पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Akhilesh says no land acquisition without farmers' consent


    NOIDA: Uttar Pradesh chief minister Akhilesh Yadav on Thursday said no land acquisition would be done without the consent of farmers and cases lodged against them during the previous government would be withdrawn.

    "SP in its election manifesto had said that land would not be taken without the consent of the farmers. If they do not permit, the SP government will not take any decision," Akhilesh said while inaugurating the 165-kilometre-long Yamuna Expressway between Agra and Noida developed by Jaypee Group at a cost of Rs 12,000 crore.

    He said that prosperity and cooperation of the farmers was necessary.

    Stressing on the importance of good roads, he said, "We are heading forward with this approach. Arrangements will be made to connect the district headquarters and wherever it is feasible. Large scale development will take place if there are good roads," he said.

    Alleging that the previous BSP regime lodged false cases against farmers, Yadav said all such cases would be withdrawn.

    Akhilesh requested commuters not to exceed the 100km speed mark on the new expressway.

    He said that while the expressway has been completed some work was still to be done.

    "Service lane is not constructed properly and it should be completed at the earliest. Facility of hospitals and schools has to be given and development of villages should also take place," he said.

    The CM said neither Noida-Greater Noida road would be included in the expressway nor any toll would be realised.

    "Previous government included Noida-Greater Noida road in the expressway and even levied toll, but it would not be included and even company people agree with that," he said.

    Akhilesh said that SP government was not in favour of Ganga Expressway and no work would be done on it.

    He said that Bundelkhand and Poorvanchal regions should also get connected with expressways so that development can be done there.

    SP leader Ram Gopal Yadav, present on the occasion, asked the concerned company to provide parallel service roads to the adjoining villages so that the villagers have toll free access from one village to another through the service roads.


    Akhilesh says no land acquisition without farmers' consent - The Times of India
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  • उप्र में किसानों की सहमति से ली जाएगी भूमि : अखिलेश

    जागरण ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सपा सरकार में किसानों की खुशहाली के लिए उनकी सहमति के बिना भूमि नहीं ली जाएगी। सपाघोषणा पत्र का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भूमि लेने के एवज में किसानों को सर्किल रेट का छह गुने तक मुआवजा देने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अंबेडकरनगर में एनटीपीसी सहित कई परियोजनाओं के लिए भूमि लेने के एवज में तीन गुना ज्यादा मुआवजा किसानों को दिया गया है। एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण संबंधी नई नीति शीघ्र लागू की जाएगी। मौका मिले तो जरूर बनाएंगे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे : मनोज सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) के आधार पर यमुना एक्सप्रेस-वे बनाने वाले जेपी समूह के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन मनोज गौड़ ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे नहीं बल्कि विकास की भाग्यरेखा है। देश के लिए यह बेंचमार्क प्रोजेक्ट होगा। गौड़ ने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के 400 मेगावाट के विष्णु प्रयाग हाइड्रो प्रोजेक्ट के उदघाटन का जिक्र करते हुए कहा कि वह भी देश का पहला बड़ा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट था।


    dainik jagran
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  • 'किसानों की सहमति पर ही होगा अधिग्रहण

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यमुना एक्सप्रेसवे की तर्ज पर पूर्वांचल और बुंदेलखंड में भी सड़कें बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को प्रदेश के इन पिछड़े इलाकों में उच्च स्तरीय सड़कें बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने जल्द ही प्रदेश में जमीन अधिग्रहण के लिए नई नीति लाने का ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों को बाजार भाव से छह गुना तक ज्यादा जमीन की कीमत दिलवाने के पक्ष में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की सहमति के बिना भूमि-अधिग्रहण कतई नहीं किया जाएगा।

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज यमुना एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करते हुए कहा कि इसके साथ सर्विस लेन को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए। नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक एक्सप्रेसवे को निर्माण एजेंसी के अधिकार क्षेत्र से बाहर रखने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लिए टोल टैक्स भी नहीं लगाया जाएगा। टप्पल के किसानों के मुकदमों को पहले ही वापस लेने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गलत ढंग से आरोपित शेष अन्य किसानों के मुकदमों को भी शीघ्र वापस ले लेगी।

