पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Buyers’ pressure tactics pay dividends

    NOIDA: Although there was considerable pressure from real estate sector and politicians, what finally forced the Centre act fast was the pressure mounted by homebuyers.

    On Wednesday, a group of buyers threatened to gherao Urban Development minister Kamal Nath on Saturday, if he did not approve the draft master plan. They met him on Friday. “When we requested the minister to give his nod to the master plan, which was approved by the NCRPB, he said he would do it. But we were not ready to relent. We insisted him to do it on Friday itself,” said Abhishek Kumar, the president of NEFOWA.

    The affected builders too agreed that it was the buyers’ fight which clinched the deal. “They put up a strong fight. Noida Extension will give a much-needed push to the realty sector. All will benefit — farmers, buyers, developers and investors,” said Anil Sharma, CMD and chairman of Amrapali Group.

    Noida Extension consists of 13 villages — Khera Chauganpur, Khairpur Gujjar, Tushyana, Amnabad, Shahberi, Saini, Bisrakh, Patwari, Haibatpur, Itaidha, Roja Yakoobpur, Chipyana Khurd and Yusufpur (Chak Shahberi).

    HT
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  • Finally,Noida Extn projects get all-clear

    Stage Set For Economic Boom In Area

    Ayaskant Das & Dipak Kumar Dash TNN

    Noida/New Delhi:The NCR Planning Board finally approved Greater Noidas Master Plan-2021 on Friday,clearing the way for resumption of construction in hundreds of housing projects in the city,including the Noida Extension area.

    The approval comes as a huge relief to lakhs of home buyers,particularly in projects floated in Noida Extension,and for real estate developers whose investments were locked up in these ventures.Construction had been halted in the area around a year ago,first due to litigation over compensation to farmers and then over approval of the master plan by NCRPB.

    Late on Friday,NCRPB communicated its order to UP housing secretary S N Shukla.The letter (a copy of which is with TOI) says that the draft Master Plan for Greater Noida-2021,in compliance with the Allahabad high court order,had been approved.NCRPB secretary general Naini Jayaseelan wrote that the plan had been passed through circulation of members of the planning board.

    Market watchers said the nod will lead to a major boost in economic activity in the region.The resumption of construction work will increase employment opportunities and will have a direct impact on the construction business in NCR, said a government official.
    In its letter,the board has said the approval is subject to incorporation of certain conditions in the final master plan.

    These include provision for regional rapid rail transport line,expressways and a mass transit system,besides maintaining a mandatory green cover and providing housing for economically weaker sections.

    HUGE RELIEF


    2.5 lakh residential units being made by around 25 builders in Noida Extension
    2,000 hectares acquired by Greater Noida authority from 11 villages
    Authority acquired land from farmers at Rs 880/ sqm and sold it to private developers at Rs 12,000/sqm

    In Oct 2011,Allahabad HC ordered farmers compensation to be raised by 64%.Also asked the authority to incorporate the NCR planning boards recommendations in its Master Plan 2021 before allowing any construction
    On Friday,NCR board finally approved master plan,paving way for construction to resume

    TOI
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  • नोएडा एक्सटेंशन को मिली हरी झंडी

    ग्रेटर नोएडा : दस माह के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2021 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिल गई। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने मास्टर प्लान पर हस्ताक्षर किए। नोएडा एक्सटेंशन में अब बिल्डिंग परियोजनाओं के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। करीब ढाई हजार हेक्टेयर जमीन पर फैले एक्सटेंशन में इलाहाबाद हाई कोर्ट के गत वर्ष 21 अक्टूबर के फैसले के बाद परियोजनाओं का निर्माण कार्य बंद पड़ा था। एक्सटेंशन में करीब साढ़े तीन लाख फ्लैट बनने हैं। प्राधिकरण व बिल्डरों का करीब दस हजार करोड़ रुपये एक्सटेंशन में फंसा हुआ था। बोर्ड के फैसले से एक्सटेंशन के करीब एक लाख निवेशक, तीन दर्जन बिल्डर व हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है। शनिवार को एक्सटेंशन के निवेशकों ने शहरी विकास मंत्री कमलनाथ के घेराव की घोषणा कर रखी थी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रमारमण का कहना है कि बोर्ड का स्वीकृति पत्र मिलते ही उसकी प्रति हाई कोर्ट को भेज दी जाएगी। मास्टर प्लान को मंजूरी मिलने से किसानों को 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजे का रास्ता भी खुल गया है। अफसरों का कहना है कि बिल्डरों से धन मिलते ही किसानों में मुआवजा बंटना शुरू हो जाएगा।

    dainik jagran
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  • Bhagwan ke ghar der hai Andher nahi --- There are greedy people everywhere - be it farmers, builders, politicians. Buyers have to be careful as things move further. I think the role of NEFOMA would be even more important now. It support buyers for the builders corrupt practices. Congratulations to All and wish all the buyers a very good luck.
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  • अब आबाद होगा नोएडा एक्सटेंशन

