पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • बोर्ड की बैठक मेंे बरसीं सौगात। निवेशकों-कर्मचारियों से जुड़ी योजनाओं पर मुहर
    नोएडा एक्सटेंशन को मिली मेट्रो

    अमर उजाला ब्यूरो
    नोएडा। सोमवार की शाम नोएडा बोर्ड की बैठक कई बड़े फैसलों के साथ समाप्त हुई। आधारभूत ढांचे के विकास, निवेशकों और कर्मचारियों के हितों से जुड़ी कई योजनाओं पर मुहर लगी। नोएडा एक्सटेंशन को मेट्रो का तोहफा मिला और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो को सहमति मिल गई। वहीं नोएडा प्राधिकरण ने कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र को 58 से बढ़ाकर 60 कर दिया। नोएडा ने तो विकास के बजट में पूरे 40 फीसदी का इजाफा कर दिया है। गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण विकास पर जितना खर्च करने वाले हैं वह कई राज्यों और यहां तक कि कुछ देशों के बजट से भी ज्यादा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे पर 2012-13 में 14000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    नोएडा सेक्टर 71 से नोएडा एक्टेंशन तक मेट्रो ले जाने को मंजूरी मिल गई है। दोनों प्राधिकरण इस योजना पर मिल कर करीब 18 सौ करोड़ रुपये खर्च करेंगे। भले ही ग्रेटर नोएडा को जेवर में एयरपोर्ट का तोहफा नहीं मिल पाया मगर नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच एक्सप्रेस वे के साथ पीपीपी मॉडल पर भी मेट्रो चलाने की योजना पर सहमति बन गई है। 35 किलोमीटर के इस ट्रैक पर 8 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। वहीं, बॉटेनिकल गार्डेन मेट्रो विस्तार की डीपीआर को भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है, जिस पर 845 करोड़ का खर्च होगा, जिसमें नोएडा 500 करोड़ की हिस्सेदारी देगा। नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण का सालाना बजट पास किया गया। इसमें नोएडा प्राधिकरण का वार्षिक बजट 7,021.40 करोड़, ग्रेटर नोएडा का 4,797.77 करोड़ और यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के लिए 2,531.63 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया। नोएडा के सीईओ संजीव सरन और ग्रेनो व यमुना प्राधिकरण के सीईओ रमा रमण ने पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा किया।

    नोएडा में 17 से जमीन खरीदना महंगा होगा
    नोएडा (ब्यूरो)। नोएडा में 17 जुलाई से जमीन खरीदना और महंगा होने जा रहा है। आवासीय सेक्टरों में सर्किल रेट में 20 से 30 फीसदी तक की वृद्धि होने जा रही है। सर्किल रेट बढ़ने से आवासीय सेक्टरों में जमीन की दरें 26 हजार से लेकर 65 हजार तक हो जाएंगी। निबंधन विभाग ने डीएम की स्वीकृति लेकर प्रस्तावित सर्किल दरों को लागू करने के लिए लोक आपत्ति मांग ली है। आज से 13 जुलाई तक आने वाली आपत्तियों का निस्तारण 16 जुलाई को होगा। एआईजी स्टांप एसके सिंह ने बताया कि सोमवार को डीएम एमकेएस सुंदरम ने जिले में सर्किल रेट की प्रस्तावित सूची को मंजूरी देते हुए आपत्ति मांगने की अनुमति दे दी है।


    मेट्रो खोलेगी हाईटेक सिटी के विकास का रास्ता
    सिंचाई विभाग को वापस होगी ४५४ एकड़ भूमि
    यमुना प्राधिकरण ने किया किसानों को खुश
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  • बोर्ड बैठक में हुए महत्वपूर्ण फैसले ः ग्रेनो मेट्रो के लिए पीपीपी मॉडल पर सहमति
    मेट्रो खोलेगी हाईटेक सिटी के विकास का रास्ता

    ग्रेटर नोएडा। अमर उजाला का मेट्रो के लिए चलाया गया अभियान रंग ले आया है। इसके प्रभाव से नोएडा-ग्रेनो के बीच मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए सहमति के बाद बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हो गया है। इसी तरह प्राधिकरण ने नोएडा एक्सटेंशन में भी मेट्रो लाने का इरादा अभी से बना लिया है।

