पतवाड़ी के किसानों का लिखित समझौता
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा किसानों के साथ समझौते की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को बृहस्पतिवार को बड़ी सफलता हासिल हुई। पतवाड़ी गांव के किसानों के साथ प्राधिकरण का समझौता हो गया। इससे बिल्डरों व निवेशकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। समझौता भी किसानों के लिए फायदेमंद रहा। उन्हें अब 550 रुपये प्रति वर्गमीटर अतिरिक्त मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। साथ ही आबादी व बैकलीज की शर्तो को हटा लिया गया है। हालांकि नोएडा के सेक्टर-62 में गुरुवार को देर रात तक अन्य मुद्दों पर प्राधिकरण व किसानों के बीच बातचीत जारी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 जुलाई को पतवाड़ी गांव की 589 हेक्टयेर जमीन का अधिग्रहण रद कर दिया था। अधिग्रहण रद होने से सात बिल्डरों के प्रोजेक्ट प्रभावित हुई हुए थे। 26 हजार निवेशकों के फ्लैट का सपना भी टूट गया था। प्राधिकरण के ढाई हजार भूखंड़ों, चार सौ निर्मित मकानों व दो इंजीनियरिंग कॉलेज की योजना भी अधर में लटक गई थी। 26 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों की सुनवाई के दौरान प्राधिकरण, बिल्डर व किसानों को 12 अगस्त तक आपस में समझौते करने का सुझाव दिया था। हाईकोर्ट के सुझाव पर प्राधिकरण ने किसानों से समझौते के लिए वार्ता की पहल शुरू की। 27 जुलाई को प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन ने सबसे पहले पतवाड़ी गांव के प्रधान को पत्र भेज कर वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया। दूसरे दिन ग्राम प्रधान रेशपाल यादव ने प्राधिकरण कार्यालय पहुंच कर सीईओ से बातचीत कर उनका रुख जानने का प्रयास किया था। 30 जुलाई को सीईओ ने गांव पतवाड़ी जाकर किसानों से सामूहिक रूप में बात की। इस दौरान मुआवजा वृद्धि को छोड़कर किसानों के साथ अन्य मांगों पर प्राधिकरण ने सकारात्मक रुख दिखाया। मुआवजा बढ़ोतरी पर बातचीत करने के लिए किसानों को आपस में कमेटी गठित कर वार्ता का प्रस्ताव सीईओ दे आए थे। इसके बाद किसानों के साथ गुरुवार को नोएडा के सेक्टर-62 में बैठक बुलाई गई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ रमा रमन, ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री जयवीर ठाकुर, सांसद सुरेंद्र सिंह नागर व जिलाधिकारी के साथ किसानों की वार्ता शुरू हुई। आठ घंटे तक वार्ता चलने के बाद किसान समझौते के लिए तैयार हो गए। सूत्रों के अनुसार पतवाड़ी गांव के किसानों को मिले 850 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 550 रुपये प्रति वर्गमीटर और देने पर सहमति बन गई है। देर रात तक बैठक जारी थी। अभी इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि गांव के कुछ किसानों ने वार्ता की पुष्टि की है। इससे पूर्व किसानों की आबादी को पूरी तरह से अधिग्रहण मुक्त रखा जाएगा। बैकलीज की शर्ते हटा ली जाएगी। पतवाड़ी गांव का समझौता होने पर प्राधिकरण को नोएडा एक्सटेंशन के अन्य गांवों में किसानों के साथ समझौता करने की राह आसान हो गई है। नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने रोके खरीददार : नोएडा एक्सटेंशन विवाद ने समूचे ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर ब्रेक लगा दिया है। दोनों जगह ढूंढे से भी खरीददार नहीं मिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक जो लोग शहर में अपना आशियाना बनाने के लिए आतुर थे, वे अब यहां संपत्ति खरीदने से हिचकिचा रहे हंै। पिछले बीस दिनों में भूखंड व मकानों की गिनी-चुनी रजिस्ट्री हुई हैं। सिर्फ गांवों में कृषि व आबादी भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व की भी हानि उठानी पड़ रही है
-Dainik Jagran.
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  • Tension is back in Noida Extension - Farmers protest again

    News is that farmers are again on protest, they have stopped the construction in Noida extension.
    I feel builders are creating spike to bring back the project for sale but the farmers issue has not been resolved...........

