पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • किसानों ने रुकवाया सब स्टेशन का काम
    अमर उजाला ब्‍यूरो
    नोएडा। एक्सटेंशन की टेंशन दूर हुई तो नोएडा के लिए एक और टेंशन पैदा हो गई है। सोरखा गांव के किसानों ने विद्युत प्रसारण निगम की सेक्टर-115 में 132 केवी सब स्टेशन के निर्माण की योजना को जबरदस्त झटका दिया है। शनिवार को सब स्टेशन के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू करने पहुंची प्रसारण निगम की टीम को किसानों का विरोध झेलना पड़ा। आखिरकार किसानों के विरोध को देखते हुए सब स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।


    सरकारी लेटलतीफी की चलते प्रस्तावित 132 केवी सब स्टेशन की निर्माण प्रक्रिया लगातार देरी का शिकार हो रही है। इस सब स्टेशन का निर्माण कार्य एक साल पहले शुरू हो जाना चाहिए था। प्रसारण निगम ने लगातार हो रही देरी को देखते हुए राजकीय निर्माण निगम से सब स्टेशन के निर्माण की जिम्मेदारी को वापस लेते हुए खुद इसे बनाने का निर्णय जुलाई में लिया था। करीब छह एकड़ जमीन पर 16 करोड़ की लागत से बनने वाले इस सब स्टेशन की सभी अड़चनें दूर हो गई थीं। प्रसारण निगम के अधिकारियों ने बाकायदा बाउंड्री वॉल के लिए नींव भी खोद ली थी। शनिवार को बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पहुंची प्रसारण निगम की टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब एक बजे के आसपास सोरखा गांव के किसान एकत्रित होकर निर्माणाधीन सब स्टेशन की साइट पर पहुंच गए और प्रसारण निगम को काम बंद करने की हिदायत दी। किसानों के विरोध के सामने निगम ने काम बंद करने में ही भलाई समझी।


    किसानों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण ने किसानों का विकसित भूमि में पांच प्रतिशत प्लॉट देने के अपने वादे को पूरा नहीं किया है। गांव की आधी जमीन तो बिल्डरों ने ले ली है और आधी जमीन सरकार ने ले ली है। वहीं, प्रसारण निगम ने किसानों के विरोध से संबंधित पूरे घटनाक्रम से प्राधिकरण के अधिकारियों को अवगत करा दिया है। हालांकि प्रसारण निगम के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार तक इस पूरे मामले का समाधान निकल जाएगा।


    प्रस्तावित सब स्टेशन का निर्माण कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। किसानों की जो मांग है उसे प्राधिकरण के समक्ष रख दिया गया है। प्राधिकरण और किसान मिलकर इस मामले को सुलझा देंगे। हमारा काम जारी रहेगा।
    -गोविंद सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत प्रसारण निगम


    किसान किसी भी परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन किसानों के हक को प्राधिकरण न मारे। प्राधिकरण ने जो वादा किया था उसे तो पूरा करे।
    -नरेश यादव, ग्राम प्रधान


    Amar Ujala
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    CAN’T RESUME IN NOIDA EXTN metro FARMERS CLAIM CONSTRUCTION

    A day after the National Capital Region Planning Board approved the Greater Noida Master Plan 2021, paving the way of construction of over two lakh flats in Noida Extension, angry farmers staged a protest.

    The farmers threatened that they will not allow any construction activity till the Supreme Court settles all land dispute cases.

    A group of about 60 farmers under the banner of Kisan Sangharsh Samiti burnt Union urban development minister Kamal Nath in effigy at Noida Extension

    "How can the developers resume construction until all the land dispute cases are pending in the Supreme Court? We will not let it happen. We will request the apex court to order a stay over construction," said Dushyant Nagar, one of the farmers' leaders.

    About 400 cases are pending in the apex court. "All the developers' are involved in litigation with the farmers over their project land. Therefore, construction will not be allowed to resume," added Nagar.
    However, the Greater Noida authority rejected farmers' contention. "The high court in its October, 2011 order had clearly stated that developers can only start the construction once the NCRPB approves the Master Plan 2021 for Greater Noida. Since the NCRPB has approved it on Friday, the developers can begin the construction. I think the Supreme Court may not appreciate farmers' request because the high court had already settled the matter," said a Greater Noida official, requesting anonymity.

