पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • नोएडा एक्सटेंशन के मास्टर प्लान को हरी झंé

    नोएडा एक्सटेंशन के मास्टर प्लान को हरी झंडी
    नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता
    First Published:28-06-12 11:25 PM
    Last Updated:28-06-12 11:28 PM

    ई-मेल प्रिंट टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-
    नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट की आस में बैठे लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की वैधानिक समिति ने नोएडा एक्सटेंशन के मास्टर प्लान को कुछ सिफारिशों के साथ हरी झंडी दे दी है। इसमें अब नोएडा एक्सटेंशन में पर्यावरण और सामाजिक संतुलन का विशेष रूप से ध्यान रखने को कहा गया है।



    वैधानिक समिति की गुरुवार को हुई अहम बैठक में यह फैसला किया गया। बोर्ड को सिफारिश भेजते हुए समिति ने न सिर्फ आवासीय योजनाओं में समाज के सभी तबकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की पहल की है बल्कि पर्यावरण की सेहत को भी दुरुस्त रखने की व्यवस्था की है।

    कमेटी ने सिफारिश की है कि नोएडा एक्सटेंशन में हर हाल में कम से कम 16 प्रतिशत हरित क्षेत्र सुरक्षित रखना होगा। साथ ही 20 से 25 प्रतिशत जगह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सुरक्षित रखनी होगी।
    पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान रखने के लिए कमेटी ने बोर्ड को कारगर उठाने की सिफारिश की है। इसके लिए पर्यावरण को नुकसान पंहुचा रही भवन निर्माण की मौजूदा पद्धति को नकारते हुए कमेटी ने प्रत्येक आवासीय परियोजना में प्रदूषण रहित क्लीन टेक्नॉलजी अपनाना सुनिश्चित करने की सिफारिश की है। हालांकि सिफारिशों में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बिल्डर्स के लिए पश्चिमी देशों में प्रचलित ग्रीन टेक्नॉलजी अपनाना अनिवार्य होगा या नहीं। कमेटी ने आवास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम करने के लिए प्रत्येक प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले पर्यावरण प्रबंधन योजना तैयार करने की अनिवार्यता को भी सख्ती से लागू किए जाने की भी वकालत की है।

    hindustan
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  • नोएडा एक्‍सटेंशन में घर बुक कराने वालों कí

    नोएडा एक्‍सटेंशन में घर बुक कराने वालों को राहत




    नोएडा एक्सटेंशन में घर बुक करने वालों के लिए एक खुशखबरी है. 2021 के मास्टर प्लान को जल्‍द ही पूरी तरह से हरी झंडी मिल सकती है.
    इससे नोएडा एक्‍सटेंशन में घर बुक कराने वालों को जल्द मकान मिल सकेंगे. दिल्‍ली स्थित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की एक समिति ने मास्‍टर प्‍लान, 2021 को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है. इस पर आखिरी मुहर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में लगेगी.

    गौरतलब है कि नोएडा एक्सटेंशन में करीब दो लाख निवेशकों ने फ्लैट बुक कराए हैं. इलाहाबाद हाइकोर्ट ने आदेश दिया था कि एनसीआर प्‍लानिंग बोर्ड से मास्‍टर प्‍लान को मंजूरी मिले बिना नोएडा एक्‍सटेंशन में निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा.



    और भी... नोएडा एक्‍सटेंशन में घर बुक कराने वालों को राहत: ख़बरें: आज तक
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  • नोएडा एक्सटेंशन को मिली मंजूरी

    नोएडा एक्सटेंशन का रास्ता लगभग साफ

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    एबीपी न्यूज़ ब्यूरो
    Thursday, 28 June 2012 18:38


    नोएडा: नोएडा एक्सटेंशन में निवेश करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की संवैधानिक समिति ने नोएडा एक्सटेंशन के प्लान को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है.

    अब इस पर आखिरी मुहर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में लगेगी.

    नोएडा एक्सटेंशन को मिली मंजूरी

    इस खबर से नोएडा एक्सटेंशन में घर बुक कराने वाले करीब दो लाख निवेशकों को राहत महसूस होगी.

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की कानूनी समिति ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के प्लान को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है.

    समिति ने बोर्ड से सिफारिश की है कि प्लान को मंजूरी दे दी जाए. अब इस पर आखिरी मुहर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में लगेगी.