    This is not a good news. What u guys feel?
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  • NE (09-Sep-2012)
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  • Originally Posted by trialsurvey
    anurag kashyap might be better suited for directing this

    Gangs of Bisrakh
    Gangs of Shahberi
    etc
    :D



    sirji it is still there. type "bisrakh" in youtube see yourself. it is not filmy it is actual. (i dont know how to paste link)
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  • निवेशकों का साथ देंगे प्रॉपटी डीलर

    ग्रेटर नोएडा : प्रॉपर्टी डीलर वेलफेयर एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर की एक बैठक रविवार को अल्फा वन में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि एसोसिएशन नोएडा एक्सटेंशन के निवेशकों का साथ देगी। हाल ही में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) से संपर्क कर विचार-विमर्श किया। प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन ने नेफोवा का साथ देने तथा बिल्डरों के साथ साझा लड़ाई लड़ने की योजना बनाई। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्योराज सिंह का कहना है कि बिल्डर निवेशकों तथा प्रॉपर्टी डीलरों को धोखा दे रहे हैं। प्राधिकरण ने 11 माह का जीरो पीरियड मानते हुए आवंटियों को ब्याजमुक्त रखने के दिशा-निर्देश दिए हैं। वहीं बिल्डर आवंटियों से ब्याज की मांग कर रहे हैं। कई बिल्डरों ने लोकेशन बदल दी तथा मनमाने तरीके से एफएआर बढ़ाकर कई तरह की परेशानी पैदा कर दी है। बिल्डरों ने रवैया नहीं बदला तो बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। बैठक में बलजीत सिंह नरुला, वरुण गुप्ता, पंकज अग्रवाल, प्रवीण भाटी, अरुण खटाना, नगेंद्र भाटी आदि मौजूद थे।

    Dainik jagran
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  • मुआवजा वितरण होगा प्रभावित

    ग्रेटर नोएडा : नोएडा एक्सटेंशन में बिल्डरों का निर्माण कार्य बंद होने से इसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ सकता है। निर्माण कार्य नहीं होने की सूरत में बिल्डर प्राधिकरण की बकाया किस्त रोक सकते हैं, किस्त किस्त रुकने पर प्राधिकरण किसानों को अतिरिक्त मुआवजा जल्द नहीं दे पाएगा। किस्त नहीं मिलने के कारण पहले भी मुआवजा वितरण प्रभावित रहा है।

    हाईकोर्ट के आदेश पर प्राधिकरण ने किसानों को 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा देना शुरू कर दिया था। प्राधिकरण ने 39 गांवों में कुछ किसानों अतिरिक्त मुआवजा बांट दिया था। बिल्डरों का निर्माण कार्य बंद होने पर उन्होंने प्राधिकरण की किस्त रोक दी थी। इसके चलते प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी। प्राधिकरण किसानों को अतिरिक्त मुआवजा तेजी से नहीं बांट पाया। मास्टर प्लान मंजूर होने पर प्राधिकरण को बिल्डरों व आवंटियों से किस्त मिलने लगी। रविवार को नोएडा एक्सटेंशन में किसानों ने एक बार फिर बिल्डरों को निर्माण कार्य बंद करा दिया। निर्माण कार्य नहीं होने पर बिल्डर प्राधिकरण की किस्त रोक सकते हैं। प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक हरीश वर्मा ने बताया कि अब तक 39 गांवों के 3200 किसानों को 1331 करोड़ रुपये का 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा बांटा चुका है। शुक्रवार को मुआवजा बांटने के लिए एडीएम को 110 करोड़ रुपये दिये गये। उन्होंने बताया कि बिल्डरों व आवंटियों से किस्त आने के साथ ही किसानों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जा रहा है। बिल्डरों ने किस्त भुगतान रोक दी तो अतिरिक्त मुआवजा देने में दिक्कत आ सकती है। एसीईओ ने बताया कि तीन माह के अंदर सभी किसानों को अतिरिक्त मुआवजा बांट दिया जाएगा। मुआवजा देने के बाद दस फीसद विकसित भूखंड का आवंटन किया जाएगा। किसानों को थोड़ा सब्र से काम लेना होगा। बिना किसानों के सहयोग से विकास कार्य को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। किसानों के आबादी निस्तारण व बैकलीज की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

