पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • List of poor farmers by stpdcomonman

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    A very gud thread by stdpcomonman..But no body noticed it.. :-(
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    Hi All,

    The purpose of starting this thread is to find out how poor are our beloved farmers whose land has been acquired at throw away prices and they got nothing in return. My only source of data is various newspapers.

    To calculate their poverty, I have considered following factors.

    1 acre = 4046 square meter
    1 acre = 3 bighas
    1 bigha = 1300 square meter

    Comepnsation awarded according to previous acquisition policy
    Per square meter price = 850 Rs.

    Additional benefits

    - Rs. 2.5 lakhs per acre or Rs. 20,000 per acre for 33 years
    - 6% developed land

    Compensation according to revised rate

    Per square meter price = 1400 Rs.

    Additional benefits

    - Rs. 2.5 lakhs per acre or Rs. 20,000 per acre for 33 years
    - 8% developed land


    Yadav had approached the Court earlier this year seeking denotification of around 200 bighas of his land and is now willing to withdraw that petition. “I will withdraw my petition at the earliest, and get the other 30-odd villagers who went to court to do the same,” he said.

    Calculation of compensation awarded to Mr. Yadav at previous rate

    200 bighas i.e. 260000 square meter land ( 200 * 1300)

    Compensation money = 260000 * 850 = Rs. 221000000

    2.50 lakh per acre i.e. Rs. 16665000(2.50 lakh * 66.66)

    Total compensation = Rs. 221000000 + Rs. 16665000 i.e. Rs. 237665000

    23 crore 76 lakhs 65...

    6 % Developed land = a plot of 15600 square meters

    You can easily calculate the value of plot of 15600 square meters in any developed area.

    Compensation according to new rate

    Compensation money = 260000 * 1400 = Rs. 364000000

    Total compensation = Rs. 364000000 + Rs. 16665000 i.e.

    Rs. 38 crore something

    8 % of developed land = plot of 20800 square meters


    Below are the land details of other farmers quoted in news paper. I feel reluctant to calculate the amount. So please take trouble to do the calculation urself.
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    “The authority should speak to all villagers in an open panchayat before arriving at a settlement. The authority should sign written agreements with all villagers, rather than a handful of them, before claiming that the dispute has been resolved,” said Sunil Sharma, who owns 12 bighas of land in Patwari.


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    The disgruntled villagers claimed that the representatives who had struck the deal were either pressured or had their own vested interests. “We will carry forward with our demands for compensation at market rates,” said Akshay Naagar who owns 20 bighas of land in Patwari.

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    Khemchand Sharma, a resident of Nithari village in Noida, who owns 32 bighas of land in Patwari, has filed a writ petition asking the Supreme Court to quash the Allahabad High Court order for an out-of-court settlement in Patwari.

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    Please add details of other farmers if you are able to find.
    Last edited by stpdcomonman; 4 Weeks Ago at 03:47 PM.
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  • allottees to pay amount within 15 days...:bab (34):
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  • Noida Ext Builders got Notice...Allottees to get soon

    बिल्डरों को आठ दिन में जमा करने होंगे पैसे

    ग्रेटर नोएडा, सं : प्राधिकरण ने अतिरिक्त धनराशि वसूलने के लिए शुक्रवार को 11 बिल्डरों को नोटिस जारी कर दिए। इन बिल्डरों को नोएडा एक्सटेंशन के पतवाड़ी गांव में 25 से 50 एकड़ के भूखंड आवंटित किए गए हैं। आठ दिन के अंदर अतिरित धनराशि जमा करनी होगी।
    किसानों को जमीन का मुआवजा बांटने के लिए प्राधिकरण ने बिल्डरों से 2250 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से अतिरिक्त धनराशि वसूलने का निर्णय किया है। आइटी, संस्थागत व सेक्टर दो आवासीय योजना के आवंटियों से भी 500 से 600 रुपये प्रति वर्गमीटर के दर से अतिरिक्त पैसा वसूला जाएगा। इन योजनाओं के आवंटियों को अभी नोटिस नहीं दिया गया है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पतवाड़ी गांव में जमीन अधिग्रहण रद किए जाने के बाद प्राधिकरण को किसानों के साथ समझौता किया है। इसके तहत किसानों को 550 रुपये प्रति वर्गमीटर का अतिरिक्त मुआवजा देना पड़ रहा है। इससे प्राधिकरण पर 324 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ा है। प्राधिकरण इस धनराशि को अब बिल्डर व आवंटियों से वसूलेगा। डीसीईओ पीसी गुप्ता ने बताया कि धनराशि सिर्फ बिल्डरों से वसूली जाएगी, जिन्हें पतवाड़ी गांव में जमीन आवंटित की गई है। इनमें सुपरटेक, आम्रपाली, निराला स्टेट, पटेल नियो समेत 11 बिल्डर हैं।

