पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • प्राधिकरण पर धरना आज
    ग्रेटर नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन क्षेत्र के किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर पर एक जून को होने वाले धरने की तैयारी पूरी कर ली है। धरने में टीम अन्ना के सदस्य मनीष सिसौदिया भी शामिल होंगे।
    किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी का कहना है कि गुरुवार को पता चला कि किसानों की समस्याएं सही ढंग से निस्तारित करने वाले डीसीईओ अखिलेश सिंह का प्रदेश सरकार ने तबादला कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार साफ छवि के अफसरों को बेवजह परेशान कर रही है। उन्होंने बताया कि धरने की तैयारी के लिए गांवों के दौरे में उन्हें भारी समर्थन मिला है।
    -Amar Ujala
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    नोएडा एक्सटेंशन विवाद
    मध्य जून तक निपटारे के आसार
    मास्टर प्लान पास होने के बाद ही होगी ग्रेनो प्राधिकरण बोर्ड की बैठक

    ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। नोएडा एक्सटेंशन से जुड़े लोगों को 15 जून के आसपास खुशखबरी मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस तिथि के आसपास मास्टर प्लान पास हो जाएगा। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक भी होने का अनुमान है। प्राधिकरण इसकी तैयारी कर रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक, एनसीआर प्लानिंग कमेटी के कुछ अधिकारी इन दिनों अवकाश पर हैं। ये सभी मध्य जून तक ड्यूटी पर लौट आएंगे। इसके बाद ही कमेटी की बैठक होगी, जिसमें मास्टर प्लान 2021 पास होने की पूरी संभावना है। इसकी तैयारी के लिए प्राधिकरण कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

    ग्रेनो प्राधिकरण की तरफ से हर रोज कोई न कोई अधिकारी दिल्ली जाकर मास्टर प्लान की सभी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। जिस वक्त मास्टर प्लान भेजा गया था, तब से अब तक हालात काफी बदल चुके हैं। इसीलिए नए सिरे से औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ रही हैं।

    प्राधिकरण चाहता है कि पहले नोएडा एक्सटेंशन का विवाद का हल हो जाए, इसके बाद ही बोर्ड बैठक बुलाई जाए, ताकि किसानों के आबादी के मामले पास कराए जा सकें। इसके बाद नए वित्तीय वर्ष का बजट भी पास करना है।

    प्राधिकरण की कोशिश है कि आबादी के जो मामले रह गए हैं, उनका निस्तारण 15 जून तक कर लिया जाए। इसके लिए जिन पांच गांवों की आबादी का सर्वे हो चुका है, उनकी बैठक शीघ्र बुलाकर आबादी छोड़ दी जाए। जिन गांव के मामले रह गए हैं, उनके लिए सर्वे की तिथि दोबारा रखकर निस्तारण कर दिया जाए। ताकि आगामी बोर्ड बैठक में किसानों की कोई शिकायत बाकी न रहे।

    Amar Ujala


    Har mahine ki 1st ko article nikal dete hein 15th tak hojayaga... den.. it started next month.............
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  • As Gaur City I ,II ,Amrapali Golfhomes and some other project in Noida Extn are in Haibatpur village and we didn't came to know from any sources that Haibatpur's farmers has gone to Superme Court. If Haibatpur's farmers has not gone to SC then construction should be started immediately once NCRPB approval comes. If not, then what are the formalities will be required by builder to start construction.
    Sr. Member , Please suggest.
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  • Originally Posted by ankit101
    As Gaur City I ,II ,Amrapali Golfhomes and some other project in Noida Extn are in Haibatpur village and we didn't came to know from any sources that Haibatpur's farmers has gone to Superme Court. If Haibatpur's farmers has not gone to SC then construction should be started immediately once NCRPB approval comes. If not, then what are the formalities will be required by builder to start construction.
    Sr. Member , Please suggest.


    Well with little knowledge I have unfortunately incase of Noida extension I do not expect resolution in bits and pieces but it will be in common for all ....

    Infact some part of the land at present may not be in litigation but the farmers may be disorganized but the expectation to get some extra $$ bring all of them togather ...