    मुख्यमंत्री आज अपने आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में नोएडा से आगरा तक बने 6 लेन के यमुना एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी द्वारा स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए अस्पताल तथा स्कूल बनवाया जाना चाहिये। इसके अलावा परियोजना के साथ-साथ आस पास के गांव का विकास भी सुनिश्चित किया जाए। यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनपद मुख्यालयों को 4 लेन की सड़कों से जोडऩे के अलावा बुंदेलखंड तथा पूर्वांचल क्षेत्र में भी उच्च स्तरीय सड़क निर्माण के लिए प्रयासरत है, जिससे कि इन क्षेत्रों का बड़े पैमाने पर विकास हो सके। नोएडा में आयोजित एक कार्यक्रम में सांसद प्रोफेसर राम गोपाल यादव ने एक्सप्रेसवे पर वाहन परिचालन की शुरुआत फीता काटकर की।

    इससे पहले औद्योगिक विकास आयुक्त (आईडीसी) एके गुप्ता ने कहा कि 165 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे सबसे बड़ा प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे है। उन्होंने कहा, 'आगरा और लखनऊ के बीच 365 किलोमीटर लंबा हरितक्षेत्र एक्सप्रेसवे बनाने का प्रयास जारी है।' आईडीसी ने कहा कि पीपीपी मॉडल पर बना एक्सप्रेसवे न केवल ताज नगरी में आने वाले लोगों को आसान यातायात सुविधा मुहैया कराएगा बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देगा और स्थानीय चमड़ा एवं आलू उद्योग विकसित हो सकेगा। इस अवसर पर जेपी समूह के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज गौड़ ने कहा कि परियोजना को 12,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। गौड़ कहा कि 15 अगस्त तक टोल कर नहीं लगेगा।

    Business Standard
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  • BIG Daddy ka order aane mai time lagegaa..

    Originally Posted by gaussmatin
    waiting for the BIG Daddy!!!!
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  • Originally Posted by vijay.dhiman
    BIG Daddy ka order aane mai time lagegaa..

    why time lagega??
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  • cookie bhai abhi to hearing date bhi nahi mili.. time to lagegaa hee

    Originally Posted by cookie
    why time lagega??
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  • Yes I wish same to as i own two plots.
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  • किसानों के लिए सौगात लाएगा 15 अगस्त
    अमर उजाला ब्यूरो
    नोएडा। किसानों के लिए स्वतंत्रता दिवस सौगात लेकर आ सकता है। प्राधिकरण के सीईओ के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में योजना की फाइलों को तैयार किया जा रहा है। छुट्टी होने के बावजूद शुक्रवार को भूलेख विभाग खोला गया।
    प्राधिकरण पंद्रह अगस्त को किसानों को कई उपहार दे सकता है। इसमें पांच प्रतिशत के भूखंडों का आवंटन पत्र और आरक्षित भूखंड योजना शामिल है। शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण में जन्माष्टमी की छुट्टी रही, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी राजेश प्रकाश ने एक अति आवश्यक कार्यालय आदेश जारी करके भूलेख विभाग के अधिकारियों को काम करने का निर्देश दिया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव सरन ने आरक्षित आवासीय भूखंड योजना और पांच प्रतिशत के मामलों को तेजी से निस्तारित करने का आदेश दिया है। इसमें कहा गया है कि किसानों को जल्द से जल्द पांच प्रतिशत भूखंड का लाभ दिया जाए। इसके लिए जो फाइलें लंबे समय से रुकी हैं उन पर कार्रवाई करते हुए सभी तैयारियां पूरी कर लें। गौरतलब है कि दिसंबर में आचार संहिता लागू होने से पांच प्रतिशत आबादी के भूखंड और आरक्षित आवासीय योजना अटक गई। इसके बाद मार्च से मई तक सीईओ और चेयरमैन की कुर्सी खाली रही। फिर जुलाई में बोर्ड बैठक होने की वजह से करीब छह महीने तक अधिकांश काम बंद रहे। ऐसे में किसानों में रोष है। इसे समाप्त करने के लिए प्राधिकरण तेजी से कार्यों को निस्तारण करने में जुट गया है।
    प्राधिकरण का भूलेख विभाग छुट्टी के दिन भी खुला रहा
    योजना की फाइलों को किया गया तैयार
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  • lol
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  • आइडीयल सिटी बनकर उभरेगा नोएडा एक्सटेंशन