    हर कोई मानता है कि ग्रेनो का भविष्य मेट्रो पर ही टिका है। आबादी बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने तमाम प्रयास किए, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है। नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद की तर्ज पर शहर का हर व्यक्ति मेट्रो सुविधा चाहता है। लोगों की भावनाओं को देखते हुए प्राधिकरण ने पहल कर दी है। पीपीपी मॉडल के आधार पर मेट्रो का फैसला लिया गया है। नोएडा के सेक्टर-32 सिटी सेंटर से मेट्रो शुरू होगी और सेक्टर-82 होते हुए सीधे एक्सप्रेसवे और फिर परी चौक से होते हुए बोड़ाकी रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।
    प्राधिकरण ने इसके लिए पिछले साल गुड़गांव, बंगलुरु, मुंबई और कोलकाता की कंपनियों से बात की थी। कंपनियों ने अपना प्रजेंटेशन भी किया था। इसके अलावा, डीएमआरसी से भी बात हुई थी और डीपीआर भी बन गई थी, लेकिन यह फैसला नहीं हो सका था कि प्रोजेक्ट को कौन पूरा करेगा। दरअसल, ग्रेनो के पास पैसा नहीं है। नोएडा फिलहाल पैसा खर्च करने के मूड़ में नहीं है। इसलिए पीपीपी मॉडल ही ऐसा रास्ता है, जो प्रोजेक्ट को पूरा करेगा और लोगों की लंबे अर्से से चल रही मांग पूरी हो जाएगी।

    नोएडा एक्सटेंशन अभी बसा भी नहीं है, लेकिन एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की शर्त पूरा करने के लिए प्राधिकरण को बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास करना पड़ा। वहां मेट्रो प्रोजेक्ट में इसलिए बाधा आने की संभावना नहीं है, क्योंकि बिल्डर यहां तक कह रहे हैं कि वे सभी मिलकर प्रोजेक्ट को पूरा कर सकते हैं। प्राधिकरण को सिर्फ सहयोग देने की जरूरत पड़ेगी।

    अमर उजाला ने ग्रेटर नोएडा के लिए 24 अप्रैल के अंक से विशेष सामग्री की शुरुआत करते हुए यहां के निवासियों की सबसे महत्वपूर्ण ‘ग्रेनो मांगे मेट्रो’ अभियान को जोरशोर से उठाया। आपके अखबार ने इस क्षेत्र के छात्रों, कारोबारियों, वकीलों, महिलाओं व सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर उनकी आवाज को प्रशासन के कानों तक पहंुचाया और नतीजा सामने है।

    आखिर रंग लाई आपकी आवाज
    ग्रेटर नोएडा। शहर में मेट्रो आते ही इससे लगाई गई उम्मीदें परवान चढ़ जाएंगी। अपने आधारभूत ढ़ांचे के लिए देशभर में ख्यात इस शहर में जापानी गुड़िया विकास के पंख लेकर आएगी। शहर की फिलहाल सबसे बड़ी कमी इसका एनसीआर के अन्य शहरों से आसान जुड़ाव न होना है। ऐसे तमाम लोग हैं, जिनकी संपत्तियां हाईटेक सिटी में हैं, लेकिन वे यहां रहते इसलिए नहीं क्योंकि उन्हें अपनी दिल्ली या अन्य शहरों की नौकरी पर पहुंचने में समस्या होती है। मेट्रो आते ही यह आबादी यहां शिफ्ट होना शुरू हो जाएगी। एक बार शहर में आबादी आ जाएगी तो फिर इसका विकास होने से कोई नहीं रोक सकता। मेट्रो की आहट भर से ही प्रॉपर्टी बाजार में तेज हलचल शुरू हो गई है।

    ग्रेटर नोएडा में लीज रेंट बढ़ाया गया
    ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो
    प्राधिकरण की माली हालत को रास्ते पर लाने के लिए वाणिज्यिक, संस्थागत एवं औद्योगिक परिसंपत्तियों में 10 वर्ष के बाद लीज रेंट में 50 फीसदी की वृद्धि कर दी गई है।
    नोएडा प्राधिकरण का सालाना बजट
    2011-12 : 5076.63 करोड़ रुपये
    2012-13 में आमदनी : 6974 करोड़ रुपये
    5212 करोड़ रुपये औद्योगिक, आवासीय, भूखंड, आवासीय भवन, परिसंपत्तियां से ब्याज, लीज रेंट, ब्याज, ट्रांसफर, विधान परिवर्तन शुल्क, समय वृद्धि से मिलेंगे।
    1762 करोड़ रुपये ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे से कर्ज वापसी के रूप में प्राप्त होंगे।
    एक नजर में
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  • नहीं बढ़े जमीन के दाम और न ही मुआवजा