    So until and unless they are not happy with the resolution they will never let any builder work at peace in the regions ....

    Before the violent protest of Lathis all the justice and even the law of the land fails
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  • Req to all NE buyers to post ur view at IAC FB wall (link is given below) to make team Anna aware of buyers cause..As today team anna is supporting farmers..

    https://www./IndiACor


    hose who dont have FB please send email to following email ids.


    info@annahazare.org
    annahazare1@gmail.com
    bvjralegan@gmail.com
    bvjlokpal@gmail.com
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  • Noida Extension homebuyers, who have been eagerly awaiting clearance of Master Plan 2021 of Greater Noida Authority from the NCR Planning Board, in the belief that construction of residential projects would begin thereafter, the promise meted out to them that clearance would be accorded on 29 May, turned out to be another damp squib. Homebuyers, who have been promised several deadlines for the clearance in the past, without any concrete outcome thereof, have now planned a dharna outside the office of NCRPB on June 8.

    Noida Extension homebuyers, who have been eagerly awaiting clearance of Master Plan 2021 of Greater Noida Authority from the NCR Planning Board, in the belief that construction of residential projects would begin thereafter, the promise meted out to
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  • Noida Ext flat owners threaten campaign against Team Anna

    Noida: Protesting Team Anna member Manish Sisodia's visit to Greater Noida in support of local farmers, a flat owners' association in Noida today threatened to launch a campaign against them.

    Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) warned the Team Anna against "ignoring their interests."

    Sisodia is scheduled to meet farmers affected by the land acquisition in Noida Extension today.

    NEFOMA threatened to show black flags to the Team Anna members and launch campaign against them.

    "We condemn Teams Anna's move. They are trying to politicise the issue and playing with our sentiments. We warn them if they did not stop all this then we will show them black flags where-ever they go," said Shweta Bharti representative of NEFOMA.

    "We, on behalf of over 1 lakh middle class Noida Extension flat buyers, invite Team Anna to come and join our dharna on June 8 at NCRPB Office, Lodhi Road, New Delhi," said Bharti.

    Today NEFOMA had a meeting at Sector-5, Noida, where besides condemning Anna Team's move they also held discussions on the forthcoming dharna.

    The dharna would be organised by the association demanding approval of Noida Extension projects immediately.

    Every month we heard approval is coming but it kept on delaying, alleged Bharti.






    Noida Ext flat owners threaten campaign against Team Anna
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  • Noida Extension farmers to file PIL


    NOIDA: Farmers from Noida Extension villages have decided to approach the Allahabad high court with a petition alleging that Greater Noida Authority allotted plots cut out from land acquired in the region to real estate developers even before changing the land use pattern in the Master Plan.

    Farmers have prepared the PIL based upon RTI documents obtained from the Authority and have demanded enquiry by an independent investigative agency to establish if land had not been acquired forcibly to favour private developers.

    "The Authority had launched schemes for private developers in Noida Extension region in 2010, but plots had been allotted well before the change of land use," said farmers' lawyer Parmindera Bhati. "Land had been acquired from us citing industrial development, but later it was sold off to private developers and land use pattern changed from industrial to residential. We want an enquiry by an independent investigative agency to verify if laws had not been twisted to favour private developers," said Bhati.

    Greater Noida Authority had launched four residential schemes in Noida Extension - BRS01, BRS02, BRS03, BRS04 - in 2010. The basic allotment rate for each square metre of land in the first two schemes was Rs 10,000, while for the remaining two schemes the rate had been fixed at Rs 11,000.

    "The opening date of the first scheme was January 22, 2010. But minutes of meetings held in the Authority in the first week of February 2010 show that it was still discussing change in land use," said Bhati. "The reason as to why the Authority was in a hurry to open allotment schemes needs to be investigated," he added.

    In the meeting held in the first week of February 2010, Authority officials had discussed the proposal to change land use along 130m roads in the city from industrial to group housing. The Authority had cited lack of enthusiasm among industries to set shop in the region due to the then ongoing economic recession and the lack of funds at the disposal of the Authority to pay back more than Rs 2,500 crore it had availed as loans to pay compensation in lieu of land acquired.

