पर वित्तीय भार बढ़ता जा रहा है। निवेशकों ने शहरी विकास मंत्री से मास्टर प्लान जल्द मंजूर कराने की मांग की है।




    -dainik jagran
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  • नोएडा एक्सटेंशन के खरीदारों को राहत के लिए केंद्र से गुहार


    नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट खरीदकर फंसे ग्राहकों की दिक्कतें दूर करने के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगाई गई है। केंद्र से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए मास्टर प्लान-2021 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआर प्लानिंग बोर्ड) की अगली ही बैठक में मंजूरी दिलाने की मांग की गई है।
    गौतमबुद्धनगर संसदीय क्षेत्र के बसपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने मंगलवार को यह मामला शहरी विकास मंत्री कमलनाथ के सामने उठाया। उन्होंने कहा, नोएडा एक्सटेंशन और उसके अगल-बगल के क्षेत्रों में लगभग दो लाख से अधिक लोगों ने निजी बिल्डरों की विभिन्न योजनाओं में फ्लैट बुक कराए हैं। बुकिंग के समय बिल्डर्स ने ग्राहकों को सारे कानूनी नियम-कायदों पर अमल करने का पूरा भरोसा दिया था, लेकिन वैसा हुआ नहीं। जबकि, उस भरोसे पर ही ग्राहकों ने निजी बैंकों से कर्ज ले लिया, जिसके लिए उन्हें हर महीने भारी ब्याज चुकाना पड़ रहा है और फ्लैट मिलने की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। इलाहाबाद हाइ कोर्ट के आदेश पर एक्सटेंशन के सभी निर्माण कार्य भी रोके जा चुके हैं।
    बसपा सांसद के मुताबिक नोएडा एक्सटेंशन की दिक्कतें दूर करने के बारे में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के दिशा-निर्देशों की रोशनी में सुझावों को शामिल करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बोर्ड को नया प्रस्ताव भेजा है। बोर्ड की अगली बैठक 29 मई को प्रस्तावित है। लिहाजा शहरी विकास मंत्री से उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भेजे गए मास्टर प्लान 2021 को अगली बैठक में ही मंजूरी दिलाने की मांग की गई है। नोएडा एक्सटेंशन में कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान 2021 को मंजूरी मिलना जरूरी है।



    dainik jagran
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  • नोएडा एक्सटेंशन पर मंत्री के नाम सांसद की पाती
    पत्र लिखकर किया मास्टर प्लान को मंजूरी दिलाने के लिए हस्तक्षेप का आग्रह

    अमर उजाला ब्यूरो
    ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर नोएडा एक्सटेंशन के मामले को काफी गंभीरता से लेने का आग्रह किया है। पिछले एक साल से भी ज्यादा से लाखों लोग इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी भी एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी नहीं मिली है।
    सांसद ने सिलसिलेवार नोएडा एक्सटेंशन मामले का जिक्र किया है। पत्र में कहा गया है कि प्राधिकरण ने जब जमीन का आवंटन किया तो बिल्डरों से सभी औपचारिकताएं पूरी कराईं। इसका उदाहरण यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया और बिल्डरों को आवंटित जमीन को गलत नहीं माना है। इसके अलावा एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने जो भी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा, उन्हें भी प्राधिकरण और शासन ने पूरा कर दिया है। शासन भी मास्टर प्लान-2021 के लिए सहमति दे चुका है। इसका पत्र पहले ही प्लानिंग बोर्ड को भेजा जा चुका है। इसके बाद भी अभी तक प्लान मंजूर नहीं किया गया है। पत्र में उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि लाखोें लोगों ने बैंकों से ऋण लेकर फ्लैट बुक कराए हैं। बैंकों को हर माह किस्तें दी जा रही हैं, जबकि निवेशकों का इसमें कोई दोष नहीं है। मंत्री से आग्रह किया गया है कि इस मामले में हस्तक्षेप करके तुरंत ही मास्टर प्लान को पास कराया जाए ताकि एक्सटेंशन के विवाद का हल निकल सके।

    ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी गांव के किसानों ने डीएम को ज्ञापन देकर गांव की जमीन पर उन्हें कॉमर्शियल सेंटर और फ्लैट बनाने की इजाजत देने की मांग की है। मालूम हो कि जुलाई 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने शाहबेरी गांव की जमीन का अधिग्रहण रद्द कर लिया था। प्राधिकरण ने बिल्डरों से जमीन वापस लेकर खतौनी में किसानों का नाम चढ़ा दिया। हालांकि मुआवजा कुछ ही किसानों ने वापस किया है। अब शाहबेरी के दर्जनों किसानों ने प्राधिकरण सीईओ और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कहा है कि इस जमीन पर खेती करना मुमकिन नहीं है। लिहाजा फ्लैट और कॉमर्शियल में इसके प्रयोग की एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) दी जाए। प्राधिकरण इन पत्रों की प्रामाणिकता की भी जांच करा रहा है।
    कॉमर्शियल सेंटर, फ्लैट बनाना चाहते हैं किसान
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  • जल्द होगा मुआवजा वितरण

    नोएडा। प्राधिकरण ने किसानों को मुआवजा बांटने के लिए 200 करोड़ रुपये जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बजट जारी होते ही गांवों में कैंप लगाकर पात्र किसानों को सीधा चेक दिया जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ आबादी के भूखंडों के लिए थोड़ा सा और समय लगेगा, इसके लिए प्राधिकरण ने भूलेख से मौजूद भूमि का ब्योरा मांगा है। मुआवजे की मांग को लेकर किसान संघर्ष समिति ने आज मंगलवार को डीसीईओ से मुलाकात भी की।

    ग्रामीणों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए तेजी से कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है। इस संबंध में उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय यादव ने मुआवजे वितरण के लिए 200 करोड़ रुपये की फाइल चला दी है, जो जल्द ही जारी होंगे। इस संबंध में डीसीईओ ने बताया कि दिसंबर माह में आचार संहिता लागू होने के बाद मुआवजा बांटने की प्रक्रिया रोक दी गई थी, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांवों में जाकर प्राधिकरण अधिकारी कैंप लगाएंगे और मौके पर ही पात्र किसानों को मुआवजे का चेक मिलेगा। इसके अलावा आबादी के भूखंड आवंटित करने के लिए थोड़ा समय लग सकता है, क्योंकि भूलेख विभाग से उपलब्ध जमीन का ब्योरा मांगा गया है।
    वहीं, दूसरी तरफ मंगलवार को किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने भी डीसीईओ से मुलाकात करके मुआवजा वितरण की मांग रखी। समिति के प्रवक्ता महेश अवाना ने बताया कि किसानों को मुआवजे देने पर आश्वासन मिल गया है। साथ ही गांवों के विकास का काम और अन्य चीजों में स्थानीय किसान को प्राथमिकता देने की मांग भी रखी गई। इस मौके पर दलवीर यादव, मनोज चौहान, लीले प्रधान, गौतम अवाना, सुदेश अवाना और अन्य सदस्य मौजूद रहे।

    200 करोड़ जारी करने की प्रक्रिया शुरू
    गांवों में कैंप लगाकर दिया जाएगा चेक
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  • NCR planning board approved G.N. Master Plan...????

    One of my source has just confirmed that planning board has already approved MP-2021 but not yet disclosed.. can someone pls confirm..???
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    NCR planning board approved G.N. Master Plan...????

    One of my source has just confirmed that planning board has already approved MP-2021 but not yet disclosed.. can someone pls confirm..???

    Mr Super Moderator!! rumors pe mut jaayo! thodi apni akal lagao :) There is no such news in the RE as of now!
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    NCR planning board approved G.N. Master Plan...????

    One of my source has just confirmed that planning board has already approved MP-2021 but not yet disclosed.. can someone pls confirm..???


    Kill me if that's true.
    Deepaul may confirm...;)
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