पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • दस माह में साफ हुई विकास की धुधंली तस्वीर

    ग्रेटर नोएडा : नोएडा एक्सटेंशन के कारण शहर के विकास की तस्वीर धुंधली हो गई थी। मास्टर प्लान मंजूर होने से ठप विकास कार्य में जान पड़ गई। दस माह से आशियाने को लेकर संघर्ष कर रहे एक लाख निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई। शहर के भविष्य को लेकर चिंतित प्राधिकरण अधिकारियों को एक रास्ता दिख गया। नोएडा एक्सटेंशन समेत ग्रेटर नोएडा के अन्य गांवों में जमीन अधिग्रहण के मामले में हाईकोर्ट के फैसले से ठप पड़ा विकास का रास्ता खुल गया। हालांकि किसकी कीमत बिल्डरों, निवेशकों, आवंटियों व प्राधिकरण को आर्थिक दंड के रूप में उठाना पड़ सकता है। साथ ही विकास का सफर भी लंबा हो गया है। नाइट सफारी, मेट्रो रेल जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं दो साल में साकार होनी थी उसके लिए अब इंतजार लंबा हो गया। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस फैसले से किसानों की बल्ले-बल्ले हुई है। किसानों को अब अतिरिक्त मुआवजा के साथ उन्हें अब दस फीसदी विकसित भूखंड मिलेगा। इससे किसानों की समृद्धि होगी।

    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बीस साल में 73 गांवों की जमीन का अधिग्रहण कर चुका है। इस दौरान विकास के क्षेत्र में शहर ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के चलते राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। तीन साल के दौरान नोएडा एक्सटेंशन का तेजी के साथ विकास हुआ। लाखों लोगों ने फ्लैट में निवेश किया। 13 जून को नोएडा एक्सटेंशन के गांव साबेरी व 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव में जमीन अधिग्रहण रद होने पर पूरे शहर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया था। अन्य गांवों के जमीन अधिग्रहण का मामला कोर्ट में जाने से बिल्डरों, निवेशकों व प्राधिकरण का दस हजार करोड़ रुपये फंस गया था। नोएडा एक्सटेंशन में करीब सवा लाख लोगों ने फ्लैट बुक करा रखा था, उनके मकान का सपना अधर में लटक गया था। बैंकों ने प्राधिकरण को कर्ज देने से हाथ खड़ा कर दिया था। पूरे शहर के विकास की साख दांव पर लग चुका था। शुक्रवार को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान मंजूर होने पर विकास का रास्ता खोल दिया। चार हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे प्राधिकरण पर 38 गांवों के किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा देने में चार हजार करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। प्राधिकरण के लिए राहत की बात यह है कि मास्टर प्लान मंजूर होने पर संकट से निपटने के लिए रास्ता दिख गया। एक्सटेंशन विवाद के कारण बैंकों ने प्राधिकरण को कर्ज देने से मना कर दिया था। अब प्राधिकरण बैंकों से कर्ज लेकर समस्या का समाधान निकल लेगा। प्राधिकरण अपनी संपत्तियों की दरें बढ़ा कर इसकी भरपाई कर सकता है। बिल्डरों व निवेशकों को भी राहत मिली है।


    dainink jagran
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  • दस माह में दस फीसद तक बढ़ गई निर्माण कीमत

    ग्रेटर नोएडा :
    ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिलने में दस माह लग गए। इस दौरान नोएडा एक्सटेंशन समेत एक दर्जन सेक्टरों में बिल्डर परियोजनाओं के साथ प्राधिकरण द्वारा कराए जाने वाले आंतरिक विकास कार्य भी बंद रहे। हालांकि, कार्य को पूरा कराने के लिए टेंडर दस माह पहले ही निकाले जा चुके थे। निर्माण कार्य अब फिर से शुरू होंगे। जानकारों का कहना है कि दस माह में दस फीसद तक निर्माण सामग्री की दर बढ़ गई। प्राधिकरण को अपने टेंडर फिर से निकलने पड़ सकते हैं। इससे प्राधिकरण पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

    नोएडा एक्सटेंशन के आंतरिक विकास पर प्राधिकरण को करीब एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने हैं। लगभग सात सौ करोड़ के कार्यो के टेंडर निकाले जा चुके हैं। इस कार्य में से सड़क व नाली बनाने का काम 80 फीसद हो चुका है। सीवर और पानी की पाइप लाइन का कार्य अभी 20 फीसद ही हुआ है। नोएडा एक्सटेंशन में पड़ने वाले सेक्टर दो व तीन का आंतरिक विकास भी शुरू होना है। इन सेक्टरों में पांच हजार व्यक्ति भूखंड हैं। इनके आंतरिक विकास पर करीब तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। दस माह पहले कार्य शुरू हो जाता तो प्राधिकरण पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता। अब प्राधिकरण पर दस फीसद का अतिरिक्त भार पड़ेगा। हालांकि, प्राधिकरण अधिकारी इस संबंध में अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि दो-तीन में बैठक कर आंकलन किया जाएगा। निर्माण कीमत बढ़ने के बावजूद प्राधिकरण आंतरिक विकास कार्यो को तेजी से पूरा कराएगा।

    dainik jagran
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  • NEFOMA update :