    -Dainik jagran

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  • विधानसभा चुनाव के बाद ही होगा जमीन अधिग्रहण


    ग्रेटर नोएडा, संवाददाता : नोएडा एक्सटेंशन विवाद के चलते प्राधिकरण विधानसभा चुनाव संपन्न होने तक गांवों में जमीन अधिग्रहण नहीं करेगा। जिन गांवों के प्रस्ताव तैयार किए गए थे, उन्हें रोक दिया गया है। जमीन न मिलने की वजह से प्राधिकरण अब चुनावों तक कोई योजना भी नहीं निकालेगा। जानकारों का कहना है कि प्राधिकरण जमीन नहीं बेच पाया तो उसे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर सभी विकास योजनाओं पर पड़ेगा।

    सूत्रों के अनुसार, नोएडा एक्सटेंशन विवाद से पहले प्राधिकरण दिसंबर के अंत तक एक दर्जन गांवों की जमीन अधिग्रहीत करने की योजना बनाई थी। छह गांवों में जमीन का सर्वे भी कर लिया गया था। प्राधिकरण ने प्रस्ताव को लंबित कर दिया है। विधानसभा चुनाव संपन्न होने तक किसी भी गांव का प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा जाएगा। जिन गांवों में धारा-4 की कार्रवाई की गई थी, उनमें भी एक्सटेंशन का विवाद हल होने तक अगली कार्रवाई नहीं की जाएगी।

    सूत्रों के अनुसार, चार दिन पहले सीईओ रमा रमन ने भूमि विभाग को अधिग्रहण पूरी तरह बंद करने के आदेश दे दिए हैं। हालांकि जो किसान अपने सहमति से प्राधिकरण के पक्ष में सीधे रजिस्ट्री करने को तैयार है, उनका कार्य नहीं रुकेगा। अधिग्रहण प्रक्रिया बंद हो जाने की वजह से प्राधिकरण को चुनाव तक जमीन नहीं मिल पाएगी। इस दौरान प्राधिकरण कोई योजना भी नहीं लाएगा। ग्रेटर नोएडा में जो लोग अपना आशियाना बनाने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब दस माह तक इंतजार करना पड़ सकता है

    -Dainik Jagran
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  • बिल्डर खरीद रहे हैं अतिरिक्त जमीन


    ग्रेटर नोएडा: नोएडा एक्सटेंशन में किसानों के साथ समझौता करने के लिए प्राधिकरण ने नया फार्मूला निकाला है। हैबतपुर व इटेड़ा के किसानों के साथ नए फार्मूले पर सहमति बन गई है। प्राधिकरण पतवाड़ी गांव की भांति किसानों को 550 रुपये प्रति वर्गमीटर का मुआवजा नहीं देगा। इसकी जगह किसानों को तीन फीसदी अतिरिक्त जमीन दी जाएगी। इस जमीन को सभी किसानों को एक ही स्थान पर आवंटित किया जा रहा है। बिल्डर इस जमीन को किसानों से 18 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से खरीदने को तैयार हैं। एक बिल्डर ने किसानों से जमीन खरीद भी लिया है। प्राधिकरण का तर्क है कि इस फार्मूला से न केवल किसानों को ज्यादा पैसा मिल रहा है, बल्कि प्राधिकरण पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ रहा है।


