पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे किसान


    ग्रेटर नोएडा : जिन किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, उन्होंने मास्टर प्लान को पास करने का विरोध किया है। बिसरख गांव में बैठक कर किसानों ने कहा कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। किसानों की याचिकाएं कोर्ट में विचाराधीन हैं। निर्णय लिया गया कि किसान मास्टर प्लान पास होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। बैठक में बिन्नू भाटी, उदयवीर भाटी, गजेंद्र प्रधान, राजे यादव, दर्शन भाटी, रामकुमार भाटी, संजय, तेजसिंह, अरुण भाटी आदि मौजूद रहे।

    dainik jagran


    what is this nonsense??
    Its Greater Noida Master Plan not Noida extension master plan, why don't they understand this thing. HUH

    or I understand too much:o
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे किसान


    ग्रेटर नोएडा : जिन किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, उन्होंने मास्टर प्लान को पास करने का विरोध किया है। बिसरख गांव में बैठक कर किसानों ने कहा कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। किसानों की याचिकाएं कोर्ट में विचाराधीन हैं। निर्णय लिया गया कि किसान मास्टर प्लान पास होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। बैठक में बिन्नू भाटी, उदयवीर भाटी, गजेंद्र प्रधान, राजे यादव, दर्शन भाटी, रामकुमार भाटी, संजय, तेजसिंह, अरुण भाटी आदि मौजूद रहे।

    dainik jagran



    inke naam padh ke lagta hai ki meeting kisi "BHATI weds YADAV" ke shub avsar pe hui thi ...
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  • Noida extension master plan approved, farmers protest - NewsX

    Farmers in Noida Extension on day hit the streets and burnt an effigy of Union Urban Development Minister Kamal Nath protesting the approval of Greater Noida master plan by NCRPB. Farmers threatened not to allow construction work to begin in the area ...


    Youtube link:
    Noida extension master plan approved, farmers protest - NewsX - YouTube
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  • Very True - The Noida Extension issue will take some more time before it is sorted out completely.

    Read the excerpts from a detailed news below:-

    While buyers and builders were elated, tempers ran high among the farmers, who held a demonstration and burnt Nath's effigy.
    The farmers declared they would approach the SC with a fresh petition if the Allahabad HC permitted the Greater Noida authority to restart construction.
    More than 100 farmers' petitions are already pending before the SC against the HC's order telling the authority to grant 64 per cent higher compensation to them for their land. The farmers say they want their land back and not the higher compensation.
    Inder Nagar, convener of Kisan Sangharsh Samiti, said, "We won't let this happen. Nath has betrayed the farmers. We approached everybody, from the PM to Congress general secretary Rahul Gandhi, but nobody heard our grievances."
    Yet another farmer activist, Dushyant Nagar, said, "We have irrigated these lands with our blood. They can't snatch them from us. The Greater Noida authority is acting like the East India Company."


    Read the detailed news at: Authority hurdles follow cheer for Noida Extension buyers : Mail Today Stories, News - India Today
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  • There will always be some people making noises on one pretext or another. This will happen even after SC clears the matter.

    NExtn is back in business.


    Originally Posted by fritolay_ps
    सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे किसान
    ग्रेटर नोएडा : जिन किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, उन्होंने मास्टर प्लान को पास करने का विरोध किया है। बिसरख गांव में बैठक कर किसानों ने कहा कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। किसानों की याचिकाएं कोर्ट में विचाराधीन हैं। निर्णय लिया गया कि किसान मास्टर प्लान पास होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। बैठक में बिन्नू भाटी, उदयवीर भाटी, गजेंद्र प्रधान, राजे यादव, दर्शन भाटी, रामकुमार भाटी, संजय, तेजसिंह, अरुण भाटी आदि मौजूद रहे।
    dainik jagran
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  • Framers are doing their JOB guys let them do na....
    carry on guys.. even Govt is not bothering much about so called poor farmers.Pity!!
    Despite Farmers protest and dharna at NCRPB, Master planned has been passed...
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  • विकास कार्य शुरू करने की तैयार होगी रूपरेखा