    G.Noida Authority will send copy of approved master plan with affidavit to Allahabad High court on Monday
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  • पांच सौ करोड़ रुपये का मिलेगा राजस्व

    नोएडा एक्सटेंशन का टेंशन खत्म होने से जिले के निबंधन विभाग को भी राहत मिली है। एक्सटेंशन में निर्माण कार्य शुरू होने व संपत्तियों की रजिस्ट्री शुरू होने पर सरकार को पांच सौ करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। निर्माण कार्य बंद होने से राज्य सरकार को स्टांप शुल्क से मिलने वाला करीब पांच सौ करोड़ रुपये का राजस्व भी अटक गया था। हालांकि, बिल्डरों द्वारा कराई गई आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री से सरकार को करीब 180 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। दोबारा रजिस्ट्री शुरू होने पर जिला प्रशासन इस वर्ष राजस्व वसूली के अपने लक्ष्य को समय से पहले पूरा कर लेगा।

    नोएडा एक्सटेंशन में प्राधिकरण ने बिल्डरों को करीब ढाई हजार हेक्टेयर भूमि आवंटित की थी। इन पर हजारों भूखंडों बनने हैं। बिल्डरों द्वारा भूखंडों की रजिस्ट्री कराने पर जिला प्रशासन को लगभग तीन सौ करोड़ रुपये मिलते। इसके अलावा सेक्टर दो व तीन में करीब साढ़े पांच हजार व्यक्तिगत भूखंडों की रजिस्ट्री से भी करीब 60 करोड़ रुपये स्टांप शुल्क से मिलते। 21 अक्टूबर 2011 को हाईकोर्ट ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान 2021 मंजूर न होने के कारण नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य रोक दिया है।

    निर्माण कार्य बंद होने से राजस्व विभाग को झटका लगा था। सेक्टर दो व तीन के आवंटियों को भी भूखंड का कब्जा नहीं मिल पाया। इन सेक्टरों में विगत वर्ष भूखंडों की रजिस्ट्री होना प्रस्तावित थी। स्टांप विभाग का कहना है कि एक्सटेंशन में विवाद शुरू होने से पहले कई बिल्डरों ने अपने भूखंडों की रजिस्ट्री करा ली थी। इससे प्रशासन को पौने दो सौ करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है। विगत वर्ष प्रशासन का अनुमान पौने चार सौ करोड़ रुपये तक की वसूली का था। दस महीने तक निर्माण कार्य ठप होने पर जिन बिल्डरों व आवंटियों ने रजिस्ट्री नहीं कराई है, उनका स्टांप शुल्क बढ़ गया है। जिले में अब नया सर्किल रेट लागू हो गया है। विवाद के दौरान शून्य काल अवधि घोषित किए जाने पर स्टांप शुल्क में छूट नहीं मिलेगा। सिर्फ आवंटियों को किश्त का ब्याज नहीं देना पड़ेगा। मौजूदा सर्किल रेट पर ही भूखंड की रजिस्ट्री कराना होगा। सर्किल रेट में 20 से पचीस फीसद बढ़ोतरी होने पर राजस्व विभाग को सौ करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।

    dainik jagran
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  • आसमान पर जमीन के दाम


    ग्रेटर नोएडा :
    ग्रेटर नोएडा में ठंडे पड़े प्रॉपर्टी के कारोबार में भी फिर से तेजी आने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि मास्टर प्लान 2021 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिलने से नोएडा एक्सटेंशन के सेक्टरों की संपत्तियों की दरों में भारी उछाल आएगा। अन्य सेक्टरों में भी खरीफ-फरोख्त बढ़ेगी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पिछले दस माह से शहर में प्रापर्टी का कारोबार ठंडा पड़ा था। निवेशकों का विश्वास कम होने की वजह से समूचे शहर में लोग संपत्ति खरीदने से डरने लगे थे। अब लोग फिर से इस शहर की तरफ रुचि लेना शुरू करेंगे। इससे प्रापर्टी के दामों में बूम आना तय है। भूखंड और फ्लैट दोनों के दाम बढ़ेंगे।