    हैबतपुर व इटेड़ा गांव के किसानों के साथ 15 दिन पहले ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह व सांसद सुरेंद्र नागर की मध्यस्थता में समझौते पर सहमति बन गई थी। मामला मुआवजा राशि व अतिरिक्त जमीन आवंटन को लेकर अधर में अटका हुआ था। प्राधिकरण खस्ता आर्थिक स्थिति का हवाला देकर मुआवजा राशि के बदले तीन प्रतिशत अतिरिक्त जमीन देना चाहता था। वहीं किसानों को अर्जित भूमि की एवज में आठ प्रतिशत जमीन मिलती है। प्राधिकरण इसे बढ़ाकर 11 प्रतिशत करने को तैयार हो गया। वहीं किसान पतवाड़ी गांव की तरह मुआवजा राशि की मांग कर रहे थे। काफी माथापच्ची के बाद प्राधिकरण ने नया फार्मूला निकालते हुए अतिरिक्त जमीन को ऐसी जगह आवंटित करने का निर्णय लिया, जहां बिल्डर हाथों-हाथ उसे खरीद ले। सूत्रों का कहना है कि एक दर्जन किसानों के साथ सुलह के बाद प्राधिकरण ने अतिरिक्त जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी। किसानों ने तुरंत ही इस जमीन को बिल्डरों को बेच दिया। शुक्रवार को भी करीब डेढ़ दर्जन किसानों के साथ समझौता हुआ।


    सूत्रों का कहना है कि फिलहाल प्राधिकरण उन्हीं किसानों के साथ समझौता कर रहा है, जिन्होंने हाईकोर्ट में जमीन अधिग्रहण को चुनौती दे रखी है। हैबतपुर व इटेड़ा के करीब 80 किसानों ने याचिका दायर की है। हाईकोर्ट में 12 सिंतबर को होने वाली सुनवाई से पहले प्राधिकरण इन किसानों के साथ समझौते की कोशिश में लगा है। किसान मान गए तो सुनवाई से पहले वे अपनी याचिकाएं वापस ले लेंगे।

    -Dainik Jagran
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    बिल्डर खरीद रहे हैं अतिरिक्त जमीन


    ग्रेटर नोएडा: नोएडा एक्सटेंशन में किसानों के साथ समझौता करने के लिए प्राधिकरण ने नया फार्मूला निकाला है। हैबतपुर व इटेड़ा के किसानों के साथ नए फार्मूले पर सहमति बन गई है। प्राधिकरण पतवाड़ी गांव की भांति किसानों को 550 रुपये प्रति वर्गमीटर का मुआवजा नहीं देगा। इसकी जगह किसानों को तीन फीसदी अतिरिक्त जमीन दी जाएगी। इस जमीन को सभी किसानों को एक ही स्थान पर आवंटित किया जा रहा है। बिल्डर इस जमीन को किसानों से 18 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से खरीदने को तैयार हैं। एक बिल्डर ने किसानों से जमीन खरीद भी लिया है। प्राधिकरण का तर्क है कि इस फार्मूला से न केवल किसानों को ज्यादा पैसा मिल रहा है, बल्कि प्राधिकरण पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ रहा है।

    -Dainik Jagran


    So many builders got land directly from farmers... so these projects are now safe... but price could be 20-30% high with high density..
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  • तीसरे दिन भी जारी रहा किसानों का अनशन (Ansal megapolis)


    दादरी, संवाद सहयोगी : टाउनशिप डेवलप कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ गांव कैमराला में शुक्रवार को तीसरे दिन भी किसानों का आमरण अनशन जारी रहा। अनशन में आसपास के गांवों के किसान व राजनैतिक लोगों का आना-जाना लगा रहा। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, अनशन जारी रहेगा।