    A copy of the minutes of the meeting, signed by nearly a dozen senior officials of the Greater Noida Authority, is with TOI apart from RTI documents disclosing the dates of opening and closing of the group housing schemes.

    The proposal had been mooted as per the suggestions of the property department of the Authority. It had been decided in the meeting that upon passing the proposal of land use change in the next board meeting, objections would be invited from general public. "However, no public hearing was done," said Bhati.

    Noida Extension farmers to file PIL - The Times of India
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  • नेफोमा टीम अन्ना को दिखाएगा काले झंडे


    टीम अन्ना की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब नोएडा एक्सटेंशन के फ्लैट खरीदारों की एसोसिएशन 'नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन' (नेफोमा) ने टीम अन्ना को काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी है। दरअसल, नेफोमा स्थानीय किसानों को टीम अन्ना के सदस्यों से लगातार मिल रहे समर्थन से खफा हैं। उन्हें डर है कि टीम अन्ना द्वारा स्थानीय किसानों को दिया जा रहा एकतरफा समर्थन फिर से नोएडा एक्सटेंशन पर राजनीतिक बवंडर न खड़ा कर दे। जैसा कि पिछले वर्ष क्षेत्र में राहुल गांधी के दौरे के दौरान हुआ था। इससे पहले भी टीम अन्ना को कई जगह पर काले झंडे दिखाने का मामला सामने आ चुका है।

    नोएडा एक्सटेंशन को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिलने में लगातार हो रही देरी से खफा एसोसिएशन पदाधिकारियों ने शुक्रवार को नोएडा के सेक्टर पांच स्थित अपने कार्यालय में बैठक की। पदाधिकारियों ने आठ जून को सुबह दस बजे से एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के दिल्ली स्थित कार्यालय पर धरना देने की रणनीति तैयार की। पदाधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक माह बैठक की तिथि नजदीक आते ही मंजूरी मिलने की उम्मीद बढ़ने लगती है। बैठक के बाद पता चलता है कि मामला फिर एक माह के लिए टल गया। कई माह से फ्लैट खरीदार इसी तरह अपने घर का सपना बनते-टूटते देख रहे हैं।

    एसोसिएशन की महासचिव स्वेता भारती ने बताया कि शुक्रवार को टीम अन्ना के सदस्य मनीष सिसौदिया ग्रेटर नोएडा में स्थानीय किसानों से मिलने पहुंचे थे। एसोसिएशन ने टीम अन्ना के इस कदम की निंदा की है। एसोसिएशन की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में टीम अन्ना पर आरोप लगाया गया है कि वह इस मामले में राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि टीम अन्ना ने किसानों का समर्थन बंद नहीं किया तो वह उन्हें जगह-जगह काले झंडे दिखाएंगे।

    एसोसिएशन ने टीम अन्ना को पत्र लिख आठ जून को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड पर प्रस्तावित अपने धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भी पत्र लिखा है। पत्र में इस बात का भी जिक्र किया है किस तरह वह उनके भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़े रहे हैं। नोएडा एक्सटेंशन के कुछ फ्लैट खरीदारों ने फेसबुक पर टीम अन्ना के पेज पर भी अपना विरोध दर्ज कराया है। एसोसिएशन ने नोएडा एक्सटेंशन के करीब एक लाख फ्लैट खरीदारों से भी आठ जून को प्रस्तावित धरने में शिरकत करने की अपील की है। बैठक में नेफोमा के संस्थापक देवेन्द्र कुमार, अध्यक्ष अभिषेक कुमार, उपाध्यक्ष अनु खान, निदेशक विजय त्रिवेदी, सहायक संस्थापक इदरिश गुप्ता और महासचिव स्वेता भारती सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।



    नेफोमा टीम अन्ना को दिखाएगा काले झंडे - Jagran Yahoo! India
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  • टीम अन्ना के किसानों को समर्थन पर भड़का नेफोमा
    अधिग्रहण के लिए कीमत तय करने का अधिकार किसान को हो: सिसौदिया