    नोएडा एक्सटेंशन में बिल्डर परियोजनाओं के अलावा सेक्टर दो व तीन में व्यक्तिगत भूखंड हैं। दोनों सेक्टरों में 120 से लेकर 220 वर्ग मीटर तक के पांच हजार से अधिक भूखंड और प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दो हजार मकान हैं। गाजियाबाद व नोएडा से दूरी कम होने की वजह से इन सेक्टरों में भूखंड आवंटन के बाद ही प्रापर्टी के दाम बढ़ने लगे थे। देखते ही देखते 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर का प्रीमियम पहुंच गया था, लेकिन इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद अचानक दामों में कमी आने लगी। नोएडा एक्सटेंशन के भविष्य पर सवाल खड़ा होने के बाद इन सेक्टरों में भी निवेशकों ने रूचि लेना बंद कर दिया था। नतीजतन दस माह के अंदर ही भूखंडों के दाम घटकर आठ से दस हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक आ गए। कमोबेश यहीं स्थिति अन्य सेक्टरों में भी हो गई। फाई चाई, स्वर्णनगरी, ओमीक्रान, जू, म्यू, ओमेगा, पी थ्री आदि जो सेक्टर मास्टर प्लान 2021 में आ रहे थे, उनके प्रापर्टी के दामों में भी भारी गिरावट आई। संपत्ति का कारोबार करने वाले प्रमोद कश्यप व सुनील गोयल का कहना है कि मास्टर प्लान पास होने से सभी सेक्टरों की संपत्तियों के दामों में उछाल आएगा। गोपाल यादव व गौरव बब्बर का कहना है कि नोएडा एक्सटेंशन के सेक्टर दो व तीन की लोकेशन बेहतरीन होने की वजह से इन दोनों सेक्टरों में रेट अधिक बढ़ेंगे। फ्लैटों की कीमत में भी भारी उछाल आएगा।

    dainik jagran
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  • शहर की जीवन रेखा शुरू होने की उम्मीद


    ग्रेटर नोएडा : मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर होने के बाद शहर की जीवन रेखा बनने वाली 130 मीटर रोड का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद जागी है। अगले माह तक अगर सड़क का निर्माण शुरू हो गया, तो तीन माह में बनकर तैयार हो जाएगा। सड़क का निर्माण होने भविष्य में जेवर से नोएडा तक का सफर सुगम होगा।

    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर को नोएडा से जोड़ने के लिए 130 मीटर सड़क की योजना बहुत पहले तैयार कर ली थी। सिरसा गांव से नोएडा एक्सटेंशन तक 26 किलोमीटर लंबे 130 मीटर रोड का निर्माण किया जा रहा है। नोएडा एक्सटेंशन में सड़क पर्थला खंजर पुल के पास जाकर मिली रही है। सड़क का करीब 60 फीसद निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। 21 अक्टूबर 2011 को हाईकोर्ट के निर्देश पर 130 मीटर का निर्माण कार्य बंद हो गया है। अगर सड़क का निर्माण कार्य जारी रहता तो अब तक लोग चालू हो जाती है। मास्टर प्लान मंजूर होने के बाद अब सड़क का जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जागी है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद व यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए 130 मीटर रोड महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह सड़क शहर के सभी सड़कों को जोड़ते हुए जा रही है।

    सिरसा गांव के पास प्रस्तावित ई‌र्स्टन पेरीफेरल हाइवे व यमुना एक्सप्रेस-वे से जोड़ जा रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण सिरसा गांव से आगे जेवर तक 130 मीटर रोड का निर्माण कर रहा है। यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में 130 मीटर रोड आवासीय सेक्टर के बराबर से होकर जेवर तक जा रही है। 130 मीटर रोड को ग्रेटर नोएडा की जीवन रेखा माना जा रहा है। यह सड़क शहर की 120 मीटर रोड , नोएडा दादरी रोड, सूरजपुर-कासना रोड से भी जुड़ रही है। शहर की 120 मीटर रोड परी चौक से होकर सेक्टर अल्फा, डेल्टा के सामने से बोड़ाकी रेलवे व जीटी रोड पर जाकर मिल रही है। जीटी रोड से आगे जाकर इसे प्रस्तावित अपर गंगा कैनाल एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाएगा। नोएडा एक्सटेंशन में जाकर गाजियाबाद को जाने वाली 60 मीटर सड़क से भी जुड़ रही है।

    dainik jagran
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  • एनसीआर से प्रदेश सरकार को मिली एनओसी


    ग्रेटर नोएडा : एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने शनिवार को मास्टर प्लान 2021 मंजूर होने की एनओसी उत्तर प्रदेश सरकार को जारी कर दिया। शासन से एनओसी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को मिल गई है। सोमवार प्राधिकरण इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर देगा। इसके बाद नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमा रमण सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यो को दोबारा शुरू करने का एजेंडा तैयार करेंगे।