    Dainik jagran
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  • NEFOMA update

    दोस्तों, आपने हमारे प्रति जो अपना प्यार और विश्वास कायम रखा है उसके लिए हम आप सभी के आभारी है. अभी तक के सफ़र में हमने कोशिश की है कि हम सभी राजनीति और मीडिया से दूर रहें. हम कोशिश करते रहे कि हम बायर्स की एकता बनाये रखें. कुछ हद तक हम अपनी कोशिश में कामयाब भी हुए हैं. और आज नियोमा और निफोमा साथ साथ खड़े हैं. लेकिन लगता है कि अभी हमें बहुत दूरी तय करनी होगी. अभी भी कुछ लोग हैं जो अपने निहित स्वार्थ...के लिए नहीं चाहते कि सभी फोरम मिल कर काम करें और फिर कुछ न कुछ ऐसा होता है कि हम सब फिर जहाँ से शुरू किया था वहीँ पर अपने आप को पाते हैं.

    हम नहीं चाहते थे की यह बात आप सभी के सामने आये. लेकिन बहुत सोचने विचारने के बाद हम सभी ने निश्चित किया है अब आप लोगों से और नहीं छिपाना चाहिए.

    3.09.2012 को जब अनिल शर्मा जी ने नियोमा प्रेसिडेंट दिलीप कुमार को क्रेडाई की मीटिंग के बारे में सूचित करने के लिए 4.09.2012 को बुलाया. और समय शाम 4 बजे का रखा गया. यह कोई मीटिंग नहीं थी. यह केवल क्रेडाई की मीटिंग के निष्कर्ष सूचित करने के लिए बुलाया गया था. इसीलिए नियोमा ने अन्य सभी एसोसिएशन को सूचित करना उचित समझा. यह हमारी सभी लोगों को एक साथ लाने की कोशिश थी लेकिन इसमें हमें सफलता नहीं मिल पाई. हमने नेफोवा के अभिषेक कुमार और नेफोमा के संस्थापक देवेन्द्र कुमार को 4.09.2012 की शाम 4 बजे अनिल शर्मा से मिलने के लिए आमंत्रित किया. लेकिन अभिषेक ने अनिल शर्मा जी से बात करके अपने मिलने का समय 4 बजे से पहले कराया गया. और इसके साथ ही उन्होंने सभी मीडिया को भी बुला लिया. जब नियोमा और निफोमा के सदस्य वहां 4 बजे पहुंचे तब पता लगा की नेफोवा की मीटिंग अपने अंतिम चरण में है.

    • आज हम आप सभी से जानना चाहते हैं. कि यदि सभी एसोसिएशन के सदस्य एक साथ वहां जाकर अपनी एकता वहां दिखाते तो क्या उसका असर बिल्डर्स पर अलग नहीं होता ?
    • क्या आज बिल्डर्स के सामने हमारी टूट नहीं आ गयी. जिसका फायदा बिल्डर भविष्य में नहीं उठाने की कोशिश करेगा ?
    • फिर वहां मीडिया का क्या काम था ? क्या हम केवल मीडिया में अपने आपको दिखाने के लिए ही कार्य कर रहे हैं या बायर्स के लिए.
    • क्या यह समय परिवर्तन और मीडिया आमंत्रण केवल इसीलिए किया गया जिससे कि मीडिया में केवल एक एसोसिएशन के लोग ही दिखाई दें ?
    • इस मीटिंग में जहाँ केवल कुछ निष्कर्ष सूचित किये जाने के लिए बुलाया गया था वहां बड़ी संख्या में बायेर्स को बुलाकर उनका समय ख़राब करने की क्या जरूरत थी ?
    हम सभी को समझना चाहिए कि संवाद व एकता ही हमारी सफलता की कुंजी है.

    आप इस बारे में क्या सोचते हैं. अपनी राय दें.