    भले ही नोएडा एक्सटेंशन विवादों के साये में रहा हो, इसके बावजूद इस एरिया में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर यूपी को एक अलग पहचान दिलाएगा। इस बात को अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री ने भी माना है कि नोएडा एक्सटेंशन एक आइडीयल सिटी बनकर उभरेगा, जो इंटरनैशनल लेबल के इन्फ्रास्ट्रक्चर से लैस होगा। नोएडा एक्सटेंशन की तर्ज पर ही एनसीआर की दूसरी डिवेलपिंग शहरों का विकास किया जाएगा।

    हर कसौटी पर खरा
    नोएडा एक्सटेंशन के नाम से उभरने वाली यह लोकेशन दरअसल ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 1 और 4 हैं। सुपर टेक के डायरेक्टर मोहित अरोड़ा कहते हैं कि भले ही नोएडा एक्सटेंशन विवादों के साये में रहा हो लेकिन पिछले डेढ़ बरसों में इसके मास्टर प्लान पर इतने सारे टेस्ट किए गए कि अब यह हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। मोहित के मुताबिक नोएडा एक्सटेंशन यूपी ही नहीं, बल्कि देश की एक आइडल सिटी के तौर पर बनकर उभरेगा। जो होम बायर्स इस इलाके से बचते थे, अब वे जल्द ही यहां के बाशिंदे होने पर गर्व करेंगे। रिवाइज्ड मास्टर प्लान में 16 फीसदी ग्रीनरी रखी गई है। इसके अलावा यहां की चौड़ी सड़कें, प्रपोज्ड मेट्रो लाइन का एक्सटेंशन, ग्रेटर नोएडा से एनएच 24 को जोड़ने वाला फ्लाइओवर जैसी सुविधाएं एक शहर में, वो भी इतने कम वक्त में मिलना नामुमकिन है।

    यहां मेडिकल और इंजिनियरिंग कॉलेज का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का एक ऑफिस भी यहां प्रस्तावित है। आईटी हब के लिए यहां जगह बनाई जा रही है। ग्रेटर नोएडा के इन सेक्टर्स का दूसरा छोर गाजियाबाद से सटा है। गाजियाबाद की तरफ लगने वाले इस हिस्से में पहले से ही तमाम बिल्डर्स रेजिडेंशल प्रॉजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

    बेहतर कनेक्टिविटी
    रियल्टी इन्वेस्टमेंट में कनेक्टिविटी सबसे ज्यादा अहमियत रखती है। जहां तक नोएडा एक्सटेंशन की कनेक्टिविटी की बात है तो यहां तक पहुंचना अब काफी आसान हो गया है। अजनारा ग्रुप के डायरेक्टर विनीत गुप्ता कहते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था, जब यहां आने के लिए पहले परी चौक जाना पड़ता था और फिर वहां से लौट कर नोएडा और गाजियाबाद से सटे इस हिस्से तक लौटना पड़ता था। लेकिन अब नोएडा के सेक्टर 32 यानी सिटी सेंटर साईं मंदिर होते हुए यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। कालिंदी कुंज से इस लोकेशन की दूरी 11 जबकि साईं मंदिर से 7 किलोमीटर की है।

    अगर आप सेंट्रल दिल्ली की तरफ से निजामुद्दीन ब्रिज की तरफ से यहां आना चाहते हैं तो नैशनल हाई-वे 24 के जरिए यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इससे इस लोकेशन की दूरी महज ढाई से तीन किलोमीटर है। अगर आप यहां अपना आशियाना बनाते हैं तो ग्रेटर नोएडा के परी चौक तक पहुंचने के लिए 25 किलोमीटर का फासला तय करना होगा। थ्री सी कंपनी के डायरेक्टर विदुर भारद्वाज का कहना है किनोएडा एक्सटेंशन के बारे में कहा जा सकता है कि यह एकऐसी लोकेशन पर है, जहां बसने वालों से ग्रेटर नोएडा के साथ नोएडा और गाजियाबाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर का फायदा भी पूरा फायदा मिलेगा।