    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के अध्यक्ष व केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमल नाथ ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2021 पर हस्ताक्षर कर दिया था। अध्यक्ष का हस्ताक्षर होने के बाद शहर का मास्टर प्लान मंजूर हो गया। अध्यक्ष का हस्ताक्षर होने के बाद एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से एनओसी जारी किया जाता है।

    बोर्ड की सचिव नैनी जैसलिन ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव आवास विकास शंभू नाथ शुक्ला के नाम मास्टर प्लान मंजूर होने का एनओसी जारी कर दिया। शासन से एनओसी ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भेज दिया गया। मास्टर प्लान मंजूर होने की सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमा रमण ने बताया कि एनओसी मिल चुका है। सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। शपथ पत्र के साथ नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एक्सटेंशन में विकास कार्य शुरू करने को लेकर सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में विकास कार्यो की पूरी रूपरेखा तैयारी की जाएगी।

    dainik jagran
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  • LOL
    I feel really amused to read the heading of Hindi news..
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    आसमान पर जमीन के दाम


    ग्रेटर नोएडा :
    ग्रेटर नोएडा में ठंडे पड़े प्रॉपर्टी के कारोबार में भी फिर से तेजी आने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि मास्टर प्लान 2021 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिलने से नोएडा एक्सटेंशन के सेक्टरों की संपत्तियों की दरों में भारी उछाल आएगा। अन्य सेक्टरों में भी खरीफ-फरोख्त बढ़ेगी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद पिछले दस माह से शहर में प्रापर्टी का कारोबार ठंडा पड़ा था। निवेशकों का विश्वास कम होने की वजह से समूचे शहर में लोग संपत्ति खरीदने से डरने लगे थे। अब लोग फिर से इस शहर की तरफ रुचि लेना शुरू करेंगे। इससे प्रापर्टी के दामों में बूम आना तय है। भूखंड और फ्लैट दोनों के दाम बढ़ेंगे।

    नोएडा एक्सटेंशन में बिल्डर परियोजनाओं के अलावा सेक्टर दो व तीन में व्यक्तिगत भूखंड हैं। दोनों सेक्टरों में 120 से लेकर 220 वर्ग मीटर तक के पांच हजार से अधिक भूखंड और प्राधिकरण द्वारा बनाए गए दो हजार मकान हैं। गाजियाबाद व नोएडा से दूरी कम होने की वजह से इन सेक्टरों में भूखंड आवंटन के बाद ही प्रापर्टी के दाम बढ़ने लगे थे। देखते ही देखते 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर का प्रीमियम पहुंच गया था, लेकिन इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद अचानक दामों में कमी आने लगी। नोएडा एक्सटेंशन के भविष्य पर सवाल खड़ा होने के बाद इन सेक्टरों में भी निवेशकों ने रूचि लेना बंद कर दिया था। नतीजतन दस माह के अंदर ही भूखंडों के दाम घटकर आठ से दस हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक आ गए। कमोबेश यहीं स्थिति अन्य सेक्टरों में भी हो गई। फाई चाई, स्वर्णनगरी, ओमीक्रान, जू, म्यू, ओमेगा, पी थ्री आदि जो सेक्टर मास्टर प्लान 2021 में आ रहे थे, उनके प्रापर्टी के दामों में भी भारी गिरावट आई। संपत्ति का कारोबार करने वाले प्रमोद कश्यप व सुनील गोयल का कहना है कि मास्टर प्लान पास होने से सभी सेक्टरों की संपत्तियों के दामों में उछाल आएगा। गोपाल यादव व गौरव बब्बर का कहना है कि नोएडा एक्सटेंशन के सेक्टर दो व तीन की लोकेशन बेहतरीन होने की वजह से इन दोनों सेक्टरों में रेट अधिक बढ़ेंगे। फ्लैटों की कीमत में भी भारी उछाल आएगा।

    dainik jagran



    That is true... many guys getting sms from "BUYERS" and dealers on 26-27K premium on plots in sector 2/3....
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  • Completed 600 pages.
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  • Originally Posted by Pradyot1315sqf
    Completed 600 pages.


    6KG ka cake to banta hai bhai... I am thinking to change thread title to old one..."Finally good news - NE issue is sorted out" what do you suggest..??
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  • yaar ye total tv pe kya news aa rahi hai ki Metro NE nahi balki Pari chowk jayegi.
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    6KG ka cake to banta hai bhai... I am thinking to change thread title to old one..."Finally good news - NE issue is sorted out" what do you suggest..??

    yeah yeah
    Do it man...
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  • Originally Posted by Sunder_Lal
    yaar ye total tv pe kya news aa rahi hai ki Metro NE nahi balki Pari chowk jayegi.

    could you tell in details.... since My digital TV doesn't provide Total TV.
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  • wait for 2-3 days more... all old marketing news will be on market... FNG/METro till yamuna expressway... Airport near Dadri ..etc etc
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