पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • किसानों ने सर्किल रेट का छह गुणा मुआवजा मा

    किसानों ने सर्किल रेट का छह गुणा मुआवजा मांगा
    Aug 04, 12:57 am
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    सं, ग्रेटर नोएडा : जिले के किसान प्रदेश सरकार पर जमीन के सर्किल रेट का छह गुणा मुआवजा देने के लिए दबाव बनाएंगे। सरकार ने मांग नहीं मानी तो आंदोलन चलाएंगे। जिले में रुके पड़े विकास कार्यो को भी शीघ्र शुरू कराने की मांग की जाएगी। इसके लिए मंगलवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल चेयरमैन राकेश बहादुर से मिलेगा।
    संयुक्त संघर्ष समिति ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में बैठक कर निर्णय लिया कि प्रदेश सरकार को वादा याद दिलाने के लिए आंदोलन की आवश्यकता है। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार चुनाव के समय किए गए वादे से मुकर रही है। जिले में सत्ता परिवर्तन के बाद विकास कार्य बंद करा दिए गए हैं। प्राधिकरण खस्ता आर्थिक स्थिति का हवाला देकर गांवों में विकास कार्य नहीं करा रहा है। किसानों को बिजली नहीं मिल रही है। शिक्षण संस्थाओं में दाखिले नहीं दिए जा रहे हैं। आबादी के लंबित मामलों को भी निस्तारित नहीं किया जा रहा है। इन मांगों को पूरा कराने के लिए किसान मंगलवार को चेयरमैन से मिलेंगे। इस मौके पर समिति के संयोजक इंद्र नागर, लोकेश नागर, अतुल शर्मा, राकेश पंडित, पुंज शर्मा, फिरे नागर, पप्पू भाटी, नितिन भाटी, जय यादव, सूबेराम, गजेंद्र खारी आदि मौजूद रहे।
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  • उद्योग नहीं लगाया तो आवंटन होगा रद

    उद्योग नहीं लगाया तो आवंटन होगा रद
    Aug 04, 12:57 am
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    सं, ग्रेटर नोएडा : शहर में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण इंडस्ट्री के भूखंड आवंटियों शिंकजा कसेगा। जिन लोगों ने भूखंड लेकर उद्योग स्थापित नहीं किए हैं या कंप्लीशन लेकर भूखंड पर औद्योगिक गतिविधि शुरू नहीं की है, उनके आवंटन रद किए जाएंगे। प्राधिकरण खाली पड़े भूखंडों की सूची तैयार करा रहा है। अगले सप्ताह आवंटियों को नोटिस दिए जाएंगे।
    ग्रेटर नोएडा में कई लोगों ने लाभ कमाने के उद्देश्य से इंडस्ट्री के भूखंड आवंटित करा लिए, लेकिन उन पर उद्योग स्थापित नहीं किए हैं। ऐसे आवंटी बाजार दर बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में अच्छे दाम मिलते ही वे दूसरों को भूखंड बेच देते हैं। इससे शहर में इंडस्ट्री नहीं लग पा रही है। इससे चिंतित प्राधिकरण ने औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का निर्णय किया है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्राधिकरण ऐसे भूखंडों की सूची तैयार करा रहा है, जो वर्षो से खाली पड़े हैं। ऐसे प्रकरण भी हैं, जिनमें आवंटियों ने जुर्माने से बचने के लिए भवन बना कंप्लीशन ले लिया है, लेकिन उद्योग नहीं लगाया। ऐसे आवंटियों को नोटिस भेजकर निश्चित समय सीमा में उद्योग स्थापित कराने का निर्देश दिया जाएगा। आवंटियों ने प्राधिकरण के निर्देशों का पालन नहीं किया तो आवंटन रद करने की कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि इस तरह के करीब दो हजार भूखंड हैं।
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  • NEFOMA update

    !!! WARNING !!!
    ***********
    (“BUILDERS” Don’t think we (NEFOMA) / Buyers are sleeping)

    This is a wake-up call
    ****************
    All buyers who are affected and those are not affected must be understand strategy of the builder.

    This is a game plan on which they catching those buyers with the name of Defaulter and now those are not affected they may also come in a affected category because as some...
    of the builder says “Sir, through this cancellation we will get 13.00 to 14.00 lakh more”, same is also apply to other buyers who is not affected as on date, because by cancellation they can also get the same profit.

    Dear Buyers “NO BODY IS SAFE” as Builder showing his greediness, those buyers who are thinking “WE ARE SAFE” please wake-up and understand the planning of Builders LOBY…..as CREDIA is silent, Government is Silent, Authority is silent….and many more also silent ……This is a wake-up call to all the buyers (Affected and un-affected).