    प्रस्तावित प्रॉजेक्ट्स
    वैसे अगर आपने ग्रेटर नोएडा का रुख किया हो तो इस शहर की चौड़ी सड़कों, हरियाली और खुले माहौल से अच्छी तरह वाकिफ होंगे। नि:संदेह अथॉरिटी ने इस हिस्से के लिए कुछ ऐसी ही प्लानिंग की है। ऑरिस ग्रुप के एमडी अमित गुप्ता का कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से यहां मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का एक ऑफिस भी यहां प्रस्तावित है। आईटी हब के लिए यहां जगह बनाई जा रही है, जबकि गौरसंस के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौर कहते हैं कि 130 एकड़ में बनने वाली उनकी टाउनशिप में होटल, मॉल और ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराने वाला बड़ा अगले कुछ महीनों में देखा जा सकेगा।

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक इनवेस्टमेंट के लिहाज से यह सही वक्त है। शुरुआती दौर में यहां लैट्स की 1900 रुपये प्रति वर्ग मीटर से शुरू हुई थी, फिलहाल यहां पर यहां पर कीमत 2700 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। मास्टर प्लान पास होते ही यह कीमत 3000 से लेकर 3500 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो जाएगी।

    प्रॉपर्टी वैल्यू

    एकदंत ग्रुप के सीएमडी राम सिंह के मुताबिक फरीदाबाद और कुंडली में जिस भाव से प्रॉपर्टीज बिक रही हैं, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में बिल्डर्स के प्रॉजेक्ट्स से इसकी तुलना करें तो नोएडा एक्सटेंशन की प्रॉपर्टीज करीब 100 से 200 रुपये प्रतिवर्ग फीट सस्ती हैं। इसके अलावा एनसीआर का पेरिफेरल रिंग रोड कहा जाने वाला कुंडली मानेसर और पलवल (केएमपी) और फरीदाबाद नोएडा गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेस वे का एफएनजी भाग नोएडा एक्सटेंशन को छूता हुआ निकल रहा है। ऐसे में यहां गाजियाबाद के अलावा फरीदाबाद और गुड़गांव की ओर रुख करना भी आसान रहेगा। आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा की मानें तो नोएडा एक्सटेंशन के बेहद नजदीक नोएडा की इलेक्ट्रॉनिक सिटी और इंस्टीट्यूशन एरिया है। इस वजह से इन प्रॉपर्टी की रेंटल के साथ कैपिटल वैल्यू भी बढ़ना तय है।


    Navbharat times
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  • Originally Posted by jeetcp
    Lets do the math. I hope I am correct in this.
    What was the farming land rate in 2010 in NE or shahberi near Dadri? I am not sure but taking it as 3 Crore per acres.
    1 Acre= 4046 Square meter.
    That means, price of 1 Sqm = 3 Crore/4046 = 7414.7 rupees. Bang on... This comes out to be the rate of free hold village land there that time.
    In fact, farming land rate even in meerut today for a land which is adjacent to the city is at par.

    By this calculation Rs 1400 given to farmers was way too low.

    What say?


    Who told you Sir that farmland rate is 3 Crore per acre????? Farm land on which people do farming. Do you think you will get even 1% return yearly(3 Lacs) by doing farming on an acre land??? check reality. All across India, farm land price is between 3 Lac- 5 Lacs depends upon the kind of crop you are growing and the irrigation, monsoon. Here I am strictly talking about farming. And we all know about the quality of farmland of NEx. How arable those are. Thanks.
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    आइडीयल सिटी बनकर उभरेगा नोएडा एक्सटेंशन


    भले ही नोएडा एक्सटेंशन विवादों के साये में रहा हो, इसके बावजूद इस एरिया में वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर यूपी को एक अलग पहचान दिलाएगा। इस बात को अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री ने भी माना है कि नोएडा एक्सटेंशन एक आइडीयल सिटी बनकर उभरेगा, जो इंटरनैशनल लेबल के इन्फ्रास्ट्रक्चर से लैस होगा। नोएडा एक्सटेंशन की तर्ज पर ही एनसीआर की दूसरी डिवेलपिंग शहरों का विकास किया जाएगा।