    अमर उजाला ब्यूरो
    ग्रेटर नोएडा। किसान संघर्ष समिति की अगुवाई में किसानों ने विभिन्न मांगों के समर्थन में शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर के समक्ष धरना दिया। इस मौके पर किसानों को संबोधित करते हुए टीम अन्ना के सदस्य मनीष सिसौदिया ने कहा कि जमीन अधिग्रहण के दौरान उसकी कीमत तय करने का अधिकार किसान को होना चाहिए। जब तक ग्राम सभा स्तर पर जमीन अधिग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका तय नहीं होगी, किसानों का शोषण रोकना मुश्किल होगा। इसलिए, जरूरी है कि कानून में बदलाव करके व्यवस्था में सुधार किया जाए। सिसौदिया ने किसानों की सभी मांगों को जायज ठहराते हुए इनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसान जब भी चाहेंगे, वह उनके संघर्ष में साथ देने को मौजूद रहेंगे।

    इस मौके पर समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने कहा कि पिछले तीन साल से किसानों की लड़ाई लड़ी जा रही है।

    प्राधिकरण की टालमटोल की नीति के कारण ही नोएडा एक्सटेंशन विवाद खड़ा हुआ है। क्षेत्र का हर व्यक्ति किसी न किसी तरह से प्रभावित हो रहा है। जमीन अधिग्रहण प्रतिरोध आंदोलन के प्रवक्ता डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कि किसानों की ही बदौलत प्राधिकरण का वजूद है, लेकिन प्राधिकरण किसानों के साथ ही वादाखिलाफी कर रहा है। आबादी, मुआवजा, जमीन और विकास कार्य के मुद्दे जब तक तय नहीं होंगे, किसान संघर्ष करते रहेंगे।

    धरना-प्रदर्शन के बाद समिति की ओर से प्राधिकरण अधिकारियों को आबादी, वारिसान प्रमाण पत्र, बैक लीज समेत 10 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांगे पूरी करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया है।

    Amar Ujala
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  • ‘आगे बयान दिया तो टीम अन्ना को दिखाएंगे काले झंडे’

    नोएडा। किसानों के पक्ष में टीम अन्ना के सदस्य मनीष सिसौदिया के दिए गए बयान के बाद टीम अन्ना और नेफोमा (नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर्स एंड मेंबर्स एसोसिएशन) आमने-सामने आ गए हैं। नेफोमा ने चेतावनी दी है कि अगर टीम अन्ना इस तरह का बयान देती रही तो नेफोमा इसका विरोध करेगी और जहां भी टीम अन्ना के सदस्य जाएंगे, उनको काले झंडे दिखाए जाएंगे।

    शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा आए मनीष सिसौदिया ने किसानों की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अधिग्रहण को रद्द करने की बात कही। नेफोमा अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने विज्ञप्ति जारी कर इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा है, कि एक्सटेंशन के बायर्स अपना आशियाना पाने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले एक साल से यह विवादों में फंसा है। एसोसिएशन ने इस बयान पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि इससे तमाम बायर्स की भावनाओं को ठेस पहुंची है। टीम अन्ना के सदस्यों को ऐसे बयानों से बचने की सलाह देते हुए चेतावनी दी कि अगर ऐसे बयान दिए गए तो जहां भी वे जाएंगे, उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे।

    अन्ना को पत्र लिखकर मांगा समर्थन
    नोएडा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिलने में देरी पर विरोध जताने के लिए आगामी आठ जून को प्रस्तावित धरने के लिए नेफोमा ने अन्ना हजारे का साथ मांगा है। शुक्रवार को अन्ना हजारे को पत्र लिखकर आगामी आठ जून को प्रस्तावित धरने में शामिल होने की अपील की है।