    We belong to any group / association don’t matter ….First we are Buyers and this fight is for buyers not for any association / group or the person, it’s a fight of buyers, justice for buyers. Here is only one category called “BUYERS” now the time has come. As we were “Fight for Master Plan approval with NCRPB”, now the same Fight is going to start, only name change “Fight with BUILDERS”.

    IF they (Builders) don’t understand or agree and not stopping un-lawful working with buyer “WE WILL NOT LET THEM START HIS CONSTRUCTION, THIS MUCH CAPACITY WE HAVE………”

    COME TOGETHER and FIGHT with Greedy BUILDERS.

    Thanks & Regards,

    Admin NEFOMA
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  • BRIGHT SPOT IN NCRS REALTY MAP

    Noida,Greater Noida,Yamuna Expressway,Ghaziabad and Gautam Budh Nagar will continue to provide a huge opportunity to end users as well as investors,as urbanization is taking place at a rapid clip in these areas.PRABHAKAR SINHA writes


    Noida,Greater Noida and Yamuna Expressway are going to be the examples of planned urbanization in the country.Apart from these,the authorities of Ghaziabad and Gautam Budh Nagar are proposing a number of other large planned developments in the NCR.

    On the whole,the area is likely to witness an unprecedented growth in the coming times.A senior official in the Noida authority said that the new Uttar Pradesh government under Akhilesh Yadav is taking keen interest in the development of the area.

    The new incumbents decision to continue with the proposed developments along Yamuna Expressway and Noida City Centre,and the large townships on NH-24 and Dadri is a clear indication that the model of planned urbanization will continue in the area.

    The proposed planned developments will not only help in the optimum utilization of land in maximizing growth but will also help in containing the prices of real estate in the region.The huge supply of land in Noida,Greater Noida and Yamuna Expressway is already helping in keeping the real estate prices under check in the region,compared to those in Gurgaon.

    Besides Jaypee,a number of developers have been allotted land to develop townships and other housing projects along the Yamuna Expressway.An official of the Yamuna Expressway authority said that Supertech,SDS Infrastructure,Orris,Anushria Realtors,Anova Infracon,Silver Sands Estate,Aminiti Builders,Ajnara,Nimbus and Fab Distributors are the prominent developers allotted land in the area.

    The construction of Yamuna Expressway by Jaypee Infra,a real estate arm of Jaiprakash Associates,will go a long way in the urbanization of Greater Noida and the Agra corridor.The 165km-long nonstop Yamuna Expressway,which is likely to become operational soon,is one of the longest access-controlled sixlane rigid pavements in India.It will provide direct access to the Yamuna Economic Zone,the international airport and aviation hub,which have been proposed along the Yamuna
    Expressway.The Yamuna Expressway was one of the key infrastructural projects of the former Mayawati government in UP,and besides connecting Delhi to Agra through the Noida-Greater Noida Expressway,it will touch 1,182 villages of Gautam Budh Nagar,Bulandshahar,Aligarh,Hathras (Mahamaya Nagar) and Mathura district.

    The expressway will also ease traffic on Delhi-Agra NH-2,which is already congested and runs through the heart of cities like Faridabad,Ballabhgarh,Palwal and Mathura.The Yamuna Expressway will reduce the travel time between two cities New Delhi and Agra to around 100 minutes from the present nearly 5 hours.

    Coming up along the proposed Taj Economic Zone and the Taj International Hub Airport and being within easy reach of Delhi,Noida and Greater Noida,the Yamuna Expressway project will accelerate the overall development of the region.

    With improved connectivity,a Special Development Zone is being developed between the Yamuna and the GT Road,in three phases.The authority has already acquired land up to Jewar,and has handed it over for development to developers.Out of 35,000 hectare,35-40 % of the area will be developed for main activities like industry,IT,educational institutions,warehousing,transportation,sports facilities and allied services.
    The infrastructure along the expressway may also trigger further private development and buttress the plans to set up an international airport on the expressway.However,the state government has cancelled its plan to develop an airport at Jewar people involved with the development of the area say that the airport is viable at Jewar alone.

    The UP governments decision to widen the NH-24 to eight lanes will provide a huge boost to the supply of real estate in NCR.The NH-24 connects Nizamuddin Bridge on Yamuna to Mayur Vihar Phase II,Patparganj,Indirapuram,Noida,Crossings Republik,townships of Ansal API,and Wave City.This will also improve the connectivity of the proposed mega townships in Noida Extension.The proposed widening of the NH-24 will reduce the travel time of more than one million people living in these urban centres.

    The new UP government has also taken keen interest in resolving the land acquisition issues in Noida Extension,which was affecting the construction of around 2,00,000 residential units.It is believed that the final approval of the master plan from the NCR Planning Board is expected any time,which will pave the way for the resumption of construction in the region.
    The Noida authority is also learned to be in the process of clearing the building plan of the Noida City Centre.The project is over 160 acres in the heart of Noida in Sectors 25A and 32.This will further enhance the attraction of Noida in the NCR.Out of 160 acres,152 acres are being developed by Wave City Centre.In the first phase,which will be completed by 2016,Wave Infratech will construct around 1,400 apartments and malls with shopping area of 20 lakh sq ft.