    हर कसौटी पर खरा
    नोएडा एक्सटेंशन के नाम से उभरने वाली यह लोकेशन दरअसल ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 1 और 4 हैं। सुपर टेक के डायरेक्टर मोहित अरोड़ा कहते हैं कि भले ही नोएडा एक्सटेंशन विवादों के साये में रहा हो लेकिन पिछले डेढ़ बरसों में इसके मास्टर प्लान पर इतने सारे टेस्ट किए गए कि अब यह हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। मोहित के मुताबिक नोएडा एक्सटेंशन यूपी ही नहीं, बल्कि देश की एक आइडल सिटी के तौर पर बनकर उभरेगा। जो होम बायर्स इस इलाके से बचते थे, अब वे जल्द ही यहां के बाशिंदे होने पर गर्व करेंगे। रिवाइज्ड मास्टर प्लान में 16 फीसदी ग्रीनरी रखी गई है। इसके अलावा यहां की चौड़ी सड़कें, प्रपोज्ड मेट्रो लाइन का एक्सटेंशन, ग्रेटर नोएडा से एनएच 24 को जोड़ने वाला फ्लाइओवर जैसी सुविधाएं एक शहर में, वो भी इतने कम वक्त में मिलना नामुमकिन है।

    यहां मेडिकल और इंजिनियरिंग कॉलेज का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का एक ऑफिस भी यहां प्रस्तावित है। आईटी हब के लिए यहां जगह बनाई जा रही है। ग्रेटर नोएडा के इन सेक्टर्स का दूसरा छोर गाजियाबाद से सटा है। गाजियाबाद की तरफ लगने वाले इस हिस्से में पहले से ही तमाम बिल्डर्स रेजिडेंशल प्रॉजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

    बेहतर कनेक्टिविटी
    रियल्टी इन्वेस्टमेंट में कनेक्टिविटी सबसे ज्यादा अहमियत रखती है। जहां तक नोएडा एक्सटेंशन की कनेक्टिविटी की बात है तो यहां तक पहुंचना अब काफी आसान हो गया है। अजनारा ग्रुप के डायरेक्टर विनीत गुप्ता कहते हैं कि एक वक्त ऐसा भी था, जब यहां आने के लिए पहले परी चौक जाना पड़ता था और फिर वहां से लौट कर नोएडा और गाजियाबाद से सटे इस हिस्से तक लौटना पड़ता था। लेकिन अब नोएडा के सेक्टर 32 यानी सिटी सेंटर साईं मंदिर होते हुए यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। कालिंदी कुंज से इस लोकेशन की दूरी 11 जबकि साईं मंदिर से 7 किलोमीटर की है।

    अगर आप सेंट्रल दिल्ली की तरफ से निजामुद्दीन ब्रिज की तरफ से यहां आना चाहते हैं तो नैशनल हाई-वे 24 के जरिए यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इससे इस लोकेशन की दूरी महज ढाई से तीन किलोमीटर है। अगर आप यहां अपना आशियाना बनाते हैं तो ग्रेटर नोएडा के परी चौक तक पहुंचने के लिए 25 किलोमीटर का फासला तय करना होगा। थ्री सी कंपनी के डायरेक्टर विदुर भारद्वाज का कहना है किनोएडा एक्सटेंशन के बारे में कहा जा सकता है कि यह एकऐसी लोकेशन पर है, जहां बसने वालों से ग्रेटर नोएडा के साथ नोएडा और गाजियाबाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर का फायदा भी पूरा फायदा मिलेगा।

    प्रस्तावित प्रॉजेक्ट्स
    वैसे अगर आपने ग्रेटर नोएडा का रुख किया हो तो इस शहर की चौड़ी सड़कों, हरियाली और खुले माहौल से अच्छी तरह वाकिफ होंगे। नि:संदेह अथॉरिटी ने इस हिस्से के लिए कुछ ऐसी ही प्लानिंग की है। ऑरिस ग्रुप के एमडी अमित गुप्ता का कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से यहां मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का एक ऑफिस भी यहां प्रस्तावित है। आईटी हब के लिए यहां जगह बनाई जा रही है, जबकि गौरसंस के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौर कहते हैं कि 130 एकड़ में बनने वाली उनकी टाउनशिप में होटल, मॉल और ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराने वाला बड़ा अगले कुछ महीनों में देखा जा सकेगा।