    नेफोमा ने पत्र में लिखा है, कि नोएडा एक्सटेंशन से एक लाख लोगों के घर का सपना जुड़ा हुआ है। ये सभी 15 से 25 हजार रुपये महीना कमाने वाले लोग हैं। नेफोमा अध्यक्ष ने पत्र में लिखा है, कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में नेफोमा ने पूरा साथ दिया है। इस मुद्दे पर टीम अन्ना को बायर्स का साथ देना चाहिए। गौरतलब है नोएडा एक्सटेंशन को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिलने में देरी के चलते नेफोमा आठ जून को बोर्ड के कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी में है।

    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण दफ्तर के बाहर किसानों के धरने को संबोधित करते टीम अन्ना के सदस्य मनीष सिसौदिया।
    सुनील शर्मा
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  • पांच प्रतिशत आबादी और मुआवजे की फाइलें खुलीं
    अमर उजाला ब्यूरो
    नोएडा। दिसंबर से अटका मुआवजा और पांच प्रतिशत आबादी के भूखंडों का मामला जल्द ही निपटा लिया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण ने फाइलों को खोल दिया है और कार्रवाई करने की तैयारियां शुरू हो चुकी है। डीसीईओ से मिलने पहुंचे किसानों को यह आश्वासन दिया गया और एडीएम की नियुक्ति होने के साथ ही मुआवजा बांटने का काम शुरू कर दिया जाएगा, जबकि आबादी के प्लाट का निस्तारण भी करेंगे।

    प्राधिकरण में 2011 किसानों के साथ विवाद के नाम रहा। मई से शुरू हुए आंदोलन और समझौते के बीच पूरा साल गुजर गया। इस दौरान जब कार्यों की रफ्तार पटरी पर आई, वैसे ही चुनाव आयोग ने आचार संहिता लागू कर दी। इसके बाद दिसंबर से मुआवजा वितरण से लेकर पांच प्रतिशत आबादी के मामले अटक गए। मार्च में आचार संहिता समाप्त हुई और नई सरकार ने सत्ता संभाली। इसके बाद तबादलों का दौर शुरू हो गया। इन सबके बीच किसानों की समस्याओं का निस्तारण का मामला फंसा रहा।

    मुआवजे और पांच प्रतिशत आबादी के मामले को लेकर कई गांवों के किसानों ने उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय यादव से मुलाकात की। उन्होंने मौके पर ही आश्वासन दिया कि फाइलें खोल दी गई हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वह पात्र किसानों की सूची बनाकर तैयारियां कर लें। डीसीईओ ने बताया कि जिले में एडीएम की नियुक्ति नहीं हुई है, जैसे ही कोई अफसर कुर्सी संभालेगा इन मामलों को प्राथमिकता के साथ निस्तारित कर लिया जाएगा। जुलाई मध्य तक किसानों के सभी मामलों को समाप्त कर लेंगे।

    प्राधिकरण ने शुरू की तैयारियां, जल्द होगा वितरण
    एडीएम के नियुक्त होते ही बांटे जाएंगे आबादी प्लाट
    डीसीईओ से मिलने पहुंचे किसानों को मिला आश्वासन
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  • Noida Ext flat owners threaten campaign against Team Anna


    Noida: Protesting Team Anna member Manish Sisodia's visit to Greater Noida in support of local farmers, a flat owners' association in Noida today threatened to launch a campaign against them.

    Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) warned the Team Anna against "ignoring their interests."

    Sisodia is scheduled to meet farmers affected by the land acquisition in Noida Extension today.

    NEFOMA threatened to show black flags to the Team Anna members and launch campaign against them.

    "We condemn Teams Anna's move. They are trying to politicise the issue and playing with our sentiments. We warn them if they did not stop all this then we will show them black flags where-ever they go," said Shweta Bharti representative of NEFOMA.

    "We, on behalf of over 1 lakh middle class Noida Extension flat buyers, invite Team Anna to come and join our dharna on June 8 at NCRPB Office, Lodhi Road, New Delhi," said Bharti.

    Today NEFOMA had a meeting at Sector-5, Noida, where besides condemning Anna Team's move they also held discussions on the forthcoming dharna.

    The dharna would be organised by the association demanding approval of Noida Extension projects immediately.

    Every month we heard approval is coming but it kept on delaying, alleged Bharti.

    financial express
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