    With these kinds of development,Noida,Greater Noida,Yamuna Expressway,and other parts of Ghaziabad and Gautam Budh Nagar will continue to provide a huge opportunity to end users as well as investors.With such huge land banks available at a commutable distance from Delhi and Noida,the region will continue to be the hub of activities in the real estate sector.


    QUICK BITES



    THE HUGE SUPPLY OF LAND IN NOIDA,GREATER NOIDA AND YAMUNA EXPRESSWAY IS ALREADY HELPING IN KEEPING THE REAL ESTATE PRICES UNDER CHECK IN THE REGION,COMPARED TO THOSE IN GURGAON





    TOI
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  • Ab ye kya hai. Will it delay the Approval? 15 days?
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  • Originally Posted by KaranUCS
    Anyone have an update on the Yamuna expressway and when it will be opening?


    No Idea
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  • Originally Posted by KaranUCS
    Anyone have an update on the Yamuna expressway and when it will be opening?


    As per latest news papers 9th August is the Date.
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  • After NCRPB approval construction will start or it will wait for supreme court approval as well ?

    Is it safe to invest after NCRPB approval ? Please suggest
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  • Originally Posted by FieldWorker
    It's special treatment for Greater Noida, as per HC judgement.

    Otherwise, NCR-PB was just an advisory body, who had no say in land matters of the states.


    In fact before Noida Extension Fiasco,............, Nobody knew ki NCRPB kis chriya ka naam hai..........
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  • Any one there how having interest in yamuna expressway authority govt plots there any forucm in this site for that as i see very posts for that
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  • Authorities to prepare medical college plans


    GREATER NOIDA: The Uttar Pradesh government has asked the Noida and Greater Noida Authorities to prepare a roadmap and detailed project reports to set up two medical colleges in the district.

    Senior officials of both the Authorities met in Greater Noida on Friday to discuss several issues like the details, cost, getting permits from Medical Council of India and the collaboration of the two Authorities.

    The meeting followed a July 27 letter that has directed the Authorities to prepare the detailed report soon and forward it to the state government, after which it will direct them on the "next step".

    Last month, the state government led by the Samajwadi Party had approved the proposal to open a medical university in Greater Noida and a medical college in Noida to "boost education facilities and health services across Gautam Budh Nagar district". The Noida college will also have a super-specialty paediatric institute.

    The colleges will come up on the premises of the Kanshiram multispecialty hospital in Greater Noida and the Ambedkar hospital in Noida, respectively. The district does not have any government medical college yet.

    Earlier last month, the government had constituted a six-member committee headed by industrial development commissioner Anil Kumar Gupta to look into the feasibility of the project. The report was forwarded to the state government last month and the decision to set up the medical colleges was approved.

    Officials say there is a noticeable shortage of medical personnel and facilities across the district as it does not have any state-run medical college. According to the plan, the college will have infrastructure and teaching staff at par with any premier private medical institute in the country, but will not charge a bomb. "This will give students a chance to pursue MBBS irrespective of their economic backgrounds," an official said.

    "The Kanshiram hospital and the Ambedkar hospital have ample space to accommodate the proposed colleges. The government will soon give us further directions to give shape to the proposal," the official added.

    Earlier, the Mayawati-led BSP government had unsuccessfully tried to construct medical colleges in the state on a public-private partnership model to boost medical education.


    TOI
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  • यूपी से मंजूर ग्रेटर नोएडा का मास्टर प्लान

    ग्रेटर नोएडा नोएडा एक्सटेंशन के एक लाख निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले एक माह से उत्तर प्रदेश सरकार के पास लंबित पड़े ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2021 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वीकृति दे दी है। शहरी विकास मंत्री आजम खां व प्रदेश के मुख्य शहर नियोजक ने भी मास्टर प्लान पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। सरकार की मंजूरी के बाद मास्टर प्लान को वापस एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के पास भेज दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पंद्रह अगस्त से पहले बोर्ड के सदस्यों से बाई सर्कुलेशन (परिचालन पद्धति) से मास्टर प्लान को पास करा लिया जाएगा। इसके बाद नोएडा एक्सटेंशन समेत ग्रेटर नोएडा के एक दर्जन सेक्टरों में निर्माण कार्य और फ्लैटों की बुकिंग फिर से शुरू हो जाएगी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान को मंजूरी न मिलने की वजह से नोएडा एक्सटेंशन में साढे़ नौ माह से निर्माण कार्य बंद पड़ा है।