    ग्रेटर नोएडा नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों के लिए शुक्रवार को बड़ी राहत देने वाली खबर आई। राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र (एनसीआर प्लानिंग बोर्ड) से ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान 2021 को मंजूरी मिलने के बाद निवेशकों में खुशी दौड़ गई। बोर्ड के निर्णय से नोएडा एक्सटेंशन की बाधा काफी हद तक दूर हो गई है। अब सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में एक्सटेंशन के कुछ गांवों के किसानों की याचिकाओं पर सुनवाई होना बाकी रह गया है। प्राधिकरण अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से भी प्राधिकरण को राहत मिलेगी। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के फैसले से नोएडा एक्सटेंशन के करीब एक लाख निवेशकों को राहत पहुंची है। मास्टर प्लान को बोर्ड से स्वीकृत न मिलने की वजह से नोएडा एक्सटेंशन समेत ग्रेटर नोएडा के एक दर्जन सेक्टरों में भूखंडों की रजिस्ट्री, नक्शा पास करना, निर्माण कार्य व कंप्लीशन का कार्य बंद पड़ा था। मास्टर प्लान मंजूर होते ही बिल्डर परियोजनाओं के साथ अन्य सेक्टरों में भी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। निवेशकों को बिल्डर परियोजनाओं में बुक कराए गए फ्लैटों पर शीघ्र कब्जा मिलेगा। किसानों को भी मिली राहत : मास्टर प्लान मंजूर न होने की वजह से किसानों की आबादी की बैकलीज व छह प्रतिशत भूखंडों का आवंटन रुका हुआ था। मास्टर प्लान स्वीकृत होते ही बैकलीज व छह प्रतिशत भूखंडों का आवंटन भी शुरू हो जाएगा। बिल्डर व अन्य योजनाओं के आवंटियों ने प्राधिकरण को किश्तों का भुगतान बंद करा दिया था। इससे प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और किसानों को मुआवजा देने के लिए भी धनराशि नहीं बची। पिछले चार माह से मुआवजा वितरण ठप पड़ा है। बिल्डरों से किश्त मिलते ही प्राधिकरण किसानों को मुआवजा देना शुरू कर देगा। इस समय एडीएम एलए आफिस में करीब चार हजार किसानों की मुआवजे की फाइल लंबित पड़ी है। दस हजार लोगों को मिलेगा रोजगार : एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मंजूरी से नोएडा एक्सटेंशन के सिर्फ निवेशक और बिल्डरों को ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि हजारों लोगों को उनका रोजगार वापस मिलेगा। उनके लिए यह सौगात से कम न होगी। एक्सटेंशन में खड़े हुए अड़ंगे की वजह से तकरीबन 10 हजार लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। उनको नोएडा-ग्रेनो से पलायन करना पड़ा था। रोजगार का प्रबंध न होने के कारण अधिकांश को कई महीने तक खाली भी बैठना पड़ था। अब मंजूरी के बाद उनके चेहरे पर भी मुस्कान फैलना तय है। अपार्टमेंट व अन्य आवासीय स्कीमों के फिर से प्रारंभ होने पर नौकरी के अवसर भी बढ़ेंगे। नोएडा एक्सटेंशन प्रोजेक्ट शुरू होने के साथ ही तकरीबन 10 हजार लोगों को विभिन्न स्तर पर नौकरी मिली थी। इनमें मजदूर से लेकर अफसर स्तर के लोग शामिल थे। निवेशकों की मेहनत रंग लाई : ग्यारह महीने से आशियाना को लेकर संघर्ष कर रहे एक लाख निवेशकों के लिए शुक्रवार का दिन राहत भरा रहा। मास्टर प्लान 2021 को मंजूर कराने की मांग को लेकर निवेशकों ने शनिवार एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अध्यक्ष व केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ के घर का घेराव करने की चेतावनी दे रखी थी। निवेशकों के चेतावनी का असर रहा है कि एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री ने मास्टर प्लान को मंजूर कर दिया। नोएडा एक्सटेंशन में करीब एक लाख निवेशकों ने फ्लैट बुक करा रखे हंै। 21 अक्टूबर 2011 को हाईकोर्ट के आदेश में एक्सटेंशन में निर्माण कार्य बंद हो गया था। निर्माण कार्य बंद होते ही निवेशकों को गहरा धक्का लगा था। आशियाना का सपना लिए निवेशक अक्टूबर 2011 से लगातार संघर्ष करते आ रहे थे।

    dainik jagran
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  • मेट्रो-नाइट सफारी चढें़गे परवान