    कुल मिलाकर कह सकते हैं कि नोएडा एक्सटेंशन में घर बनने का रास्ता साफ हो गया है. अक्टूबर 2011 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किसानों और अथॉरिटी के विवाद में फैसला सुनाया था और इमारते बनाने का रास्ता साफ कर दिया था लेकिन कोर्ट ने ये भी कहा था कि पहले एनसीआर प्लानिंग बोर्ड अथॉरिटी के प्लान को मंजूरी देगा तब तक नोएडा एक्सटेंशन में काम रुका रहेगा. अब आठ महीने बाद निवेशकों को राहत की खबर मिली है.

    abp news
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  • ग्रेटर नोएडा में निवेशकों की चिंताएं होंग

    ग्रेटर नोएडा में निवेशकों की चिंताएं होंगी दूर
    Thursday, June 28, 2012, 21:38
    टैग्स:: ग्रेटर नोएडा, फ्लैट, निवेशकों की चिंता, फ्लैट पर कब्जा
    0
    नई दिल्ली : ग्रेटर नोएडा में फ्लैट का कब्जा हासिल करने का हजारों खरीददारों का लंबा इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है क्योंकि वैधानिक संस्था ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के लिए मसौदा मास्टर प्लान 2021 को मंजूरी दे दी।

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) अधिकारियों ने कहा कि यहां उसकी वैधानिक

    समिति की बैठक में ग्रेटर नोएडा के लिए मसौदा मास्टर प्लान 2021 पर विचार विमर्श किया गया और एनसीआर योजना बोर्ड द्वारा इस पर विचार विमर्श की सिफारिश की गई।

    अधिकारियों ने कहा कि एनसीआरपीबी के सदस्य सचिव और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अधिकारियों वाली समिति ने मसौदा मास्टर प्लान को मंजूरी दी और बोर्ड ही खुद इस पर अंतिम मुहर लगाएगा।

    शहरी विकास मंत्री कमलनाथ एनसीआरपीबी के अध्यक्ष जबकि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री इसके सदस्य हैं। अक्तूबर 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय इन क्षेत्रों में निर्माण कार्य रोकने के आदेश के बाद एनसीआरपीबी ने ग्रेटर नोएडा मसौदा मास्टर प्लान 2021 की समीक्षा की। इन क्षेत्रो में बोर्ड द्वारा योजना को मंजूरी नहीं दी गई थी। (एजेंसी)

    zeenews
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  • Originally Posted by DKBose
    Nostradamus are born with a space of couple of centuries. However, I have seen a lot of flip flop by our Nastradamus who had summarily rejected this area as pigeon hole a couple of years back.
    Good days are back. Cheers.


    COOL Stuff...Agree with Rudresh..and urself...The Angry Aunty..(read Zo. Bhai) knows it all...and if you dare say something else...the aunt has no ears..and she hates Noida/Nex...Sour Grapes you see...

    Anyway...this is great news...i predicted this a decade back...hahha....kill me Zo Bhai...stealing ur thunder
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  • Key panel clears way for home buyers in Noida Extension

    Key panel clears way for home buyers in Noida Extension
    Submitted by admin4 on 28 June 2012 - 10:59pm
    India News
    By IANS,

    New Delhi : There is a positive news for thousands of home buyers in 'Noida Extension' after a key panel Thursday approved the Draft Master Plan for Greater Noida 2021.

    The statutory committee approved the master plan, which, however, needs to be further considered by the National Capital Region Planning (NCRPB) Board.

    The Allahabad High Court in October 2011 had ordered for mandatory approval from the NCRPB for the projects.

    "The draft master plan was presented before the planning committee and it is in conformity with the Regional Master Planning Board 2021," said an official.

    In 2007, the Greater Noida Authority had acquired 3,000 hectares of land for industrial use. Later it carved 2,500 hectares out it for 'Noida Extension', a residential area.

    This led to farmers from around 40 villages approaching the courts for better compensation for their land.

    "The meeting was held Thursday attended by principal secretaries of Haryana, Rajasthan, Uttar Pradesh, Delhi and member secretaries of NCRB," the official said.

    The Greater Noida Authority has also incorporated suggestions made by the board.

    "There were certain conditions pointed by the NCRB, which have been incorporated in the draft plan like 16 per cent green areas of the total project area and 20 per cent flats for EWS (Economic Weaker Section)," said the official.