    गांव बील अकबरपुर, रामगढ़, दतावली, बोड़ाकी, कैमराला समेत कई गांवों के किसानों की जमीन एक कंस्ट्रक्शन कंपनी अधिग्रहीत कर रही है। इसके खिलाफ कई बार किसान धरना प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन किसानों को संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया। परेशान होकर कैमराला के किसानों ने आमरण अनशन शुरू किया है। शुक्रवार को तीसरे दिन भी अनशन जारी है। आमरण अनशन की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के किसानों का जमघट लगना शुरू हो गया। आमरण अनशन पर पहुंचे पूर्व सिंचाई राज्य मंत्री नवाब सिंह नागर ने कहा कि किसानों के साथ प्रदेश सरकार घोर अन्याय कर रही है। अब किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनकी कीमती जमीन को छीनकर उनके बच्चों के हाथ में कटोरा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति व नीयत में खोट है। किसानों को एकजुट होकर आरपार की लड़ाई लड़नी होगी।

    -Dainik Jagran
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  • नोएडा प्रकरण की सुनवाई 12 को


    इलाहाबाद : नोएडा-ग्रेटर नोएडा भूमि अधिग्रहण मामले की सुनवाई 12 सितंबर को होगी। मामले की सुनवाई न्यायामूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एसयू खान तथा न्यायमूर्ति वीके शुक्ला की पूर्णपीठ कर रही है। गजराज सहित सैकड़ो किसानों, विल्डरों ने याचिकाएं दाखिल की हैं।
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    तीसरे दिन भी जारी रहा किसानों का अनशन (Ansal megapolis)


    दादरी, संवाद सहयोगी : टाउनशिप डेवलप कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ गांव कैमराला में शुक्रवार को तीसरे दिन भी किसानों का आमरण अनशन जारी रहा। अनशन में आसपास के गांवों के किसान व राजनैतिक लोगों का आना-जाना लगा रहा। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, अनशन जारी रहेगा।

    गांव बील अकबरपुर, रामगढ़, दतावली, बोड़ाकी, कैमराला समेत कई गांवों के किसानों की जमीन एक कंस्ट्रक्शन कंपनी अधिग्रहीत कर रही है। इसके खिलाफ कई बार किसान धरना प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन किसानों को संतोषजनक उत्तर नहीं मिल पाया। परेशान होकर कैमराला के किसानों ने आमरण अनशन शुरू किया है। शुक्रवार को तीसरे दिन भी अनशन जारी है। आमरण अनशन की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के किसानों का जमघट लगना शुरू हो गया। आमरण अनशन पर पहुंचे पूर्व सिंचाई राज्य मंत्री नवाब सिंह नागर ने कहा कि किसानों के साथ प्रदेश सरकार घोर अन्याय कर रही है। अब किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनकी कीमती जमीन को छीनकर उनके बच्चों के हाथ में कटोरा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति व नीयत में खोट है। किसानों को एकजुट होकर आरपार की लड़ाई लड़नी होगी।

    -Dainik Jagran



    Inspired by Anna obviously..............!!!
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  • difficult time for Property dealers
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  • नोएडा एक्सटेंशन में कम हुई टेंशन


    नोएडा एक्सटेंशन में अथॉरिटी की टेंशन कुछ कम होने लगी है। अथॉरिटी ने हैबतपुर और इटेहरा के 15 किसानों के साथ समझौता कर लिया है। बाकी किसानों से भी समझौता करने की कोशिश में अथॉरिटी जुटी है। अथॉरिटी अब किसानों को मुआवजे के बदले जमीन दे रही है , जो एक ही जगह पर है। समझौते में मिली जमीन बिल्डर 18,000 रुपये / वर्गमीटर तक के रेट पर खरीदने के लिए तैयार हैं। अथॉरिटी का दावा है कि हैबतपुर और इटेहरा के किसानों को अथॉरिटी से मिली जमीन एक बिल्डर ने खरीद भी ली है।

    अथॉरिटी अफसरों के मुताबिक , हैबतपुर और इटेहरा में अथॉरिटी ने समझौते के तहत किसानों को 5,000 वर्ग मीटर के आस - पास जमीन का आवंटन कर दिया है। शुक्रवार को जिन किसानों के साथ समझौता किया गया है अथॉरिटी ने उनके नाम जमीन की रजिस्ट्री भी करा दी है। जमीन आवंटन करने के लिए अथॉरिटी का लैंड विभाग और डीसीईओ का दफ्तर रात 12 बजे तक खुले रहे। वहीं किसान भी समझौता करने के लिए देर रात तक अथॉरिटी में जमे रहे। किसानों के रात के खाने की व्यवस्था भी अथॉरिटी को करनी पड़ी। अथॉरिटी 12 सितंबर को हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले अधिक से अधिक गांवों के किसानों के साथ समझौता करने में जुटी है। अफसरों को पूरी उम्मीद है कि 12 सितंबर से पहले किसानों के साथ समझौता करने में जरूर सफलता मिल जाएगी।