    HT


    Hi Fritolay/Senior Members....
    Please guide if NOW is the time to buy a house in NE.With rates already revised to 2600-2800 and bound to go to 3000 in next few days (as told by one of the builder).. Sc ruling is still pending and now more of farmers agitation drama...Is it really worth to take a plunge now and is the area really worth the price..

    Thnx.
    Anurag.
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  • Day after nod, Noida Extn developers hit the road

    Within hours of the news that the National Capital Region Planning Board (NCRPB) had cleared the Greater Noida Master Plan 2021, the preparations began.

    Through the night, the 25 builders who had been stopped from advertising plots erected stalls, printed pamphlets and lined up their salesmen to start all over again.

    Early Saturday morning, the roads along Noida Extension came alive. It was a sight not seen in the last 10 months after the Allahabad High Court stopped construction – salesmen flagged down cars, invited people to tents, and tried to sell them dream homes.

    Representatives of Amrapali group said they had instructed their personnel to bring in as many customers as they could.

    “Now that the NCRPB clearance has come, construction will start soon. It is important to get the business model back on track. Over the past 10 months, we got very few inquiries. Only through bookings can we recover our losses. Every other builder is doing the same thing. This creates an atmosphere of vibrancy which will boost investor confidence,” one of the representatives said.

    Rajinder Singh, a businessman from Delhi, was one of those who came to the area to look for a flat. “I thought I should come early and book. I heard reports that prices will go up. The houses here are still cheaper than in Delhi.”

    Officials of Supertech group agreed that there was a possibility that real estate rates would see a surge. “We have consistently said that to cover the losses we incurred in the 10-month period, we have to raise prices. However, the increase will be kept as low as possible. Meetings will be planned in the near future, and we will protect existing buyers.”

    Builders, however, will have to wait until next week before they can actually start construction activities again.

    Rama Raman, CEO of Greater Noida Authority, said: “Since the initial stay had come from Allahabad High Court, an affidavit telling the court about the clearance will be submitted on Monday. After that, within the next week, work should resume. High-level meetings are planned for the first few days of the week to chart out modalities.”

    Farmers continued to be the only group unhappy with the decision, showing their displeasure by holding protests and burning effigies.

    “Our demands have not been met. We still do not have a fair price for our land. We are planning to stop construction work from resuming. Several farmers have approached the Supreme Court, seeking an injunction,” Inder Yadav, a farmer leader, said.







    Day after nod, Noida Extn developers hit the road - Indian Express
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  • दस लाख नए रोजगार देगा ग्रेटर नोएडा

    नोएडा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से ग्रेटर नोएडा का मास्टर प्लान मंजूर होने के साथ ही रोजगार के नए विकल्प खुलेंगे। शहर में करीब दस लाख नए रोजगार के विकल्प आएंगे, जिसमें रियल एस्टेट के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र, संस्थागत और कॉमर्शिलय सेक्टर अपना दायरा बढ़ाने का काम करेंगे। इस श्रृंखला के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अगली योजना में औद्योगिक सेक्टर को विकसित करने का काम करेगी।
    नोएडा एक्सटेंशन की टेंशन पर विराम लगने के साथ ही रोजगार के नए-नए साधन खुलना शुरू हो रहे हैं। लाखों लोगों को एक तरफ जहां आशियाना मिलेगा, वहीं करीब दस लाख लोग रोजगार पाएंगे। प्राधिकरण की योजना के अनुसार मास्टर प्लान में 19.6 प्रतिशत क्षेत्र औद्योगिक विकास के लिए आरक्षित किया गया है। ग्रेनो का पूरा ध्यान अब नई औद्योगिक इकाइयों को विकसित करने में लगेगा। इसके लिए देश और विदेश की कंपनियों से सीधी मंत्रणा करके निवेश के रास्तों को खोलने का काम किया जाएगा।
    औद्योगिक क्षेत्र के साथ मास्टर प्लान में संस्थागत क्षेत्र के लिए 16.2 प्रतिशत और कॉमर्शियल के लिए 5.6 फीसदी क्षेत्र आरक्षित है। इनके तैयार होने के बाद बड़ी संख्या में रोजगार के साधन सामने आएंगे। औद्योगिक इकाई के साथ ग्रुप हाउसिंग कंपनियां जो सोसाइटी खड़ी कर रही हैं इसमें प्रत्यक्ष रूप से करीब साढ़े तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से यह आंकड़ा साढ़े पांच लाख तक पहुंचेगा। नई औद्योगिक इकाइयों में साढ़े तीन लाख और संस्थागत व कॉमर्शियल सेक्टर को मिलकर करीब पौने दो लाख लोग रोजगार पा सकेंगे। प्राधिकरण ने आगामी योजनाओं में औद्योगिक सेक्टर को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, इसमें छोटी और बड़ी दोनों प्रकार की इकाइयां शामिल रहेंगी।
    ----------------------
    रोजगार के नए साधान देगा ग्रेनो
    ‘मास्टर प्लान पर मंजूरी मिलने के साथ एक तरफ जहां लोगों के आशियाने की राह आसान हो गई है। वहीं, रोजगार के नए साधनों को खड़ा करने में भी मदद मिलेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का पूरा ध्यान औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करके यहां पर रोजगार के नए विकल्पों को तैयार करने पर लगाया जाएगा।’
    रमा रमण, सीईओ, ग्रेटर नोएडा।