    The board meeting will be attended by the chief ministers of Rajasthan, Uttar Pradesh, Haryana and Delhi along with Urban Development Minister Kamal Nath.
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  • Under-construction Greater Noida housing projects clears a hurdle

    Under-construction Greater Noida housing projects clears a hurdle



    LUCKNOW: In the first step towards providing relief to long pending demands of the thousands of buyers of flats and houses in Greater Noida, the statutory committee of the National Capital Region Planning Board (NCRPB) cleared the the Draft Master Plan for Greater Noida-2021 and recommended it for consideration of the NCR Planning Board. UP chief minister Akhilesh Yadav had recently in an exclusive interview to toi had said that his government is doing everything as directed by the high court to provide relief to buyers and farmers.

    The committee comprising member secretary of the NCRPB and officials of the National Capital Region approved the Draft Master Plan and now it will would placed before NCRPB for final approval. The exercise is being done on the directions of the high court which had directed to stop construction in the area for which the plan had not been approved by the Board.

    The committee examined whether the Master Plan is in conformity with the NCRPB's regional Plan 2021 which was the court's direction. After seeking certain modifications in the plan, the committee decided to recommend it to the Board for further approval. The NCRPB had asked the Greater Noida authority to incorporate changes in its earlier plan so that of total area, at least 16% is green belt.

    Greater Noida Industrial Development Authority (GNIDA) will ensure providing 20-25% of housing for Economically Weaker Sections (EOW) while preparing Sector Lay Out Plans, NCRPB said in a statement. Other modifications which the NCRPB had asked to be carried out in the draft was creation of infrastructure provisions like water supply, sewerage, drainage, power, solid waste management. The NCRPB had also asked GNIDA to increase the per person per hectare density of the planned population from 54 to 150-200.

    Officials said modifications had been made so that non-polluting clean technology industries would be located in the Greater Noida area and that provisions for Metro System, MRTS and New Expressways have been kept. In the earlier plan, the allotment for EWS houses was around 5% which has now been increased. Similarly, the NCRPB has asked the GNIDA not to count institutional greens as green cover.

    toi
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  • Major hurdle in completion of Greater Noida flats overcome

    Major hurdle in completion of Greater Noida flats overcome
    Last Updated: Thursday, June 28, 2012, 21:02 0

    Tags: Greater Noida flats, Greater Noida-2021, Noida flats
    New Delhi: The long wait of thousands of home buyers to possess flats in Greater Noida finally could be nearing an end as a statutory body on Thursday approved the Draft Master Plan for Greater Noida-2021.

    National Capital Region Planning Board (NCRPB) officials on Thursday said that in its Statutory Committee meeting here "the Draft Master Plan for Greater Noida-2021 was considered and recommended for consideration of the NCR Planning Board."

    Officials said while the committee, which comprised Member Secretary of the NCRPB and officials of the National Capital Region states on Thursday approved the Draft Master Plan and the final go ahead would be given by the Board itself.

    Urban Development Minister Kamal Nath is the Chairman of the NCRPB with the Chief Ministers of Delhi, Haryana, Uttar Pradesh and Rajasthan as its members.

    The NCRPB reviewed the Greater Noida Draft Master Plan 2021 following an October 2010 Allahabad High Court order which had stopped construction in areas for which the plan had not been approved by the Board.

    "The Committee wanted to ascertain whether the Master Plan is in conformity with the NCRPB's regional Plan 2021 which was the court's direction. Afer seeking certain modifications in the plan, we have decided to recommend it to the Board for further approval," a senior NCRPB official said.

    Officials said the proposed modifications aimed at a greener, more socially inclusive but also denser development in the area.

    The NCRPB had asked the Greater Noida authority to incorporate changes in its earlier plan so that there are at least 16 percent green areas out of total proposed urbanisable area, officials said.

    Greater Noida Industrial Development Authority will ensure providing 20 to 25 percent of housing for Economically Weaker Sections while preparing Sector Lay Out Plans, NCRPB said in a statement.

    Other modifications which the NCRPB had asked to be carried out in the Draft Master Plan for Greater Noida-2021 was the creation of infrastructure provisions like water supply, sewerage, drainage, power, solid waste management as per its norms.