    ग्रेटर नोएडा (ब्यूरो)। यह पहली बार है कि ग्रेनो और यमुना प्राधिकरण ने वित्त वर्ष की शुरुआत में जमीन के दाम और मुआवजा दर नहीं बढ़ाई है। किसान मुआवजे की बढ़ी हुई दर के ऐलान का इंतजार कर रहे थे।
    ग्रेनो प्राधिकरण ने 2 सितंबर 2011 को बोर्ड बैठक में जमीन की दर 25 से 40 फीसदी बढ़ा दी थी। हालांकि इसके बाद से कोई आवंटन नहीं हुआ है। प्राधिकरण मानता है कि जमीन के दाम ज्यादा होंगे तो निवेशक नहीं आएंगे। उस दौरान दर आवासीय-16900, ग्रुप हाउसिंग-17300, कामर्शियल-33500, उद्योग 2990-8060, संस्थागत 3220-8750 और रिक्रेशन ग्रीन 5580 रुपये प्रति वर्गमीटर की गई थी। फिलहाल किसानों से अधिगृहीत की जाने वाली भूमि की दर पुश्तैनी 1050 और गैरपुश्तैनी 915 रुपये प्रति वर्गमीटर है। ग्रेनो प्राधिकरण की तरह यमुना प्राधिकरण ने भी इस बार अपनी जमीन के दाम और मुआवजा नहीं बढ़ाया है।
    दरअसल, ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र के गांवों के किसान इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। करीब 50 गांवों के किसानों ने याचिकाएं दायर की हैं। प्राधिकरण इस पर फैसले का इंतजार कर रहा है। यही कारण है कि जमीन और मुआवजे के मामलों को नहीं छेड़ा गया। इसी तरह यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसान इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच चुके हैं। उनकी सुनवाई शुरू नहीं हुई है। ऐसे में प्राधिकरण अभी से कोई फैसला नहीं करना चाहता।
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  • ग्रेनो में विकास और भूअर्जन के लिए बड़ी रकम का प्रावधान
    प्राधिकरण का बजट 4798 करोड़ का

    अमर उजाला ब्यूरो
    ग्रेटर नोएडा। लंबे अंतराल के बाद सोमवार को हुई ग्रेनो विकास प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में 4797.77 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव पास किया गया। इनमें विकास पर 2000, ग्रामीण विकास पर 150 और भूअर्जन पर 2540 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्ष 2011-12 में बजट 3659 करोड़ था।

    मास्टर प्लान मंजूर न होने के कारण कई प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखे ही नहीं जा सके। केवल जरूरी मामले ही बैठक में पास किए गए। प्राधिकरण ने इस दौरान आमदनी बढ़ाने के लिए कई दांव चले हैं। रकम की व्यवस्था के लिए प्राधिकरण मास्टर प्लान 2021 पास होने का इंतजार करेगा। बोर्ड बैठक में घंघोला, खेड़ा चौगानपुर, सिरसा, रिठौरी, बिसरख जलालपुर, खोदना खुर्द, जैतपुर वैशपुर, अजायबपुर, डाढ़ा, सैनी, हैबतपुर, खानपुर, पतवाड़ी, जुनपत, जलालपुर के आबादी के प्रस्तवों को भी मंजूरी दी गई। इस बीच, कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 साल करने के मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए डीसीओ के नेतृत्व में एक कमेटी गठित कर दी गई है।

    उधर, 20-25 फीसदी ईडब्ल्यूएस-एलआईजी प्लैट, कम से कम 16 फीसदी हरियाली, सीवर, पानी, सड़क और मेट्रो सेवा की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