    ग्रेटर नोएडा दस माह बाद शहर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को संजीवनी मिल गई। शुक्रवार को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अध्यक्ष व केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने मास्टर प्लान 2021 को मंजूरी दे दी। मंजूरी मिलने के साथ ही महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जाग उठी है। नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य शुरू होने पर प्राधिकरण को बिल्डर व आवंटियों से पैसे मिलने शुरू हो जाएंगे। पैसे आने पर अगर परियोजनाएं साकार होती है तो शहर के विकास की एक नई इबादत लिखी जाएगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्णय से दस माह से धन के अभाव में शहर में विकास कार्य ठप पड़े हुए थे।

    नाइट सफारी परियोजना : पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे मुरशदपुर गांव के पास प्राधिकरण ने 260 एकड़ में नाइट सफारी के लिए जमीन चिन्हित की थी। वर्ष 2005 में प्राधिकरण ने यह योजना तैयार की थी। एशिया का दूसरा व देश का पहला नाइट सफारी होगा। इस पर एक हजार करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। परियोजना ने सभी बांधाओं को पार कर लिया है। सिर्फ निर्माण कार्य शुरू होने की देरी है। एक हजार करोड़ रुपये कहां से प्राधिकरण लाए, इसके लिए चलते अभी तक निर्माण नहीं शुरू हो पाया है। मास्टर प्लान मंजूर होने के साथ नाइट सफारी का सपना साकार हो सकता है।

    मेट्रो रेल परियोजना : नोएडा से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो को लेने के लिए छह वर्षो से माथापच्ची चल रही है। नोएडा के सिटी सेंटर से नोएडा एक्सप्रेस-वे होकर मेट्रो को ग्रेटर नोएडा तक लाने की योजना तैयार हो चुकी है। परियोजना पर पांच हजार करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। प्राधिकरण इस राशि की व्यवस्था कहां से करेगा, यह एक सवाल है? मेट्रो को नोएडा के सेक्टर-72 से नोएडा एक्सटेंशन होते हुए बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक ले जाने का प्रस्ताव है। नोएडा एक्सटेंशन में जमीन अधिग्रहण रद होने पर योजना भी प्रभावित हुई थी। अब इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद जागी है।

    बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का विस्तार : नोएडा व ग्रेटर नोएडा अभी तक रेलवे रूट से नहीं जुड़ पाया है। इसके लिए बोड़ाकी रेलवे स्टेशन का विस्तार करने की योजना चल रही है। योजना पर करीब 16 सौ करोड़ रुपये खर्च होने हैं। ऐसे में अब यह योजना शुरू होने की उम्मीद है। दादरी रेलवे ओवर ब्रिज : दादरी क्षेत्र को ग्रेटर नोएडा फेस-दो के रूप में विकसित किया जा रहा है। विकास में सबसे बड़ा अचड़न दादरी रेलवे ओवरब्रिज है। इसके निर्माण की योजना चार साल पूर्व तैयार कर ली गई थी। इस पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। अब ओवरब्रिज का निर्माण भी शुरू हो सकता है। अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस वे : ग्रेटर नोएडा को सीधे देहरादून तक जोड़ने के लिए अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित है। बोड़ाकी के पास 105 मीटर रोड से एक्सप्रेस-वे को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। ऐसे में यह योजना भी शुरू हो सकती है। गांव में शुरू होंगे विकास : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण गांवों का शहर की तर्ज पर विकास कार्य करा रहा है। वर्ष 2011-12 में गांव के विकास पर ढाई सौ करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। 38 गांवों में विकास कार्य चल रहा था। खस्ता आर्थिक स्थिति के चलते इन गांवों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। मास्टर प्लान मंजूर होने के बाद प्राधिकरण को विभिन्न योजनाओं से पैसे मिलने शुरू हो जाएंगे। अब गांवों में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