    धन्यवाद्
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  • NEFOMA

    Dear Friends, we are grateful to all of you who love and trust in us. We had tried to keep us away from politics & media in our journey. We try to maintain the unity in buyers. To some extent we are successful in our attempt. In result NEOMA &. NEFOMA stand together today. But we have to cover much more distances for our success. There are some people who start worrying whenever someone tries to u...

    nite buyers & something happens that we come back to zero. We did not want it to come in front of you with this matter publically. But after a long discussion we decide that we should not keep secret this matter.

    Mr. Anil Sharma called to Mr. Dileep Kumar-President NEOMA for the meeting on 4.09.2012 at 4pm. Actually it was not a meeting for any discussion. It was called to inform us the minutes of the meeting of CREDAI. NEOMA therefore decide to inform all other associations also. We tried to bring it all together, but we failed on this point. We invite to Mr. Abhishek Kumar of NEFOWA and Mr. Devender Kumar - Founder (NEFOMA) for meeting as on 4.09.2012 at 4 pm. But Mr. Abhishek propone the time of meeting after talking with Mr. Anil Sharma. he had also invited all media there. When NEOMA & NEFOMA members reach there at 4th pm for meeting they find that meeting of NEFOWA with Mr. Anil Sharma is in final stage.

    Today we want to know from all of you that
    • if all Association’s members meet to Mr. Anil Sharma together to show our unity, was it not a different impact on builders?
    • Now builders loby come to know that are not united today. Will Builder Loby not try to take advantage in the future?
    • Also what was the intension to call media there? Do we work for publicity in media only or for buyers only?
    • Did this change in time & invitation to Media was only to publicity of one Association?
    • This meeting was called only for informing some minutes to us then what was the necessity of crowd there?

    All of us should understand that only communication & unity is the key of our success.

    Thanks
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  • नोएडा एक्सटेंशन में किसानों ने बंद कराया काम

    ग्रेटर नोएडा : एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान को मंजूरी के बाद दस दिन पहले नोएडा एक्सटेंशन में बिल्डरों का शुरू हुआ निर्माण कार्य रविवार को किसानों ने बंद करा दिया। लाठी-डंडे लेकर पहुंचे किसानों ने कई बिल्डरों के बुकिंग कार्यालय पर ताला जड़ दिया। अवकाश के दिन एक्सटेंशन में फ्लैट बुक कराने पहुंचे नए खरीदार किसानों की भीड़ देख भाग खड़े हुए। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, नोएडा एक्सटेंशन में निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से एक्सटेंशन में भारी संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात रही, लेकिन उन्होंने किसानों को रोकने का प्रयास नहीं किया।

    करीब 25 गांवों के किसान रविवार पूर्वान्ह 11 बजे नोएडा एक्सटेंशन गोल चक्कर पर ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल व लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे। किसानों ने गोल चक्कर पर आधे घंटे तक पंचायत की। पंचायत के बाद किसान लाठी-डंडे लेकर किसान गौर सिटी बिल्डर के बुकिंग कार्यालय पर पहुंच कर वहां ताला जड़ दिया। बुकिंग सेंटर पर फ्लैट बुक कराने पहुंचे नए निवेशक किसानों को आते देख भाग खड़े हुए। वहां से किसान सुपरटेक, आम्रपाली समेत अन्य बिल्डरों के साइट पर पहुंचे और निर्माण कार्य बंद कराकर कार्यालयों पर ताला लगा दिया। हालांकि, अब तक बिल्डरों के साइट पर पूरी तरह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, छिटपुट ही निर्माण कार्य चल रहा है। गिने-चुने मजदूर सफाई कार्य में लगे है। किसानों को देख मजदूर भी वहां से चलते बने।

    24 अगस्त को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मास्टर प्लान मंजूर होने के बाद नोएडा एक्सटेंशन में बिल्डरों ने बुकिंग सेंटर खोल दिया था। रविवार को अवकाश के दिन बुकिंग सेंटरों पर फ्लैट बुक कराने वालों की संख्या ज्यादा रहती है।