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  • नोएडा एक्सटेंशन:किसानों ने फूंका शहरी विक

    ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो का मास्टर प्लान पास होने का रास्ता साफ होना नोएडा एक्सटेंशन क्षेत्र की संयुक्त किसान संघर्ष समिति को रास नहीं आया है। समिति का आरोप है कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने उनकी नहीं सुनी। इसे लेकर उन्होंने शनिवार को गौर सिटी गोल चक्कर पर केंद्रीय शहरी विकास मंत्री का पुतला फूंककर जाम लगाया।
    किसान नेता इंदर नागर ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों की बैठक मिलक लच्छी में रणवीर प्रधान की अध्यक्षता में हुई। इसमें कहा गया कि बोर्ड ने मास्टर प्लान पास कर दिया, लेकिन किसानों को लाभ देने के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं दिए। किसानों ने मांग की थी कि मास्टर प्लान तभी पास किया जाए, जब किसानों को सर्किल रेट का छह गुना मुआवजा, 10 फीसदी जमीन मिल जाए। यहां प्रमोद भाटी, दुष्यंत नागर, नितिन भाटी, जय यादव, सोरन यादव, शिव कुमार, फिरेराम, दिनेश शर्मा, गजेंद्र खारी और ओमपाल यादव शामिल रहे।
    उधर, क्षेत्र के सांसद सुरेंद्र सिंह नागर और किसान नेता आमोद भाटी का कहना है कि किसानों और प्राधिकरण के बीच समझौता कराने में उनकी ओर से भी काफी मशक्कत की गई थी। तभी जाकर मास्टर प्लान पास होने का रास्ता खुला है। प्राधिकरण से गुजारिश की जाएगी कि सबसे पहले किसानों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। प्राधिकरण शीघ्र ही सभी किसानों को बुलाकर अपनी बात रखे और जो वादे किए हैं, उनको पूरा करने का समय भी बताए।





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  • नोएडा एक्सटेंशन अतीत के आइने से :