    रोड के लिए जमीन दी
    न्यू हॉलैंड से एनएच-24 को गाजियाबाद में जोड़ने के लिए 80 मीटर चौड़ी सड़क को पूरा करना है। गाजियाबाद के पास 1.5 किलोमीटर लंबी रोड से प्रभावित लोगों के लिए 7.71 एकड़ भूमि निशुल्क जीडीए को देने का फैसला लिया गया। जिन लोगों को रास्ते से हटाया जाएगा, उन्हें जमीन दी जाएगी। पिछले दिनों जीडीए और ग्रेनो प्राधिकरण के अफसरों के बीच हुुई बैठक में इसका निर्णय लिया गया था।

    आवंटियों को नहीं देनी होगी पेनल्टी
    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 21 अक्तूबर 2011 को मास्टर प्लान 2021 को लेकर स्टे दिया था। करीब 30 हजार आवंटी इसके दायरे में आए थे। स्टे के कारण आवंटियों ने किस्तें देनी बंद कर दी थीं। अभी मास्टर प्लान पास नहीं हुआ है, इसलिए फैसला लिया गया कि स्टे की तिथि से लेकर मास्टर प्लान पास होने की तिथि तक जीरो पीरियड रखा जाएगा और आवंटियों पर पेनल्टी नहीं लगाई जाएगी।

    300 मीटर तक नक्शे में छूट
    300 वर्गमीटर तक के व्यक्तिगत भूखंडों के लिए प्राधिकरण से मानचित्र पास कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए पंजीकृत वास्तुविदों को ही अधिकृत कर दिया गया है।
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  • A special Metro line connecting the twin cities also got the green signal. "We are working on a PPP model and studying the feasibility of constructing this 35km line. The project is estimated to cost Rs 200 crore per km," the CEO said.

    read the underlined phase from the statement - why this hoopla all over when they are still studying the feasibility ?

    rohit
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  • i think you know the answer...if you compile the news & approvals about noida metro line and make a nice document, believe me you can have urself registerd in the limca book of records for writing the longest and the bestesttetiest joke ever

    PS - Please read Noida as Noida, Greater Noida , Noida extension and the futuristic noida like super noida, ultra super noida,aplha beta gaama super noida etc...

    if these corrupt people are allowed they will sell the whole UP with the name Noida

    Originally Posted by rohit_warren
    A special Metro line connecting the twin cities also got the green signal. "We are working on a PPP model and studying the feasibility of constructing this 35km line. The project is estimated to cost Rs 200 crore per km," the CEO said.

    read the underlined phase from the statement - why this hoopla all over when they are still studying the feasibility ?

    rohit
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  • Noida Extension buyers want banks to waive interest

    NOIDA: With Greater Noida Authority offering builders a 'zero period' for paying instalments, even homebuyers of Noida Extension on Monday demanded from banks that lent them housing loans to make all EMIs paid during the land row interest-free.

    The relief has been sought by buyers as the Authority is considering giving financial relief to developers. Even though builders have promised not to put an extra burden on existing buyers, banks have so far not been considerate enough to either suspend payment of EMIs or waive interest.

    "Some onus for the real estate imbroglio in Noida Extension lies on banks too because they charged processing fees from us before giving loans," said Chetan Tyagi, a buyer. "It seems banks never verified the viability of projects as part of processing the loans. On the other hand, they stopped disbursal of further instalments but continued extracting EMIs with interest from us," added Tyagi.

    A group of around 80 homebuyers have joined hands for putting pressure on banks to waive off interest paid on EMIs during the land row period. Buyers complain that banks have so far got away scot-free despite being parties to all tripartite agreements.

    Buyers have threatened that they may take the legal route if banks do not share a portion of the financial burden.

    Banks say they have to explore options before them for deducting interest amounts already paid from future EMIs. "The legal provisions for such a waiver have to be examined," said a senior bank official.



    Noida Extension buyers want banks to waive interest - The Times of India
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  • Link road clears hurdle after 9 years

    GREATER NOIDA: Offering relief to commuters going from Greater Noida towards Ghaziabad and Meerut, the Greater Noida Authority and Ghaziabad Development Authority (GDA) claim to have finally cleared the "last major hurdle" to the 22km-long and 130m-wide link road between Holland Factory area in Greater Noida and NH-24, Ghaziabad.

    The Greater Noida Authority has now allotted 7.71 acres to GDA for rehabilitating those whose land was acquired for making way for the link road. The allotment was approved in the Authority's 92nd board meeting on Monday.