    ग्रेटर नोएडा : दस माह से बंद पड़े विकास कार्य को दोबारा शुरू करने को लेकर सोमवार प्राधिकरण कार्यालय में अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में विकास कार्यो की रूपरेखा तैयार की जाएगी। महत्वपूर्ण परियोजनाएं दोबारा शुरू होने पर निर्माण की लागत कितनी बढ़ जाएगी। परियोजना विभाग को इसका आकलन करने का निर्देश दिया जाएगा।
    मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमा रमण सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर नए सिरे विकास कार्यो की समीक्षा करेंगे। मास्टर प्लान 2021 के कारण विकास कार्य ठप पड़ा हुआ था। गांवों में विकास कार्य बंद होने से ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई थी। सीवर लाइन डालने के लिए खुदाई करके छोड़ दिया गया था। प्राधिकरण की प्राथमिकता में गांवों का विकास कार्य शामिल है। किसान समस्याओं को लेकर दोबारा आंदोलन न करें, इसलिए प्राधिकरण की तैयारी है कि सबसे पहले गांवों में विकास कार्य शुरू कराया जाए। बड़ी परियोजनाओं को शुरू करने से पहले प्राधिकरण को अपनी आर्थिक हालत मजबूत करना होगा। बिल्डरों व आवंटियों से मिलने वाली किस्त को विकास कार्य पर खर्च करने से पहले किसानों को अतिरिक्त मुआवजा देना है। मुआवजे के साथ विकास कार्य शुरू करना प्राधिकरण के लिए चुनौती भरा कदम है। मुआवजा देने के साथ विकास कार्य शुरू करने के लिए क्या रास्ता निकाला जाए, सीईओ अधिकारियों के साथ इन मुद्दा पर चर्चा करेंगे। प्राधिकरण के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि विकास कार्य शुरू करने से पहले किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देने पर विचार किया जा रहा है। आबादी निस्तारण, दस फीसद विकसित भूखंड पर चर्चा होगी। अतिरिक्त मुआवजा देने के साथ प्राधिकरण के सामने दूसरी बड़ी समस्या दस फीसद विकसित भूखंड देने पर है। दस फीसद विकसित भूखंड देने के लिए प्राधिकरण के पास जमीन नहीं बची है। जमीन के बदले किसानों को पैसे देने पर भी प्राधिकरण विचार कर रहा

    dainik jagran
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  • अतिरिक्त रकम देने को हो जाएं तैयार

    ग्रेटर नोएडा : मास्टर प्लान मंजूर होने के बाद प्राधिकरण बिल्डरों व व्यक्तिगत आवंटियों से अतिरिक्त पैसा वसूलने को लेकर अगले माह से नोटिस जारी करेगा। प्राधिकरण ने अक्टूबर 2011 में बिल्डरों व आवंटियों से भूखंड का अतिरिक्त पैसा वसूलने का निर्णय लिया था। उस दौरान बिल्डरों व आवंटियों को तीन किस्तों में अतिरिक्त भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया था। निर्माण कार्य ठप होने के बाद ज्यादातर बिल्डरों व आवंटियों ने अतिरिक्त रकम का भुगतान नहीं किया था। बिल्डरों व आवंटियों की समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने उन पर ज्यादा दबाव नहीं बनाया था। नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो चुका है। वहीं प्राधिकरण को अब किसानों को 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा देना है। बिल्डरों व आवंटियों से पैसा लेकर ही प्राधिकरण किसानों को भुगतान करेगा। बिल्डरों के किस्त भुगतान नियम बदलने पर भी प्राधिकरण विचार कर रहा है।