    -2007 में नोएडा एक्सटेंशन के गांवों का अधिग्रहण किया गया।
    -2009-10 में इसकी आवंटन प्रक्रिया शुरू की गई।
    -1.50 के करीब बनने हैं नोएडा एक्सटेंशन में फ्लैट।
    -6 लाख की आबादी आने वाले पांच साल में होगी।
    -2031 मास्टर प्लान में 25 लाख आबादी का अनुमान।
    -2010 से एक्सटेंशन में ग्रुप हाउसिंग कंपनियों ने लांचिंग की।
    -2010 जुलाई से दिसंबर के बीच किसान कोर्ट पहुंचे।
    -15 अप्रैल 2011 को हाईकोर्ट ने शाहबेरी गांव का अधिग्रहण रद किया।
    -156.093 हेक्टेयर शाहबेरी की जमीन वापस करने के आदेश जारी हुए।
    -6 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को सही करार दिया।
    -ग्रेटर नोएडा पर दस लाख का जुर्माना लगाया।
    -चार बिल्डर के प्रोजेक्ट पूरे और तीन आंशिक रूप से हुए प्रभावित।
    -6000 से अधिक निवेशक शाहबेरी में हुए प्रभावित।
    -19 जुलाई को हाईकोर्ट ने पतवाड़ी गांव में 589 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद कर दिया।
    -धारा-चार व 17 के गलत इस्तेमाल का लगाया आरोप।
    -10 बिल्डर के 13 प्रोजेक्ट सीधे-सीधे हुए प्रभावित।
    -20,000 से ज्यादा खरीदार और निवेशक प्रभावित हुए।
    -इस दो माह की अवधि के दौरान ही नोएडा एक्सटेंशन सहित ग्रेटर नोएडा व नोएडा के करीब 64 गांवों के लोगाें ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
    -7 अगस्त 2011 को हाईकोर्ट ने समझौते के लिए निर्देश दिए।
    -12 सितंबर तक 1280 किसानों को नई दर से मुआवजा दिया गया और इसके शपथ पत्र कोर्ट में जमा हुए।
    -अगले दिन से कोर्ट में लगातार सुनवाई शुरू हुई।
    -2011 सितंबर महीने के अंत में सुनवाई पूरी हुई और फैसला सुरक्षित किया गया।
    -21 अक्तूबर 2011 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के तीन गांवों का अधिग्रहण रद कर दिया, जबकि 60 गांव के किसानों को 64 प्रतिशत बढ़ी हुई दर से मुआवजा और दस फीसदी विकसित जमीन देने का आदेश जारी किया गया।
    -21 अक्तूबर-2011 को होईकोर्ट ने निर्देश जारी किया कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ग्रेटर नोएडा के मास्टर प्लान-2021 का अध्ययन करके मंजूरी दें, तब तक निर्माण कार्य पर रोक रहेगी।
    -24 दिसंबर-2011 को उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से प्लानिंग बोर्ड से मामले को मार्च तक टाल दिया।
    -2012 के मार्च, अप्रैल और मई में तमाम तारीखों को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म रखा। इसके बाद 28 मई को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने स्थिति साफ की।
    -मई पहले सप्ताह में केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक करके एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की रूटीन कमेटी को ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान-2021 पर निर्णय लेने का अधिकार दिया।
    -किसानों और नोएडा एक्सटेंशन बायर्सं एसोसिएशन ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया।
    -28 जून 2012 को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की गठित कमेटी ने सभी बिंदुओं पर मंत्रणा करते हुए कुछ शर्तोें के साथ उसकी स्वीकृति के लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भेज दिया है। अब आगामी कुछ दिनों में ही एक्सटेंशन के भविष्य का निर्णय बोर्ड लेगा।
    -24 अगस्त 2012 को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमलनाथ ने मास्टर प्लान पर हस्ताक्षर करके इसे हरी झंडी दिखा दी है। एनसीआर बोर्ड की सिफारिशों पर पहले से ही कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिसमें नोएडा एक्सटेंशन तक मेट्रो पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।








    Latest Noida News, Breaking News Noida, News Headlines -Noida- Amar Ujala
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  • Originally Posted by anurag_joshi
    Hi Fritolay/Senior Members....
    Please guide if NOW is the time to buy a house in NE.With rates already revised to 2600-2800 and bound to go to 3000 in next few days (as told by one of the builder).. Sc ruling is still pending and now more of farmers agitation drama...Is it really worth to take a plunge now and is the area really worth the price..

    Thnx.
    Anurag.


    Today except SC case, no other threat I can feel.. farmers are always creating fuss due to lower payment.. not in NE but other part of G.Noida/Noida/Haryana and other locations... that will go like this... Now if you put money and can have risk (SC verdict).. you can go now ....but if you play safe and put money after SC judgement ....you will have no tension putting extra 10% (if you are end user)..
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    Today except SC case, no other threat I can feel.. farmers are always creating fuss due to lower payment.. not in NE but other part of G.Noida/Noida/Haryana and other locations... that will go like this... Now if you put money and can have risk (SC verdict).. you can go now ....but if you play safe and put money after SC judgement ....you will have no tension putting extra 10% (if you are end user)..

    with the price tag of 3000 psf NE is no longer that attractive as it used to be - it now stands in same category as other regions of NCR - Now other stuff like proximity to job / type of construction and other amenities would matter.