    According to Authority CEO, Rama Raman, while the construction work on most of the 22km stretch of the link road is already complete, construction of around 1.5km has remained stuck for almost nine years now. While several factors, ranging from farmers' protest to lack of funds, have contributed to the delay of the ambitious project, construction work on the last 1.5km remained suspended because, earlier last year, GDA had claimed that it "did not have enough land" since this stretch hosted abadi land for villages like Bahrampur Akbarpur and Chak Birampur. While the authorities had managed to settle the issue with the villagers, GDA did not have land to shift them.

    GDA has already begun work on the "design and work details of the pending stretch" of the link road that will reduce travel time between the two cities to just 20 minutes. With the alternate land allotted close to the villages and approved by the board, officials say that the pending work will resume soon.

    GDA will now shift these farmers to a new location along Hindon river. Earlier this year, the Greater Noida Authority also released Rs 15 crore to GDA for carrying out the remaining construction work. Once complete, the link road will be completely signal-free.

    The link road that aims to connect Greater Noida's Sector Zeta to Vijay Nagar in Ghaziabad, will start at the Holland Tractor factory in Greater Noida and pass through Devla, Khodna, Khurd, Khairpur Gurjar, Etaida and Haibatpur before meeting NH-24 near the Vijay Nagar bypass in Ghaziabad.





    Link road clears hurdle after 9 years - The Times of India
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  • Metro line between Noida, Greater Noida approved

    NOIDA: Nearly four months after the government in Uttar Pradesh changed hands, the three development authorities — Noida, Greater Noida and Yamuna Expressway — held their long-awaited board meetings on Monday. Metro connectivity remained the focus of Noida Authority at its 176th board meeting. Apart from approving the DPR for a Metro extension between Kalindi Kunj and Botanical Garden, Noida Authority also gave its nod to a 7km link to Noida Extension. An exclusive Metro route between Noida and Greater Noida also got the board's clearance.

    For the year 2012-13, the Authority allotted a total budget of Rs 7,021 crore for Noida. Of this, nearly 43% (Rs 3,000 crore) was allocated for development and infrastructure, besides Rs 500 crore for Metro extension.

    "The long-pending DPR of the 3.9km Metro route between Kalindi Kunj and Botanical Garden will now be forwarded to the state government for approval. After that an MoU will be signed and then we will release the funds for its commencement," said Sanjiv Saran, CEO, Noida Authority.

    In an effort to provide Metro connectivity to lakhs of people who would reside in the 'affordable housing hub' Noida Extension in the next 2-3 years, the board approved a proposal to extend the City Center Metro line till the crossing of sectors 71 and 72. A DPR will soon be prepared for this line. While the stations will be marked soon, Noida Authority officials said at least two stations will fall in Noida Extension, near Gaur roundabout and Eco Village-III. "This 7km route will cost Rs 1,800 crore. Of this, Rs 1,100 crore will be shared between Noida and Greater Noida," Saran said.

    A special Metro line connecting the twin cities also got the green signal. "We are working on a PPP model and studying the feasibility of constructing this 35km line. The project is estimated to cost Rs 200 crore per km," the CEO said.

    The Authority fast-tracked proposals for the widening of two bridges over the Shahdara drain near Film City and before the Okhla Barrage. The board also approved the setting up of a centralized emergency helpline number that will cater to police, medical and fire emergencies. The number will be functional 24x7. "We are in the process of finalizing the blueprint of this project and should launch it on August 15," Saran said.

    The Authority plans to establish a Rs 100 crore, IIT-Roorkee approved, UASB technology driven sewage disposal system, and identify a sanitary land fill site in Sector 123. Construction of underpasses, flyovers and foot over bridges across the city is also on the cards. Special schemes will be launched for banks and nursing homes which have been displaced after the Supreme Court ruling barring all commercial activity from non-conforming areas.