    काम रोकने आए किसानों ने कहा कि जब तक प्राधिकरण किसानों की मांगों को पूरा नहीं करेगा, ग्रेटर नोएडा में किसी भी जगह पर निर्माण कार्य नहीं चलने दिया जाएगा।

    किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने प्राधिकरण व प्रशासन को 22 सितंबर तक अपने मुद्दों को लेकर चेतावनी दी है। 23 सितंबर को एक्सटेंशन गोल चक्कर पर पंचायत कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर नोएडा एक्सटेंशन में 21 अक्टूबर, 2011 से निर्माण कार्य बंद था। 24 अगस्त को मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर होने के बाद प्राधिकरण ने 27 अगस्त से बिल्डरों को निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया था। उनकी मांग है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले कोर्ट के निर्देश पर 64.7 फीसद अतिरिक्त मुआवजा व दस फीसद विकसित भूखंड दिया जाए।

    6 भीड़ देख फ्लैट बुक कराने आए खरीदार भाग खड़े हुए
    किसानों ने कहा, मांग पूरी होने के बाद ही शुरू करने देंगे निर्माण कार्य

    किसानों ने मांगों को लेकर कई बिल्डरों के कार्यालय पर जड़ा तालाआक्रोश :

    Dainik jagran
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  • नोएडा एक्सटेंशन: पुलिस और प्रशासन पर पथराë

    नोएडा एक्सटेंशन: पुलिस और प्रशासन पर पथराव


    नोएडा एक्सटेंशन के हैबतपुर गांव में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ. हैबतपुर गांव के किसानों ने पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों पर पथराव कर दिया.
    सोमवार को हैबतपुर में प्रशासन के लोग गांव के बाहर की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने गए थे, जिसके विरोध में गांव वाले सामने आ गए. किसानों ने पुलिस और प्रशासन की टीम पर जमकर पथराव किया और आगजनी भी की.
    इससे पहले रविवार को भी नोएडा एक्सटेंशन के किसानों ने अधिग्रहित भूमि के लिए ज्यादा मुआवजे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था और निजी बिल्डरों के निर्माण कार्य को रोक दिया था.
    रविवार को सैकड़ों किसान निजी बिल्डरों के निर्माण स्थलों की ओर गए थे और उन्होंने निर्माण कार्य रोक दिया था

    Aaj Tak News - Latest Hindi News,
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  • they are throwing stones on police who came NE for removing illegal construciton made by farmers...???

    Khud illegal kam karo aur baad me "Poor" farmers ka slogan do and than XUV aur horses kharido...
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  • NEFOWA update

    Dear Members,

    I would like to convey to all NEFOWA members that meeting (held on 4th-September-2012) with Mr. Anil Sharma, Vice-President, CREDAI-NCR was pre-planned.

    That meeting was very much successful, and in which we have raised below point: .


    I would also like to know all our members that NEFOWA is free from Builder Agents; we don’t have any tie up or collaboration with Sales Broker, Farmers or any third party which is not related with NE Home Buyers.


    Again till now our complete agitation is done by the financial support of our core team only; we have neither asked any contribution from our member nor we have misused buyers fund.

    Rest you are intelligent enough to differentiate between Good and Bad.


    NEFOWA doesn’t believe on putting allegation to some Individual or Group…We are working which is beneficial for NE Home Buyers only….


    Personally I would like to request from my companion/competitors that your criticism really provides us energy to work for the betterment of NE Home Buyers; so you please keep criticizing us….Most Welcome…



    Points discussed with Mr. Anil Sharma, Vice-President, CREDAI-NCR on 4th-September-2012:

    1. All builders have decided not to increase price for existing buyers.

    2. Terms & conditions of the agreement will be remain same which were mentioned previously.

    3. Ajnara builder is not going to scrap villa project of noida extension. Ajnara should construct at least that number of villas which has been booked by bonafide buyers.

    4. On FAR issue, he said common facilities should be maintained by each builder and they won’t be compromised. Also, technical feasibility will be checked of already built up towers before adding floors on that.

    5. Green area should be verified with the respective builder, it should be same as committed at the time of booking. He added there is norm of GNIDA on the same so builders have to follow that.