    Senior officials said the Environmental Management Plan being prepared by the Greater Noida Industrial Development Authority would be an integral part of Greater Noida Master Plan.

    Officials said the NCRPB had also sought GNIDA to increase the per person per hectare (ppph) density of the planned population of the areas from 54 to 150 to 200 ppph.

    Officials said modifications had been made so that non-polluting clean technology industries would be located in the Greater Noida area and that provisions for Metro System, MRTS and New Expressways have been kept.

    "In the earlier plan, the allotment for EWS houses was around 5 percent which has now been increased. Similarly, the NCRPB has asked the GNIDA not to count institutional greens as green cover," a senior official said.

    zee
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  • Draft Master Plan for Gr Noida-2021 approved

    Draft Master Plan for Gr Noida-2021 approved
    PTI
    New Delhi, June 28, 2012

    The long wait of thousands of home buyers to possess flats in Greater Noida finally could be nearing an end as a statutory body on Thursday approved the Draft Master Plan for Greater Noida-2021. National Capital Region Planning Board (NCRPB) officials on Thursday said that in its


    Statutory Committee meeting here "the Draft Master Plan for Greater Noida-2021 was considered and recommended for consideration of the NCR Planning Board."
    Officials said while the committee, which comprised Member Secretary of the NCRPB and officials of the National Capital Region states today approved the Draft Master Plan and the final go ahead would be given by the Board itself.

    Urban development minister Kamal Nath is the Chairman of the NCRPB with the chief ministers of Delhi, Haryana, Uttar Pradesh and Rajasthan as its members.

    The NCRPB reviewed the Greater Noida Draft Master Plan 2021 following an October 2010 Allahabad high court order which had stopped construction in areas for which the plan had not been approved by the Board.

    "The Committee wanted to ascertain whether the Master Plan is in conformity with the NCRPB's regional Plan 2021 which was the court's direction. Afer seeking certain modifications in the plan, we have decided to recommend it to the Board for further approval," a senior NCRPB official said.

    Officials said the proposed modifications aimed at a greener, more socially inclusive but also denser development in the area.

    The NCRPB had asked the Greater Noida authority to incorporate changes in its earlier plan so that there are at least 16% green areas out of total proposed urbanisable area, officials said.

    Greater Noida Industrial Development Authority will ensure providing 20 to 25% of housing for Economically Weaker Sections while preparing Sector Lay Out Plans, NCRPB said in a statement.

    HT
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  • Panel nod spells relief for Noida Extension


    GREATER NOIDA: With the planning committee of the NCR Planning Board giving a nod to the Greater Noida Master Plan 2021, all stakeholders in Noida Extension feel that a giant burden has been lifted off their shoulders. For the first time in over a year, the one lakh homebuyers, Greater Noida Authority, farmers and developers are thinking on the same lines — redressal of grievances at the earliest.

    However, along with the good news, there's also a bad one. Developers say that while old buyers will remain unaffected, new ones will have to shell out almost double the rates as property prices have shot up as compared to last year.

    Greater Noida Authority CEO, Rama Raman, said that his first priority will be addressing the grievances of all farmers whose lands have been acquired.

    The most elated are members of the Noida Extension Flat Owners and Members Association who have been fighting for their right ever since the land row started. "We will meet Authority officials next week to discuss farmers' grievances since we had joined hands with them to fight this battle," said Abhishek Kumar of the buyers' body.

    However, farmers are still an apprehensive lot. "The issue is a multi-layered one. Land in eight of the 11 villages in the area has been denotified by the court. Cases in more than 40 villages are currently pending in court. So how can the Master Plan be passed without first addressing these matters?" asked farmer leader Dushyant Nagar, a member of Kisan Sangharsh Samiti. Farmers of 11 villages will convene a mahapanchayat on July 1 to decide their next course of action.

    Apart from buyers, this move comes as a major relief to developers whose investments have been tied in the projects without any earnings. Supertech chairman and managing director, RK Arora, said, "We hope to resume construction by July end." Developers have also started sharing this news with homebuyers. "This win would not have been possible without the patience of homebuyers who supported us throughout the land row," said Mohit Arora, director, Supertech.

    While director of Gaursons, Manoj Gaur, said that this is a vital win in favour of buyers and the realty industry, Amrapali Group CMD, Anil Gupta hoped to hand over flats to buyers within a new timeframe. "This decision will improve the image of Greater Noida and Noida Extension. The land row had brought a negative impact in the region," said Orris infrastructures managing director, Amit Gupta.