    Metro line between Noida, Greater Noida approved - The Times of India
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  • नोएडा एक्सटेंशन में आएगी रौनक


    नोएडा : नोएडा सिटी सेंटर से मेट्रो कालिंदी कुंज और सेक्टर-62 तक जाएगी, साथ ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच भी मेट्रो का संचालन किया जाएगा। सिटी सेंटर से नोएडा एक्सटेंशन तक मेट्रो परियोजना की डीपीआर कराने का निर्णय लिया गया है। वहीं, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच पीपीपी मॉडल पर मेट्रो का संचालन करने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे आने वाले समय में नोएडा व ग्रेटर नोएडा को आपस में बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ अन्य शहरों से भी जोड़ा जा सकेगा। नोएडा प्राधिकरण में सोमवार को हुई बोर्ड बैठक में मेट्रो की इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव सरन ने बताया कि नोएडा सिटी सेंटर से सेक्टर-62 तक जाने वाली मेट्रो का विस्तार नोएडा एक्सटेंशन तक भी किया जाएगा। नोएडा एक्सटेंशन के लिए सेक्टर-71 से मेट्रो की लाइन को ले जाया जाएगा। इसके लिए डीपीआर कराने का निर्णय लिया गया है। योजना की लागत लगभग 1800 करोड़ रुपये होगी। इसमें सिटी सेंटर से नोएडा एक्सटेंशन तक के रूट में जो लाइन व स्टेशन नोएडा के क्षेत्र में आएंगे, उसकी कुल लागत लगभग 600 करोड़ रुपये होगी और इसे नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा। वहीं, ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में मेट्रो का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा। सेक्टर-71 और नोएडा एक्सटेंशन के बीच लगभग सात किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जाएगी। इसमें दो स्टेशन होंगे। उन्होंने बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच भी मेट्रो संचालित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। लगभग 35 किलोमीटर की दूरी तक मेट्रो की लाइन व स्टेशन के निर्माण में साढ़े सात से आठ हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    Dainik Jagran
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  • बोर्ड की मंजूरी, विवाद के समय का नहीं देना होगा ब्याज


    ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2021 के संबंध में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा सुझाए गए संशोधन प्रस्ताव को प्राधिकरण बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। संशोधित मास्टर प्लान को शासन के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इसे फिर से एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने पर नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य शुरू होगा। शासन और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से एक माह में मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। वहीं, 21 अक्टूबर 2011 से मास्टर प्लान मंजूर होने तक की विवादित अवधि शून्य पीरियड घोषित की गई है। इस दौरान जिन आवंटियों ने प्राधिकरण में भूखंडों की किस्त जमा नहीं कराई या कंप्लीशन नहीं लिया, उनसे ब्याज एवं जुर्माना (पेनल्टी) नहीं वसूला जाएगा। बोर्ड बैठक के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमा रमण ने बताया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा दिए गए सुझाव व निर्देशों को मास्टर प्लान में शामिल कर बनाए गए संशोधित मास्टर प्लान को बोर्ड ने सोमवार को मंजूरी दे दी है। बताते चलें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 21 अक्टूबर, 2011 के फैसले के बाद ग्रेटर नोएडा के नोएडा एक्सटेंशन, सेक्टर एक, दो, सोलह बी, चाई फाई, पी थ्री, स्वर्णनगरी, ओमीक्रान, जू, म्यू, आईटी पार्क, इकोटेक विस्तार समेत करीब दो दर्जन सेक्टरों में निर्माण कार्य, मकानों का नक्शा स्वीकृति, कंप्लीशन व भूखंड हस्तांतरण का कार्य रोक दिया गया था। हाईकोर्ट ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान मंजूर होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए थे।

    dainik Jagran
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  • बोर्ड मीटिंग में सौगातों की बारिश

    नोएडा
    लंबे इंतजार के बाद सोमवार को हुई अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में विकास और पब्लिक से जुड़ी योजनाओं को पिटारा खोल दिया गया है। मेट्रो प्रोजेक्ट, नए अंडरपास के निर्माण, मुआवजा, जमीन आवंटन व लीज बैक की समस्या, नोएडा एक्सटेंशन तक मेट्रो कनेक्टिविटी, गंगाजल प्रोजेक्ट, एनएच- 24 से सिग्नल फ्री एंट्री, इंजीनियर्ड लैंड फिल साइट, बैंक एवं नर्सिंग होम प्लॉट की नई स्कीम आदि को हरी झंडी मिल गई है। सीएम के प्रायॉरिटी प्रोजेक्टों को ध्यान में रखते हुए बजट में करीब 1950 करोड़ रुपये का इजाफा किया गया है। पिछले साल अथॉरिटी का बजट 5077 करोड़ था जिसे 2012-13 के लिए 7021 करोड़ किया गया है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ संजीव सरन ने बोर्ड बैठक की प्लानिंग को विस्तार और बिंदुवार बताया।