    नोएडा एक्सटेंशन में प्राधिकरण ने बिल्डरों को 11 हजार से साढ़े ग्यारह हजार रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से निविदा के द्वारा जमीन दिया था। उस दौरान बिल्डरों को भूखंडों की रकम के भुगतान में काफी सुविधा दी गई थी। बिल्डरों से सिर्फ पांच फीसद रजिस्ट्रेशन व पांच फीसद एलाटमेंट का पैसा लिया गया था। इसके अलावा दो साल तक उन्हें कोई किस्त नहीं देना था, सिर्फ ब्याज का भुगतान करना था। किस्त देने के लिए उन्हें आठ साल का समय दिया गया था। उस समय बिल्डरों से दस प्रतिशत रजिस्ट्रेशन व बीस प्रतिशत एलाटमेंट पैसा लिया गया था। 21 अक्टूबर, 2011 में हाईकोर्ट के निर्णय पर प्राधिकरण को किसानों को 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा व दस फीसद विकसित भूखंड दे पड़ रहा है। अतिरिक्त मुआवजा का भार प्राधिकरण ने बिल्डरों व आवंटियों पर डाला। बिल्डरों से 22 सौ रुपये प्रति वर्गमीटर व व्यक्तिगत आवंटियों से पांच सौ रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से अतिरिक्त पैसा वसूलने का निर्णय लिया। बिल्डरों व आवंटियों को जनवरी 2012 तक तीन किस्तों में अतिरिक्त पैसे का भुगतान करना था। कुछ ही बिल्डरों ने अतिरिक्त पैसे का भुगतान किया था, एक भी व्यक्तिगत आवंटी ने अतिरिक्त पैसे का भुगतान नहीं किया था। बिल्डरों ने यह कहते ही अतिरिक्त भुगतान रोक दिया था कि फ्लैट खरीदारों से किस्त नहीं मिल रही है, इसलिए अतिरिक्त पैसे का फिलहाल भुगतान नहीं कर पाएंगे। मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर होने के बाद एक्सटेंशन में जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इससे बिल्डरों को फ्लैटों का किस्त मिलना शुरू हो जाएगा। प्राधिकरण अब बिल्डरों व आवंटियों से अतिरिक्त पैसा वसूलने के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। बिल्डरों के किस्त भुगतान को आठ साल के बजाय और कम समय में करने का भी निर्णय प्राधिकरण ले सकता है। प्राधिकरण पहले ही 21 अक्टूबर 2011 से मास्टर प्लान मंजूर होने तक शून्य काल घोषित करते हुए बिल्डरों व आवंटियों ने किस्त का ब्याज नहीं लेने का निर्णय लिया है।


    dainik jagran
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  • Give special treatment to old investors: Raman


    GREATER NOIDA: The Greater Noida Authority CEO, Rama Raman, has put another balm on the wounds of Noida Extension homebuyers by directing developers to give preferential treatment and sops to existing investors. The CEO also cleared the confusion on the 'zero period' for giving respite to both developers and buyers regarding installments and interest to be paid by both parties.

    Raman said that his decision to give preference to old buyers come from the fact that they are the ones who have suffered the most as they invested their hard-earned money but did not get any benefit out of it since May 2011. Raman is the only official who has been holding ground through the entire land row period in Gautam Budh Nagar district, with the others having been transferred. He was posted in Greater Noida at the time when the region was experiencing its worst time and played a vital role to bring relief to homebuyers, farmers and developers.

    Builders have been asked to meet Raman at 12.30pm on Monday. "Homebuyers kept faith and cooperated and supported the Authority and developers. Hence, we will ask all developers to give them special treatment and do not levy any additional burden on them," Raman said. The Authority has already held a meeting with farmers to get their cooperation so that the housing projects do not face any hurdles.

    "We will also give time to the developers to deposit unpaid installments to the authority. Farmers and homebuyers will have to be patient for a short while till things are streamlined," Raman added.

    When asked about the 'zero period', Raman said, "Construction work was halted October 21, 2011. So, the 'zero period' will be considered from October 21, 2011 till the date of the NCR Planning Board giving approval to the Greater Noida Master Plan 2021. During this period, no installments or interest on it will be charged on developers. We have also asked the builders to pass on the benefit to buyers."

    Even the developers' body, CREDAI, has lauded this move. CREDAI (NCR) vice president and Amrapali group CMD, Anil Sharma, said, "We will definitely give special treatment to out existing buyers." Agreeing with him, Ajnara group director, Vinit Gupta, said, "This win would not have been possible without the cooperation and patience of buyers, so we will not impose the revised rates on them."