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की तकनीकी समिति ने कुछ शर्तो के साथ शहर के मास्टर प्लान को 28 जून को मंजूरी दे दी थी। हरियाणा व राजस्थान सरकार की स्वीकृति के बाद मास्टर प्लान को उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया था। एक माह से मास्टर प्लान सरकार के पास विचाराधीन था। शहरी विकास मंत्री आजम खां व मुख्य शहर नियोजक के हस्ताक्षर के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी। इसे वापस एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के पास भेज दिया गया है। प्लानिंग बोर्ड की 21 सदस्यीय समिति के सामने अब अंतिम मंजूरी के लिए मास्ट प्लान को रखा जाएगा। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि प्लानिंग कमेटी के सदस्यों से बाई सर्कुलेशन से द्वारा मास्टर प्लान को स्वीकृत कराया जाएगा। यह प्रक्रिया एक सप्ताह के अंदर पूरी कर ली जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रमा रमण ने शहर के मास्टर प्लान प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कोशिश रहेगी कि स्वतंत्रता दिवस से पहले एनसीआर प्लानिंग कमेटी से भी मास्टर प्लान को मंजूरी मिल जाए। उधर, प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद निवेशकों ने राहत की सास ली है। उनका कहना है कि अब सिर्फ बोर्ड की प्लानिंग कमेटी से मंजूरी मिलना बाकी है। इसके बाद उनके घर का सपना साकार होने में अधिक समय नहीं लगेगा। निवेशक रंजीत मिश्रा व सुनील गोयल का कहना है कि मास्टर प्लान के मंजूर होने से निवेशकों के साथ किसानों को भी फायदा पहुंचेगा। उन्होंने भी शीघ्र मुआवजा मिलना शुरू हो जाएगा।

    Dainik Jagran
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  • मास्टर प्लान के संशोधन पर मांगी आपत्ति :

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2021 में कराए गए संशोधनों पर प्राधिकरण ने आपत्ति व सुझाव मांगे हैं। संशोधित मास्टर प्लान की प्रति गामा दो सेक्टर स्थित प्राधिकरण कार्यालय पर चस्पा कर दी गई है। पंद्रह दिन के अंदर लोग लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद मास्टर प्लान में किए गए संशोधन को स्वीकृत कर लिया जाएगा। ग्रेटर नोएडा का मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से स्वीकृत न होने की वजह से नोएडा एक्सटेंशन समेत एक दर्जन सेक्टरों में भूखंडों की रजिस्ट्री, ट्रांसफर, निर्माण कार्य, मकानों का नक्शा पास व कंप्लीशन का काम बंद पड़ा है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की तकनीकी समिति ने कुछ शर्तो के साथ मास्टर प्लान को मंजूरी दी थी। प्लानिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों को प्राधिकरण बोर्ड ने नौ जुलाई की बैठक में मान लिया था। बोर्ड की मंजूरी के बाद मास्टर प्लान की प्रति प्राधिकरण कार्यालय चस्पा कर दी गई है। इसको प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को मास्टर प्लान में किए गए संशोधनों पर आपत्ति है अथवा वह अपना कोई सुझाव देना चाहता है तो किसी भी कार्य दिवस में सुबह साढ़े नौ बजे से शाम छह बजे तक पंद्रह दिन के अंदर दर्ज करा सकता है। इसके बाद किसी की आपत्ति अथवा सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

    Dainik jagran
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  • ग्रेनो के मास्टर प्लान को उत्तर प्रदेश सरकार से मिली मंजूरी

    ग्रेटर नोएडा : नोएडा एक्सटेंशन के एक लाख निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले एक माह से प्रदेश सरकार के पास लंबित पड़े ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2021 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वीकृति दे दी है। शहरी विकास मंत्री आजम खां व प्रदेश के मुख्य शहर नियोजक ने भी मास्टर प्लान पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। सरकार की मंजूरी के बाद मास्टर प्लान को वापस एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के पास भेज दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पंद्रह अगस्त से पहले बोर्ड के सदस्यों से बाई सर्कुलेशन (परिचालन पद्धति) से मास्टर प्लान को पास करा लिया जाएगा। इसके बाद नोएडा एक्सटेंशन समेत ग्रेटर नोएडा के एक दर्जन सेक्टरों में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान को मंजूरी न मिलने की वजह से नोएडा एक्सटेंशन में साढ़े नौ माह से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की तकनीकी समिति ने कुछ शर्तो के साथ शहर के मास्टर प्लान को 28 जून को मंजूरी दे दी थी। हरियाणा व राजस्थान सरकार की स्वीकृति के बाद मास्टर प्लान को उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा गया था। एक माह से मास्टर प्लान सरकार के पास विचाराधीन था। शहरी विकास मंत्री आजम खां व मुख्य शहर नियोजक के हस्ताक्षर के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी है।

    Dainik jagran
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