    Moreover once beaten twice shy - waise bhi bhi SC ka judgement baaki hai

    rohit
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  • Originally Posted by rohit_warren
    with the price tag of 3000 psf NE is no longer that attractive as it used to be - it now stands in same category as other regions of NCR - Now other stuff like proximity to job / type of construction and other amenities would matter.

    Moreover once beaten twice shy - waise bhi bhi SC ka judgement baaki hai

    rohit




    The newspaper are posting- Noida extension cleared etc etc but 99 cent are not highligting that SC cases are pending. 90 cent people dont use internet, forum n wont be aware abt supreme court cases. They wud think ki clear ho gaya hai lelo.

    Also noida extn if made as per MP2021 wud b as par with NOida expressway.
    Rajnagr ext is nowhere near noida ext v all know
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  • Originally Posted by del_sanju
    The newspaper are posting- Noida extension cleared etc etc but 99 cent are not highligting that SC cases are pending. 90 cent people dont use internet, forum n wont be aware abt supreme court cases. They wud think ki clear ho gaya hai lelo.

    Also noida extn if made as per MP2021 wud b as par with NOida expressway.
    Rajnagr ext is nowhere near noida ext v all know



    Sir,

    You're right,

    There is 100% risk involved in NE as SC verdict is most likely to go against NE, it is not a myth statement, but based on rationale, you can cross check it.
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  • Originally Posted by upadhyayprvn
    Sir,

    You're right,

    There is 100% risk involved in NE as SC verdict is most likely to go against NE, it is not a myth statement, but based on rationale, you can cross check it.


    what makes you give this figure of 100 % ??
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  • Originally Posted by upadhyayprvn
    Sir,

    You're right,

    There is 100% risk involved in NE as SC verdict is most likely to go against NE, it is not a myth statement, but based on rationale, you can cross check it.


    you are very negative for this area, you would not able buy in NE. Go in noida shellout some more bucks, no problem there. Karo apane dil ki. :)
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  • Gaur city 2

    Dear All,

    Gaur City 2 has launched a new tower GC 12 (Galaxy North Avenue 2) under the soft launch. The broker said initially they are launching 200 flats in soft launch.

    They are also providing Rs.100 discount on BSP during soft launch.

    I would really appreciate if the senior members can give their view on the deal:

    BSP - 2800/- (19th floor, PLC Rs10/- as you come down)

    The brokers providing another 2% kind of discount on BSP.

    Please suggest if the deal is good considering the location and price offered.

    - Nik
    Attachments:
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  • Originally Posted by upadhyayprvn
    There is 100% risk involved in NE as SC verdict is most likely to go against NE, it is not a myth statement, but based on rationale, you can cross check it.


    As things stand, NExtn land is cleared from HC.

    SC did not gave a stay on the construction, but authority got a stay on the increased compensation. What does this indicates to you. I am no legal expert, but right or wrong, whole Noida and GNoida had been and is being acquired using more or less same process since decades.

    SC issue is there, but that will not desists the buyers, those who know about SC it will be - SC issue Vs future price escalation. However, I am pretty sure a huge majority of buyers does not even know about SC cases, considering that newspapers, builders and brokers conveniently fail to inform them.

    Any dramatics from SC will take not less than 1 year. Until then, chill, NExtn has arrived.
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  • Originally Posted by rohit_warren
    with the price tag of 3000 psf NE is no longer that attractive as it used to be - it now stands in same category as other regions of NCR - Now other stuff like proximity to job / type of construction and other amenities would matter.
    Moreover once beaten twice shy - waise bhi bhi SC ka judgement baaki hai



    Warren-ji,

    You are losing your touch. Whole logic based on price (which is a fact everywhere) and only a vague mention of the SC cases. :D

    You are the devil's advocate propagating demise of NExtn, please do justice to your job. :bab (45):
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