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक इनवेस्टमेंट के लिहाज से यह सही वक्त है। शुरुआती दौर में यहां लैट्स की 1900 रुपये प्रति वर्ग मीटर से शुरू हुई थी, फिलहाल यहां पर यहां पर कीमत 2700 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। मास्टर प्लान पास होते ही यह कीमत 3000 से लेकर 3500 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो जाएगी।

    प्रॉपर्टी वैल्यू

    एकदंत ग्रुप के सीएमडी राम सिंह के मुताबिक फरीदाबाद और कुंडली में जिस भाव से प्रॉपर्टीज बिक रही हैं, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में बिल्डर्स के प्रॉजेक्ट्स से इसकी तुलना करें तो नोएडा एक्सटेंशन की प्रॉपर्टीज करीब 100 से 200 रुपये प्रतिवर्ग फीट सस्ती हैं। इसके अलावा एनसीआर का पेरिफेरल रिंग रोड कहा जाने वाला कुंडली मानेसर और पलवल (केएमपी) और फरीदाबाद नोएडा गाजियाबाद (एफएनजी) एक्सप्रेस वे का एफएनजी भाग नोएडा एक्सटेंशन को छूता हुआ निकल रहा है। ऐसे में यहां गाजियाबाद के अलावा फरीदाबाद और गुड़गांव की ओर रुख करना भी आसान रहेगा। आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी अनिल शर्मा की मानें तो नोएडा एक्सटेंशन के बेहद नजदीक नोएडा की इलेक्ट्रॉनिक सिटी और इंस्टीट्यूशन एरिया है। इस वजह से इन प्रॉपर्टी की रेंटल के साथ कैपिटल वैल्यू भी बढ़ना तय है।


    Navbharat times


    Create problem and when its going to sort out....take advantages and increase rate.

    good to see.

    vaise itna sannata kyu hai....is every one preparing for "DAY AFTER TOMORROW".
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  • Builders threatening to cancel bookings: Buyers


    NOIDA: The Greater Noida Authority (GNIDA) might be claiming that it is one step away from getting clearance for Master Plan 2021 from the NCR planning board, but there is no end in sight to the troubles of Noida Extensionhomebuyers. The buyers allege that several developers have been making unfair demands for extra payments. They have been threatening to cancel their bookings if they don't pay up. The buyers plan to gather at the Noida Extension roundabout on Sunday and present their grievances. They want clear guidelines from the developers.

    The buyers also claim that several developers have been sending them demand as well as cancellation letters, either demanding extra payments or informing them about cancellation of their bookings on flimsy grounds.

    "Several big developers have sent out cancellation letters to hundreds of flat buyers, particularly those, whose initial bookings were affected by the Supreme Court order denotifying land in Shahberi," said Abhishek Kumar of the buyers' umbrella body Noida Extension Flat Owners' Welfare Association. "These developers were supposed to shift the affected buyers to alternative locations or offer them refunds along with interest. As Master Plan 2021 is about to be approved soon, developers have instead started making unethical demands. The developers are now offering us refund cheques, fudging numbers and claiming that we have not paid a part of the due instalments. Hence, they are sending out cancellation letters asking buyers to collect their refunds," he said.

    "I had booked a flat with one of the major developers in an upcoming project in Noida extension area. My booking was part of the Shahberi land. After the Court order, I went online and got an alternative flat. The developer, however, did not give any formal receipt in hard copy. Then, in December, I received a cancellation letter from the developer asking me to take my money back since my original booking was rendered useless by the denotification," said Shahdab Anwar, a buyer. "Several rounds of communication with the developer yielded no results and in April this year, the last time I went to the developer's office, I realized that the registration number that I had got online after taking the alternative flat, had been allotted to someone else. While my money is still with the developer, I am clueless about the status of my booking," Anwar said.

    "We have made a list of the developers responsible for such practices. We have collated the details of the cancellation letters, demand letters, etc received," Devender Kumar, another buyer.

    Builders threatening to cancel bookings: Buyers - The Times of India
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