    पतवाड़ी , हैबतपुर , इटैडा के बाद ऐमनाबाद गांव के किसान भी समझौते के लिए तैयार हैं। किसानों का कहना है कि नोएडा एक्सटेंशन में सर्कल रेट करीब 10,000 रुपये है। नए भूमि अधिग्रहण कानून के लागू होने से किसानों को सर्कल रेट का चार गुना मुआवजा मिलेगा। इससे किसानों को 40,000 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा मिलने लगेगा।

    -Navbharat times
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  • अथॉरिटी ने बिल्डरों को दिए सात दिन



    ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पतवाड़ी गांव के किसानांे के साथ हुए समझौते के बाद दिए जा रहे मुआवजे की वसूली बिल्डर और अन्य आवंटियांे से करने की पूरी तैयारी कर ली है। अथॉरिटी ने बढ़ी दरों पर भुगतान करने के लिए बिल्डरांे को नोटिस भेजे हैं। 11 बिल्डरांे को सात दिन में भुगतान करना होगा। वहीं अन्य आवंटियों को भी अथॉरिटी बढ़ी दरांे का भुगतान करने की बात कह रही है। लेकिन अन्य आवंटी इसके लिए तैयार नहीं हैं।

    आवंटियांे का कहना है कि अथॉरिटी ने आवंटन मार्च से पहले किया है। मार्च के बाद भी अथॉरिटी ने अपनी जमीन के रेट बढ़ाए थे। रेट बढ़ाते समय या बाद में आवंटियांे को किसी तरह कोई नोटिस नहीं भेजा गया था। अथॉरिटी ने छह महीने बाद फिर से अपनी जमीन के आवंटन रेट बढ़ा दिए। आवंटियांे ने इस तरह रेट बढ़ाने का विरोध किया है। आवंटी रणवीर सिंह का कहना है कि वह बढ़ी दरांे पर भुगतान नहीं करेंगे। अथॉरिटी ने मार्च के बाद दो बार दरंे बढ़ाई हैं। ये दरें यदि अथॉरिटी को लागू करनी है, तो नए आवंटियों पर करें। वहीं अथॉरिटी के डीसीओ पी. सी. गुप्ता का कहना है कि बिल्डरांे को बढ़ी दरांे पर पेमेंट करने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। बिल्डरों को करीब 2,250 रुपये अतिरिक्त दर से पेमेंट करनी होगी। इसके लिए बिल्डरांे को सात दिन का समय दिया गया है। इनके अलावा अन्य आवंटियों की श्रेणी भी बना ली गई है। अन्य आवंटियों को 600 रुपये के हिसाब से देने होंगे।

    हालांकि बिल्डरांे को छोड़कर अन्य आवंटियांे को नोटिस अभी नहीं भेजे गए हैं। अथॉरिटी ने पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की थी। मामलांे को लेकर किसान हाई कोर्ट चले गए। हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अथॉरिटी को आदेश दिए कि किसानों के साथ समझौता करके कोर्ट को अवगत कराए। अथॉरिटी ने किसानांे को समझौते में 550 रुपये अतिरिक्त मुआवजा और 8 प्रतिशत जमीन वापस दी। अथॉरिटी अतिरिक्त मुआवजा देने मंे कर्ज में डूब गई। अथॉरिटी अफसरों का कहना है कि कर्ज से अथॉरिटी को उबारने के लिए आवंटन दरों में बढ़ोतरी की गई है। बिल्डरांे व अन्य आवंटियों पर भी बढ़ी दरांे का भार डाला जा रहा है।

    -Navbharat times
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  • :bab (45): Builders got notice from Authority to pay more..
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  • :DThis is just waste of resourcess if HC again postpone date
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  • more news ......
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