    एजुकेशन हब का भी होगा एक्सटेंशन : एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की मंजूरी शिक्षा जगत के लिए भी बड़ी खबर है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा के एजुकेशन हब का एक्सटेंशन होना लगभग तय है। जिन शैक्षिक संस्थान समूहों को एक्सटेंशन की टेंशन दूर होने का इंतजार था अब उनकी योजनाओं को पंख लगेंगे। आवासीय योजनाओं के विकास के साथ ही शैक्षिक संस्थान भी अस्तित्व में आएंगे। नोएडा एक्सटेंशन योजना के अस्तित्व में आने के साथ ही कुछ शैक्षिक समूहों ने एक्सटेंशन में एजुकेशन हब का सपना देखा था। उनकी सोच थी कि एक्सटेंशन में रहने वालों की आने वाली पीढ़ी के लिए शैक्षिक संस्थानों की आवश्यकता होगी। शिक्षा का भविष्य देखते हुए करीब आधे दर्जन एजुकेशनल ग्रुप में एक्सटेंशन में स्कूल से लेकर तकनीकी संस्थान तक के लिए भूमि आवंटित कराई। कुछ ने नींव तक रख दी थी। लेकिन एक्सटेंशन पर सामने आए बवाल में लगा कि योजना खटाई में पड़ जाएगी। अब एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को मंजूरी मिलने के बाद उनके उम्मीदें भी कुलाचें मारने लगी हैं।

    dainik jagran
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  • सुप्रीम कोर्ट पर टिकी निगाहें

    ग्रेटर नोएडा एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान 2021 मंजूर होने के बाद नोएडा एक्सटेंशन का रास्ता साफ हो गया है। अभी प्राधिकरण, बिल्डरों व निवेशकों के माथे पर एक शिकन रह गई है। वह है सुप्रीम कोर्ट का फैसला। हाईकोर्ट फैसले के खिलाफ किसानों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है। इस पर सुनवाई होनी है। एक्सटेंशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का क्या रूख होगा? इसकी चिंता बनी हुई है। हालांकि प्राधिकरण का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखने का प्रयास किया जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 21 अक्टूबर 2011 को जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों की याचिकाओं पर फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने प्राधिकरण को निर्देश दिया था कि 39 गांवों के किसानों को 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा व दस फीसद विकसित भूखंड दिए जाएं। कोर्ट ने प्राधिकरण को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान 2021 मंजूर कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया था। प्राधिकरण ने किसानों को 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा देना शुरू कर दिया था। 39 गांवों के करीब दस फीसद किसानों ने अतिरिक्त मुआवजा उठा लिया था। इन गांवों के कुछ किसान इस फैसले से राजी नहीं थे। उनका कहना था कि जमीन अधिग्रहण गलत हुआ है। हाईकोर्ट फैसले के खिलाफ 39 गांवों के करीब दो सौ किसानों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। किसानों की अपील सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर सुनवाई की कोई तिथि निर्धारित नहीं है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में अपील करने वाले ऐसे भी किसान शामिल है जिन्होंने हाईकोर्ट का फैसला स्वीकार करते हुए 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा उठा लिया है। अब इंतजार इस बात का है कि हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का क्या फैसला होता है? प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में प्राधिकरण ने अपना पक्ष मजबूत से रखा है। इससे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से भी न्याय मिलेगा। किसानों के वकील परमिंदर भाटी का कहना है कि जिन गांवों के किसानों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है, वहां पर फैसला आने तक निर्माण कार्य न शुरू किया जाए। प्राधिकरण ने निर्माण शुरू किया तो इसका विरोध किया जाएगा।

    Dainik jagran
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  • Finally Good news! Thanks to Frito bhai; and all who kept this thread buzzing and kept hopes alive . Never seen any Internet forum play such a vital role as messenger of GOODWILL.
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  • badhaaaaaaaaaaaaaaaaai ho. but still long way to go! What about the banks? will all projects approved by banks to provide loans now?
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  • Originally Posted by gaussmatin
    badhaaaaaaaaaaaaaaaaai ho. but still long way to go! What about the banks? will all projects approved by banks to provide loans now?

    By end of 2012 I hope things would be crystal clear.....
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  • new buyers (first time ) who dont have good salary package... still now take RISK to put money in NE when case is in SC and we already got "Jatka" in Shahberi so those will still play safe and wait for 3-6 months more...... those with good income OR investors may put money in NE.....
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    new buyers (first time ) who dont have good salary package... still now take RISK to put money in NE when case is in SC and we already got "Jatka" in Shahberi so those will still play safe and wait for 3-6 months more...... those with good income OR investors may put money in NE.....

    and those who are investing at this time go only with those Builders which are capable to deliver projects...
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  • last week me and my friend, invested in this area though it was not easy choice. It was known to few people that there would be some good step. It have few more steps to go. Not all clear, but me and my friend are feeling happy on such big gamble, when you can go to noida and buy resale property which is safe. Lets see what would be the next hurdle.
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  • Originally Posted by cookie
    and those who are investing at this time go only with those Builders which are capable to deliver projects...


    cookie bhai .. stellar update - just called them up and they say some technical glitch in website .. new rates are in the process of being uploaded .. they are not ready to accept booking at old rate now!

    also one more thing .. ye unibera ke baare mein kya vichaar hain aapke ?
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  • Now what is the advise for new buyers ????
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