    6. Construction quality will be maintained so there is no compromise on that.

    7. No project will be scrapped of noida extension and builders shall deliver as per their promised.

    8. As there were some news about price hike by Supertech but that is not case now. They also agreed to go by CREDAI wordings.

    9. There is no delay in construction because of any issue like bank approval or any other builders have started arranging raw material & man power. So once it is done they will start construction.

    10. Registry can be done at the time of possession itself, so no worries on that side.

    11. If there is any random change in layout of any builder then buyers should talk to respective builders for that.

    12. Most of non-CREDAI members are also agreed to obey CREDAI guidelines.

    13. CREDAI has asked list of bonafide buyers whose issues are not addressed by respective builders and have paid minimum 10% of the price mentioned in their agreement.



    Thanks...

    Abhishek Kumar

    Team NEFOWA.


    I would also like to know all our members that NEFOWA is free from Builder Agents; we don’t have any tie up or collaboration with Sales Broker, Farmers or any third party which is not related with NE Home Buyers.


    Again till now our complete agitation is done by the financial support of our core team only; we have neither asked any contribution from our member nor we have misused buyers fund.

    Rest you are intelligent enough to differentiate between Good and Bad.


    NEFOWA doesn’t believe on putting allegation to some Individual or Group…We are working which is beneficial for NE Home Buyers only….


    Personally I would like to request from my companion/competitors that your criticism really provides us energy to work for the betterment of NE Home Buyers; so you please keep criticizing us….Most Welcome…



    Points discussed with Mr. Anil Sharma, Vice-President, CREDAI-NCR on 4th-September-2012:

    1. All builders have decided not to increase price for existing buyers.

    2. Terms & conditions of the agreement will be remain same which were mentioned previously.

    3. Ajnara builder is not going to scrap villa project of noida extension. Ajnara should construct at least that number of villas which has been booked by bonafide buyers.

    4. On FAR issue, he said common facilities should be maintained by each builder and they won’t be compromised. Also, technical feasibility will be checked of already built up towers before adding floors on that.

    5. Green area should be verified with the respective builder, it should be same as committed at the time of booking. He added there is norm of GNIDA on the same so builders have to follow that.

    6. Construction quality will be maintained so there is no compromise on that.

    7. No project will be scrapped of noida extension and builders shall deliver as per their promised.

    8. As there were some news about price hike by Supertech but that is not case now. They also agreed to go by CREDAI wordings.

    9. There is no delay in construction because of any issue like bank approval or any other builders have started arranging raw material & man power. So once it is done they will start construction.

    10. Registry can be done at the time of possession itself, so no worries on that side.

    11. If there is any random change in layout of any builder then buyers should talk to respective builders for that.

    12. Most of non-CREDAI members are also agreed to obey CREDAI guidelines.

    13. CREDAI has asked list of bonafide buyers whose issues are not addressed by respective builders and have paid minimum 10% of the price mentioned in their agreement.



    Thanks...

    Abhishek Kumar

    Team NEFOWA
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  • Originally Posted by fritolay_ps
    NEFOMA update

    दोस्तों, आपने हमारे प्रति जो अपना प्यार और विश्वास कायम रखा है उसके लिए हम आप सभी के आभारी है. अभी तक के सफ़र में हमने कोशिश की है कि हम सभी राजनीति और मीडिया से दूर रहें. हम कोशिश करते रहे कि हम बायर्स की एकता बनाये रखें. कुछ हद तक हम अपनी कोशिश में कामयाब भी हुए हैं. और आज नियोमा और निफोमा साथ साथ खड़े हैं. लेकिन लगता है कि अभी हमें बहुत दूरी तय करनी होगी. अभी भी कुछ लोग हैं जो अपने निहित स्वार्थ...के लिए नहीं चाहते कि सभी फोरम मिल कर काम करें और फिर कुछ न कुछ ऐसा होता है कि हम सब फिर जहाँ से शुरू किया था वहीँ पर अपने आप को पाते हैं.

    हम नहीं चाहते थे की यह बात आप सभी के सामने आये. लेकिन बहुत सोचने विचारने के बाद हम सभी ने निश्चित किया है अब आप लोगों से और नहीं छिपाना चाहिए.