    TOI
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  • फिर से लगे बिल्डरों के स्टॉल, पुराने बायर्स को वही पर नए को नया रेट
    एक्सटेंशन की कीमतों को लगे पंख

    अमर उजाला ब्यूरो
    नोएडा। नोएडा एक्सटेंशन को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी मिलते ही कीमतों को भी पंख लगने लगे हैं। दो दिन ही बीता है और पुराने रेट से करीब 50 फीसदी तक कीमत बढ़ गई है। रविवार को नोएडा एक्सटेंशन आने वाले बायर्स को बढ़े हुए रेट ही बताए गए।

    नोएडा एक्सटेंशन विवाद का विवाद शुरू होने से पहले (करीब डेढ़ साल) नोएडा एक्सटेंशन का रेट 2000 से 2500 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच थी। आम्रपाली, सुपरटेक, गौड़ सिटी सहित अन्य सभी बिल्डरों का रेट इसी के आसपास था।

    विवाद निपटने के बाद नोएडा एक्सटेंशन में रौनक तो दिखी, मगर बिल्डरों के बढ़े रेट सुनकर लोग हैरान रह गए। ज्यादातर बिल्डरों ने पुराने रेट की तुलना में करीब पचास फीसदी रेट बढ़ा दिया है। गौड़ संस बिल्डर के एमडी मनोज गौड़ ने बताया कि उनका पुराना रेट 2500 रुपये प्रति वर्ग फुट के करीब था, अब बढ़ाकर 3200 रुपये कर दिया गया है।

    सुपरटेक के एमडी मोहित अरोड़ा ने बताया कि उनका पुराना रेट दो हजार के करीब था और अब बढ़ाकर 2900 रुपये कर दिया गया है। आम्रपाली ने भी इसी के आसपास रेट तय किया है।

    रविवार को फ्लैट बुक कराने आने वाले बायर्स को बिल्डर कंपनियों के एग्जीक्यूटिव नए रेट से फ्लैट का कीमत जोड़ कर बता रहे थे। कुछ बिल्डर तो ऐसे दिखे, जिनका पुराना रेट दो हजार रुपये था और अब सीधे तीन हजार हो गए हैं। बतौर क्रेडाई के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मनोज गौड़ का कहना कि डेढ़ साल तक मामला विवाद में अटका रहा। बिल्डरों को इससे काफी नुकसान हुआ है।

    रेट बढ़ाना उनकी मजबूरी हो गई है। जितने बुक हो चुके हैं उनके रेट तो बढ़ाया नहीं जा सकता, ऐसे में बची हुई साइटों से ही उसकी भरपाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि समझौते के मुताबिक जिन पुराने बायर्स ने भुगतान कर दिया है उनसे कोई भी बढ़ी हुई कीमत नहीं वसूली जाएगी, मगर नए बायर्स को नए रेट पर ही फ्लैट बुक कराना पड़ेगा।

    लोगों की दिखी भीड़
    नोएडा एक्सटेंशन में रौनक फिर से लौट आई है। रविवार को एक्सटेंशन में पुराने और नए बायर्स का जमावड़ा दिखा। जहां पुराने बायर्स यह देखने आ रहे थे कि उनके साइट पर काम शुरू हुआ या नहीं। क्या स्थिति दिख रही है। वहीं, नए ग्राहक मौजूदा रेट पता करने और फ्लैट बुक कराने आए।

    विवादों से निपटने का मामला ताजा होने के कारण अभी बुकिंग ने रफ्तार तो नहीं पकड़ी है, मगर बायर्स मन बनाने लगे हैं। गोलचक्कर के चारों ओर किनारे खड़े वाहन इसकी गवाही दे रहे थे। हिंडन का पुल पार करते ही विभिन्न बिल्डरों के स्टॉल सज चुके हैं।

    ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद रोड पर भी बिल्डरों के स्टॉल लग गए हैं। कंपनियों के एग्जीक्यूटिव पंपलेट बांटकर आने-जाने वालों को आकर्षित करने की कोशिश में जुटे दिखे। परिवार के साथ लोग एक्सटेंशन की स्थिति जानने पहुंचे। सब अब नए सिरे से आशियाने की आस जगाए हैं।

    फीसदी तक कीमत बिल्डरों ने बढ़ाई
    गुलजार होने लगे साइट ऑिफस
    काम शुरू होने में अभी लगेगा वक्त
    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से अनुमति के बाद भी काम शुरू होने में अभी वक्त लगेगा। बोर्ड से एनओसी मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हाईकोर्ट में सबमिट करेगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही बिल्डर निर्माण कार्य शुरू करेंगे। इसमें हफ्ते-दो हफ्ते का वक्त लग सकता है।