    TOI
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  • नौ महीने बाद लौटेगी रौनक

    ग्रेटर नोएडा एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की वैधानिक समिति से शहर का संशोधित मास्टर प्लान 2021 मंजूर होने से नोएडा एक्सटेंशन में नौ माह बाद विकास कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। इससे लाखों निवेशकों, बिल्डरों, किसानों व प्राधिकरण को राहत मिली है। मास्टर प्लान मंजूर कराने की मांग को लेकर निवेशक, किसान व बिल्डर लगातार एनसीआर प्लानिंग बोर्ड पर दबाव बना रहे थे। माना जा रहा है कि जुलाई से नोएडा एक्सटेंशन में चहल-पहल फिर लौट आएगी। मास्टर प्लानिंग को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर होने की औपचारिकता भर रह गई है। प्राधिकरण की तैयारी है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक मास्टर प्लान को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर करा लिया जाए। बोर्ड बैठक नहीं होने पर सर्कुलर के माध्यम से मास्टर प्लान को मंजूर किया जा सकता है। वैधानिक समिति से मंजूरी मिलने के साथ नोएडा एक्सटेंशन का रास्ता एक तरह से साफ हो गया है। 21 अक्टूबर 2011 को हाईकोर्ट का फैसला आने के साथ नोएडा एक्सटेंशन समेत मास्टर प्लान 2011 के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए थे। प्राधिकरण ने नवंबर 2011 से मास्टर प्लान को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर कराने का प्रयास शुरू कर दिए थे। 22 अप्रैल को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश सरकार की तरफ से प्रोटोकाल मंत्री अभिषेक मिश्रा ने भाग लिया था। बोर्ड ने मास्टर प्लानिंग पर किसी प्रकार की आपत्ति होने से इन्कार करते हुए प्रदेश सरकार की सहमति मांगी थी। एक माह बाद प्रदेश सरकार ने बिना किसी आपत्ति के मास्टर प्लान पर सुझाव एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भेज दिया था। इसके बाद से मास्टर प्लान के जल्द मंजूर होने की उम्मीद जताई जा रही थी। अब वैधानिक समिति से मंजूरी के बाद फिर बिल्डर, निवेशक व किसानों के आंखों की चमक लौट आई है। नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य बंद होने से करीब डेढ़ लाख लोग बेरोजगार हो गए थे। एक लाख लोगों के आशियाना का सपना अधर में लटक गया था। बिल्डरों व प्राधिकरण का दस हजार करोड़ रुपये नोएडा एक्सटेंशन में फंस गया था। एक्सटेंशन में जहां पर हमेशा चहल-पहल दिखाई देता था, वहां वीरानी छा गई थी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अधर में लटक गई थी। रुके कार्य होंगे शुरू : किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने मास्टर प्लान के मंजूर होने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सभी को लाभ होगा। प्राधिकरण को किसानों की आबादी की समस्याओं का निराकरण कराना होगा। तभी मास्टर प्लान के पास होने का फायदा किसानों को मिलेगा। अन्यथा इससे किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। निवेशकों को शीघ्र मिलेगा आशियाना : आम्रपाली ग्रुप के कार्यकारी निदेशक शिवप्रिय का कहना है कि वैधानिक समिति द्वारा सशर्त मंजूरी दिए जाने से निवेशकों को शीघ्र आशियाना मिलने का रास्ता तो साफ हो ही गया है। इससे किसानों के रुके कार्य भी शीघ्र शुरू होंगे। किसानों की मांग हुई पूरी : नेफोमा के साथ किसानों को एक मंच पर लाने वाले किसान नेता प्रदीप यादव व टीकम सिंह यादव ने मास्टर प्लान के पास होने का स्वागत करते हुए कहा कि प्राधिकरण को अब बिना देरी किए आबादी निस्तारण, मुआवजा वितरण व बैकलीज की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।

    dainik Jagran
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  • Panel clears Greater Noida plan, projects may restart soon


    NEW DELHI: In a big step towards resumption of work in the stalled housing projects of Noida 'Extension', a statutory committee of the NCR Planning Board (NCRPB) on Thursday approved the revised draft Master Plan-2021 for Greater Noida and recommended it to the board.