    शाहदरा ड्रेन पर पुल का काम टॉप प्रायॉरिटी
    ट्रैफिक मूवमेंट आसान बनाने के लिए सेक्टर-14- 14ए, 16ए और 18 के बीच शाहदरा ड्रेन पर बनने वाले पुल को प्रायॉरिटी के आधार पर चौड़ा करने का काम किया जाएगा। यह काम दिल्ली सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग करेगा जबकि खर्चा अथॉरिटी वहन करेगी। सेक्टर-94 स्थित अंतिम निवास के लिए हाईटेक शव वाहन दिया जाएगा।

    कालिंदी कुंज टु बॉटैनिकल गार्डन रूट की डीपीआर अप्रूव
    कालिंदी कुंज से बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो रूट की डीपीआर अप्रूव कर दी गई है। इसे अब शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से अप्रूवल मिलने पर अथॉरिटी डीएमआरसी को फंड रिलीज कर काम शुरू कराएगी। इस रूट पर 845 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा जिसमें 492 करोड़ रुपये अथॉरिटी देगी। सिटी सेंटर से एनएच- 24 तक जाने वाले रूट की डीपीआर तैयारी की आखिरी स्टेज में है। 1816 करोड़ के खर्चे में अथॉरिटी को 1190 करोड़ रुपये का हिस्सा देना है। सेक्टर-71 चौराहे से नोएडा एक्सटेंशन तक मेट्रो चलाने के लिए डीपीआर बनाने पर सहमति बन गई है। इस रूट के 1800 करोड़ रुपये में 600 करोड़ अथॉरिटी को देने होंगे। नई तकनीक वाले एसटीपी लगाने पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंेगे।

    nbt
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  • नोएडा एक्सटेंशन में दौड़ेगी मेट्रो

    नोएडा।। पिछले एक साल से ' टेंशन ' में जी रहे नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट बुक करवाने वालों के लिए 'डबल' खुशखबरी है। नोएडा अथॉरिटी ने सेक्टर-71 से नोएडा एक्सटेंशन तक लगभग सात किलोमीटर तक मेट्रो के विस्तार का फैसला किया है। इसके डीपीआर बनाने पर बोर्ड ने सहमति दे दी है। इस प्रॉजेक्ट पर लगभग 1400 करोड़ का खर्च आएगा। वहीं एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से भी इसी महीने मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

    नोएडा अथॉरिटी की सोमवार को हुई 176 वीं बोर्ड मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। इसमें वर्ष 2012-13 का 7021 करोड़ का सालाना बजट पेश किया गया। बजट पिछले साल के मुकाबले 40 पर्सेंट अधिक है। बोर्ड ने कालिंदी कुंज से लेकर बॉटनिकल गार्डन तक मेट्रो ट्रैक के डीपीआर को मंजूरी दे दी है। अब अगले एक या दो महीने के अंदर शासन से अप्रूवल के बाद इसके एमओयू पर साइन हो जाएंगे।

    नोएडा अथॉरिटी के सीईओ संजीव सरन ने बोर्ड बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अथॉरिटी ने नोएडा वासियों के मेट्रो प्रॉजेक्ट के विस्तार पर गहन चर्चा की। सबसे पहले कालिंदी कुंज से बॉटनिकल गार्डन तक 3.962 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक की डीपीआर को बोर्ड ने मंजूरी दी। इसकी कुल लागत 845 करोड़ होगी।

    इसके अलावा सिटी सेंटर से सेक्टर 62 तक के 6.675 किलोमीटर लंबे मेट्रो रूट के बारे में बोर्ड को सूचित किया गया। इसमें 1816 करोड़ के खर्च का अनुमान लगाया गया है। डीपीआर अंतिम चरण में है। नोएडा एक्सटेंशन तक सात किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 1400 करोड़ तक के खर्च का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा तक 30 से 35 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक को पीपीपी के तहत बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