    3.09.2012 को जब अनिल शर्मा जी ने नियोमा प्रेसिडेंट दिलीप कुमार को क्रेडाई की मीटिंग के बारे में सूचित करने के लिए 4.09.2012 को बुलाया. और समय शाम 4 बजे का रखा गया. यह कोई मीटिंग नहीं थी. यह केवल क्रेडाई की मीटिंग के निष्कर्ष सूचित करने के लिए बुलाया गया था. इसीलिए नियोमा ने अन्य सभी एसोसिएशन को सूचित करना उचित समझा. यह हमारी सभी लोगों को एक साथ लाने की कोशिश थी लेकिन इसमें हमें सफलता नहीं मिल पाई. हमने नेफोवा के अभिषेक कुमार और नेफोमा के संस्थापक देवेन्द्र कुमार को 4.09.2012 की शाम 4 बजे अनिल शर्मा से मिलने के लिए आमंत्रित किया. लेकिन अभिषेक ने अनिल शर्मा जी से बात करके अपने मिलने का समय 4 बजे से पहले कराया गया. और इसके साथ ही उन्होंने सभी मीडिया को भी बुला लिया. जब नियोमा और निफोमा के सदस्य वहां 4 बजे पहुंचे तब पता लगा की नेफोवा की मीटिंग अपने अंतिम चरण में है.

    • आज हम आप सभी से जानना चाहते हैं. कि यदि सभी एसोसिएशन के सदस्य एक साथ वहां जाकर अपनी एकता वहां दिखाते तो क्या उसका असर बिल्डर्स पर अलग नहीं होता ?
    • क्या आज बिल्डर्स के सामने हमारी टूट नहीं आ गयी. जिसका फायदा बिल्डर भविष्य में नहीं उठाने की कोशिश करेगा ?
    • फिर वहां मीडिया का क्या काम था ? क्या हम केवल मीडिया में अपने आपको दिखाने के लिए ही कार्य कर रहे हैं या बायर्स के लिए.
    • क्या यह समय परिवर्तन और मीडिया आमंत्रण केवल इसीलिए किया गया जिससे कि मीडिया में केवल एक एसोसिएशन के लोग ही दिखाई दें ?
    • इस मीटिंग में जहाँ केवल कुछ निष्कर्ष सूचित किये जाने के लिए बुलाया गया था वहां बड़ी संख्या में बायेर्स को बुलाकर उनका समय ख़राब करने की क्या जरूरत थी ?
    हम सभी को समझना चाहिए कि संवाद व एकता ही हमारी सफलता की कुंजी है.

    आप इस बारे में क्या सोचते हैं. अपनी राय दें.

    धन्यवाद्


    I completely agreed on both statements.

    No one deny someone to be in media/channels/newspapers.
    If you are doing/initiating something good you must be in front.

    but if it is creating harm and reflect the progress in NE,its cant be forgivable.

    hope we will get some explanation soon from NEFOWA too.
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  • Originally Posted by naisko
    sirji it is still there. type "bisrakh" in youtube see yourself. it is not filmy it is actual. (i dont know how to paste link)



    there is also a place in bisrakh village jahan raawan ka mandir hai aur dusherrsa main raawan ki pooja hoti hai :)
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  • Villagers clash with police in Noida
    IANS | Sep 10, 2012, 03.34PM IST




    LUCKNOW: Angry villagers in Haibatpur in Noida extension on Monday fought a pitched battle with the police and Noida Development Authority workers when an anti-encroachment squad tried to demolish some illegal shops.

    Several policemen were injured as the irate mob set a shop on fire and vandalised the site office of a builder. They also blocked traffic by setting tyres on fire, police said.

    Noida senior superintendent of police Praveen Kumar said that the villagers pelted stones at the police force and attacked workers at a construction site soon after the anti-encroachment drive commenced.

    A company of the Provincial Armed Constabulary was deployed to contain any further violence.

    The rioting mob was contained after two hours, the anti-encroachment drive was withdrawn due to heavy resistance. The situation is tense but under control, the district police said.
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  • Originally Posted by cookie
    Villagers clash with police in Noida watch z business at 8pm todayVillagers clash with police in Noida watch z business at 8pm today
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