    पुराने खरीदार में अभी है डर
    एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूरी के बाद नोएडा एक्सटेंशन के बायर्स खुश तो बहुत हैं, मगर सुप्रीम कोर्ट में लंबित किसानों की याचिका के कारण उनके मन में अभी एक डर समाया हुआ। सुपरटेक के ईको विलेज के बायर अभिषेक कुमार का कहना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट दायर याचिकाओं का निपटारा नहीं हो जाता तब तक डर तो है ही।
    राजन राय

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    मेरे कई दोस्तों ने विवाद से पहले ही यहां फ्लैट बुक करा लिया था। उस समय दो हजार वर्ग फुट में बुक हुआ था। अब तो सीधे तीन हजार रुपये प्रति वर्ग फुट से रेट बता रहे हैं।
    -शैलेश सिंह नागर, बायर
    इतनी जल्दी रेट बढ़ जाएगा, इसका अंदाजा नहीं था। कई बिल्डरों के स्टॉल पर पता किया। हर जगह तीन हजार के आसपास ही रेट बताया जा रहा है। अभी कोई निर्णय नहीं ले सका हूं।
    -राममोहन त्रिपाठी, बायर
    मैंने पैरामाउंट में फ्लैट बुक करवा रखा है। आज देखने आया था कि वहां क्या चल रहा है। अभी काम शुरू होने में वक्त लगने की बात बिल्डर कह रहे हैं।
    -गोपी रमन आलोक, बायर
    अब तो बिल्डरों के ऊपर सबकुछ है। कितनी जल्दी वे हमें हमारा घर बनाकर दे सकते हैं। बोर्ड के अप्रूवल से बहुत खुशी मिली। अब जल्दी से काम शुरू हो जाना चाहिए।
    -अर्चना कुमारी, बायर
    अब तो यही दुआ करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट से कहीं ऐसा आदेश न आ जाए कि फिर से यह लटक जाए। अबकी बार अटका तो बहुत मुश्किल हो जाएगा।
    -चंदन चौधरी, बायर
    घर केलिए बहुत लंबा इंतजार करना पड़ा। अब उम्मीद कर रहे हैं कि हमें हमारा घर मिल सकेगा। बोर्ड से अप्रूवल मिलने के बाद घर को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
    -सुमीता, बायर
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  • Noida Extension flats still affordable
    ROSY PICTURE


    Despite the sudden hike in the prices of Noida Extension flats after the NCR Planning Board cleared the Greater Noida master plan, the housing projects continue offering accommodation for the middle class at affordable rates.
    SUNIL GHOSH/HT PHOTO According to realtors, the rate has not increased at its normal pace because the construction was stalled for about a year due to legal battles. A two-bedroom flat, which was available at a price of 20 lakh a year ago, is now being booked for 22 lakh.
    “There is a hike of only 1520%. And it is justified because the cost of construction material has also gone up. Had there been no dispute over the master plan approval, the cost would have gone much higher because the construction of most of the flats must have been completed,” said Badal Shrivastav, a Noida-based real estate consultant.

    The Greater Noida authority officials and developers say that Noida Extension still offers decent accommodation at economical rates despite having world-class infrastructure and connectivity to the national capital.


    “Noida Extension is the best township for middle class families because such infrastructure is not available in any other NCR town at such rates,” said YB Sinha senior officer of Greater Noida authority.

    “If you compare the flat prices in Chennai, Bangalore, Kolkata and Delhi-NCR towns, forget Mumbai, Noida Extension offers you a real dream home in a Delhi suburb with wide roads, adequate greenery, world-class schools, hospitals, expressways and international standard metro connectivity. Noida Extension projects support central and state government’s aim of delivering affordable homes to its rising urban population,” said Anil Sharma, chief managing director (CMD) of Amarpali and vice-president of confederation of real estate developers association of India.

    Officials say that the concept of affordable housing has to be alive to meet the needs of growing urban population.

    As per government survey, at least 25,000 people add to the population of Delhi-NCR each year. And, after getting employed here, they dream of owning a house.
    “Though Ghaziabad’s Raj Nagar also offers flats in the same range, Noida Extension’s infrastructure is far ahead. After a year, Noida Extension will be out of bound for middle class, given the present positive market sentiment,” said RK Arora, CMD, Supertech developers.

    HT
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  • NE-25-Aug-2012
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