    In October 2011, the Allahabad high court had stopped construction in the area saying the Master Plan had not been approved by the board.

    Government sources said the NCRPB, headed by Union urban development minister Kamal Nath, is now expected to meet within a fortnight to look at the Master Plan. Once the board approves it, work can resume in the housing projects of Greater Noida, particularly in the area popularly known as Noida Extension.

    "Though the board can make some suggestions when the plan is put before the members, the draft plan is likely to be cleared. The statutory committee is satisfied with the changes incorporated by the Greater Noida Authority," a source added.

    The draft development plan for Greater Noida-2021 has included provisions for water supply, sewerage, drainage, power and solid waste management, as per norms.

    "We have a complete and all-inclusive development plan before us. The authority has identified sites for solid waste management and has also earmarked them in the plan. It will not make any changes in future. All environmental issues have been addressed in the revised plan," said an official.

    The revised plan has also incorporated a provision of keeping 16% of the urbanizable area as a green belt.

    "The planning committee wanted to ascertain whether the revised draft Master Plan is in conformity with our regional Plan 2021, as directed by the high court. After some changes were made, we are recommending the draft plan to the board for approval," a senior NCRPB official said.

    "We found that development in Greater Noida is better planned than other cities in NCR like Gurgaon and Faridabad. The existing green belt would be conserved by the authority and we have kept stringent conditions that there will be no conversion or shifting of the green belt by the authority," said an official who attended the meeting.

    Green belts have been massively encroached upon across the country by urban development authorities. Most authorities taking advantage of provisions allowing compensatory forestation in other areas, which has no positive impact on the affected region. No such provision exists in the Greater Noida plan 2021.

    As per the plan, the authority will allow industries using only non-polluting clean technology in this region. Environmental management plan being prepared by the authority will be an integral part of the Master Plan.

    The authority has also increased the housing quota for economically weaker sections (EWS) and low income groups from earlier 5% to 20-25%. This will be adhered to while preparing sector layout plans.

    A go-head to the plan will not only bring huge relief to home buyers, it would also put construction work back on track in the region. This will also have a huge impact on economic activities, besides employment generation.

    TOI
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  • ग्रेनो को मिल गई उड़ान की आजादी
    प्लानिंग बोर्ड की बैठक का इंतजार
    हजार करोड़ रुपये के करीब निवेश किया है बिल्डरों ने
    हेक्टेयर जमीन पर छोटे-बड़े 70 बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं
    अमर उजाला ब्यूरो
    ग्रेटर नोएडा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की वैधानिक कमेटी ने अपनी मोहर लगाकर नोएडा एक्सटेंशन की टेंशन कुछ कम कर दी है। अब प्लानिंग कमेटी की बोर्ड बैठक का इंतजार किया जा रहा है।

    कमेटी ने प्राधिकरण के समक्ष जो शर्तें रखी हैं, उन्हें आसानी से पूरा किया जा सकता है। अब सबकी निगाहें बोर्ड बैठक पर टिक गई हैं। बताया जा रहा है कि इसके दो तरीके हो सकते हैं। पहला यह कि बोर्ड की बैठक हो और दूसरा यह कि वाई सर्कुलेशन के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। नोएडा एक्सटेंशन एनसीआर की सबसे व्यस्त जगह होगी। क्योंकि दो हजार हेक्टेयर जमीन पर छोटे बड़े 70 बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं। करीब 3.5 लाख फ्लैट बनने प्रस्तावित हैं और मौजूदा समय में करीब एक लाख फ्लैट बुक भी हो चुके हैं। बिल्डरों ने करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। प्राधिकरण ने सड़क समेत विभिन्न विकास कार्यों पर करीब दो हजार करोड़ रुपये लगाए हैं। माना जा रहा है कि काम बंद होने के बाद बिल्डरों को काफी नुकसान हो चुका है, जिसकी भरपाई फ्लैटों की कीमत बढ़ाकर की जाएगी। कोर्ट के स्टे से प्राधिकरण क्षेत्र के 30 हजार आवंटन प्रभावित हुए थे, क्योंकि मास्टर प्लान-2021 के तहत इतने ही आवंटन किए गए थे। इसमें जीबीयू, ओमीक्रान और नोएडा एक्सटेशन के आवंटन शामिल हैं।

    Amar Ujala
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