    अथॉरिटी ने तय किया है कि शाहदरा ड्रेन पर चार में से तीन पुलों को चौड़ा करने पर आने वाला खर्च अथॉरिटी वहन करेगी। ये पुल सेक्टर 14-14 ए, सेक्टर 16ए व 18 और ओखला बैराज पुल से पहले बने हैं। इन्हें बनाने का कार्य दिल्ली के सिंचाई विभाग से कराया जाएगा। इससे ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त करने में भारी मदद मिलेगी।

    इसके साथ ही अथॉरिटी ने 2006 में आई स्कीम के तहत सेक्टर 99 में 608 व 135 में 432 एलआईजी फ्लैट और सेक्टर 99 में 400 ईडब्लूएस फ्लैटों की कीमतों में राहत देने का ऐलान किया है।

    अथॉरिटी ने ईडब्लूएस की दरें 7 लाख 84 हजार से बढ़ाकर 9 लाख 24 हजार 50 रुपये और एलआईजी की दरें 13 लाख 31 हजार की बजाय 17 लाख 40 हजार 750 करने का फैसला किया है। पहले अथॉरिटी ने कांशीराम स्कीम के तहत बने फ्लैटों की लागत भी इन पर ही डाल दी थी।

    इस खर्च को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। पहले एलआईजी की लागत 20 लाख 73 हजार और ईडब्लूएस की 11 लाख 20 हजार के करीब थी। यही नहीं अथॉरिटी ने सिंचाई विभाग की लगभग 454.63 एकड़ जमीन को वापस सिंचाई विभाग को देने का भी फैसला किया है। इस मुद्दे पर यूपी विधानसभा में सवाल उठाया गया था।

    nbt
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  • Delhi Metro to spread wings, reach Noida Extension

    The industrial development authorities in Noida and Greater Noida have approved two Metro lines towards Noida Extension and Greater Noida.
    The Noida authority has also approved the detailed project report (DPR) of the line going towards south Delhi.

    In a meeting on Monday, the authority said the DPR of another Metro line towards Ghaziabad was nearing completion.

    Noida Authority CEO Sanjeev Saran said, "We have decided to construct a Metro line from Noida to Noida Extension in Greater Noida. We have already proposed an extension from City Centre (Noida Sector 32) to Sector 62 (Ghaziabad border). On this line, a new route will branch out at sector 71-72 crossing towards Noida Extension."

    A DPR will be prepared for this route. "The 7-km route will cost R1,400 crore. Both the authorities will share the cost," said Saran. "In Noida Extension, builders have planned 2.5 lakh flats. Once this line is operational, residents of Noida Extension will get direct connectivity to Noida and Delhi," he added.

    Greater Noida CEO Rama Raman said, "Till Noida Extension, there will be two stations. We will soon identify the locations. The project is part of our plan to extend the Metro line from Noida to Greater Noida via Noida Extension."

    The board also approved another plan to build a Metro line from Noida to Greater Noida on the public private partnership model. The 30-km (approx.) route will cost R8,000 crore.

    "As for the 3.9-km Noida-south Delhi link, the Noida authority board has approved the DPR. It will now be sent to the state government for final approval. Once the approval comes, we will sign an MoU with the Delhi Metro Rail Corporation and construction will start. The authority intends to get going on the project in twothree months. The project's budget is R845 crore. The Noida authority will spend R492 crore on it. It will provide land worth

    R65 crore. Work has already started on the Delhi end," said Saran.
    Regarding the link towards Ghaziabad, he said, "The DPR is in the final stage. The project cost is R1,816 crore. The authority will spend R1,023 crore. The length of this line will be 6.6 km."

    HT
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  • RELIEF FOR GREATER NOIDA ALLOTTEES
    In a major relief to allottees in Greater Noida — which also covers the proposed realty hub of Noida Extension — the authority on Monday said the period during which construction was halted would be treated as “zero period”. In other words, no interest would be charged from allottees on unpaid installments during this period.


    The CEO of Greater Noida authority, Rama Raman, said, “Allottees of various plots such as residential, group housing, industrial, institutional and commercial are unable to pay instalments, so we will not charge interest during this period.”

    Construction in Noida Extension — where 2.5 lakh flats are planned and one lakh booked — and elsewhere in Greater Noida has been frozen for more than eight months now after an Allahabad High Court ruling in October last year.

    HT
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